मुनाफा डबल और ₹14.40 का डिविडेंड, दोहरे सपोर्ट पर 14% चढ़ा शिपिंग शेयर

GE Shipping Share Price: शिपिंग और ऑयलफील्ड सर्विसेज प्रोवाइडर ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी (जीई शिपिंग कंपनी) के शेयरों में आज खरीदारी का जोरदार रुझान दिखा। जून तिमाही में मुनाफे में ढाई गुना से अधिक उछाल और शानदार डिविडेंड के ऐलान ने इसके शेयरों को ऐसा सपोर्ट किया कि यह 14% से अधिक उछल पड़ा। ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के चलते भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी के चलते भाव अब भी मजबूत बने हुए हैं। फिलहाल BSE पर यह 3.27% की बढ़त के साथ ₹1,441.90 पर है। इंट्रा-डे में यह 14.57% चढ़कर ₹1,599.75 तक पहुंच गया था।

Great Eastern Shipping Company की कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी का शुद्ध मुनाफा कंसालिडेटेड लेवल पर 159.43% उछलकर ₹1308.84 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 66.91% चढ़कर ₹2005.36 हो गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी की सेहत तेजी से मजबूत हुई। सालाना आधार पर जून तिमाही में इसका ईबीआईटीडीए ₹642.8 करोड़ से ₹1,337.7 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटीडीए मार्जिन 53.5% से बढ़कर 66.7% पर पहुंच गया। सेगमेंटवाइज बात करें तो कंपनी का शिपिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 90.20% बढ़कर ₹1890.97 करोड़ और ऑफशोर सर्विसेज से रेवेन्यू 18.87% बढ़कर ₹406.02 करोड़ पर पहुंच गया।

नतीजे के साथ-साथ कंपनी ने डिविडेंड का भी ऐलान किया है। ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी हर शेयर पर ₹14.40 का अंतरिम डिविडेंड बांटने वाली है, जिसका रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त फिक्स किया गया है जिसे 27 अगस्त या इसके बाद शेयरहोल्डर्स के खाते में क्रेडिट किया जाएगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी के शेयरों ने निवेशकों की कम समय में ही ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले साल 6 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹914.65 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचले स्तर है। इस निचले स्तर से यह 9 महीने में यह 96.58% उछलकर 19 मई 2026 को ₹1,798.00 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: डिफेंस कंपनी को HAL से ₹2205 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स को HAL से ₹2,205.23 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर उत्तम रडार (Uttam Radar) प्रोग्राम के लिए है। कंपनी इसे अगले पांच साल में पूरा करेगी। खास बात यह है कि यह ऑर्डर कंपनी के पूरे FY26 के रेवेन्यू से भी करीब दोगुना है। इससे आने वाले वर्षों की कमाई की अच्छी तस्वीर दिखती है।

इस ऑर्डर के तहत कंपनी 122 Anti-Aircraft Auxiliary Units (AAAU) और 121 Interface Frames बनाएगी। ये दोनों इक्विपमेंट उत्तम रडार का अहम हिस्सा हैं। यह रडार भारत में डेवलपकिया गया है और लड़ाकू विमानों में लगाया जाएगा।

पहले भी मिला था HAL से ऑर्डर

HAL ने इससे पहले भी कंपनी पर भरोसा जताया था। 1 अप्रैल 2026 को एस्ट्रा माइक्रोवेव के जॉइंट वेंचर Astra Rafael Comsys को ₹250.58 करोड़ का ऑर्डर मिला था। इसके तहत सेना के लिए Software Defined Radio (SDR) सिस्टम की सप्लाई की जानी है। यह काम 18 महीने में पूरा होगा।

लगातार मिल रहे बड़े ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत हुई है। इसका मतलब है कि आने वाले कई साल तक कंपनी के पास काम की कमी नहीं रहेगी। इससे रेवेन्यू और मुनाफे को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।

एस्ट्रा माइक्रोवेव के शेयरों का हाल

एस्ट्रा माइक्रोवेव का शेयर गुरुवार को 2.51% गिरकर ₹1,729.20 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 3 महीने में 53%, इस साल अब तक 76% और पिछले 1 साल में करीब 78% का रिटर्न दे चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 16.42 हजार करोड़ रुपये है।

एस्ट्रा माइक्रोवेव का कारोबार क्या है

एस्ट्रा माइक्रोवेव डिफेंस और स्पेस सेक्टर के लिए रडार, सैन्य संचार सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और माइक्रोवेव उपकरण बनाती है। इसके ग्राहक DRDO, ISRO, HAL और भारतीय रक्षा बल जैसे बड़े सरकारी संस्थान हैं।

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Mazagon Dock Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी का मुनाफा 22% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹18000 करोड़ के पार

Mazagon Dock Q1 Results: डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders) ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.4 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹452.2 करोड़ था।

रेवेन्यू में 12% की बढ़त

मझगांव डॉक का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,943 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,626 करोड़ था। कंपनी को अपने विभिन्न युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण प्रोजेक्ट्स में लगातार काम आगे बढ़ने का फायदा मिला।

मझगांव डॉक का जून तिमाही में EBITDA 48% बढ़कर ₹446.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.5% से बढ़कर 15.2% हो गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में अच्छी सुधार देखने को मिली। कंपनी की कुल आय ₹3,081 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,949 करोड़ से ज्यादा है।

ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़

30 जून 2026 तक मझगांव डॉक की ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़ रही। इससे आने वाली तिमाहियों में कंपनी के कारोबार और रेवेन्यू को अच्छी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मझगांव डॉक के शेयरों का हाल

मझगांव डॉक का शेयर गुरुवार को 0.79% बढ़कर ₹2,326 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 9.60% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 15.72% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में स्टॉक ने 1,692% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 93.62 हजार करोड़ रुपये हैय़

मझगांव डॉक का बिजनेस

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स भारत की प्रमुख रक्षा शिपबिल्डिंग कंपनी है। यह भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अन्य रक्षा पोत बनाती है। यह देश की इकलौती सरकारी शिपयार्ड कंपनी है, जो डिस्ट्रॉयर और पनडुब्बियां दोनों बनाती है। साथ ही, इसमें एक साथ 11 पनडुब्बियां और 10 युद्धपोत बनाने की क्षमता है।

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Market Insight : बाजार में ऊपरी स्तरों पर बना रहेगा दबाव, फार्मा और डिफेंस के इन शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Market Insight : आज गुरुवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिल रही है। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद, आज आई चौतरफा खरीदारी ने बेंचमार्क इंडेक्स में जोश भर दिया है। 11.30 बजे के आसपास सेंसेक्स 514.41 अंक या 0.67 प्रतिशत बढ़कर 77,018.01 पर और निफ्टी 148.15 अंक या 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,030.20 पर दिख रहा था। मार्केट ब्रेथ में भी मजबूती देखने को मिल रही है। 2,633 शेयरों में तेजी आई है। जबकि 940 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर आज बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने का संकेत है।

ऐसे में मार्केट टेक्निकल पर चर्चा करते हुए कोटक सिक्योरिटीज ( Kotak Securities) के श्रीकांत चौहान ने कहा कि उन्हें लगता है कि कल की भारी गिरावट के बाद मार्केट के लिए ऊपरी स्तरों पर टिकना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। निफ्टी में कल 500 अंकों की गिरावट आई थी। अगर हम इसका रिट्रेसमेंट तो यह लगभग 2410 के करीब आता है। यह लेवल मार्केट में एक रेजिस्टेंस का काम करेगा। मार्केट शायद थोड़ा कंसोलिडेट करते हुए नजर आएगा। हायर लेवल पर प्रेशर रहेगा। लेकिन बाजार में वापस स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन सक्रिय हो सकते हैं। आज हमें फार्मा जैसे डिफेंसिव शेयरों में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। सभी फार्मा स्टॉक्स में अच्छा टेक्निकल ब्रेकआउट जैसा फॉर्मेशन बना है।

उन्होंने आगे कहा कि डिवीज लैब्स जैसे भारी वोलेटाइल स्टॉक में भी एक अच्छा टेक्निकल ब्रेकआउट है। फार्मा में आज अच्छा रिवर्सल बना हुआ है। इसके अलावा ईएमएस सेक्टर में भी एक अच्छा रिवर्सल पैटर्न हमें देखने मिल रहा है। कुछ एक डिफेंस स्टॉक्स में भी बाइंग इंटरेस्ट लौट रहा है। इस कॉन्टेक्स्ट के साथ अगर हम देखें तो इस समय सन फार्मा काफी चल चुकने के बाद अभी भी काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक में खरीदारी की जा सकती है। इस स्टॉक में 2200 रुपए का टारगेट हासिल हो सकता है।

वर्तमान स्तरों पर अरबिंदो फॉर्मा के शेयर काफी अच्छा दिख रहा है। यह शेयर 1590-1600 रुपए के रेंज में ट्रेड कर रहा है। इसमें काफी बड़े कंसोलिडेशन के बाद ब्रेकआउट देखने को मिल रहा है। इस स्टॉक में 1570 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 1650-1660 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

इसके हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स का शेयर भी अच्छा लग रहा है। यह शेयर 4350 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक रैली के बाद इसमें एक छोटा सा ट्रायंगल फॉर्मेशन बन रहा है जो तेजी के जारी रहने के संकेत दे रहा है। इस स्टॉक में हमें 4350-4360 रुपए के आसपास खरीदारी करनी चाहिए। स्टॉपलॉस 4270 रुपए के आसपास रखें। इसमें हमें 4450-4500 के टारगेट मिल सकते हैं।

 

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Tata Motors PV Q1 Update: तीन गुना बढ़ी Curvv, Sierra की बिक्री; पंच, नेक्सॉन ने भी दिखाया दम

Tata Motors PV Q1 Update: टाटा ग्रुप की दिग्गज ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd के लिए अप्रैल-जून 2026 तिमाही शानदार रही है। कंपनी की ज्यादातर पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री और प्रोडक्शन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने ये आंकड़े सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) को सौंपे हैं।

Punch और Nexon की बिक्री 52% बढ़ी

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Punch और Nexon का प्रोडक्शन बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 80,001 यूनिट था। घरेलू बिक्री भी जोरदार बढ़ी। यह 76,230 यूनिट से बढ़कर 1,15,882 यूनिट पहुंच गई। यानी करीब 52% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, निर्यात लगभग स्थिर रहा। इस बार 317 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 320 यूनिट था।

Curvv और Sierra की बिक्री तीन गुना के करीब

Curvv और Sierra की डिमांड भी तेजी से बढ़ी। इन दोनों मॉडलों का प्रोडक्शन 9,135 यूनिट से बढ़कर 25,790 यूनिट हो गया। घरेलू बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, निर्यात में गिरावट आई। इस तिमाही में 23 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 101 यूनिट था।

Safari, Harrier और Sumo की भी अच्छी डिमांड

Safari, Harrier और Sumo की बिक्री भी मजबूत रही। इन मॉडलों का प्रोडक्शन 6,488 यूनिट से बढ़कर 11,976 यूनिट हो गया। घरेलू बिक्री 6,536 यूनिट से बढ़कर 12,117 यूनिट पहुंच गई।

निर्यात में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। इस बार 30 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल सिर्फ 1 यूनिट विदेश भेजी गई थी।

Tiago, Tigor और Altroz की बिक्री घटी

हर मॉडल की कहानी अच्छी नहीं रही। Tiago, Tigor, Altroz, Zest और Bolt की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। इनका प्रोडक्शन 35,496 यूनिट से घटकर 30,163 यूनिट रह गया। घरेलू बिक्री भी 32,801 यूनिट से घटकर 27,017 यूनिट पर आ गई।

हालांकि, एक अच्छी बात भी रही। इन मॉडलों का निर्यात 548 यूनिट से बढ़कर 2,038 यूनिट हो गया।

Nano और Hexa अब भी लाइन से बाहर

इस तिमाही में भी Nano और Hexa का न तो प्रोडक्शन हुआ और न ही घरेलू बिक्री या निर्यात। कंपनी ने साफ किया है कि ये शुरुआती आंकड़े हैं। इनका अभी ऑडिट नहीं हुआ है। ऑडिट के बाद अंतिम आंकड़ों में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

Tata Motors पर Citi की क्या राय?

पिछले हफ्ते ब्रोकरेज फर्म Citi ने Tata Motors Passenger Vehicles पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखी थी। हालांकि, नई Sierra EV की तारीफ भी की। ब्रोकरेज के मुताबिक, Sierra EV में 63 kWh और 75 kWh बैटरी पैक का विकल्प मिलेगा। बड़ा बैटरी पैक एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देगा।

इसकी शुरुआती कीमत 18.8 लाख रुपये रखी गई है। टॉप वेरिएंट की कीमत 24.8 लाख रुपये तक जाती है। इसका मुकाबला Mahindra BE 6, Mahindra XEV 9E और Maruti e-Vitara से होगा।

Citi का कहना है कि Hyundai Creta Electric और MG ZS EV के मुकाबले Sierra EV की कीमत प्रतिस्पर्धी है। खासकर एंट्री-लेवल वेरिएंट की कीमत ऐसी रखी गई है, जिससे ग्राहक ऊंचे वेरिएंट खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

टाटा मोटर्स के शेयरों का हाल

Tata Motors Passenger Vehicles Ltd का शेयर सोमवार को 0.81% की बढ़त के साथ 346.95 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 10.72% टूटा है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 16% की गिरावट आई है।

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Adani Defence: ₹2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट लगाएगा अदाणी ग्रुप, 5000 लोगों को मिलेगा रोजगार

Adani Defence: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपये के डिफेंस प्लांट की नींव रखी। यह प्लांट अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस लगाएगी, जो अदाणी ग्रुप की कंपनी है।

इस प्लांट में मिसाइल कॉम्प्लेक्स, कॉम्पोजिट प्रोपेलेंट यूनिट और TNT प्लांट बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूती मिलेगी।

आसपास के लोगों को भी मिलेगा फायदा

इस प्रोजेक्ट से हजारों लोगों के लिए रोजगार के मौके बनेंगे। स्थानीय लोगों को भी नौकरियां मिल सकती हैं। इसके अलावा, इलाके के छोटे कारोबार और MSME भी डिफेंस सेक्टर की सप्लाई चेन से जुड़ सकेंगे। इस कार्यक्रम में करण अदाणी और जीत अदाणी भी मौजूद रहे।

जीत अदाणी ने क्या कहा?

Adani Airport Holdings Limited (AAHL) के डायरेक्टर जीत अदाणी ने कहा कि कंपनी भारत में ही रक्षा उपकरण बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए DRDO और तीनों सेनाओं के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। कोशिश है कि रक्षा सामान के लिए विदेशों पर निर्भरता कम हो।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर में कंपनी पहले से लाइट मशीन गन (LMG), असॉल्ट राइफल और कार्बाइन बना रही है। जीत अदाणी ने बताया कि कंपनी अब तक भारतीय सेनाओं को 2,000 लाइट मशीन गन दे चुकी है। खास बात यह है कि यह सप्लाई तय समय से 11 महीने पहले पूरी कर ली गई।

शिवपुरी प्लांट में क्या बनेगा?

जीत अदाणी ने कहा कि शिवपुरी में छोटी, मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइलों से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। इससे विदेशों से मिसाइल सिस्टम मंगाने की जरूरत कम होगी। भारत में ही इनका निर्माण होगा।

उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ मिसाइल जोड़ने का काम नहीं होगा। कॉम्पोजिट प्रोपेलेंट, TNT और विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाला खास सामान भी यहीं तैयार किया जाएगा।

3 साल में तैयार होगा प्लांट

जीत अदाणी ने कहा कि अगले तीन साल में 2,500 करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट तैयार हो जाएगा। इससे करीब 5,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि 50 से ज्यादा MSME भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ेंगे। ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के बड़े हब बनेंगे। यहां बनने वाले रक्षा उपकरण पूरी तरह भारत में तैयार होंगे।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 211.29 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमिपूजन भी किया।

*एजेंसी इनपुट के साथ

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