IND vs SL: टीम इंडिया में फिर हुई सरफराज खान की वापसी, इस खिलाड़ी की जगह मिला मौका

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा। वहीं इस मैच से पहले भारत के कई खिलाड़ी चोट की वजह से टीम से बाहर हो गए हैं। चोट की वजह से जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन सीरीज से बाहर हो गए हैं। वहीं BCCI ने साई सुदर्शन की जगह चोटिल खिलाड़ी के नाम का ऐलान कर दिया है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को टीम में शामिल किया है। BCCI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

BCCI ने एक बयान में कहा, “साई सुदर्शन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। साई बेंगलुरु में BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में थे। दाएं पैर के अंगूठे में चोट के कारण वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिकवरी कर रहे थे। उनकी हालत में अब काफी सुधार है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए है। पुरुषों की सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को चुना है। वह 15 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए टीम के गॉल रवाना होने से पहले कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे।”

कब लगी थी साई को चोट

जुलाई में इंडिया A के श्रीलंका दौरे के दौरान साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। इसके बाद से वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। शुरुआत में उम्मीद थी कि वह टेस्ट सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी रिकवरी में थोड़ा ज्यादा समय लग गया और वह सीरीज से बाहर हो गए।

सरफराज ने कब खेला था आखिरी मैच

सरफराज खान ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तीन मैचों की उस सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और दूसरे टेस्ट में अपने करियर का पहला शतक लगाया था। लेकिन, इसके बाद उन्हें टीम में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वह टीम में शामिल तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और बाद में वह टीम से बाहर हो गए।

खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों से परेशान BCCI? CoE में बढ़ी इंजर्ड प्लेयर की भीड़

बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के दौरान फ्रेंचाइजी और पैसों से जुड़ा दबाव खिलाड़ियों पर ज्यादा काम का बोझ डाल रहा है, जिससे चोटों की संख्या बढ़ी है। इस समय कम से कम 10 इंटरनेशलन खिलाड़ी छोटी या गंभीर चोटों के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिहैब कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कई बड़े खिलाड़ी IPL के दौरान चोटिल होने के बावजूद खेलते रहे। लगातार ज्यादा क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों के शरीर पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर उम्रदराज खिलाड़ियों में चोट से वापसी का समय तय करना मुश्किल हो जाता है।

चोट के बाद भी खेलते हैं आईपीएल

सूत्र के अनुसार, IPL में टीम और पैसों से जुड़े दबाव के कारण कुछ खिलाड़ी चोट के बावजूद मैदान पर उतरते हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज और फिटनेस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि, टीम और CoE के फिजियो खिलाड़ियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती चोटों से सेलेक्टर्सु, कोच और कप्तान के सामने भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों के साथ-साथ उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है।

चोट की वजह से बाहर हुए बुमराह-साई

जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के श्रीलंका दौरे से बाहर होने के बाद BCCI के चयनकर्ताओं के साथ CoE के तालमेल पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले खबर थी कि दोनों खिलाड़ी दो टेस्ट मैचों में से कम से कम एक मुकाबले में खेल सकते हैं, लेकिन बाद में उन्हें दौरे से बाहर कर दिया गया। भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। मार्च 2025 में नितिन पटेल के जाने के बाद से यहां का स्पोर्ट्स साइंस विभाग अभी तक स्थायी प्रमुख के बिना चल रहा है। इसी बीच BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने रविवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया और मीडिया से बातचीत की।

लक्ष्मण ने क्या कहा

इस दौरान वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर की टीम और उसकी व्यवस्था का बचाव किया। उन्होंने कहा, “देखिए, CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है, बल्कि क्रिकेटरों को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी है। इसलिए, हम (चोटों के लिए) ‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते, क्योंकि जब आप इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो आप किसी को बलि का बकरा बना रहे होते हैं।” लक्ष्मण ने कहा, “लेकिन CoE और दोनों टीमों (पुरुष और महिला) के टीम मैनेजमेंट और दोनों टीमों के SSM स्टाफ के बीच शानदार तालमेल है। इसलिए यह बातचीत आसानी से हो रही है।”

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

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ममता बनर्जी की कार पर पत्थरों-जूतों और कीचड़ से हमला, चोर-चोर के लगे नारे

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रविवार को उत्तर 24 परगना जिले में विरोध का सामना करना पड़ा। वह एक मृत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को घेर लिया और ‘चोर’ के नारे लगाए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर कीचड़ भी फेंका। यह घटना बिजपुर में हुई। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों का एक समूह ममता बनर्जी की गाड़ी के आसपास जमा हो गया, जब वह मृत पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं।

ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि कार पर हमला इतना जोरदार था कि अगर उसकी खिड़कियां खुली होतीं तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी। ममता बनर्जी ने कहा, “हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने अपने जीवन में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। आखिर यह सब क्या हो रहा है?” उन्होंने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही है, जबकि उनकी कार पर हमला पुलिस के सामने ही हुआ।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस की मौजूदगी में उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि हमला इतना जोरदार था कि अगर कार की खिड़कियां खुली होतीं तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी। ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, “हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। आखिर यह सब क्या हो रहा है? पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही है।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उनकी कार पर पत्थर, जूते और कीचड़ फेंके गए। ममता बनर्जी ने इसे एक साजिश बताया। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस को पहले ही बताया था कि मैं यहां आ रही हूं। इसके बावजूद पुलिस ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। पूरे पश्चिम बंगाल पर गुंडों का कब्जा है।” वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ममता बनर्जी शांत इलाके में “अशांति फैलाने” आई थीं। प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ नारे भी लगाए गए। यह विरोध एक मृत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के घर जाने के दौरान हुआ। बताया गया है कि कार्यकर्ता की मौत हलीशहर पुलिस की हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद हुई थी। हालांकि, इस मामले से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

Air India टर्बुलेंस मामले में बड़ी खबर, विमान का एक पायलट डोप टेस्ट में पॉजिटिव, क्या हुआ था फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में?

Air India Pilot News: एयर इंडिया की फुकेत से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट में 4 अगस्त को हुई गंभीर टर्बुलेंस की घटना अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। The Times of India ने कई सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस एयर इंडिया विमान को उड़ाने वाले कैप्टन का पोस्ट-फ्लाइट डोप टेस्ट कथित तौर पर साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए पॉजिटिव आया है। हालांकि, इस दावे की अभी Air India ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद पायलटों का डोप टेस्ट किया गया था। लेकिन Air India का कहना है कि इस टेस्ट के नतीजे अभी उसे उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसलिए एयरलाइन फिलहाल यह बताने की स्थिति में नहीं है कि टेस्ट का परिणाम वास्तव में क्या रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 अगस्त को टर्बुलेंस का सामना करने और अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिरने के बाद फ्लाइट के कैप्टन का डोप टेस्ट (नशीले पदार्थों की जांच) पॉजिटिव आया है।

Air India ने क्या कहा?

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन को जानकारी है कि लागू नियमों और प्रोटोकॉल के तहत फ्लाइट के बाद पायलटों की स्क्रीनिंग की गई थी। हालांकि, टेस्ट के परिणाम एयरलाइन के साथ साझा नहीं किए गए हैं। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके क्रू सदस्यों का नियमित रूप से ड्रग टेस्ट किया जाता है। यह प्रक्रिया किसी एक स्पेशल फ्लाइट या दुर्घटना जैसी घटना से जरूरी तौर पर जुड़ी नहीं होती। Air India के मुताबिक, वह नागरिक उड्डयन नियमों के तहत अपने क्रू की नियमित ड्रग टेस्टिंग कराती है। टाटा ग्रुप की एयरलाइन ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में पूरा सहयोग जारी रखेगी।

एयरलाइन ने कहा, “एयर इंडिया किसी खास फ़्लाइट या ऑपरेशनल घटना से अलग, सिविल एविएशन नियमों का पालन करते हुए क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग टेस्ट करती है। हम ज़रूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे।” डोप टेस्ट का यह नतीजा ऐसे समय में आया है जब एविएशन अधिकारी 4 अगस्त की टर्बुलेंस की घटना की जांच कर रहे हैं। इस घटना के दौरान फ्लाइट अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिर गया था, जिससे यात्री और क्रू सदस्य घायल हो गए थे।

आखिर 4 अगस्त को Phuket-Delhi फ्लाइट में हुआ क्या था?

नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने बताया कि फुकेत से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में मंगलवार 4 अगस्त को चार से पांच मिनट तक हवा में तेज टर्बुलेंस हुई, जिसमें चालक दल के कुछ सदस्यों को रीढ़ और गर्दन में चोटें आईं। उन्होंने बताया कि हवा में अचानक आई टर्बुलेंस के कारण विमान करीब 300 फुट नीचे चला गया। इस घटना में चालक दल के चार सदस्यों समेत कम से कम 17 लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।

नायडू ने राष्ट्रीय राजधानी में कहा कि विमान को करीब पांच मिनट तक हवा में टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “विमान को इसके बाद भी करीब एक घंटे तक उड़ान भरनी थी। इस दौरान चालक दल के सदस्यों ने यात्रियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई। यह बहुत बहादुरी का काम था… मैं उनके साहस के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।” चोटों की गंभीरता के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि चालक दल के दो सदस्यों को रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से और गर्दन के पास चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है।

13 यात्रियों को कराया गया भर्ती

विमान में 137 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। मंगलवार को घटना के बाद 13 यात्रियों और चालक दल के चार सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। Air India ने एक बयान में कहा, “चार अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान AI2379 से जुड़ी घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए सभी 13 यात्रियों को पांच अगस्त को दोपहर 3:30 बजे तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”

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बयान में आगे कहा गया, “चालक दल के चार सदस्य अब भी डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनका इलाज जारी है।’’ एयर इंडिया ने कहा कि उसकी टीम अस्पतालों में मौजूद हैं और प्रभावित लोगों के संपर्क में हैं।

वैन के नीचे आने के बावजूद चमत्कार, बाल-बाल बचा मासूम; VIDEO देख दहल जाएगा दिल

बल्लभगढ़ में छह साल का एक बच्चा स्कूल वैन के नीचे आ गया। वैन बच्चे के ऊपर से गुजर गई लेकिन मासूम बाल-बाल बच गया। बच्चे के सिर में चोट आई। उसे अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।

India vs Sri Lanka: श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, जसप्रीत बुमराह के बाद ये खिलाड़ी हुआ बाहर

भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। चोट की वजह से बाएं हाथ के बल्लेबाज बी साई सुदर्शन इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लगी है और वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है। बीसीसीआई ने साई सुदर्शन के रिप्लेसमेंट प्लेयर का ऐलान नहीं किया है। वहीं इससे पहले जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से श्रीलंका सीरीज से बाहर हो गए हैं।

साई सुदर्शन ने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट की पहली पारी में 81 रन की महत्वपूर्ण पारी भी खेली थी। साई को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम में जगह दी गई थी। लेकिन टीम में उनका शामिल होना पूरी तरह फिट होने और फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर था।

साई नहीं पहुंचे कोलंबो

साई सुदर्शन 4 अगस्त को भारतीय टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ श्रीलंका रवाना नहीं हुए थे और उनके 8 अगस्त को कोलंबो में टीम से जुड़ने की उम्मीद थी। लेकिन, अब सामने आई जानकारी के मुताबिक चोट के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। सुदर्शन का बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वह शानदार फॉर्म में चल रहे थे। हाल ही में जून-जुलाई में इंडिया ए की ओर से श्रीलंका ए के खिलाफ खेले गए दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में उन्होंने दोनों मुकाबलों की पहली पारी में शतक लगाया था।

ये खिलाड़ी ले सकता है जगह

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड जल्द ही उनके विकल्प के नाम का ऐलान कर सकता है। सुदर्शन की जगह देवदत्त पडिक्कल को पहले टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है। भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गाले में खेला जाना है। पडिक्कल भी इस समय अच्छी लय में हैं और उन्होंने कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ खेले जा रहे तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच की पहली पारी में शानदार शतक लगाया है। पडिक्कल ने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों में 103 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने केएल राहुल और रवींद्र जडेजा के साथ अहम साझेदारियां भी कीं।

ये खिलाड़ी भी लिस्ट में

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद बीसीसीआई उनकी जगह लेने के लिए सरफराज खान, रजत पाटीदार और ऋतुराज गायकवाड़ में से किसी एक को टीम में शामिल कर सकता है। सरफराज भारत के लिए 6 टेस्ट खेल चुके हैं, जबकि पाटीदार 3 टेस्ट मैचों में टीम का हिस्सा रहे हैं। वहीं, ऋतुराज ने 47 फर्स्ट क्लास मैचों में 3,294 रन बनाए हैं। वह भारत के लिए वनडे और टी20 मैच खेल चुके हैं, लेकिन अभी तक टेस्ट डेब्यू नहीं किया है।

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