FMGE 2026: एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के लिए आज से शुरू हुआ आवेदन, अक्टूबर में होगी एफएमजीई परीक्षा

FMGE 2026: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएशन एगजामिनेशन (FMGE) के लिए पात्रता प्रमाण पत्र पाने की आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। एफएमजीई 2026 एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट पाने के लिए आवेदन प्रक्रिया आज सुबह 10 बजे शुरू हो चुकी है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे। एफएमजीई 2026 परीक्षा अक्टूबर में आयोजित की जाएगी।

आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर

छात्रों के लिए एफएमजीई 2026 एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर, 2026 है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि एफएमजीई 2026 स्क्रीनिंग टेस्ट देने के लिए एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट लेना जरूरी है। एफएमजीई 2026 एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट आवेदन लिंक ऑफिशियल वेबसाइट https://application.nmc.org.in/register पर एक्टिवेट हो जाएगा। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे नियम और निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।

आवेदन स्टेटस के बारे में करें पूछताछ 

उम्मीदवार अपने आवेदन स्टेटस के बारे में पूछताछ भी कर सकते हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार, आवेदक एलिजिबिलिटी एप्लीकेशन के स्टेटस के बारे में eligible.regn@nmc.org.in और eligible@nmc.org.in. पर पूछताछ कर सकते हैं। ऐसी पूछताछ करते समय, सभी उम्मीदवारों को अपना फाइल ट्रैकिंग नंबर दना चाहिए, जो एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए एनएमसी को आवेदन जमा करते समय जेनरेट हुआ था।

एफएमजीई 2026 एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करने का तरीका

एफएमजीई योग्यता प्रमाणपत्र पाने के लिए आवेदन जमा करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें

  • एनएमसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • एफएमजीई एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट एप्लीकेशन पर क्लिक करें।
  • लिंक पर क्लिक करें और सभी जरूरी डिटेल्स डालें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • जरूरी फीस जमा करें और फिर सबमिट पर क्लिक करें।

एफएमजीई 2026 परीक्षा

एनएमसी ने सभी संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद एफएमजीई परीक्षा साल में तीन बार कराने पर सहमति जताई थी। इसके अनुसार, एनबीईएम 31 अक्टूबर, 2026 को फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) आयोजित करेगा। यह भी ध्यान दें कि एफएमजीई, जो पहले 9 जनवरी, 2027 को आयोजित होने वाला था, उसे जनवरी/फरवरी 2027 में बाद की तारीख के लिए रीशेड्यूल किया जाएगा। इसकी डिटेल्स बाद में बताई जाएंगी।

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चाइना मास्टर्स के पहले मुकाबले में लक्ष्य सेन को मिल सकता है वॉकओवर, हटा यह फ्रेंच चैंपियन

Lakshya Sen

मंगलवार को शेनझेन स्पोर्ट्स सेंटर जिम्नेजियम में 1 से 6 सितंबर तक होने वाले सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट चाइना मास्टर्स 2026 में भारत के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी खेलते हुए नज़र आएंगे।दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य का पहला मुकाबला फ्रांस के नए वर्ल्ड चैंपियन एलेक्स लैनियर के खिलाफ होना था लेकिन उन्होंने अंतिम लम्हों से टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया। यह बुरे फॉर्म से गुजर रहे लक्ष्य सेन के लिए राहत की बात है।

21 साल के लैनियर अगस्त में नई दिल्ली में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में जापान के कोडाई नारोका को हराकर पुरुष सिंगल्स का वर्ल्ड टाइटल जीतने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बने थे।

लैनियर और लक्ष्य के बीच पिछली भिड़ंत पिछले साल डेनमार्क ओपन के क्वार्टर फाइनल में हुई थी, जिसमें फ्रांसीसी शटलर ने 21-9, 21-14 से जीत हासिल की थी।25 साल के भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी वर्ल्ड चैंपियनशिप में अमेरिका के दुनिया के 92वें नंबर के खिलाड़ी गैरेट टैन से दूसरे राउंड में मिली हार के बाद वापसी करने की कोशिश करेंगे।

आयुष शेट्टी, जिन्होंने नई दिल्ली में पहले राउंड में चीन के 2025 वर्ल्ड चैंपियन शी युकी को हराया था, इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु भी भारतीय टीम में शामिल नहीं हैं। पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 किदांबी श्रीकांत पुरुष सिंगल्स में भारत के दूसरे प्रतिनिधि होंगे। 33 साल के भारतीय खिलाड़ी जून में सुपर 300 टूर्नामेंट, यूएस ओपन में रनर-अप रहे थे।

दुनिया के नंबर 5 खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी शेनझेन में भारत की डबल्स चुनौती की अगुवाई करेंगे। चौथी वरीयता प्राप्त इस जोड़ी ने मई में सिंगापुर बैडमिंटन ओपन (एक और सुपर 750 टूर्नामेंट) जीता था और नई दिल्ली में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।

भारत महिला सिंगल्स में तीन होनहार युवा खिलाड़ियों – उन्नति हुड्डा, तन्वी शर्मा और देविका सिहाग – को उतारेगा।ताज़ा बैडमिंटन रैंकिंग में दुनिया की नंबर 25 खिलाड़ी, 18 साल की उन्नति ने नई दिल्ली में अपने पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरे राउंड तक जगह बनाई थी, जहाँ उन्हें कनाडा की मिशेल ली से तीन गेम के कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।

दुनिया की नंबर 26 खिलाड़ी तन्वी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है और उन्होंने ताइपे ओपन में अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता है। वहीं, देविका ने इस साल की शुरुआत में सुपर 300 टूर्नामेंट, थाईलैंड मास्टर्स जीता था। ये तीनों खिलाड़ी आइची-नागोया में होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए भारत की महिला टीम का हिस्सा हैं।

मिक्स्ड डबल्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व ध्रुव कपिला-तनीषा क्रास्टो और रोहन कपूर-रुत्विका शिवानी गद्दे करेंगे।शेनझेन में महिला डबल्स में भारत का कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा। ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद, जिन्होंने पिछले हफ़्ते नई दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था, इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले रही हैं।

चाइना मास्टर्स, एशियाई खेलों के लिए भारत की 20 सदस्यीय बैडमिंटन टीम के कई सदस्यों के लिए तैयारी का एक अच्छा मौका भी होगा। एशियाई खेल जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होंगे।

लक्ष्य, श्रीकांत, उन्नति, तन्वी, देविका, सात्विक, चिराग, अर्जुन, हरिहरन, ध्रुव और तनीषा – एशियाई खेलों की बैडमिंटन टीम के ये 11 सदस्य शेनझेन में मुकाबला करेंगे।2005 में इस टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से किसी भी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने चाइना मास्टर्स नहीं जीता है।

Badshah- Isha Rikhi Divorce: 5 महीने बाद टूट गई बादशाह की दूसरी शादी, ईशा रिखी संग तलाक का किया ऐलान

रैपर बादशाह और पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी की शादी टूट गई है। दोनों ने सोमवार रात सोशल मीडिया पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी करके अपने अलग होने की घोषणा की है। दोनों ने आपसी सहमति से अपने रिश्ते को खत्म करने का फैसला लिया है। बता दें, पिछले कुछ दिनों से बादशाह और एक्ट्रेस ईशा रिखी के रिश्ते में दरार की खबरें सुर्खियों में थीं। अब आखिरकार उन्होंने अपने तलाक को कंफर्म कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने मार्च में एक निजी समारोह में शादी की थी और शादी के करीब पांच महीने बाद यह खबर सामने आई है।

सोशल मीडिया पर दी जानकारी

सोशल मीडिया पर शेयर जॉइंट स्टेटमेंट में बादशाह ने कहा, “मैंने और ईशा रिखी ने आपसी सहमति से अलग होने और अपने-अपने रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। यह फैसला हमने एक-दूसरे के सम्मान को ध्यान में रखते हुए लिया है। हम सभी से अपील करते हैं कि इस समय हमारी निजता का सम्मान करें।” उन्होंने आगे कहा, “इस मामले में यह हमारा एकमात्र बयान होगा। हम ईमानदारी से अनुरोध करते हैं कि हमारे रिश्ते को लेकर आगे किसी तरह की अटकलें या धारणाएं न बनाई जाएं।”

ईशा ने किया था पोस्ट

जुलाई में सोशल मीडिया पर बादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते में अनबन की खबरें सामने आने लगी थीं। जुलाई में ईशा ने बादशाह के साथ अपनी कुछ तस्वीरों और वीडियो का एक मोंटाज सोशल मीडिया पर शेयर किया था। उन्होंने इस पोस्ट के साथ लिखा था, “हर तूफान एक सबक है। हर प्रार्थना उम्मीद है,” और इसके साथ दिल टूटने और हाथ जोड़ने वाले इमोजी भी लगाए थे। ईशा के इस पोस्ट के बाद दोनों के रिश्ते में अनबन की अटकलें तेज हो गई थीं।

Badshah

मार्च 2026 में हुई थी चर्चा

बादशाह और ईशा रिखी की शादी को लेकर मार्च 2026 में चर्चाएं शुरू हुई थीं। इसकी शुरुआत तब हुई जब ईशा की मां पूनम रिखी ने सोशल मीडिया पर शादी की रस्मों से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। इन तस्वीरों में बादशाह भूरे रंग के कुर्ते और सुनहरे साफे में नजर आए, जबकि ईशा लाल रंग के पारंपरिक दुल्हन के लिबास में दिखाई दीं। इसके बाद जून में ईशा ने इंस्टाग्राम पर एक ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन के दौरान बादशाह के साथ अपनी शादी की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की थी। अब दोनों के अलग होने की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब ईशा के सलमान खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले बिग बॉस 20 का हिस्सा बनने की भी चर्चा चल रही है।

कौन है ईशा रिखी

ईशा रिखी चंडीगढ़ की रहने वाली अभिनेत्री और मॉडल हैं, जिन्होंने साल 2013 में पंजाबी फिल्म ‘जट्ट बॉयज पुट्ट जट्टां दे’ से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘हैप्पी गो लकी’, ‘अरदास’ और ‘मिंडो तसीलदारनी’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। साल 2018 में उन्होंने फिल्म ‘नवाबजादे’ से बॉलीवुड में कदम रखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईशा और बादशाह ने शादी से पहले कई साल तक एक-दूसरे को डेट किया था और इसके बाद दोनों ने निजी समारोह में शादी की।

बादशाह की थी दूसरी शादी

बादशाह की ईशा रिखी से ये दूसरी शादी है, जो अब खत्म हो गई है। इससे पहले बादशाह की जैस्मीन मसीह से 2012 में शादी हुई थी। दोनों का रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और साल 2020 में उनका तलाक हो गया। दोनों की एक बेटी भी है, जेसीमी ग्रेस मसीह सिंह, जिसका जन्म जनवरी 2017 में हुआ था।

8th Pay Commission: पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर! इस डेट से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन रिवीजन पर आयोग ने उठाया ये कदम

8th CPC Pension Revision Update: 8वां वेतन आयोग की बैठकों के बीच देश के लाखों पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक हलचल देखने को मिल रही है। 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों की पेंशन संशोधन की मांग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तों (ToR) में संशोधन की मांग करने वाले आवेदनों को अंतिम विचार और उचित कार्रवाई के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के पास भेज दिया है। आइए आपको बताते हैं कि पेंशन संगठनों ने क्या मांग रखी है और इस कदम का पूर्व कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा।

किन पेंशनभोगी संगठनों ने भेजी है अर्जी?

DoPT ने जिन दो मुख्य कर्मचारी/पेंशनभोगी संगठनों के ज्ञापनों को व्यय विभाग को फॉरवर्ड किया है, उनके नाम ये हैं:

1- ऑल इंडिया आरएमएस, एमएमएस एंड पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन: संगठन के महासचिव गिरिराज सिंह द्वारा 30 जुलाई 2026 को भेजा गया आवेदन।

2- ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लाइज फेडरेशन: संगठन के महासचिव सी. श्रीकुमार द्वारा 4 अगस्त 2026 को प्रस्तुत किया गया आवेदन।

DoPT ने 18 अगस्त 2026 के अपने ऑफिस मेमोरेडम में स्पष्ट किया है कि इन ज्ञापनों पर ‘उचित कार्रवाई’ के लिए इन्हें व्यय विभाग को सौंपा जा रहा है।

पेंशनभोगियों की मुख्य मांग क्या है?

पेंशनभोगी संगठनों की प्राथमिक मांग यह है कि 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference में संशोधन किया जाए। वर्तमान में पेंशनभोगी चाहते हैं कि आयोग के अधिकार क्षेत्र में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन के मुद्दे को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए, ताकि जब आयोग वेतन और पेंशन ढांचे की समीक्षा करे, तो पुराने पेंशनभोगियों के हितों की भी अनदेखी न हो।

क्या पेंशन संशोधन को मंजूरी मिल गई है?

नहीं, बिल्कुल नहीं। DoPT के मेमोरेंडम को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। DoPT ने अभी केवल पेंशनभोगियों की मांग को वित्त मंत्रालय को स्थानांतरित किया है। इस आदेश में पेंशन संशोधन को मंजूरी नहीं दी गई है और न ही ToR में कोई संशोधन हुआ है। इस मेमोरेंडम में किसी भी फिटमेंट फैक्टर, संशोधित पेंशन फॉर्मूले या अतिरिक्त लाभ का ऐलान नहीं किया गया है। आयोग के ToR में बदलाव का निर्णय केवल केंद्र सरकार के औपचारिक आदेश द्वारा ही संभव है।

चौथे वेतन आयोग (1985) का दिया गया ऐतिहासिक संदर्भ

पेंशनभोगी संगठनों ने अपनी मांग के समर्थन में ऐतिहासिक मिसाल का हवाला दिया है।8 नवंबर 1985 को वित्त मंत्रालय ने एक प्रस्ताव पारित कर चौथे वेतन आयोग के नियम और शर्तों (ToR) में संशोधन किया था। इसके जरिए आयोग को यह विशेष जिम्मेदारी दी गई थी कि वह पुराने और नए दोनों पेंशनभोगियों के लिए एक न्यायसंगत पेंशन ढांचे की समीक्षा करे।

इसी तर्ज पर संगठन चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग में भी पुरानी और नई पेंशन दरों के बीच तालमेल बिठाने के लिए ToR में संशोधन किया जाए।

आगे क्या होगा?

अब यह पूरा मामला वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के पाले में है। व्यय विभाग इन ज्ञापनों की समीक्षा करेगा और यह तय करेगा कि क्या 8वें वेतन आयोग के ToR में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाना चाहिए या नहीं। जब तक वित्त मंत्रालय या कैबिनेट की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक 1 जनवरी 2026 से पहले के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन समीक्षा पर अंतिम निर्णय का इंतजार करना होगा।

5 रन से जिम्बाब्वे जीती T20I मैच, नामिबिया के खिलाफ टाला उलटफेर


NAMvsZIM विंडहोक में खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के मैच में ज़िम्बाब्वे ने नामीबिया से मिली कड़ी चुनौती का सामना करते हुए पांच रन से रोमांचक जीत दर्ज की। टीम 101/6 के स्कोर से उबरकर 195/6 तक पहुँची और आखिरी ओवर में संयम बनाए रखा। नामीबिया, जिसने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार जीत के साथ ट्राई-सीरीज की शुरुआत की थी, लक्ष्य का पीछा करते हुए 76/6 के स्कोर पर मुकाबले से बाहर दिख रहा था, लेकिन ज़ेन ग्रीन और अलेक्जेंडर वोल्शेंक ने सातवें विकेट के लिए सिर्फ़ 49 गेंदों में 109 रनों की शानदार साझेदारी की।

बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद ज़िम्बाब्वे ने मज़बूत शुरुआत की; बेन करन और ब्रायन बेनेट ने पहले विकेट के लिए तेज़ी से 64 रन जोड़े। नामीबिया को पावरप्ले की आखिरी गेंद पर सफलता मिली, जब बेनेट ने जेजे स्मिट की गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में डीप मिडविकेट पर कैच दे दिया; वे 21 गेंदों में 32 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद अगले ओवर में डियोन मायर्स बर्नार्ड शोल्ट्ज़ का शिकार बने; वे एक ऐसी गेंद पर आउट हुए जो तेज़ी से टर्न हुई और ऑफ स्टंप के ऊपरी हिस्से से टकरा गई।

दो गेंदों बाद, गेरहार्ड इरास्मस ने सिकंदर रज़ा को ‘गोल्डन डक’ (पहली ही गेंद पर आउट) पर पवेलियन भेजकर सबसे बड़ी सफलता दिलाई; रज़ा स्लॉग-स्वीप शॉट सही समय पर नहीं खेल पाए। नौवें ओवर में करन के आउट होने से टीम लड़खड़ा गई, और जब इरास्मस ने जल्द ही वेस्ली मधावेरे को भी आउट किया, तो 10वें ओवर तक ज़िम्बाब्वे का स्कोर 79/5 हो गया था।

बाद में रयान बर्ल और ब्रैड इवांस ने आठवें विकेट के लिए 48 गेंदों में 94 रन जोड़े और पारी का रुख पूरी तरह बदल दिया। आखिरी ओवर के लिए स्पिन गेंदबाज़ी का सहारा लेने का नामीबिया का फ़ैसला भी काफ़ी महंगा साबित हुआ। बर्ल ने इरास्मस की गेंदों पर एक छक्का और लगातार तीन चौके जड़े और उस ओवर से 20 रन बटोरे, जिससे ज़िम्बाब्वे का स्कोर 195/6 के शानदार टोटल तक पहुँच गया।

नामीबिया की पारी की शुरुआत में कुछ मुश्किल पल आए, और फिर तीसरे ओवर में ब्लेसिंग मुज़राबानी ने लॉरेन स्टीनकैंप को आउट कर दिया। गेरहार्ड इरास्मस ने तेज़ी से 12 रन बनाए, लेकिन फिर ब्रैड इवांस का शिकार बने। जान निकोल लोफ़्टी-ईटन ने 13 गेंदों पर 20 रन बनाकर कुछ देर के लिए पलटवार किया, लेकिन ब्रायन बेनेट ने तीन गेंदों के अंदर उन्हें और जेजे स्मिट को आउट कर दिया, जिससे नामीबिया का स्कोर 66/4 हो गया।

जान फ्रिलिंक की 29 गेंदों पर 22 रनों की संयमित पारी भी टीम को लड़खड़ाने से नहीं बचा सकी और 11वें ओवर में वेलिंगटन मसकाद्ज़ा ने उन्हें अपना पहला शिकार बनाया। और जब अगले ओवर में रूबेन ट्रम्पेलमैन सिकंदर रज़ा की गेंद पर आउट हुए, तो नामीबिया 76/6 के स्कोर पर हार की कगार पर दिख रहा था।

इसके बाद टीम ने ज़बरदस्त वापसी की। वोल्शेंक ने आक्रामक रुख अपनाया, 13वें ओवर में वेलिंगटन मसकाद्ज़ा के खिलाफ़ दो छक्के जड़े और लगातार छोटी लेंथ की गेंदों को निशाना बनाया। ग्रीन भी उनके साथ जुड़े और धीरे-धीरे लय में आ गए। दोनों ने तेज़ी से रन बटोरे, खराब गेंदों का फायदा उठाया और ज़िम्बाब्वे को जमने का मौका नहीं दिया। उनकी साझेदारी 100 रन के पार पहुँच गई और अचानक नामीबिया को आखिरी ओवर में जीत के लिए सिर्फ़ 16 रनों की ज़रूरत थी, जबकि छह विकेट गिर चुके थे।

आखिरी ओवर फेंकने के लिए बुलाए गए ब्रैड इवांस ने नो-बॉल के साथ शुरुआत की, हालांकि नामीबिया उस पर सिर्फ़ दो रन ही बना सका। इसके बाद दो और रन बने, फिर ग्रीन 26 गेंदों पर 54 रन बनाकर रन आउट हो गए; रज़ा के सीधे थ्रो ने उन्हें नॉन-स्ट्राइकर एंड पर क्रीज़ से बाहर पकड़ लिया।

वोल्शेंक ने सीधे मैदान की तरफ़ एक बाउंड्री लगाकर उम्मीद बनाए रखी, लेकिन उनकी शानदार पारी 29 गेंदों पर 56 रनों पर खत्म हुई; एक फुल और वाइड गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा और मारुमानी ने स्टंप्स के पीछे एक हाथ से शानदार कैच लपका।

दो गेंदें बाकी थीं और नामीबिया को नौ रनों की ज़रूरत थी। बर्नार्ड शोल्ट्ज़ एक मुश्किल सिंगल लेने की कोशिश में रन आउट हो गए, जिससे जैक ब्रासेल के पास आखिरी मौका बचा। इवांस ने संयम बनाए रखा, ब्रासेल को शून्य पर बोल्ड किया और ज़िम्बाब्वे के लिए पांच रनों की शानदार जीत पक्की कर दी।

संक्षिप्त स्कोर: जिम्बाब्वे 195/6 (रयान बर्ल 57*; गेरहार्ड इरास्मस 3-46) ने नामीबिया 190 (अलेक्जेंडर वोल्शेंक 56, ज़ेन ग्रीन 54; ब्रैड इवांस 3-41) को 5 रन से हराया।

VIDEO: नंगे पांव दौड़ी 47 साल की मां, बेटियों की पढ़ाई के लिए जीती मैराथन रेस; ₹3000 की इनामी राशि बनी उम्मीद की किरण

Maharashtra News: कहते हैं कि मां अपने बच्चों के भविष्य के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। महाराष्ट्र के बीड़ जिले की 47 वर्षीय रामाबाई रणवीर ने इस बात को सिर्फ साबित ही नहीं किया। बल्कि अपनी मेहनत और हौसले से एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे देखकर हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है। महिला ने नंगे पैर महाराष्ट्र के मैराथन रेस में हिस्सा लिया और पहला स्थान हासिल किया। इस जीत से मिली 3000 रुपये की इनामी रकम उनकी बेटियों की पढ़ाई में मदद करेगी।

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक अंबाजोगाई की रहने वाली रामाबाई एक अकादमी में रसोइया के तौर पर काम करती हैं। पति की मुंबई में एक हादसे में मौत के बाद उनके सामने जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। दो बेटियों की परवरिश और उनकी पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी रामाबाई के कंधों पर आ गई। आर्थिक मुश्किलें थीं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया।

₹3 हजार उनके लिए सिर्फ इनाम नहीं, बेटियों के सपनों की उम्मीद थी

रामाबाई को जब स्थानीय स्तर पर आयोजित ‘अमृत दौड़’ मैराथन के बारे में पता चला तो उन्होंने इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया। प्रतियोगिता में जीतने वाले को ₹3,000 की पुरस्कार राशि मिलनी थी। किसी के लिए शायद ₹3,000 बहुत बड़ी रकम न हो। लेकिन रामाबाई के लिए यह राशि बेहद मायने रखती थी। उनके लिए यह सिर्फ मैराथन की पुरस्कार राशि नहीं थी। बल्कि बेटियों की फीस, किताबों और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों में मदद करने वाली रकम थी। इसी उम्मीद को लेकर वह दौड़ में शामिल होने पहुंचीं।

न स्पोर्ट्स शूज, न महंगे कपड़े, साड़ी और चप्पल में पहुंचीं

रामाबाई के पास न कोई प्रोफेशनल रनिंग शूज थे, न स्पोर्ट्स ड्रेस और न ही किसी तरह की विशेष ट्रेनिंग। वह साधारण साड़ी और चप्पल पहनकर दौड़ में पहुंचीं। दौड़ में उनके आसपास कई युवा प्रतिभागी थे। दूसरे धावक स्पोर्ट्स कपड़ों और रनिंग शूज के साथ पूरी तैयारी में नजर आ रहे थे। लेकिन रामाबाई के पास इन सुविधाओं की कमी जरूर थी, हौसले की नहीं। उनके मन में सिर्फ एक बात थी।उन्हें हर हाल में अपनी बेटियों के भविष्य के लिए दौड़ना है और रेस को जीतना है।

चप्पल बनी रुकावट तो उतार दी और नंगे पांव दौड़ पड़ीं

रेस शुरू हुई तो चप्पल के साथ दौड़ना रामाबाई के लिए मुश्किल होने लगा। चप्पल उनकी रफ्तार में बाधा बन रही थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी चप्पल उतारकर हाथ में पकड़ ली और नंगे पांव दौड़ना शुरू कर दिया। 47 साल की एक मां, साधारण साड़ी में, बिना जूतों के सड़क पर दौड़ रही थीं। सामने उनसे कम उम्र के कई धावक थे, जिनके पास बेहतर जूते और तैयारी थी। लेकिन रामाबाई के कदमों को आगे बढ़ाने वाली ताकत किसी ट्रेनिंग सेंटर से नहीं आई थी।

Maharashtra News: आर्थिक तंगी के बावजूद रमाबाई रणवीर ने पक्का इरादा किया कि दोनों बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाएंगी Maharashtra News: आर्थिक तंगी के बावजूद रमाबाई रणवीर ने पक्का इरादा किया कि दोनों बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाएंगी

फिनिश लाइन पर सबसे पहले पहुंचीं रामाबाई

दौड़ के दौरान हर कदम उनके लिए चुनौती रहा होगा। लेकिन उन्होंने अपनी रफ्तार कम नहीं होने दी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और रामाबाई रणवीर ने सबसे पहले फिनिश लाइन पार कर मैराथन जीत ली। उनके हाथ में अब ₹3,000 की पुरस्कार राशि थी।

रकम भले ही छोटी हो, लेकिन उसके पीछे छिपी कहानी बहुत बड़ी है। यह एक ऐसी मां की जीत थी, जिसने पति को खोने के बाद अकेले अपने परिवार को संभाला और बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए हर संभव कोशिश की।

एक मां की दौड़, जिसने बता दिया कि हौसले के आगे मुश्किलें छोटी हैं

रामाबाई की कहानी सिर्फ एक मैराथन जीतने की कहानी नहीं है। यह उस मां की कहानी है, जिसने आर्थिक तंगी के बावजूद अपनी बेटियों के सपनों को टूटने नहीं दिया। जहां कुछ लोग सुविधाओं के अभाव को आगे बढ़ने में बाधा मान लेते हैं। वहीं रामाबाई ने चप्पल तक छोड़ दी। लेकिन अपनी मंजिल नहीं छोड़ी।

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उनके लिए यह दौड़ सिर्फ सड़क पर तय किया गया कुछ किलोमीटर का सफर नहीं था। यह अपनी बेटियों के भविष्य के लिए संघर्ष का एक और कदम था। रामाबाई रणवीर की यह जीत उन तमाम मांओं को समर्पित है, जो अपने बच्चों के सपनों के लिए खुद की जरूरतों को पीछे छोड़ देती हैं। महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उसकी बहादुरी के चर्चे हर तरफ छाई हुई हैं।

Silver Price Today: चांदी के रेट में तेजी या गिरावट? दिल्ली, मुंबई समेत इन शहरों में आज का भाव जरूर चेक करें

Silver Price Today: 1 सितंबर 2026 चांदी खरीदने वालों के लिए आज के भाव जानना बेहद जरूरी है। वैश्विक बाजार में जारी हलचल के बीच चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। घरेलू बाजार में भी चांदी के भाव अलग-अलग प्लेटफॉर्म और शहरों के हिसाब से अलग नजर आ रहे हैं। MCX पर चांदी के वायदा भाव में आज मामूली तेजी दर्ज की गई है, जबकि सर्राफा बाजार और बुलियन्स में इसके दाम अलग स्तर पर हैं। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समझना जरूरी है कि आज चांदी किस भाव पर मिल रही है और पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले इसमें कितना बदलाव आया है।

अगर आप भी आज चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं या कीमतों पर नजर रख रहे हैं, तो यहां जानिए MCX से लेकर देश के प्रमुख शहरों तक चांदी के ताजा भाव, साथ ही अलग-अलग शुद्धता वाली चांदी की कीमतें।

MCX पर चांदी का वायदा भाव कितना बढ़ा?

MCX पर सुबह तक चांदी का वायदा भाव 0.06 फीसदी यानी 136 रुपये की बढ़त के साथ 2,33,977 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी का वायदा भाव 2,33,841 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था।

यानी शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत में मामूली सुधार देखने को मिला है। हालांकि, हाल के कारोबारी सत्रों में कीमती धातु की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है।

बुलियन्स के अनुसार चांदी का आज का भाव

बुलियन्स के आंकड़ों के मुताबिक, 999 फाइन चांदी का भाव बढ़कर 2,39,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। वहीं, चांदी की अलग-अलग शुद्धता के हिसाब से कीमतें इस प्रकार हैं:

चांदी की शुद्धता 1 किलो भाव

999 फाइन चांदी ₹2,39,800

925 स्टर्लिंग चांदी       ₹2,21,815

900 कॉइन चांदी ₹2,15,820

800 जर्मन चांदी ₹1,91,840

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों पर नजर

वैश्विक बाजार में भी चांदी की कीमत में हलचल जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 57.86 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार की चाल का असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिलता है।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में क्या है चांदी का रेट?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम, सभी टैक्स समेत, बताई गई है। वहीं, गुडरिटर्न्स के अनुसार दिल्ली में चांदी का भाव 2,55,000 रुपये प्रति किलो है। दोनों आंकड़ों में अंतर इसलिए है क्योंकि अलग-अलग स्रोत कीमत तय करने के लिए अलग बाजार, टैक्स और मूल्य निर्धारण के आधार इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से अंतिम कीमत जरूर कन्फर्म करनी चाहिए।

देश के प्रमुख शहरों में आज चांदी कितने की?

गुडरिटर्न्स के मुताबिक, 1 सितंबर को देश के ज्यादातर प्रमुख शहरों में चांदी का भाव 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं कुछ शहरों में यह कीमत 2,60,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

दिल्ली: ₹2,55,000

मुंबई: ₹2,55,000

कोलकाता: ₹2,55,000

चेन्नई: ₹2,60,000

पटना: ₹2,55,000

लखनऊ: ₹2,55,000

मेरठ: ₹2,55,000

अयोध्या: ₹2,55,000

कानपुर: ₹2,55,000

गाजियाबाद: ₹2,55,000

नोएडा: ₹2,55,000

गुरुग्राम: ₹2,55,000

चंडीगढ़: ₹2,55,000

जयपुर: ₹2,55,000

अहमदाबाद: ₹2,55,000

पुणे: ₹2,55,000

लुधियाना: ₹2,55,000

गुवाहाटी: ₹2,55,000

इंदौर: ₹2,55,000

सूरत: ₹2,55,000

नागपुर: ₹2,55,000

नासिक: ₹2,55,000

बैंगलोर: ₹2,55,000

वडोदरा: ₹2,55,000

भुवनेश्वर: ₹2,60,000

रायपुर: ₹2,55,000

हैदराबाद: ₹2,60,000

पिछले कारोबारी दिन सर्राफा बाजार में क्या रहा भाव?

कारोबारियों के अनुसार, पिछले कारोबारी दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम, सभी टैक्स समेत, पर स्थिर रही। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी में करीब एक फीसदी की तेजी दर्ज की गई और कीमत 66.97 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।

इससे संकेत मिलता है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की चाल एक जैसी नहीं रही और दोनों बाजारों में अलग-अलग स्तर पर उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

पिछले दिन वायदा बाजार में चांदी क्यों गिरी?

इससे पहले सोमवार को कमजोर हाजिर मांग और कारोबारियों की ओर से सौदों का आकार घटाए जाने के कारण चांदी के वायदा भाव में गिरावट आई थी। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 1,955 रुपये यानी 0.81 फीसदी गिरकर 2,40,489 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी।

वैश्विक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। न्यूयॉर्क में चांदी की कीमत 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 68.22 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी।

क्यों महत्वपूर्ण है चांदी की मौजूदा चाल?

चांदी की कीमत पर घरेलू मांग के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा, डॉलर की चाल, निवेशकों की धारणा और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर पड़ता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच कीमती धातुओं में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

LPG Price Hike: 1 सितंबर से गैस सिलेंडर हुआ महंगा, ₹10.50 तक बढ़े दाम

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले चेक करें कीमत, दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों के रेट जारी

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 01 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

LPG Price Hike: 1 सितंबर से गैस सिलेंडर हुआ महंगा, ₹10.50 तक बढ़े दाम

सितंबर के पहले दिन तगड़ा झटका मिला है। 1 सितंबर से देश में LPG सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि कीमत में बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर तक ही सीमित है। दाम 10.50 रुपये तक बढ़ा है। इसके बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 2747.50 रुपये हो गई है। मुंबई में इस सिलेंडर की कीमत अब 2701 रुपये, चेन्नई में 2916.50 रुपये हो गई है।

कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में होता है। इसके अलावा बाजार मूल्य वाले 5 किलो के नॉन डोमेस्टिक LPG सिलेंडर की कीमत भी 2 रुपये बढ़ाकर 764 रुपये कर दी गई है।

अगस्त और जुलाई में सस्ता हुआ था कमर्शियल सिलेंडर

इससे पहले अगस्त और जुलाई में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम घटे थे। अगस्त में कटौती 209 रुपये तक और जुलाई में 183.5 रुपये तक की रही थी। उससे पहले इस साल जनवरी से लेकर जून तक कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम लगातार 7 बार बढ़े थे। मार्च महीने में 2 बार बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से ग्लोबल LPG मार्केट में सप्लाई में आई रुकावट और चिंताएं थीं।

घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

14.2 kg के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसकी कीमत में आखिरी बार बदलाव 7 जून 2026 को हुआ था। दाम 29 रुपये बढ़ा था। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, बिना सब्सिडी वाले 14.2 kg के घरेलू इंडेन LPG सिलेंडर की कीमत वर्तमान में दिल्ली में 942 रुपये है। मुंबई में कीमत 941 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है। लोकल सेल्स टैक्स या VAT के आधार पर रेट अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होते हैं। सामान्य 5 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर आौर XTRALITE का रेट भी स्थिर है।

Gold Price Today: 1 सितंबर को लगातार दूसरे दिन गिरा भाव, 18 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी इस शहर में बनवाना अब भी महंगा

किर्गिस्तान में SCO समिट का दूसरा दिन:आज मोदी का संबोधन, कल पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति समेत कई नेताओं से हुई थी मुलाकात

किर्गिस्तान बिश्केक में हो रहे SCO शिखर सम्मेलन का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी आज समिट को संबोधित कर सकते हैं। कल मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात की। बिश्केक में हो रहे SCO शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल हो रहे हैं। SCO समिट के पहले दिन की तस्वीरें… मोदी ने पुतिन को ब्रिक्स समिट में शामिल होने का न्योता दिया पीएम मोदी ने भारत में अगले महीने होने वाली ब्रिक्स समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन को न्योता दिया था। मोदी ने कहा था- “भारत कुछ दिनों बाद ब्रिक्स समिट का आयोजन कर रहा है। सभी सभी भारतीय आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।” पुतिन बोले- रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 7 गुना बढ़ी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कहा- रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के मामले में भारत टॉप लिस्ट में शामिल है। पिछले कुछ सालों में यह संख्या 7 गुना बढ़कर 40,000 हो गई है। हम नियमित रूप से भारत और रूस के सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करते हैं। हमारे बीच पर्यटकों का आना-जाना भी काफी होता है, जिसमें 16% की वृद्धि देखी गई है। पीएम ने प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की पीएम मोदी ने किर्गिस्तान में भारत से जुड़े लोगों से मुलाकात की, जिनमें प्रवासी सदस्य, शिक्षाविद, शोधकर्ता, ITEC पूर्व छात्र और योग अभ्यासकर्ता शामिल थे। अगले साल पाकिस्तान को मिल सकती है मेजबानी यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन है। यूरेशिया की सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से यह साल का सबसे महत्वपूर्ण बहुपक्षीय सम्मेलन माना जा रहा है। समिट के बाद किर्गिस्तान की अध्यक्षता समाप्त होगी और 2026–27 की अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंपे जाने की उम्मीद है। 2027 का SCO शिखर सम्मेलन पाकिस्तान में प्रस्तावित है। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… किर्गिस्तान में पुतिन-मोदी की मुलाकात, दोनों लीडर गले मिले:PM ने BRICS के लिए न्योता दिया; एक ही कार में बैठकर नोमैड गेम्स सेरेमनी में पहुंचे
पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। यह बैठक करीब 10 मिनट चली। पूरी खबर पढ़ें…