RBI MPC Meet: फिर एक बार जस की तस छोड़ी जा सकती है रेपो रेट, 5 अगस्त को आएगा फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी अगस्त की मौद्रिक नीति समीक्षा में भी प्रमुख नीतिगत दर रेपो को बिना किसी बदलाव के जस का तस छोड़ सकता है। देश के 10 अर्थशास्त्रियों और ट्रेजरी प्रमुखों के एक सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की मीटिंग 3-5 अगस्त को होने वाली है। इस साल जून की बैठक में रेपो रेट में लगातार तीसरी बार कोई बदलाव न करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत पर स्थिर छोड़ा गया था।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सर्वे में ज्यादातर उत्तरदाताओं का अनुमान रहा कि केंद्रीय बैंक आक्रामक रुख अपनाते हुए अपनी नीतिगत स्थिति को ‘न्यूट्रल’ बनाए रखेगा। ऐसा भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और असमान मानसून से महंगाई के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए किया जा सकता है। अर्थशास्त्रियों ने कहा कि केंद्रीय बैंक ‘देखो और इंतजार करो’ मोड में रहेगा क्योंकि वह महंगाई की स्थिति का आकलन कर रहा है।

पीटीआई के मुताबिक, इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का कहना है, ‘‘फिलहाल, महंगाई नरम बनी हुई है और ऐसे में यथास्थिति ही सबसे अच्छा नीतिगत विकल्प है।” जना स्मॉल फाइनेंस बैंक के ट्रेजरी प्रमुख गोपाल त्रिपाठी का मानना है कि केंद्रीय बैंक मानसून की स्थिति और एफसीएनआर (बी) योजना की सफलता का इंतजार करेगा।

पूरे FY27 में रेपो रेट में हो सकती है वृद्धि

सर्वे के अधिकांश उत्तरदाताओं का मानना है कि भले ही अगस्त में पॉलिसी रेट को स्थिर रखा जाए लेकिन पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। अगर महंगाई का दबाव बढ़ा तो चालू वित्त वर्ष के दौरान रेपो रेट में कम से कम 2 बार बढ़ोतरी हो सकती है।

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महंगाई और ग्रोथ के अनुमानों को लेकर क्या राय

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल के बावजूद, ज्यादातर लोगों को उम्मीद है कि RBI महंगाई के अनुमान में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना ​​है कि अगर भूराजनीतिक तनाव बना रहा है तो इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। धनलक्ष्मी बैंक के ट्रेजरी हेड बालासुब्रमण्यन आर का मानना है कि RBI वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर देगा।

ग्रोथ के अनुमानों को लेकर भी राय बंटी हुई है। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना ​​है कि मजबूत घरेलू मांग के कारण वित्त वर्ष 2027 के GDP ग्रोथ अनुमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं कुछ अन्य का मानना है कि कोई बदलाव नहीं होगा।

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता ने बेटे की विदेश में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने जांच की मांग की

CJP protest ends Abhijeet Dipke

कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता की आर्थिक स्थिति और उनके बेटे की विदेश में हुई उच्च शिक्षा के खर्च को लेकर सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने जांच की मांग की है। RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग और कर अधिकारियों से भी वित्तीय पहलुओं की जांच करने का आग्रह किया है।

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अमित तिवारी ने सवाल उठाया है कि महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी भगवानराव दिपके ने अपने बेटे की विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च किस तरह वहन किया। उन्होंने भगवानराव दिपके की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग करते हुए उनकी सरकारी सेवा और सेवानिवृत्त कर्मचारी होने की स्थिति का हवाला दिया है।

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कपिल सिब्बल के 1 करोड़ रुपए के कानूनी सहायता फंड पर भी सवाल

 

RTI कार्यकर्ता ने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की ओर से CJP प्रदर्शनकारियों के लिए घोषित 1 करोड़ रुपए के कानूनी रक्षा कोष को लेकर भी निर्वाचन आयोग और कर अधिकारियों से जांच की मांग की है।

 

सिब्बल ने सोमवार को NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हुए आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए CJP की ओर से बनाए गए फंड में 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। तिवारी ने इस फंड की प्रकृति और इसके वित्तीय स्रोतों की भी जांच किए जाने की मांग की है।

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CJP के राजनीतिक दल के रूप में संचालन पर भी सवाल

 

अमित तिवारी ने कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) की कानूनी और राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि CJP एक अपंजीकृत संस्था है, लेकिन राजनीतिक दल के नाम से काम कर रही है। तिवारी के मुताबिक, यदि CJP के लिए 1 करोड़ रुपए का कानूनी रक्षा कोष घोषित किया गया है, तो चुनाव आयोग को यह जांचना चाहिए कि क्या यह संगठन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत है या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि संस्था पंजीकृत नहीं है, तो राजनीतिक दल के नाम से उसका संचालन और धन का संग्रह या प्राप्ति जांच के दायरे में आ सकती है।

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GST को लेकर भी जांच की मांग

RTI कार्यकर्ता ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) का भी रुख किया है। उन्होंने बोर्ड से यह जांचने का अनुरोध किया है कि सिब्बल की प्रस्तावित 1 करोड़ रुपए की राशि पर GST लागू होता है या नहीं। फिलहाल, इन सभी मुद्दों पर RTI कार्यकर्ता की ओर से जांच की मांग की गई है। उनके आरोपों और सवालों के आधार पर संबंधित प्राधिकरणों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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कौन हैं अमित तिवारी

अमित तिवारी गुजरात के सूरत जिले के रहने वाले हैं। वे एक आरटीआई एक्टिविस्ट हैं। अभिजीत दिपके और उनके पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के बाद अमित तिवारी सुर्खियों में हैं। यह पहला मामला है जब अमित तिवारी किसी तरह की सुर्खियों में आए हो। इससे पहले उन्हें कम लोग ही जानते थे।

El Nino Counter: अल-नीनो के खतरे के बीच आई बड़ी खुशखबरी! पॉजिटिव IOD लाएगा झमाझम बारिश, WMO की रिपोर्ट में दावा

India Mansoon Update: मानसून सत्र के दौरान जहां अल-नीनो के असर से सामान्य से कम बारिश का खतरा मंडरा रहा है। वहीं इस बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल (Positive IOD) बनने की संभावना जताई गई है। यह पॉजिटिव IOD अल-नीनो के निगेटिव इंपैक्ट को आंशिक रूप से बेअसर कर सकता है, जिससे देश भर में बारिश की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

क्या है अल-नीनो और पॉजिटिव IOD? समझिए मौसम का गणित

मौसम के इस चक्र और मानसून पर इसके प्रभाव को समझने के लिए दोनों स्थितियों का अंतर जानना जरूरी है। अल-नीनो मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की सतह के पानी के गर्म होने का एक जलवायवीय पैटर्न है। भारत में इसका सीधा संबंध कमजोर मानसून और भीषण गर्मी से होता है। पॉजिटिव IOD उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर (Indian Ocean) के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों की समुद्री सतह के तापमान का अंतर है। जब पॉजिटिव IOD बनता है तो इससे मानसून की हवाएं मजबूत होती हैं जो देश में बेहतर और झमाझम बारिश में मदद करती हैं।

दक्षिण भारत को राहत की उम्मीद, 22% की कमी होगी पूरी

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के पूर्वानुमान से उन इलाकों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है जहां अब तक बारिश की कमी रही है। 1 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की 22% कमी दर्ज की गई है। अब पॉजिटिव IOD के सक्रिय होने से न सिर्फ दक्षिण भारत, बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी बारिश की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है।

सुपर अल-नीनो जैसी कोई आधिकारिक कैटिगरी नहीं: सरकार

उधर पिछले दिनों केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में अल-नीनो से जुड़े भ्रम को दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट की। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि WMO या पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आधिकारिक तौर पर सुपर अल-नीनो नाम की कोई कैटिगरी परिभाषित नहीं है। भूमध्यरेखीय मध्य प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान की विसंगतियों के आधार पर अल-नीनो घटनाओं को कमजोर, मध्यम, मजबूत या बहुत मजबूत श्रेणियों में बांटा जाता है।

जून में कमजोर, जुलाई में मध्यम हुआ अल-नीनो: IMD का अपडेट

राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक IMD ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान अल-नीनो स्थितियां विकसित होने की भविष्यवाणी की थी। जून 2026 के दौरान अल-नीनो की स्थिति कमजोर थी, जो जुलाई 2026 में बढ़कर मध्यम स्तर तक पहुंच गई।

अक्टूबर से दिसंबर 2026 के सीजन के दौरान अल-नीनो के और मजबूत होने की संभावना है और यह बहुत मजबूत श्रेणी तक पहुंच सकता है। भारत पर इसका सटीक असर सिर्फ अल-नीनो ही नहीं बल्कि महासागर और वायुमंडल के संयुक्त संबंधों के क्रमिक विकास पर निर्भर करता है।

IMD जारी कर रहा है नियमित चेतावनियां और आईबीएफ रिपोर्ट

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अल-नीनो और अन्य जलवायु घटकों की लगातार निगरानी कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ दूसरे स्टेकहोल्डर्स को नियमित रूप से मौसमी, मासिक और विस्तारित सीमा के पूर्वानुमान जारी किए जा रहे हैं।

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इसके अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन अधिकारियों, राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों की तैयारियों व त्वरित प्रतिक्रिया में सहायता के लिए IMD दैनिक आधार पर अगले 7 दिनों के लिए प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान और जोखिम-आधारित चेतावनियां दी जा रही हैं।

Sterlite Tech के शेयर में सोमवार को दिख सकता है दमदार एक्शन, ₹960 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देगा बूस्ट

ऑप्टिकल कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली स्टरलाइट टेक्नोलोजिज के शेयरों में सोमवार, 3 अगस्त को तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसी उम्मीद की वजह है कंपनी को 960 करोड़ रुपये का एक कॉन्ट्रैक्ट मिलना। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसे एक घरेलू टेलिकॉम ऑपरेटर से यह कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ग्राहक की जरूरतों के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई के लिए है।

स्टरलाइट टेक्नोलोजिज का कहना है कि यह एक मल्टी ईयर सप्लाई एग्रीमेंट है। इसकी अवधि 2 साल है लेकिन इसे आपसी सहमति से और 2 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह डील रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आती है।

स्टरलाइट टेक को ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट बनाने में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी AI रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, FTTx, रूरल कनेक्टिविटी, एंटरप्राइज और डेटा सेंटर नेटवर्क्स के लिए एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।

Sterlite Tech का शेयर 3 महीनों में 90 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 556.50 रुपये है। शेयर 2 कारोबारी सत्रों में 7 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 28600 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में लगभग 90 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में यह 420 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 684.45 रुपये और एडजस्टेड लो 84.65 रुपये है।

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इस साल जून महीने में स्टरलाइट टेक्नोलोजिज क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लाई थी। इसमें कंपनी ने 2.57 करोड़ शेयर अलॉट किए और करीब 1,500 करोड़ रुपये जुटाए। QIP में मोतीलाल ओसवाल, नोमुरा, HSBC, बैंक ऑफ इंडिया, ऑक्सबो, थिंक इनवेस्टमेंट्स समेत कई घरेलू और वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया।QIP वह तरीका है, जिसमें कोई लिस्टेड कंपनी पैसे जुटाने के लिए अपने नए शेयर आम जनता को नहीं, बल्कि सिर्फ बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स जैसे म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनीज, बैंक और विदेशी संस्थागत निवेशकों को बेचती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 929 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 125 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए स्टरलाइट टेक का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,446 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

JOJO Stock Split: 2 टुकड़ों में टूटने वाला है शेयर, 7 अगस्त रिकॉर्ड डेट; 5 साल में 9000% चढ़ी कीमत

JOJO Ltd का स्टॉक स्प्लिट होने वाला है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

JOJO Ltd का पुराना नाम मधुवीर कॉम l8 नेटवर्क लिमिटेड था। यह गुजरात की एंटरटेनमेंट और मीडिया कंपनी है। इसका एक गुजराती OTT स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है, यह फिल्में बनाती है, साथ ही लाइव इवेंट्स भी आयोजित करती है। कंपनी फार्मा ट्रेडिंग के बिजनेस में भी है। जोजो के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ध्रुविन शाह हैं। कंपनी के 70 लाख से ज्यादा ग्लोबल गुजराती यूजर हैं।

जोजो के कंटेंट में फिल्में, शोज, वेब सीरीज, माइक्रो ड्रामा; बच्चों के लिए एनिमेटेड, एजुकेशन कंटेंट आदि शामिल है। इसके कुछ गेम्स भी हैं। कंपनी की ​सब्सिडियरीज में जोजो स्टूडियोज, जोजो ग्लोबल इंक और प्रीमियर एड्स वर्ल्ड शामिल हैं।

JOJO का शेयर 5 साल में 9000 प्रतिशत मजबूत

जोजो लिमिटेड के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 247 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 629 करोड़ रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 67.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की कीमत एक महीने में 17 प्रतिशत और एक साल में लगभग 30 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में शेयर 700 प्रतिशत और 5 साल में 9000 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 295 रुपये और एडजस्टेड लो 138.50 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 12.27 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 1.16 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2026 के दौरान जोजो लिमि​टेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 22.53 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 5.89 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NEET PG 2026 Exam: एक ही शिफ्ट में एग्जाम, घर के पास होगा परीक्षा केंद्र, नीट पेपर लीक के बाद सरकार ने बड़े सुधारों का किया ऐलान

NEET PG 2026 Exam: सरकार NEET-PG परीक्षा के लिए कई बदलाव किए हैं। इसमें परीक्षा केंद्र के विकल्पों का दायरा बढ़ाना, उम्मीदवारों को परीक्षा वाले शहरों तक यात्रा की योजना बनाने के लिए ज्यादा समय देना और टेस्ट के दौरान हर सवाल के लिए अधिक समय देना शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, NEET परीक्षा अब एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। इस कदम का मकसद मूल्यांकन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में आपातकालीन स्थितियों या परीक्षा स्थगित होने के कारण एग्जाम कई शिफ्ट में आयोजित करनी पड़ी थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों का मकसद नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET-PG) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा, “पेपर पत्र तैयार करने और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों पर मज़बूत किया गया है।”

एक ही शिफ्ट में होगा एग्जाम

न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सभी उम्मीदवार एक जैसी परिस्थितियों में एक ही पेपर दें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार 1 अगस्त को NEET-PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। नड्डा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी आधारित तरीके से आयोजित की जाए।

NEET-PG 2026 के एग्जाम सेंटर घर के पास होंगे

इससे पहले ‘पहले आओ-पहले पाओ’ (first-come, first-served) वाली व्यवस्था थी। लेकिन अब उम्मीदवारों से आवेदन करते समय तीन राज्यों की प्राथमिकता बताने को कहा जाएगा। उनका राज्य अनिवार्य रूप से पहली प्राथमिकता होगी, जिससे अधिकारियों को उनके घर के पास परीक्षा केंद्र आवंटित करने में आसानी होगी। पहले उन्हें अक्सर पास के केंद्र पूरी तरह भरे हुए मिलते थे और परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।

कब होगा एग्जाम?

NEET PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त 2026 (रविवार) को आयोजित होगी। यह एग्जाम कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उम्मीदवारों को 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित टेस्ट शहर के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

इससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। पहले, शहर और वेन्यू की जानकारी परीक्षा की तारीख के बहुत करीब जारी की जाती थी। इससे कई उम्मीदवारों को यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करने में परेशानी होती थी।

तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे

मंत्रालय ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवार अपने एग्जाम सेंटर के लिए तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे। उनके रहने की जगह के पास केंद्र आवंटित करने में आसानी के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर अपने गृह राज्य को चुनना अनिवार्य होगा।

एक सूत्र ने बताया कि पहले एग्जाम सेंटर वाले शहर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किए जाते थे, जिससे रजिस्ट्रेशन विंडो खुलते ही उम्मीदवार जल्दबाजी में आवेदन करते थे। जो लोग देर करते थे, उन्हें अक्सर पास के परीक्षा केंद्र के विकल्प पूरी तरह भरे हुए मिलते थे। इससे उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।

तीन सप्ताह पहले मिल जाएगी जानकारी

एक और अहम बदलाव में उम्मीदवारों को परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित परीक्षा शहर के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। मंत्रालय ने बताया कि NBEMS ने परीक्षा पैटर्न को भी तर्कसंगत बनाया है, जिसके तहत उम्मीदवारों को 210 मिनट में 180 सवालों के जवाब देने होंगे। इससे उम्मीदवारों को हर सवाल के लिए ज्यादा समय मिलता है। जबकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

2,73,183 उम्मीदवारों ने कराया रजिस्ट्रेशन

NEET-PG 2026 के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। यह परीक्षा लगभग 340 शहरों और 1,300 से अधिक एग्जाम सेंटरों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।

काउंसलिंग चार अगस्त से शुरू होगी

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने बताया कि ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत MBBS और दूसरे अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से शुरू होगा। 2026-27 बैच का एकेडमिक सेशन 8 सितंबर से शुरू होगा।

कमेटी की ओर से जारी काउंसलिंग शेड्यूल के मुताबिक, डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के लिए AIQ काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से 17 अगस्त तक होगा। एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 22 अगस्त होगी।

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शेड्यूल के अनुसार, AIQ काउंसलिंग का दूसरा राउंड 24 अगस्त से 2 सितंबर तक होगा। इसके बाद तीसरा राउंड होगा, जो 10 सितंबर से 18 सितंबर तक चलेगा। स्टेट कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 13 अगस्त से 22 अगस्त तक होगा, जिसमें कैंडिडेट्स को 28 अगस्त तक अपना एडमिशन पूरा करना होगा। दूसरा राउंड 31 अगस्त से 8 सितंबर तक और तीसरा राउंड 16 सितंबर से 26 सितंबर तक होगा।

दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान 6 दिन तक पथराव, 244 पुलिसकर्मी और 209 नागरिक घायल, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

cjp jantar mantar protest

कथित NEET-UG पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के सेंट्रल इलाके में कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान छह दिनों से अधिक समय तक अलग-अलग स्थानों पर पथराव की घटनाएं सामने आने का दावा किया गया है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए संयम बरता और संवेदनशीलता को देखते हुए हालात को नियंत्रित किया।

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हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक संसद के आसपास करीब 2 किलोमीटर के दायरे में प्रदर्शन से जुड़े कई स्थानों को संवेदनशील बिंदु यानी फ्लैशपॉइंट के रूप में चिन्हित किया गया था। इन स्थानों में महत्वपूर्ण सड़कें और चौराहे शामिल थे।

संसद के आसपास इन जगहों पर हुई पथराव की घटनाएं

दस्तावेज के मुताबिक, जिन स्थानों पर पथराव की घटनाएं दर्ज की गईं, उनमें गोल डाक खाना, टॉल्स्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग, रफी मार्ग पर रेल भवन के पास बैरिकेड, जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस स्थित LIC बिल्डिंग के पास आउटर सर्किल, टॉल्स्टॉय-संसद मार्ग कॉरिडोर के कई हिस्से, SBI बिल्डिंग के पास संसद मार्ग, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पास रायसीना रोड और संसद मार्ग-टॉल्स्टॉय रोड की ओर रिगल बिल्डिंग क्षेत्र शामिल हैं। रफी मार्ग पर रेल भवन के पास स्थित बैरिकेड को संसद के सबसे नजदीक का घटनास्थल बताया गया है। अन्य स्थान संसद से करीब 0.8 से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित थे।

 

25 जुलाई तक जारी रहा पथराव

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद भी पथराव की घटनाएं जारी रहीं और 25 जुलाई तक स्थिति बनी रही। इसी दिन CJP ने सरकार की ओर से अपनी मांगें स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की थी। इनमें तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और इसे और अधिक हिंसक होने से रोकने का प्रयास किया।

सरकारी संपत्ति को भी नुकसान

प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान और कुछ सामान के गायब होने का भी उल्लेख है। इसके अनुसार, 110 बैरिकेड और 171 रस्सियां क्षतिग्रस्त हुईं या गायब मिलीं। इसके अलावा एक वायरलेस सेट, एक बॉडी-वॉर्न कैमरा, 10 हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD), दो पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 15 लाउडहेलर, 10 अग्निशामक यंत्र, चार वायर कटर और एक एक्स-रे बैगेज स्कैनर के भी क्षतिग्रस्त या गायब होने की जानकारी दी गई है।

355 हेलमेट समेत सुरक्षा उपकरण क्षतिग्रस्त

 

प्रदर्शन के दौरान पुलिस के सुरक्षा उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की बात दस्तावेज में कही गई है। इसमें 355 हेलमेट, 285 बॉडी प्रोटेक्टर, 54 शील्ड, 10 टॉर्च, 24 फर्स्ट-एड बॉक्स और 12 कंबल क्षतिग्रस्त या गायब होने का उल्लेख है। दस्तावेज के अनुसार, 29 सरकारी वाहनों पर भी असर पड़ा। इनमें कार, बस, मोटरसाइकिल और टेंपो शामिल हैं। एक पानी का टैंकर, एक DTC बस और एक सार्वजनिक वाहन के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी दी गई है।

 

244 पुलिसकर्मी और 209 नागरिक घायल

प्रदर्शन के दौरान 244 पुलिसकर्मियों और 209 नागरिकों के घायल होने की बात भी दस्तावेज में कही गई है। इन मामलों को मेडिको-लीगल केस (MLC) के तौर पर दर्ज किया गया। इनमें बार-बार दी गई चेतावनियां, बैरिकेड तोड़ना, वाहनों को नुकसान पहुंचाना और पुलिसकर्मियों तथा प्रेस के साथ कथित तौर पर लगातार अभद्र व्यवहार शामिल था।

Nifty के 24600 की रुकावट पार करने पर तय होगी आगे की दिशा, नए हफ्ते में इन शेयरों पर दांव से हो सकती है अच्छी कमाई

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। अगर इंडेक्स 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

अगले हफ्ते के लिए निफ्टी 50 की चाल को लेकर क्या अनुमान है?

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इंडेक्स ने पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में 760 पॉइंट से ज्यादा की जबरदस्त रिकवरी की है और जुलाई का महीना 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ खत्म किया है। लेकिन इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। लंबे समय से चल रहा कंसोलिडेशन का दौर हाल के हफ्तों में काफी सिमट गया है। इससे पता चलता है कि इंडेक्स धीरे-धीरे संभावित ब्रेकआउट पॉइंट की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा निफ्टी अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार के नियर टर्म के सेंटीमेंट में सुधार को दिखाता है।

ब्रॉडर टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कुछ हद तक न्यूट्रल बना हुआ है। वीकली चार्ट पर, मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक फ्लैट हैं, जबकि डेली और वीकली दोनों टाइमफ्रेम पर मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी तक किसी मजबूत ट्रेंडिंग चाल का संकेत नहीं दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि ब्रेकआउट की संभावना तो बेहतर हुई है, लेकिन अभी भी इसकी पुष्टि का इंतजार है।

अगर निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ब्रेकआउट के टिकाऊ बने रहने के लिए, इंडेक्स को 24,150-24,100 के सपोर्ट जोन के ऊपर बने रहना होगा। जब तक यह लेवल बना रहता है, कुल मिलाकर रुख पॉजिटिव रहने की संभावना है, और धीरे-धीरे बुल के पक्ष में झुकाव बढ़ेगा।

क्या आपको लगता है कि बैंक निफ्टी अपनी कंसोलिडेशन रेंज से नीचे की ओर नहीं, बल्कि ऊपर की ओर ब्रेकआउट करेगा, जो तेजी के नए दौर की शुरुआत का संकेत होगा?

बैंक निफ्टी लंबे समय से कंसोलिडेशन फेज में है, लेकिन नीचे की ओर ब्रेकडाउन की तुलना में ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना ज्यादा मजबूत लग रही है। जुलाई के ज्यादातर समय इंडेक्स लगभग 2,600 पॉइंट्स के सीमित दायरे में रहा, जो जनवरी 2026 के बाद से इसका सबसे छोटा मासिक दायरा था। महीने के आखिरी हफ्ते में यह ठहराव और भी साफ दिखा। बैंक निफ्टी ने दिसंबर 2025 के बाद से अपना सबसे सीमित साप्ताहिक दायरा देखा, जो किसी बड़ी हलचल की तैयारी का संकेत है।

हालांकि डेली और वीकली चार्ट पर मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक स्थिर हैं और मोमेंटम इंडिकेटर न्यूट्रल दायरे में बने हुए हैं। फिर भी इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है।

57,600-57,700 का जोन अभी भी तत्काल रुकावट बना हुआ है। 57,700 के ऊपर एक निर्णायक और टिकाऊ ब्रेकआउट मौजूदा ठहराव के दौर के खत्म होने का संकेत देगा और यह शॉर्ट टर्म में 58,500 और उसके बाद 59,200 की ओर तेजी की नई शुरुआत कर सकता है। नीचे की तरफ, 56,700-56,600 का जोन मजबूत सपोर्ट दे सकता है। जब तक यह सपोर्ट बना रहेगा, तब तक रुख पॉजिटिव रहने और ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना बनी रहेगी।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया कौन से हैं?

Cholamandalam Investment and Finance Company: यह स्टॉक वीकली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने और ब्रेकआउट जोन को सफलतापूर्वक रीटेस्ट करने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है। RSI के 60 से ऊपर होने और पॉजिटिव DI+ क्रॉसओवर से मजबूत होते मोमेंटम का पता चलता है, जो खरीदारी में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है। ₹1,835-1,855 के आसपास शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है, जिसमें स्टॉप-लॉस ₹1,780 पर और टारगेट ₹1,985 होगा।

Anthem Biosciences: यह डेली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है, जिसे अच्छे वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। मोमेंटम इंडिकेटर पॉजिटिव बने हुए हैं; RSI 60 से ऊपर है और DI+/DI- के बीच बढ़ता अंतर खरीदारों के दबदबे का संकेत देता है। शेयर का ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद होना तेजी के सेंटीमेंट को और मजबूत करता है। ₹805-815 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है, जिसमें ₹775 पर स्टॉप-लॉस लगाया जा सकता है। टारगेट ₹870 का है।

क्या आपको उम्मीद है कि हुंडई मोटर इंडिया अगले हफ्ते भी अपनी तेजी जारी रखेगा, खासकर शुक्रवार की जबरदस्त रैली के बाद?

हुंडई ने मजबूत Q1 नतीजों और अच्छे वॉल्यूम के दम पर 6 हफ्ते के ठहराव से ब्रेकआउट किया है। बढ़ता RSI, फैलती DI लाइनें और सेक्टर का सपोर्ट मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत देते हैं। ₹2,065–2,060 के जोन से तत्काल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे नियर टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना रहेगा।

क्या जबरदस्त रैली और बड़े ब्रेकआउट के बाद बजाज फाइनेंस ओवरबॉट (बहुत ज्यादा खरीदा हुआ) लग रहा है, या स्टॉक में अभी भी और बढ़त की गुंजाइश है?

बजाज फाइनेंस ने अपने 20-दिन के EMA को रीटेस्ट करने के बाद मजबूत रिकवरी दिखाई, जिससे मौजूदा बुलिश ट्रेंड की पुष्टि हुई। बढ़ता RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स), फैलती DI लाइनें और ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर लगातार ट्रेड मजबूत मोमेंटम दिखाते हैं। वीकली रेश्यो चार्ट पर नया ब्रेकआउट बेहतर परफॉर्मेंस का संकेत देता है। 1,075-1,070 जोन से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

Swiggy Stock Outlook: Q1 नतीजों से कुछ ब्रोकरेज नाखुश, टारगेट प्राइस घटाया; फिर भी 23% तक उछाल की उम्मीद

क्या आपको लगता है कि इस हफ्ते 10 प्रतिशत की तेजी के बाद अशोक लीलैंड में और भी अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी?

अशोक लीलैंड ने 24 जुलाई के ₹148 के निचले स्तर से जबरदस्त वापसी की है और अब यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। अच्छे वॉल्यूम, बढ़ते RSI और बेहतर होते प्राइस स्ट्रक्चर से पता चलता है कि मोमेंटम मजबूत हो रहा है। जब तक स्टॉक ₹161 से ऊपर बना रहेगा, तब तक यह तेजी जारी रहने की संभावना है।

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Voda Idea को मिला ₹26.8 करोड़ का नोटिस, अब 3 अगस्त को शेयर फोकस में

Voda Idea Share Price: टेलीकॉम विभाग ने वोडाफोन आइडिया को ₹26.83 करोड़ का लिक्विडेटेड डैमेज यानी हर्जाना भरने का नोटिस भेजा है। कंपनी ने इसके बारे में शनिवार 1 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया। ऐसे में अब इसका असर सोमवार 3 अगस्त को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 31 जुलाई को इसके शेयर पॉजिटिव मार्केट सेंटिमेंट में बीएसई पर 1.09% की बढ़त के साथ ₹13.01 के भाव पर बंद हुए। शुक्रवार को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स (Sensex) 166.49 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 78,094.64 और निफ्टी 0.27% यानी 66.45 प्वाइंट्स के उछाल के साथ 24,383.60 पर बंद हुआ था।

Voda Idea को क्यों मिला है नोटिस

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने वोडा आइडिया को ₹26.83 करोड़ का हर्जाना भरने का नोटिस भेजा है। टेलीकॉम कंपनी को यह नोटिस साल 2022 की नीलामी में मिले स्पेक्ट्रम के लिए तय मिनिमम रोलआउट ऑब्लिगेशन्स को पूरा नहीं करने के आरोप में मिला है। कंपनी का कहना है कि वह 31 जुलाई को मिले इस नोटिस को अभी रिव्यू कर रही है जिसके बाद आगे क्या करना है, इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि कंपनी का यह कहना है कि इस नोटिस की उसकी सेहत और कारोबार पर असर नहीं होगा। कंपनी को यह नोटिस इस बात के लिए मिला है कि स्पेक्ट्रम मिलने के बाद नेटवर्क के रोलआउट के लिए जो न्यूनतम शर्तें हैं, टेलीकॉम कंपनी ने उसका पालन नहीं किया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

वोडा आइडिया के शेयरों ने एक साल के निचले स्तर से शानदार रिकवरी की है और निवेशकों का पैसा फटाफट ढाई गुना हो गया। पिछले साल 14 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹6.12 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 10 महीने में यह 150.82% चढ़कर 15 जून 2026 को ₹15.35 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से शेयर फिलहाल 15% से अधिक नीचे आ चुके हैं लेकिन अब भी यह एफपीओ प्राइस से 18% से अधिक ऊपर हैं। इसके ₹18 हजार करोड़ के एफपीओ के तहत निवेशकों को ₹11 के भाव पर शेयर जारी हुए थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cocktail 2 OTT Release Date: शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना, कृति सेनन स्टारर इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हो रही रिलीज, जानें पूरी डिटेल

Cocktail 2 OTT Release Date: थिएटर्स में सफल रहने के बाद, ‘कॉकटेल 2’ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ होने के लिए तैयार है। शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन स्टारर यह रोमांटिक फिल्म इसी महीने स्ट्रीम होना शुरू हो जाएगी, जिससे दर्शकों को साल की सबसे बड़ी हिंदी रिलीज़ में से एक को घर बैठे देखने का मौका मिलेगा।

होमी अदजानिया की डायरेक्ट की गई यह फ़िल्म 2012 की हिट फ़िल्म ‘कॉकटेल’ की स्पिरिचुअल सीक्वल है। हालाँकि इसमें ओरिजिनल फ़िल्म वाली इमोशनल गहराई और युवाओं वाली एनर्जी बरकरार है, लेकिन यह नए किरदारों के साथ एक बिल्कुल नई कहानी कहती है।

मेकर्स ने कन्फर्म किया है कि ‘कॉकटेल 2’ का प्रीमियर 14 अगस्त, 2026 को Netflix पर होगा। यह फ़िल्म सबसे पहले 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी और उस साल की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली हिंदी फ़िल्मों में से एक बन गई। हालांकि क्रिटिक्स की राय बंटी हुई थी, लेकिन दर्शकों ने इसे अच्छा रिस्पॉन्स दिया, जिससे यह रोमांटिक ड्रामा 2026 की छठी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म बन गई। अब उम्मीद है कि इसके डिजिटल रिलीज़ से यह फ़िल्म और भी ज़्यादा दर्शकों तक पहुंचेगी।

सैफ़ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी वाली 2012 की फ़िल्म के उलट, ‘कॉकटेल 2’ पिछली कहानी को आगे नहीं बढ़ाती है। इसके बजाय, यह भरोसे, दोस्ती और अनपेक्षित भावनाओं पर आधारित एक नए रिलेशनशिप ड्रामा को दिखाती है।

कहानी कुणाल और दिया के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक कपल हैं और सिसिली घूमने जाते हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वे अपने परिवारों के लगातार दबाव से दूर रहना चाहते हैं जो उन्हें सेटल होने (शादी करने) के लिए कहते रहते हैं।

मामला तब एक अनपेक्षित मोड़ लेता है जब दिया अपनी बेफिक्र दोस्त एली से कुणाल के साथ फ़्लर्ट करने के लिए कहती है, ताकि वह कुणाल की वफ़ादारी की परीक्षा ले सके। एक मासूम से एक्सपेरिमेंट के तौर पर शुरू हुई यह बात जल्द ही एक इमोशनल उलझन में बदल जाती है, क्योंकि एली को कुणाल से सचमुच प्यार हो जाता है, जिससे तीनों किरदार एक मुश्किल स्थिति में फँस जाते हैं।

यह फ़िल्म रोमांस, ह्यूमर और इमोशनल टकराव के ज़रिए आज के रिश्तों को दिखाती है, साथ ही होमी अदाजानिया की खास कहानी कहने की शैली को भी बनाए रखती है।