Mirzapur The Movie Advance Booking: 31 अगस्त से शुरू हुई फिल्म की एडवांस बुकिंग, 4 सितंबर को भौकाल दिखाएंगे कालीन भैया

Mirzapur The Movie Advance Booking: ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ के लिए काउंटडाउन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। टीज़र और ट्रेलर से उत्साह बढ़ाने के बाद, मेकर्स ने अब घोषणा की है कि इस बहुप्रतीक्षित फ़िल्म की एडवांस बुकिंग 31 अगस्त से शुरू हो चुकी है। एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेज़न MGM स्टूडियोज़ द्वारा समर्थित, ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ के साथ बेहद लोकप्रिय मिर्ज़ापुर फ़्रैंचाइज़ी पहली बार स्ट्रीमिंग स्पेस से बड़े पर्दे पर आएगी।

थिएटर में रिलीज़ होने में बस सात दिन बचे हैं, ऐसे में एडवांस बुकिंग की घोषणा से फ़िल्म को लेकर और भी चर्चा बढ़ने की उम्मीद है। सालों से, मिर्ज़ापुर ने अपनी दमदार दुनिया, यादगार किरदारों और ज़बरदस्त कहानी के ज़रिए बड़ी संख्या में फ़ैन बनाए हैं। आने वाली फ़िल्म अब दर्शकों को पहली बार बड़े पर्दे पर उस दुनिया का अनुभव करने का मौका देगी।

फिल्म को लेकर बढ़ती एक्साइटमेंट के बीच हाल ही में डायरेक्टर गुरमीत सिंह से पूछा गया कि इतने सालों से इन किरदारों को विकसित होते देखने और उनके सफर का हिस्सा बनने के बाद क्या फिल्म में किसी खास किरदार की कहानी ने उन्हें एक फिल्ममेकर के तौर पर ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को अलग नजरिए से देखने पर मजबूर किया। इस पर उन्होंने बताया कि फिल्म ने उन्हें किरदारों के नए पहलुओं को एक्सप्लोर करने के साथ-साथ ‘मिर्जापुर’ की दुनिया की नई परतें खोजने का मौका दिया।

डायरेक्टर गुरमीत ने कहा, “फिल्म ने हमें एक खास मौका दिया कि हम अपने मुख्य किरदारों की नई परतें सामने लाएं और उनकी कुछ कहानियों को अलग तरीके से पेश करें। हमें उनके ऐसे पहलू देखने को मिलेंगे, जो शो में पहले कभी नहीं दिखे। इन नए पहलुओं से हम उन्हें और बेहतर समझ पाएंगे, उनके साथ जुड़ पाएंगे, उनसे सहानुभूति रख पाएंगे या शायद उन्हें पहले से ज्यादा नापसंद भी कर पाएंगे। हम बाबलू और गुड्डू को देखेंगे, जिनके मन में हमेशा इस हिंसा की दुनिया से बाहर निकलने का एक प्लान था। फिल्म में कालीन भैया और मुन्ना के अतीत से जुड़ी एक रहस्यमयी घटना भी सामने आएगी, जो उनके रिश्ते को परिभाषित करती है। साथ ही, हम बीना की कहानी की शुरुआत भी देखेंगे, जो झूठ और बलिदान से भरी एक ऐसी हलचल पैदा करेगी, जिससे बहुत कुछ बदल जाएगा।”

फिल्म की बड़ी स्टारकास्ट में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मालिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान भी शामिल हैं। ये सभी कलाकार ‘मिर्जापुर’ की दुनिया के एक ऐसे अनकहे अध्याय को पर्दे पर लेकर आ रहे हैं, जिसकी कहानी पहले कभी नहीं दिखाई गई।

अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी इसके को-प्रोड्यूसर हैं। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Market Mantra : चिराग दारूवाला से जानें 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा सितंबर, ग्लोबल अनिश्चितता में कहां करें निवेश

Market Mantra : सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला ने सितंबर महीने में सितारों के हिसाब से बाजार की चाल पर बात करते हुए कहा कि ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो गणेश जी कहते हैं कि महीने की शुरुआत में सूर्य और जो बृहस्पति यानी जो गुरु है वो कर्क राशि में होंगे। मंगल और बुध सिंह राशि में होंगे। शुक्र कन्या राशि में होंगे। जबकि शनि ग्रह मीन राशि में वक्री रहेंगे। 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र के अपनी राशि तुला में आने से बाजार में सकारात्मक माहौल और खरीददारी बढ़ सकती है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,एफएमजीसी सेक्टर,ज्वेलरी और लग्जरी सेक्टर को अच्छा लाभ देखने को मिल सकता है।

7 सितंबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। यह बाजार में ट्रेडिंग,गतिविधियों और वित्तीय निर्णयों के लिए बहुत अनुकूल रह सकता है। आईटी,टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम,बैंकिंग और ब्रोकरेज सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। 17 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे बाजार में अचानक थोड़ा सा उतार-चढ़ाव और अस्थिरता बढ़ सकती है। लेकिन आपको मायूस नहीं होना है। रियलस्टेट, कंस्ट्रक्शन सेक्टर,ऑयल गैस सेक्टर,केमिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।

26 सितंबर को बुध फिर से अपनी स्थिति बदलेंगे और तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इससे विदेशी निवेशकों और पारंपरिक निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। बाजार में बुलिश ट्रेंड देखने को मिल सकता है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,मीडिया सेक्टर और टेलीकॉम सेक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अच्छी खरीदारी आ सकती है। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि यह महीना इन सेक्टर्स के लिए बहुत ही बेहतरीन रहने वाला है और ग्रह भी इन सेक्टर्स वालों को अच्छा फेवर करेंगे।

राशियों के अनुसार कैसा रहेगा यह महीना?

मेष राशि

चिराग दारूवाला ने कहा कि गणेश जी कहते हैं कि मेष राशि वालों इस महीने आपके लिए बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। इनमें आपको निवेश के लिए काफी अच्छे मौके मिलेंगे। संपत्ति की लेनदेन कर रहे हैं तो सावधानी पूर्वक जांच करें। किसी भी प्रकार का फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए गलत साबित हो सकता है। आपकी इच्छा पूर्ण हो सकती है। आपका सपना पूरा हो सकता है। आपका खुद का घर आप इस महीने बना सकते हैं। खर्चे बहुत अधिक रहने की भी संभावना है।

उपाय

हर शनिवार को नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी अवश्य मिलाएं। यह समझ लीजिए कि मेष राशि वालों यह महीना आपको कुछ ना कुछ अवश्य देगा।

वृषभ राशि

गणेश जी कहते हैं वृषभ राशि वालों रेलवे सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। म्यूच्यूल फंड में निवेश किया हुआ है तो आपको अच्छे रिटर्न्स देखने को मिल सकते हैं। संपत्ति में निवेश करना चाहते हैं तो थोड़ा सा धैर्य रखना होगा। यह महीना क्रिएटिविटी का महीना है। यानी कि आपको नए-नए विचार,नए-नए तरीके सोचने होंगे और उसे आप अमल में लेकर आइए। अवश्य आपको लाभ होगा। खर्चों पर भी नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

उपाय

हर मंगलवार को गणेश जी की पूजा अर्चना करें। ओम गण गणपताए नमः 108 बार यह मंत्र का उच्चारण करें। जरूर से आपको लाभ देखने को मिलेगा।

मिथुन राशि

गणेश जी कहते हैं मिथुन राशि वालों इस महीना जो उतार-चढ़ाव चल रहा था,जो इनस्टेबिलिटी चल रही थी,वह इनस्टेबिलिटी दूर होगी। व्यापार में अच्छा मुनाफा देखने को मिल सकता है। आपको नए इन्वेस्टर्स,नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर,एनर्जी सेक्टर,स्टील सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर में भी निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो वह बेहतरीन रहेगा। खर्चे आपके थोड़े कम होंगे और आप यह कह सकते हैं कि आप राहत की सांस लेंगे।

उपाय

जब भी भी संभव हो लाल कपड़ों का लाल चीजों का दान अवश्य करें और मंगलवार के दिन यह अवश्य आप करिए। आपको अवश्य कुछ ना कुछ लाभ देखने को मिलेगा।

कर्क राशि

गणेश जी कहते हैं कर्क राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं। जो दिमाग में चल रहे हैं जो आपके आइडियाज हैं जो थॉट्स हैं उसे आप इंप्लीमेंट करना शुरू कर दीजिए। आईटी सेक्टर,टेक्नोलॉजी सेक्टर,विज्ञान सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। लेकिन पैसों के लेनदेन से आपको बचना है। व्यापार में मेहनत और परिश्रम आपको अच्छी सफलता दिलाएगा। व्यवसाय में कुछ बदलाव नए बदलाव से आपको अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। बिजनेस को आगे बढ़ाने में आपको थोड़ा सा सक्रिय रहना होगा।

उपाय

प्रतिदिन सुबह गाय माता को हरा घास,हरा चारा अवश्य खिलाइए।

सिंह राशि

गणेश जी कहते हैं सिंह राशि वालों इस महीने स्टील सेक्टर और सीमेंट सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। अच्छा लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। लेकिन आपके जो आय के स्त्रोत है वह बढ़ेंगे। करियर के लिहाज से यह महीना काफी अच्छा रहेगा। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए समय योग्य नहीं है। थोड़ा सा रुक जाइए। जल्दबाजी मत कीजिएगा।

उपाय

जरूरतमंद लोगों को दूध,दही या फिर घी का दान अवश्य करें।

कन्या राशि

गणेश जी कहते हैं कन्या राशि वालों इस महीने शुक्र आपके जीवन में बहुत कुछ लेकर आए हैं। यानी कि अलग-अलग जगह से आपको पैसे कमाने का मौका मिल सकता है। व्यापार में नई-नई अपॉर्चुनिटीज आपको मिल सकती है। साथ-साथ में आपने जहां-जहां निवेश किया है,जिन शेयर्स में आपको अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा था,शायद इस महीने आपको अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है। हालांकि, आपको अपने पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव लाने की जरूरत है। अनियंत्रित खर्चों पर भी आपको ध्यान देना होगा। एक बजट बनाएं और उसके अनुसार ही खर्च करें।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम ब्रह्म बृहस्पतिए नमः का जाप करें, यह मंत्र का गुरु का मंत्र है। 108 बार जाप अवश्य करिए। गुरु अगर आपके फेवर में होंगे तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

तुला राशि

गणेश जी कहते हैं तुला राशि वालों इस महीने ऑटोमोबाइल सेक्टर,ट्रांसपोर्ट सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर में अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत ही बेहतरीन रहेगा। इनमें आपको अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। सोना चांदी का व्यवसाय कर रहे हैं या करना चाहते हैं तो कीजिए। जरूर से आपको लाभ होगा और आपके किसी भी प्रकार के कुछ काम अटके हुए थे तो आप यह कह सकते हैं 7 सितंबर से लेकर 21 सितंबर का जो समय है वह बहुत ही बेहतरीन है। इंपोर्ट एक्सपोर्ट के व्यवसाय में अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। नौकरी कर रहे हैं तो प्रमोशन मिल सकता है और साथ-साथ में नई अपॉर्चुनिटीज भी मिल सकती है।

उपाय

हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें और माता जी को खीर का भोग लगाएं। यह समझ लीजिए तुला राशि वालों कि इस महीने अनएक्सपेक्टेड मॉनिटरी गेंस यानी ऐसा पैसा जो शायद आपने सोचा भी नहीं हो,अटका हुआ पैसा भी आपको इस महीने मिल सकता है। यह महीना आपके जीवन में खुशियां लेकर आएगा।

वृश्चिक राशि

गणेश जी कहते हैं वृश्चिक राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं आपको आलस का त्याग करना है। थोड़ा सा आपको एक्टिव हो जाना है। अलर्ट हो जाना है। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने आपकी जो आर्थिक स्थिति है वह पहले से बेहतर दिखाई दे रही है। लंबी अवधि के निवेश से अच्छी आय होगी। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट आपके लिए बहुत बेहतरीन है। इस महीने किसी भी प्रकार का आप फैसला लें वह जल्दबाजी में मत लीजिएगा। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए नुकसानकारक साबित हो सकता है। शेयर बाजार में निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर से लीजिए। वरना आप फंस सकते हैं। व्यापार में अच्छे ऑर्डर्स आपको मिल सकते हैं। नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि इस महीने जो आपका जो नेटवर्किंग है,आपके जो संपर्क है,वह और भी बढ़ेंगे। प्रभावशाली लोगों के साथ आपके संपर्क बढ़ेंगे और कहीं ना कहीं वह आपको मददगार भी साबित होंगे।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को तेल और सिंदूर अवश्य अर्पण करें और ओम हनुमंताय रामदूताय नमः यह मंत्र का 108 बार जाप करिए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

धनु राशि

गणेश जी कहते हैं धनु राशि वालों बहुत मेहनत करते हैं। बहुत एफर्ट्स देते हैं। पर परिणाम नहीं मिलता। तो आप यह कह सकते हैं कि आपने जो पास्ट में एफर्ट्स किए थे,जो मेहनत की थी,जिसका परिणाम आपको नहीं मिल रहा था,उसका परिणाम इस महीने आपको मिल सकता है। स्टील सेक्टर और पावर सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। स्माल कैप और मिड कैप शेयर्स आपको अच्छा फायदा कराएंगे। निवेश संबंधित योजनाएं भी बहुत सफल रहेंगी। व्यापार में अच्छी तरक्की देखने को मिल सकती है और अगर आप कोई पार्टनर ढूंढ रहे हैं,कोई इन्वेस्टर ढूंढ रहे हैं अपने व्यापार के लिए तो इस महीने आपको वह इन्वेस्टर भी मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम गुरुवे नमः मंत्र का आप जाप करें और गाय माता को गुड़ अवश्य खिलाइए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मकर राशि

गणेश जी कहते हैं मकर राशि वालों जितना ज्यादा विचार करेंगे उतना आप कंफ्यूजन में रहेंगे, स्ट्रेस में रहेंगे, एंग्जायटी में रहेंगे, कुछ भी नहीं कर पाएंगे, तो इस महीने आपको ज्यादा विचार नहीं करना है। कार्य के ऊपर फोकस करना है। शेयर बाजार में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो जरूर कीजिए आपके लिए फायदेमंद रहेगा पावर सेक्टर, एनर्जी सेक्टर और गैस सेक्टर में निवेश आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा और जिन शेयर्स में आपका आपका पैसा रुका हुआ था उसमें तेजी देखने को मिल सकती है। घर या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने का आपका जो सपना है वह सपना इस महीने अवश्य पूर्ण होगा। आपकी आर्थिक स्थिति में थोड़ा सा उतार-चढ़ाव आ सकता है। पर आपको धैर्य रखना है। उत्तेजित नहीं हो जाना है। मन को शांत रख के कोई भी कार्य करेंगे तो अवश्य आने वाले समय में आपका डंका बजेगा।

उपाय

हर शनिवार शाम को शनिदेव जी को काले तिल और सरसों का तेल अवश्य चढ़ाइए।

कुंभ राशि

गणेश जी कहते हैं कुंभ राशि वालों इस महीने आप कोई भी प्रकार का लेनदेन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। दूसरा शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं तो प्रॉपर रिसर्च करके निवेश करिए। किसी की भी बातों में आकर अगर आपने निवेश किया तो शायद आपका पैसा फंस सकता है। आपको फाइनेंस सेक्टर,इंश्योरेंस सेक्टर में अच्छा मुनाफा मिलेगा। सोने में या फिर प्रॉपर्टी में निवेश के लिए थोड़ा सा इंतजार करिए। व्यापार में अच्छी आमदनी होगी। अपना पैसा सोच समझकर निवेश करना होगा।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को कौवों को और काले कुत्तों को भोजन अवश्य खिलाइए। शनिदेव जी की मेहरबानी रहेगी तो आपके कर्मों का फल जो आपने एफर्ट्स दिए थे जो आपकी सोच थी उसका आपको अच्छा परिणाम इस महीने देखने को मिलेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों गणेश जी कहते हैं कि बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर, फाइनेंस सेक्टर और एनर्जी सेक्टर में निवेश आपके लिए अच्छा रहेगा। इनमें आपको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। महीने के अंत में यानी कि 27 तारीख से लेकर 30 तारीख के बीच में अगर आप प्रॉफिट बुक करने का विचार कर रहे हैं तो आप कर सकते हैं। नौकरी कर रहे हैं अच्छा इंक्रीमेंट मिल सकता है। म्यूच्यूल फंड में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत आप इस महीने कर सकते हैं। लोन लेने का विचार कर रहे हैं और नहीं मिल रहा है,कुछ ना कुछ अड़चनें आ रही थी तो वो अड़चनें भी इस महीने दूर होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप कोई भी स्टार्टअप शुरू करने का विचार कर रहे हैं,नया व्यवसाय शुरू करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत कर दीजिए। सब्र मत रखिए। थोड़ा सा एक्टिव हो जाइए। थोड़ा सा अलर्ट हो जाइए और एकदम पीछे पड़ जाइए। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने लिए हुए कोई भी फैसले, इस महीने किए हुए कोई भी कार्य आने वाले समय में आपको एक अच्छे मुकाम पर पहुंचा सकते हैं।

उपाय

रोजाना सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और 21 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।

बाजार में डिस्काउंट पर मिल रहे शेयर, न चूकें मौका

चिराग दारूवाला का कहना है कि इस समय सभी तरह के निवेशकों सबसे पहले धैर्य रखना है। दुनिया में जितने भी वॉर चल रहे हैं उसके बावजूद आने वाले कुछ समय में आप देखेंगे कि हमारा सेंसेक्स और निफ्टी ऑल टाइम हाई लगाता दिखेगा। आपको सिर्फ धैर्य रखना है। अगर आपको लग रहा है कि आपका पोर्टफोलियो 15, 20 या 30 फीसदी माइनस में है तो आप उसे साइड में रख के आराम से चैन की नींद लीजिए। जिन लोगों ने अभी तक निवेश नहीं किया है, सोच रहे हैं कि शायद बाजार और गिरेगा तो वे यह कर सकते हैं कि थोड़ा सा निवेश करे क्योंकि अभी आपको बाजार में डिस्काउंट मिल रहा है। बाजार में वैसा की डिस्काउंट मिल रहा है जैसा Flipkart Flipkart और Amazon पर मिलता है। इस समय आप डिस्काउंट पर शेयर्स ले सकते हैं। आने वाले समय में आपको जरूर अच्छा रिटर्न मिलेगा।

 

Daily Voice: मौजूदा भाव पर नए न्यू एज स्टॉक्स लग रहे महंगे, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और डिफेंस शेयरों को लेकर भी रहें सतर्क

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सीआईए और रूसी एजेंसी के दो देशों में तख्तापलट के ‘सीक्रेट मिशन’ से खलबली..!

सीआईए और रूसी एजेंसी के दो देशों में तख्तापलट के ‘सीक्रेट मिशन’ से खलबली..!

putin and trump

ख़ुफ़िया एजेंसियां अपने राष्ट्र के दूरगामी हितों के लिए दोस्तों का भी बलिदान कर सकती है। ट्रम्प और पुतिन के दोस्ताना रिश्तों के बारे में दुनिया जानती है। ट्रम्प ईरान युद्द को जीतकर चुनाव जितना चाहते है वहीं पुतिन भी यूक्रेन को लेकर कुछ ऐसे ही मंसूबे पाले हुए है। यदि ईरान में तख्तापलट हो जाये तो ट्रम्प जीत जायेंगे और यदि यूक्रेन से जेलेंसकी की बिदाई हो जाये तो पुतिन जीत जायेंगे। लगता है ट्रम्प और पुतिन मिलकर एक दूसरे की मदद करने का मंसूबा बना चूके है। हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ का मॉस्को पहुंचना और रूसी खुफिया अधिकारियों से बातचीत करना इस बात का संकेत है कि दोनों महाशक्तियों के बीच कुछ खास पक रहा है।  

 

दरअसल अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी स्थायी नहीं होती, स्थायी होते हैं राष्ट्रीय हित। यही वजह है कि जो देश सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी दिखाई देते है, उनकी खुफिया एजेंसियां पर्दे के पीछे संवाद के रास्ते खुले रखती है। रैटक्लिफ ने मॉस्को में रूसी खुफिया अधिकारियों के साथ बातचीत की, इसकी रूस की विदेशी खुफिया सेवा एसवीआर के प्रमुख सर्गेई नारीश्किन ने पुष्टि की है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में सीआईए प्रमुख की मॉस्को यात्रा का महत्व  बहुत अधिक है। दोनों देशो की खुफियां एजेंसियों के बीच संवाद का इतिहास भी पुराना है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ वैचारिक रूप से एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे, लेकिन नाजी जर्मनी के खिलाफ दोनों एक ही मोर्चे पर खड़े थे। उस दौर में अमेरिकी ओएसएस और सोवियत खुफिया तंत्र के बीच संपर्क स्थापित हुआ। अमेरिकी खुफिया इतिहास से पता चलता है कि ओएसएस प्रमुख विलियम जे.डोनोवन ने 1943 में सोवियत अधिकारियों के साथ खुफिया सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर बातचीत की थी। कुछ ही वर्षों बाद यही दोनों देश शीत युद्ध में एक-दूसरे के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन गए। इतिहास का यह अध्याय बताता है कि खुफिया सहयोग विचारधारा या मित्रता पर नहीं, बल्कि तत्कालीन रणनीतिक जरूरतों पर आधारित होता है।

 

अमेरिका और रूस के बीच बाद के वर्षों में भी सीमित खुफिया सहयोग के उदाहरण मिलते है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देशों ने कई बार एक-दूसरे को महत्वपूर्ण सूचनाएं दी है। दिसंबर 2017 में अमेरिका ने रूस को सेंट पीटर्सबर्ग में संभावित आतंकी हमले की जानकारी दी थी। रूसी सुरक्षा एजेंसियों ने इस सूचना के आधार पर कार्रवाई की और हमले की साजिश को विफल किया। इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर अमेरिकी सहायता के लिए धन्यवाद दिया था। यह घटना बताती है कि गंभीर साझा खतरे के सामने कट्टर प्रतिद्वंद्वी भी खुफिया जानकारी साझा कर सकते हैं।


रैटक्लिफ की वर्तमान मॉस्को यात्रा को इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। यूक्रेन युद्ध ने अमेरिका और रूस को आमने-सामने खड़ा कर रखा है, लेकिन युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों ने दोनों के बीच संवाद की आवश्यकता भी पैदा की है। राष्ट्रपति ट्रंप के लिए यूक्रेन युद्ध का अंत उनकी विदेश नीति की एक बड़ी उपलब्धि हो सकता है, जबकि पुतिन ऐसी समाप्ति चाहते हैं जिसमें रूस की रणनीतिक और क्षेत्रीय स्थिति कमजोर न हो। दोनों के हित पूरी तरह समान नहीं हैं, लेकिन युद्ध समाप्त करने की आवश्यकता दोनों पक्षों को बातचीत की मेज तक ला सकती है। ऐसे संवेदनशील दौर में खुफिया चैनल औपचारिक कूटनीति से अधिक उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि उनके माध्यम से बिना सार्वजनिक दबाव के संभावित विकल्पों पर बातचीत की जा सकती है।

 

इस पूरे घटनाक्रम में ईरान भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, रूस और ईरान के रणनीतिक संबंध तथा पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते समीकरणों ने मॉस्को और वॉशिंगटन दोनों की चिंताएं बढ़ाई है। यदि अमेरिका ईरान में निर्णायक रणनीतिक सफलता चाहता है, तो उसे रूस की भूमिका और उसके प्रभाव को भी ध्यान में रखना होगा। इसी तरह रूस के लिए भी यूक्रेन के अलावा पश्चिम एशिया में बदलते शक्ति-संतुलन को समझना आवश्यक है। इस मुलाकात में ईरान में तख्तापलट या यूक्रेन में राष्ट्रपति जेलेंस्की की सत्ता से विदाई पर बातचीत की संभावना से इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि इस पर ट्रम्प और पुतिन का राजनीतिक भविष्य टिका हुआ है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति की वास्तविकता है कि बड़ी शक्तियां दूसरे देशों की राजनीतिक परिस्थितियों को अपने हितों के अनुरूप प्रभावित करने के विकल्पों पर विचार करती रहती है। सत्ता परिवर्तन, नेतृत्व परिवर्तन या राजनीतिक दबाव जैसी परिस्थितियां कई बार बड़े भू-राजनीतिक समीकरणों का हिस्सा बनती है। इसलिए रैटक्लिफ की यात्रा को सामान्य तो नहीं लिया जा सकता। 

 

इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा संदेश यही है कि ट्रंप और पुतिन के बीच सार्वजनिक राजनीति से अलग एक रणनीतिक संवाद की संभावना बनी हुई है। दोनों नेता अपने-अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और खुफिया एजेंसियां इसी रणनीतिक सोच का सबसे संवेदनशील हिस्सा होती है। वे मित्रता की रक्षा से अधिक अपने राष्ट्र के हितों की रक्षा करती है। आवश्यकता पड़ने पर प्रतिद्वंद्वी से बातचीत करना और अवसर मिलने पर सहयोगी से दूरी बनाना उनके लिए असामान्य नहीं है। इतिहास बताता है कि खुफिया एजेंसियों के बीच होने वाली बातचीत का वास्तविक महत्व अक्सर उसके तत्काल सार्वजनिक परिणामों से नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में दिखाई देने वाले घटनाक्रमों से समझ में आता है। अमेरिका और रूस भले ही आज भी प्रतिद्वंद्वी हों, लेकिन राष्ट्रीय हित उन्हें एक-दूसरे से बात करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों की यह खामोश कूटनीति आने वाले समय में यूक्रेन और ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक शक्ति-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

 

ईरान रूस का रणनीतिक साझेदार है, जबकि यूक्रेन अमेरिका और यूरोप की सुरक्षा-व्यवस्था का अहम मोर्चा। ऐसे में यदि दोनों देशों में सत्ता परिवर्तन होता है और नई सत्ताएं मॉस्को और वॉशिंगटन के अनुकूल बैठती है, तो यह पुतिन और ट्रंप दोनों के लिए असाधारण राजनीतिक जीत होगी। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महाशक्तियां अपने हितों के लिए दूसरे देशों की राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता परिवर्तन को प्रभावित करने से पीछे नहीं रही है। सत्ता परिवर्तन कई बार विचारधारा से नहीं, भू-राजनीतिक जरूरतों से संचालित होते हैं। ट्रंप और पुतिन भी शक्ति की इसी कठोर राजनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाते है।

Aja Ekadashi 2026 Date: भादों की पहली एकादशी होगी अजा एकादशी, इस दिन बन रहे दुर्लभ संयोग में पूजा और व्रत का मिलेगा राजसुख

Aja Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी कष्टों का निवारण होता है। ऐसा ही एक व्रत है अजा एकादशी का भी। यह व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। यह भादों माह की पहली एकादशी होती है। यह भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत है। सनातन धर्म में इस एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। आइए जानें इस साल ये व्रत कब किया जाएगा, किस दुर्लभ योग में पूजा और व्रत करने से मिलेगा राजसुख और इसका महत्व क्या है?

अजा एकादशी 2026 तारीख

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 सितंबर को शाम 07:29 बजे शुरू होगी और 7 सितंबर को शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर दिन सोमवार को रखा जाएगा। इस व्रत का पारण 8 सितंबर मंगलवार को सुबह में 6 बजकर 2 मिनट से सुबह 8 बजकर 33 मिनट के बीच कर सकते हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग में अजा एकादशी

इस बार की अजा एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग शाम को 06 बजकर 14 मिनट पर बनेगा और यह अगले दिन 8 सितंबर को सुबह 06 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। व्रत वाले दिन प्रात:काल से लेकर सुबह 06:41 ए एम तक व्यतीपात योग है, उसके बाद से वरीयान् योग बनेगा, जो 8 सितंबर को तड़के 03:38 ए एम तक है, फिर परिघ योग होगा।

अजा एकादशी 2026 मुहूर्त

यदि आपको अजा एकादशी का व्रत रखना है तो पूजा का मुहूर्त सुबह में 06:02 ए एम से 07:36 ए एम तक है, उसके बाद सुबह में 09:10 ए एम से 10:45 ए एम तक है। इस समय में आप भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं। उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:31 ए एम से 05:16 ए एम तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:54 ए एम से दोपहर 12:44 पी एम तक है।

अजा एकादशी महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने अपने खोए हुए राज्य, परिवार और सम्मान को वापस पाने के लिए महर्षि गौतम के सुझाव पर अजा एकादशी का व्रत किया था। इस व्रत के प्रभाव से उन्हें उनका सब कुछ पुनः प्राप्त हो गया था। माना जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से अजा एकादशी का व्रत रखता है और भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसके समस्त पाप और पूर्व जन्म के बुरे कर्म नष्ट हो जाते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि

  • एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु के ऋषिकेश स्वरूप की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, फल, धूप और दीप अर्पित करें।
  • अजा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में भगवान विष्णु की आरती करें।
  • इस दिन गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या तिल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण किया जाता है।

Rakhi Shubh Muhurat: सुबह का शुभ मुहूर्त चूक गए तो जानिए आज रक्षाबंधन पर कब-कब बांधी जा सकती है राखी और कब नहीं

Rakhi Shubh Muhurat: रक्षा बंधन का पर्व सावन माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। साल 2026 में 27 अगस्त को सुबह 9.08 बजे शुरू हुई पूर्णिमा तिथि आज यानी 28 अगस्त को सुबह 9.48 बजे तक ही व्याप्त थी। 27 अगस्त को सावन पूर्णिमा तिथि सूर्य व्यापिनी नहीं थी। साथ ही, पूर्णिमा तिथि लगने के साथ ही सुबह 9.08 बजे से भद्रा भी लग रही थी। भद्रा को हिंदू धर्म में सबसे अशुभ समय माना जाता है, जिसमें शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। रक्षा बंधन का पर्व भी भद्रा काल में करने की मनाही है।

वहीं, आज यानी 28 अगस्त को उदयातिथि में सावन पूर्णिमा होने और भद्रा रहित समय मिलने की वजह से रक्षा बंधन का पर्व आज मनाया जा रहा है। लेकिन पूर्णिमा तिथि सुबह जल्दी समाप्त होने के करण ऐसे बहुत से भाई-बहन हैं, जो इस समय में राखी नहीं बांध पाए होंगे। ऐसे में क्या अब वे अपना त्योहार नहीं मना पाएंगे? अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं, तो आज यानी 28 अगस्त को दिन के कुछ अन्य शुभ मुहूर्त हम आपको बता रहे हैं, जिसमें बहनें अपने भाइयों को बिना किसी दुविधा या संकोच के राखी बांध सकती हैं और धूमधाम से पर्व का आनंद ले सकती हैं।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

सावन माह की पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक थी। रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 6 बजकर 23 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से दोपहर 1 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।

राखी बांधने का मुहूर्त 28 अगस्त 2026

चल चौघड़िया : सुबह में 5 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 33 मिनट तक।

लाभ चौघड़िया : सुबह में 7 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक।

अमृत चौघड़िया : सुबह में 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।

शुभ चौघड़िया : दोपहर में 12 बजकर 22 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक।

आज इस समय भूलकर भी न बांधें राखी

ऊपर बताए गए मुहूर्त राखी बांधने के लिए शुभ रहेंगे। लेकिन, इस दौरान आपको कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना होगा। जैसे की राहुकाल और रोग चौघड़िया जैसे अशुभ मुहूर्त में राखी न बांधे। 28 अगस्त को राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक है। वहीं, इस दिन रोग चौघड़िया का समय दोपहर में 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक है। इसके अलावा उद्वेग चौघड़िया दोपहर में 3 बजकर 35 मिनट से 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।

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Hartalika Teej 2026: 13 या 14 सितंबर कब किया जाएगा हरतालिका तीज का व्रत? शिव को पति रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने किया था ये कठिन व्रत

Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का पर्व महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से यह व्रत करती हैं। हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला एक अत्यंत पवित्र और कठिन पर्व है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी सखी ने उनका अपहरण (हरत) करके उन्हें घने जंगल में छिपा दिया था, इसलिए इस पर्व को ‘हरतालिका’ (हरत + आलिका/सखी) कहा जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित कन्याएं मनचाहा और योग्य वर पाने के लिए यह पूजन करती हैं।

हरतालिका तीज व्रत 2026 तारीख

हरितालिका तीज का व्रत भादों शुक्ल पक्ष हस्त नक्षत्र युक्त तृतीया तिथि को होता है। इस बार हरितालिका तीज 14 सितंबर सोमवार के दिन है, जो कि प्रात:काल 7:14 तक है। विंध्यधाम के विद्यवान ज्योतिषाचार्य पं. अनुपम महराज ने लोकल 18 को बताया कि इस समय में माताएं एक बार शिव पूजन कर लें, फिर संपूर्ण दिन भगवान शिव का पूजन करें। हरितालिका तीज में माताएं मां पार्वती के समान निर्जला व्रत करती हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त

14 सितंबर 2026 को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 32 मिनट से 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। हरतालिका तीज की पूजा के लिए सुबह 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक का समय विशेष रूप से शुभ रहेगा।

सुबह पूजा न कर पाएं तो क्या करें?

अगर किसी कारणवश सुबह पूजा संभव न हो, तो शाम के प्रदोष काल में भी भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जा सकती है। 14 सितंबर को शाम 6 बजकर 28 मिनट से रात 8 बजकर 47 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान रेत या मिट्टी से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमा की पूजा करना शुभ माना जाता है।

हरतालिका तीज व्रत 2026 पारण विधि

हरतालिका तीज व्रत का पारण दूसरे दिन पारण किया जाता है। पारण के पहले ब्राह्मण को दान पुण्य करना चाहिए। इस बार हरतालिका तीज व्रत का पारण 15 सितंबर को होगा। 15 सितंबर को सुबह 5:54 से लेकर 6:40 के मध्य में यह पारण का उत्तम काल होगा।

हरतालिका तीज व्रत 2026 की पूजा विधि

निर्जला व्रत : यह एक अत्यंत कठिन व्रत है, जिसमें पूरे 24 घंटे तक अन्न और जल का त्याग (निर्जला उपवास) किया जाता है।

सोलह श्रृंगार : महिलाएं इस दिन नए वस्त्र, हरे-लाल रंग की साड़ी, मेहंदी और सोलह श्रृंगार धारण करती हैं।

मिट्टी की मूर्तियां : प्रदोष काल में बालू (रेत) या काली मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश जी की अस्थायी प्रतिमाएं बनाकर पूजा की जाती है।

सुहाग सामग्री अर्पण : माता पार्वती को सुहाग का सामान (सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, चुनरी आदि) अर्पित किया जाता है।

रात्रि जागरण और कथा : रात भर महिलाएं जागरण कर भजन-कीर्तन करती हैं तथा हरतालिका तीज की व्रत कथा सुनती हैं। अगले दिन सुबह पूजा-आरती के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।

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बिहार से गुजरात के लिए एक और ट्रेन, 26 अगस्त से दौड़ेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, जानिए इसका रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग

Ahmedabad-Bhagalpur Amrit Bharat Express: भारतीय रेलवे भागलपुर और अहमदाबाद के बीच एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने जा रहा है। इससे बिहार और गुजरात के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। ईस्टर्न रेलवे के मुताबिक, नई ट्रेन से यात्रियों की बढ़ती मांग पूरी होगी और देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।

ईस्टर्न रेलवे ने कहा, “भागलपुर को ‘भारत की सिल्क सिटी’ के नाम से जाना जाता है और यह बिहार का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। नई ट्रेन से भागलपुर की गुजरात के बड़े औद्योगिक और आर्थिक केंद्र अहमदाबाद से रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।”

बता दें कि भारतीय रेलवे ने मौजूदा 09447/09448 अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद क्लोन स्पेशल ट्रेन को अब नियमित ट्रेन के तौर पर चलाने का फैसला किया है। इसे 19423/19424 अहमदाबाद-भागलपुर-अहमदाबाद साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में चलाया जाएगा।

कल से शुरू होगी बिहार और अहमदाबाद के बीच ट्रेन

इसका परिचालन अहमदाबाद से 26 अगस्त, 2026 से प्रत्येक बुधवार को तथा भागलपुर से 28 अगस्त, 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को किया जायेगा।

इस गाड़ी में LSLRD के 2, पेट्रीकार का 1, जनरल सेकेंड क्लास के 11 तथा स्लीपर क्लास के 08 कोचों सहित कुल 22 कोच लगाये जायेंगे।

भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस: दूरी और सफर का समय

भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी यात्रा लगभग 36 घंटे 10 मिनट में तय करेगी। इसमें जनरल अनरिजर्व्ड और स्लीपर क्लास के डिब्बे होंगे। ट्रेन 110 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।

भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस: रूट, कितनी बार चलेगी और कहां रुकेगी?

भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस हफ्ते में एक दिन चलेगी। रास्ते में यह कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें आनंद, छायापुरी, गोधरा, दाहोद, रतलाम, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, बयाना, ईदगाह आगरा, टूंडला, गोविंदपुरी, सुबेदारगंज, पं. दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, किऊल, अभयपुर, जमालपुर और सुल्तानगंज शामिल हैं।

गाड़ी नंबर 19423 अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस का शेड्यूल

ट्रेन नंबर 19423 अहमदाबाद-भागलपुर वीकली अमृत भारत एक्सप्रेस 26 अगस्त, 2026 से हर बुधवार शाम 6:30 बजे अहमदाबाद से रवाना होगी और यह गुरूवार को 21.13 बजे डीडीयू, 22.30 बजे बक्सर, 23.15 बजे आरा, 23.50 बजे दानापुर, शुक्रवार को 00.43 बजे पटना स्टेशन, 01.25 बजे बख्तियारपुर, 02.08 बजे मोकामा, 03.30 बजे किउल, 04.01 बजे अभयपुर, 04.30 बजे जमालपुर, 05.13 बजे सुलतानगंज रूकते हुए 06.40 बजे भागलपुर पहुंचेगी।

गाड़ी नंबर 19424 भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस का शेड्यूल

वापसी की दिशा में, ट्रेन नंबर 19424 भागलपुर-अहमदाबाद वीकली अमृत भारत एक्सप्रेस 28 अगस्त, 2026 से हर शुक्रवार शाम 4:45 बजे भागलपुर से रवाना होगी और यह 17.03 बजे सुलतानगंज, 17.48 बजे 18.13 बजे अभयपुर, 19.15 बजे किउल, 19.56 बजे मोकामा, 20.30 बजे बख्तियारपुर, 21.58 बजे पटना स्टेशन 22.21 बजे दानापुर, 22.53 बजे आरा, 23.41 बजे बक्सर, शनिवार को 02.53 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रूकते हुए रविवार को 05.25 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी।

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बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो

बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो

shri banke bihari temple

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दान की रकम की कथित हेराफेरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो और मंदिर की आय-व्यय व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। ALSO READ: तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उत्पीड़न मामले में आत्मसमर्पण से छूट की याचिका खारिज

 

क्या है पूरा मामला? 

सुप्रीम कोर्ट ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की मैनेजमेंट कमेटी की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। मंदिर में कथित चंदा चोरी को लेकर सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने हाई पावर कमेटी की एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की। उन्होंने तस्वीरें पेश करते हुए कहा कि मामले बहुत गंभीर हैं और इसमें तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक वीडियो है। तीन लोग 'गोलक' (पारंपरिक दान पेटी) के सामने खड़े होकर भक्तों से पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें अपनी पॉलीथीन की थैलियों में डाल रहे हैं। ALSO READ: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के भंवर में खाकी, कटनी के बाद इंदौर में पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज

 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम निर्देश देते हैं कि दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही आना चाहिए। 'सेवायत' या किसी और की तरफ से इसमें कोई भी रुकावट डालने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। मैनेजमेंट कमेटी को मंदिर के खजाने के लिए एक पारदर्शी सिस्टम लागू करना चाहिए।

 

शीर्ष अदालत ने कहा कि सेवायतों या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से दान की इस व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा को 'बहुत गंभीरता से' लिया जाएगा। अदालत ने मंदिर की प्रबंधन समिति को दान की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक ऐसी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी को रोका जा सके।

 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मंदिर के पैसे से संपत्ति खरीदने के प्रस्तावों को लेन-देन पूरा होने से पहले अदालत के सामने रखा जाए।

Sawan Purnima 2026: जीवन में लाना चाहते हैं सुख-समृद्धि तो सावन के अंतिम दिन करें ये 7 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से नहीं होगी किसी चीज की कमी

Sawan Purnima 2026: सावन का महीना अब समापन की ओर बढ़ रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्तर भारत में मुख्य रूप से प्रचलित पूर्णिमान्त कैलेंडर में श्रावण मास का समापन श्रावण पूर्णिमा के दिन होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इसी दिन ब्राह्मण और द्विज समाज के लोग पुराना यज्ञोपवीत उतार कर नया धारण करते हैं। साथ ही, श्रावण पूर्णिमा को ‘विश्व संस्कृत दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।

सावन पूर्णिमा के दिन सिर्फ रक्षाबंधन का पर्व ही नहीं, गायत्री जयंती, वरलक्ष्मी व्रत और नारली पूर्णिमा भी मनाई जाती है। इस साल सावन का अंतिम दिन और भी खास है, क्योंकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण से इसका यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें, हर हिंदू माह में पूर्णिमा का दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी खास माना जाता है। सावन की पूर्णिमा पर भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन को जीवन में खुशहाली और सुख समृद्धि लाने के लिए बेहद अहम माना जाता है। अगर आप इस दिन कुछ खास उपाय करते हैं तो घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

कब है श्रावण पूर्णिमा 2026?

सावन महीना 28 अगस्त 2026 को खत्म हो रहा है। इस दिन श्रावण पूर्णिमा है, जो 27 अगस्त 2026 की सुबह 09:08 बजे से 28 अगस्त 2026 की सुबह 09:48 बजे तक रहेगी।

सावन पूर्णिमा के उपाय

  • श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा जरूर करें, उन्हें मखाने की खीर का भोग लगाएं। साथ ही कनकधारा स्तोत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। कहते हैं ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि के रास्ते खुलते हैं।
  • सावन के आखिरी दिन मां लक्ष्मी के चरणों में 5 साबुत पीली कौड़ियां और थोड़ा अक्षत अवश्य चढ़ाएं। पूजा के बाद इन कौड़ियों और चावल को एक लाल रेशमी कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। मान्यता है इस उपाय को करने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
  • सावन के अंतिम दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल भी जरूर चढ़ाएं। इसके बाद शिवजी को बेलपत्र और शमी के पत्ते चढ़ाएं। मान्यता है कि सावन के आखिरी दिन भक्तिभाव से यह उपाय करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
  • सावन के अंतिम दिन यानी श्रावण पूर्णिमा की रात में चंद्र देव की पूजा भी जरूर करें। रात में चांदी के पात्र में साफ जल, थोड़ा सा कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय चंद्र देव के मंत्र को 3 बार जरूर बोलें। मंत्र है ‘ॐ चंद्राय नमः’।
  • सावन के आखिरी दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। कहते हैं इससे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है।
  • सावन के अंतिम दिन किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को तिल, सफेद वस्त्र, चावल, दूध या भोजन का दान जरूर करें। कहते हैं इससे माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है।

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Rakshabandhan 2026: इस रक्षाबंधन पर एक नहीं बल्कि 7 शुभ योग बन रहे हैं, जानें रक्षाबंधन की तारीख और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

Rakshabandhan 2026: इस रक्षाबंधन पर एक नहीं बल्कि 7 शुभ योग बन रहे हैं, जानें रक्षाबंधन की तारीख और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

Rakshabandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस साल यह त्योहार खास तौर पर शुभ माना जा रहा है क्योंकि एक ही दिन सात अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं। ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा मेल होने की उम्मीद है, जिसका परिणाम बहुत शुभ होगा। इससे भी जरूरी बात यह है कि भद्रा त्योहार पर असर नहीं डालेगी, जिससे बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर पवित्र धागा बांधने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं

पंचांग के अनुसार, भद्रा गुरुवार, 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 9:27 बजे खत्म होगी। इसलिए, 28 अगस्त को भद्रा नहीं होगी, जिससे परिवार बिना इस रोक के रक्षाबंधन मना सकेंगे। भद्रा को राखी बांधने के लिए अशुभ समय माना जाता है। हालांकि, इस साल यह त्योहार से एक दिन पहले खत्म हो जाएगी।

रक्षाबंधन पर सात शुभ योग

रक्षाबंधन 2026 को खास बनाने के लिए कई अच्छे ज्योतिषीय संयोग बनने की उम्मीद है। इनमें शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग, त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ दूसरे शुभ ग्रहों की स्थिति शामिल है।

शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव में चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा। ज्योतिष में, यह नक्षत्र वरुण देव से जुड़ा है और राहु इसका स्वामी है। इस दौरान की जाने वाली पूजा, दान और दूसरे आध्यात्मिक कामों का खास महत्व माना जाता है।

कर्क राशि में बृहस्पति का होना भी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, भद्रा का न होना भी उन वजहों में गिना जा रहा है जो इस दिन को रक्षाबंधन की रस्में करने के लिए ज़्यादा सही बनाती हैं।

सावन पूर्णिमा तिथि कब से कब तक है?

पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह करीब 9:09 बजे शुरू होने और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:48 बजे खत्म होने की उम्मीद है। पूर्णिमा 28 अगस्त को सूर्योदय के समय रहेगी, इसलिए उदया तिथि की परंपरा के अनुसार उसी दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। पूर्णिमा का व्रत करने वाले श्रद्धालु 27 अगस्त को उपवास कर सकते हैं, जबकि बहनें 28 अगस्त को राखी बांध सकती हैं।

राखी बांधने का सबसे अच्छा समय

सुबह का मुहूर्त : सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक

शुभ चौघड़िया के आधार पर एक और शुभ समय इस समय रहने की उम्मीद है:

शुभ चौघड़िया : सुबह 11:45 बजे से दोपहर 1:19 बजे तक

राहु काल में राखी बांधने से बचें

राहु काल सुबह 10:11 बजे से 11:45 बजे तक रहने की उम्मीद है। ज्योतिष के हिसाब से समय मानने वाले परिवार इस दौरान राखी बांधने से बच सकते हैं।

पंचांग का समय शहर और कैलेंडर के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए परिवार यह रस्म करने से पहले लोकल मुहूर्त देख सकते हैं।

Shravan Putrada Ekadashi Vrat Katha: सावन की अंतिम एकादशी का व्रत आज, इस व्रत में जरूर सुनें महिष्मती पुरी के राजा महीजित की ये कथा