Lust Stories 3: ‘लस्ट स्टोरीज’ अपने तीसरे चैप्टर के साथ वापसी कर रही है। बॉलीवुड हंगामा को खास तौर पर पता चला है कि ‘लस्ट स्टोरीज़ 3’ का प्रीमियर 18 सितंबर को नेटफ्लिक्स इंडिया पर होगा। इंटरनेशनल एमी के लिए नॉमिनेट हुई इस एंथोलॉजी सीरीज़ के नए सीजन को विक्रमaditya मोटवाने, किरण राव, शकुन बत्रा और विशाल भारद्वाज ने डायरेक्ट किया है।
चार नई, छोटी लेकिन भावनाओं से भरपूर शॉर्ट फ़िल्मों के ज़रिए, यह एंथोलॉजी एक बार फिर लस्ट, प्यार, रिश्तों और दबी हुई इच्छाओं को दिखाएगी। उम्मीद है कि इसका ट्रेलर सितंबर के पहले हफ़्ते में रिलीज़ किया जाएगा। ‘लस्ट स्टोरीज़ 3’ में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकार शामिल हैं।
विक्रमादित्य मोटवाने की फ़िल्म में राधिका आप्टे, कोंकणा सेन शर्मा, विजय वर्मा और अभिषेक बनर्जी हैं, जबकि अली फ़ज़ल और राधिका मदान शकुन बत्रा के सेगमेंट में नज़र आएंगे। असल ज़िंदगी की जोड़ी सिद्धार्थ और अदिति राव हैदरी विशाल भारद्वाज की कहानी में मुख्य भूमिका में हैं, वहीं किरण राव की फ़िल्म में गुरफ़तेह पीरज़ादा और नए कलाकार सना थम्पी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
अलग-अलग और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानियों के ज़रिए महिलाओं की कामुकता को बेबाकी से दिखाने के लिए सराही गई ‘लस्ट स्टोरीज़ 3’, नेटफ़्लिक्स इंडिया की पहली ऐसी एंथोलॉजी होगी जिसके तीन सीजन होंगे। नया सीज़न intimacy के सभी विरोधाभासों – जैसे शॉफ्टनेस, असहजता, सबर – को भी दिखाने का वादा करता है।
फ़रवरी 2026 में इस एंथोलॉजी की घोषणा करते हुए मेकर्स ने कहा था, “हर फ़िल्म इंसानी जुड़ाव को एक अलग नज़रिए से देखती है और दिखाती है कि कैसे इच्छा और रिश्ते हालात, खामोशी और कमज़ोरी (vulnerability) से बनते हैं। ये कहानियाँ मिलकर प्यार और चाहत के बारे में बातचीत को आगे बढ़ाती हैं और दर्शकों को जुड़ाव के मायने समझने का एक ईमानदार और आज के दौर का नज़रिया देती हैं।”
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान में मिले सर्वोच्च नागरिक सम्मान को लेकर भाजपा और आरएसएस पर जोरदार तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी को मुबारकबाद कि जिस बाबर के नाम पर हमें गालियां देते थे, उसी बाबर के देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवार्ड दिया है। ALSO READ: PM मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, द्विपक्षीय बैठक में हुए कई अहम समझौते
ताशकंद में रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च मित्रता सम्मान 'ओली दाराजाली दोस्तलिक' से सम्मानित किया। इस पर हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस को सोचने को कहा है कि जो भाजपा बाबर के नाम पर हमें गाली देती थी, उम्मीद करते हैं कि अब ऐसा नहीं करेगी।
दिन में 100 बार 'दोस्तलिक' बोलता है हर भारतीय परिवार
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि ओली दराजाली दोस्तलिक' सम्मान प्राप्त कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थाई संबंधों को समर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।
Honoured to receive the ‘Oliy Darajali Do’stlik’ Order. I dedicate this to the enduring bond between India and Uzbekistan. https://t.co/nu1LoNGXFM
उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस सम्मान के नाम में प्रयुक्त शब्द 'दोस्तलिक' से भलीभांति परिचित हैं। भारत में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जहां 'दोस्तलिक' शब्द दिन में 100 बार न बोला जाता हो। आज आपने वास्तव में इस शब्द के सार को सामने ला दिया है। 'दोस्तलिक' का अर्थ मित्रता है। यह शब्द अपने आप में भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों के केंद्र में मौजूद भावना को खूबसूरती से व्यक्त करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान प्राप्त करना उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है।
Bajaj has become the second electric vehicle manufacturer in India to cross the 3 lakh sales mark. As per Vahan data, the Pune-based manufacturer of the Chetak e-scooter and Yulu e-bikes has delivered a total of 3.02 lakh units between January and August 2026. This is a first for the brand, and marks a 68 percent growth compared to last year. It also makes Bajaj the second e-2W OEM to do so, after market leader TVS, which crossed the same milestone last month.
Bajaj currently sells five EV scooter models via the Chetak brand
August sales have increased by 210 percent compared to last year
TVS stays ahead of Bajaj by about 50,000 units
Ather is about 75,000 units behind, with the Konarc expected to help
Bajaj Auto retail sales data, Vahan (as of August 30, 2026)
Year
January
February
March
April
May
June
July
August (1-30)
2026
26,575
26,344
47,753
34,600
39,542
43,529
45,860
37,976
2025
22,137
22,242
36,582
19,818
22,641
23,986
20,557
12,246
Percentage increase
20
18
31
75
75
81
123
210
At present, TVS is 51,063 units ahead of Bajaj, having sold 3.53 lakh units till August end. Ather, third in sales at 2.27 lakh units, and has just launched the mass-market Konarc, is also expected to surpass 3 lakh sales close to November this year. The number of units sold so far gives Bajaj a 22 percent share of the market, putting it ahead of Ather Energy (17 percent) and behind TVS (26 percent).
Bajaj currently has a five-variant Chetak portfolio comprising the Chetak C2501 as the entry-level offering and the C3501 as the brand’s current flagship EV. As the monthly retail sales data table above indicates, Bajaj’s highest single-month sales were in March 2026 which was the first time that sales crossed the 40,000 sales mark. Since then, it has crossed that figure two more times, in June and in July.
Upcoming festival season expected to help increase sales
Bajaj is expected to sell up to 4.5 lakh units by year end
With the festive season to kick off soon, expect Bajaj to add another 1.25-1.50 lakh units in the next four months. This will take the company’s total e-2W retail sales to a record 4.25-4.50 lakh sales for the year. The topper, TVS is on track to be the first Indian EV manufacturer to sell 5 lakh units this year. Bajaj will also be well ahead of Ather, which is expected to register record retail sales of an estimated 3.50 lakh units.
Nevertheless, both Bajaj and TVS, will be keenly watching the market response to the Ather Konarc. The Konarc’s base variant has been priced at Rs 99,999, about Rs 4,000-5,000 more than both Bajaj and TVS’ entry level offerings. Vida, fourth in sales, also thus has the incentive to watch the customer response to the Ather Konarc.
एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी अवांटेल लिमिटेड के शेयर में 31 अगस्त को दिन में 5 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। BSE पर शेयर 164.95 रुपये के हाई तक गया। शेयर खरीद बढ़ने की वजह है कंपनी को मिला 117.88 करोड़ का नया कॉन्ट्रैक्ट। अवांटेल ने शनिवार को शेयर बाजारों को बताया कि उसे यह कॉन्ट्रैक्ट रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) से मिला है। यह वॉइस और डेटा कम्युनिकेशन के लिए ग्राउंड सेगमेंट हब के डेवलपमेंट, इंस्टॉलेशन और कमीशन के लिए है।
एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, इस कॉन्ट्रैक्ट को फरवरी 2029 तक एग्जीक्यूट किया जाना है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आता है। अवांटेल एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के लिए कम्युनिकेशन और रडार सिस्टम की डिजाइनिंग, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग में माहिर है। इसके क्लाइंट्स में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO), DRDO, इंडियन रेलवे आदि शामिल हैं। यह कंपनी BSE Industrials इंडेक्स का हिस्सा है।
Avantel ने 3 साल में पैसा किया दोगुना
अवांटेल के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 4200 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 37.04 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 सालों में निवेशकों का पैसा दोगुना कर चुका है। 5 सालों में यह 1,400 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। 10 साल में कीमत 9300 प्रतिशत से ज्यादा उछली है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 215 रुपये और एडजस्टेड लो 117.70 रुपये है।
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में अवांटेल का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 70.12 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 7.62 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 29 लाख रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 223.15 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 24.30 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 82 लाख रुपये रही।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Until fairly recently, the 125cc segment in India was dominated by simple, no-frills commuters. However, that’s begun to change, with manufacturers introducing models that add more character, features and performance to the mix while still keeping prices in check. With that in mind, we’ve rounded up the most powerful 125cc motorcycles you can currently buy in India for under Rs 1 lakh.
All prices are ex-showroom, Delhi.
1. Honda SP 125
10.9hp – Rs 97,335 onwards
The 123.94cc single-cylinder air-cooled engine on the Honda SP 125 produces a modest 10.9hp and 10.9Nm. As part of its 2025 update to meet OBD2B emission norms, it also gained the Bluetooth-enabled 4.2-inch TFT display from the Activa 125, along with a USB charging port.
Launched in 2021, the TVS Raider 125 played a key role in redefining what a 125cc bike could look and feel like. With its sporty design and a larger-than-usual presence for a commuter, it’s a motorcycle aimed at younger riders.
Power comes from a 124.8cc single-cylinder engine producing 11.4hp and 11.2Nm. We’ve tested the Raider on both the track and the street, and its engine impresses with tractable performance for daily commuting, along with a playful edge that keeps things entertaining.
Equipment levels are strong too, with an LCD unit, two ride modes (Eco and Power) that adjust the rev limit and TVS’s Glide Through Technology. There are seven variants in total, all using the same engine, and only the top-end SX variant crosses the Rs 1 lakh mark at Rs 1.01 lakh.
The Glamour X launched late last year, with cruise control functionality being the headlining feature for this humble 125cc commuter. Unheard of in two or three segments above, Hero managed to plonk this convenience feature in a 125cc along with a few others such as riding modes and a segmented colour LCD dash. Priced from Rs 88,517, the base variant misses out on a front-disc brake and some standout features. However, the top variant with all the tech is priced at Rs 96,876. It comes powered by a 124.7cc, air-cooled, single-cylinder engine producing 11.5hp and 10.5Nm. This engine is shared with the Xtreme 125R.
4. Hero Xtreme 125R
11.5hp – Rs 98,425 onwards
The Hero Xtreme 125R is powered by a 124.7cc single-cylinder air-cooled engine producing 11.5hp and 10.5Nm. Much of its visual appeal comes from the fact that it borrows heavily from its larger sibling, the Xtreme 160 – including a chassis based on that bike and the same 37mm telescopic fork. The Xtreme 125R is offered in three variants, with only the IBS (Integrated Braking System) version priced under Rs 1 lakh.
At long last, Bajaj has updated the Classic Pulsar range, and it has moved on to the second generation after 25 years. It would be wrong to say that the models weren’t updated over the years, since the first Pulsar came out with a round headlight, and subsequently, the Classic Pulsar range moved on to the iconic ‘Wolf-eye’ design. Now, in 2026, Bajaj has launched a new generation of the Pulsar 125 that is also the most powerful motorcycle in its segment. It comes with a brand-new 124.58cc single-cylinder air/oil-cooled engine producing 12.1hp at 8,500rpm (a gain of 0.3hp) and 11.4Nm at 6,500rpm (a gain of 0.6Nm). This makes it the most powerful 125cc motorcycle, and it also comes generously equipped with features such as an LED headlight and a TFT dash on the top variants.
इंडियन प्रीमियर लीग में 3 साल पहले आए इम्पैक्ट प्लेयर नियम की चौतरफा आलोचना के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आखिरकार फ्रैंचाइजी से इसके बारे में अपना अंतिम विचार जानने के लिए सोमवार 31 अगस्त तक की समय सीमा निर्धारित की है। अगर ज्यादातर फ्रैंचाइजी इसके खिलाफ होंगी तो यह नियम अगले सत्र के लिए बरकरार नहीं रहेगा।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग को रोमांचक बनाने के लिये पहली बार यह नियम पेश किया था।यह नियम टीमों को एक मैच में स्थिति के आधार पर एक और गेंदबाज या बल्लेबाज को मैदान पर उतारने की अनुमति देता था। नियम का उद्देश्य खेल में एक रणनीतिक आयाम जोड़ना था जिससे टीमें मैच की स्थिति के आधार पर सामरिक परिवर्तन कर सकें।
इस तरह के किसी भी विकल्प को हालांकि पारी के 14वें ओवर से पहले किया जाता था। इसके तहत टीम में ‘इंपैक्ट प्लेयर’ के तौर पर शामिल होने वाला खिलाड़ी अपने कोटे की पूरी गेंदबाजी या नए बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी कर सकता था।
इसके अतिरिक्त, यदि शुरुआती एकादश में पहले से ही चार विदेशी खिलाड़ी शामिल थे, तो इम्पैक्ट प्लेयर विदेशी नहीं हो सकता था। यदि शुरुआती एकादश में चार से कम विदेशी खिलाड़ी शामिल थे, तो एक गैर-भारतीय इम्पैक्ट प्लेयर को पेश किया जा सकता था।
टूर्नामेंट की समिति ‘इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूशन’ (इम्पैक्ट खिलाड़ी के स्थानापन्न) की घोषणा हुई थी जिसमें एक नये खिलाड़ी को मैच के दौरान पांच निर्धारित स्थानापन्न खिलाड़ियों से बदला जा सकता था।
सचिन समेत कई दिग्गजों ने की थी इस नियम की आलोचना
इंडियन प्रीमियर लीग में जान फूंकने के लिए दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सचिन तेंदुलकर ने इंडियन प्रीमियर लीग IPL में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बनाने के लिए विवादास्पद इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म करने की वकालत की और साथ ही कुछ अन्य बदलाव करने के लिए भी सुझाव दिए।
तेंदुलकर ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘मेरी निजी राय है कि कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे मुझे लगता है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ का नियम खत्म कर देना चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 प्रारूप में आपको केवल 20 ओवर खेलने होते हैं। फिर आप उस लाइन-अप में एक और बल्लेबाज जोड़ देते हैं। जहां गेंदबाजों को पहले से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
कप्तान रोहित शर्मा से सहमति जताते हुए स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने इंपैक्ट खिलाड़ी के नियम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे खेल का संतुलन बिगड़ रहा है।आईपीएल के पिछले सत्र से पारी के बीच में स्थानापन्न खिलाड़ी को उतारने का नियम शुरू हुआ है जिस पर रोहित ने भी नाराजगी जताई थी।
कोहली ने कहा ,‘‘ मैं रोहित का समर्थन करता हूं। मनोरंजन खेल का एक पहलू है लेकिन संतुलन भी होना चाहिये। इससे खेल का संतुलन बिगड़ा है और कई लोगों को ऐसा लगता है , सिर्फ मुझे नहीं।’’
रोहित ने पॉडकास्ट में कहा ,‘‘ मैं इस नियम का मुरीद नहीं हूं। इससे हरफनमौलाओं पर विपरीत असर पड़ेगा। क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है, 12 का नहीं।’’आईपीएल के इस सत्र में आठ बार 250 रन से अधिक का स्कोर बना और कोहली गेंदबाजों का दर्द समझते हैं।
KPSC Exam Scam: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उन्हें फर्स्ट एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आवास पर उनके सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में उन्हें परप्पना अग्रहारा जेल ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, जज ने निर्देश दिया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी गंगवार को सोमवार 31 को अदालत में पेश किया जाए।
सीआईडी उनकी हिरासत की मांग कर सकती है। इससे पहले सीआईडी अधिकारियों ने शुक्रवार और शनिवार को गंगवार से पूछताछ की। वह जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए जारी नोटिस के जवाब में पहुंचे थे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गंगवार से पूछताछ इसलिए की जा रही थी क्योंकि वह फरवरी 2024 से मार्च 2026 तक कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) पद पर तैनात थे।
MSME के डायरेक्टर पद पर थे तैनात
उन्होंने बताया कि जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप में उन्हें हिरासत में लिया गया। 2016 बैच के आईएएस अधिकारी गंगवार फिलहाल उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। सीआईडी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। इसमें परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और ओएमआर शीट के रखरखाव तथा इसमें शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
ED रेड के निशाने पर आए IAS
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी आगे की जांच के लिए गंगवार को संबंधित अदालत में पेश कर उनकी हिरासत की मांग कर सकती है। हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से केपीएससी में कथित अनियमितताओं के संबंध में छापेमारी किए जाने के बाद अधिकारी के पता-ठिकाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
इसके बाद राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा था कि गंगवार ने उन्हें सूचित किया था कि वह अपने पिता की तबीयत से जुड़ी आपात स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश स्थित अपने पैतृक गांव गए थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने भी इस अधिकारी से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। अधिकारियों के अनुसार, केपीएससी से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में सीआईडी और ईडी द्वारा अलग-अलग जांच की जा रही है।
भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच तेज
KPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। इसी क्रम में गंगवार से भी दो दिनों तक पूछताछ की गई।
अब उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित अनियमितताओं में उनकी क्या भूमिका थी और परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। फिलहाल IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार न्यायिक हिरासत में हैं। फिलहाल, मामले की जांच CID के स्तर पर जारी है।
HDFC Bank के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शशिधर जगदीशन अपना कार्यकाल (टर्म) खत्म होने के बाद फिर से नियुक्ति नहीं चाहते हैं। उनका टर्म 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। इस ऐलान के बाद 31 अगस्त को दिन में बैंक के शेयर में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 739.50 रुपये के हाई तक गया। कई ब्रोकरेज फर्मों ने मैनेजमेंट में संभावित बदलाव को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। लेकिन नए CEO की नियुक्ति को लेकर निकट भविष्य की अनिश्चितता के कारण सावधान भी हैं।
HDFC Bank ने नए MD और CEO की तलाश शुरू कर दी है। कहा है कि उसका बोर्ड उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक को उम्मीद है कि वह जगदीशन के 26 अक्टूबर को रिटायर होने से पहले ही अपने नए CEO की नियुक्ति कर लेगा। HDFC Bank के नए MD और CEO के रोल के लिए इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों तरह के कैंडिडेट्स पर विचार किया जा रहा है।
ब्रोकरेज फर्मों के रुख की बात करें तो HDFC Bank पर कवरेज करने वाले एनालिस्ट्स इस डेवलपमेंट को लेकर बंटे हुए हैं। बर्नस्टीन ने बैंक के स्टॉक के लिए ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,150 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज लीडरशिप में बदलाव को सकारात्मक मानता है। उसका कहना है कि नया CEO बैंक की कहानी को नए सिरे से पेश करने का स्वाभाविक मौका दे सकता है।
जेपी मॉर्गन ने भी स्टॉक पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 990 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस घटनाक्रम का असर निकट भविष्य में स्टॉक पर पड़ सकता है, लेकिन समय पर उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी होने से नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए नेट इंटरेस्ट इनकम (शुद्ध ब्याज आय) में बढ़ोतरी का फिर से शुरू होना काफी मायने रखता है है।
एक्सिस कैपिटल ने ‘बाय’ कॉल के साथ 1,030 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि जगदीशन के फैसले से दूसरे कार्यकाल के छोटा होने की आशंका खत्म हो गई है। नए उत्तराधिकारी को पूरे 3 साल का कार्यकाल मिल सकता है।
IIFL, जेफरीज, ICICI सिक्योरिटीज की क्या राय
IIFL ने जगदीशन के फैसले को न्यूट्रल से थोड़ा पॉजिटिव बताया है। तर्क है कि इससे रेगुलेटरी मंजूरी मिलने पर अगला कार्यकाल छोटा होने का जोखिम खत्म हो जाता है। हालांकि कैजाद भरूचा एक संभावित इंटरनल कैंडिडेट (अंदरूनी उम्मीदवार) हो सकते हैं, लेकिन IIFL का कहना है कि कार्यकाल की पाबंदियों के कारण उन्हें काम करने के लिए कम समय मिल सकता है। भरूचा का HDFC Bank के बोर्ड में फुल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर 15 साल का कार्यकाल 2029 में खत्म होगा। इसके चलते उन्हें टॉप पोजिशन पर बहुत कम मौका मिलेगा। कहा जा रहा है कि यह उनके नाम पर विचार करने में रुकावट बन सकता है। IIFL के मुताबिक, इसके उलट कोई भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार लीडरशिप में एक नई शुरुआत और लंबा कार्यकाल दे सकता है।
अन्य ब्रोकरेज ने इस बदलाव को लेकर ज्यादा सावधानी भरा रुख अपनाया है। जेफरीज ने ‘बाय’ रेटिंग तो बनाए रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को 1,050 रुपये से घटाकर 880 रुपये कर दिया है। FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों में भी 3-3 प्रतिशत की कटौती की है। ब्रोकरेज का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव से बैंक के रेवेन्यू की रफ्तार, खासकर डिपॉजिट जुटाने और फीस से होने वाली आय पर असर पड़ सकता है। साथ ही बढ़ती अनिश्चितता से बैंक की कॉस्ट ऑफ इक्विटी बढ़ सकती है और वैल्यूएशन पर दबाव पड़ सकता है।
जेफरीज का कहना है कि इन सबके बावजूद HDFC Bank की वैल्यूएशन इतनी ज्यादा नहीं है कि रेटिंग घटाई जाए। ICICI सिक्योरिटीज ने भी अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 1,020 रुपये से घटाकर 920 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।
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ओपनर शेफाली वर्मा (64) के शानदार अर्धशतक और नंदनी शर्मा तथा दीप्ति शर्मा (तीन-तीन विकेट) की अगुवाई में गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन से भारत ने महिला एशिया कप में रविवार को ग्रुप बी मैच में थाईलैंड को 94 रन से पीटकर विजयी शुरुआत की।
भारत ने निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट पर 159 रन का सम्मानजनक स्कोर बनाने के बाद थाईलैंड को 16.1 ओवर में 65 रन पर निपटा दिया। थाईलैंड की तरफ से नान्नापात कोंचारोएंकाई ने सर्वाधिक 41 रन बनाये और दहाई की संख्या में पहुंचने वाली एकमात्र बल्लेबाज रहीं। नंदनी शर्मा ने 18 रन पर तीन विकेट, श्रीचरणी ने 10 रन पर दो विकेट और दीप्ति शर्मा ने एक रन पर तीन विकेट लिए। क्रांति गौड़ को 26 रन पर एक विकेट मिला।
India make a winning start to their Asia Cup campaign with a big bowling display
शेफ़ाली के आक्रामक अर्धशतक से एक समय लग रहा था कि भारत 200 के टोटल को भी छू सकता है लेकिन एक समय भारत के ऊपर ऑलआउट होने का ख़तरा मंडराने लगा लेकिन क्रांति गौड़ और श्री चरणी ने मिलकर यह नौबत नहीं आने दी और भारत के स्कोर को 150 के पार ले गईं। थाईलैंड ने अच्छी फ़ील्डिंग की, कुछ अच्छे कैच लपकने के साथ स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा के रूप में अहम रन आउट भी किए। सुलीपॉर्न लाओमी ने थाईलैंड की ओर से सर्वाधिक तीन और सुनीदा चतुरोंगरतना ने दो विकेट हासिल किए।
भारत की तरफ से शेफाली ने 36 गेंदों पर 64 रन में आठ चौके और तीन छक्के लगाए। प्रतीका रावल ने 22, मंधाना ने 19 और भारती फूलमाली ने 13 रनों का योगदान दिया। अंत में क्रांति गौड़ ने आठ गेंदों में एक चौके और एक छक्के की मदद से महत्वपूर्ण नाबाद 15 रन बनाकर भारत को 159 रनों तक पहुंचाया।हालांकि थाईलैंड ने भारत को 160 से कम पर रोककर क्या शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन उनकी बल्लेबाजों ने बाद में निराश किया।
Ola Electric Share Price: दिग्गज दोपहिया इलेक्ट्रिक कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर आज बिकवाली की तेज आंधी में भी मजबूत खुले और मुनाफावसूली के चलते नरम हुआ तो तेजी से रिकवर भी किया। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने इसके लिए ₹95.81 करोड़ का इंसेंटिव का ऐलान किया है, जिसने इसके शेयरों में जोश भर दिया। फिलहाल बीएसई पर यह 1.39% की बढ़त के साथ ₹39.52 पर है। इंट्रा-डे में यह मुनाफावसूली के चलते 1.72% टूटकर ₹38.31 तक आया था जिससे फिर यह 3.63% रिकवर होकर ₹39.70 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंचा था। वहीं दूसरी तरफ घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।
लगातार तीसरे साल Ola Electric को इंसेंटिव
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज से ₹95.81 करोड़ का इंसेंटिव पाने के लिए मंजूरी मिल गई है। ओला इलेक्ट्रिक ने आधिकारिक प्रेस रिलीज के जरिए इसकी जानकारी दी। यह लगातार तीसरा साल रहा, जब इसे PLI-Auto (प्रोडक्शन लिंक्ड स्कीम-ऑटो) स्कीम के तहत इंसेंटिव मिलने जा रहा है। इससे पहले वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कंपनी को मार्च 2025 में ₹73.74 करोड़ और वित्त वर्ष 2-24-25 के लिए दिसंबर 2025 में ₹366.78 करोड़ के इंसेंटिव का ऐलान हुआ था।
कंपनी का कहना है कि लगातार तीसरे साल इंसेंटिव की उपलब्धि देश के एडवांस्ड ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में ओला इलेक्ट्रिक की महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत करती है। साथ ही यह कंपनी के बड़े पैमाने पर उत्पादन, स्थानीयकरण यानी लोकलाइजेशन और तकनीक पर आधारित वर्टिकली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में मजबूत परफॉरमेंस का संकेत है।
अब तक कैसी रही शेयरों की चाल
निचले स्तर से शानदार रिकवरी के बावजूद ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 20 अगस्त 2024 को बीएसई पर यह ₹157.53 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर था, जिससे 19 महीने में यह 86.54% टूटकर 2 मार्च 2026 को ₹21.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इस निचले स्तर पर शेयर संभले और लेकिन रिकॉर्ड हाई से अब भी यह करीब 75% डाउनसाइड है। इसके ₹6146 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹76 के भाव पर शेयर जारी हुए थे और मार्केट में यह 9 अगस्त 2024 को लिस्ट हुआ था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।