Kia Syros EV से उठा पर्दा और बुकिंग शुरू, 526KM की रेंज से Nexon EV और Mahindra XUV 3XO EV को देगी टक्कर! जानिए बाकी फीचर्स

Kia Syros EV: तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में Tata Nexon EV और Mahindra XUV 3XO EV जैसे कॉम्पिटिटर्स को टक्कर देने के लिए, Kia ने Carens Clavis EV के बाद अब भारत में अपना दूसरा मास-मार्केट इलेक्ट्रिक मॉडल, Syros EV पेश किया है। इस EV के लिए कंपनी ने ₹25,000 में प्री-बुकिंग भी शुरू कर दी है। यह मॉडल बेहतर ड्राइविंग रेंज, तेज चार्जिंग, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और एक कॉम्प्रिहेंसिव ओनरशिप पैकेज देने का वादा करता है।

Kia Syros EV की खासियत क्या है?

इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी ARAI-सर्टिफाइड ड्राइविंग रेंज है, जो बड़े 51.4 kWh बैटरी पैक के साथ 526 km तक चल सकती है। Kia के अनुसार, यह अपने सेगमेंट की पहली SUV है जो 500 km का आंकड़ा पार करती है। खरीदार 42 kWh बैटरी का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिसकी रेंज 443 km बताई गई है। इसके अलावा, Kia Syros EV में लगी इलेक्ट्रिक मोटर 171 PS की पावर जनरेट करती है। वहीं, बड़े बैटरी पैक वाले मॉडल में यह SUV 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 8.1 सेकंड में पकड़ सकती है।

रोजाना इस्तेमाल के लिए यह कितनी प्रैक्टिकल है?

Kia का कहना है कि Syros EV को 100 kW DC फास्ट चार्जर से 39 मिनट में 10% से 80% तक चार्ज किया जा सकता है। इसमें चार्जिंग परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए 10.8 kW का ऑनबोर्ड AC चार्जर और बैटरी कंडीशनिंग टेक्नोलॉजी भी दी गई है। MyKia ऐप के जरिए, मालिक एक ही वॉलेट का इस्तेमाल करके 23 चार्जिंग ऑपरेटर्स के 20,300 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि Kia के डीलरशिप नेटवर्क में 129 से ज्यादा DC फास्ट चार्जिंग लोकेशन्स और 275 से ज्यादा EV-रेडी वर्कशॉप्स शामिल हैं।

Kia Syros EV में कौन-कौन से फीचर्स हैं?

Syros EV में 30-इंच का ट्रिनिटी पैनोरमिक डिस्प्ले है, जिसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और क्लाइमेट कंट्रोल शामिल हैं। इसके अन्य फीचर्स में वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, Harman Kardon का 8-स्पीकर साउंड सिस्टम, ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट, आगे और पीछे वेंटिलेटेड सीटें, पैनोरमिक सनरूफ, V2L (व्हीकल-टू-लोड) क्षमता, डिजिटल की (Key) और 16-लीटर का फ्रंट स्टोरेज कम्पार्टमेंट शामिल हैं।

नई इलेक्ट्रिक SUV कितनी सुरक्षित है?

सुरक्षा एक और ऐसा पहलू है जिस पर Kia ध्यान दे रही है। Syros EV में लेवल 2 ADAS के साथ 16 ऑटोनॉमस ड्राइविंग असिस्टेंस फंक्शन मिलते हैं। इसके अलावा, इसमें छह एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, सभी पहियों पर डिस्क ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और कुल 25 स्टैंडर्ड सुरक्षा फीचर दिए गए हैं।

Kia ओनरशिप के क्या फायदे दे रही है?

प्रोडक्ट के अलावा, Kia EV की ओनरशिप से जुड़ी आम चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वह लाइफटाइम हाई-वोल्टेज बैटरी वारंटी (शर्तों के साथ, 15 साल तक), एक ‘एश्योर्ड बायबैक’ प्रोग्राम और शुरुआती खरीद लागत को कम करने के मकसद से ‘बैटरी-एज-अ-सर्विस’ फाइनेंसिंग ऑप्शन दे रही है।

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Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी में बड़ी गिरावट, सिल्वर फ्यूचर्स 1500 रुपये फिसला

सोने और चांदी में 16 जुलाई को देश और विदेश में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.9 फीसदी गिरकर 4,024.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) भी 0.6 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,029.50 डॉलर प्रति औंस था। सिल्वर फ्यूचर्स 1.7 फीसदी गिरकर 56.78 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी।

एमसीएक्स में गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज MCX में दोपहर 2:30 बजे गोल्ड फ्यूचर्स 0.31 फीसदी यानी 442 रुपये की गिरावट के साथ 1,41,408 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.71 फीसदी यानी 1,576 रुपये की कमजोरी के साथ 2,19,044 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज सोने और चांदी में कमजोरी की वजह बुलियन की कमजोर डिमांड है।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलियन की कीमतों पर दबाव की वजह मध्यपूर्व में जारी लड़ाई है। इस लड़ाई की वजह से फिर से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। इससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई का खतरा बढ़ा है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

अगले महीने इनफ्लेशन में दिख सकता है उछाल

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “जून के महंगाई के डेटा में अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई भड़कने का असर शामिल नहीं है। इसकी वजह यह है कि पिछले महीने दोनों पक्षों में डील हुई थी जो अब टूट गई है।” अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना रुख काफी आक्रामक कर दिया है। 15 जुलाई को उसने ईरान में मिसाइल ठिकानों के साथ ही तटवर्ती डिफेंस सिस्टम्स पर हमले किए।

इस हफ्ते क्रूड में 11 फीसदी का आया है उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई फिर से भड़कने से क्रूड में तेजी आई है। इस हफ्ते क्रूड 11 फीसदी चढ़ा है। इससे इनफ्लेशन को लेकर चिंता बढ़ी है। आशंका है कि दुनियाभर में लोगों को लंबे समय तक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे इंटरेस्ट रेट में इजाफा देखने को मिलेगा। गोल्ड का दशकों से इनफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग का जरिया माना जाता है। इसलिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर इसका अट्रैक्शन घट जाता है।

15 जुलाई को भी सोने और चांदी मे आई थी गिरावट

15 जुलाई को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई थी। स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,030.50 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 0.8 फीसदी गिरकर 4,036.20 प्रति औंस था। 15 जुलाई को स्पॉट सिल्वर भी 1.1 फीसदी गिरकर 57.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि 14 जुलाई को सोने में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा थे। अमेरिका में जून में महंगाई उम्मीद से कम बढ़ी है।

MP UCC: मोहन सरकार समान नागरिक संहिता के जरिए साध रही है हिंदुत्व का एजेंडा?

मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में मोहन सरकार UCC से जुड़ा अहम विधयेक लाने जा रही है। 20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले 19 जलाई को कैबिनेट की बैठक में UCC कमेटी के प्रतिवेदन को कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद मोहन सरकार विधानसभा सत्र के पहले दिन ही UCC विधेयक को पेशन करने तैयारी में है।

समान नागरिक संहिता लंबे समय से भाजपा के प्रमुख वैचारिक मुद्दों में शामिल रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश भाजपा के चुनावी मेनिफेस्टो में प्रदेश में UCC लागू करना प्रमुख चुनावी एजेंडा रहा है। ऐसे में अब मोहन सरकार अब उसको पूरा करती हुई दिख रही है। दरअसल भाजपा का मानना है कि UCC लागू होने से विवाह,तलाक,उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनेगी।

बुधवार को इंदौर में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC के मुद्दें पर सरकार का नजरिया साफ करते हुए कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में अब आगे बढ़ रही है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि UCC का मकसद किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना है। सरकार ने पहले जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया भी शुरू की थी, जिसमें 10 लाख से अधिक लोगों के सुझाव लिए गए है। जिसमें 9 लाख लोगों ने यूसीसी के समर्थन में आए है और अब सरकार इसको अमलीजामान पहनाने जा रही है।

UCC पर अपना रूख साफ करें कांग्रेस-
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति द्वारा मुझे यूसीसी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। चाहे यूसीसी का मुद्दा हो या भोजशाला का, कांग्रेस हर विषय को केवल हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह है कि सभी धर्मों के नागरिकों ने यूसीसी पर अपने विचार खुलकर और स्पष्ट रूप से रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपना स्पष्ट रुख सामने नहीं रखा है।

UCC प्रतिवेदन में क्या है?- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपे गए UCC प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है। प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है। तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है।
 

Kia Syros EV variants and features explained

Kia Syros EV variants explained

Kia has unveiled its second mass-market electric model for India in the form of the Syros EV. Though it shares its K1 platform with its ICE counterpart, it utilises the same battery packs found on the larger Carens Clavis EV. While prices are yet to be announced, they are expected to be in the Rs 15 lakh to 20 lakh range. At launch, it will take on the likes of the Tata Nexon EV, which currently dominates the segment, and the Mahindra XUV 3XO EV. In this article, we explain all the variants on offer, the colours, the standard safety kit, and the variant-wise features of the Syros EV.  

Kia Syros EV variant-wise battery pack options

Offered in seven variants across five trims 

Kia Syros EV variant-wise battery pack options 

Trim 

42kWh

51.4kWh (Extended range)

HTK

Yes

HTK+

Yes

Yes

HTX

Yes

Yes

HTX+

Yes

X-Line

Yes

The Kia Syros EV offers a choice of 42kWh and 51.4kWh battery packs. While the base HTK trim solely offers a 42kWh option, the mid-level HTK+ and HTX trims additionally offer the larger 51.4kWh battery pack. Meanwhile, the higher-end HTX+ and X-Line trims are available only with the 51.4kWh battery pack.

Both battery packs are paired to a front-mounted motor, which develops 135hp and 171hp in 42kWh and 51.4kWh guises, respectively. In both versions, the motor produces an identical 255Nm of torque. Kia claims a 0-100kph time of 8.1 seconds in 51.4kWh guise. While the 42kWh battery pack gets an ARAI-claimed range of 443km, the 51.4kWh version’s claimed range is 526km.  Not only has Kia equipped the Syros EV with the largest battery pack in its segment (51.4kWh), but it also gets the most powerful motor and the highest claimed range figure in its class.

Both versions support up to 11 kW AC charging speeds, while DC charging support is up to 100kW. At 11kW AC speeds, a smaller 42kWh battery takes four hours to charge from 10-80 percent, while the 51.4kWh battery takes an additional 50 minutes. However, with a 100kW DC charger, both versions can charge from 10-80 percent in the same 39 minutes, claims Kia.

Kia Syros EV exterior and interior colours 

Nine options for the exterior, three for the interior

The Kia Syros EV is available only in nine monotone colour options. These include Ivory Silver Matte, Frost Blue, Gravity Grey, Pewter Olive, Magma Red, Ivory Silver Gloss, Aurora Black Pearl, Glacier White Pearl, and Xclusive Matte Graphite. Of these, the top X-Line trim is available solely in the Aurora Black Pearl and Xclusive Matte Graphite colours.

Inside, the Syros EV offers three interior and seat upholstery options depending on the chosen trim. HTK, HTK+ and HTX trims get blue and grey semi-leatherette seat upholstery and green accents throughout the interior, while the HTX+ trim gets black and white leatherette seat upholstery and white accents throughout the interior. The top X-Line trim comes with black and green leatherette seat upholstery with green accents across the interior.

Kia Syros EV standard safety kit 

Gets six airbags, electronic parking brake, hill start assist, TPMS, to name a few

As standard, the Kia Syros EV is equipped with six airbags, ABS, brake assist, ESC, stability control, hill-start assist, tyre pressure monitoring system (TPMS), all-wheel disc brakes, electronic parking brake with auto hold, follow-me-home headlamps, virtual engine sound system, child lock, rear parking sensors, speed sensing door locks, impact sensing auto door unlock, 3-point seatbelts for all seats, ISOFIX anchors, rear occupant alert, front passenger airbag on/off switch, and rear occupant alert.

Kia Syros EV variant-wise features list 

HTK

Battery pack options: 42kWh

  • LED headlamps, DRLs, foglamps, and tail-lamps
  • 16-inch aero-optimised alloy wheels 
  • Flush door handles 
  • Shark fin antenna 
  • Blue and grey fabric-leatherette seat upholstery 
  • 12.3-inch infotainment system 
  • 12.3-inch digital driver’s display 
  • Wireless Android Auto and Apple CarPlay 
  • 4 speakers and 2 tweeters 
  • Steering-mounted controls 
  • Tilt-adjustable steering 
  • Drive modes (Eco, Sport, Normal) 
  • 4x USB Type-C ports 
  • Portable charging cable 
  • Front centre console with retractable cup holders and storage 
  • Front centre armrest
  • Electronic parking brake with auto hold
  • Seatback pocket (front passenger seat)
  • Rear window sunshades 
  • Front adjustable headrests 
  • Rear AC vents 
  • Day/night IRVM 

HTK+ 

Battery pack options: 42kWh, 51.4kWh (Extended Range-ER)

Features over HTK

  • Rear view camera 
  • Cruise control
  • 100W Type-C charging port 
  • 17-inch aero-optimised alloy wheels (ER)

HTX 

Battery pack options: 42kWh, 51.4kWh (Extended Range-ER)

Features over HTK+

  • Panoramic sunroof
  • Rear wiper and washer
  • LED rear turn indicators 
  • All door windows up/down with key 
  • All door windows one-touch up/down with anti-pinch function
  • Sliding and reclining rear seats 
  • 60:40 split rear seat
  • Rear centre armrest with cupholder 
  • Rear adjustable headrests 
  • Rear defogger 
  • Rear parcel tray 
  • LED cabin lights, boot lamp
  • Seatback pocket (driver seat)
  • Connected-car tech (ER)
  • OTA software updates (ER)

HTX+ 

Battery pack options: 51.4kWh (Extended Range-ER)

Features over HTX

  • Automatic flush door handles
  • Black and white leatherette seat upholstery 
  • Leatherette-wrapped steering wheel 
  • Leatherette finish for armrest and door trims
  • Metal pedals 
  • 12.3-inch infotainment display with onboard navigation 
  • 5-inch HVAC control display
  • 8-speaker Harman Kardon sound system 
  • Dual dash cam 
  • Auto-dimming IRVM
  • Battery heating system 
  • Front seat ventilation 
  • Rear seat ventilation (seat base only) 
  • 4-way powered driver seat 
  • Wireless phone charger 
  • Front parking sensors

X-Line 

Battery pack options: 51.4kWh (Extended Range-ER)

Features over HTX+

  • 64-colour ambient lighting 
  • LED footwell lamps
  • Black and green leatherette seat upholstery 
  • Level 2 ADAS
  • Vehicle to Load (V2L) functionality 
  • Puddle lamps with logo projection 
  • Digital key 

London Trip: सड़कें संकरी, फुटपाथ चौड़े, फिर भी जाम नहीं लगता

London Trip

London Traffic Rules: बात चुभने वाली है, लेकिन है सोलह आने सच। हमने पाश्चात्य तौर-तरीके (खान-पान, कपड़े, फैशन, भाषा) तो बखूबी अपना लिए, लेकिन वहां के नियम-कायदे, शिष्टाचार को छू भी नहीं पाए। हम अब बात करते हैं परिवहन मसले की। आप हैरत करेंगे कि वहां आधी रात को भी कोई ट्रेफिक सिग्नल का उल्लंघन नहीं करता, जबकि हम तो दिन में चौराहे पर जवान के तैनात रहते फर्राटे से गाड़ी भगा लेते हैं।

 

मेरा यह मानना है कि हम कभी भी लंदन जैसे शहर या यूरोप, अमेरिका, चीन या किसी भी विकसित देश के जैसे यातायात नियमों का पालन नहीं कर पाएंगे। ये आता है संस्कार, शिक्षा, मौलिक स्वभाव और कानून के डर से। जिस देश में मंत्री-नेता अपने पट्‌ठों को छुड़ाने के लिए मामूली जवान को धमका देते हैं, जहां अधिकारी अपने ओहदे का गाड़ी पर उल्लेख कर बिना रोक-टोक निकल जाता है, जहां आम जनता भी मौका मिलते ही चाहे जहां से आड़े-तिरछे तरीके से अपने वाहन निकाल लेते हैं, वहां अभी दो पीढ़ियों तक किसी चमत्कार की आशा करना बेमानी है। ALSO READ: Trip To London : लंदन में न सड़क पर धरने-प्रदर्शन, न चक्का जाम

 

आइए देखते हैं कि वहां यातायात की कैसी व्यवस्था है। वहां बीच शहर और मोटर-वे, हाई-वे को छोड़कर कहीं पर रोड डिवाइडर नहीं हैं। सड़कें उतनी चौड़ी नहीं हैं, जितनी हमारे यहां इंदौर जैसे शहर में भी रहती हैं। बीआरटीएस व एमजी रोड, सपना संगीता रोड जितनी चौड़ी सड़कें कम ही है। वहां बीच शहर में भी दो-तीन लेन सड़क ज्यादा हैं। इसी में सिटी बस, आरटीओ पंजीकृत काली टैक्सी कारें, निजी कारें, निजी टैक्सी कारें व बाइक व साइकिल चलती हैं। इसके बावजूद कभी जाम नहीं लगता, क्योंकि वहां प्रत्येक वाहन एक के पीछे एक चलता है। कोई अपनी लेन को नहीं छोड़ता। ALSO READ: Trip To London: पाउंड को रुपए में गिनेंगे तो चाय भी नहीं पी सकेंगे

 

यह तब होता है, जब आम तौर पर चौराहे पर यातायात जवान हमारे यहां जैसे नहीं होते हैं। वे इक्का-दुक्का कहीं नजर आ जाएंगे अलबत्ता, तकनीक के सहारे वे चालान जरूर बना देते हैं। लेन या सिग्नल से निकल जाने पर 100 से 160 पाउंड तक का जुर्माना है। इसे वहां के 100 से 160 रुपए मत समझिएगा। ये वहां के आय अनुपात के हिसाब से बेहद बड़ी रकम है। वहां रोजाना की औसत आय अधिकतम 200 पाउंड होती है। ऐसे में यदि आपको किसी दिन 100 से 160 पाउंड के बीच जुर्माना देना पड़ जाए तो सोचिए क्या हाल होंगे? ALSO READ: London Trip: प्रधानमंत्री से पब्लिक तक मेट्रो, सिटी बस में सफर करते हैं

 

वहां दरअसल फुटपाथ सड़क से दोगुने चौड़े होते हैं। यदि सड़क 30-40 फीट चौड़ी है तो मानकर चलिए कि दोनों तरफ मिलाकर फुटपाथ 50 से 60 फीट चौड़े होंगे। उसकी वजह यह है कि लोक परिवहन के कारण लोगों को पैदल काफी चलना होता है। वहां सड़क पर वाहनों से अधिक भीड़ फुटपाथ पर दिखती है। पैदल चलने वालों का काफी सम्मान किया जाता है और पैदल का सिग्नल न होने पर भी कोई निकल रहा है तो बस, कार सब रुक जाएंगी। इसी तरह सिग्नल पर साइकिल वालों के स्टॉप पर यदि कोई दूसरा वाहन खड़ा हो गया तो उसका जुर्माना भी 100 पाउंड होता है। अब आप ही बताइए, हम ऐसा कुछ कर सकते हैं? 

 

लंदन, समूचे ब्रिटेन व यूरोप में सड़क पर दो पहिया वाहन तो न्यूनतम ही दिखते हैं। ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, नगर सेवा जैसे कोई वाहन वहां नहीं होते। निश्चित ही इसलिए वहां न तो यातायात जाम होता है, न सिग्नल उल्लंघन के मामले होते हैं। बेशक, नियम-कायदों के पालन के संस्कार व अनुशासन जीवन का अनिवार्य तत्व होना बडा कारण तो है ही।

 

सड़कों की एक खासियत यह है कि सड़क के हर क्रॉसिंग पर फुटपाथ जहां खत्म होता है, वहां हल्की-सी ढलान देकर उस पर जो पैवर्स लगाए जाते हैं, उनमें गोल-गोल घेरे उठे हुए होते हैं, जिन पर नेत्रहीन व्यक्ति अपनी छड़ी रखने से समझ जाता है कि यहां सड़क पार की जा सकती है। फिर भले ही सिग्नल न हुआ हो, वह निकल सकता है और पूरा ट्रैफिक रुका रहेगा। हम तो एंबुलेंस के दूर से सायरन देते हुए आने के बाद भी उसके आगे से कट मारकर निकलने ही जुगत करते हैं।

 

सिटी बस में सफर करने के लिए नकदी नहीं चलती, न कंडक्टर होता है। ड्राइवर कैबिन के पास पीले रंग का कार्ड रीडर लगा होता है। उससे डेबिट, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल पैमेंट डिवाइस या आयस्टर कार्ड (एक तरह का क्रेडिट कार्ड) से भुगतान कर ही बस में बैठ सकते हैं। वहां सड़कों पर स्पीड ब्रेकर भी नहीं होते। फिर भी वाहन निर्धारित सीमित गति से चलाए जाते हैं और एक-दूसरे वाहन के बीच 5 से 10 फीट तक की दूरी बनाकर रखते हैं। गली-मोहल्ले से निकलने वाला वाहन पहले मुख्य मार्ग के वाहन को जाने देगा। इतना ही नहीं तो बस में पंक्ति बनाकर ही चढ़ते हैं व मेट्रो में भी ज्यादा भीड़ है तो जो यात्री आगे की पंक्ति में पहले से खड़े हैं, उनके बैठ जाने पर ही पीछे वाले अंदर जाएंगे। ऑटोमैटिक दरवाजे बिप-बिप की आवाज के साथ बंद होने लगते हैं तो कोई भागकर चढ़ने की कोशिश नहीं करता।

 

इतने अनुशासन के साथ पेश आने की स्थिति भारत में साठ से नब्बे के दशक तक पैदा हुई पीढ़ी तो नहीं देख पाएगी। एक और बात, सिटी बस व कार टैक्सी बड़ी तादाद में महिलाएं भी चलाते हुए दिख जाएंगी,आधी रात में भी। दूसरा, हर टैक्सी ट्राइवर चालक हो जरूरी नहीं। वहां अतिरिक्त आय के लिए नौकरीपेशा महिला-पुरुष बड़े शौक से टैक्सी कार चलाते हैं, जो उनकी खुद की रहती है। इनमें 50 वर्ष तक की महिलाएं भी मिल जाएंगी। (क्रमश:)

Consumer court directs Maruti Grand Vitara replacement over E20 fuel dispute

Maruti Grand Vitara at petrol pump

The District Consumer Disputes Redressal Commission of Raipur, Chhattisgarh, has directed Maruti Suzuki to replace the Grand Vitara belonging to Dr. Premraj Debta for E20-related damages, ETV Bharat reported. After verifying all the necessary documents and arguments put forth by Maruti and Dr. Debta, the consumer court ordered the automaker to provide the doctor with a new, E20-compatible car within 45 days. Otherwise, Maruti Suzuki will have to cover the full cost of the car, amounting to Rs 20.50 lakh. It has also been ordered to pay Rs 1 lakh for mental harassment and Rs 10,000 to cover litigation fees, as per ETV Bharat.

NEET-UG Paper Leak: CBI का बड़ा दावा, लातूर कोचिंग संचालक के मोबाइल से मिले 111 सवाल NTA पेपर से करते हैं मैच

NEET-UG Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब तक का सबसे मजबूत सबूत दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया है। दरअसल, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अदालत को बताया कि लातूर के कोचिंग ऑपरेटर शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मिले हाथ से लिखे 136 सवालों में से 111 सवाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मास्टर क्वेश्चन पेपर से मेल खाते हैं। जिससे इस दावे को और मजबूती मिलती है कि परीक्षा का पेपर टेस्ट से पहले ही लीक हो गया था।

बता दें कि शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) नाम का कोचिंग इंस्टीट्यूट और ‘मोटेगांवकर सर की RCC’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसके 1.6 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

CBI ने लगाया आरोप

CBI का आरोप है कि मोटेगांवकर को 3 मई को होने वाली NEET-UG परीक्षा से कुछ दिन पहले, 23 अप्रैल को लीक हुए सवाल मिले थे। एजेंसी के मुताबिक, यह सब एक कथित चेन के जरिए हुआ जिसमें लातूर के बच्चों के डॉक्टर (पीडियाट्रिशियन) डॉ. मनोज शिरुरे और केमिस्ट्री के रिटायर्ड लेक्चरर व NTA पैनल के पूर्व सदस्य PV कुलकर्णी शामिल थे।

CBI का दावा है कि कुलकर्णी के पास कथित तौर पर प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी और इन्हीं के जरिए सवाल बाहर आए। जांच एजेंसी के अनुसार, यह पेपर लीक 5 लाख रुपये के बदले किया गया था।

फिलहाल, इस मामले में मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया है और ये आरोप CBI की उन दलीलों का हिस्सा हैं जो कोर्ट में उनकी जमानत का विरोध करते हुए पेश की गई हैं।

CBI ने यह भी कहा है कि लीक हुए प्रश्न पत्र की PDF कॉपी टेलीग्राम के जरिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये में बेची गई थी। जांचकर्ताओं ने दावा किया कि परीक्षा से कुछ हफ्ते पहले कुछ अभ्यर्थियों के बीच 150 पेज का “गेस पेपर” भी बांटा गया था, जिसमें 410 सवाल थे। इनमें से लगभग 120 सवाल परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन के सवालों से मेल खाते पाए गए, जिससे पता चलता है कि उम्मीदवारों के पास पेपर का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही मौजूद था।

जांच महाराष्ट्र तक कैसे पहुंची

महाराष्ट्र से जुड़ा मामला तब सामने आया जब जांच करने वालों ने परीक्षा से पहले सामने आए तथाकथित “गेस पेपर” के सर्कुलेशन की जांच शुरू की।

शुरुआती जांच में पता चला था कि सर्कुलेट किए गए मटीरियल में 100 से ज्यादा सवाल असली NEET-UG पेपर से मेल खाते थे, जिसके बाद अधिकारियों ने राजस्थान और उत्तराखंड से आगे बढ़कर जांच का दायरा बढ़ाया। इसके बाद जांच महाराष्ट्र तक फैल गई, जहां जांच करने वालों ने लातूर के ट्यूटर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की।

NEET पेपर लीक विवाद कब शुरू हुआ?

बता दें कि NEET पेपर लीक विवाद तब शुरू हुआ, जब राजस्थान में छात्रों के बीच घूम रहे एक कथित “गेस पेपर” (अनुमानित प्रश्न-पत्र) और असली प्रश्न-पत्र में बहुत ज्यादा समानता पाई गई। बाद में जांचकर्ताओं को पता चला कि 100 से ज्यादा सवाल एक जैसे थे, जिसके बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, जांचकर्ताओं को एक संगठित नेटवर्क का पता चला जिसमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में फैले प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले, बिचौलिए, कोचिंग चलाने वाले और उम्मीदवार शामिल थे। इसके बाद मामला CBI को सौंप दिया गया।

इस कथित लीक के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को 3 मई की परीक्षा रद्द करनी पड़ी और 21 जून को देश भर में दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देना पड़ा, जिससे 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए।

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Devson Catalyst IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, धांसू एंट्री के बाद ₹118 के शेयरों पर आया दबाव

Devson Catalyst IPO Listing: इंडस्ट्रियल कैटेलिस्ट और सिरेमिक बॉल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 220 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹196.15 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 66.23% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹186.35 (Devson Catalyst Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 57.92% मुनाफे में हैं। चूंकि हर लॉट 1200 शेयरों का था तो आईपीओ निवेशक लोअर सर्किट के बावजूद हर लॉट पर ₹82,020 के मुनाफे में हैं।

Devson Catalyst IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

देवसन कैटेलिस्ट का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 220.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 168.56 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 261.22 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 244.08 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.06 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹17.40 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹12 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Devson Catalyst के बारे में

देवसन कैटेलिस्ट ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स, एडजॉर्बेंट्स और सिरेमिक बॉल बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में है जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 6205 टन है। इसका कारोबार पूरी तरह से बी2बी मॉडल पर है। इसके प्रोडक्ट्स में कैटेलिस्ट, एडजॉर्बेंट और सेरेमिकल बॉल्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹4.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹7.67 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹12.52 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन करीब 14% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी अब कर्जमुक्त हो चुकी है और साथ ही मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर के रिजर्व और सरप्लस में ₹23.25 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

20 साल से बचा रहे हैं सांपों की जान | Arshad Khan | Snake whisperer | Wildlife rescuer

भारत में 350+ Snake Species पाई जाती हैं, लेकिन डर की वजह से ज़्यादातर सांपों को मार दिया जाता है।

इसी सोच को बदलने का काम पिछले 20 सालों से कर रहे हैं अरशद खान

8वीं क्लास से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें उत्तराखंड Forest Department के सबसे अनुभवी Snake Rescuers में शामिल करता है। अब तक वे 10,000+ कोबरा, हजारों दूसरे सांपों के साथ 75+ भालू , 30+ तेंदुए और कई अन्य वन्यजीवों का Rescue कर चुके हैं।

यह कहानी सिर्फ एक Snake Rescuer की नहीं, बल्कि इंसानों और Wildlife के बीच भरोसा कायम करने की है।

अगर कभी सांप दिखे, तो उसे मारने नहीं… सही मदद बुलाने की कोशिश कीजिए।

@wild_whisperer

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Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी दे रहे कंसोलिडेशन के संकेत, निफ्टी के लिए 24000-23950 के जोन में तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : 16 जुलाई को निफ्टी लगातार दूसरे सेशन में सोमवार की 260 अंको की रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा और आखिर में मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान कैंडलस्टिक पैटर्न से कोई साफ संकेत नहीं मिला। बाजार US-ईरान के बीच तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रहा। तकनीकी तौर पर,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। 24,000-23,950 का जोन (20 डे और 50 डे EMA) इंडेक्स के लिए मजबूत और तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है।

अगर इंडेक्स इन लेवल से नीचे गिरता है,तो यह कंसोलिडेशन फेज में जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो अपट्रेंड की संभावना बढ़ जाएगी। जानकारों के मुताबिक,ऐसी स्थिति में 24,300 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 24,500-24,600 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बन सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,023, 23,974 और 23,893

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,183, 24,233 और 24,313

सोमवार की लॉन्ग ग्रीन कैंडल के अंदर,डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने डोजि कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता का संकेत है। इंडेक्स ने क्लोजिंग के आधार पर अपने 20-दिन के EMA को बनाए रखा और 50-दिन के EMA से काफी ऊपर रहा। हालांकि,यह क्लोजिंग के आधार पर 10-दिन और 100-दिन के EMA से ऊपर टिक नहीं पाया।

इसके अलावा,8 जुलाई को एक लंबी बेयरिश कैंडल बनने के बाद से यह फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 50% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बीच ट्रेड कर रहा है। RSI 52.31 पर है और MACD अपनी-अपनी सिग्नल लाइनों से नीचे बने हुए हैं,हालांकि पिछले एक हफ्ते से दोनों साइडवेज चल रहे हैं। ये सभी बातें किसी खास दिशा में तेजी की कमी और लगातार कंसोलिडेशन का संकेत देती हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,048, 58,190 और 58,421

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,587, 57,444 और 57,214

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने से पहले ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। इसने एक छोटी बॉडी वाली हरी कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी विक (wick)लंबी थी। यह रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली के दबाव का संकेत है। प्रॉफ़िट बुकिंग के बावजूद,बैंकिंग इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। 50-दिन का EMA भी लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जो मार्केट के बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है।

यह लगातार चौथे सेशन में भी 1,000-पॉइंट की रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI 55.05 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा और साइडवेज चलता रहा, जबकि MACD भी अपनी सिग्नल लाइन से नीचे रहा और नीचे की ओर बढ़ता रहा। हिस्टोग्राम लगातार सातवें सेशन में भी रेड ज़ोन में रहा। ये सभी बातें कंसोलिडेशन का संकेत देती हैं,हालांकि ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

15 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 735 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 704 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 3.49% की गिरावट आई और यह 13.27 पर आ गया। साथ ही यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के आसपास बना रहा। जब तक यह 15 के लेवल से नीचे रहता है,तब तक बुल्स को किसी बड़े जोखिम का सामना करने की संभावना कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 15 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से गिरकर 0.95 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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