इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए फिटनेस की राह पर पाक पूर्व कप्तान

Shan Masood

ENGvsPAK इंग्लैंड में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अभियान से पहले पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर है कि उंगली की चोट से उबरने के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शान मसूद ने बल्लेबाजी अभ्यास शुरू कर दिया है।मसूद बेकनहम में केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में पाकिस्तान टीम के साथ जुड़े और मेडिकल स्टाफ की देखरेख में टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ शुरू होने से एक हफ़्ते से भी कम समय पहले उनकी नेट्स में वापसी हुई है, जिसका पहला टेस्ट 19 अगस्त से लीड्स में खेला जाना है।

कैरेबियन दौरे के पहले मैच के दौरान उंगली में चोट लगने के कारण यह बाएं हाथ का बल्लेबाज़ वेस्टइंडीज के खिलाफ पाकिस्तान के दूसरे टेस्ट में नहीं खेल पाया था। पाकिस्तान ने दूसरा टेस्ट जीता और सीरीज़ 1-1 से बराबर की, जिससे उन्हें 2023 के बाद से घर से बाहर अपनी पहली टेस्ट जीत मिली।

पाकिस्तान ने कहा,” चिकित्सा दल की देखरेख में राष्ट्रीय टीम ने बेकनहम में केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने सेशन के दौरान बल्लेबाजी और गेंदबाजी नेट प्रैक्टिस की। चोटिल बल्लेबाज़ शान मसूद ने भी प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया।”

पाकिस्तान टीम आने वाले दिनों में मसूद की फ़िटनेस पर नज़र रखेगी और उसके बाद ही पहले टेस्ट के लिए उनकी उपलब्धता पर फ़ैसला करेगी। यह सीरीज़ इंग्लैंड में 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चरण में पाकिस्तान का पहला असाइनमेंट होगा। पाकिस्तान अभी डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में आठवें स्थान पर है और कैरेबियन में अपने बेहतर प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास को इंग्लैंड दौरे पर भी बनाए रखने की कोशिश करेगा।

अभी भी नंबर 1 टीम हैं, बांग्लादेश से हार के बाद पैट कमिंस का अजीबोगरीब बयान (Video)

एकदिवसीय विश्व विजेता और पूर्व  विश्व टेस्ट चैंपियनशिप विजेता कप्तान पैट कमिंस जब 13 अगस्त को डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के लिए टॉस जीतकर ड्रेसिंग रूम लौटे होंगे तो उन्हें पता भी नहीं होगा कि यह टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के सबसे बदनुमा दाग के तौर पर याद रखा जाने वाला है।

बांग्लादेश से 9 विकेट की हार के बाद भी पैट कमिंस की आवाज में मधुरता नहीं आई है। उन्होंने हार के बाद कहा कि वह यानि कि ऑस्ट्रेलिया अब भी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 में शीर्ष पर हैं। इसे कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने अति आत्मविश्वास का नाम दिया है।

गौरतलब है कि मेहदी हसन मिराज (पांच विकेट) और हसन महमूद (तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन रविवार को नौ विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसी के साथ बांग्लादेश ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। यह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। बांग्लादेश ने टेस्ट में दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को हराने का कारनामा किया है।

यह जीत बांग्लादेश के लिए एक बहुत बड़ा पल है, खासकर ऐसे साल में जब उन्होंने राजनीतिक कारणों से टी-20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, मार्च के बाद से उन्होंने काफी जीत हासिल की हैं, और यह बड़ी टेस्ट जीत उसी का नतीजा है।

मैच में हसन महमूद के नौ विकेट और तंजिद हसन के पहले शतक के साथ-साथ मेहदी हसन मिराज की अर्धशतक और पांच विकेट लेने का कारनामा भी देखने को मिला। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बल्ले से और कप्तान के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन किया।

इससे ठीक एक हफ़्ते पहले क्रिकट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में वे 54 रन पर ऑल आउट हो गए थे, और टेस्ट सीरीज में चोटिल नाहिद राणा की कमी को लेकर बहुत चर्चा हो रही थी। फिर भी, बांग्लादेश के गेंदबाजो ने ऑस्ट्रेलिया को दोनों पारियों में 300 रन से कम पर ऑल आउट कर दिया, जबकि उनकी कमजोर बल्लेबाजी लाइन-अप टेस्ट में मज़बूती से डटी रही।

इंडियन प्लेयर को लगातार लग रही चोट पर गावस्कर ने किया CoE का बचाव, बोले- ट्रेनिंग में हो सकती है कमी

भारतीय टीम इस समय चोटों की समस्या से जूझ रही है। जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और हार्दिक पांड्या जैसे कई बड़े भारतीय खिलाड़ी इस समय चोट की वजह से टीम से बाहर हैं। इन खिलाड़ियों की चोट को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट और फैंस के मुताबिक, खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने से पहले ही CoE से रिलीज कर दिया गया, जिससे उनकी चोट दोबारा सामने आई या बढ़ गई। वहीं इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों की चोटों को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल उठाने को सही नहीं माना है।

उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की चोट हो रही है, जिसकी वजह उनकी ट्रेनिंग भी हो सकती है। इसलिए इस मामले में केवल CoE के फिजियो पर सवाल उठाना ठीक नहीं होगा।

सुनील गावस्कर ने COE का किया बचाव

सुनील गावस्कर ने मिड-डे के अपने कॉलम में लिखा, “बुमराह को भले ही घुटने की चोट लगी है, लेकिन ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की समस्या होती है। इससे साफ लगता है कि उनकी ट्रेनिंग में कुछ कमी है, जिसकी वजह से बार-बार हैमस्ट्रिंग की चोटें सामने आ रही हैं।” गावस्कर ने कहा, “इन खिलाड़ियों को चोटें तब लगती हैं जब वे भारत के लिए मैच खेल रहे होते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इसका जिम्मेदार BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो को ठहरा दिया जाता है। उन्होंने तथाकथित बायोमैकेनिक्स पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत गेंदबाज को प्रैक्टिस नेट्स में सिर्फ कुछ ही गेंदें डालने की अनुमति होती है। गावस्कर के मुताबिक, ऐसी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”

क्यों लग रही चोटें

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक जिम करने से ज्यादा मैच फिट रहना जरूरी है। उन्होंने बार-बार हो रही चोटों की वजह की गंभीरता से जांच करने की बात कही। गावस्कर ने कहा, “यह समझने की जरूरत है कि खिलाड़ियों को बार-बार चोटें क्यों लग रही हैं और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। सिर्फ जिम में फिट रहना काफी नहीं है, बल्कि मैच के लिए पूरी तरह फिट होना ज्यादा जरूरी है। हालांकि, हो सकता है कि फिटनेस को लेकर मेरी सोच मेरी पीढ़ी के खिलाड़ियों से जुड़ी हो।”

इंग्लैंड के खिलाफ गिल ने जताई थी चिंता

हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत को मिली हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम का संतुलन बिगड़ता है और बार-बार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करना टीम के लिए अच्छा नहीं है।

WTC Points Table: ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद बदली WTC की तस्वीर, बांग्लादेश को हुआ बड़ा फायदा, जानें भारत का कैसा हाल

Varanasi Airport Firing: वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियारों की जांच के दौरान अचानक पिस्तौल से चली गोली! Air India Express के 2 कर्मचारी घायल

Varanasi Airport Firing: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में रविवार (16 अगस्त) सुबह जांच के दौरान एक यात्री के लाइसेंसी पिस्तौल से अचानक गोली चल जाने से हड़कंप मच गया। गोली की चपेट में आने से एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस से यात्रा करने के लिए आजमगढ़ निवासी कमलेश राय पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल थी।

उन्होने बताया कि जांच के दौरान पिस्टल की जांच और उसमें मौजूद गोलियों की गिनती की जा रही थी, तभी अचानक फायरिंग हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में जांच कर रही महिला कर्मचारी के पैर में और पास खड़े एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पत्नी के साथ जा रहा था मुंबई

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट नंबर IX-1810 से मुंबई जा रहा था। उसके पास एक पिस्तौल और मैगजीन थी। उसने फ्लाइट में चढ़ने से पहले अधिकारियों को हथियारों की जानकारी दी। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के मुताबिक, जब हथियार और उसके कागजात की जांच हो रही थी, तभी बंदूक अचानक से चल गई। उन्होंने बताया कि हथियार और उसके कागजात की जांच के समय हथियार का मालिक और एयरपोर्ट का स्टाफ दोनों मौजूद थे।

फायरिंग में दो कर्मचारी घायल

गोली पहले जमीन पर लगी और फिर पास खड़े दो स्टाफ सदस्यों को जा लगी। एक महिला स्टाफ सदस्य की जांघ में गोली लगी। जबकि एक पुरुष स्टाफ सदस्य के हाथ में चोट आई। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर के मुताबिक, यह घटना 16 अगस्त, 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे हुई। गुप्ता ने बताया कि घायल दोनों स्टाफ सदस्यों की हालत स्थिर है। फिलहाल, उनका इलाज चल रहा है। ANI के मुताबिक, एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा कि स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।

वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “आज सुबह करीब 9:30 बजे, मुंबई जाने वाली फ्लाइट IX-1810 में अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे एक यात्री ने फ्लाइट में हथियार ले जाने की जानकारी दी। हथियारों की जांच के दौरान यात्री ने एक राउंड गोली चलाई, जिससे दो AAICLAS स्क्रीनर घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।” पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारी अब इस घटना की विस्तार से जांच कर रहे हैं।

बांग्लादेश ने 9 विकेट से ऑस्ट्रेलिया को उसके मैदान पर हराकर दर्ज की एतिहासिक टेस्ट जीत

AUSvsBAN मेहदी हसन मिराज (पांच विकेट) और हसन महमूद (तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन रविवार को नौ विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसी के साथ बांग्लादेश ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। यह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। बांग्लादेश ने टेस्ट में दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को हराने का कारनामा किया है।

ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट पर 161 रन से आगे खेलना शुरु किया। आज सुबह के सत्र में मेहदी हसन मिराज ने एलेक्स कैरी (30) को आउट कर बांग्लादेश को पांचवीं सफलता दिलाई। इसके बाद आने वाले बल्लेबाज थोड़ा संघर्ष करने के बाद अपने-अपने विकेट गवांते रहे। हालांकि इस दौरान कैमरन ग्रीन एक छोर थामे रन बनाते रहे। इस दौरन उन्होंने अपने शतक पूरा किया।

बो वेब्स्टर (पांच), कप्तान पैट कमिंस (आठ), मिचेल स्टार्क (18) रन बनाकर आउट हुये। 93वें ओवर में मिराज ने शतक बना चुके कैमरन ग्रीन को आउट किया। कैमरन ग्रीन ने 201 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाते हुए 104 रनों की पारी खेली। इसके बाद 96वें ओवर में मिराज ने नेथन लॉयन (15) रन को पगबाधा आउटकर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी का 284 रनों के स्कोर पर अंत कर दिया।

बांग्लादेश को जीत के लिए 57 रनों का लक्ष्य मिला। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी बंगलादेश ने 14.2 ओवरों में एक विकेट गवांकर 57 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। एकमात्र आउट होने वाले बल्लेबाज तंजिद हसन (शून्य) रहे। उन्हें जॉश हेजलवुड ने बोल्ड आउट किया। शादमान इस्लाम (25) और मोमिनुल हक (30) रन बनाकर नाबाद रहे।

बांग्लादेश की ओर से मेहदी हसन मिराज ने पांच विकेट लिये। वहीं हसन महमूद ने दोनों पारियों में कुल नौ विकेट लिये और उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।यह जीत बांग्लादेश के लिए एक बहुत बड़ा पल है, खासकर ऐसे साल में जब उन्होंने राजनीतिक कारणों से टी-20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, मार्च के बाद से उन्होंने काफी जीत हासिल की हैं, और यह बड़ी टेस्ट जीत उसी का नतीजा है।

मैच में हसन महमूद के नौ विकेट और तंजिद हसन के पहले शतक के साथ-साथ मेहदी हसन मिराज की अर्धशतक और पांच विकेट लेने का कारनामा भी देखने को मिला। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बल्ले से और कप्तान के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत को इतना अविश्वसनीय बनाने वाली बात थी इस मैच से पहले बंगलादेश की फॉर्म।

इससे ठीक एक हफ़्ते पहले क्रिकट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में वे 54 रन पर ऑल आउट हो गए थे, और टेस्ट सीरीज में चोटिल नाहिद राणा की कमी को लेकर बहुत चर्चा हो रही थी। फिर भी, बांग्लादेश के गेंदबाजो ने ऑस्ट्रेलिया को दोनों पारियों में 300 रन से कम पर ऑल आउट कर दिया, जबकि उनकी कमजोर बल्लेबाजी लाइन-अप टेस्ट में मज़बूती से डटी रही।

संक्षिप्त स्कोर इस प्रकार रहा:- ऑस्ट्रेलिया पहली पारी 198 रन, दूसरी पारी 284 रन। बंगलादेश पहली पारी 426 रन और दूसरी पारी एक विकेट पर 57 रन।

Nag Panchami 2026: नाग पंचमी के त्योहार पर बन रहा ये खास संयोग, भूल कर भी न करें ये गलतियां

Nag Panchami 2026: हर साल की तरह इस बार भी नाग पंचमी सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होगी। 17 अगस्त 2026 दिन सोमवार को नाग पंचमी मनाई जाएगी। यह और भी खास हो गई है, क्योंकि इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार पड़ रहा है। ऐसे शुभ दिन पर नाग पंचमी और सावन सोमवार का यह संयोग पर्व के महत्व और ज्यादा बढ़ा देता है। माना जाता है कि इस विशेष संयोग में शुभ मुहूर्त पर नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को 4 गुना ज्यादा फल मिलता है। पूजा मन लगाकर विधि विधान से करनी चाहिए।

पूजा विधि

इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाने वाली है। ज्योतिष के मुताबिक नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होती है। इस दिन नाग देवताओं की पूजा होती है, जिससे सर्प दंश (काटने) का भय न हो, जीवन में सुख शांति समृद्धि बनी रहे, और प्रकृति तथा जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान करने का भी ये एक जरिया है। इस दिन यदि आप सावन सोमवार का व्रत कर रहे हैं, तो आपको नागव्रत का संकल्प नहीं कर सकते हैं। एक बार में एक व्रत किया जा सकता है। इसके बाद शिव जी की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। फिर नाग देवता की पूजा करनी चाहिए। जल अर्पित कर तिलक, चावल, फूल, भोग चढ़ाएं। वस्त्र अर्पित करें। वहीं दूध और खीर चढ़ाना न भूलें।

ये काम करने से बचें

1-सांपों का बिल जमीन के अंदर होता है। इसलिए नाग पंचमी के दिन गलती से भी जमीन, खेत वगैरह की खुदाई न करें। ऐसा करने से सांपों को चोट पहुंच सकती है, जो अशुभ होगा।

2-नाग पंचमी वाले दिन लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

3-इस दिन नुकीलीं चीजें जैसे चाकू, सुई आदि का यूज करने से बचें।

4-नाग पंचमी वाले दिन भूलकर भी किसी जीव जंतु खासकर सापों को नुकसान न पहुंचाए।

5-इस दिन मदिरा और तामसिक भोजन करने से भी बचना चाहिए।

कथा

सबसे फेमस कथा के मुताबिक एक खेत जोतता किसान था। हल चलाते समय गलती से उसने नागिन के बच्चों को मार दिया ता। दुखी और क्रोधित नागिन ने किसान के पूरे परिवार को डंस लिया था। बाद में किसान की बेटी ने श्रद्धा से नाग देवता की पूजा की और उनसे क्षमा याचना की थी।

उसकी भक्ति को देख नागिन ने प्रसन्न होकर पूरे परिवार को जीवनदान दे दिया था। तभी से नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा की शुरुआत हो गई। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार सुरक्षित रहता है और जीवन में आने वाले संकट कटते हैं।

IND vs SL: गॉल टेस्ट में गरजा देवदत्त पडिक्कल का बल्ला, ठोका करियर का पहला शतक, विराट कोहली के इस एलीट क्लब में हुए शामिल

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। वहीं पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। पहले दिन का खेल खत्म होने तक देवदत्‍त पडिक्‍कल 131 और ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया।

कर्नाटक के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दो मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में धैर्य के साथ खेलते हुए बड़ी पारी खेली और टीम के लिए अहम योगदान दिया। यह शतक पडिक्कल के टेस्ट करियर की एक खास उपलब्धि बन गया। इस शतक के साथ पडिक्कल विराट कोहली के साथ एक खास क्लब में शामिल हो गए।

पडिक्कल ने बनाया रिकॉर्ड

देवदत्त पडिक्कल ने अपने शतक के साथ एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि विराट कोहली ने हासिल की थी। कोहली ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में नाबाद 114 रन की पारी खेलकर यह रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन में टीम को मुश्किल टारगेट का पीछा करने में अहम मदद की थी।

कैसा था मुकाबला

ये मुकाबला मैच 14 अगस्त को शुरू हुआ था, लेकिन भारतीय समय के मुताबिक कोहली ने अपना शतक 15 अगस्त की रात लगाया। बारिश के कारण मैच 35 ओवर का कर दिया गया और भारत को 255 रन का लक्ष्य मिला। 92 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद कोहली ने पारी संभाली और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। भारत 32.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में विराट कोहली ने अपना 43वां वनडे शतक लगाया।

गणतंत्र दिवस- स्वतंत्रता दिवस पर लगा चुके हैं शतक

इसके साथ ही विराट कोहली स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों मौकों पर शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। गणतंत्र दिवस पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में 116 रन की पारी खेली थी, जो उनके टेस्ट करियर का पहला शतक भी था।

पडिक्कल ने 134 गेंदों में ठोका शतक

देवदत्त पडिक्कल ने 134 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। पडिक्कल को चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। पडिक्कल ने पारी के दौरान धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और स्पिन गेंदबाजों का भी अच्छी तरह सामना किया।

तिरंगा यात्रा में जाने से रोके गए देवेंद्र महतो, पुलिस पर मारपीट का आरोप…सामने आया वीडियो

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शनिवार को पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में होने वाली तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए जब वह अस्पताल से बाहर निकल रहे थे, तब पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। रिपोर्ट के मुताबिक, महतो पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

महतो का दावा है कि पुलिस के साथ हुई झड़प में उनके सीने पर चोट लगी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस समय प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और गड़बड़ी की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। महतो ने 2 अगस्त से भूख हड़ताल शुरू की थी। इसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले रांची विधानसभा का घेराव करने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ गई थी। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले व पानी की बौछार का भी इस्तेमाल किया था।

महतो का पुलिस पर मारपीट का आरोप

महतो ने कहा कि वह प्रदर्शन स्थल पर होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम और तिरंगा यात्रा में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होना चाहते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने से क्यों रोका जा रहा है। महतो ने कहा, “80 साल बाद हमें एहसास हुआ है कि हमें सिर्फ नाम की आजादी मिली है। संविधान के किस नियम के तहत मुझे रोका जा रहा है?”

महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अन्य पोस्ट में बताया कि जैसे ही उन्होंने तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई, उनके अस्पताल के कमरे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश के नागरिकों को अपने ही देश में तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आजादी नहीं है।

घटना के एक वीडियो में एक सुरक्षा अधिकारी महतो को अस्पताल से बाहर जाने से रोकता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में कई जेएलकेएम कार्यकर्ता अधिकारी से महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने देने की अपील करते नजर आ रहे हैं। वहीं, अधिकारी उन्हें भूख हड़ताल कर रहे महतो को आराम करने देने के लिए कहता हुआ दिखाई देता है। महतो ने अस्पताल के बिस्तर से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग छात्र आंदोलन को भटकाने और उसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने और आपसी एकता बनाए रखने की भी अपील की।

हेमंत सोरेन ने पारदर्शिता का भरोसा दिलाया

इस बीच, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने खास तौर पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा, “मेरे लिए राज्य के युवा और उनका हम पर भरोसा बहुत महत्वपूर्ण है। हमने व्यवस्था में बदलाव लाने का फैसला किया है। पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।”

उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों से सुझाव लेने की पहल शुरू की है। इसका नाम ‘छात्रों की बात – छात्रों के साथ’ रखा गया है। इससे पहले छात्र नेता रविंदर पासवान ने कहा था कि प्रदर्शनकारी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की आजादी और उसके महत्व पर बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि शनिवार को प्रदर्शनकारी सरकार के सामने अपनी मांगें नहीं रखेंगे।

12th और Graduation में फेल, फिर बने Civil Servant | Dancer to Civil Servant | Brijesh Parmar

12th और Graduation में फेल, फिर बने Civil Servant | Dancer to Civil Servant | Brijesh Parmar

कभी Physics में सिर्फ 3 नंबर पाने वाले
सिरोही, राजस्थान के Brijesh Parmar ने 12वीं और फिर BA First Year में भी असफलता देखी।
पढ़ाई छोड़कर Dance की दुनिया में गए, दिल्ली में ट्रेनिंग ली और मुंबई में बड़े Choreographers के साथ काम किया।
लेकिन Lockdown में जब घर लौटे, तो लोगों के तानों ने उन्हें अंदर तक चोट पहुंचाई।
उसी अपमान को उन्होंने अपनी ताकत बनाया।
2020 से दोबारा पढ़ाई शुरू की और लगातार मेहनत करते रहे।
नतीजा?
RAS 2023 और RAS 2024 में सफलता।
आज उनका सफर उन हजारों Aspirants के लिए उम्मीद है, जिन्हें कभी खुद पर भरोसा नहीं होता।
क्या एक असफलता किसी इंसान का भविष्य तय कर सकती है?

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शुभमन गिल की टेस्ट कप्तानी का एक साल पूरा, है पहली सीरीज जीत का इंतजार

भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि भले ही उनकी कप्तानी में टीम अभी तक कोई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है, लेकिन वह इस भूमिका में पूरी तरह सहज हैं और उन्हें विश्वास है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है।गिल की कप्तानी में पहली टेस्ट सीरीज (इंग्लैंड में) 2-2 से ड्रॉ रही। इसके बाद भारत घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से सीरीज हार गया, हालांकि गर्दन की चोट के कारण गिल उस सीरीज के बड़े हिस्से में नहीं खेल सके।

भारत ने घरेलू टेस्ट सीरीज में अफगानिस्तान को आसानी से हराया था जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा नहीं थी। लेकिन गिल ने कहा कि वह बड़े लक्ष्य पर ध्यान दे रहे हैं।श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में गिल ने कहा, ‘‘मैं कप्तानी की भूमिका में बहुत सहज हूं। पिछले एक साल में जिस तरह हमारी टीम आगे बढ़ी है, उसे देखकर मुझे काफी संतोष मिलता है। मुझे लगता है कि हम सही दिशा में सही कदम उठा रहे हैं। ’’

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है और फाइनल में पहुंचने के लिए टीम को मजबूत प्रदर्शन करना होगा।उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मुख्य लक्ष्य अगले साल होने वाले WTC फाइनल में पहुंचना है। हमारे पास अभी लगभग नौ टेस्ट मैच हैं और क्वालीफाई करने के लिए हमें इनमें से छह या सात मैच जीतने होंगे। इसलिए श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हमने इसकी अच्छी तैयारी की है। ’’

श्रीलंका के खिलाफ यह मुकाबला भारत का 600वां टेस्ट मैच होगा। इस ऐतिहासिक मौके पर टीम की कप्तानी करते हुए वह मंसूर अली खान पटौदी (भारत के 100वें टेस्ट) और विराट कोहली (500वें टेस्ट) जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हो जाएंगे।गिल ने कहा, ‘‘अपने देश के लिए किसी भी टेस्ट मैच में कप्तानी करना बहुत बड़ा सम्मान है। भारत के 600वें टेस्ट में टीम का नेतृत्व करना मेरे लिए गर्व की बात है और स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा करना इसे और भी खास बना देता है। ’’

गिल के बचपन के कोच सुखविंदर टिंकू ने कहा, ‘‘मैं बिलकुल भी हैरान नहीं हूं कि शुभमन बतौर कप्तान अच्छा कर रहा है। शुभमन हमेशा से सीखने के इच्छुक रहे हैं। जब वह छोटे थे, तब मुझे उन्हें कोई बात दो बार समझाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। वह बहुत तेज और सीखने के लिए हमेशा उत्सुक रहते थे। ’’

गिल ने श्रीलंका के गॉल की परिस्थितियों पर कहा कि यहां पुरानी गेंद से स्पिनरों की भूमिका काफी अहम होती है, जैसा कि भारत में भी कई जगह देखने को मिलता है।उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी समानता यह है कि गेंद पुरानी होने पर स्पिनरों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि भारत में अलग-अलग तरह की मिट्टी की पिचें हैं। गॉल में हाल के मैच में अच्छी उछाल देखने को मिली है जो भारत की लाल मिट्टी वाली पिच जैसी है। अगर आप मुंबई जैसी जगह पर खेलते हैं तो यहां की परिस्थितियां काफी मिलती-जुलती लगती हैं। ’’