दक्षिण चीन सागर पर 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले की 10वीं वर्षगांठ पर जापान समेत 14 देशों द्वारा चीन के समुद्री दावों को खारिज किए जाने के बाद बीजिंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने रविवार को बीजिंग स्थित जापानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि दक्षिण चीन सागर पर उसकी संप्रभुता कभी नहीं बदली है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फिलीपींस, कनाडा, जर्मनी, इटली, न्यूजीलैंड समेत कुल 14 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर 12 जुलाई 2016 को द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायाधिकरण (PCA) के फैसले को अंतिम और कानूनी रूप से बाध्यकारी बताया। बयान में कहा गया कि चीन के ‘नाइन-डैश लाइन’ दावों का संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत कोई कानूनी आधार नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय ने जापान पर क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप और दक्षिण चीन सागर में शांति व स्थिरता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि जापान इस विवाद का पक्षकार नहीं है और उसे इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि चीन द्वारा 2016 के फैसले को अस्वीकार करना विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन के विपरीत है। चीन ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए जापान पर ऐतिहासिक विस्तारवाद की मानसिकता का भी आरोप लगाया। इस बीच, 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ ने भी 2016 के फैसले को शांतिपूर्ण विवाद समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया। चीन ने यूरोपीय संघ की टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। चीन लगातार 2016 के मध्यस्थता फैसले को “अवैध, अमान्य और गैर-बाध्यकारी” बताता रहा है। उसका कहना है कि न्यायाधिकरण को इस मामले में अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं था और दक्षिण चीन सागर पर उसके ऐतिहासिक अधिकार बरकरार हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जेलेंस्की ने एक साल बाद प्रधानमंत्री स्विरीदेंको को हटाया, पूरी सरकार ने दिया इस्तीफा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको को महज एक साल के कार्यकाल के बाद बदलने का फैसला किया है। उनकी घोषणा के बाद यूक्रेन के कानून के तहत पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया। जेलेंस्की ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नया प्रधानमंत्री कौन होगा या स्विरीदेंको की नई भूमिका क्या होगी। यूलिया स्विरीदेंको को अमेरिका में यूक्रेन का अगला राजदूत बनाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के शीर्ष नेतृत्व में भी बदलाव किए जाएंगे। यूक्रेन के कानून के अनुसार, प्रधानमंत्री का इस्तीफा संसद की मंजूरी के बाद प्रभावी होता है। इसके साथ ही पूरी सरकार स्वतः भंग हो जाती है और नए मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया शुरू होती है। यूक्रेनी सांसदों के अनुसार, नए प्रधानमंत्री की दौड़ में पूर्व प्रधानमंत्री एवं मौजूदा ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मीहाल, रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव और सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्टोगाज़ के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। पेरिस के सिनेगॉग के बाहर ‘मिलिट्री-ग्रेड’ हथियार मिलने से हड़कंप: 300 लोगों को निकाला
फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक सिनेगॉग के पास संदिग्ध वाहन से असॉल्ट राइफल और पिस्तौल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पुलिस ने एहतियातन करीब 300 लोगों को आसपास के इलाके से सुरक्षित निकाला और राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी अभियोजन कार्यालय (PNAT) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम एक चोरी का वाहन संदिग्ध अवस्था में मिला। तलाशी के दौरान उसमें से एक असॉल्ट राइफल और एक पिस्तौल बरामद हुई। बम निरोधक दस्ते की जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिला। गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने बरामद असॉल्ट राइफल को “मिलिट्री-ग्रेड” हथियार बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। सिनेमा, रेस्तरां और अन्य इमारतों से लगभग 300 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है और हमले के संभावित उद्देश्य की जांच जारी है। गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से फ्रांस में यहूदी विरोधी घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। गृह मंत्री के अनुसार, इस वर्ष यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली तीन साजिशों को पहले ही विफल किया जा चुका है। पिछले वर्ष देश में 1,320 यहूदी विरोधी घटनाएं दर्ज हुई थीं। स्पेन के जंगलों में लगी भीषण आग: झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई
स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में लगी भीषण जंगल की आग में झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह आग गुरुवार को अल्मेरिया प्रांत के लॉस गालार्डोस इलाके में भड़की थी। अब तक 7,000 हेक्टेयर (करीब 17,300 एकड़) से अधिक क्षेत्र जल चुका है। अधिकारियों के मुताबिक यह स्पेन के इतिहास की सबसे घातक जंगल की आग की घटनाओं में से एक है। स्पेन की फोरेंसिक एजेंसी (CID) ने बताया कि दो और लोगों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। एजेंसी फ्रांस, ब्रिटेन और बेल्जियम के अधिकारियों के साथ मिलकर लापता लोगों की पहचान और डीएनए मिलान की प्रक्रिया चला रही है। बेल्जियम सरकार का कहना है कि मृतकों में उसके तीन नागरिक भी हो सकते हैं।
Income Tax Return 2026: हर साल जब इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने का सीजन शुरू होता है तो टैक्स पेयर्स के सामने सबसे पहला और बड़ा सवाल यही होता है कि ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनें या न्यू टैक्स रिजीम के साथ जाएं। हर कोई अपने हिसाब से टैक्स की देनदारी को कैलकुलेट कर रहा हैं। लेकिन कुछ थंब रूल ऐसे सामने आए हैं जो टैक्स की देनदारी का मामला काफी हद तक साफ कर दे रहे हैं। पर इंडिविजुअल टैक्स पेयर्स को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सैलरी पर्सन टू पर्सन वैरी करती है और कोई एक रूल आपकी टैक्स देनदारी का पूरा असल खाका नहीं खींच सकता।
इसके लिए आपको एक्सपर्ट अडवाइस की हमेशा जरूरत पड़ती है। एक बात और ध्यान देने वाली है कि अब न्यू टैक्स रिजीम डिफॉल्ट विकल्प है। यानी अगर आप आईटीआर फाइल करते समय कोई विकल्प नहीं चुनते हैं तो आपका रिटर्न अपने आप न्यू टैक्स रिजीम के तहत प्रोसेस किया जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक्टिव रूप से ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनना अब भी फायदेमंद है? इसके पीछे के गणित को समझने की कोशिश करते हैं।
क्या कहता है टैक्स का गणित?
ग्रांट थॉर्नटन भारत (Grant Thornton Bharat) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए की गई एक तुलनात्मक गणना के मुताबिक न्यू टैक्स रिजीम कई सैलरी स्लैब में भारी बचत दे रही है। इस कैलकुलेशन में 60 वर्ष से कम उम्र के एक ऐसे सैलरडी पर्सन को आधार बनाया गया है जो ओल्ड रिजीम के तहत कुल 4.25 लाख रुपये के डिडक्शन (छूट) का दावा करता है। इसमें नीचे दिए गए डिडक्शन शामिल हैं:-
धारा 80C के तहत: 150000 रुपये (1961 के अधिनियम की धारा 80C / 2025 के अधिनियम की धारा 123)
धारा 80D के तहत: 25000 रुपये (1961 के अधिनियम की धारा 80D / 2025 के अधिनियम की धारा 126)
HRA (हाउस रेंट अलाउंस): 200000 रुपये
स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction): 50000 रुपये
इसके मुकाबले न्यू टैक्स रिजीम में केवल 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल किया गया है। इस गणना में लागू सरचार्ज और 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस को भी जोड़ा गया है।
विभिन्न सैलरी लेवल पर टैक्स लायबिलिटी
25 लाख रुपये की सैलरी पर: ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत 452400 रुपये का टैक्स बनता है जबकि न्यू टैक्स रिजीम में यह बिल सिर्फ 319800 रुपये आता है। यानी न्यू टैक्स रिजीम चुनने पर सीधे 132600 रुपये की बचत होती है।
50 लाख रुपये की सैलरी पर: यहां भी दोनों रिजीम के टैक्स का अंतर 132600 रुपये ही रहता है और न्यू टैक्स रिजीम जीतती है।
75 लाख और 1 करोड़ रुपये की सैलरी पर: इस लेवल पर 10 फीसदी का सरचार्ज भी लागू हो जाता है। इसके बावजूद न्यू टैक्स रिजीम में टैक्सपेयर्स को करीब 1.46 लाख रुपये की सीधी बचत मिलती है।
तो क्या ओल्ड टैक्स रिजीम पूरी तरह खत्म हो चुकी है?
ऐसा सभी टैक्स पेयर्स के केस में नहीं कहा जा सकता। ओल्ड टैक्स रिजीम न्यू टैक्स रिजीम को केवल तभी टक्कर दे पाती है जब आपके डिडक्शंस (कटौतियां) इस सामान्य बास्केट से काफी ज्यादा हों। अगर आपके पास बड़े डिडक्शंस हैं जैसे:-
- धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की छूट।
- मेट्रो शहरों में रहने के कारण मिलने वाला ज्यादा HRA
- धारा 80CCD(1B) के तहत NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में योगदान।
- सीनियर सिटीजन माता-पिता के लिए चुकाया गया बड़ा 80D हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम।
अदर आप इन सभी को मिला देते हैं और आपका कुल डिडक्शन ब्रेक-ईवन थ्रेशोल्ड को पार कर जाता है तो ओल्ड रिजीम बेहतर हो सकती है। मौजूदा स्लैब के तहत अधिकांश इनकम लेवल के लिए यह ब्रेक-ईवन पॉइंट करीब 8 लाख रुपये के कुल डिडक्शन पर बैठता है। यानी भारी होम लोन और फुल HRA क्लेम करने वाला व्यक्ति इस लिमिट तक पहुंच सकता है लेकिन जो व्यक्ति सिर्फ 80C और एक सामान्य हेल्थ पॉलिसी के भरोसे है वह न्यू रिजीम का मुकाबला नहीं कर पाएगा।

ग्रांट थॉर्नटन भारत की टैक्स पार्टनर ऋचा साहनी का कहना है कि पुराने और नए टैक्स रिजीम के बीच चयन कोई ऐसा फैसला नहीं है जो हर किसी पर फिट बैठे। हालांकि न्यू रिजीम कम टैक्स रेट्स और अधिक सरलता की पेशकश करती है लेकिन ओल्ड रिजीम उन खास कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए बेहतर परिणाम दे सकती है जो बड़े पैमाने पर डिडक्शंस और एग्जेंप्शन (छूट) का लाभ उठाते हैं। इसलिए टैक्सपेयर्स को केवल हेडलाइन टैक्स रेट्स पर भरोसा करने के बजाय अपना फैसला लेने से पहले एक पर्सनलाइज्ड टैक्स कैलकुलेशन जरूर करनी चाहिए।
सालाना रिजीम बदलने की फ्लेक्सिबिलिटी
सैलरीड करदाताओं के लिए एक अच्छी बात यह है कि वे किसी एक रिजीम में लॉक नहीं होते हैं। ऋचा साहनी के मुताबिक, सैलरीड टैक्सपेयर्स के पास हर साल दोनों रिजीम के बीच चयन करने की फ्लेक्सिबिलिटी होती है। वे अपनी इनकम प्रोफाइल, डिडक्शंस और एग्जेंप्शंस के आधार पर सालाना अपनी स्थिति का मूल्यांकन कर सकते हैं और जो अधिक फायदेमंद हो, उसे चुन सकते हैं।
इस सालाना बदलाव का व्यावहारिक महत्व भी है। आपके एम्प्लॉयर (कंपनी) ने TDS काटने के लिए किस रिजीम का इस्तेमाल किया था उससे आपका आईटीआर बाउंड नहीं होता है। अगर कंपनी ने न्यू टैक्स रिजीम के हिसाब से टीडीएस काटा है लेकिन कैलकुलेशन के बाद आपके लिए ओल्ड रिजीम ज्यादा फायदेमंद निकलती है तो आप आईटीआर फाइल करते समय ओल्ड रिजीम चुन सकते हैं और बची हुई रकम को रिफंड के रूप में क्लेम कर सकते हैं।
बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम वाले टैक्सपेयर्स को ओल्ड रिजीम में वापस जाने का केवल एक ही मौका (Form 10-IEA के जरिए) मिलता है, इसलिए उन्हें अपना विकल्प चुनते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
फाइल करने से पहले क्या करें?
रिटर्न दाखिल करने से पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर मौजूद कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें, जिसमें मुश्किल से 10 मिनट का समय लगता है। थंब रूल यह है कि अगर आपके डिडक्शंस कम हैं तो बिना किसी उलझन के न्यू टैक्स रिजीम चुनें और यदि डिडक्शंस ज्यादा हैं तो दोनों रिजीम में टैक्स कैलकुलेट करके तुलना कर लें। चूंकि ये दोनों रिजीम आने वाले भविष्य में एक साथ रहेंगी, इसलिए यह कोई वन-टाइम फैसला नहीं है बल्कि इसे अपनी सालाना आदत बना लें।
Hot Stocks : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला थम गया है। मीडिया शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 24,100 के नीचे आ गया है। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 603.92 अंक या 0.78% गिरकर 76,965.47 पर और निफ्टी 179.50 अंक या 0.74% गिरकर 24,027.40 पर दिख रहा था। लगभग 1,557 शेयरों में बढ़त आई थी। 1,604 शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही थी और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.4% की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था।
निफ्टी पर रणनीति
बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24273-24332 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24378-24423/24456 पर है। इसके लिए पहला बेस 23988-24016/24066 पर और बड़ा बेस 23883-23939 पर है। शुक्रवार को निफ्टी ने मजबूत क्लोजिंग दी। FIIs और DIIs दोनों की ओर से खरीदारी रही। जियोपोलिटिकल तनाव फिर बढ़ा और क्रूड उछला है। रेट सेंसिटिव सेक्टर के लिए क्रूड बड़ा निगेटिव है। बेस-1 पर 10 DEMA और 24000 पुट राइटर्स हैं। इसके टूटने पर बेस-2 की ओर फिसल सकता है। ट्रेंड और लिक्विडिटी मजबूत रहे तो शॉर्ट से बचें। 57723-57520 टूटने पर ही बेस-2 दिख सकता है। बेस-1 बचा रहेगा तो अच्छा रिवर्सल भी मुमकिन है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58267-58389/58532 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58690-58839 पर है। इसके लिए पहला बेस 57520-57723 पर और बड़ा बेस 57010-57250 पर है। इंडियन बैंक के दमदार नतीजों PSU बैंकों में तेजी दिखी थी। PSU में ही एक्शन गायब था,शुक्रवार को तेजी में शामिल हुए। 58000 पर कॉल और पुट राइटर्स की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग बेस बेस-1 बना हुआ है। इसके टूटने पर बेस-2 की ओर फिसलने का खतरा है। कच्चे तेल की चाल सबसे अहम रहेगी। कच्चे तेल से ही आगे की दिशा तय होगी। बेस-1 बचा तो ऊपरी स्तरों की ओर वापसी संभव है। ऊपर की ओर 58267 पहली बड़ी रुकावट है। इसके ऊपर 58389-58532 तक तेजी की संभावना है।
चकाचक चार्ट वाले शेयर
चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी एपीएल अपोलो में 1814 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1875 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। बंधन बैंक में भी इनकी 205.90 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 218 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के ऐलान पर कच्चा तेल उबल पड़ा। इससे वैश्विक स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।
सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में तबाही मची हुई है जिसमें निफ्टी प्राइवेट बैंक में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी के निफ्टी इंडेक्स 1% या इससे अधिक कमजोर हुए हैं। निफ्टी आईटी में हल्की बढ़त है। बिकवाली के इस चौतरफा माहौल में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।
इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 पर सेंसेक्स (Sensex) 670.36 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 76,899.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 196.50 प्वाइंट्स यानी 0.81% की गिरावट के साथ 24,010.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक और निफ्टी 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आ गया था।
निवेशकों के ₹1.83 लाख करोड़ स्वाहा
एक कारोबारी दिन पहले यानी 10 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,30,322.70 करोड़ था। आज यानी 13 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,47,242.67 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,080.031 करोड़ की गिरावट आई है।
Sensex के सिर्फ 6 शेयर ग्रीन
सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 6 ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी टीसीएस, एचसीएलटेक और इंफोसिस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंडिगो, टाटा स्टील और मारुति में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

65 शेयर एक साल के हाई पर
बीएसई पर फिलहाल 3113 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1104 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1769 में बिकवाली का दबाव है तो 240 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 65 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 75 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 77 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें
इंट्रा-डे में आज इन शेयरों पर फोकस
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Market news : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत खराब रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 0.79 फीसदी कमजोरी के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रह है। यह एक निगेटिव संकेत है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी रिकवरी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी,दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बीच बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 ने इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल छुआ। इस तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा। वहीं,रियल्टी,मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने सेंटीमेंट को और मजबूत किया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार
हॉर्मुज स्ट्रेट में टेंशन से ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार चला गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है। इधर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोना $4,100 के नीचे फिसल गया है।
LTM के उम्मीद से बेहतर नतीजे, L&T फाइनेंस का मुनाफा 28% बढ़ा
LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की constant currency यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है। कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है। वहीं मार्जिन में भी सुधार दिखा है। ऑर्डर बुक भी मजबूत रही है। दूसरी ओर L&T Finance की प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII 28% से ज्यादा बढ़ी है। रिटेल लोन बुक गाइडेंस से कहीं बेहतर रही है।
डीमार्ट: Q1 मुनाफे में 11.3% का उछाल
पहली तिमाही में एवेन्यू सुपरमाट्स के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 11 परसेंट और रेवेन्यू में 15 परसेंट की ग्रोथ रही है। हालांकि मार्जिन बिल्कुल फ्लैट रहे हैं। मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में दबाव दिखा है।
आज आएंगे HCL TECH के नतीजे
निफ्टी में आज HCL TECH के नतीजे आएंगे। इसकी कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 परसेंट और डॉलर आय में 1.3% गिरावट का अनुमान है। हालांकि मार्जिन 30 Bps बढ़ने की उम्मीद है।
SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO का साइज घटा
SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO का साइज घटा है। इश्यू का साइज 11700 करोड़ रुपए से घटकर 9813 करोड़ रुपए हुआ है। इधर दिग्गजों को प्री-IPO स्टेक बेचकर SBI ने 1655 करोड़ रुपए जुटाए हैं। SBI के OFS का हिस्सा घटकर 6.30% से 4.89% पर आ गया है।
गिफ्ट निफ्टी
सुबह 07:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 195 अंक यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 24,040.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।
एशियाई बाजार
एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 1.20 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.20 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.85 फीसदी की तेजी दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 0.82 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं, कोस्पी करीब 4.75 फीसदी नीचे है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.71 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।
अमेरिकी बाजार
शुक्रवार को S&P 500 में 0.42% की बढ़त हुई और यह 7,575.39 के लेवल पर बंद हुआ। यह 2 जून को बने रिकॉर्ड हाई क्लोज़ से अभी भी 0.45% नीचे है। Nasdaq भी 0.29% की बढ़त के साथ यह 26,281.61 के लेवल पर पहुंच गया। जबकि डाओ जोन्स में 0.29% की बढ़त हुई और यह 52,637.01 के स्तर पर बंद हुआ।
डॉलर इंडेक्स
मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुए टकराव से महंगाई का डर बढ़ गया और सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी बढ़ गई है। जिसके चलते डॉलर अपनी ज़्यादातर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 101.17 पर दिख रहा है।
US बॉन्ड यील्ड
अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये क्रमशः 4.58% और 4.23% पर पहुंच गए हैं।
एशियन करेंसी
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार हुआ,रीजनल बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखा। इंडोनेशियाई रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। जिसमें 0.35% की बढ़त हुई। इसके बाद चीनी रेनमिनबी (+0.22%) और ताइवान डॉलर (+0.19%) का स्थान रहा। दूसरी तरफ,साउथ कोरियन वॉन इस इलाके की सबसे कमजोर करेंसी है,जिसमें 0.34% की गिरावट आई,जबकि जापानी येन 0.25% फिसला है जिससे पता चलता है कि नॉर्थ एशिया की मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर में हल्की मज़बूती आई है। थाई बात(-0.21%),सिंगापुर डॉलर (-0.17%),मलेशियन रिंगिट (-0.17%) और फिलीपीन पेसो (-0.16%) भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने बिकवाली के एक दिन बाद ₹2,603 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सेशन में खरीदारी जारी रखी और ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।

GOOD FOR: Spacious interior, Strong engines
LOOK OUT FOR: Suspension rattles, Infotainment issues
The Mahindra XUV 3XO was launched in 2024 as a replacement for the XUV300. But instead of a mild facelift, Mahindra went all out and gave the compact SUV an overhauled exterior, a thoroughly reworked interior, some segment-first features, a new class-leading petrol powertrain and a new name. Mahindra’s smallest offering stands out in the crowded compact SUV segment for its roomy and premium interior and many powertrain options, making it worth considering as a used buy. Here’s what to keep in mind.
Despite the redesigned exterior, the 3XO’s rear section still looks abruptly chopped off, though it doesn’t look as awkward as the XUV300’s. The front styling, too, is bold, distinctive and splits opinion. Inside, quality took a huge step up, with the 3XO’s interior feeling genuinely premium. It’s very good on space too, and can easily accommodate five adults, though the trade-off is one of the smallest boots in the segment.
Check out used Mahindra XUV 3XO models.
Mahindra XUV 3XO powertrain and mileage
Petrol, turbo-petrol, and diesel engines; up to 21.8kpl claimed mileage
Mahindra offers the XUV 3XO with three engine options – two petrols and one diesel. The range starts with a 111hp, 1.2-litre, MPFi, turbo-petrol engine that can be had with a 6-speed manual (ARAI-rated 18.89kpl fuel economy) or a 6-speed torque converter automatic (17.96kpl) option. Then there’s a 117hp, 1.5-litre diesel, which comes with a 6-speed manual (20.6kpl) and 6-speed AMT (21.2kpl). Meanwhile, the range topper is a 131hp, 1.2-litre direct-injection turbo-petrol unit, which is available with an Aisin-sourced 6-speed torque converter automatic (18.2kpl) and a 6-speed manual option (20.1kpl).

The diesel makes sense for high-mileage users or for those who do frequent road trips owing to its higher real-world efficiency. Enthusiasts will enjoy the 131hp turbo-petrol for its punchy character and the performance it packs in. However, for most users, the 111hp turbo-petrol will do the job just fine, as it has a good balance of performance, drivability and efficiency. What’s great is that every engine option can be had with an automatic gearbox option for greater convenience.
Mahindra XUV 3XO variants and features
Twin 10.25-inch screens, panoramic sunroof
At launch, there were nine trim lines on offer – MX1, MX2, MX2 Pro, MX3, MX3 Pro, AX5, AX5 L, AX7 and AX7 L. Mahindra later launched a mid-spec RevX trim for the XUV 3XO too. As for features, the top-spec AX7L gets all-LED lighting, a seven-speaker Harman Kardon audio system with a 380W amplifier, a 10.25-inch infotainment screen and driver’s display, panoramic sunroof, AdrenoX Connect connectivity suite, wireless Android Auto and Apple CarPlay, a wireless charger, rear AC vents, and more.

All variants get safety features like 6 airbags, rear disc brakes, ESP and ISOFIX anchors. Higher-spec versions get an electronic parking brake with auto-hold, hill-start and hill-descent assist, a 360-degree camera, a blind spot monitor and Level 2 ADAS. As always, the range-topping variant will give you the best experience given all that it packs in, but for most users, the mid-spec AX5 will also suffice, as it has a good balance of features.
XUV 3XO warranty details
The XUV 3XO is a reliable SUV, with problems few and far between, and it’s backed up by Mahindra’s widespread service network throughout the country. What’s nice is that it comes with a standard warranty of 3 years / 1,00,000km, which can be extended to a total of 5 years or 1,50,000km.
What to look out for in a used Mahindra XUV 3XO
Suspension rattles
Some owners have reported rattling or thudding sounds coming from the suspension when driven through rough patches or potholes. This is often linked to worn out lower control arms. Take a test drive and drive through a rough patch of road, and listen out for any thudding or rattling from the suspension. Many of the suspension components are covered under warranty too, so this is something to keep in mind.
Infotainment issues

Owners have faced issues with the XUV 3XO’s AdrenoX infotainment system like Apple CarPlay/Android Auto disconnections, screen freezing and the reverse camera display getting stuck on a black screen. Before purchasing, check that it functions smoothly, pairs up with your phone easily, and that the system’s software is up to date.
Braking trouble
Mahindra XUV 3XO owners have reported a few distinct brake issues, ranging from inconsistent, spongy brake pedal feel to hissing noises and overly sensitive Automatic Emergency Braking (AEB). Before purchasing, it’s worth getting the brakes checked by an authorised service center.
Second hand Mahindra XUV 3XO price and resale value
Rs 6 lakh-10 lakh

Being a new model that’s still on sale, the XUV 3XO commands good value in the resale market. With such a wide spread of trim levels and powertrain options, you’ll find used options across a wide price range, but refrain from spending over Rs 10 lakh. Look for an example with the extended warranty package, as that’ll give you added peace of mind.
Mahindra XUV 3XO fact file | |
| Years produced | 2024-present |
| Price when new | Rs 7.49 lakh-15.49 lakh (ex-showroom, India) |
| Engine | 3cyls, 1197cc, turbo-petrol / 3cyls, 1197cc, turbo-petrol / 4cyls, 1497cc, diesel |
| Power | 200 / 230 / 300Nm |
| Torque | 144 / 253 / 250Nm |
| Ground clearance | 201mm |
| Boot space | 364 litres |
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 12 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —
नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये
मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये
कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये
चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये
गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये
नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये
बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये
भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये
चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये
हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये
जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये
लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये
पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
- सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
- रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
देश में सोने की कीमत में फिर से गिरावट दिख रही है। 13 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 144470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। मुंबई में भाव 144320 रुपये प्रति 10 ग्राम है। बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 4370 रुपये तक टूटी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 4000 रुपये तक फिसला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,106.25 डॉलर प्रति औंस है।
देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट
दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144470 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132440 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132290 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144320 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145080 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144320 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
| शहर | 22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) | 24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) |
| दिल्ली | 132450 | 144470 |
| मुंबई | 132290 | 144320 |
| अहमदाबाद | 132340 | 144370 |
| चेन्नई | 132990 | 145080 |
| कोलकाता | 132290 | 144320 |
| हैदराबाद | 132290 | 144320 |
| जयपुर | 132440 | 144470 |
| भोपाल | 132340 | 144370 |
| लखनऊ | 132440 | 144470 |
| चंडीगढ़ | 132440 | 144470 |
एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है। सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए। HSBC ने कहा है कि 2026 में गोल्ड की औसत कीमत 4,560 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। 2027 में गोल्ड की औसत कीमत 4,925 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है। इस साल के अंत में कीमत 4,750 डॉलर तक जा सकती है। अगले साल के अंत तक कीमत 5,025 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है।
चांदी की कीमत
सोने की ही तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट है। 13 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते एक सप्ताह में चांदी का भाव 15000 रुपये नीचे आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 59.54 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Yamaha recently entered the electric scooter market with its EC-06, which is a redesigned River Indie but retains all the core mechanicals. At Rs 1.71 lakh (ex-showroom, Bengaluru), the EC-06 is also one of the more expensive options in the electric scooter market. We were able to subject the EC-06 to our real-world range tests and this is how Yamaha’s debut EV performed.
- In ‘Normal’ mode, it covered 114km
- It has an efficiency of 28.5km/kWh
- Small 450W charger takes 10hr to top up a flat battery to full
Yamaha EC-06 real world range
When subjecting the EC-06 to our range tests, we used the middle ‘Standard’ riding mode, where the range indicator on the display showed us 93km with a fully charged battery. Its 4kWh battery sends power to a mid-mounted motor capable of 6.7kW peak output – same as the River Indie it is based on. In its Standard riding mode, you can achieve the 79kph top speed but power delivery is gentler than on the top ‘Power’ mode and the regenerative braking too is in its middle setting.
At 132kg, the EC-06 is one of the heaviest electric scooters in India and is just 3 kilos lighter than the Indie it is based on. It also uses larger 14-inch wheels shod with chunky tyres and both this as well as its weight do play a role in the range it can travel on a single charge.
In city traffic conditions, at lower speeds and with regenerative braking kicking in more often, the EC-06’s range was dropping at a slower rate than when we were at faster speeds on open roads – this will be the case for all EVs and isn’t a trait exclusive to it. For every 10 percent SOC drop, the EC-06 covered an average of 11.4km and at the end of the test, the scooter covered 114km.
This was actually much higher than what the range indicator on the display showed (93km) and ultimately the range you get will vary on a multitude of factors like your riding style, tyre pressures, prevailing traffic and weather conditions among others.
Its performance remained consistently reliable and even below 20 percent SOC, it was able to comfortably climb flyovers and pass moving traffic effortlessly. Under 10 percent SOC was the first time we experienced a noticeable performance drop and even then, the scooter could reach a speedo-indicated 50-55kph and acceleration too was not impacted severely.
Once the battery fell below 5 percent SOC, the scooter defaulted to ‘Eco’ mode and both acceleration and top speed were quite mellow but even so, it wasn’t painfully slow and we saw 40-45kph on the display. At 0 percent SOC, when the scooter finally ran out of juice, it stopped moving despite twisting the accelerator but the display and all the other functions of the vehicle like the seat and charger release flaps were functional.
With this range number we received, the EC-06’s efficiency works out to 28.5km/kWh. While the EC-06’s range is undoubtedly quite impressive, one point to bear in mind is that you need to plan your charging cycle properly because the Yamaha only comes with a 450W charger, which takes a glacial 10 hours (claimed) to top up a flat battery to full.
Autocar India’s range testing
Before our real-world range test, the battery of our two-wheeler on test is fully charged, and we maintain tyre pressures as recommended by the manufacturer. The two-wheeler is then driven in a fixed loop in the city and highway (for electric bikes that are capable of doing so), and we maintain certain average speeds while following the speed limit. While doing so, we also ensure periodic rider swaps to ensure consistency and subject the vehicle to varying riding styles. The vehicle is run until its battery is completely drained and it shuts down or does not go ahead even if the screen is on.
अमेरिका ने रविवार को ईरान में 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक सेंटकॉम के मुताबिक हमलों की इस तीसरी कड़ी में ईरान को काफी नुकसान हुआ है। ये हमले किश्म, सीरिक, बंदर अब्बास, जास्क, बुशेहर, खोंदाब, बंदर महशहर, बेहबहान, अंदीमेश्क, देजफुल, अहवाज, अबादान और खुर्रमशहर जैसे इलाकों में किए गए। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए दर्जनों परमाणु बमों से भी ज्यादा अहम है। ISNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रेजाई ने कहा कि ईरान होर्मुज की हर हाल में रक्षा करेगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. ओमान के पास जहाज पर हमला,1 भारतीय लापता: ‘GFS गैलेक्सी’ जहाज पर हुए हमले में 11 भारतीय सवार थे। 10 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की निंदा करते हुए नागरिक जहाजों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की। 2. अमेरिका बोला- ईरान के 300 ठिकानों पर हमला किया: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिका ने इस सप्ताह 3 दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। 3. लेबनान पर इजराइल ने फिर हमले किए: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के कफर तेबनित कस्बे पर गोलीबारी की। फिलहाल इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। 4. कुवैत के सीमा चौकियों को नुकसान: कुवैत की सेना ने रविवार को बताया कि हाल के हमलों में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित तीन सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचा है। 5. खुजेस्तान में वाटर प्रोजेक्ट पर हमला: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के महशहर शहर में एक वाटर प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

