Independence Day: 79वां या 80वां? 15 अगस्त 2026 पर कौन-सा स्वतंत्रता दिवस मना रहा है भारत, यहां जानें सही जवाब

Independence Day: 15 अगस्त का नाम आते ही पूरे देश में देशभक्ति का माहौल बन जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा लहराता है, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं और लोग आजादी के जश्न में शामिल होते हैं। हर साल की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन 2026 में एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इस साल भारत 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है या 80वां।

सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अलग-अलग दावे और चर्चाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। दरअसल, इस सवाल का जवाब गिनती के एक छोटे-से अंतर में छिपा है, जिसे समझने के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर सही जवाब क्या है और इसके पीछे की वजह क्या है।

79 साल पूरे… लेकिन जश्न 80वें का

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। अगर सिर्फ आजादी के पूरे हुए वर्षों की बात करें तो 2026 में देश 79 साल पूरे कर लेगा। लेकिन स्वतंत्रता दिवस की गिनती अलग तरीके से होती है। क्योंकि 15 अगस्त 1947 को मनाया गया पहला स्वतंत्रता दिवस भी इस गिनती में शामिल होता है। यही वजह है कि 2026 का आयोजन 80वें स्वतंत्रता दिवस के रूप में जाना जाएगा।

यहीं होती है सबसे बड़ी गलतफहमी

कई लोग आजादी के पूरे हुए वर्षों और स्वतंत्रता दिवस समारोह की संख्या को एक ही मान लेते हैं। जबकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं। एक में पूरे हुए साल गिने जाते हैं और दूसरे में हर साल मनाए गए समारोह।

15 अगस्त क्यों है इतना खास?

15 अगस्त सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के इतिहास का वह दिन है जब देश ने विदेशी शासन से आजादी हासिल की। यह दिन उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत का सपना साकार किया।

कैसे मनाया जाता है यह राष्ट्रीय पर्व?

हर साल देशभर में तिरंगा फहराया जाता है, राष्ट्रगान गाया जाता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। नई दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं, जबकि स्कूलों और कॉलेजों में भाषण, निबंध, देशभक्ति गीत और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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‘सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल ₹18 करोड़ की चोरी’; राज ठाकरे का सनसनीखेज आरोप

Siddhivinayak Temple donations theft: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का सनसनीखेज दावा किया है। MNS प्रमुख ने शनिवार 1 अगस्त को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं। लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक लेटर पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया।

‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी’

ठाकरे ने कहा कि इस चोरी के पकड़े जाने से पहले मंदिर में दान से होने वाली साप्ताहिक आय 50 लाख रुपये से भी कम थी। लेकिन इसके बाद दान की राशि बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ठाकरे ने दावा किया, “हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की गई है।”

9 कर्मचारी गिरफ्तार

इस बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जहां भी आवश्यक था, हमने मामले दर्ज कर दिए हैं।” सरवणकर ने कहा कि दान में वृद्धि न्यास द्वारा किए गए प्रयासों के कारण हुई।

‘आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं’

अपनी पार्टी के छात्र विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ठाकरे ने कहा, “आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।” राज ठाकरे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर बात करें। उन्होंने यह भी कहा, “निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं।”

सिद्धिविनायक मंदिर का ज़िक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया था। आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए एक पत्र को पढ़कर उन्होंने बताया कि चोरी का पता चलने से पहले मंदिर की साप्ताहिक दान आय 50 लाख रुपये से कम थी। बाद में यह बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई।

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ठाकरे ने यह दावा अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चारी केारोपों के बाद आया है। अयोध्या में पुलिस ने राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभी जांच चल रही है। मुंबई में दिए गए इन बयानों ने मंदिर के दान को लेकर ठाकरे के आरोपों, सिद्धिविनायक मामले में की गई कार्रवाई और प्रधानमंत्री से जवाब की उनकी मांग पर ध्यान केंद्रित किया है।

Iran-US War Update: ईरान को धमकाते हुए क्यों पीछे हटे ट्रंप? फिलहाल ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, सैन्य कार्रवाई रोकी

Iran-US War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान और मध्य पूर्व के कुछ अन्य देशों ने संभावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। इसके बाद उन्होंने वैश्विक हित को ध्यान में रखते हुए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान पर तय सैन्य हमला इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि तेहरान और मध्य पूर्व के दूसरे देशों ने एक प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और समय मांगा था।

इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने लिखा कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, जिसकी ताकत और क्षमता द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखी गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि बातचीत में प्रगति होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हमले को फिलहाल रद्द करने का निर्णय लिया।

ट्रंप के मुताबिक, ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तत्काल, पूरी तरह और बिना किसी बाधा के खोलना तथा ईरानी परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समझौता हो जाता है तो यह पूरी दुनिया और ईरान दोनों के लिए फायदेमंद होगा।

इजरायल ने अमेरिका का किया सपोर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि इजरायल ने भी वार्ता जारी रहने तक सैन्य कार्रवाई टालने के फैसले में अमेरिका का साथ दिया है। उन्होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द समझौता पूरा करने की अपील की। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका, इजरायल या क्षेत्र का कोई अन्य देश ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई करता है, तो तेहरान उसका निर्णायक जवाब देगा।

अराघची ने यह बात तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ अलग-अलग बातचीत के दौरान कही। तुर्किये के विदेश मंत्री ने भी पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच जारी वार्ता की ताजा स्थिति पर चर्चा हुई।

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हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान या अन्य संबंधित देशों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए संभावित समझौते और हमले को टालने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बातचीत जारी रहने के दौरान सैन्य कार्रवाई में देरी करने में इजरायल भी अमेरिका के साथ शामिल हो गया है।

Vish Yog 2026: 3 राशियों के लिए भारी होगा अगस्त का महीना, चंद्रमा करेगा खतरनाक ग्रहण और विष योग का निर्माण

Vish Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति में बदलाव सामान्य घटना है। लेकिन इसका प्रभाव काफी गहरा होता है और सभी 12 राशियों पर पड़ता है। ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही किसी खास स्थिति में उनकी युति भी अच्छे-बुरे प्रभाव का कारण बनती है। ऐसा ही एक संयोग सावन माह में देखने को मिलेगा, जब चंद्रमा कुछ खतरनाक ग्रहों के संयोग में ग्रहण और विष योग का निर्माण करेंगे। ग्रहों की यह हलचल अगस्त माह के पहले हफ्ते में देखने को मिलेगी। इनमें से तीन ऐसी राशियां हैं, जिन्हें इस पूरे महीने बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

क्या है विष और ग्रहण योग?

ज्योतिष शास्त्र में जब चंद्रमा की युति जब शनि जैसे क्रूर ग्रह बनती है, तब विष योग का निर्माण होता है। इस योग को मानसिक अशांति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और कार्यों में बाधा डालने वाला माना जाता है। इसके अलावा, जब चंद्रमा राहु या केतु के प्रभाव में आते हैं तब ग्रहण योग बनता है। इससे जातकों की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। अगस्त के महीने में बनने वाली इन स्थितियों के कारण तनाव, आर्थिक हानि और बनते हुए कामों में रुकावट आने की आशंका बढ़ जाती है।

इन 3 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क

मिथुन राशि : इस राशि के जातकों के लिए अगस्त का महीना मानसिक उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। चंद्रमा की स्थिति के कारण अनावश्यक गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। कारोबार में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पेट या सिरदर्द से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों को इस महीने बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विष योग और ग्रहण के प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आपके बनते हुए काम में रुकावट आ सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

इन उपायों से मिलेगी राहत

चंद्रमा और मानसिक शांति के लिए भगवान शिव की आराधना सबसे उत्तम मानी जाती है। रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

यदि विष योग का ज्यादा प्रभाव महसूस हो, तो शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काला कपड़ा, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें।

इस अवधि में कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय जल्दबाजी में न करें। घर के बुजुर्गों की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।

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Kamika Ekadashi 2026 Date: द्विपुष्कर योग में मनाई जाएगी सावन की पहली एकादशी, जानें तारीख, विष्णु पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय

Kamika Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग माना जाता है। हिंदू कैलेंडर हर माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाता है। कामिका एकादशी व्रत भी इनमें से एक है। कामिका एकादशी का व्रत सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल कामिका एकादशी व्रत में द्विपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। माना जाता है कि इस योग में श्रद्धापूर्वक श्रीहरि की पूजा करने से दोगुने पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन, चातुर्मास का पहला महीना होने के कारण इसमें भगवान विष्णु की आराधना और तुलसी दल अर्पित करने का विशेष फल प्राप्त होता है।

कामिका एकादशी 2026 तारीख

सावन कृष्ण पक्ष एकादशी की तारीख 8 अगस्त 2026, दोपहर 01:59 बजे से लग रही है। इस तिथि का समापन 9 अगस्त 2026, सुबह 11:04 बजे। उदयातिथि के आधार पर कामिका एकादशी का व्रत रविवार, 9 अगस्त 2026 को किया जाएगा।

कामिका एकादशी 2026 मुहूर्त

कामिका एकादशी के दिन पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 07:27 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल 04:22 बजे से लेकर प्रात:काल 05:04 बजे तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक है। उस दिन शुभ-उत्तम मुहूर्त दोपहर 02:06 बजे से लेकर दोपहर 03:46 बजे तक है।

द्विपुष्कर योग में कामिका एकादशी व्रत

इस साल कामिका एकादशी के दिन द्विपुष्कर योग दिन में 11 बजकर 04 मिनट पर बनेगा और यह दोपहर में 02 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। द्विपुष्कर योग में आप जो भी दान, पुण्य, पूजा, पाठ आदि कर्म करते हैं, उसका दोगुना फल प्राप्त होता है।

इसके अलावा उस दिन हर्षण योग प्रात:काल से लेकर 10 अगस्त को मध्यरात्रि 2:04 बजे तक रहेगा, उसके बाद वज्र योग होगा। व्रत के दिन मृगशिरा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 02 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से आर्द्रा नक्षत्र है।

कामिका एकादशी व्रत पारण समय

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है।

पारण की तारीख : सोमवार, 10 अगस्त 2026

पारण का शुभ समय : सुबह 05:47 बजे से सुबह 08:00 बजे तक

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संसद में राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे राहुल गांधी और पप्पू यादव, वाराणसी में FIR

वाराणसी में संत समाज की शिकायत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला संसद के बाहर राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी टिप्पणियों के संबंध में दर्ज किया गया है। संत समाज का आरोप है कि संसद में इस मुद्दे को जिस तरह उठाया गया, उससे सनातन धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि धर्म का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे 

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि कोतवाली थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन वीडियो में पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आ रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता सनातन धर्म का अपमान बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वाराणसी में FIR

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था।

विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए। इस दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मंदिर के पुजारी का रूप धारण कर चढ़ावा इकट्ठा करने का प्रदर्शन किया।

चढ़ावा चोरी के बाद बदली राम मंदिर की पूरी व्यवस्था, कैश गिनती, सुरक्षा व पास के लिए सख्त दिशानिर्देश

ayodhya ram mandir trust meeting

Ayodhya Ram Mandir security: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमेशा ही विश्व में सुर्खियों में रहा है—चाहे वह राम मंदिर आंदोलन हो, भव्य मंदिर का निर्माण हो, या फिर सम्पूर्ण विश्व को साक्षी बनाने वाला राम लला का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव। ​हाल ही में राम लला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा व गिनती की निगरानी, संपूर्ण सुरक्षा और VIP/VVIP दर्शन पास से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल दिया है और बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं।

​चढ़ावा और गिनती की 360-डिग्री निगरानी

​पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया को अब हाई-टेक निगरानी के दायरे में लाया गया है। दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावा गिनने तक की हर पल की रिकॉर्डिंग 360-डिग्री कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों (SLR और 360 डिग्री कैमरों से लैस) द्वारा की जाएगी। दानपात्र से जुड़ी पुरानी टीम को बदल दिया गया है। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें ​2 बैंक कर्मी (भारतीय स्टेट बैंक), ​2 ट्रस्ट प्रतिनिधि, ​2 SIS सुरक्षा कर्मी, ​2 पेशेवर वीडियोग्राफर शामिल हैं। 

​चरणबद्ध तरीके से खाली होंगे दानपात्र

परिसर में स्थित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जाएगा। सीलबंद बक्सों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा विधिवत सील व हैंडल किया जाएगा। कोष प्रबंधन समिति के सदस्य जगदीश आफले ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

​दर्शन पास के लिए नई व्यवस्था

​पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की ID बंद होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ID को दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया है। ​वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के प्रबंध किए जा रहे हैं।

​प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

मंदिर के इतिहास में पहली बार सचिव पद पर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है (जिसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में होगी)। आफले को SBI में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) भी बनाया गया है। दूसरी ओर, ​मंदिर के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ​CEO पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और लिस्टिंग सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

​त्रि-स्तरीय (Three-Layer) अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र

​श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। CRPF (केंद्रीय सुरक्षा बल), PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही AI-आधारित अत्याधुनिक CCTV कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली लागू की गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए 4 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार (Boundary Wall) और उच्च क्षमता वाले वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।

First Sawan Somwar 2026 Shubh Yog: 04 शुभ योगों में 03 अगस्त को होगा सावन के पहले सोमवार का व्रत, जानें जलाभिषेक और शिव पूजन का शुभ मुहूर्त

First Sawan Somwar 2026 Shubh Yog: यूं तो हर सप्ताह सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। लेकिन सावन के महीने में आने वाले सोवमार का विशेष स्थान है। शिव भक्तों के लिए यह दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन वे अपने आराध्य के लिए खास पूजा, उपवास और अनुष्ठान करते हैं। साल 2026 में सावन के महीने में 4 सोमवार का सौभाग्य बन रहा है। सावन के सोमवार व्रत करने वाले श्रद्धालु इस व्रत का उद्यापन चौथे और अंतिम सोमवार को करते हैं।

सावन के पहले सोमवार पर बने रहे हैं 4 शुभ योग

इस साल पहले सावन सोमवार पर 4 शुभ योग बन रहे हैं, जो लोगों के लिए शुभ फलदायी हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन का पहला सोमवार श्रावण कृष्ण पंचमी तिथि को है। उस दिन हंसराज योग, सुकर्मा योग, धृति योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे।

हंसराज योग : पंच महापुरुष योगों में से एक होता है। इस समय गुरु ग्रह अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं, जिसकी वजह से हंसराज योग बना है।

सर्वार्थ सिद्धि योग : पहले सावन सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग मध्यरात्रि 00:01 बजे से लेकर सुबह 05 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस योग में पूजा, जप, तप, दान आदि का पुण्य फल प्राप्त होता है।

सुकर्मा योग : इस दिन सुकर्मा योग प्रात:काल से लेकर रात 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। सुकर्मा योग के स्वामी देव इंद्र और ग्रह मंगल हैं। यह शुभता प्रदान करने वाला मंगलकारी योग है।

धृति योग : पहले सावन सोमवार पर धृति योग रात में 9:13 बजे से पूर्ण रात्रि तक है। इसमें नया बिजनेस, भूमि पूजन, मकान की नींव डालना, नई वस्तु की खरीदारी करना अच्छा रहता है।

चोर पंचक में सावन के पहले सोमवार का व्रत

पहले सावन सोमवार को पूरे दिन चोर पंचक रहेगा। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 10:00 पी एम तक है, उसके बाद रेवती नक्षत्र है।

पहला सावन सोमवार 2026 जलाभिषेक मुहूर्त

सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक के साथ ही शिव जी की पूजा की जाएगी।

ब्रह्म मुहूर्त: 04:19 ए एम से 05:01 ए एम

अभिजीत मुहूर्त: 12:00 पी एम से 12:54 पी एम

अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 05:44 ए एम से 07:24 ए एम

शुभ-उत्तम मुहूर्त: 09:05 ए एम से 10:46 ए एम

चर-सामान्य मुहूर्त: 02:08 पी एम से 03:49 पी एम

लाभ-उन्नति मुहूर्त: 03:49 पी एम से 05:30 पी एम

अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 05:30 पी एम से 07:11 पी एम

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पाकिस्तान में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई पर हमला:ल्यारी में अज्ञात हमलावरों ने घर के बाहर गोली मारी, हालत गंभीर

पाकिस्तान के कराची में जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर गुरुवार शाम जानलेवा हमला हुआ। कराची के ल्यारी इलाके में उनके घर के बाहर बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में 40 साल जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गोलीबारी की चपेट में आए दो राहगीर भी जख्मी हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबैर के सीने और पेट में गोलियां लगी हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायलों को तुरंत कराची के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां जुबैर की सर्जरी की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायल राहगीरों में से एक की हालत भी गंभीर है। अपराधियों को पकड़ने के लिए चेकिंग तेज पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। मौके से गोलियों के खोल बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि इस्तेमाल किए गए हथियार के प्रकार का पता चल सके। हमले के बाद ल्यारी में स्थिति तनावपूर्ण है, जिसके चलते वहां अतिरिक्त पुलिस बल और रेंजरों की तैनाती कर दी गई है। संदिग्धों को पकड़ने के लिए कराची के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग तेज कर दी गई है। गैंगवार और पुरानी रंजिश की जांच साउथ के डीआईजी सैयद असद रजा ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला गैंगवार की वजह से हुआ, पुरानी दुश्मनी के चलते हुआ या इसके पीछे कोई और कारण है। फिलहाल पुलिस ने किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के मुताबिक, जुबैर बलोच को 2012 में सात आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। वह जनवरी 2025 में जेल से बाहर आया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसकी पुरानी आपराधिक रंजिशों का इस हमले से कोई संबंध है या नहीं। इलाके में गैंगवार फिर से शुरू होने की चर्चा इस घटना के बाद ल्यारी में एक बार फिर गैंगवार की आशंकाएं तेज हो गई हैं। इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुबैर ने हाल ही में एक राजनीतिक पार्टी जॉइन की थी और कुछ महीने पहले इलाके में पार्टी के झंडे भी लगाए थे। हालांकि, इलाके में जारी तनाव के चलते उस राजनीतिक दल के नाम का खुलासा नहीं किया गया है, और न ही पार्टी की ओर से इस जानलेवा हमले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। उनका दावा है कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान भागे कई गैंगस्टरों के दोबारा लौटने की चर्चाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों में गैंगवार फिर शुरू होने का डर बढ़ गया है। उजैर बलोच पर कई गंभीर मामले दर्ज उजैर बलोच कभी कराची के सबसे ताकतवर गैंग लीडरों में गिना जाता था। उसे ल्यारी का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल रहमान उर्फ रहमान डकैत का दाहिना हाथ माना जाता था। पुलिस मुठभेड़ में रहमान डकैत के मारे जाने के बाद उजैर ने ल्यारी के अपराध जगत की कमान संभाल ली और धीरे-धीरे इलाके का सबसे प्रभावशाली गैंगस्टर बन गया। फिलहाल उजैर बलोच पाकिस्तान की जेल में बंद है। इसी साल मार्च में आतंकवाद विरोधी अदालत ने हत्या, पुलिस पर हमले और विस्फोटक रखने समेत सात मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उस पर 2012 में कलाकोट थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से हमला करने का भी आरोप है। इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी का दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई थी। धुरंधर फिल्म की वजह से चर्चा में आया उजैर हाल के दिनों में उजैर बलोच का नाम भारतीय स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ की वजह से भी चर्चा में रहा है। फिल्म में उसके किरदार को अभिनेता दानिश पंडोर ने निभाया है।

मुंशी प्रेमचंद जयंती पर जाने जीवन परिचय और 6 अनसुनी बातें

A photograph of Munshi Premchand, the titan of Indian literature

Munshi Premchand Biography: भारतीय साहित्य में जब भी यथार्थवाद, सामाजिक चेतना और आम आदमी के जीवन का जिक्र होता है, तो सबसे पहले मुंशी प्रेमचंद का नाम सामने आता है। हिंदी और उर्दू साहित्य के इस महान लेखक ने अपनी लेखनी से समाज की कुरीतियों, गरीबी, शोषण, जातिगत भेदभाव और ग्रामीण जीवन की सच्चाइयों को बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। यही कारण है कि उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है। हर वर्ष 31 जुलाई को मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई जाती है। 

 

यहां जानें मुंशी प्रेमचंद जयंती 2026 पर हिंदी-उर्दू के महान साहित्यकार का जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, प्रमुख रचनाएं और उनसे जुड़े रोचक व अनसुने तथ्य।

 

मुंशी प्रेमचंद: संक्षिप्त जीवन परिचय

 

वास्तविक नाम- धनपत राय श्रीवास्तव

जन्म तिथि व स्थान- 31 जुलाई 1880, लमही (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)

उपनाम/लेखन नाम- नवाब राय (उर्दू में), प्रेमचंद (हिंदी में)

माता-पिता- आनंदी देवी और अजायब राय (डाकघर में क्लर्क)

प्रमुख रचनाएं-

उपन्यास: गोदान, गबन, सेवासदन, कर्मभूमि, रंगभूमि

कहानी- ईदगाह, पूस की रात, दो बैलों की कथा, कफन

निधन- 8 अक्टूबर 1936, वाराणसी

 

मुंशी प्रेमचंद के जीवन से जुड़ी अनसुनी बातें

1. असली नाम 'धनपत राय' और पहला छद्म नाम 'नवाब राय'

बचपन में उनके चाचा उन्हें 'नवाब' कहते थे। जब उन्होंने उर्दू में लिखना शुरू किया, तो 'नवाब राय' नाम से ही अपनी रचनाएं प्रकाशित करवाते थे।

 

2. पहली किताब 'सोजे वतन'

1908 में उनका पहला कहानी संग्रह 'सोजे वतन' (देश का दर्द) उर्दू में छपा। इसमें देशभक्ति की भावना इतनी तीव्र थी कि ब्रिटिश सरकार ने इसे राष्ट्रद्रोही मानकर प्रतिबंधित कर दिया और इसकी सभी प्रतियां जला दीं। इसके बाद हमीरपुर के दरोगा ने उन्हें बिना सरकारी इजाजत न लिखने की सख्त चेतावनी दी।

 

3. 'प्रेमचंद' नाम कैसे पड़ा?

अंग्रेजी हुकूमत की बंदिशों से बचने के लिए उनके स्नेही मित्र और 'जमाना' पत्रिका के संपादक दयानारायण निगम ने उन्हें एक नया नाम सुझाया- 'प्रेमचंद'। इसके बाद उन्होंने इसी नाम से हिंदी में लिखना शुरू किया।

 

4. बाल-विवाह का विरोध और विधवा-विवाह

प्रेमचंद सामाजिक कुरीतियों के सख्त खिलाफ थे। अपनी पहली शादी के असफल होने के बाद, उन्होंने 1906 में समाज के विरोध की परवाह न करते हुए एक बाल-विधवा शिवरानी देवी से विवाह किया। शिवरानी देवी स्वयं एक लेखिका थीं और उन्होंने प्रेमचंद पर 'प्रेमचंद घर में' नाम से प्रसिद्ध पुस्तक लिखी।

 

5. महात्मा गांधी के आह्वान पर सरकारी नौकरी छोड़ी

प्रेमचंद शिक्षा विभाग में डिप्टी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। 1921 में जब महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन का आह्वान किया, तो प्रेमचंद ने अपनी स्थिर सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और पूर्णकालिक लेखन व देश सेवा में जुट गए।

 

6. 'मुंशी' शब्द कैसे जुड़ा?

'मुंशी' उनका नाम नहीं बल्कि एक सम्मानजनक उपाधि थी। जब वे 'हंस' पत्रिका का संपादन कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी (K. M. Munshi) के साथ करते थे, तब कवर पेज पर 'मुंशी, प्रेमचंद' छपता था, जिसे बाद में लोगों ने एक साथ 'मुंशी प्रेमचंद' कहना शुरू कर दिया।

 

'साहित्य वही है जो हमारे अंदर सौंदर्य की भावना जगाए, हममें गति, शक्ति और बेचैनी पैदा करे, सुलाए नहीं।' – मुंशी प्रेमचंद

 

मुंशी प्रेमचंद केवल एक लेखक नहीं, बल्कि भारतीय समाज के संवेदनशील इतिहासकार और जनमानस के साहित्यकार थे। उनकी रचनाएं आज भी समाज को सोचने, बदलने और मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देती हैं। उनकी जयंती हमें यह याद दिलाती है कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रभावशाली शक्ति भी है। उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में साहित्यिक गोष्ठियां, संगोष्ठियां, पुस्तक प्रदर्शनियां और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।