ODI वर्ल्ड कप 2027 पर बड़ा अपडेट, गांधी जयंती पर शुरू होगा टूर्नामेंट!

ODI World Cup 2027: आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड 2027 को लेकर बड़ी खबर आ रही हैं। वहीं मेंस वनडे वर्ल्ड 2027 इस बार एक खास तारीख से शुरू होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन हो सकती है। गांधीजी का भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के इतिहास से भी गहरा जुड़ाव रहा है। वहीं 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। बता दें अभी आईसीसी ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबानी से जुड़े शहरों का ऐलान कर दिया है। जोहान्सबर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के कुल 12 शहरों को मैचों की मेजबानी के लिए चुना गया। इनमें दक्षिण अफ्रीका के आठ, जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया की राजधानी विंडहोक शामिल है। इन शहरों में टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जाएंगे और क्रिकेट फैंस को अलग-अलग जगहों पर वर्ल्ड कप के रोमांच का अनुभव मिलेगा।

खतरे में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की कुर्सी? ये वर्ल्ड कप विनिंग खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। वहीं बीसीसीआई अभी तक कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बीसीसीआई कार्यकाल को बढ़ा सकती है। फिलहाल उनके भविष्य को लेकर स्थिति साफ नहीं है और चयन के फैसलों को लेकर उन पर दबाव भी है। इसी बीच भारत के 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा कि, वह मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जगह ले सकते हैं। फिलहाल इस बदलाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बीसीसीआई में हुई थी चर्चा

चयन समिति के कुछ फैसलों को लेकर बीसीसीआई में चर्चा हुई है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी सवाल उठे थे। खबरें थीं कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम रोहित से आगे की सोच रही है और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच हो सकता है। लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि रोहित को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है और वह टीम की योजना का हिस्सा बने रहेंगे।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद होगा फैसला

द टेलीग्राफ के मुताबिक, अजीत अगरकर का आगे का सफर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन से जुड़ा हो सकता है। दो मैचों की ये सीरीज शनिवार से शुरू हो चुकी है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया खराब प्रदर्शन को लेकर चयन समिति पर भी सवाल उठे हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं और इसका असर अगरकर के भविष्य पर भी पड़ सकता है।

जहीर खान बन सकते हैं सेलेक्टर्स

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई में चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। अगर अजीत अगरकर की जगह नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जाता है, तो पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान भी दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। जहीर को क्रिकेटरों को तैयार करने का अच्छा अनुभव है। वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ काम कर चुके हैं और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से भी जुड़े रहे हैं।

पहले मुख्य सेलेक्टर्स के पद के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का नाम भी चर्चा में था। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक लक्ष्मण इस बड़ी जिम्मेदारी को लेने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बजाय उन्हें बोर्ड में ‘क्रिकेट डायरेक्टर’ की भूमिका देने पर विचार किया जा सकता है।

वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट से नाराज स्कॉटलैंड और नीदरलैंड बोर्ड, आईसीसी के फैसले उठाए सवाल

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन के फॉर्मेट अचानक बदलाव कर दिया है। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर नाराजगी जताई है। दोनों बोर्ड ने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होने में अब 18 महीने से भी कम समय बचे हैं, ऐसे में फॉर्मेट में बदलाव करना उचित नहीं है। वनडे वर्ल्ड कप 2027 टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा।

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी, वहीं 12वें, 13वें और 14वें नंबर की टीमों को पहले क्वालिफाइंग मुकाबले खेलने होंगे। इन तीन टीमों में से सिर्फ एक टीम मुख्य टूर्नामेंट में पहुंच पाएगी। इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जिसमें हर ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी। ये टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार को साझा बयान जारी कर वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किए गए बदलाव पर आपत्ति जताई।

फॉर्मेट को लेकर जताई नाराजगी

दोनों बोर्ड ने संयुक्त बयान में कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के हाल के फैसले से बहुत निराश हैं। ICC ने 50 ओवर वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए हैं, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है।” बोर्ड ने आगे कहा, “ये बदलाव एसोसिएट मेंबर क्रिकेट के लिए बड़ा झटका हैं और पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए हुई प्रगति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

किस प्रक्रिया के तहत हुआ बदलाव

बयान में आगे कहा गया, “जब क्रिकेट अपनी पहुंच बढ़ाने, नए दर्शकों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, तब उभरती हुई टीमों के लिए मौके कम करना बिल्कुल सही संदेश नहीं देता।” CS और KNCB ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर चिंता है कि वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB क्रिकेट को दुनिया भर में मजबूत बनाने के लिए ICC और दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, हमें इन बदलावों के असर के साथ-साथ इन्हें लागू करने के तरीके को लेकर भी गंभीर चिंता है।”

मिलना चाहिए पर्याप्त समय

CS और KNCB ने कहा कि एसोसिएट मेंबर्स को इन बदलावों को समझने और उनकी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। दोनों बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को लेकर ज्यादा स्पष्टता की मांग की है। उन्होंने कहा, “बदलावों की घोषणा के बाद क्रिकेट स्कॉटलैंड, KNCB और दूसरे एसोसिएट मेंबर्स ने ICC से दो बार मुलाकात की। इन बैठकों में बदलावों को लेकर लिखित जानकारी और पूरी प्रक्रिया के बारे में ज्यादा स्पष्टता मांगी गई।”

ICC को देना होगा जवाब

बयान में आगे कहा गया, “हमने भविष्य में फैसले लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए पॉजिटिव कदम उठाने और फुल मेंबर्स के साथ अलग-अलग प्लानिंग मीटिंग करने का भी अनुरोध किया। दो हफ्ते से ज्यादा समय पहले हुई दूसरी बैठक के बाद से ICC की ओर से कोई और जवाब नहीं मिला है। उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए यह स्थिति निराशाजनक है।”

ICC से की अपील

बोर्ड ने कहा कि ICC को एसोसिएट देशों के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और उनकी चिंताओं और मांगों को गंभीरता से समझना चाहिए। बयान में आगे कहा गया, “हम ICC से अपील करते हैं कि वह एसोसिएट मेंबर्स और उनकी मांगों पर फिर से ध्यान दे। साथ ही, सभी सदस्य देशों के साथ खुलकर चर्चा करे, ताकि यह तय किया जा सके कि लंबे समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हितों को सबसे बेहतर तरीके से कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।”

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

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Ajit Agarkar: खतरे में है अजीत अगरकर की कुर्सी? ये दिग्गज खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर्स अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। वहीं ऐसी खबरें है कि अजीत अगरकर को टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद से हटाया जा सकता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सिलेक्टर्स बना सकती है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की है।

अजीत अगरकर की होगी छुट्टी!

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई कुछ घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब इस संभावना पर संशय जताया जा रहा है।

एनुअल जनरल मीटिंग में होगा फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर हुआ विवाद BCCI के सीनियर अधिकारियों को पसंद नहीं आया। इसके बाद सेलेक्शन कमिटी के कामकाज और नेतृत्व को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अजीत अगरकर के भविष्य पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।

2027 विश्व कप तक रहना चाहते हैं अगरकर

अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसी उम्मीद है कि भारत का 2 टेस्ट मैचों का श्रीलंका दौरा उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर भी 2027 वनडे विश्व कप तक मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहने के इच्छुक हैं। ऐसे में आगे का फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हाल ही में, गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी।

2023 में बने थे चीफ सेलेक्टर्स

अजीत अगरकर ने 2023 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 का टी20 विश्व कप जीतने के साथ-साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। इन उपलब्धियों की वजह से उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सफल दौरों में गिना जा रहा है।

रोहित शर्मा-विराट कोहली की पार्टनरशिप क्यों हैं खास? ‘हिटमैन’ ने खुद बताई इसकी वजह

टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट लेने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा अब वनडे मैच में ही खेलते हैं। दोनों को साथ में मैदान पर खेलते हुए देखने के लिए फैंस काफी एक्साईटेड रहते हैं। वहीं रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक साथ खेलते हुए कई यादगार पारियां खेली है। दोनों ने अपने खेल से दुनिया भर में खास पहचान बनाई और टीम इंडिया के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हुए। वहीं हाल ही में दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मुकाबले में शानदार पारी खेली थी। वहीं हाल ही में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपनी पार्टनरशिप को लेकर बयान दिया है।

लॉर्ड्स में की शतकीय साझेदारी

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से लगभग एक ही समय पर संन्यास लिया था। अब दोनों सिर्फ वनडे क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं। उनकी नजर भारत के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप जीतने पर है। वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसके बावजूद दोनों मैदान पर साथ बल्लेबाजी करते हुए शानदार तालमेल दिखा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में दोनों ने मिलकर 100 से ज्यादा रन की साझेदारी की, जो वनडे में उनकी 21वीं शतकीय साझेदारी रही।

रोहित ने बताया अपना एक्सपीरिएंस

रोहित शर्मा ने BCCI से कहा, “मैं और विराट अपने पूरे करियर में साथ खेले हैं। इसलिए उनका क्रीज पर मेरे साथ होना हमेशा अच्छा लगता है। हमने कई बड़ी पार्टनरशिप की हैं। उनके साथ बल्लेबाजी करने में काफी मजा आता है, क्योंकि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और लगातार अपने आइडिया शेयर करते रहते हैं।” इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। रोहित लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने।

इंग्लैंड में खेलना पसंद

रोहित शर्मा ने कहा, “मुझे इंग्लैंड में खेलना हमेशा पसंद रहा है। यहां का माहौल, मैदान और पिच हर बार अलग तरह की चुनौती देते हैं। चाहे कोई भी फॉर्मेट हो, यहां खेलते समय आपको खुद को हर बार साबित करना पड़ता है। एक क्रिकेटर के तौर पर आप ऐसी ही चुनौतियां चाहते हैं। मुझे मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए काफी मजा आया।”

गेंदबाजों की किया बचाव

मुकाबले में टीम के गेंदबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ा। रोहित शर्मा ने अपने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि टीम में कई खिलाड़ी अभी वनडे क्रिकेट में नए हैं और उन्हें समय देने की जरूरत है। रोहित शर्मा ने कहा, “गेंदबाजी को लेकर यह समझना जरूरी है कि इन खिलाड़ियों ने अभी बहुत ज्यादा वनडे मैच नहीं खेले हैं। ऐसे में उन्हें समय देना होगा। हम इस मैच से सीख सकते हैं और अगली बार ऐसी स्थिति आने पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। सीरीज का नतीजा निराशाजनक रहा, क्योंकि हम मैच को अपने नाम नहीं कर सके। अब हमें इससे आगे बढ़ना होगा।” भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से हार गई।

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पहले हार अब इंजरी से जूझ रही है टीम इंडिया…वर्ल्ड कप 2027 के लिए कितना तैयार भारत?

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज हारने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम में खिलाड़ियों का बार-बार चोटिल होना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए सभी खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देना होगा। 2027 वनडे वर्ल्ड कप शुरू होने में अब दो साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में खिलाड़ियों की लगातार बढ़ रही चोटें टीम की लंबी तैयारी के लिए चिंता का विषय हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा।

गिल के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे पर कई खिलाड़ी चोट की वजह से बाहर हो गए, जिससे टीम का कॉम्बिनेशन बार-बार बदलना पड़ा और इसका असर प्रदर्शन पर भी पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर भारत को बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना है तो खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट रहना बहुत जरूरी है।

ये खिलाड़ी हुए थे बाहर

भारत की मुश्किलें वनडे सीरीज शुरू होने से पहले ही बढ़ गई थीं। टीम के अहम ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी चोट की वजह से पूरी सीरीज से बाहर हो गए। इसके बाद टी20 सीरीज के दौरान हर्षित राणा भी हैमस्ट्रिंग की समस्या का शिकार हो गए, जिसके कारण वह वनडे मुकाबलों में नहीं खेल सके। वहीं सीरीज के दौरान भी भारतीय टीम की चोटों की समस्या कम नहीं हुई। दूसरे मुकाबले में वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग की परेशानी से जूझते नजर आए, जबकि उसी मैच में जसप्रीत बुमराह भी चोटिल हो गए। इसकी वजह से बुमराह तीसरे और आखिरी वनडे में नहीं खेल सके।

इंग्लैंड सीरीज में चोट की वजह से बाहर हुए कई खिलाड़ी

इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद जब शुभमन गिल से लगातार बढ़ रही चोटों के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने माना कि यह टीम के लिए चिंता की बात है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। शुभमन गिल ने आगे कहा, “अगर आप हमारी पहली घोषित टीम को देखें, तो उसमें शामिल कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेल पाए। जब एक खिलाड़ी चोटिल होता है, तो आपको टीम का कॉम्बिनेशन बदलना पड़ता है। अगर दो खिलाड़ी बाहर हो जाएं, तो फिर एक अलग संयोजन बनाना पड़ता है। लेकिन मेरा मानना है कि हर मैच के बाद किसी न किसी खिलाड़ी के उपलब्ध नहीं होने से टीम कहीं न कहीं अपनी कुछ अहम ताकत खो देती है।”

दो-तीन मैचों की सीरीज भी नहीं खेला पा रहे

2027 वनडे वर्ल्ड कप शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में फाइनल तक पहुंचने वाली टीम को 11 मैच तक खेलने पड़ सकते हैं। ऐसे में मजबूत बेंच स्ट्रेंथ के साथ-साथ खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट रहना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने कहा, “अगर हम वर्ल्ड कप को ध्यान में रखें, तो वहां हमें लगातार 11 मैच खेलने होंगे। लेकिन यहां खिलाड़ी दो-तीन मैचों की सीरीज भी पूरी नहीं खेल पा रहे हैं। कहीं न कहीं यह हमारे लिए चिंता की बात है कि खिलाड़ी लगातार उपलब्ध नहीं रह पा रहे हैं।”

फिटनेस में सुधार काफी जरूरी

गिल ने कहा, “खिलाड़ी एक या दो मैच खेलते हैं और फिर अगर किसी को हल्की-सी भी दिक्कत हो जाती है, तो हमें मजबूरी में टीम का कॉम्बिनेशन बदलना पड़ता है। ऐसे में योजना बनाना आसान नहीं होता। कई बार सुबह पता चलता है कि किसी खिलाड़ी को हल्की चोट या परेशानी है, तब फैसला करना मुश्किल हो जाता है कि उसे खिलाया जाए या नहीं। अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ 80 प्रतिशत फिट है और आप पांच गेंदबाजों के साथ उतर रहे हैं, तो जोखिम बढ़ जाता है। मुझे लगता है कि एक टीम के तौर पर हमें अपनी फिटनेस और इस पूरे पहलू में सुधार करने की जरूरत है।”

IND vs ENG: ‘शोर नहीं होगा तो मजा नहीं आएगा’, रिटायरमेंट की अफवाहों पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं लॉर्ड्स में वनडे से पहले रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। तीसरे मुकाबले में रोहित शर्मा ने 110 गेंदों में 138 रन की तूफानी पारी खेली है। वहीं मैच के बाद ने रोहित ने अपने रिटायरमेंट की खबरों रिएक्शन दिया है। जब रोहित से इन अफवाहों पर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा।”

भारत सीरीज हार गई लेकिन रोहित ने शानदार शतक जड़कर ये साफ कर दिया कि वह अभी वनडे क्रिकेट से विदाई लेने के मूड में नहीं हैं। टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं।

रिटायमेंट पर रोहित ने क्या कहा

रोहित ने BCCI.tv से कहा, “मेरा काम मेरे बल्ले से जवाब देना है। मैदान पर उतरकर देश का प्रतिनिधित्व करना ही मेरी जिम्मेदारी है और डेब्यू के दिन से मैं यही करता आ रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया है, तब से मेरे बारे में बातें होती रही हैं और जब तक मैं खेलूंगा, यह सिलसिला चलता रहेगा। मुझे इन बातों से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे अहम यह है कि मैं मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करूं और टीम की जीत में अपना योगदान दूं।”

 

आलोचकों को दिया ये जवाब

रोहित शर्मा ने साफ किया कि वह आलोचनाओं और अफवाहों को किस तरह देखते हैं। रोहित शर्मा ने कहा, “जब शोर नहीं होता, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर अपना खेल दिखाना है, जबकि बाहर क्या बातें होती हैं, वह लोगों का काम है। मैं हमेशा इसे इसी नज़रिए से देखता हूं।” रोहित शर्मा को लेकर आगे भी तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठते रह सकते हैं, लेकिन लॉर्ड्स में उनकी शानदार बल्लेबाजी ने साफ कर दिया कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं

2027 वर्ल्ड कप जीतना है भारत का लक्ष्य

अब रोहित शर्मा का पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और उनकी सबसे बड़ी मंजिल 2027 वनडे वर्ल्ड कप मानी जा रही है। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का दर्द आज भी उनके साथ जुड़ा हुआ है। उस हार के बाद वह काफी निराश हो गए थे और खुद को संभालने में उन्हें काफी समय लगा। रोहित शर्मा टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 से संन्यास ले लिया और फिर टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। अब उनका पूरा फोकस सिर्फ वनडे क्रिकेट पर है। माना जा रहा है कि रोहित की सबसे बड़ी कोशिश 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाना है, ताकि वह अपने करियर का सबसे बड़ा अधूरा सपना पूरा कर सकें।

रोहित ने खेली शानदार पारी

रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर भी काफी मेहनत की है। रोहित ने करीब 10 किलो वजन घटाया, जिससे साफ पता चलता है कि वह अभी भी लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं। 388 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेला और फिर अपने आक्रामक अंदाज में इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए और तेजी से रन बटोरे। उन्होंने 125 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 138 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी यह पारी भारत की उम्मीदों को काफी देर तक जिंदा रखे रही, लेकिन बाद में वह जैकब बेथेल की गेंद पर आउट हो गए।

कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भारत की हार के बाद रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की चर्चा काफी बढ़ गई थी। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि, लॉर्ड्स वनडे उनके करियर का आखिरी मैच हो सकता है। वहीं, बीसीसीआई ने इन खबरों को गलत बताते हुए किसी भी तरह की रिटायरमेंट की बात से इनकार कर दिया था।

Rohit Sharma Retirement: क्या लॉर्ड्स वनडे होगा हिटमैन का आखिरी मैच? BCCI के फैसले से बढ़ी हलचल

Rohit Sharma Retirement: क्या भारतीय क्रिकेट टीम का एक और शानदार दौर खत्म होने वाला है? PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला तीसरा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच हो सकता है, क्योंकि नेशनल सिलेक्शन कमिटी के UK में चल रही मौजूदा सीरीज के बाद इस शानदार व्हाइट-बॉल खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की उम्मीद कम लग रही है। बता दें कि रोहित शर्मा ने अपने पिछले 8 वनडे मैचों में कुल 241 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 30.1 और स्ट्राइक रेट 88.6 का रहा है। उन्होंने इस दौरान एक हाफ-सेंचुरी भी लगाई है।

सिलेक्टरों के चेयरमैन अजीत अगरकर टूरिंग सेलेक्टर के तौर पर कार्डिफ में हैं, और यह साफ है कि सेलेक्टर अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए 39 साल के, दो बार ICC ट्रॉफी जीतने वाले भारतीय कप्तान पर विचार नहीं कर रहे हैं।

PTI से बातचीत में BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “नेशनल सेलेक्टर चाहते हैं कि यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने तीन पारियों में दो शतक लगाए हैं, उन्हें ज्यादा मौके मिलें। लगभग 20 मैच होने हैं, और जायसवाल को वे 20 मैच मिलने चाहिए।

अधिकारी ने कहा, “कोई भी रोहित को रिटायर होने के लिए नहीं कह सकता, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज को देखते हुए, सेलेक्टर आगे की ओर देखना चाहेंगे। रोहित का भविष्य क्या होगा, यह फैसला उन्हें ही लेना है।”

रोहित शर्मा सिलेक्टर्स के फैसले से खुश नहीं

वहीं, रोहित शर्मा अभी भी भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हैं और उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली भारतीय चयन समिति ने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। समिति ने कथित तौर पर रोहित शर्मा और टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को भी इस योजना की जानकारी दे दी है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा इस फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने इंग्लैंड में चल रही वनडे सीरीज के दौरान BCCI अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत भी की है।

विराट कोहली के बारे में क्या?

यह बताना जरूरी है कि हेड कोच गौतम गंभीर और अगरकर इस बात पर सहमत हैं कि अपनी फ़ॉर्म और फिटनेस को देखते हुए विराट कोहली का टीम में चुना जाना तय है, जबकि रोहित के मामले में ऐसा नहीं है।

माना जा रहा है कि अगर इंग्लैंड सीरीज के बाद भी रोहित को टीम में बनाए रखा जाता है, तो जायसवाल- जो उनके बाद टीम में आने के लिए तैयार हैं – का कीमती खेलने का समय जाहिर तौर पर बर्बाद होगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि टेस्ट से संन्यास लेने के मामले में सिलेक्शन कमिटी और रोहित की राय एक जैसी नहीं थी।

हालांकि, सिलेक्शन कमिटी के करीबी सूत्रों का कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि रोहित इंग्लैंड में होने वाले पांच टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो मैच खेलने के बाद कोई फैसला लें, लेकिन रोहित के पक्ष को जानने वालों का कहना है कि उनका इरादा कभी भी सिर्फ दो मैच खेलने का नहीं था और वे पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध थे।

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