Stocks to Watch: 2 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार 2 सितंबर को कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी। अगस्त की सेल्स, नए ऑर्डर और बड़े बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, FMCG, IT और मेटल सेक्टर की कंपनियां फोकस में रहेंगी। यहां 13 ऐसे स्टॉक्स हैं, जिनमें बुधवार को हलचल देखने को मिल सकती है।

Hero MotoCorp

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp की घरेलू बिक्री अगस्त में 4.5% बढ़कर 5.42 लाख यूनिट रही। स्कूटर की बिक्री बढ़ने से मोटरसाइकिल की बिक्री में आई गिरावट का असर कम हुआ। कुल बिक्री और एक्सपोर्ट मिलाकर डिस्पैच 2.6% बढ़कर 5.68 लाख यूनिट रहे।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने अगस्त के ई-ऑक्शन में 210.66 लाख टन कोयला ऑफर किया। इसमें से 82.76 लाख टन की एलोकेशन हुई। यानी करीब 39% कोयला बिका। खास बात यह रही कि औसत कीमत नोटिफाइड प्राइस से 59% ज्यादा रही।

NMDC

सरकारी खनन कंपनी NMDC ने अगस्त में उत्पादन बढ़ने की जानकारी दी है। कंपनी का कुल उत्पादन बढ़कर 40.7 लाख टन हो गया। एक साल पहले अगस्त में यह 33.7 लाख टन था। वहीं, बिक्री 35.8 लाख टन रही, जो पिछले साल 33.9 लाख टन थी।

Ujjivan Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Ujjivan Small Finance Bank ने बताया कि RBI ने कैरल फर्टाडो को अंतरिम CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह तीन महीने तक इस पद पर रहेंगी।

Gland Pharma

फार्मा कंपनी Gland Pharma की विशाखापट्टनम स्थित API फैसिलिटी में US FDA ने 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच GMP इंस्पेक्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस इंस्पेक्शन के बाद फैसलिटी को US FDA से कोई आपत्ति नहीं मिली है। इसे कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव अपडेट माना जा रहा है।

Adani Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy की सब्सिडियरी ने गुजरात के खावड़ा में 139 MW का सोलर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। इसके बाद कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़कर 20,280.8 MW हो गई है।

Reliance Industries

तेल से रिटेल तक कारोबार करने वाली Reliance Industries की सब्सिडियरी RCPL ने आइसक्रीम बाजार में एंट्री कर ली है। कंपनी ने ‘Bombay Creamery’ नाम से नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी गई है। आइसक्रीम को रियल डेयरी क्रीम से तैयार किया जाएगा।

ARSS Infrastructure Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ARSS Infrastructure Projects को ईस्ट कोस्ट रेलवे से करीब ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हावड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य रेल लाइन पर दो रोड ओवर ब्रिज बनाने से जुड़ा है।

Ashiana Housing

रियल एस्टेट कंपनी Ashiana Housing ने अगस्त 2026 में 1.67 लाख वर्ग फुट एरिया की बुकिंग की। इसकी वैल्यू ₹165.93 करोड़ रही। अगस्त तक कंपनी की YTD बुकिंग 11.30 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,025.34 करोड़ है।

L&T Finance

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी L&T Finance को IRDAI से कॉरपोरेट एजेंट के तौर पर Perpetual Registration मिल गया है। कंपनी का नया सर्टिफिकेट 31 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इससे कंपनी को इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कारोबार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ITC

FMCG कंपनी ITC की सब्सिडियरी ITC Infotech के साथ Blazeclan Technologies और Cloudlytics Technologies के मर्जर को NCLT की कोलकाता और मुंबई बेंच से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी ITC Infotech के डिजिटल और क्लाउड कारोबार को मजबूत कर सकती है।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने ABB के साथ अपने ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज एंगेजमेंट को आगे बढ़ाया है। इस समझौते के तहत डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज को बेहतर बनाने और उन्हें आगे डेवलप करने पर काम होगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Morepen Labs Share Price: 52 हफ्ते के हाई से 4% दूर ये शेयर आज 10% उछला, जानिए क्या है वजह

Morepen Labs Share Price: फार्मास्यूटिकल्स कंपनी मोरपेन लैबोरेटरीज लिमिटेड (Morepen Laboratories Limited) के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। शेयर आज इंट्राडे में 10 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया। गुड़गांव की इस कंपनी के शेयर की कीमत में यह उछाल 3 दिन की गिरावट के बाद आई है। इससे पहले, हफ्ते के शुरुआती 3 दिनों में कंपनी के शेयर में 8.5% से ज़्यादा की गिरावट आई थी।

अगस्त में नतीजे घोषित करने के बाद से ही कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। 4 अगस्त और 7 अगस्त के बीच कंपनी के शेयरों में 35% से ज़्यादा की बढ़त हुई थी, जिसके बाद तीन दिन तक लगातार गिरावट का दौर चला था।

4 अगस्त को शेयरों में 20% की उछाल आई थी, जब इस स्मॉल-कैप कंपनी ने जून तिमाही के लिए शानदार नतीजे घोषित किए थे। कंपनी का नेट प्रॉफ़िट ₹56.4 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹10.8 करोड़ से कहीं ज़्यादा था। कंपनी की टॉपलाइन (कुल आय) सालाना आधार पर 34.1% बढ़कर ₹570.1 करोड़ हो गई।

इसके अलावा, EBITDA पिछले साल के ₹24.2 करोड़ से तीन गुना से भी ज़्यादा बढ़कर ₹82.5 करोड़ हो गया, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 5.7% से बढ़कर तेज़ी से 14.5% हो गया।

कंपनी के एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) रेवेन्यू में 31% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें API एक्सपोर्ट 42% बढ़ा। इसकी वजह बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और इंटरनेशनल क्लाइंट्स की तरफ से बढ़ी हुई मांग थी।

कुल मिलाकर, एक्सपोर्ट रेवेन्यू दोगुने से भी ज़्यादा हो गया और इसमें सालाना आधार पर 111% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹4,402.81 करोड़ है। प्रमोटरों के पास कंपनी की 35.65% हिस्सेदारी है, जबकि FIIs के पास 1.46% और DIIs के पास 1.29% हिस्सेदारी है।

पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन में से 6 बार शेयरों में बढ़त देखी गई है और अब ये अपने हालिया 52-हफ़्ते के हाई ₹83.5 से सिर्फ़ 4% दूर हैं। यह स्टॉक अभी 46.6 गुना के ‘वन-ईयर फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल’ पर ट्रेड कर रहा है, जबकि सेक्टर का औसत 47.99 गुना है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ट्रम्प की मीडिया कंपनी को 2200 करोड़ रुपए का घाटा:3 महीने में सिर्फ 16 करोड़ की कमाई, 6 महीने में 6000 करोड़ का नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मीडिया कंपनी ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) को अप्रैल-जून 2026 में 2,261 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 16.15 करोड़ रुपए रही। जनवरी से जून 2026 के बीच TMTG का कुल नेट लॉस 6,118 करोड़ रुपए रहा। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 23.75 करोड़ रुपए थी। यानी छह महीने में कंपनी का घाटा उसकी कुल कमाई से करीब 258 गुना रहा। कंपनी ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को दी रिपोर्ट में बताया कि तीन महीने का घाटा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले काफी बढ़ा है। वहीं, कमाई में 89% की बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल एसेट्स से 1800 करोड़ रुपए का नुकसान कंपनी के मुताबिक, उसके घाटे का सबसे बड़ा कारण डिजिटल एसेट्स, उन्हें गिरवी रखकर किए गए निवेश और शेयरों से जुड़ा नुकसान रहा। इनसे जुड़े 1,809 करोड़ रुपए के बिना बिके नुकसान को कंपनी ने दर्ज किया। इसके अलावा करीब 111 करोड़ रुपए का ब्याज और 77 करोड़ रुपए का स्टॉक-बेस्ड पेमेंट भी कंपनी के खर्च में जुड़ा। कंपनी की कमाई कहां से हुई? TMTG की लगभग पूरी कमाई उसके मीडिया कारोबार से हुई। इसमें करीब 13.6 करोड़ रुपए विज्ञापन और 1.7 करोड़ रुपए सब्सक्रिप्शन से मिले। कंपनी का मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल है। इसके अलावा वह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस ट्रुथ+ और फिनटेक ब्रांड Truth.Fi चलाती है। कंपनी ने पिछले एक साल में क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में भी विस्तार किया है। नई सर्विस ट्रुथ API से कंपनियों को ट्रम्प की पोस्ट तक तेज पहुंच 1 अगस्त से TMTG ने ट्रुथ API नाम की सर्विस शुरू की है। यह निवेशकों और कंपनियों को ट्रुथ सोशल पर प्रकाशित पोस्ट तक तेजी से पहुंच देती है। कंपनी के अंतरिम CEO केविन मैकगर्न ने बताया कि अब तक 10 कंपनियां इस सर्विस की ग्राहक बन चुकी हैं। वे हर महीने करीब 57 लाख से 95 लाख रुपए तक फीस दे रही हैं। हालांकि, इस सर्विस को लेकर हितों के टकराव की चिंता भी जताई गई है। इसकी वजह यह है कि ट्रम्प की ट्रुथ सोशल पोस्ट का वित्तीय बाजारों पर असर पड़ सकता है। ट्रुथ सोशल की विजिट एक तिहाई से ज्यादा घटी ट्रुथ सोशल को 2022 में लॉन्च किया गया था, लेकिन यह X और फेसबुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से काफी पीछे है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने ऑनलाइन ट्रैकिंग कंपनी सिमिलरवेब के आंकड़ों के हवाले से बताया कि जुलाई 2026 में ट्रुथ सोशल की विजिट पिछले साल के जुलाई के मुकाबले एक तिहाई से ज्यादा कम हो गईं। TMTG अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर DJT नाम से सूचीबद्ध है। सोमवार को कारोबार खत्म होने तक कंपनी के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई।

Q1 Results: फार्मा कंपनी का प्रॉफिट 10 गुना बढ़ा, रेवेन्यू भी डबल; शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: फार्मा कंपनी न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने जून तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10 गुना से ज्यादा बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी दोगुना से ज्यादा होकर 641.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 292.7 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में जबरदस्त सुधार

जून तिमाही में EBITDA बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 34.4 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार हुआ है।

कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 650.1 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 300.6 करोड़ रुपये थी। टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 17.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 197.5 करोड़ रुपये रहा। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 13.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 147.4 करोड़ रुपये हो गया।

CMS और GDS कारोबार ने दिखाई दमदार ग्रोथ

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सहर्ष दावुलुरी ने कहा कि तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक रहा। कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (CMS) और जेनेरिक ड्रग सब्सटेंस (GDS) कारोबार ने मजबूत प्रदर्शन किया।

कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान कमर्शियल प्रोडक्ट्स से सबसे ज्यादा रेवेन्यू आई। साथ ही प्रोजेक्ट पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। ग्राहकों की दिलचस्पी भी कंपनी की व्यापक क्षमताओं में बढ़ रही है।

विस्तार पर रहेगा फोकस

न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने कहा कि वह API, जटिल मॉलिक्यूल्स और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। हालांकि, आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन नए प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने, नए प्रोडक्ट्स के सफल कमर्शियल लॉन्च और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने पर निर्भर करेगा।

शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को NSE पर न्यूलैंड लेबोरेटरीज का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ 20,049 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 51.86% चढ़ा है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 1,081% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.72 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trump का बिजनेस आइडिया! हर महीने ₹9500000 के खर्च में Truth Social पर दिखेगी सबसे पहले पोस्ट, सांसदों ने की शिकायत

Trump Effect: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मीडिया कंपनी ने एक नई पेड सर्विस शुरू की है। इसके तहत सब्सक्राइबर्स को ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर आने वाली पोस्ट्स, खासतौर से हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स की पोस्ट्स, आम यूजर्स से पहले देखने की सुविधा मिलेगी। खास बात ये है कि इस सर्विस के लिए सब्सक्राइबर्स को हर महीने $1 लाख यानी करीब ₹95 लाख रुपये देने होंगे। हालांकि इसने ट्रंप की राजनीतिक भूमिका और उनके कारोबारी हितों के बीच कनफ्लिक्ट ऑफ इंटेरेस्ट यानी हितों के टकराव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप मीडिया और एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) ने शनिवार को Truth API नाम से सब्सक्रिप्शन-बेस्ड सर्विस शुरू की। इसके तुरंत बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर एडम शिफ और एलिजाबेथ वॉरेन ने अमेरिकी बाजार नियामक एसईसी से इसकी जांच करने की मांग कर दी।

क्या है पेड सर्विस की खास बात

ट्रंप मीडिया ने ट्रुथ एपीआई नाम से सब्सक्रिप्शन सर्विस पेश किया है। कंपनी के अंतरिम सीईओ केविन मैकगर्न (Kevin McGurn) का कहना है कि इसके जरिए बिजनेसेज को मार्केट पर असर डालने वाली अहम जानकारियां आम लोगों से पहले तुरंत ही मिल जाएंगी। इसके तहत ट्रेडिंग फर्म्स और अन्य सब्सक्राइबर्स को आम यूजर्स से पहले जानकारी मिल जाएगी और इसके लिए उन्हें हर महीने $1 लाख तक की फीस देनी होगी।

क्यों हो रहा विरोध

अब इसे लेकर विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी सर्विसेज होने के बावजूद ट्रंप के चलते ट्रुथ सोशल के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है। ट्रंप ट्रुथ सोशल के सबसे प्रभावशाली यूजर होने के साथ-साथ इसकी पैरेंट कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर भी हैं। वह अकसर इसी के जरिए अहम सरकारी नीतियों, टैरिफ, आर्थिक फैसलों और अन्य बड़े मुद्दों पर ऐलान करते हैं जिसका मार्केट पर सीधा असर पड़ता है। अब ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि अगर कुछ लोगों को ट्रंप की पोस्ट पहले देखने को मिल जाए तो बाकी लोगों की तुलना में उन्हें अनुचित बढ़त मिल जाएगी। उनके बयानों पर मार्केट में काफी तेज मूवमेंट दिखता है।

क्या कहना है Trump Media का

अमेरिकी सांसदों ने एडम शिफ और एलिजाबेथ वॉरेन ने एसईसी के चेयरमैन पॉल एटकिन्स (Paul Atkins) को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि अगर बाजार को प्रभावित करने वाली जानकारी कुछ चुनिंदा कंपनियों को पहले मिलती है, तो क्या यह बाजार के नियमों का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने इसे राष्ट्रपति के पद का व्यक्तिगत लाभ लेने के लिए गंभीर दुरुपयोग बताया। वहीं ट्रंप मीडिया का कहना है कि बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सर्विसेज की तरह ट्रुथ एपीआई एक कमर्शियल डेटा प्रोडक्ट की तरह है। बता दें कि ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप मीडिया के शेयरों में 70% से अधिक की गिरावट आ चुकी है और इससे कंपनी के शेयरहोल्डर्स की दौलत में अरबों डॉलर की कमी आई है।

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Divi’s Lab Share Price: ये क्या! Q1 नतीजों से पहले मैक्वेरी ने बढ़ाया स्टॉक का 36% टारगेट, दिया ₹10,000 के ऊपर का लक्ष्य

Divi’s Laboratories Share Price: दवा बनाने वाली कंपनी Divi’s Laboratories के शेयर में आज 31 जुलाई को तेजी देखने को मिली। कंपनी के जून तिमाही के नतीजे शनिवार 1 अगस्त को जारी होगें बावजूद उसके शेयर 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के स्टॉक के टारगेट प्राइस को बढ़ाना माना जा रहा है।

ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने स्टॉक पर ‘आउटपरफॉर्म’रेटिंग की राय को बरकरार रखते हुए इसके लिए टारगेट प्राइस को 36% बढ़ाकर 7500 रुपये से बढ़ाकर 10,200 रुपये कर दिया है। मैक्वेरी द्वारा दिया गया यह नया टारगेट प्राइस Divi’s Laboratories के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹7,835 से लगभग 30.2% की बढ़त दिखाता है।बता दें कि बाजार में Divi’s Laboratories के लिए यह पहला और एकमात्र टारगेट है जो ₹10,000 प्रति शेयर से अधिक है।

टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी के लिए क्या है ब्रोकरेज का तर्क

मैक्वेरी का मानना ​​है कि बढ़ती मांग के कारण पेप्टाइड CDMO मार्केट में मध्यम अवधि में अच्छी ग्रोथ की संभावना है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि GLP-1 और अन्य पेप्टाइड थेरेपी के बढ़ते इस्तेमाल, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) की अधिक जरूरत और फेज 3 पेप्टाइड एसेट्स की बढ़ती पाइपलाइन के कारण यह मार्केट 2025 में लगभग $4 बिलियन से बढ़कर 2030 तक $20 बिलियन-$25 बिलियन का हो जाएगा।

ब्रोकरेज ने कहा कि Divi’s की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता उसे इस मौके का फायदा उठाने और पेप्टाइड CDMO मैन्युफैक्चरिंग में लीडर बनने के अपने लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी।

मैक्वेरी ने अपनी कमाई के अनुमानों को भी बढ़ाया और उन्हें जून 2028 के EBITDA अनुमानों तक आगे बढ़ाया, जिससे टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी हुई।

ब्रोकरेज के अनुसार, Divi’s ने बिल्डिंग ब्लॉक्स, रिएजेंट्स और रेजिन को शामिल करते हुए एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड पेप्टाइड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाया है, जो इसे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में लागत और गुणवत्ता के मामले में फायदा देता है। कंपनी के पास अभी 20,000-लीटर की सॉलिड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस क्षमता है और वह इंडस्ट्री में सबसे आगे रहने वाले 18,600-लीटर के लिक्विड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस (LPPS) रिएक्टर के साथ इसे और बढ़ाने की योजना बना रही है।

मैक्वेरी का अनुमान है कि मौजूदा सॉलिड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस क्षमता ही $550 मिलियन से अधिक के रेवेन्यू पोटेंशियल को सपोर्ट कर सकती है, साथ ही लिक्विड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस से अतिरिक्त बढ़त भी मिल सकती है।

ब्लूमबर्ग के एनालिस्ट्स की सलाह के अनुसार, Divi’s Laboratories पर नजर रखने वाले 33 में से 16 एनालिस्ट्स ने इस स्टॉक के लिए ‘Buy’ रेटिंग दी है, जबकि 7 ने ‘Hold’ और 10 ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।

शुक्रवार को Divi’s Laboratories के शेयर 2.7% बढ़कर ₹8,046.5 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 27% की बढ़त हुई है। कंपनी शनिवार, 1 अगस्त को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी।

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Crude Oil Price: कच्चे तेल में तूफानी तेजी, ट्रंप की धमकी के बाद 7% उछलकर 90 डॉलर के पार पहुंचा भाव

Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई सैन्य कार्रवाई की खुली चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहे तो अमेरिका जोरदार जवाब देगा। इसके चलते कच्चे तेल के दामों में जोरदार तेजी आई और वो 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए।

ट्रंप बोले- ईरान पर करेंगे जोरदार हमला

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं, अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित गुटों पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। इन घटनाओं से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा, “हम ईरान पर जोरदार हमला करेंगे।” ट्रंप ने साफ कहा कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का जवाब सीधे ईरान को दिया जाएगा। उनके बयान से संकेत मिला है कि दोनों देशों के बीच तनाव फिर से तेजी से बढ़ सकता है।

100 डॉलर तक जा सकता है कच्चा तेल

बुधवार को रात 8.20 बजे तक क्रूड 7.68% चढ़कर 90.54 डॉलर प्रति बैरल पर था। DBS बैंक का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ब्रेंट क्रूड 80 से 100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रह सकता है। वहीं, OPEC+ भी अक्टूबर से कुछ समय के लिए उत्पादन बढ़ाने की योजना टाल सकता है।

DBS बैंक के एनर्जी रिसर्च हेड सुव्रो सरकार का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के संकेत जरूर दिए हैं, लेकिन इससे हॉर्मुज का संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अगर तनाव कम भी होता है, तब भी कच्चे तेल की कीमतों के 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जाने की संभावना फिलहाल कम दिखती है।

हूती विद्रोही वसूल सकते हैं शुल्क

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन का हूती समूह अब दक्षिणी लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से शुल्क लेने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ने हूती विद्रोहियों से सीधे बातचीत की है। मकसद यह है कि उसके तेल टैंकरों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने दिया जाए।

अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में अमेरिका का कच्चे तेल का भंडार करीब 33 लाख बैरल घटा है।

OPEC+ भी ले सकता है बड़ा फैसला

रॉयटर्स के मुताबिक, OPEC+ अक्टूबर से अगले तीन महीने तक उत्पादन बढ़ाने की योजना रोक सकता है। अगर ऐसा होता है तो बाजार में सप्लाई सीमित रह सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों को और सहारा मिल सकता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर उत्पादन में कटौती के साथ ईरान युद्ध का संकट गहराता है, तो कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।

Waaree Energies Q1 Results: सोलर कंपनी को ₹850 करोड़ का मुनाफा, अमेरिका में मिली बड़ी राहत

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Lakshveer offline AI storytelling device: छोटे से लक्षवीर का बड़ा कमाल, 8 साल की उम्र में ऐसी टेक्नोलॉजी बना दी जो बना सकती है ओरिजनल कहानियां

Lakshveer offline AI storytelling device: अगर आप मानते हैं कि बड़ी सोच छोटी उम्र में नहीं आ सकती, तो एक बार फिर सोच लीजिए। 8 की उम्र ऐसा ही पड़ाव है, जिसमें बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, रंग-बिरंगी और बड़ी-बड़ी तस्वीरों वाली किताबों में दिल लगा रहे होते हैं। अगर इस मासूम उम्र में कोई बच्चा कहानियों में जीने और रोज नई कहानी सुनने के लिए एक मुकम्मल तकनीक खड़ी कर दे, तो उसे आप क्या कहेंगे? टेक्नोलॉजी जीनियस! अगर हां, तो ये नाम 8 साल के लक्ष्य पर पूरी तरह से सूट करता है।

आठ साल के लक्षवीर ऐसी टेक्नोलॉजी बना रहे हैं उनके लिए कहानी की किताबें बना सकती है। लगभग ₹760 के कम कीमत वाले ESP32-S3 माइक्रोकंट्रोलर का इस्तेमाल करके, इस नन्हे इनोवेटर ने एक ऑफलाइन, आवाज से नियंत्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहानी सुनाने वाला उपकरण बनाया है। यह ओरिजिनल कहानियां बना सकता है, उन्हें जोर से पढ़ सकता है और बोले गए कमांड का जवाब दे सकता है। वो भी बिना इंटरनेट से कनेक्ट हुए।

लक्ष्यवीर के इस प्रोजेक्ट ने टेक्नोलॉजी के शौकीनों का ध्यान खींचा है क्योंकि यह दिखाता है कि कैसे कॉम्पैक्ट, ओपन-सोर्स AI मॉडल बेहद सस्ते हार्डवेयर पर भी बखूबी चल सकते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग, वाई-फाई या पेड एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) पर निर्भर रहने के बजाय, यह डिवाइस हर काम बहुत छोटे स्तर पर करता है, जिससे यह उन जगहों के लिए सही है जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कम है या उपलब्ध नहीं है।

कैसे काम करता है ऑफलाइन AI स्टोरीटेलिंग डिवाइस

प्रोजेक्ट्स बाय लक्ष के को-फाउंडर, लक्ष्यवीर ने इस डिवाइस को एक ESP32-S3 माइक्रोकंट्रोलर के आस-पास बनाया और इसे एक INMP441 माइक्रोफोन, एक I2S स्पीकर और एक MAX98357A एम्प्लीफायर के साथ जोड़ा। ये कम्पोनेंट यूजर्स को वॉइस कमांड के जरिए एआई से इंटरैक्ट करने का मौका देते हैं। स्टोरीटेलिंग असिस्टेंट जरूरत के हिसाब से छोटी कहानियां बना सकता है, उन्हें टेक्स्ट-टू-स्पीच टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सुना सकता है, आसान एनिमेशन दिखा सकता है और “प्ले”, “पॉज”, “रिज्यूम” और “अगली कहानी” जैसे बोले गए निर्देशों का जवाब दे सकता है। अधिकांश एआई असिस्टेंट के उलट, लक्ष्य के प्रोजेक्ट में प्रोसेस का हर चरण डिवाइस पर ही होता है। कोई भी डेटा बाहरी सर्वर पर नहीं भेजा जाता है, और सिस्टम बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करता रहता है।

ओपन-सोर्स AI प्रोजेक्ट को देता है पावर

शुरू से एक लैंग्वेज मॉडल बनाने के बजाय, लक्ष्य ने ESP32 के लिए TinyStories LLM नाम के एक मौजूदा ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट को मॉडिफाई किया, जिसे मूल रूप से सॉफ्टवेयर डेवलपर slvDev ने तैयार किया था। मूल मॉडल को क्लाउड सपोर्ट के बिना सीधे ESP32 हार्डवेयर पर स्टोरीज बनाने के लिए डिजाइन किया गया था।

Laurus Labs Q1 Results: मार्जिन 30% उछला, रेवेन्यू 29% बढ़ा, दूसरे पैरामीटर्स भी बेहतर रहे नतीजे

Laurus Labs Q1 Results:फार्मास्यूटिकल कंपनी लॉरस लैब्स ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है , कंपनी के तिमाही नतीजे सभी पैरामीटर्स पर साल-दर-साल के आधार पर अच्छे रहे है। कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए ₹2,026 करोड़ का रेवेन्यू बताया, जो पिछले साल के ₹1,570 करोड़ के आंकड़े से 29% ज़्यादा है।

तिमाही के लिए इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई (EBITDA) साल-दर-साल आधार पर 67% बढ़कर ₹382.1 करोड़ से ₹638.3 करोड़ पर हो गया।

तिमाही के लिए EBITDA मार्जिन साल-दर-साल के आधार पर 24.3% से सात परसेंटेज पॉइंट्स से ज़्यादा बढ़कर 31.5% हो गया। कंपनी के लिए यह मार्जिन कई सालों में सबसे ज़्यादा है, जिसमें अच्छे प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज की मदद मिली है।

जून तिमाही के आखिर में तिमाही के लिए ग्रॉस मार्जिन पिछले साल के 59.4% और मार्च तिमाही के 61.4% से बढ़कर 62.7% हो गया है।

अलग- अलग सेगमेंट का कैसा रहा प्रदर्शन

लॉरस लैब्स का CDMO बिज़नेस रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 67% और लगातार 48% बढ़कर ₹870 करोड़ हो गया। कंपनी ने इस ग्रोथ का क्रेडिट लेट-स्टेज क्लिनिकल प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल API सप्लाई की लगातार प्रोग्रेस को दिया। कंपनी ने यह भी कहा कि उसके पास 125 से ज़्यादा एक्टिव प्रोजेक्ट्स के साथ एक बढ़ती हुई पाइपलाइन है।

लॉरस ने अपने इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में कहा कि वह कस्टमर डिमांड के आधार पर कमर्शियल स्केल पेप्टाइड्स ब्लॉक को भी आगे बढ़ा रही है।

अफोर्डेबल मेडिसिन्स बिज़नेस का रेवेन्यू तिमाही के दौरान 10% बढ़कर ₹1,156 करोड़ हो गया। हालांकि, यह आंकड़ा सीक्वेंशियल बेसिस पर 5% कम था क्योंकि इसने मार्च क्वार्टर में ₹1,223 करोड़ का आंकड़ा बताया था।

लॉरस ने कहा कि डिवीजन के पास एक हेल्दी ऑर्डर बुक, स्टेबल ARV और स्थापित वॉल्यूम ग्रोथ है, जिससे 10% ग्रोथ हुई। इसने कहा कि इस बिज़नेस के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन की चुनौतियां बनी हुई हैं।

कंपनी इमर्जिंग मार्केट्स में प्रोडक्ट रजिस्ट्रेशन बढ़ा रही है। अपने बिज़नेस के मौके को मजबूत करने के लिए, इसने साउथ अफ्रीका में एक ऑफिस भी खोला है।

रिज़ल्ट अनाउंसमेंट के बाद लॉरस लैब्स के शेयर आज 2% से ज्यादा बढ़कर ₹1,601.20 पर बंद हुआ। 2026 में अब तक स्टॉक 44% ऊपर है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dr Reddy’s Shares: अमेरिकी मार्केट में 10% की गिरावट, तीन ब्रोकरेजेज से समझें आगे की स्ट्रैटेजी

Dr Reddy’s Share Price: दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे पर अमेरिका में लिस्टेड इसके शेयर यानी ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) धड़ाम हो गए। अमेरिकी मार्केट में यह 10% टूट गया। अब ऐसे में अब भारतीय स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों में भी तेज गिरावट की आशंका दिखने लगी है। इससे पहले रिजल्ट आने वाले दिन यानी 22 जुलाई को बीएसई पर यह नतीजे आने से पहले 1.95% की गिरावट के साथ ₹1183.00 पर बंद हुआ था।

एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो 21 जनवरी 2026 को बीएसई पर एक साल के निचले स्तर ₹1149.00 से पांच ही महीने में यह 23.10% चढ़कर 29 जून 2026 को यह एक साल के हाई ₹1414.40 पर पहुंच गया था। आगे की बात करें तो इस कवर करने वाले ओवरऑल 41 एनालिस्ट्स में से 16 ने खरीदारी, 10 ने होल्ड और 15 ने सेल रेटिंग दी है।

Dr Reddy’s पर क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने डॉ रेड्डीज की न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस घटाकर ₹1125 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़े रेगुलेटरी इश्यू को सुलझाने पर काम हो रहा है तो b-abatacept से कमर्शियल फायदा मार्च 2028 तिमाही से मिलने की उम्मीद है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 के हाई बेस के चलते वित्त वर्ष 2027 में कमाई घट सकती है और वित्त वर्ष 2028 से फिर सुधार दिख सकती है

सीएलएसए ने भी इस वित्त वर्ष 2027 के लिए डॉ रेड्डीज के रेवेन्यू के अनुमान को घटा दिया है क्योंकि इसे बिक्री में 30-40 लाख पेन का झटका लगने की आशंका है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़ी दिक्कते नवंबर तक सुलझ सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने अगले तीन वर्षों के लिए मार्जिन अनुमान भी घटा दिए हैं। सीएलएसए ने इसे होल्ड रेटिंग दी है और ₹1240 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।

जेपी मॉर्गन ने ₹1,100 के टारगेट प्राइस पर डॉ रेड्डीज को अंडरवेट रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि रेवेन्यू में 52% हिस्सेदारी ब्रांडेड बिजनेस की होने के बावजूद कंपनी की कोर प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी कमजोर बनी हुई है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक अगर कनाडा में सेमाग्लूटाइड और एबेटेसेप्ट की लॉन्चिंग में और देरी होती है या बिक्री उम्मीद से सुस्त रहती है, तो इससे FY2028–FY2029 की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि इन दोनों की कंपनी की कमाई में 20% से अधिक हिस्सेदारी होने का अनुमान है। इन दोनों प्रोडक्ट्स को हटाकर ब्रोकरेज का मानना है कि डॉ रेड्डीज का बेस बिजनेस FY27 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 32 गुने और FY28 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 30 गुने के महंगे भाव पर है

Semaglutide को लेकर क्या है दिक्कत

इस महीने की शुरुआत में डॉ रेड्डीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि प्रोडक्ट में API से जुड़ी दिक्कत के चलते सेमाग्लूटाइड के कुछ बैच तय मानकों के हिसाब से नहीं पाए गए थे। इस खुलासे के बाद 9 जुलाई को इसके शेयर 6% टूट गए थे। हालांकि मैनेजमेंट को सेमाग्लूटाइड मामले में आगे किसी और प्रोविजन के आसार नहीं दिख हे हैं और उनका मानना है कि वे इसकी असल वजह का पता लगाने पर काम कर रहे हैं। बता दें कि ₹240 करोड़ के सेमाग्लूटाइड एपीआई प्रोविजन के चलते जून 2026 तिमाही में कंपनी के प्रॉफिटेबिलिटी को झटका लगा।

Dr Reddy’s Q1 Results: डॉ रेड्डीज का प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।