Surya Grahan 2026: साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण होगा इस दिन, जानें सूतक काल का समय और प्रभाव

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण एक सामान्य लेकिन दिलचस्प खगोलीय घटना है। निश्चित अंतराल पर जब भी धरती, चंद्रमा और सूर्य एक सीधी रेखा में आते हैं, तब सूर्य और चंद्र ग्रहण लगते हैं। ग्रहण विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों का आधार भी बनते हैं, तो तीनों खगोलीय पिंडों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने का मौका भी देते हैं। विज्ञान के साथ-साथ इसके गहरे धार्मिक और ज्योतिषीय प्रभाव माने जाते हैं।

हिंदू धर्म में ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियां प्रभावी रहती हैं, इसलिए इस समय कोई शुभ या मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। हर साल की तरह इस साल भी दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। इनमें से पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण फरवरी-मार्च में हो चुका है। इसके अब दूसरा और अंतिम सूर्य और चंद्र ग्रहण अगस्त के महीने में लगेगा। इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण हरियाली अमावस्या के दिन कर्क राशि में लगेगा।

अगस्त 2026 में दूसरा सूर्य ग्रहण

साल 2026 का दूसरा और आखिरी सू्र्य ग्रहण 12 अगस्त हरियाली अमावस्या के मौके पर लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल नहीं माना जाएगा। भारतीय समयानुसार, ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे समाप्त होगा।

कर्क राशि वाले रहें सतर्क

यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लगने जा रहा है। इसलिए इस राशि पर इसका सबसे ज्यादा फर्क पड़ेगा। इस राशि के जातकों को सेहत, मानसिक तनाव और धन से जुड़ी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव कर्क राशि पर 12 अगस्त से 15 दिन पहले और 15 दिन बाद तक बना रहेगा। सभी 12 राशियों पर इसका कुछ न कुछ प्रभाव जरूर पड़ेगा।

किन-किन देशों में दिखाई देगा ग्रहण?

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण अटलांटिक महासागर, आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी स्पेन में देखा जाएगा। साथ ही फ्रांस, ब्रिटेन, इटली सहित यूरोप के कई देशों में भी यह आंशिक रूप से नजर आने वाला है।

ग्रहण काल में अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय?

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

ग्रहण काल के बाद पूजा-पाठ और इच्छा के अनुसार दान करना चाहिए।

ग्रहण काल के बाद नहाना चाहिए और शिवलिंग पर जला अर्पित करना चाहिए।

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मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़ की दान चोरी! जांच के लिए सरकार के पास पहुंची मंदिर ट्रस्ट

मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर मंदिर के दान-पात्रों से कथित नकदी चोरी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि इस मामले से मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। 21 अप्रैल 2026 को लिखे गए इस पत्र में मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने कहा है कि कैश चोरी के आरोप में कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद मंदिर के दान-पात्रों में हर सप्ताह जमा होने वाली रकम में अचानक बड़ी बढ़ोतरी हुई। उनका कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से दान की रकम में गड़बड़ी की जा रही थी।

जांच के दिए  गए आदेश

ट्रस्टियों ने यह भी मांग की है कि इस मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। उनका कहना है कि उन्हें यह मानने के ठोस कारण हैं कि यह मामला केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता। वहीं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात के बाद सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन ने कहा कि, जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दान की ऑडिट की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर ट्रस्ट ने सरकार ने मांग

पत्र में ट्रस्टियों ने कहा है कि आरोपी कर्मचारियों की गिरफ्तारी से पहले मंदिर के दान-पात्रों से हर सप्ताह 50 लाख रुपये से भी कम दान मिलता था। लेकिन कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद लगातार तीन हफ्तों तक हर बुधवार को दान की राशि बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये पहुंच गई। ट्रस्ट के लोगों का आरोप है कि इससे यह संकेत मिलता है कि दान-पात्रों में जमा होने वाली रकम का बड़ा हिस्सा गिनती से पहले ही निकाल लिया जाता था। उनका कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका होने की भी आशंका है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जानी चाहिए।

ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूरे मामले की उच्च स्तरीय सरकारी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में मंदिर प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जानी चाहिए। अतुल लोधे, भास्कर राउत, महेश मुरलीधर, जितेंद्र राउत, मीना कांबले, मंगला तुपे, गोपाल दलवी और सुदर्शन सांगले के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में कहा गया है कि पिछले करीब डेढ़ साल में ट्रस्ट बोर्ड ने कई प्रशासनिक सुधार किए हैं। इन कदमों की वजह से मंदिर की आय में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

राज ठाकरे ने उठाया मुद्दा

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने शनिवार को पार्टी की छात्र शाखा के एक कार्यक्रम में ट्रस्टियों के पत्र के कुछ हिस्से पढ़कर सुनाए। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की दान राशि की कथित हेराफेरी हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में भी 1,400 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए। राज ठाकरे ने कहा, “कई निराश और परेशान लोग आस्था के साथ मंदिरों में जाते हैं, लेकिन अगर मंदिरों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगें, तो यह बेहद गंभीर बात है।”

अबतक 9 लोगों की हुई गिरफ्तारी

सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी के मामले में अब तक नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बात की पुष्टि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने की है। सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि जहां-जहां जरूरत थी, वहां मामले दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दान की कथित हेराफेरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

मालिक को बचाने के लिए खतरनाक कोबरा से भिड़ गया टॉमी, जान देकर निभाई वफादारी, देखें VIDEO

वफादारी की मिसाल अक्सर कुत्तों से दी जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के बलिया से सामने आई एक घटना ने इस कहावत को सच साबित कर दिया। यहां एक पालतू लैब्राडोर कुत्ते 'टॉमी' ने अपने मालिक के परिवार को जहरीले कोबरा से बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। करीब एक घंटे तक चली इस खतरनाक लड़ाई में टॉमी ने कोबरा को तो मार गिराया, लेकिन खुद भी जहर के असर से जिंदगी की जंग हार गया।

 

रात 2 बजे घर के बाहर दिखा कोबरा

 

यह घटना बेल्थरा रोड क्षेत्र के उभांव गांव की है। ईंट भट्ठा व्यवसायी दानिश अपने परिवार के साथ यहां रहते हैं। रविवार देर रात करीब दो बजे एक जहरीला कोबरा उनके घर की ओर बढ़ रहा था। सबसे पहले परिवार के नौ साल पुराने पालतू लैब्राडोर टॉमी की नजर उस पर पड़ी।

 

टॉमी ने लगातार भौंककर परिवार को खतरे का एहसास कराया। इससे पहले कि सांप घर के अंदर पहुंचता, वह बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे कोबरा से भिड़ गया।

 

एक घंटे तक चली जिंदगी और मौत की लड़ाई

 

परिवार के मुताबिक, टॉमी और कोबरा के बीच करीब एक घंटे तक जबरदस्त संघर्ष हुआ। इस दौरान कोबरा ने कई बार टॉमी को डसा, लेकिन उसने सांप को छोड़ने से इनकार कर दिया। आखिरकार टॉमी ने कोबरा को मार गिराया और परिवार को संभावित बड़े हादसे से बचा लिया।

 

हालांकि, इस बहादुरी की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। सांप के जहर का असर धीरे-धीरे उसके शरीर में फैलता गया और करीब आधे घंटे बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर भी उसे नहीं बचा सके।


परिवार के लिए सिर्फ पालतू नहीं, सदस्य था टॉमी

 

परिजनों का कहना है कि टॉमी पिछले नौ वर्षों से उनके परिवार का हिस्सा था। उसने हमेशा घर की रखवाली की और हर मुश्किल में परिवार के साथ खड़ा रहा। उनका मानना है कि अगर उस रात टॉमी कोबरा से नहीं भिड़ता, तो सांप घर के अंदर घुसकर किसी भी सदस्य को नुकसान पहुंचा सकता था।

 

नम आंखों से दी अंतिम विदाई

 

सोमवार को परिवार ने अपने सबसे वफादार साथी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। टॉमी को दफनाते समय घर का हर सदस्य भावुक हो उठा। गांव के कई लोग भी इस बहादुर कुत्ते को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

 

टॉमी अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, वफादारी और अपने परिवार के लिए दिया गया बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उसकी कहानी यह याद दिलाती है कि सच्चा प्यार और निस्वार्थ रक्षा केवल इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान भी निभाना जानते हैं।

‘राम मंदिर में चंदा चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं’; पप्पू यादव और राहुल गांधी से SP ने बनाई दूरी! राम गोपाल यादव भड़के

Pappu Yadav News: संसद परिसर में बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनकर राम मंदिर चंदा चोरी का नुक्कड़ नाटक करने पर समाजवादी पार्टी (SP) के सीनियर नेता राम गोपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस नाटक को गलत ठहराते हुए कहा कि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। सपा सांसद ने कहा कि पप्पू यादव ने गलत किया। उन्हें संसद परिसर में ऐसा नहीं करना चाहिए था। यादव ने कहा कि संतों का चंदा चोरी से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के कई सांसद भी पप्पू यादव के साथ नाटक कर रहे थे।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा भगवा कपड़े पहनकर नुक्कड़ नाटक पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “वो गलत था क्योंकि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। वो गलत चीज थी, ऐसा नहीं होना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “हम राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सदन में उठाएंगे। ये गंभीर मामला है।”

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भगवा कपड़े पहनकर संसद परिसर में मकर द्वार के सामने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नाटक किया था। यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में किया गया था। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस और सपा के विभिन्न सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि यादव ने राम मंदिर में हुई चोरी को दिखाने के लिए कथित रूप से पैसे अपनी जेब में रख लिए।

BJP ने विपक्ष से की माफी की मांग

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संसद परिसर में नाटक करके हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई। भगवा पार्टी ने कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यादव ने हालांकि कहा कि वह सनातन की रक्षा के लिए विरोध कर रहे हैं। कितनी भी FIR दर्ज हो जाएं। लेकिन वह नहीं झुकेंगे।

BJP नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की तरफ ध्यान खींचने के लिए संसद परिसर में नाटक करने को लेकर पप्पू यादव, राहुल गांधी और अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ शनिवार को वाराणसी में शिकायत दर्ज करवाई। जबकि राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस को तहरीर दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी गांधी और यादव पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के जरिए सनातन धर्म का अपमान किया।

आखिर क्या हुआ था जिस पर मचा है बवाल?

दरअसल, भगवा कपड़े पहने पप्पू यादव ने शुक्रवार को संसद परिसर में ‘मकर द्वार’ के सामने विपक्ष के दूसरे सांसदों के साथ यह राम मंदिर चढ़ावा चोरी का नाटक किया। इस दौरान राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को दिखाने के लिए अपनी जेब में पैसे डाले। BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध से लाखों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह सिर्फ राजनीतिक विरोध का काम नहीं था। बल्कि एक सोचा-समझा अपराध था।

चुघ ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “राहुल गांधी और इस काम में शामिल हर किसी को, चाहें वह समाजवादी पार्टी से हो या किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी से, पूरे देश और दुनिया भर के हिंदुओं से सबके सामने माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया था। राम मंदिर के निर्माण का बहिष्कार किया था, वे अब मंदिर से जुड़े प्रतीकों का मजाक उड़ा रहे हैं।

VHP नेता सुरेंदर गुप्ता ने भी गांधी और यादव की आलोचना की। इस विरोध को अश्लील प्रदर्शन बताया, जो सनातन धर्म और संतों का अपमान करता है। गुप्ता ने पीटीआई से बातचीत में कहा, “‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी में संसद के बाहर ऐसा अश्लील प्रदर्शन किया गया। जिस तरह से दो ‘पप्पुओं’ ने सनातन और संतों का अपमान किया। उससे संतों के साथ-साथ हिंदू समुदाय में भी बहुत गुस्सा है।”

पप्पू यादव की सफाई

इस बीच, पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने न तो किसी संत को गाली दी और न ही उनका अपमान किया। यादव ने पीटीआई से कहा, “मैंने किसी को गाली नहीं दी। मैंने किसी संत का नाम नहीं लिया और न ही उनका अपमान किया। सनातन और इस देश के सौ करोड़ लोगों की आस्था की रक्षा के लिए हम एक लाख बार कुर्बानी देने को तैयार हैं। आप हमारे खिलाफ जितने चाहें मुकदमे कर लें और जितना चाहें हमला कर लें।” यादव बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं।

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Independence Day: 79वां या 80वां? 15 अगस्त 2026 पर कौन-सा स्वतंत्रता दिवस मना रहा है भारत, यहां जानें सही जवाब

Independence Day: 15 अगस्त का नाम आते ही पूरे देश में देशभक्ति का माहौल बन जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा लहराता है, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं और लोग आजादी के जश्न में शामिल होते हैं। हर साल की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन 2026 में एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इस साल भारत 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है या 80वां।

सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अलग-अलग दावे और चर्चाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। दरअसल, इस सवाल का जवाब गिनती के एक छोटे-से अंतर में छिपा है, जिसे समझने के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर सही जवाब क्या है और इसके पीछे की वजह क्या है।

79 साल पूरे… लेकिन जश्न 80वें का

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। अगर सिर्फ आजादी के पूरे हुए वर्षों की बात करें तो 2026 में देश 79 साल पूरे कर लेगा। लेकिन स्वतंत्रता दिवस की गिनती अलग तरीके से होती है। क्योंकि 15 अगस्त 1947 को मनाया गया पहला स्वतंत्रता दिवस भी इस गिनती में शामिल होता है। यही वजह है कि 2026 का आयोजन 80वें स्वतंत्रता दिवस के रूप में जाना जाएगा।

यहीं होती है सबसे बड़ी गलतफहमी

कई लोग आजादी के पूरे हुए वर्षों और स्वतंत्रता दिवस समारोह की संख्या को एक ही मान लेते हैं। जबकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं। एक में पूरे हुए साल गिने जाते हैं और दूसरे में हर साल मनाए गए समारोह।

15 अगस्त क्यों है इतना खास?

15 अगस्त सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के इतिहास का वह दिन है जब देश ने विदेशी शासन से आजादी हासिल की। यह दिन उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत का सपना साकार किया।

कैसे मनाया जाता है यह राष्ट्रीय पर्व?

हर साल देशभर में तिरंगा फहराया जाता है, राष्ट्रगान गाया जाता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। नई दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं, जबकि स्कूलों और कॉलेजों में भाषण, निबंध, देशभक्ति गीत और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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‘सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल ₹18 करोड़ की चोरी’; राज ठाकरे का सनसनीखेज आरोप

Siddhivinayak Temple donations theft: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का सनसनीखेज दावा किया है। MNS प्रमुख ने शनिवार 1 अगस्त को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं। लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक लेटर पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया।

‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी’

ठाकरे ने कहा कि इस चोरी के पकड़े जाने से पहले मंदिर में दान से होने वाली साप्ताहिक आय 50 लाख रुपये से भी कम थी। लेकिन इसके बाद दान की राशि बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ठाकरे ने दावा किया, “हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की गई है।”

9 कर्मचारी गिरफ्तार

इस बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जहां भी आवश्यक था, हमने मामले दर्ज कर दिए हैं।” सरवणकर ने कहा कि दान में वृद्धि न्यास द्वारा किए गए प्रयासों के कारण हुई।

‘आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं’

अपनी पार्टी के छात्र विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ठाकरे ने कहा, “आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।” राज ठाकरे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर बात करें। उन्होंने यह भी कहा, “निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं।”

सिद्धिविनायक मंदिर का ज़िक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया था। आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए एक पत्र को पढ़कर उन्होंने बताया कि चोरी का पता चलने से पहले मंदिर की साप्ताहिक दान आय 50 लाख रुपये से कम थी। बाद में यह बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई।

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ठाकरे ने यह दावा अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चारी केारोपों के बाद आया है। अयोध्या में पुलिस ने राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभी जांच चल रही है। मुंबई में दिए गए इन बयानों ने मंदिर के दान को लेकर ठाकरे के आरोपों, सिद्धिविनायक मामले में की गई कार्रवाई और प्रधानमंत्री से जवाब की उनकी मांग पर ध्यान केंद्रित किया है।

Iran-US War Update: ईरान को धमकाते हुए क्यों पीछे हटे ट्रंप? फिलहाल ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, सैन्य कार्रवाई रोकी

Iran-US War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान और मध्य पूर्व के कुछ अन्य देशों ने संभावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। इसके बाद उन्होंने वैश्विक हित को ध्यान में रखते हुए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान पर तय सैन्य हमला इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि तेहरान और मध्य पूर्व के दूसरे देशों ने एक प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और समय मांगा था।

इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने लिखा कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, जिसकी ताकत और क्षमता द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखी गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि बातचीत में प्रगति होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हमले को फिलहाल रद्द करने का निर्णय लिया।

ट्रंप के मुताबिक, ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तत्काल, पूरी तरह और बिना किसी बाधा के खोलना तथा ईरानी परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समझौता हो जाता है तो यह पूरी दुनिया और ईरान दोनों के लिए फायदेमंद होगा।

इजरायल ने अमेरिका का किया सपोर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि इजरायल ने भी वार्ता जारी रहने तक सैन्य कार्रवाई टालने के फैसले में अमेरिका का साथ दिया है। उन्होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द समझौता पूरा करने की अपील की। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका, इजरायल या क्षेत्र का कोई अन्य देश ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई करता है, तो तेहरान उसका निर्णायक जवाब देगा।

अराघची ने यह बात तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ अलग-अलग बातचीत के दौरान कही। तुर्किये के विदेश मंत्री ने भी पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच जारी वार्ता की ताजा स्थिति पर चर्चा हुई।

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हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान या अन्य संबंधित देशों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए संभावित समझौते और हमले को टालने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बातचीत जारी रहने के दौरान सैन्य कार्रवाई में देरी करने में इजरायल भी अमेरिका के साथ शामिल हो गया है।

Vish Yog 2026: 3 राशियों के लिए भारी होगा अगस्त का महीना, चंद्रमा करेगा खतरनाक ग्रहण और विष योग का निर्माण

Vish Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति में बदलाव सामान्य घटना है। लेकिन इसका प्रभाव काफी गहरा होता है और सभी 12 राशियों पर पड़ता है। ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही किसी खास स्थिति में उनकी युति भी अच्छे-बुरे प्रभाव का कारण बनती है। ऐसा ही एक संयोग सावन माह में देखने को मिलेगा, जब चंद्रमा कुछ खतरनाक ग्रहों के संयोग में ग्रहण और विष योग का निर्माण करेंगे। ग्रहों की यह हलचल अगस्त माह के पहले हफ्ते में देखने को मिलेगी। इनमें से तीन ऐसी राशियां हैं, जिन्हें इस पूरे महीने बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

क्या है विष और ग्रहण योग?

ज्योतिष शास्त्र में जब चंद्रमा की युति जब शनि जैसे क्रूर ग्रह बनती है, तब विष योग का निर्माण होता है। इस योग को मानसिक अशांति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और कार्यों में बाधा डालने वाला माना जाता है। इसके अलावा, जब चंद्रमा राहु या केतु के प्रभाव में आते हैं तब ग्रहण योग बनता है। इससे जातकों की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। अगस्त के महीने में बनने वाली इन स्थितियों के कारण तनाव, आर्थिक हानि और बनते हुए कामों में रुकावट आने की आशंका बढ़ जाती है।

इन 3 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क

मिथुन राशि : इस राशि के जातकों के लिए अगस्त का महीना मानसिक उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। चंद्रमा की स्थिति के कारण अनावश्यक गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। कारोबार में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पेट या सिरदर्द से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों को इस महीने बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विष योग और ग्रहण के प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आपके बनते हुए काम में रुकावट आ सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

इन उपायों से मिलेगी राहत

चंद्रमा और मानसिक शांति के लिए भगवान शिव की आराधना सबसे उत्तम मानी जाती है। रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

यदि विष योग का ज्यादा प्रभाव महसूस हो, तो शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काला कपड़ा, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें।

इस अवधि में कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय जल्दबाजी में न करें। घर के बुजुर्गों की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।

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Kamika Ekadashi 2026 Date: द्विपुष्कर योग में मनाई जाएगी सावन की पहली एकादशी, जानें तारीख, विष्णु पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय

Kamika Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग माना जाता है। हिंदू कैलेंडर हर माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाता है। कामिका एकादशी व्रत भी इनमें से एक है। कामिका एकादशी का व्रत सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल कामिका एकादशी व्रत में द्विपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। माना जाता है कि इस योग में श्रद्धापूर्वक श्रीहरि की पूजा करने से दोगुने पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन, चातुर्मास का पहला महीना होने के कारण इसमें भगवान विष्णु की आराधना और तुलसी दल अर्पित करने का विशेष फल प्राप्त होता है।

कामिका एकादशी 2026 तारीख

सावन कृष्ण पक्ष एकादशी की तारीख 8 अगस्त 2026, दोपहर 01:59 बजे से लग रही है। इस तिथि का समापन 9 अगस्त 2026, सुबह 11:04 बजे। उदयातिथि के आधार पर कामिका एकादशी का व्रत रविवार, 9 अगस्त 2026 को किया जाएगा।

कामिका एकादशी 2026 मुहूर्त

कामिका एकादशी के दिन पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 07:27 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल 04:22 बजे से लेकर प्रात:काल 05:04 बजे तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक है। उस दिन शुभ-उत्तम मुहूर्त दोपहर 02:06 बजे से लेकर दोपहर 03:46 बजे तक है।

द्विपुष्कर योग में कामिका एकादशी व्रत

इस साल कामिका एकादशी के दिन द्विपुष्कर योग दिन में 11 बजकर 04 मिनट पर बनेगा और यह दोपहर में 02 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। द्विपुष्कर योग में आप जो भी दान, पुण्य, पूजा, पाठ आदि कर्म करते हैं, उसका दोगुना फल प्राप्त होता है।

इसके अलावा उस दिन हर्षण योग प्रात:काल से लेकर 10 अगस्त को मध्यरात्रि 2:04 बजे तक रहेगा, उसके बाद वज्र योग होगा। व्रत के दिन मृगशिरा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 02 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से आर्द्रा नक्षत्र है।

कामिका एकादशी व्रत पारण समय

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है।

पारण की तारीख : सोमवार, 10 अगस्त 2026

पारण का शुभ समय : सुबह 05:47 बजे से सुबह 08:00 बजे तक

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संसद में राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे राहुल गांधी और पप्पू यादव, वाराणसी में FIR

वाराणसी में संत समाज की शिकायत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला संसद के बाहर राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी टिप्पणियों के संबंध में दर्ज किया गया है। संत समाज का आरोप है कि संसद में इस मुद्दे को जिस तरह उठाया गया, उससे सनातन धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि धर्म का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे 

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि कोतवाली थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन वीडियो में पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आ रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता सनातन धर्म का अपमान बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वाराणसी में FIR

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था।

विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए। इस दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मंदिर के पुजारी का रूप धारण कर चढ़ावा इकट्ठा करने का प्रदर्शन किया।