IDL टोकन के लिए $1 अरब तक का इंश्योरेंस कवर की तैयारी, Infinity DAO का दावा

AI से जुड़े DeFi प्लेटफॉर्म Infinity DAO ने अपने IDL टोकन और पूरे इकोसिस्टम के लिए करीब 1 अरब डॉलर का इंश्योरेंस कवर लाने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि अगर यह बीमा कार्यक्रम मंजूर होकर लागू हो जाता है, तो यह डिजिटल एसेट सेक्टर में रिस्क मैनेजमेंट और संस्थागत भरोसे के लिहाज से बड़ा कदम हो सकता है।

कंपनी के मुताबिक, इस बीमा व्यवस्था की पॉलिसी, अंडरराइटिंग शर्तें और कवरेज लिमिट ब्रिटेन के एक एक्सपर्ट्स क्रिप्टो इंश्योरेंस सिंडिकेट के साथ तैयार की जा रही हैं। फिलहाल यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

किन जोखिमों को मिलेगा कवर?

Infinity DAO के मुताबिक प्रस्तावित बीमा योजना पांच बड़े जोखिमों को कवर करेगी। इसमें खास परिस्थितियों में IDL टोकन डिफॉल्ट प्रोटेक्शन, प्लेटफॉर्म या इकोसिस्टम में बीमित डिफॉल्ट की स्थिति में सुरक्षा, साइबर अपराध और डिजिटल एसेट चोरी से बचाव शामिल है।

इसके अलावा डायरेक्टर्स एंड ऑफिसर्स (D&O) से जुड़े कानूनी दावों का कवर और यूजर्स, स्टेकहोल्डर्स व प्लेटफॉर्म के मैनेजमेंट स्ट्रक्चर के लिए अतिरिक्त सुरक्षा देने की भी योजना है।

Polygon पर चलता है IDL टोकन

IDL, Infinity DAO का यूटिलिटी टोकन है, जो Polygon ब्लॉकचेन पर काम करता है। कंपनी का कहना है कि उसका सिस्टम ड्यूल-टोकन स्ट्रक्चर और AI आधारित इकोनॉमिक मॉडल पर बना है। इसका मकसद टोकन इमिशन, लिक्विडिटी और सिस्टम की लंबी अवधि की स्थिरता को संभालना है।

कंपनी के प्रोटोकॉल वर्जन 1.2 में Quantum Emission Matrix, Flux Liquidity Shield, Velocity Recycle Core, HyperGuard Lock और Infinity Sustainability Protocol जैसे मॉड्यूल शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि ये सिस्टम लिक्विडिटी मैनेजमेंट, स्टेकिंग और रिवॉर्ड मैकेनिज्म को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करते हैं।

क्रिप्टो में इंश्योरेंस क्यों अहम है?

क्रिप्टो बाजार में निवेशकों के सामने साइबर अटैक, ऑपरेशनल गड़बड़ी और डिजिटल एसेट चोरी जैसे जोखिम बने रहते हैं। ऐसे में थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कुछ तय परिस्थितियों में इन जोखिमों को कम करने का काम कर सकता है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि ऐसा बीमा टोकन की कीमत गिरने या निवेश पर रिटर्न की गारंटी नहीं देता। कवरेज सिर्फ पॉलिसी में तय शर्तों के दायरे तक ही सीमित होता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Nifty 50 लगातार सातवें दिन गिरा, क्या यह 24000 के नीचे चला जाएगा? जानिए एक्सपर्ट्स के जवाब

निफ्टी में लगातार सातवें सत्र गिरावट आई। बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर शेयर बाजारों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगातार 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। इससे दुनियाभर में महंगाई के पैर पसारने का डर बढ़ गया है। बीते 7 सत्रों में निफ्टी 2.1 फीसदी गिरा है। बीएसई सेंसेक्स में बीते 7 सत्रों में से 6 में गिरावट आई है। वह भी इस दौरान 2.1 फीसदी गिरा है।

इन सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट

19 अगस्त को निफ्टी आईटी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इसने बाजार को कुछ सहारा दिया है। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मीडिया, एनर्जी और एफएमसीजी इंडेक्स में आई। इससे निफ्टी 50 इंडेक्स 0.32 फीसदी गिरकर 24,078 पर क्लोज हुआ। सेंसेक्स भी 0.42 फीसदी गिरकर 76,909 अंक पर आ गया।

बीते 12 सत्रों से निफ्टी में कंसॉलिडेशन

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी बीते 12 सत्रों से कंसॉलिडेशन में रहा है। अब इसके लिए अगला सपोर्ट 24,000-23,800 पर है। कोटक सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “इंट्राडे में मार्केट का टेक्स्चर कमजोर है। लेकिन, अगर निफ्टी एक बार 24,150 के लेवल को तोड़ देता है तो पुलबैक रेली से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद निफ्टी 24,300-24,350 तक जा सकता है।”

24000 के नीचे जाने पर बिकवाली बढ़ेगी

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरावट की स्थिति में अगर यह 24,000 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। फिर यह गिरकर 23,900-23,850 तक जा सकता है। एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने भी कहा कि शेयर बाजारों में रिस्क लेने की क्षमता घटी है। निफ्टी में लगातार बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

क्रूड ऑयल की कीमतों का सेंटीमेंट पर असर

उन्होंने कहा कि शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर सबसे ज्यादा असर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का पड़ रहा है। क्रूड में उछाल की वजह यह है कि मध्यपूर्व में टेंशन कम होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है। इस वजह से ब्रेंट क्रूड उछलकर तीन महीनों के हाई पर पहुंच गया है। यह 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है।

मध्यपूर्व में टेंशन कम होने के फिलहाल संकेत नहीं 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 अगस्त को कहा कि ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है। लेकिन, ईरान का दावा इसके उलट है। उसने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही नहीं हो रही है। दोनों पक्षों के दावा में विरोधाभास है। इससे यह संकेत मिलता है कि बीते छह महीनों से जारी यह लड़ाई जारी रह सकता है।

Google की 3.3 करोड़ की नौकरी छोड़ी, फिर शुरू किया अपना स्टार्टअप; पिता की मौत बनी जिंदगी बदलने की वजह

कई लोगों के लिए Google में करीब 3.3 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है। लेकिन केविन नॉटन जूनियर के लिए यह नौकरी लंबे समय तक करियर का हिस्सा नहीं बन सकी। उनका कहना है कि वह हमेशा से कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने के बारे में सोचते थे। न्यूयॉर्क में रहने वाले केविन नॉटन जूनियर अब अपना स्टार्टअप चला रहे हैं। उन्होंने हाल ही में Google की नौकरी छोड़ने के अपने फैसले के बारे में बात की। उस समय उनकी सालाना कमाई करीब 3.5 लाख डॉलर यानी लगभग 3.3 करोड़ रुपये थी।

Google में ₹3.3 करोड़ की सैलरी, फिर भी छोड़ी नौकरी

जुगल भट्ट से बातचीत में नॉटन जूनियर ने बताया कि Google ने उन्हें एक अच्छी और आरामदायक ‘9 से 5’ की नौकरी दी थी, लेकिन यह काम उनके असली लक्ष्य से मेल नहीं खाता था। वह कुछ अपना शुरू करना चाहते थे और इसी वजह से उन्होंने इतनी बड़ी सैलरी वाली नौकरी छोड़ने का फैसला किया।

इंस्टाग्राम पर अपनी बातचीत का एक वीडियो शेयर करते हुए केविन नॉटन जूनियर ने बताया कि उन्होंने Google छोड़ने का फैसला कब किया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके मन में नौकरी शुरू करने के पहले दिन से ही था। नॉटन जूनियर ने लिखा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, असली बदलाव 2022 में आया। उन्होंने कहा कि Google उनके लिए सबसे अच्छी ‘9 से 5’ वाली नौकरी थी, लेकिन यह उनका अपना काम नहीं था।

पिता की मौत बनी जिंदगी बदलने की वजह

बातचीत के दौरान जुगल भट्ट ने बताया कि नॉटन जूनियर Google में 3 लाख डॉलर से ज्यादा, यानी करीब 3.5 लाख डॉलर सालाना कमा रहे थे। इसके बाद उन्होंने पूछा कि आखिर उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन कब बनाया था। इस पर नॉटन जूनियर ने कहा कि Google छोड़ने का विचार उनके मन में लगभग शुरुआत से ही था। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले दिन से ही पता था कि वह आगे चलकर अपने लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि एक दिन वह Google की नौकरी छोड़ देंगे।

अपना खुद का बॉस बनने की इच्छा केविन नॉटन जूनियर के मन में पहले से थी, लेकिन साल 2022 में हुई एक निजी घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं के बारे में नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी साल उन्होंने अपने पिता को खो दिया। जुगल भट्ट ने जब उनसे इस बदलाव के बारे में पूछा तो नॉटन जूनियर ने बताया कि पिता की मौत उनके लिए एक बड़ा झटका और सोच बदलने वाला पल था। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान को वही काम करना चाहिए जो वह सच में करना चाहता है और हर दिन खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।

पिता को खोने के बाद नॉटन जूनियर को यह समझ आया कि भले ही Google ने उन्हें अच्छी सैलरी, शानदार काम का माहौल और एक मजबूत करियर दिया था, लेकिन यह नौकरी उस काम से मेल नहीं खाती थी जिसे वह वास्तव में करना चाहते थे। बातचीत के दौरान जुगल भट्ट ने यह भी बताया कि नॉटन जूनियर Google में 3 लाख डॉलर से ज्यादा, करीब 3.5 लाख डॉलर सालाना कमा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पसंद का काम करने के लिए नौकरी छोड़ने का फैसला किया।

‘मुझे पहले दिन से पता था, अपने लिए काम करूंगा’

नॉटन जूनियर ने बताया कि Google छोड़ने का विचार उनके मन में नौकरी के पहले दिन से ही था। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी कंपनी के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनका मानना था कि एक दिन वह नौकरी जरूर छोड़ देंगे। हालांकि, अपना बॉस बनने की इच्छा पहले से थी, लेकिन साल 2022 में हुई एक निजी घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। जुगल भट्ट ने जब उनसे इस अहम मोड़ के बारे में पूछा तो नॉटन जूनियर ने बताया कि 2022 में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। पिता की मौत उनके लिए एक बड़ा झटका थी और इस घटना ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि जिंदगी में वही काम करना चाहिए, जिसे वह वास्तव में करना चाहते हैं।

नॉटन जूनियर ने बताया कि साल 2022 में अपने पिता को खोना उनके लिए जिंदगी बदल देने वाला अनुभव था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा “वेक-अप कॉल” था। इस घटना के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान को वही काम करना चाहिए, जिसे वह सच में करना चाहता है और हर दिन खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।पिता को खोने के बाद नॉटन जूनियर को यह साफ हो गया कि सिर्फ अच्छी नौकरी और बड़ी सैलरी ही काफी नहीं है। भले ही Google ने उन्हें शानदार काम का माहौल और अच्छा करियर दिया, लेकिन वह काम उनके असली लक्ष्य से मेल नहीं खाता था।

उन्होंने कहा कि Google उनके लिए सबसे अच्छी ‘9 से 5’ वाली नौकरी हो सकती थी, लेकिन वह वह काम नहीं था जिसे वह हर दिन करना चाहते थे। इसी सोच ने उन्हें आगे चलकर नौकरी छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने का फैसला लेने में मदद की।

नॉटन जूनियर ने यह भी बताया कि अच्छी सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर एंटरप्रेन्योर बनने का उनका सफर कैसे शुरू हुआ। उन्होंने खुद को रिस्क लेने के मामले में काफी सावधान बताया। हालांकि, कई सालों तक नौकरी करने के दौरान उन्होंने इतनी बचत कर ली थी कि उन्हें कुछ समय तक बिना नौकरी के भी आर्थिक परेशानी नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनके पास कई सालों तक अपना खर्च चलाने लायक बचत थी। इसी वजह से उन्हें लगा कि वह नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का जोखिम उठा सकते हैं।

आखिरी फैसला लेने में उनके एक करीबी दोस्त की सलाह ने भी बड़ी भूमिका निभाई। नॉटन जूनियर के मुताबिक, दोस्त ने उनसे कहा कि अगर उनके पास करीब तीन साल तक बिना काम किए रहने लायक पैसे हैं, तो उन्हें इस समय का इस्तेमाल गंभीरता से अपना कारोबार शुरू करने में करना चाहिए। दोस्त ने उन्हें यह भी समझाया कि अगर तीन साल में उनका काम सफल नहीं होता है, तो वह दोबारा नौकरी कर सकते हैं। इस सलाह से नॉटन जूनियर का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने Google की नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का फैसला किया।

Gold Silver price: भारत में सोना ₹1.53 लाख पर, चांदी 1.5% से ज्यादा लुढ़की, क्या आगे भी जारी रहेगा दबाव

Gold Silver price: घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। कमज़ोर स्पॉट डिमांड और मार्केट में शामिल लोगों की बिकवाली का असर घरेलू कीमतों पर पड़ा। यह गिरावट तब आई जब ग्लोबल स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में मिला-जुला ट्रेंड देखा गया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने के फ्यूचर्स में ₹636 या 0.41% की गिरावट आई और यह ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। इस कॉन्ट्रैक्ट में 837 लॉट का बिज़नेस टर्नओवर दर्ज किया गया।सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी के फ्यूचर्स में ₹4,023 या 1.73% की गिरावट आई और यह ₹2.28 लाख प्रति किलोग्राम हो गया, जिसमें 2,577 लॉट का बिज़नेस टर्नओवर हुआ।

दरअसल, घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट की वजह कमज़ोर स्पॉट डिमांड थी, जबकि चांदी की कीमतें तब दबाव में आईं जब मार्केट में शामिल लोगों ने अपनी पोजीशन कम कर दीं।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट को इंटरनेशनल स्पॉट कीमतों से अलग भी देखा जाना चाहिए, क्योंकि डॉलर, US बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों की उम्मीदों और लोकल करेंसी में बदलाव के कारण दिन के दौरान इनमें अलग-अलग उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में सोने के फ्यूचर्स 0.10% बढ़कर लगभग $4,338.74 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी 0.99% बढ़कर $62.74 प्रति औंस हो गई।

आगे क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, US ट्रेजरी यील्ड में कमी के कारण पिछले सेशन की गिरावट के बाद सोने में कुछ रिकवरी देखी गई। हालांकि, US फेडरल रिजर्व की मीटिंग के मिनट्स जारी होने से पहले निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि इससे ब्याज दरों की भविष्य की दिशा के बारे में संकेत मिल सकते हैं।

कीमतों में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि सोने में ग्राहकों की दिलचस्पी में भारी कमी आई है। जब कीमतें ज़्यादा होती हैं, तो मांग छोटी खरीदारी की ओर भी बढ़ सकती है।

इंडियन एसोसिएशन फॉर गोल्ड एक्सीलेंस एंड स्टैंडर्ड्स (IAGES) के CEO कौशलेंद्र सिन्हा ने कहा कि ग्राहकों में सोने के प्रति अब भी काफी लगाव है, हालांकि कीमतें ज़्यादा होने के कारण खरीदार तेज़ी से हल्के वज़न और ट्रेंडी ज्वेलरी चुन रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ परिवार नया सोना खरीदने के बजाय अपनी मौजूदा ज्वेलरी को एक्सचेंज करने या उसे नया डिज़ाइन करवाने का विकल्प चुन रहे हैं। इससे ग्राहकों को अपनी मौजूदा होल्डिंग्स की वैल्यू का फ़ायदा उठाने में मदद मिलती है और उन्हें नया सोना कम खरीदना पड़ता है। त्योहारों और शादी-ब्याह का मौसम आने वाला है, ऐसे में घरेलू सोने के बाज़ार के लिए मांग एक अहम कारक हो सकती है। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों की दिशा ग्लोबल ब्याज दरों के अनुमान, US ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और रुपये की चाल पर भी निर्भर करेगी।

ग्राहकों के लिए, MCX फ्यूचर्स की कीमतें और रिटेल में गहनों की आखिरी कीमत एक जैसी नहीं होती हैं। सोने की रिटेल कीमतों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर का मार्जिन जैसी चीजें भी शामिल होती हैं। इसी तरह, चांदी के दाम अलग-अलग शहरों में और फिजिकल व फ्यूचर्स मार्केट के बीच अलग-अलग हो सकते हैं।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

1500 डॉलर का जुर्माना लगा डेविड वॉर्नर पर, पीकर चलाई थी गाड़ी (Video)

मंगलवार को ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद डेविड वॉर्नर के ऊपर 1500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (क़रीब एक लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया। ईस्टर रविवार को रैंडम ब्रीथ-टेस्टिंग साइट के पास पहुंचते समय उन्होंने एक यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की थी।

वॉर्नर के वकील ने अदालत से उन्हें दोषी ठहराए जाने से राहत देने की मांग की थी। उनका तर्क था कि मीडिया कवरेज के कारण वॉर्नर को पहले ही अतिरिक्त सज़ा मिल चुकी है। वॉर्नर ने पिछले महीने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। उस समय उनके शरीर में शराब की मात्रा क़ानूनी सीमा से दोगुने से भी अधिक पाई गई थी।

लेकिन जज क्लेयर फ़ार्नन ने कहा कि वॉर्नर की वैश्विक स्तर पर बड़ी पहचान को देखते हुए उनके सार्वजनिक छवि पर पड़ने वाला संभावित असर एक स्वाभाविक और अनुमानित परिणाम था। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलने के बाद छुट्टियों में अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया लौटे वॉर्नर को गिरफ़्तार किया गया था। उनके वक़ील अवैस अहमद ने बताया कि एक समारोह में तीन ग्लास वाइन पीने के बाद वॉर्नर ने अपने परिवार को घर छोड़ने के लिए खुद गाड़ी चलाने का फ़ैसला किया।

जब वॉर्नर ने ब्रीथ-टेस्टिंग साइट देखी तो उन्होंने गाड़ी रोककर एक महिला यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की। अदालत में पढ़े गए तथ्यों के अनुसार, पुलिस द्वारा उन्हें ड्राइवर के रूप में पहचान लिए जाने के बाद उन्होंने जांच में पूरा सहयोग दिया।

जज ने कहा कि कार में वॉर्नर के बच्चे भी मौजूद थे, जिसके कारण यह अपराध और गंभीर हो गया। वकील अहमद ने वावेर्ली लोकल कोर्ट को बताया कि वॉर्नर की इस घटना की ख़बर ईएसपीएन, अल जज़ीरा और इंडियन एक्सप्रेस समेत दुनिया भर के मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हुई।अहमद ने कहा कि, “इस अपराध के परिणाम गंभीर हैं। व्यावसायिक अवसर प्रभावित हो रहे हैं।”

सिडनी थंडर के मालिक और प्रबंधक संस्था क्रिकेट एनएसडब्ल्यू ने फैसले का संज्ञान लेते हुए कहा कि वह सुरक्षित ड्राइविंग के मज़बूत समर्थक है। एनएसडब्ल्यू के प्रवक्ता ने कहा, “हम इस घटना को गंभीरता से लेते हैं और सभी खिलाड़ियों को सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में जागरूक करना जारी रखेंगे।”

जज फ़ार्नन ने माना कि वॉर्नर और उनके परिवार के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर कुछ क्रूर टिप्पणियां की गई थीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पुलिस से अपने ड्राइविंग को छिपाने की कोशिश वार्नर के पक्ष में नहीं जाती।

जज ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने से लोगों को रोकना और इसके प्रति सार्वजनिक स्तर पर संदेश देना उन्हें दोषी ठहराने के फ़ैसले में सबसे महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, “वॉर्नर के दोबारा ऐसा अपराध करने की संभावना कम है। लेकिन दुर्भाग्य से, एनएसडब्ल्यू में होने वाली कई सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर गाड़ी चलाना अभी भी एक महत्वपूर्ण कारण है।”

वॉर्नर इंटरलॉक लाइसेंस के लिए आवेदन करने और अपनी कार में यह डिवाइस लगवाने के बाद गाड़ी चला सकेंगे। यह डिवाइस एक साल तक उनकी कार में लगा रहेगा और अगर उनके शरीर में शराब की मात्रा पाई जाती है तो यह कार स्टार्ट होने से रोक देगा।

Silver Gold Price Today : MCX पर सोना 0.50% नीचे, चांदी 1.75% टूटी, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : MCX पर सोना 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया है। MCX पर चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे फिसल गई है। वहीं, ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर और WTI क्रूड का भाव 85 डॉलर के ऊपर कायम है। इस बीच डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के नीचे कायम है। बुधवार,19 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट की वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और US-Iran बातचीत के रुकने के बीच US Fed द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती आशंका है। हालांकि,डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने सोने की कीमतों में गिरावट को रोक सीमित रखा है।

सोने-चांदी की चाल पर नजर डालें तो एमसीएक्स पर सोना 1 हफ्ते में 1 फीसदी और चांदी 1 हफ्ते में 3 फीसदी गिरी है। वहीं, 1 महीने में सोना 10 फीसदी और चांदी 5 फीसदी टूटी है। 3 महीने में सोना 3 फीसदी और चांदी 15 फीसदी गिरी है। 6 महीने में सोना 1 फीसदी और चांदी 6 फीसदी गिरा है। इस साल अब तक सोने में 14 फीसदी की तेजी आई है, वहीं, चांदी 3 फीसदी गिरी है।

फिलहाल 11.45 बजे के आसपास MCX पर अक्तूबर का गोल्ड वायदा 713.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की गिरावट के साथ 153,500 रुपए पर नजर आ रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 4,066 रुपए यानी 1.76 फीसदी की कमजोरी के साथ 228,330 रुपए पर दिख रहा है।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का मानना ​​है कि कच्चे तेल की कीमतों,डॉलर इंडेक्स और जियोपॉलिटिकल तनाव में उतार-चढ़ाव के बीच सोने और चांदी की कीमतें वोलेटाइल बनी रहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि MCX पर सोने के लिए 1,53,100 रुपए और 1,52,200 रुपए पर सपोर्ट है। वहीं, 1,55,000 और 1,56,100 रुपए पर इसके लिए रेजिस्टेंस है। जबकि चांदी के लिए सपोर्ट 2,30,000 और 2,26,600 रुपए पर और रेजिस्टेंस 2,23,500 रुपए और 2,37,700 रुपए पर है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 4.20 रुपए यानी 0.31 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 1,364.35 रुपए के आसपास दिख रहा था। वहीं,क्रूड का सितंबर वायदा 38 रुपए यानी 0.47 फीसदी की तेजी के साथ 8,126 रुपए के करीब दिख रहा था। नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 2.10 रुपए यानी 0.79 फीसदी की तेजी के साथ 266.90 रुपए पर और ELECDMBL अगस्त वायदा 30 रुपए यानी 0.68 फीसदी की कमजोरी लेकर 4,380 के आसपास ट्रेड कर रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Kedia Advisory के अजय केडिया। इनको आज गोल्ड और सिल्वर में बिकवाली करके कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स गोल्ड में इनकी 155000 रुपए के आसपास,156000 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 153000 रुपए के टारेगट के लिए बिकवाली की सलाह है। वहीं,एमसीएक्स सिल्वर में भी इनकी 234000 रुपए के आसपास,236000 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 230000 रुपए के टारेगट के लिए बिकवाली की सलाह है।

 

Silver price Today: ₹3000 सस्ती हुई चांदी, जानें मुंबई, दिल्ली, चेन्नई सहित 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver price Today: ₹3000 सस्ती हुई चांदी, जानें मुंबई, दिल्ली, चेन्नई सहित 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

Silver price Today: चांदी की कीमतों में बुधवार, 19 अगस्त को गिरावट देखने को मिली। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई में चांदी के दाम 2,30,000 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 1.35% लुढ़क कर यानी 3131 रुपये गिरकर 2,29,447 रुपये प्रति किलो हो गई। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,32,419 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। जबकि COMEX चांदी $63.145 प्रति औंस पर थी, जिसमें 1.39% की गिरावट थी।

हालिया कारोबार में सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा तेज गिरावट आई है। सोने के विपरीत, चांदी की औद्योगिक मांग का एक बड़ा हिस्सा होता है, जिसका मतलब है कि इसकी कीमतें ग्लोबल आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी उम्मीदों पर भी प्रतिक्रिया दे सकती हैं। यह हालिया कमज़ोरी कीमती धातुओं में व्यापक गिरावट के बाद आई है

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव (10 ग्राम, 100 ग्राम, प्रति किलो)

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2,300₹23,000₹2,30,000
मुंबई₹2,300₹23,000₹2,30,000
कोलकाता₹2,300₹23,300₹2,30,000
चेन्नई₹2,300₹23,300₹2,30,000
पटना₹2,300₹23,300₹2,30,000
लखनऊ₹2,300₹23,300₹2,30,000
मेरठ₹2,300₹23,000₹2,30,000
अयोध्या₹2,300₹23,000₹2,30,000
कानपुर₹2,300₹23,000₹2,30,000
गाजियाबाद₹2,300₹23,000₹2,30,000
नोएडा₹2,300₹23,000₹2,30,000
गुरुग्राम₹2,300₹23,000₹2,30,000
चंडीगढ़₹2,300₹23,000₹2,30,000
जयपुर₹2,300₹23,000₹2,30,000
लुधियाना₹2,300₹23,000₹2,30,000
गुवाहाटी₹2,300₹23,000₹2,30,000
इंदौर₹2,300₹23,000₹2,33,000
अहमदाबाद₹2,300₹23,0002,30,000
वडोदरा₹2,300₹23,000₹2,30,000
सूरत₹2,300₹23,000₹2,30,000
पुणे₹2,300₹23,000₹2,30,000
नागपुर₹2,300₹23,300₹2,30,000
नासिक₹2,300₹23,000₹2,30,000
बैंगलोर₹2,300₹23,000₹2,30,000
भुवनेश्वर₹2,300₹23,000₹2,30,000
रायपुर₹2,300₹23,000₹2,30,000
हैदराबाद₹2,300₹23,000₹2,30,000

चांदी वायदा कीमतों में गिरावट

कमजोर हाजिर मांग के बीच कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने से मंगलवार को वायदा कारोबार में चांदी की कीमत 2,535 रुपये की गिरावट के साथ 2,41,240 रुपये प्रति किग्रा रह गया।

मल्टी कमोडिटी एक्स्चेंज में चांदी के दिसंबर महीने में डिलीवरी वाले वायदा की कीमत 2,535 रुपये यानी 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 2,41,240 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में चांदी की कीमत 1.78 फीसदी की हानि के साथ 65.01 डॉलर प्रति औंस रह गयी। बाजार एक्सपर्ट्स ने कहा कि कारोबारियों की बिकवाली बढ़ने से चांदी वायदा कीमतों में गिरावट आई।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: गिर गए सोने-चांदी के दाम, आखिर क्या है कारण, अब आगे क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Gold Silver Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में दबाव देखने को मिल रहा है। दरअसल, निवेशकों ने US ट्रेजरी यील्ड, तेल की कीमतों और ब्याज दरों के आउटलुक पर विचार किया, जिसके चलते सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा गिरावट आई। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, COMEX सोना $4,406 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 0.33% की गिरावट थी, जबकि COMEX चांदी $63.145 प्रति औंस पर थी, जिसमें 1.39% की गिरावट थी।

ये बदलाव पिछले सेशन में दोनों कीमती धातुओं में गिरावट के बाद आए हैं। मंगलवार (18 अगस्त) को सोने में लगभग 2% की गिरावट आई थी, जबकि चांदी में भी तेज़ गिरावट देखी गई थी।

सोना और चांदी क्यों गिर रहे हैं?

US ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव इसका मुख्य कारण है। ज़्यादा यील्ड आम तौर पर सोने पर दबाव डालती है क्योंकि इस धातु पर कोई ब्याज नहीं मिलता, जिससे यील्ड देने वाली संपत्तियां ज़्यादा आकर्षक हो जाती हैं। US यील्ड अपने हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आई हैं, लेकिन ग्लोबल बॉन्ड बिकवाली के कारण प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लंबे समय के लिए उधार लेने की लागत कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने के बाद भी वे ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

बाजार US फेडरल रिज़र्व की जुलाई की बैठक के मिनट्स (कार्यवृत्त) का भी इंतज़ार कर रहा है। निवेशक सेंट्रल बैंक की ब्याज दर की दिशा के बारे में संकेत तलाशेंगे, खासकर इसलिए क्योंकि हालिया US डेटा में कमज़ोर रोज़गार और रिटेल खर्च के साथ-साथ कम महंगाई दर दिखाई दी है।

चांदी पर क्यों है ज़्यादा दबाव?

हालिया कारोबार में सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा तेज़ गिरावट आई है। सोने के विपरीत, चांदी की औद्योगिक मांग का एक बड़ा हिस्सा होता है, जिसका मतलब है कि इसकी कीमतें ग्लोबल आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी उम्मीदों पर भी प्रतिक्रिया दे सकती हैं। यह हालिया कमज़ोरी कीमती धातुओं में व्यापक गिरावट के बाद आई है।

घरेलू बाज़ार में क्या हो रहा है?

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, भारत में मंगलवार (18 अगस्त) को सोने की कीमतें ₹2,000 बढ़कर 99.9% शुद्धता वाले सोने के लिए ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम हो गईं। वहीं चांदी की कीमत भी ₹730 बढ़कर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम हो गई। घरेलू कीमतें ग्लोबल स्पॉट कीमतों में गिरावट के अनुरूप थीं, साथ ही रुपया, आयात लागत और स्थानीय मांग ने भी भारतीय बुलियन दरों को प्रभावित किया।

क्रूड प्राइस बढ़ा रही अनिश्चितता

US-ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और सेंट्रल बैंकों के लिए ब्याज दरों को लेकर स्थिति और मुश्किल हो सकती है। अगर निवेशकों को लगता है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी, तो इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।

वहीं, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट) के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है। इससे बुलियन मार्केट दो विपरीत ताकतों के बीच फंसा हुआ है — एक तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग और दूसरी तरफ ऊंची यील्ड/ब्याज दरों को लेकर चिंता।

अब निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?

सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव की तत्काल वजह US फेड की बैठक के मिनट्स (बैठक का ब्योरा) हो सकते हैं। अगर इससे कोई संकेत मिलता है कि पॉलिसी बनाने वाले महंगाई को लेकर चिंतित हैं और ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में नहीं हैं, तो बुलियन पर दबाव बना रह सकता है।

दूसरी ओर, अगर आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं या फेड की तरफ से ब्याज दरें कम रखने का संकेत (डोविश सिग्नल) मिलता है, तो ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी को सहारा मिल सकता है।

फिलहाल, US ट्रेजरी यील्ड, डॉलर, कच्चे तेल की कीमतें, जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और फेड के संकेत ही वे मुख्य कारक हैं जिन पर कीमती धातुओं की कीमतों में अगले बदलाव के लिए नज़र रखनी होगी।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।