Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में तनाव कायम, छठे दिन भी जारी तेजी, $90 के करीब पहुंचा भाव

Crude Oil Price Today:  बुधवार को तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। US-Iran के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता और दो जहाजों पर हमलों के कारण मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई। इंडस्ट्री के डेटा में US में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी के संकेत मिलने के बावजूद कीमतों में यह उछाल आया।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 72 सेंट या 0.81% बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जिससे लगातार छठे दिन इसमें तेज़ी बनी रही, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया, समें पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में 11% की बढ़त हुई है।

पिछले सेशन में दोनों बेंचमार्क $1 से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे और 31 जुलाई के बाद अपने सबसे ऊंचे क्लोजिंग लेवल पर पहुंच गए थे। सोमवार को कीमतों में लगभग 5% का उछाल आया था, क्योंकि US-Iran के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीदें कम हो गई थीं।

आज कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी की क्या वजह है?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि US और ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ (Strait of Hormuz) को लेकर किसी तरह के समझौते के करीब हैं। अल जज़ीरा ने कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि इस अहम समुद्री रास्ते को लेकर ईरान और ओमान के बीच अलग-अलग बातचीत में भी काफी प्रगति हुई है।

इस अहम शिपिंग रूट को फिर से खोलने की कोशिशों से जुड़ी घटनाओं का तेल की कीमतों पर गहरा असर पड़ रहा है। फ्यूचर्स की कीमतें बार-बार बदल रही हैं – कभी जल्द समझौते की उम्मीद तो कभी बातचीत की गति धीमी पड़ने की चिंता। क्षेत्रीय तनाव अभी भी बना हुआ है, खासकर तब से जब US नेवी के एक हेलीकॉप्टर ने पनामा के झंडे वाले एक कार्गो जहाज पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं; बताया जा रहा है कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से होने वाली शिपिंग एक्टिविटी में भारी गिरावट आई है, हालांकि कुछ कच्चा तेल अभी भी फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से बाहर जा रहा है और कई टैंकर अपने ट्रांसपोंडर बंद करके चल रहे हैं। US के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि US सेना की मदद से इस जलडमरूमध्य (strait) से हर दिन लगभग 9 मिलियन बैरल तेल आ-जा रहा है।

इस साल कच्चे तेल की कीमतों में 40% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ रिफाइंड प्रोडक्ट्स की कीमतों में और भी तेज़ी से उछाल आया है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण आई रुकावटों का असर डीजल की कीमतों पर भी पड़ा है। US एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन की ‘शॉर्ट-टर्म एनर्जी आउटलुक’ रिपोर्ट के अनुसार, US को उम्मीद है कि ईरान के साथ चल रहे टकराव की वजह से 2027 के आखिर तक तेल की सप्लाई में हर दिन औसतन 6,00,000 बैरल की रुकावट आएगी।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि “हालात शांति की ओर बढ़ रहे हैं,” हालांकि उन्होंने इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी। पाकिस्तान इस टकराव को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहा है। उनके ये बयान US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के प्रति सख़्त रुख अपनाने के बाद आए हैं।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: दो दिनो में ₹10100 चढ़ा सोना, चांदी भी महंगी, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट के लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: कच्चे तेल में उछाल के बावजूद मजबूत डिमांड के चलते सोने-चांदी की चमक आज बढ़ी है। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की गिरावट के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹1860 और 22 कैरट वाला ₹1710 सस्ता हुआ है तो 9 अगस्त की एक दिन की स्थिरता से पहले लगातार चार दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹8350 और 22 कैरट वाला ₹7650 महंगा हुआ था। 10 अगस्त को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹380 और 22 कैरट वाला ₹350 सस्ता हुआ था। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 महंगा हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी भी चमक बढ़ी है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद लगातार दूसरे दिन यह महंगी हुई है और इन दो दिनो में एक किलो चांदी ₹10100 ऊपर चढ़ी है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,53,980₹1,41,160₹1,15,530
मुंबई₹1,53,830₹1,41,010₹1,15,380
कोलकाता₹1,53,830₹1,41,010₹1,15,380
चेन्नई₹1,54,380₹1,41,510₹1,19,310
बेंगलुरू₹1,53,830₹1,41,010₹1,15,380
हैदराबाद₹1,53,830₹1,41,010₹1,15,380
लखनऊ₹1,53,980₹1,41,160₹1,15,530
पटना₹1,53,880₹1,41,060₹1,15,430
जयपुर₹1,53,980₹1,41,160₹1,15,530
अहमदाबाद₹1,53,880₹1,41,060₹1,15,430

तीन दिनों की स्थिरता के बाद लगातार दूसरे दिन चढ़ी चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसके भाव बढ़े है। इन दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,100 महंगी हुई है। आज दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 चढ़कर ₹2,55,100 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,60,100 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के ईबीजी कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक शॉर्ट टर्म में सोने-चांदी की चमक बढ़ सकती है। प्रमण का मानना है कि 10 ग्राम सोना ₹1.57 और 1 किलो चांदी ₹2.80 लाख का हो सकता है। लेमन मार्केट डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि अमेरिका में इनफ्लेशन का डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सोने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इस कारण सोने की चमक बढ़ रही है तो चांदी में भी इनवेस्टमेंट और इंडस्ट्रियल डिमांड स्ट्रॉन्ग है। अमेरिका में इनफ्लेशन के आंकड़े 12 अगस्त को आएंगे।

भारतीय घरों में दुनिया के टॉप 10 सेंट्रल बैंकों के कुल रिजर्व से भी ज्यादा सोना! 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crude Oil Price: ट्रंप की मांगों से डील की उम्मीदें हुई कम, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, ब्रेंट $90 प्रति बैरल के करीब

Crude Oil Price: कल कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन उछाल आया। मंगलवार, 11 अगस्त को एशिया में शुरुआती कारोबार में भी ये बढ़त बनी रही। ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ कड़ी मांगें रखने के बाद हुआ, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की किसी भी संभावित डील की उम्मीदें धुंधली हो गई।

ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों में रात भर में 5% की बढ़ोतरी हुई। WTI आज सुबह $82 प्रति बैरल के स्तर पर बना रहा। ब्रेंट $87 प्रति बैरल से ऊपर बंद होने के बाद $90 प्रति बैरल के निशान की ओर बढ़ा।

ट्रंप ने आगे लिखा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे भविष्य की सभी बातचीत में इन नई मांगों को मजबूती से रखें। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पिछली किसी भी बैठक में मुआवजे का मुद्दा कभी नहीं उठा। हालांकि, ईरान के पुनर्वास और आर्थिक विकास के लिए $300 बिलियन का फंड उस 14-सूत्रीय MoU (समझौता ज्ञापन) का हिस्सा है, जिस पर ट्रंप ने खुद जून में फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए थे।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि हालांकि ईरान और ओमान इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग (chokepoint) के भविष्य के प्रशासन पर द्विपक्षीय बातचीत में लगे हुए हैं, लेकिन जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक यह जलडमरूमध्य फिर से नहीं खुलेगा।

ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में ‘एनर्जी एस्पेक्ट्स’ की फाउंडर और मार्केट इंटेलिजेंस डायरेक्टर अमृता सेन ने बताया कि अभी होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल पांच जहाज गुजर रहे हैं। यह संख्या जून में MoU पर हस्ताक्षर के बाद ट्रैफिक के 14 के दैनिक औसत तक पहुंचने की तुलना में काफी कम है।

TD सिक्योरिटीज में कमोडिटी स्ट्रैटेजी के ग्लोबल हेड बार्ट मेलेक ने कहा, “यह देखते हुए कि जलडमरूमध्य अभी भी बंद है, ग्लोबल इन्वेंट्री में भारी कमी आई है और फ्लो सामान्य स्तर के आसपास भी नहीं है, हम ‘शॉर्ट्स कवर’ (short covering) में आक्रामक तेजी देख सकते हैं।” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि ब्रेंट मौजूदा स्तर से $10-15 ऊपर ट्रेड करेगा।”

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Sensex पर दबाव, Nifty आया 24500 के करीब, चार बातों से झटका तो तीन सपोर्ट पर ऊपर आने की कोशिश

Share Market News: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में आज बिकवाली का दबाव दिख रहा है। शुरुआती कारोबार में ग्रीन जोन में खुलने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल हो गए। डे-हाई से सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24500 के काफी करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर मिला-जुला रुझान है। निफ्टी मिडकैप स्मॉलकैप 100 में फिलहाल हल्की गिरावट है तो निफ्टी मिडकैप 100 में बढ़त दिख रही है।

घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:07 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 61.28 प्वाइंट्स यानी 0.08% की गिरावट के साथ 78,437.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.60 प्वाइंट्स यानी 0.10% की फिसलन के साथ 24,546.05 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 177.81 प्वाइंट्स उछलकर 78,676.98 तक जाने के बाद 378.06 प्वाइंट्स टूटकर 78,298.92 और निफ्टी भी 50.30 प्वाइंट्स चढ़कर 24,620.95 तक पहुंचने के बाद 109.85 प्वाइंट्स फिसलकर 24,511.10 तक आ गया।

Share Market Fall: इस कारण दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई बड़ी मांगें रख दीं। इनमें अरबों डॉलर का अमेरिकी भुगतान, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है। इससे मार्केट पर दबाव बढ़ा है।

कच्चे तेल में उबाल: ईरान की नई शर्तों ने कच्चे तेल में उबाल लाया तो मार्केट को झटका लगा। फिलहाल ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $84 के पार पहुंच गया।

India VIX में उछाल: मार्केट की घबराहट मापने वाले इंडिया विक्स की उछाल ने मार्केट पर दबाव बनाया है। फिलहाल यह 4.64% की गिरावट के साथ 12.72 पर है। इसके अधिक होने से अगले 30 दिनों में मार्केट में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका होती है तो कम होने से इसके कम होने के आसार दिखते हैं।

सरकारी बैंक और एफएमसीजी स्टॉक्स डाल रहे दबाव: मार्केट को सरकारी बैंक और एफएमसीजी सेक्टर के शेयर नीचे लाने की कोशिश कर रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की गिरावट है।

Share Market Rise: इन बातों से मिल रहा सपोर्ट

IT-Auto खींच रहे ऊपर: मार्केट को आईटी और ऑटो सेक्टर ऊपर खींचने का पूरा जोर लगा रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में फिलहाल करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के आसार फीके: जुलाई की उम्मीद से कमजोर जॉब रिपोर्ट के बाद सितंबर में ब्याज बढ़ने की आशंका कम होने से अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी आई। इससे भारतीय मार्केट को भी सपोर्ट मिला।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी: शुक्रवार 7 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने बिकवाली से अधिक खरीदारी की जिससे मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है। लगातार दो दिनों की नेट बिकवाली के बाद शुक्रवार को FIIs (फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) ने ₹480.24 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

ईरान युद्ध से निकलने की राह खोज रहे डोनाल्ड ट्रंप? होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तेहरान की नई शर्तों ने बढ़ाई अमेरिका की टेंशन

‘ईरानी जमीन पर कदम रखा तो हाथ काट देंगे…’, अमेरिका को तेहरान की खुली चेतावनी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty फ्लैट, Sensex में 152 अंकों की बढ़त, दो सेक्टर्स के दम पर बरसे ₹1 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes green: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई तो बाजारों में रौनक छा गई लेकिन मुनाफावसूली और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रास्ता बंद रहने पर ईरान को कड़े हमले की चेतावनी में मार्केट ने अधिकतर बढ़त गंवा दी। शुरुआती बढ़त गंवाते हुए सेंसेक्स डे-हाई से 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी भी फिसलकर 24500 के नीचे आ गया। हालांकि निचले स्तर पर इनमें थोड़ी रिकवरी हुई और ये ग्रीन जोन में बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर भी आज शानदार रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आज 0.18% की बढ़त के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.76% की मजबूती आई है।

सेक्टरवाइज आज पीएसयू बैंकिंग और ऑटो सेक्टर ने मार्केट को काफी सपोर्ट किया। निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी पीएसयू बैंक आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। जुलाई महीने के मजबूत सेल्स डेटा पर ऑटो सेक्टर और आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान ने सरकारी बैंकों के शेयरों की चमक बढ़ाई है। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹1 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 152.05 प्वाइंट्स यानी 0.19% की मजबूती के साथ 78,581.00 और निफ्टी 9.75 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 79,055.38 के हाई से 769.64 प्वाइंट्स टूटकर 78,285.74 और निफ्टी 24,677.60 प्वाइंट्स से 179.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,497.95 तक आ गया। इस गिरावट से पहले सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स और निफ्टी 62.70 चढ़ गया था।

₹1.03 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 4 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,91,15,078.89 करोड़ था। आज यानी 5 अगस्त 2026 को यह बढ़कर ₹4,92,18,206.44 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹103,127.55 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 18 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 18 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी और एसबीआई में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट टीसीएस और एचसीएलटेक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 189

202 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4448 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2310 शेयर आज मजबूत हुए तो 1923 में गिरावट रही जबकि 215 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 202 शेयर एक साल के हाई और 65 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

REPO Rate के ऐलान से पहले Sensex में 600 अंकों का उछाल, 5 वजहों से Nifty पहुंचा 24600 के पार

Share Market Rally: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई तो बाजारों में रौनक छा गई। घरेलू स्टॉक मार्केट में भी सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से ऊपर चढ़ गया और निफ्टी भी 24600 के पार चला गया। मार्केट में यह रौनक उस दिन आई है, जब आरबीआई (RBI) रेपो रेट (REPO Rate) को लेकर ऐलान करने वाला है। ब्रोडर लेवल पर भी आज शानदार रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:40 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 371.98 प्वाइंट्स यानी 0.47% की बढ़त के साथ 78,800.93 और निफ्टी (Nifty) 7.95 प्वाइंट्स यानी 0.03% के उछाल के साथ 24,622.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स चढ़कर 79,055.38 और निफ्टी 62.70 प्वाइंट्स उछलकर 24,677.60 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच जल्द सौदे की उम्मीद

अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ बहुत जल्द डील फाइनल हो सकती है। इसने जियो-पॉलिटिकल टेंशन के हल्के होने के आसार बढ़ा दिए हैं जिससे भारत समेत अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक छा गई।

कच्चे तेल में गिरावट

होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 5% से ज्यादा गिरकर $79 के पास आ गया है। इससे मार्केट को शानदार सपोर्ट मिला है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 4 अगस्त को लगातार छठे सेशन में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और ₹2,446 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

सरकारी बैंकों और ऑटो सेक्टर से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को ऑटो और सरकारी बैंकों से मजबूत सपोर्ट मिला है जिनके निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की बढ़त है। जुलाई महीने के मजबूत सेल्स डेटा पर ऑटो सेक्टर और आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान से पहले सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी है।

डॉलर इंडेक्स में नरमी

मिडिल ईस्ट को लेकर नई उम्मीदों के चलते डॉलर छह हफ्ते के निचले स्तर के पास बना रहा। छह बड़ी करेंसी के मुकाबले अमेरिकी करेंसी को ट्रैक करने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स सोमवार को छह हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद पर 99.85 पर दिख रहा है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Crude Oil Price: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, 5% से ज्यादा गिरकर $79 के पास

Crude Oil Price: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में गिरावट बड़ी है। कच्चा तेल 5% से ज्यादा गिरकर 79 डॉलर के  पास आया। यह दबाव इस उम्मीद के बीच बना रहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और फारस की खाड़ी से कच्चे तेल की सप्लाई बहाल करने के लिए कोई समझौता हो सकता है। ब्रेंट क्रूड गिरकर $79 प्रति बैरल के आसपास आ गया और $79.14 पर ट्रेड कर रहा था। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.9% गिरकर $75.06 पर आ गया। इससे पहले पिछले दो सेशन में बेंचमार्क में 10% से ज़्यादा की गिरावट आ चुकी थी।

कच्चे तेल की कीमतें क्यों बदल रही हैं?

मंगलवार को कतर ने घोषणा की कि एक अंतरिम प्रस्ताव तैयार किया गया है, जबकि अमेरिका और ईरान दोनों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए बातचीत में प्रगति का संकेत दिया है।

पिछले दो हफ़्तों में तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने राजनयिक बातचीत के लिए और समय देने के लिए ईरान पर नए सैन्य हमलों को टाल दिया है। हालाँकि, भले ही जलडमरूमध्य से व्यावसायिक शिपिंग को बहाल करने के लिए कोई अस्थायी समझौता हो जाए, लेकिन इससे संघर्ष का स्थायी समाधान नहीं हो सकता है या ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन की चिंताओं का समाधान नहीं हो सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच पिछला संघर्ष-विराम एक महीने से भी कम समय तक चला और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव के कारण टूट गया। नए सिरे से हुए संघर्ष के कारण पिछले महीने ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग $32 का उतार-चढ़ाव आया, क्योंकि तनाव रेड सी (Red Sea) तक फैल गया था। जुलाई के अंत में लड़ाई में कुछ समय के लिए रुकावट आई थी, जिसका उद्देश्य राजनयिक प्रयासों का समर्थन करना था, लेकिन वह भी अंततः विफल हो गया।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतरी सरकार ने बताया कि ट्रंप ने मंगलवार को कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से भी बात की, ताकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा की जा सके। व्हाइट हाउस ने बातचीत की पुष्टि की लेकिन आगे कोई विवरण नहीं दिया।

संभावित राजनयिक प्रगति के एक और संकेत के रूप में, चर्चाओं से परिचित राजनयिकों के अनुसार, ईरान यूरोपीय देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें (माइंस) हटाने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। अलग से, सरकारी IRIB न्यूज़ ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान के साथ बातचीत रचनात्मक रही और रणनीतिक जलमार्ग के माध्यम से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर केंद्रित थी।

इस बीच, मामले से परिचित लोगों के अनुसार, सऊदी अरब ने संघर्ष को फैलने से रोकने के प्रयास में ओमान के मध्यस्थों के माध्यम से यमन के हूथी विद्रोहियों के साथ चर्चा की है। सूत्रों ने कहा कि बातचीत विफल होने की स्थिति में किंगडम सैन्य आकस्मिक योजनाएँ भी तैयार कर रहा है।

आपूर्ति के मोर्चे पर, पिछले सप्ताह अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 2.7 मिलियन बैरल की वृद्धि हुई, जबकि कुशिंग, ओक्लाहोमा( जो WTI क्रूड के लिए डिलीवरी हब है) में भंडार 2.4 मिलियन बैरल बढ़ गया। यदि बुधवार को बाद में आधिकारिक सरकारी आंकड़ों से इसकी पुष्टि हो जाती है, तो यह मार्च के बाद से कुशिंग में सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि होगी और भंडार को वापस 20 मिलियन-बैरल के स्तर से ऊपर ले जाएगी, जिसे सुचारू संचालन के लिए न्यूनतम आवश्यक स्तर माना जाता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा बाजार के मजबूत खुलने की शुरुआत, RBI पॉलिसी पर होगी बाजार की नजर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में 100 रुपये की तेजी, चांदी अपरिवर्तित

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 4 अगस्त को बुलियन की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। सोने की कीमतें 100 रुपये चढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं। चांदी की कीमतें बगैर बदलाव के 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम रहीं। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी दिखी।

इनवेस्टर्स मध्यपूर्व के हालात को देख बरत रहे सावधानी

ट्रेडर्स ने बताया कि सोने में सामान्य खरीदारी दिखी, जबकि चांदी की कीमतें सीमित दायरे में बनी रहीं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी बातचीत के मद्देनजर इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इनवेस्टर्स जियोपॉलिटिकल स्थिति को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी चढ़कर 4,078 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.1 फीसदी चढ़कर 4,134.60 डॉलर प्रति औंस था। चांदी में तेजी दिखी। यह 2.6 फीसदी चढ़कर 59.7 डॉलर प्रति औंस थी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि इनवेस्टर्स को अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े डेटा का इंतजार है।

क्रूड में उछाल से सोने की कीमतों पर बढ़ा दबाव 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड अब भी लड़ाई से पहले के लेवल से काफी ज्यादा है। अगर यह लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट को हाई बनाए रख सकता है। इसका सोने पर खराब असर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है।

रिकॉर्ड हाई लेवल से करीब 28 फीसदी गिरा है सोना

28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इसका बुलियन की कीमतों पर खराब असर पड़ा। तब से सोने और चांदी की कीमतें दबाव में रही हैं। इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। तब से सोना करीब 28 फीसदी गिर चुका है।

यह भी पढ़ें: Crude Oil Price: क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट, अचानक प्राइस गिरने की वजह क्या है?

अमेरिका-ईरान में जल्द समझौते की उम्मीद

अमेरिकी वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान के साथ जल्द समझौते की उम्मीद है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द खुल जाता है तो इससे क्रूड की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। यह सोने के लिए अच्छी खबर होगी।

Crude Oil Price: क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट, अचानक प्राइस गिरने की वजह क्या है?

क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। भारतीय समय के मुताबिक, 4 बजे के करीब ब्रेंट क्रूड 2.23 फीसदी गिरकर 81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड तो एक समय 3 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। शाम करीब 6 बजे यह 2.84 फीसदी की गिरावट के साथ 78 डॉलर प्रति बैरल था।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर जल्द समझौते की उम्मीद

क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक गिरावट की वजह अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का बयान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर बहुत जल्द यहां तक कि मंगलवार या बुधवार को समझौता हो सकता है। अगर दोनों देशों के बीच यह समझौता हो जाता है तो क्रूड की कीमतों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा।

अमेरिका और ईरान में समझौते के लिए बातचीत जारी

सीएनबीसी से बातचीत में बेसेंट ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही जल्द शुरू हो जाने की उम्मीद जताई। यह पूछने पर कि क्या प्रस्तावित समझौते से ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल करने वाले जहाजों से टोल वसूलने का अधिकार मिल जाएगा, उन्होंने कहा कि अमेरिका का भरोसा आवाजाही की आजादी में है।

पहले भी अमेरिका और ईरान में समझौते की कोशिशें हो चुकी हैं

बेसेंट के इस बयान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार कहा है कि दोनों देशों के बीच मामले के हल के लिए कूटनीतिक स्तर पर कोशिशें जारी हैं। हालांकि, ईरान ने सार्वजनिक रूप से अमेरिका से किसी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच समझौते की कई कोशिशें हो चुकी हैं। लेकिन, उनका कोई नतीजा नहीं निकला।

छह महीने मध्यपूर्व में जारी लड़ाई से क्रूड की कीमतों में उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई 28 फरवरी को हुई थी। इसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान में पहुंच गईं। हालांकि, 120 डॉलर प्रति बैरल तक जाने के बाद कीमतों में नरमी आई हैं। इसके बावजूद ये लड़ाई से पहले के अपने लेवल से काफी ऊपर हैं। क्रूड की ऊंची कीमतें भारत के लिए अच्छा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड में उछाल से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं।

यह भी पढ़ें: चाबहार पोर्ट पर संकट क्यों? समझिए US प्रतिबंध के खतरे और ईरान युद्ध के बीच भारत कैसे बचाएगा अपना ड्रीम प्रोजेक्ट

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहने से ऑयल की सप्लाई पर पड़ सकता है असर

भारत क्रूड की अपनी 90 फीसदी जरूरत इंपोर्ट करता है। क्रूड महंगा होने से भारत का आयात बिल बढ़ जाता है। लंबे समय तक क्रूड के हाई लेवल पर रहने का काफी खराब असर सरकार की सेहत पर पड़ेगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मजु के रास्ते जहाजों की आवाजाही नहीं होने से भारत में क्रूड की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।

Share Market Crash: डे-हाई से 700 प्वाइंट्स टूटा Sensex, 5 वजहों से Nifty आया 24500 के नीचे

Share Market Crash: क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम को लेकर मार्केट में काफी अनिश्चितता फैली है। ब्रोकरेजेज ने भी रिटेलर्स को सतर्क किया है। इसका असर आज मार्केट में दिखा और कच्चे तेल के भाव में उछाल ने इस दबाव को और बढ़ाया। इस दबाव में सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 700 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो भी निफ्टी भी टूटकर 24500 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का तेज दबाव दिखा और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी फिसल गया तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 249.56 प्वाइंट्स यानी 0.32% की गिरावट के साथ 78,389.47 और निफ्टी (Nifty) 283.30 प्वाइंट्स यानी 1.14% की फिसलन के साथ 24,491.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 504.12 प्वाइंट्स उछलकर 79,143.15 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 781.36 प्वाइंट्स टूटकर 78,361.79 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी 291.10 प्वाइंट्स गिरकर 24,483.20 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

CAS सिस्टम

कई ब्रोकर्स ने खुदरा निवेशकों को दोपहर 3 बजे तक अपनी पोजिशन स्क्वेयर ऑफ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेजेज ने अपने क्लाइंट्स को सलाह दी है कि जब तक नए मैकेनिज्म CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) में मार्केट ढल नहीं जाता है, अपनी पोजिशन 3:00 PM और 3:05 PM के बीच बंद कर दें। इससे मार्केट में बेयरेश माहौल बना है क्योंकि एक तरह से शेयरों के लेन-देन का समय कम हुआ है।

आईटी और प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में दबाव

मार्केट पर आज आईटी और हैवीवेट प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स ने काफी दबाव बनाया जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब डेढ़ फीसदी कमजोर हुए। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी में 1% से अधिक तो ऑटो और सरकारी बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी की गिरावट है।

कच्चे तेल में उछाल

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $85 के करीब पहुंचा तो मार्केट पर इसकी आंच महसूस हुई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 2.41% के उछाल के साथ 12.21 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

Nifty की एक्सपायरी

आज निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है जिसके चलते मार्केट में तेज उठा-पटक दिख रही है।

3 बजे तक कर दें स्क्वेयर ऑफ, इस कारण ब्रोकर्स ने दी रिटेल क्लाइंट्स को सलाह

Nifty में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट तो Sensex में 500 अंकों का उछाल, क्या है वजह

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।