Gold पहुंचा ₹1.60 लाख के पर, चांदी भी ₹2.50 लाख के करीब, क्या अब निवेश करने का समय आ गया है?

गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में 21 अगस्त को जोरदार तेजी दिखी। विदेश में सोने और चांदी में जबर्दस्त तेजी का असर भारत में गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर पड़ा। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स दोपहर बाद 1,771 रुपये चढ़कर 1,61,196 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सिल्वर फ्यूचर्स भी 3,128 रुपये की तेजी के साथ 2,46,371 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4600 डॉलर के करीब

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1.73 फीसदी चढ़कर 4,594 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 2.34 फीसदी के उछाल के साथ 69.67 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है। यह सोने में तेजी का लगातार तीसरा हफ्ता है। इस तेजी ने सोने के निवेशकों की चिंता दूर कर दी है।

जनवरी में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं

इस साल जनवरी में सोने का भाव ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। हालांकि, 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचने के बाद सोने में तेज गिरावट आई थी। सिल्वर भी 4.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पर पहुंच गया था। इसके बाद चांदी में भी तेज गिरावट आई थी। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

इन वजहों से दिख रही सोने और चांदी में फिर से तेजी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड और सिल्वर में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। हालांकि, क्रूड की कीमतें अब भी 93 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। महंगाई को रोकने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं, जिसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: Gold Price : इस हफ्ते 5% उछला सोना, जानिए क्या है इसकी वजह और क्या अभी भी हैं इसमें निवेश के मौके

क्या यह निवेश करने का सही समय है?

निवेशक सोने में हर गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा लेवल पर एकमुश्त खरीदारी करने से बचना ठीक रहेगा। जो लोग पहले से सिप के जरिए गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं, उन्हें अपना सिप जारी रखने की सलाह है। क्रूड की कीमतें जब तक नीचे नहीं आ जाती हैं, सोने में तेजी जारी रहने की उम्मीद कम है। हालांकि, मौजूदा लेवल से कीमतें ज्यादा नीचे जाने की उम्मीद नहीं है। नए निवेशक गोल्ड ईटीएफ में थोड़ा-थोड़ा निवेश शुरू कर सकते हैं।

Stock Market Updates: सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट, फिर भी निवेशकों ने गंवाए ₹96547 करोड़

शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त को फ्लैट कारोबार किया। सेंसेक्स 3.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 रुपये पर और निफ्टी 20.1 अंकों की बढ़त के साथ 24,252 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 96547 करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 77,725.67 का हाई और 77,445.86 का लो देखा। निफ्टी 50 दिन में 24,284.05 के हाई और 24,206.80 के लो तक गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

गुरुवार, 20 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,71,879.619 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,91,75,332.89 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 96,546.729 करोड़ रुपये की कमी।

निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड टॉप गेनर रहे। वहीं मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, HCL टेक्नोलॉजीस, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,537.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7 दिन की गिरावट से उबरते हुए 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.83 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा।

Waterways Leisure Tourism Stock Split: 10 टुकड़ों में टूटेगा यह शेयर, एक सप्ताह में 16% चढ़ा; रिकॉर्ड डेट 25 अगस्त

रुपये में तेजी

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 95.71 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चुनौती के चलते कमजोर डॉलर का असर कम रहा। रुपया गुरुवार को 1 पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में तेजी है। हेंग सेंग, कॉस्पी, ताइवान वेटेड अच्छी बढ़त में हैं। SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में हैं। वहीं निक्केई 225 में गिरावट है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RBI के अनुमान को भी पीछे छोड़ सकती है भारत की GDP ग्रोथ, डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने दिए ये बड़े संकेत

आरबीआई की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि मार्च में खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर में भारत की ग्रोथ रेट 7% के करीब रह सकती है,जो सेंट्रल बैंक के 6.7% के अनुमान से बेहतर है। इस रफ्तार के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा। फाइनेंशियल एक्सप्रेस में आई अखबार के आधार पर ब्लूमबर्ग ने बताया कि चेन्नई में मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में एक कार्यक्रम में बोलते हुए पूनम गुप्ता ने कहा कि उनका यह अनुमान अप्रैल-जून तिमाही के मजबूत रहने की उम्मीदों पर आधारित है। इस अवधि के आधिकारिक आंकड़े इस महीने के आखिर में आने वाले हैं। अर्थशास्त्रियों का अनुमान आम तौर पर 6.9% से 8% के बीच है। इसका मतलब है कि पूरे साल की ग्रोथ रेट काफी ज़्यादा,यानी 7% के करीब रह सकती है।

तमाम चुनौतियों के बावजूद कायम रही रफ्तार

इकोनॉमी की तेज रफ्तार से पता चलता है कि कमजोर मॉनसून और एनर्जी की बढ़ी लागत जैसे झटकों के बावजूद अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है। इससे यह भी पता चलता है कि गुप्ता का रुख हाल ही में काफी सख्त क्यों हो गया है। इस हफ्ते जारी RBI की अगस्त पॉलिसी मीटिंग के मिनट्स से पता चला कि गुप्ता ने इस साल के आखिर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना जताई थी।

पूनम गुप्ता ने कहा “इन झटकों के बावजूद,आगे के लिए मैं कहूंगी कि 7.5% ग्रोथ तो तय है और हमें इससे बेहतर करने की कोशिश करनी चाहिए।”

बाहरी खातों को लेकर भी जताया भरोसा 

पूनम गुप्ता ने भारत के बाहरी खातों (external accounts) को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि आगे स्थिति काफी बेहतर होगी। अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि पहले घाटे के अनुमान के बावजूद,इस फाइनेंशियल ईयर में देश का बैलेंस ऑफ पेमेंट पॉजिटिव हो जाएगा। इसकी मुख्य वजह विदेशी मुद्रा में गिरावट को रोकने के उपायों के बाद 80 अरब डॉलर तक विदेशी फंड आने की उम्मीद है। इन उपायों में विदेशी मुद्रा डिपॉजिट को आकर्षित करने के लिए खास इंसेंटिव भी शामिल हैं।

भारत को एक विकसित देश बनाने के लिए 8% से ज्यादा की ग्रोथ रेट की जरूरत 

पूनम गुप्ता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय अधिकारी देश की अर्थव्यवस्था को लेकर ज्यादा उम्मीदें जता रहे हैं,क्योंकि ईरान युद्ध के चलते जितने बुरे हालात का डर था,वे सच साबित नहीं हुए। मजबूत ग्रोथ को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के अपने लक्ष्य को फिर से दोहराया। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें कम से कम दो दशकों तक लगातार 8% से ज्यादा की ग्रोथ रेट की जरूरत हो सकती है।

 

 

Monetary Policy : अगर महंगाई ऊंचे स्तर पर रही तो RBI ब्याज दरों में कर सकता है बढ़ोतरी – MPC मेंबर

Sugar Stocks Crash: ड्यूटी-फ्री चीनी इंपोर्ट की इजाजत से शुगर कंपनियों के शेयर धड़ाम, बलरामपुर चीनी सबसे ज्यादा गिरा

Sugar Stocks Crash: चीनी बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को बड़ी गिरावट दिखी। इसकी वजह सरकार का एक फैसला है। सरकार ने 10 लाख टन रॉ शुगर आयात करने की इजाजत दे दी है। इस पर इंपोर्टर्स को कोई ड्यूटी नहीं चुकानी होगी। सरकार ने देश में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। बीते कुछ महीनों में चीनी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।

रॉ शुगर के इंपोर्ट से देश में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी

सरकार का मानना है कि रॉ शुगर के इंपोर्ट से देश में चीनी की सप्लाई बढ़ेगी। इससे त्योहारों के सीजन में चीनी की कीमतें कंट्रोल में रहेंगी। देश में अक्तूबर से त्योहारों का मौसम शुरू होता है। 20 अगस्त को सरकार ने चीनी की जमाखारी पर अंकुश लगाने के लिए डीलर्स के लिए नई स्टॉक लिमिट तय करने का आदेश दिया था।

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट 

21 अगस्त को सबसे ज्यादा गिरावट Balrampur Chini Mills के शेयरों में दिखी। 11 बजे यह शेयर 4.56 फीसदी गिरकर 732 रुपये पर चल रहा था। Shri Renuka Sugars 4.13 फीसदी की कमजोरी के साथ 25 रुपये पर चल रहा था। बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर 3.26 फीसदी की कमजोरी के साथ 22 रुपये पर च लरहा था। Bannari Amman Sugars का शेयर 4.46 फीसदी गिरकर 4,051 रुपये पर चल रहा था। चीनी बनाने वाली बाकी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला।

एक दशक में पहली बार रॉ शुगर इंपोर्ट को इजाजत

सरकार ने बीते एक दशक में पहली बार रॉ शुगर के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की इजाजत दी है। अनुमान है कि इसका असर देश में चीनी बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा। दरअसल, बीते दो महीनों में चीनी की कीमतों में 40 फीसदी उछाल आया है। इसकी वजह देश में चीनी का कम उत्पादन है। अगर देश में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के उपाय नहीं किए जाते हैं तो त्योहारों के दौरान कीमतें आसमान में पहुंच सकती हैं।

यह भी पढ़ें: मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर के पार, भारत के इंपोर्ट बिल में आ सकता है बड़ा उछाल

लगातार दो सत्रों में शुगर स्टॉक्स में आई थी जोरदार तेजी

इससे पहले दो सत्रों में चीनी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह कम सप्लाई और चीनी की ऊंची कीमतें थीं। माना जा रहा था कि इससे चीनी कंपनियों के रेवेन्यू पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। 20 अगस्त को बलरामपुर चीना मिल्स का शेयर 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। द्वारिकेशन शुगर इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 14 फीसदी तेजी आई थी। बाकी चीनी कंपनियों के शेयर भी 7-10 फीसदी चढ़े थे। 21 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में चल रहे थे।

LPG Rate 21 August 2026: आपके शहर में कितने का मिल रहा LPG सिलेंडर? यहां देखें 14.2 और 19 किलो गैस के ताजा रेट

LPG price Today: सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। दाम पहले की तरह स्थिर बने हुए हैं। आज घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर 942 रुपए में मिल रहा है।

फिलहाल, अगर आप गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं तो सबसे पहले आपको अपने शहर का रेट जानना जरूरी है। क्योंकि टैक्स और परिवहन शुल्क की वजह से अलग- अलग शहरों में दाम थोड़े अलग- अलग हो सकते हैं।

बता दें कि हर महीने की पहली तारीख को देश की सरकारी तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडरों के नए रेट जारी करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये को ध्यान में रखते हुए यह समीक्षा की जाती है। इस महीने भी जैसे ही कंपनियों ने दरें अपडेट कीं, घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं की निगाहें अपने शहर के नए रेट पर टिक गईं।

चेक करें शहरवार LPG रेट

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

घर बैठे चेक करें LPG सिलेंडर के ताजा रेट

अगर आप Indane Gas इस्तेमाल करते हैं, तो अपने इलाके में सिलेंडर की ताजा कीमत जानने के लिए इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर जाकर राज्य और जिले का चयन कर सकते हैं। वहीं, Bharat Gas के ग्राहक ebharatgas.com पर ‘क्विक बुक एंड पे’ सेक्शन में जाकर मौजूदा LPG रेट चेक कर सकते हैं।

इसके अलावा, HP Pay मोबाइल ऐप पर भी गैस सिलेंडर की कीमत देखी जा सकती है। सरकार के UMANG ऐप के जरिए ग्राहक LPG रिफिल बुक करने के साथ-साथ सिलेंडर की मौजूदा कीमत को भी आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news :अमेरिका और एशिया से खराब संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में मजबूती है। यह करीब 70 अंक ऊपर दिख रहा है। इधर FIIs की कैश में हल्की बिकवाली देखने को मिली है लेकिन वायदा में खरीदारी हुई है। हालांकि FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट दो लाख 12 हजार के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

20 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी देखने को मिली। US ट्रेज़री यील्ड में कमी और ग्लोबल स्तर पर अच्छे संकेतों के बीच प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी हुई,जिससे निफ्टी की लगातार सात सत्रों की गिरावट का सिलसिला थम गया। बाजार की शुरुआत मजबूत रही,लेकिन शुरुआती घंटों में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। हालांकि,जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा बाज़ार ने फिर से तेजी पकड़ी और मीडिया,फाइनेंशियल व रियल्टी शेयरों की अगुवाई में निफ्टी ने 24,265.15 का दिन का हाई छुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

US की ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध की तैयारी

अमेरिका की ईरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंधो की तैयारी है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा है कि इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों का सोमवार को एलान होगा। ईरान ने कहा कि यह आर्थिक आतंकवाद है। चीन ने भी इसका विरोध किया है। क्रूड 93 डॉलर के पार निकल गया है। सोना-चांदी भी चमके हैं। सोना 4500 डॉलर के पार दिख रहा है।

अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट, बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% पर पहुंची

अमेरिका-ईरान के बीच गहराते विवाद से US बॉन्ड यील्ड में फिर उछाल आया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंचने से अमेरिकी बाजार नर्वस हो गया है। डाओ जोंस कल 700 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। S&P और नैस्डैक भी एक परसेंट फिसले। उधर एशियाई बाजारों में भी नरमी है। निक्केई और कॉस्पी में करीब एक परसेंट का दबाव दिख रहा है।

HDFC बैंक ने बॉन्ड से जुटाए रिकॉर्ड 1.8 बिलियन डॉलर

HDFC बैंक ने तीन और पांच साल के डॉलर बॉन्ड के जरिये रिकॉर्ड पौने दो बिलियन डॉलर्स जुटाए हैं। किसी भारतीय वित्तीय कंपनी का ये सबसे बड़ा डेट इश्यू रहा। HDFC बैंक के बॉन्ड्स के लिए सात बिलियन डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिलीं।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

सरकार ने 10 लाख टन चीनी इंपोर्ट को मंजूरी दी

चीनी के दाम काबू में करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 10 लाख टन चीनी आयात को मंजूरी दी गई है। 31 अक्टूबर तक बिना किसी ड्यूटी के इंपोर्ट हो सकेगा।

सेबी की नई रिपोर्ट में हुआ खुलासा, F&O में करीब 88% ट्रेडर्स को हुआ घाटा

F&O में रिटेल ट्रेडर्स को अब भी जमकर घाटा हो रहा है। सेबी की नई रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में वायदा में करीब 88% ट्रेडर्स को घाटा हुआ। हालांकि F&O में ट्रेडिंग करने वाले भी घटे हैं। इनमें पिछले साल के मुकाबले 18% की कमी आई है। ऑप्शन बॉयर्स के मुकाबले ऑप्शन सेलर्स ने कम नुकसान झेला है।

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, इंफ्रा, डिफेंस, पोर्ट-लेड डेवलपमेंट पर चर्चा

सचिवों के साथ PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग में इंफ्रा,डिफेंस और कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ है। पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को स्पीड देने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम ने कहा कि डिफेंस को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत है। AI के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

बाजार के लिए क्या होगा आज गुड फ्राइडे या लगेगी निराशा हाथ, ग्लोबल बाजार से लेकर गिफ्ट निफ्टी तक जानें कैसे मिल रहे है संकेत

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के सपाट खुलने की संभावना है। GIFT Nifty मामूली बढ़त का संकेत दे रहा है, जबकि पिछले सेशन में Nifty ने लगातार सात दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में फिर से दबाव और कच्चे तेल की कीमतों के एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने से सेंटीमेंट पर असर पड़ सकता है, भले ही एशियाई इक्विटी में मिला-जुला कारोबार हुआ और US स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़त दिखी।

सुबह 8:05 बजे GIFT Nifty 25 अंक या 30. प्रतिशत बढ़कर 24,333.5 पर कारोबार कर रहा था। कल भारतीय इक्विटी में जोरदार वापसी हुई थी क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड में कमी से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में कुछ सुधार हुआ था। Sensex 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

हालांकि, रात भर में ग्लोबल माहौल कम सपोर्टिव हो गया क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड फिर से बढ़ने लगीं और US-ईरान तनाव के समाधान की उम्मीदें कम होने के बीच कच्चा तेल एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

US बॉन्ड यील्ड में फिर से बढ़ोतरी, वॉल स्ट्रीट पर दबाव

इस हफ्ते की शुरुआत में US ट्रेजरी के दखल से मिली राहत कम समय के लिए ही रही, इसलिए शुक्रवार को भी ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में तनाव इक्विटी के लिए एक मुख्य जोखिम बना रहा। US 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड वापस लगभग 5.25 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि 10-वर्षीय यील्ड 4.71 प्रतिशत को छू गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव पड़ता है और इससे विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों की संपत्ति कम आकर्षक हो सकती है।

यील्ड में फिर से बढ़ोतरी का असर रात भर वॉल स्ट्रीट पर दिखा। Dow Jones Industrial Average 703.84 अंक या 1.32 प्रतिशत गिरकर 52,759.21 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,641.16 और Nasdaq Composite में 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,067.17 पर कारोबार हुआ। रिटेल सेक्टर की बड़ी कंपनी वॉलमार्ट के निराशाजनक नतीजों ने भी सेंटीमेंट को खराब किया, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दीं।

शुक्रवार सुबह US इक्विटी फ्यूचर्स से थोड़े सकारात्मक संकेत मिले; S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत ऊपर रहे।

बॉन्ड मार्केट की चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। कई प्रमुख इंडेक्स साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे थे क्योंकि निवेशक ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी से जूझ रहे थे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरियाई और ताइवानी शेयरों में थोड़ी बढ़त देखी गई। हालांकि, जापान का निक्केई 0.8 प्रतिशत गिर गया और इसमें 4 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक गिरावट की संभावना थी।

US-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट $93 के करीब

घरेलू निवेशकों के लिए कच्चा तेल एक और बड़ी चिंता का विषय बना रहा, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक गतिरोध के कारण कीमतें लगभग एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड पहले $94.71 प्रति बैरल तक पहुंचा, लेकिन बाद में प्रॉफिट बुकिंग के कारण इसमें थोड़ी नरमी आई। फ्यूचर्स अंत में 0.7 प्रतिशत गिरकर $93.12 प्रति बैरल पर रहे, लेकिन पूरे सप्ताह के दौरान 5 प्रतिशत से अधिक ऊपर बने रहे। US क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर $86.18 प्रति बैरल पर आ गया।

तेल की कीमतों को उस समझौते की कम होती उम्मीदों से सहारा मिला है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से फिर से खुल सकता था; यह उम्मीद तब कम हुई जब US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर “इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध” लगाएगा।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: आगे की रिकवरी के लिए 24,265 का स्तर अहम

बजाज ब्रोकिंग ने कहा कि अगर निफ्टी 24,265 के स्तर के ऊपर लगातार बना रहता है, तो इसकी रिकवरी 24,400 तक बढ़ सकती है; वहीं, अगर यह इस स्तर को पार नहीं कर पाता है, तो यह 24,000-24,250 के दायरे में ही बना रह सकता है। ब्रोकरेज फर्म को 24,000-23,800 पर मजबूत सपोर्ट दिख रहा है और उम्मीद है कि इंडेक्स 24,000-24,600 की व्यापक रेंज में रहेगा। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयरों को सहारा देना जारी रखा और 3,537 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक नेट सेलर बन गए और उन्होंने 583 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेश के प्रवाह पर नज़र बनी रहेगी क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से डॉलर एसेट्स का आकर्षण बढ़ सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 70 अंक चढ़ा, सेंसेक्स-निफ्टी की हो सकती है मजबूत शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top News 21 August: चीनी के दाम से अमेरिका के कर्ज तक, इमरान खान और शशि थरूर समेत पढ़ें दिन की 5 बड़ी खबरें

Top News 21 August: चीनी के दाम से अमेरिका के कर्ज तक, इमरान खान और शशि थरूर समेत पढ़ें दिन की 5 बड़ी खबरें

top news 21 august

Top News 21 August: चीनी के बढ़ते दामों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने रॉ शुगर का आयात ड्यूटी फ्री किया। अमेरिका का कर्ज 40 अरब डॉलर पार। इमरान खान को जांच के बाद फिर पटियाला जेल लाया गया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नए संसद भवन को बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर बताया। हरियाणा की खाप लिन इन के खिलाफ लेकिन लव मैरिज मंजूर। 21 अगस्त की बड़ी खबरें :

 

ड्यूटी-फ्री होगा रॉ-शुगर का आयात

त्योहारी सीजन में चीनी पर महंगाई की मार। अगस्त में चीनी के दाम करीब 20 रुपए तक बढ़ गए हैं। देश में कई स्थानों पर 70 रुपए किलो तक बिकी। ऐसे में मिठाई, चाय और घर की रोजमर्रा की जरूरतों पर इसका असर पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन रॉ-शुगर के ड्यूटी-फ्री आयात को मंजूरी दी। ALSO READ: Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में 20 रुपए महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

 

अमेरिका का कर्ज 40 खरब डॉलर के पार

अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज बुधवार को 40 खरब डॉलर के पार पहुंच गया। बढ़ते कर्ज ने अमेरिकी सरकार के सामने खर्च और आय के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय कर्ज खत्म करने का वादा किया था, लेकिन कर्ज लगातार बढ़ता गया। अब उनके दूसरे कार्यकाल में यह उस समय के मुकाबले करीब दोगुना हो चुका है।

 

इमरान को फिर अडियाला जेल लाया गया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को कड़ी सुरक्षा के बीच शिफा अस्पताल में जांच के बाद वापस फिर अडियाला जेल लाया गया। अस्पताल में 6 डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इलाज के लिए शिफा अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश दिया था। 

 

नया संसद भवन 'बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर' : थरूर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने नए संसद भवन की डिजाइन और वहां के माहौल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नए संसद भवन को 'बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर' बताते हुए कहा कि इसमें पुराने संसद भवन जैसा अपनापन और सहज बातचीत का माहौल नहीं है।  

 

हरियाणा की खाप को लव मैरिज मंजूर

हरियाणा की माजरा खाप लिव-इन संबंधों के खिलाफ है, पर लव मैरिज के नहीं। वह चाहती है कि लव मैरिज के साथ-साथ समलैंगिक विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों में बदलाव हो। वह लव 

 

मैरिज के खिलाफ नहीं है, पर माता-पिता की सहमति जरूर होनी चाहिए।

 

Gold Rate Today: सोने में तेजी लौटी, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक बढ़ा भाव; चांदी भी उछली

देश में सोने की कीमत में तेजी लौटी है। 21 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 159430 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। दूसरे शहरों में भी भाव बढ़ा है। सोने की कीमतों में उछाल के पीछे यूएस ट्रेजरी का एक बड़ा फैसला और डॉलर की कमजोरी है। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि की सिक्योरिटीज का बायबैक बढ़ाने के कदम ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया और अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर दिया। इससे सोने की कीमतों को पुश मिला। U.S. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वह ट्रेजरी की सरकारी रीपरचेज को और बढ़ा सकते हैं।

एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में हाजिर सोना 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत की बात करें तो इस वक्त हाजिर सोना 4,514.23 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 159430 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 146160 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 146010 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 159280 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 159280 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 146010 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 159280 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 146010 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली146160159430
मुंबई146010159280
अहमदाबाद146060159330
चेन्नई146010159280
कोलकाता146010159280
हैदराबाद146010159280
जयपुर146160159430
भोपाल146060159330
लखनऊ146160159430
चंडीगढ़146160159430

Gold Silver Price Outlook: सोने से भी ज्यादा रिटर्न देने वाली है चांदी? जानिए एक्सपर्ट जोनाथन बैरट की क्या है राय

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी तेजी आई है। 21 अगस्त की सुबह कीमत बढ़कर 255100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 68.03 डॉलर प्रति औंस है। प्लेटिनम का भाव 1,846.29 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें घरेलू फैक्टर्स के साथ-साथ वैश्विक फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में दबाव, वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का दिखा असर, निक्केई और कोस्पी में गिरावट

Asian Market Today: शुक्रवार, 21 अगस्त को एशियाई शेयरों में गिरावट आई। वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क इंडेक्स गुरुवार को बॉन्ड यील्ड के निचले स्तर से वापस ऊपर आने के कारण काफी नीचे बंद हुए थे। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.2% गिर गया। कोस्पी (Kospi) ने इस ट्रेंड के उलट 0.87% की बढ़त दर्ज की, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.90% और टोपिक्स (Topix) 0.31% नीचे आ गया। हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

S&P 500 इंडेक्स में रात भर में 0.9% की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण वॉलमार्ट (Walmart) था। कमजोर बिक्री के आंकड़ों के बाद इसमें 2022 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) में 0.7% की गिरावट आई, जो लगातार पांचवें दिन की गिरावट थी।

US ट्रेजरी में शुरुआती तेजी के बाद एशियाई बॉन्ड गिरे और अमेरिकी डॉलर कमजोर बना रहा। निवेशकों के मन में यह सवाल था कि क्या लंबे समय के कर्ज की अमेरिकी बायबैक (buyback) प्रक्रिया से उधार लेने की लागत में केवल कुछ समय के लिए ही राहत मिलेगी।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बॉन्ड की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, क्योंकि गुरुवार को US 30-वर्षीय यील्ड में बढ़ोतरी हुई थी, भले ही US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भविष्य में बड़े बायबैक और एक नए फिस्कल प्लान का संकेत दिया था।

30-वर्षीय यील्ड छह बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.25% हो गई, जिससे ट्रेजरी के बायबैक बढ़ाने के अचानक फैसले से आई गिरावट का असर काफी हद तक खत्म हो गया।

जापानी येन स्थिर रहा क्योंकि देश का मुख्य महंगाई सूचकांक लगातार दूसरे महीने बढ़ा, जिससे बैंक ऑफ जापान द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बनी रही। बाजार अब सितंबर में संभावित कदम पर नजर रखे हुए हैं। येन 158.96 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि पिछले सत्र में यह 159 के स्तर को पार कर गया था।

ऑफशोर युआन 6.7238 प्रति डॉलर पर लगभग स्थिर रहा।

टेक्नोलॉजी शेयरों में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) पर ध्यान केंद्रित रहा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी शुक्रवार को 110 ट्रिलियन वॉन ($79 बिलियन) तक का शेयरधारक रिटर्न पैकेज पेश करने वाली थी। इस बीच, ईरान के खिलाफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “आर्थिक युद्ध” की धमकी के कारण पांच दिनों तक कीमतों में आई तेज़ी के बाद तेल की कीमतें कुछ कम हुईं। ट्रंप ने कहा था कि तेहरान ने एक डील को ठुकरा दिया है।

ब्रेंट क्रूड 0.7% गिरकर $93.10 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि गुरुवार को कारोबार के दौरान यह $94 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.7% गिरकर $86.19 प्रति बैरल पर आ गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।