Volvo EX90 India debut on August 19

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Volvo has confirmed that the India debut of the EX90 electric SUV will take place on August 19, 2026. The EX90 will be Volvo’s second EV for the Indian market, and is also the Swedish carmaker’s global flagship offering.

Volvo EX90 battery and range

92kWh RWD and 106kWh AWD powertrains

The EX90 is underpinned by an 800V architecture and offers 92kWh (Single Motor) and 106kWh (Twin Motor) battery options. In 92kWh guise, the SUV gets a single rear-mounted motor (RWD) outputting 333hp and 480Nm. 0-100kph comes up in a claimed 6.6 seconds, and the WLTP-rated range is 565km.

Meanwhile, the 106kWh EX90 features a dual-motor AWD setup that outputs 456hp and 670Nm in base spec, and 680hp and 870Nm in the range-topping Performance variant. The former version completes the 0-100kph run in a claimed 5.3 seconds, whereas the latter takes 4 seconds for the same. As for WLTP range, the lower-powered 106kWh variant boasts 608km and the Performance trim manages 602km.

Coming to charging speeds, all three variants of the EX90 can utilise up to 350kW DC charging, and take 22 minutes for a 10-80 percent charge.

Volvo EX90 exterior design

Looks very different compared to the XC90

Measuring 5,037mm in length, 1,964mm in width, 1,744mm in height, and 2,985mm in wheelbase, the EX90 is dimensionally similar to the XC90, but sports a distinct design. Up front, the EX90 has sleeker T-shaped headlamps with pixel-like ‘Thor’s Hammer’ DRL signatures, below which sits a pair of slim vertically-arranged lights. The Volvo badge is placed front and centre on the grille-less fascia, with a discreet air dam underneath. A LiDAR sensor can also be spotted on the leading edge of the roof.

The side profile of the EX90 is cleanly-styled, with a prominent shoulder line and gently rising glass area, and there’s not much in the way of body cladding – Volvo claims a drag coefficient of 0.29Cd. 20-inch alloy wheels are fitted as standard, with 21- and 22-inchers optionally available. Over to the rear, the EX90 gets C-shaped LED tail-lamps with an additional vertical row of lights flanking the rear windscreen. Other styling elements of note include a sizable roof spoiler and a Volvo wordmark on the bootlid.

Volvo EX90 interior and features

14.5-inch infotainment touchscreen sits front and centre on the dash

Inside, the EX90’s minimalistic dashboard is dominated by a 14.5-inch Google-based portrait touchscreen that incorporates much of the in-car functionality – physical controls are few and far between. There’s also a floating centre console, a three-spoke steering wheel with a neat layered design, a slim 9-inch digital driver’s display, and a 13.2-inch heads-up display.

The EX90 is a 7-seater as standard, but certain variants offer a 6-seat configuration with captain’s chairs for the second row as well. In some markets, Volvo even offers a 4-seater version of the EX90 with a rear centre console that integrates a refrigerator, rivalling the likes of the Mercedes Maybach EQS SUV. Boot space is pegged at up to 384 litres with all three rows up, and there’s a 45-litre frunk too.

As for features, the EX90 packs a 5G connection to aid OTA updates, a digital key, ambient lighting, four-zone climate control, a cabin air purifier, a wireless charging pad, a 360-degree camera, powered front seats, a panoramic glass roof, a Bose sound system, connected car tech, auto park assist, Level 3 ADAS, V2L functionality, and more. It’s also claimed to be Volvo’s safest car to date, holding 5-star crash safety ratings from Euro NCAP and NCAP.

Video: 10 फीट लंबे कोबरा को आराम से गले में डाल बिहार में घूम रही इस महिला ने सबको हैरत में डाला! कौन है ये?

बिहार के पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर इलाके में एक खौफनाक नजारा देखने को मिला, जब एक घर में अचानक विशालकाय किंग कोबरा पहुंच गया। करीब 10 फीट लंबे इस जहरीले सांप को देखते ही परिवार में दहशत फैल गई। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग मौके पर जुटने लगे। मुन्नी लाल के घर में घुसे इस खतरनाक मेहमान ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में सनसनी पैदा कर दी।

हालांकि, समय रहते रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई और स्थिति को संभाल लिया गया। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

स्नेक लेडी’ ने खतरनाक सांप का किया रेस्क्यू

किंग कोबरा की सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर की मशहूर स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी मौके पर पहुंचीं। इलाके में ‘स्नेक लेडी’ के नाम से पहचानी जाने वाली जानकी देवी ने बिना घबराए पूरी सावधानी और अनुभव के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने करीब 10 फीट लंबे किंग कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। समय रहते हुए किए गए इस रेस्क्यू से परिवार और गांव के लोगों की जान बच गई।

बरसात में क्यों गांवों की ओर आते हैं जहरीले सांप?

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के दिनों में सांप अक्सर अपने पुराने ठिकानों से निकलकर सुरक्षित जगह की तलाश करते हैं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में बसे गांवों में ऐसे मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अगर घर या आसपास कोई जहरीला सांप नजर आए तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को इसकी जानकारी दें।

दुनिया के सबसे खतरनाक सांप

किंग कोबरा दुनिया के सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों में शामिल है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो शरीर के तंत्रिका तंत्र पर तेजी से असर डाल सकता है। इसके काटने की स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना बेहद जरूरी होता है।

12 साल की उम्र से शुरू किया था सांपों को बचाने का मिशन

जानकी देवी की पहचान सिर्फ एक रेस्क्यूअर के तौर पर नहीं, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समर्पित योद्धा के रूप में भी है। उन्होंने महज 12 साल की उम्र से सांपों को बचाने का काम शुरू किया था। अब तक वह हजारों जहरीले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुकी हैं।

रेस्क्यू के दौरान कई बार खुद सांप के काटने का सामना करने के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ। आज वह इंसानों और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित संतुलन बनाने की मुहिम में लगातार जुटी हुई हैं।

सांप दुश्मन नहीं, प्रकृति का हिस्सा हैं

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि सही जानकारी और प्रशिक्षित लोगों की मदद से इंसान और खतरनाक वन्यजीवों के बीच टकराव को टाला जा सकता है। डर के बजाय सतर्कता और समझदारी ही ऐसे हालात में सबसे बड़ा हथियार है।

India First Hydrogen Train: जींद-सोनीपत के बीच चलने जा रही पहली हाइड्रोजन ट्रेन, इलेक्ट्रिक और डीजल ट्रेन से इसमें क्या फर्क?

India’s First Hydrogen Train: भारतीय रेलवे के इतिहास में शुक्रवार का दिन एक बेहद ऐतिहासिक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद रेलवे स्टेशन से जींद और सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस शुरुआत के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों के खास क्लब में शामिल हो जाएगा जहां हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें चल रही हैं।

यह ट्रेन पूरी तरह से हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर चलती है। लेकिन आम लोगों के मन में यह सवाल जरूर है कि आखिर यह ट्रेन पारंपरिक डीजल और बिजली से चलने वाली ट्रेनों से कितनी और कैसे अलग है? आइए जानते हैं इस हाइड्रोजन ट्रेन की पूरी तकनीक, इसके फीचर्स और डीजल-इलेक्ट्रिक ट्रेनों से इसके बड़े अंतर को।

डीजल और इलेक्ट्रिक ट्रेन से यह कितनी अलग है?

पारंपरिक डीजल और इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेन कई मामलों में पूरी तरह से अलग है:-

1- जीरो कार्बन एमिशन

डीजल इंजन भारी मात्रा में धुआं और कार्बन छोड़ता है जिससे एयर पल्यूशन फैलता है। हाइड्रोजन ट्रेन ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है। इसमें हाइड्रोजन को बिजली में बदला जाता है। बाई प्रोडक्ट के रूप में सिर्फ पानी की भाप निकलती है। इस प्रक्रिया में कार्बन का उत्सर्जन जीरो होता है।

2- ओवरहेड तारों की जरूरत नहीं

बिजली से चलने वाली ट्रेनों को लगातार बिजली सप्लाई के लिए पटरियों के ऊपर ओवरहेड बिजली के तारों की जरूरत होती है। हाइड्रोजन ट्रेन को किसी भी तरह के ओवरहेड तारों की जरूरत नहीं होती है। इसके बजाय ट्रेन के भीतर लगे हाइड्रोजन फ्यूल सेल से ही जरूरत की बिजली खुद जेनरेट होती है। इससे कोयले जैसे जीवाश्म ईंधन पर आधारित थर्मल पावर प्लांटों से मिलने वाली बिजली पर निर्भरता काफी कम हो जाती है।

3- बेहद कम शोर

डीजल लोकोमोटिव इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेन बेहद कम शोर करती है। इससे यात्रियों का सफर काफी शांत और आरामदायक होगा।

इस हाइड्रोजन ट्रेन में और भी अनोखी बातें

भारतीय रेलवे की यह पहली हाइड्रोजन ट्रेन कई मॉर्डर्न टेक्नोलॉजी से लैस है। इस ट्रेन में कुल 10 कोच दिए गए हैं। ये मौजूदा समय विकसित की गई दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन से चलने वाली यात्री ट्रेनों में से एक है। यह ट्रेन 3200 HP (हॉर्सपावर) प्रोपल्शन सिस्टम से लैस है। ये ताकत इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों की श्रेणी में खड़ा करता है।

शून्य-उत्सर्जन नियमों का पालन करने के साथ-साथ इसकी हॉर्सपावर और खिंचाव क्षमता काफी मजबूत है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पारंपरिक डीजल इंजनों के प्रदर्शन की बराबरी कर सके। इसका इस्तेमाल औद्योगिक, शंटिंग, इंटरमॉडल और हैवी-हॉल ऑपरेशन्स के लिए भी किया जा सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था और रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर

हाइड्रोजन बेहद संवेदनशील ईंधन है, इसलिए ट्रेन और रिफ्यूलिंग केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन के संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए भारतीय रेलवे ने ईंधन भरने के लिए एक हाइड्रोजन कंप्रेशन सिस्टम, तकनीकी सहायता इंफ्रास्ट्रक्चर और महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स स्थापित किए हैं।

इसके अलावा बिना किसी रुकावट के काम सुनिश्चित करने के लिए एक स्टैंडबाय कंप्रेसर यूनिट भी दी गई है। जहां हाइड्रोजन का उत्पादन, स्टोरेज और वितरण (डिस्पेंसिंग) किया जाएगा वहां हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर और दूसरे सुरक्षा सेंसर लगाए गए हैं। सुरक्षित और विश्वसनीय कामकाज के लिए इन प्रणालियों की नियमित जांच और सफाई की जाएगी।

स्मार्ट ऑपरेशन और ड्राइवर-फ्रेंडली डिजाइन

इस ट्रेन में रख-रखाव के खर्च और समय को बचाने के लिए आधुनिक तकनीकों का भरपूर इस्तेमाल किया गया है। इसमें रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगा है। यह ब्रेक लगाने के दौरान उत्पन्न होने वाली ऊर्जा को स्टोर कर लेता है। इससे ट्रेन की कार्यकुशलता और इसकी परिचालन सीमा बढ़ जाती है। ट्रेन में इंटीग्रेटेड हाइड्रोजन फ्यूल सेल मैनेजमेंट सिस्टम दिया गया है। ये लगातार फ्यूल सेल के तापमान और उसकी हेल्थ की निगरानी करता रहता है। रियल टाइम का डेटा, फॉल्ट डिटेक्शन और सेल्फ-डायग्नोस्टिक्स की सुविधा दी गई है ताकि मेंटेनेंस का काम आसान हो सके और ट्रेन का डाउनटाइम कम रहे।

इसके मॉड्यूलर डिजाइन में पहले से असेंबल की गई बैटरी बैंक और कंट्रोल सिस्टम शामिल हैं। इसे भविष्य में अपग्रेड करना बेहद आसान होगा। कंप्रेशर्स और ट्रैक्शन मोटर ब्लोअर जैसे उपकरण इलेक्ट्रिकली संचालित हैं, जिससे घूमने वाले मैकेनिकल पार्ट्स पर निर्भरता कम होती है और रखरखाव का खर्च भी घटता है।

इस लोकोमोटिव का केबिन ड्राइवरों के अनुकूल डिजाइन किया गया है। इसका ऑपरेटिंग अनुभव काफी हद तक डीजल लोकोमोटिव जैसा ही है। लेकिन ड्राइवरों के लिए अतिरिक्त आरामदायक फीचर्स जोड़े गए हैं। यह प्लेटफॉर्म काफी लचीला है जिससे जरूरत पड़ने पर 4-एक्सल और 6-एक्सल वाले लोकोमोटिव दोनों को बैटरी और चार्जर कॉन्फ़िगरेशन के साथ बदला जा सकता है।

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शेयरों में पैसा डूबने पर नाराज शख्स ने यूट्यूबर पर कर दिया जानलेवा हमला

शेयर बाजार में निवेश के साथ रिस्क जुड़ा होता है। शेयरों में निवेश से पहले यह बात समझना जरूरी है। कई बार किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर फायदा होता है। कभी-कभी निवेश पर नुकसान उठाना पड़ता है। सवाल है कि किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर नुकसान हो जाए तो क्या आपको एक्सपर्ट पर नाराज होना चाहिए? दरअसल, दक्षिण कोरिया में एक इनवेस्टर ने एक फिनफ्लूएंसर पर इसलिए जानलेवा हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसे बड़ा लॉस हुआ था।

लॉस से नाराज शख्स ने बनाया हमले का प्लान

यह मामला दक्षिण कोरिया के बुसान का है। एक यूट्यूबर पर उसके एक सब्सक्राइबर ने इसलिए हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसके पैसे डूब गए। पुलिस के मुताबिक, हमलावर की उम्र 20 साल से कुछ ज्यादा है। बताया जाता है कि उसने फिनफ्लूएंसर का पीछा किया और मौका मिलते ही एक कमर्शियल बिल्डिंग में उस पर जानलेवा हमला कर दिया। चाकू से कई बार हमला करने के बाद वह फरार हो गया।

पुलिस ने दो घंटे बाद ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया

घटना के करीब दो घंटे बाद हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर यूट्यूबर की सलाह पर शेयरों में निवेश करता था। काफी पैसा डूबने पर वह नाराज हो गया और यूट्यूबर पर हमले का प्लान बनाया। उसने यूट्यूबर का पीछा किया और मौका मिलते ही उस पर हमला कर दिया।

यूट्यूबर की स्थिति खतरे से बाहर

हमले में यूट्यूबर बुरी तरह से घायल हो गया। हालांकि, उसकी जान बच गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमलावर ने किस तरह पूरी साजिश रची और कहां से हथियार हासिल किया।

बीते एक साल में कोस्पी 114% चढ़ा

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते एक साल में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी इस दौरान 114 फीसदी चढ़ा है। कई कंपनियों के शेयरों की कीमतें इस दौरान कई गुनी हो गई हैं। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों खासकर SK Hynix और Samsung Electronics का बड़ा हाथ है। इन दोनों शेयरों की कोस्पी में 50 फीसदी से ज्यादा वेटेज है। SK Hynix के शेयर ने एक साल में 522 फीसदी रिटर्न दिया है। Samsung Electronics का शेयर एक साल में 294 फीसदी चढ़ा है।

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एक महीने में कोस्पी 22 फीसदी गिरा है

शेयर बाजार में तेजी का फायदा उठाने के लिए लोगों ने शेयरों में जमकर पैसे लगाए। अब बाजार में गिरावट आ रही है तो उन्हें नुकसान हो रहा है। 16 जुलाई को कोस्पी में बड़ी गिरावट आई। यह 6.37 फीसदी गिर गया। बीते एक महीने में कोस्पी करीब 22 फीसदी गिरा है। इससे कई निवेशकों को ब़़ड़ा नुकसान हुआ है। ज्यादा परेशान वे निवेशक हैं, जिन्होंने उधार लेकर शेयरों में निवेश किया था।

Aryabhatt Ka Zero Teaser: ‘आर्यभट्ट का जीरो’ का टीजर हुआ रिलीज, हिमांश कोहली के अंदाज ने जीता फैंस का दिल

Aryabhatt Ka Zero Teaser: ‘यारियां’ फेम अभिनेता हिमांश कोहली की फिल्म “आर्यभट्ट का जीरो” का टीजर रिलीज कर दिया गया है। महज 1 मिनट 10 सेकंड का यह टीजर एक ऐसे युवा की कहानी की झलक दिखाता है, जो प्यार, असफलताओं, पारिवारिक दबाव और समाज की उपेक्षा के बीच अपनी पहचान और सम्मान हासिल करने की लड़ाई लड़ता है।

टीजर की शुरुआत एक टीवी न्यूज़ बुलेटिन से होती है, जिसमें एंकर कहता है, “प्यार में धोखा खाए प्रेमी अक्सर शराबी, सनकी और कातिल बन जाते हैं, लेकिन यहां धोखे से प्रेमी बन गया आईएएस ऑफिसर।” इसके बाद हिमांश कोहली का किरदार अपने माता-पिता से आईएएस और डीएम बनने का सपना साझा करता है, लेकिन जवाब में उसे पिता की एक जोरदार चपत मिलती है। यहीं से उसके संघर्षों की शुरुआत दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने लगती है।

इसके बाद अभिनेता रवि किशन अपने खास अंदाज में जीवन के सबक देते नजर आते हैं। एक सीन में वह कहते हैं, “प्रेमिका की शादी में खाना खाने से आदमी कभी भूखा नहीं मरता, क्योंकि वह बेशर्म हो जाता है।” वहीं दूसरे सीन में उनका डायलॉग, “जो होता है, अच्छे के लिए होता है,” सुनने के बाद हिमांश का किरदार बेहद मासूमियत से जवाब देता है, “मेरा कभी भी अच्छा नहीं होता।” यह लाइन फिल्म के इमोशनल पल को दिखाती है।

टीजर में आगे कुछ दमदार एक्शन, इमोशनल और ड्रामेटिक सीन देखने को मिलते हैं। अंत में हिमांश का डायलॉग, “बहुत जी लिया गरीबों की तरह… अब मुझे सम्मान चाहिए,” पूरी कहानी का भाव एक ही लाइन में सामने रख देता है। वहीं बैकग्राउंड में सुनाई देने वाला “दिल फर्जी” गीत टीजर को एक रोमांटिक माहौल क्रिएट करता है। फिल्म में हिमांश कोहली ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ ‘बग्गू’ का किरदार निभा रहे हैं।

बग्गू एक 25 वर्षीय मिडिलक्लास मेन है, जिसे समाज असफल मानता है और जो खुद भी आत्मविश्वास की कमी से जूझता है। लेकिन जीवन की लगातार चुनौतियों और अपने परिवार के साथ खड़े रहने की ताकत उसे धीरे-धीरे आत्मविश्वास, संघर्ष और उम्मीद के रास्ते पर ले जाती है। यही सफर एक साधारण युवक को असाधारण बना देता है।

फिल्म को लेकर हिमांश कोहली कहते हैं, “यह ऐसा किरदार है जिससे आज की जेन-ज़ी खुद को जोड़ पाएगी। उसके आसपास ऐसी बहुत-सी परिस्थितियां होती हैं, जिनके लिए वह जिम्मेदार नहीं होता, लेकिन उनका असर बार-बार उसकी जिंदगी पर पड़ता है। एक समय ऐसा आता है जब वह फैसला करता है कि अब आगे बढ़ना है। यह आज के एक युवा की बेहद दिलचस्प यात्रा है, जिसमें प्यार है, असफलता है, दुर्भाग्य है, संघर्ष है, लेकिन सबसे बढ़कर वह जुनून है”

“आर्यभट्ट का जीरो” में हिमांश कोहली के साथ सोनाली सहगल, दर्शना बानिक, नरेश वोहरा, अलका अमीन और नीरज सूद अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। वहीं अभिनेत्री शिल्पा शिंदे भी फिल्म में एक विशेष किरदार निभाती दिखाई देंगी। यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

न्यूटेक मीडिया एंटरटेनमेंट, राधिका जी फिल्म्स और सुनील सिहाग गौरां फिल्म्स के बैनर तले तथा A2R Films के सहयोग से बनी इस फिल्म का निर्माण बीरेंद्र भगत, रवि एस. गुप्ता, संजय नागपाल और शेओ बालक सिंह ने किया है। फिल्म के सह-निर्माता सुनील सिहाग, त्रिलोकी नाथ प्रसाद, स्वर्गीय कुलदीप भंडारी, आकांक्षा राहुल शर्मा और रीता गाडगे हैं। फिल्म का निर्देशन कमल चंद्रा ने किया है।

Wipro Q1 Results: आईटी कंपनी को ₹3352 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 10% बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Wipro Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर ₹3,352 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,330 करोड़ था।

कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹24,479 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान ₹24,776 करोड़ से थोड़ा कम रहा। कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

आईटी सर्विसेज कारोबार में कैसी रही ग्रोथ?

तिमाही के दौरान विप्रो का ग्रॉस रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1% बढ़ा। वहीं, आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.61 अरब डॉलर रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 1.4% कम, लेकिन सालाना आधार पर 1% ज्यादा है।

कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर आईटी सर्विसेज रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.2% घटा, जबकि सालाना आधार पर इसमें 0.9% की बढ़त रही।

बड़े डील्स बढ़े, लेकिन कुल बुकिंग घटी

विप्रो की जून तिमाही में कुल बुकिंग 3.37 अरब डॉलर रही। यह कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर पिछली तिमाही से 2.4% कम है।

हालांकि, बड़े डील्स (Large Deals) की बुकिंग 12.9% बढ़कर 1.63 अरब डॉलर पहुंच गई।

मार्जिन और कर्मचारियों का हाल

आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस प्वाइंट और पिछले साल के मुकाबले 120 बेसिस प्वाइंट कम है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹3,288 करोड़ रहा, जो कंपनी की शुद्ध आय का 98% है।

वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कर्मचारियों की स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर (Voluntary Attrition) 13.9% रही।

अगली तिमाही के लिए क्या अनुमान?

जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए Wipro ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.57 अरब डॉलर से 2.63 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है। इसका मतलब है कि कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 1.5% तक की गिरावट या 0.5% तक की बढ़त हो सकती है।

विप्रो ने क्या कहा?

Wipro के CEO और MD श्रीनी पलिया ने कहा कि अब ग्राहक सिर्फ टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन तक सीमित नहीं हैं। वे AI बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल अपना रहे हैं। इससे काम की क्वालिटी, प्रोडक्टविटी और एफिशिएंसी बढ़ रही है।

वहीं, CFO अपर्णा अय्यर ने कहा कि कंपनी शॉर्ट टर्म मार्जिन दबाव के बावजूद कर्मचारियों और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में निवेश जारी रखेगी।

₹2 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

विप्रो के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर (100%) अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। कंपनी ने 27 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

हाल ही में पूरा हुआ बायबैक

विप्रो ने जून तिमाही के दौरान 60 करोड़ शेयरों का बायबैक भी पूरा किया। यह बायबैक ₹250 प्रति शेयर के भाव पर किया गया। इस पर कुल ₹15,049.7 करोड़ खर्च हुए। बायबैक पूरा होने के बाद कंपनी की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Capital) भी घट गई है।

विप्रो के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले गुरुवार को Wipro का शेयर 1.75% बढ़कर ₹177.70 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 33.56% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.86 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: 3 कंपनियां मिलकर देने वाली हैं ₹845 प्रति शेयर का बंपर डिविडेंड, 17 जुलाई रिकॉर्ड डेट

3 कंपनियां मिलकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 845 रुपये तक का शानदार डिविडेंड देने वाली हैं। ये कंपनियां हैं- 3M India, MRF और Honeywell Automation। तीनों कंपनियों के डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 17 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले यानि कि 16 जुलाई को मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

सबसे पहले बात करते हैं सबसे ज्यादा डिविडेंड दे रही कंपनी की। 3M India Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 506 रुपये का डिविडेंड मिलने वाला है। 506 रुपये के डिविडेंड अमाउंट में 160 रुपये का फाइनल डिविडेंड और 346 रुपये का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। 3M India के डिविडेंड पर अगस्त में होने वाली सालाना आम ​बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 30 दिनों के अंदर किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 160 रुपये का फाइनल डिविडेंड और 375 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दिया था।

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। BSE पर वर्तमान कीमत 35426.55 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 40000 करोड़ रुपये के करीब है। 3M India का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 3M India Ltd, अमेरिका की 3M Company का हिस्सा है। 3M Company एक डायवर्सिफाइड टेक्नोलॉजी और साइंस कंपनी है। यह सेफ्टी एंड इंडस्ट्रियल, ट्रांसपोर्टेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, और कंज्यूमर सेगमेंट में कारोबार करती है।

MRF का ₹229 का डिविडेंड

टायर कंपनी MRF Ltd वित्त वर्ष 2026 के लिए 229 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस डिविडेंड का ऐलान मई महीने में हुआ था। इस पर 6 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 17 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। इससे पहले MRF वित्त वर्ष 2026 के लिए दो बार में 3-3 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने दो बार 3-3 रुपये का अंतरिम और 229 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

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MRF के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कीमत वर्तमान में BSE पर 131445.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 55700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 27.77 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Honeywell Automation का ₹110 का डिविडेंड

Honeywell Automation 110 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। इस पर 29 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कीमत BSE पर 39100 रुपये है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 105 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी का मार्केट कैप 34500 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Onam Bumper Lottery: सिर्फ 500 का टिकट और लॉटरी जीतने पर अब मिलेंगे 30 करोड़ रुपये! CM सतीशन ने कर दिया बड़ा ऐलान

Onam Bumper Lottery: केरल सरकार ने इस साल की बहुप्रतीक्षित ‘ओणम बंपर लॉटरी 2026’ लॉन्च कर दी है। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने गुरुवार 16 जुलाई को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में आयोजित एक समारोह में इसका शुभारंभ किया। इस बार लॉटरी का पहला इनाम 30 करोड़ रुपये रखा गया है। यह केरल राज्य लॉटरी विभाग के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा जैकपॉट है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट में बताया कि ओणम बंपर लॉटरी के टिकटों की बिक्री 20 जुलाई से शुरू होगी। पिछले साल इस लॉटरी का पहला इनाम 25 करोड़ रुपये था, जिसे इस बार बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

टिकट की कीमत में कोई बदलाव नहीं

दिलचस्प बात यह है कि पहले इनाम में 5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के बावजूद टिकट की कीमत 500 रुपये ही रखी गई है। यानी लोगों को अधिक इनाम जीतने का मौका मिलेगा। लेकिन टिकट खरीदने के लिए अतिरिक्त राशि नहीं चुकानी पड़ेगी। हालांकि, सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि पहले इनाम की राशि क्यों बढ़ाई गई। माना जा रहा है कि हर साल ओणम से पहले इस लॉटरी की भारी मांग को देखते हुए इसे और आकर्षक बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है।

इनामों में किया गया बदलाव

पहले इनाम में बढ़ोतरी के साथ इनामों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। तीसरा इनाम पहले 50 लाख रुपये था, जिसे घटाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि कुल पुरस्कार राशि का पुनर्वितरण किया गया है, न कि केवल उसमें वृद्धि की गई है।

टिकट की बिक्री कब शुरू होगी?

राज्य लॉटरी निदेशक अंजू के.एस. के अनुसार, मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन 17 जुलाई को तिरुवोणम बंपर लॉटरी 2026 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेंगे। डायरेक्टरेट ने 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना बनाई है। हालांकि छापे जाने वाले टिकटों की अंतिम संख्या बाजार की मांग पर निर्भर करेगी।

ओणम बंपर 2026 की प्रमुख बातें

पहला इनाम: 30 करोड़ रुपये (1 विजेता)

दूसरा इनाम: 1 करोड़ रुपये (20 विजेता)

तीसरा इनाम: 25 लाख रुपये (20 विजेता)

चौथा इनाम: 5 लाख रुपये (10 विजेता)

पांचवां इनाम: 2 लाख रुपये (10 विजेता)

छठा इनाम: 5,000 रुपये (54,000 विजेता)

सातवां इनाम: 2,000 रुपये (81,000 विजेता)

आठवां इनाम: 1,000 रुपये (1,24,000 विजेता)

नौवां इनाम: 500 रुपये (2,75,400 विजेता)

सांत्वना पुरस्कार: 5 लाख रुपये (9 विजेता)

इस साल ओणम बंपर लॉटरी की कुल पुरस्कार राशि 125.54 करोड़ रुपये होगी।

लॉन्च की तारीख: मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन 17 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इस लॉटरी को लॉन्च करेंगे। इसके तुरंत बाद टिकटों की बिक्री शुरू हो जाएगी।

टिकटों की संख्या: मांग को देखते हुए सरकार ने 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना बनाई है।

आगामी परिणाम: इस लॉन्च के अगले ही दिन, यानी 18 जुलाई को दोपहर 2 बजे, केरल मानसून बंपर लॉटरी 2026 के नतीजों की घोषणा की जाएगी।

90 लाख टिकट जारी करने की योजना

राज्य लॉटरी निदेशक अंजू के. एस. के अनुसार, इस बार बाजार की मांग को देखते हुए 90 लाख तक टिकट जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, अंतिम संख्या बिक्री की मांग पर निर्भर करेगी। ओणम बंपर केरल की सबसे लोकप्रिय और सबसे बड़ी उत्सवी लॉटरी मानी जाती है। हर साल ओणम से पहले इसकी टिकटों की जबरदस्त बिक्री होती है।

इससे पहले साल 2022 में पहले इनाम को 12 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये किया गया था। अब 2026 में इसे बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो एक नया रिकॉर्ड है। ओणम बंपर लॉटरी के लॉन्च के बाद अब लोगों की नजर केरल मॉनसून बंपर लॉटरी 2026 के नतीजों पर रहेगी। इनकी घोषणा 18 जुलाई दोपहर 2 बजे की जाएगी।

केरल लॉटरी के ओणम बंपर 2026 में क्या बदलाव हुए हैं?

पहला इनाम ₹25 करोड़ से बढ़कर ₹30 करोड़ हो गया है।

टिकट की कीमत ₹500 पर ही बरकरार है।

तीसरा इनाम ₹50 लाख से घटकर ₹25 लाख कर दिया गया है।

कुल इनाम राशि ₹125.54 करोड़ है।

मांग के आधार पर 90 लाख तक टिकट जारी करने की योजना है।

‘महीने में 10 लाख कमा कर 5 लाख दे रहा हूं टैक्स’, कनाडा में 18 महीने काम करने के बाद भारत लौटे व्यक्ति ने बयां किया दर्द

कई भारतीयों के लिए कनाडा एक ऐसी जगह है, जहां बेहतर मौके और आरामदायक जिंदगी का इंतजार होता है। लेकिन तब क्या होता है जब कोई ऐसा व्यक्ति, जिसने वह सपना जी लिया हो, कहे कि यह सब बेकार था? क्या सिर्फ ज्यादा कमाई से विदेश में बेहतर जिंदगी की गारंटी मिल सकती है?

ये सवाल एंटरप्रेन्योर हर्ष गुप्ता की एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के केंद्र में हैं। वे परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पर टोरंटो गए थे, लेकिन सिर्फ 18 महीने बाद ही लौट आए। अपने बिजनेस से महीने में लगभग 10 लाख रुपये कमाने के बावजूद, गुप्ता ने कहा कि ज्यादा टैक्स, रहने का बहुत ज्यादा खर्च, हेल्थकेयर में देरी और कॉम्पिटिटिव जॉब मार्केट ने उन्हें अपने फैसले पर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया।

थ्रेड्स पर अपना अनुभव शेयर करते हुए गुप्ता ने लिखा, “अगर आप भारतीय हैं और कनाडा जाने के बारे में सोच रहे हैं, तो ये 10 बातें आपको पता होनी चाहिए।” उन्होंने विदेश जाने की योजना बना रहे किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक – अच्छी नौकरी खोजने – से शुरुआत की। गुप्ता के अनुसार, कनाडा में अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिलना बहुत से लोगों की उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है, सैलरी भारत की तुलना में थोड़ी ही ज्यादा है और हर नौकरी के लिए हजारों लोग अप्लाई करते हैं।

गुप्ता ने लिखा, “अच्छी नौकरियां मिलना मुश्किल है। सैलरी भारत की तुलना में थोड़ी ही ज्यादा है। Shopify के अलावा कोई भी ग्लोबल लेवल की बड़ी कंपनी नहीं है। ज्यादा लोग CAD 15/घंटा (1,000 रुपये) पर काम कर रहे हैं। रहने का खर्च आपकी कमर तोड़ देगा। मैं डाउनटाउन टोरंटो में रहता था। एक साधारण 600 sq ft के अपार्टमेंट के लिए महीने का किराया 2 लाख रुपये था।”

फिर टैक्स का झटका लगा। गुप्ता ने कहा कि सबसे बड़े सरप्राइज में से एक वह टैक्स था, जो उन्हें अच्छी कमाई के बावजूद देना पड़ा। “टैक्स बहुत ज्यादा हैं। मैं अपने बिजनेस से महीने में 10 लाख रुपये कमाता था और 5 लाख रुपये टैक्स में देता था।”

एंटरप्रेन्योर ने कनाडा के हेल्थकेयर सिस्टम पर भी सवाल उठाए और कहा कि मेडिकल केयर मिलना उतना आसान नहीं था, जितना उन्होंने सोचा था। उन्होंने लिखा, “मुफ्त हेल्थकेयर एक मिथक है।” गुप्ता ने बताया कि उन्हें फैमिली डॉक्टर मिलने में छह महीने का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि स्पेशलिस्ट से अपॉइंटमेंट लेने में दो महीने से ज्यादा का समय लगा। उन्होंने दवाओं की कीमत को भी एक और चिंता का विषय बताया।

मौसम भी एक चुनौती थी। गुप्ता के लिए, कनाडा की लंबी सर्दियां सिर्फ कम तापमान की बात नहीं थीं। उन्होंने रोज़मर्रा की जिंदगी पर भी असर डाला। उन्होंने लिखा, “यहां ठंड है और उदासी भी। अक्टूबर से अप्रैल तक, कोई बाहर नहीं निकलता। मैं टोरंटो की बात कर रहा हूं, किसी छोटे शहर की नहीं। हर दिन ढेरों कपड़े पहनने पड़ते हैं।”

गुप्ता का कहना था कि कनाडा में रहने का ज्यादा खर्च और तुलनात्मक रूप से कम सैलरी ने लोगों की जीवन की गुणवत्ता और नजरिए पर असर डाला है। उन्होंने यह भी कहा कि कई काबिल लोग बेहतर मौकों की तलाश में दूसरी जगहों पर चले जाते हैं। उनके अनुसार, परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि इसमें बहुत समय लगता है और एलिजिबिलिटी कट-ऑफ लगातार बढ़ रहे हैं।

गुप्ता ने अपनी बात यह कहते हुए खत्म की कि कनाडा शायद हर किसी के लिए सही जगह नहीं है। उन्होंने समझाया, “यह उन लोगों के लिए बना है, जिनके पास कोई बेहतर विकल्प नहीं है। अगर फ़ूड डिलीवरी, ट्रकिंग, खेती या ब्लू-कॉलर काम ही आपकी सीमा है, तो यह ठीक है। अगर आपमें महत्वाकांक्षा और पैसा कमाने की चाह है, तो यह जगह आपके लिए नहीं है। इंटरनेट पर दिखने वाले सुंदर नजारों, साफ हवा और ‘शांति’ के झांसे में न आएं। यह साल में 4-5 महीने तो बहुत अच्छा लगता है। बाकी समय सब कुछ उदास और फीका रहता है।”

एक यूजर ने कमेंट किया, “सैलरी ‘भारत से बस थोड़ी ज्यादा’ है – किस गलतफहमी वाली दुनिया में एक विकसित देश में औसत सैलरी भारत से ‘बस थोड़ी’ ज्यादा होती है??” दूसरों ने कहा कि उनका अनुभव बहुत अलग रहा है। एक यूजर ने लिखा, “एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जो सच में कनाडा जाकर बसा है, मेरा नजरिया बहुत अलग है। मैं भारत के एक बड़े शहर से आया हूं, और एक महिला और नए माता-पिता के तौर पर, मेरा सच में मानना ​​है कि परिवार पालने के लिए कनाडा सबसे अच्छे देशों में से एक है। हां, रहने का खर्च ज्यादा है। लेकिन अगर दोनों पार्टनर कड़ी मेहनत करने को तैयार हों, तो समय के साथ जिंदगी बेहतर होती जाती है। रातों-रात कुछ नहीं होता, लेकिन चीजें बेहतर जरूर होती हैं।”

एक और व्यक्ति ने कहा, “कृपया वहां वापस चले जाएं, जहां से आप आए थे। जो लोग सच में दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें इस पोस्ट की जरूरत नहीं है क्योंकि यह गलत है। पहली बात, जो लोग CAD में कमाते हैं, वे चीजों को समझने के लिए INR में नहीं बदलते। क्या आप कभी मुंबई में किराए के घर में रहे हैं? उससे यह पता नहीं चलता कि पूरे भारत में किराया और रहने का खर्च ज्यादा है। अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है, तो तैयारी करें और इंटरव्यू पास करें!”

हालांकि, कुछ लोगों को लगा कि गुप्ता ने ऐसी चिंताएं उठाई हैं जिनका सामना हाल के सालों में कनाडा आए कई नए लोगों ने किया है। एक यूजर ने कहा, “मुझे उन सभी इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए बुरा लगता है, जो कोविड के बाद बड़े पैमाने पर हुए इमिग्रेशन के दौरान यहां आए थे। भारत में रिक्रूटरों ने उन्हें कनाडा की खूबसूरत तस्वीर और PR स्टेटस का वादा करके धोखा दिया। कनाडा का इमिग्रेंट्स के प्रति रवैया निश्चित रूप से बदला है। यह दुखद है।”

विश्व युवा कौशल दिवस पर योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि, 75 जिलों के 10283 युवाओं को मिला रोजगार

Yogi government's major achievement on World Youth Skills Day

– कौशल विकास मिशन की ओर से प्रदेशभर में 13 से 15 जुलाई तक आयोजित हुआ 3 दिवसीय रोजगार मेला, 830 कंपनियों ने की शिरकत

– दूसरे दिन 14 जुलाई को रिकॉर्ड 8,912 युवाओं को मिला रोजगार, प्रयागराज में सबसे ज्यादा 728 चयन

– योगी सरकार में बदली युवाओं की तस्वीर, हुनर से मिल रहा रोजगार और सम्मान

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम), डीडीयू जीकेवाई और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 15 जुलाई तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया।

 

इस महाअभियान में प्रदेश के सभी 75 जिलों के युवाओं को शामिल किया गया। देश-विदेश की कुल 830 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सेदारी की, जिसके माध्यम से कुल 10,283 योग्य अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए अंतिम चयन किया गया।

 

इस उपलब्धि पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। आज प्रदेश का युवा हुनर से रोजगार और स्वरोजगार पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प को नई गति दी गई है।

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मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर 12.50 लाख को रोजगार दिलाया गया है। टाटा समूह के साथ 7000 करोड़ का सीएसआर एमओयू, 225 आईटीआई का अपग्रेडेशन, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे फ्यूचरिस्टिक कोर्स और ब्लू डॉट सॉफ्टवेयर जैसी पहल से युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ा जा रहा है।

 

तीन चरणों में चला रोजगार का महाअभियान

पहला चरण (13 जुलाई) : अभियान के पहले दिन प्रदेश के 9 जिलों – सम्भल, गोंडा, सुल्तानपुर, मऊ, फर्रुखाबाद, औरैया, उन्नाव, चंदौली और देवरिया में रोजगार मेले आयोजित हुए। इसमें 107 प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया और कुल 1,071 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। पहले दिन देवरिया में जबरदस्त उत्साह देखा गया, जहाँ रिकॉर्ड 303 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

 

दूसरा चरण (14 जुलाई) : 14 जुलाई को व्यापक स्तर पर अभियान चला। प्रदेश के 63 जिलों में एक साथ मेले आयोजित हुए। इस एक दिन में 689 बड़ी कंपनियों ने शिरकत की और रिकॉर्ड 8,912 अभ्यर्थियों को नौकरी मिली। इस चरण में प्रयागराज पूरे प्रदेश में शीर्ष पर रहा, जहाँ अकेले 22 कंपनियों ने 1,185 युवाओं का चयन किया। इसके साथ ही वाराणसी में 674 और गोरखपुर में 317 युवाओं को रोजगार मिला।

 

तीसरा चरण (15 जुलाई) : विश्व युवा कौशल दिवस पर 15 जुलाई को अमेठी, पीलीभीत और इटावा समेत 3 जिलों में रोजगार मेला आयोजित हुआ। अंतिम दिन 34 कंपनियों की भागीदारी से कुल 300 युवाओं का चयन हुआ, जिसमें पीलीभीत के 138 युवा शामिल रहे।

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मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन पुलकित खरे ने कहा कि ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प के तहत 3 दिवसीय मेले में 10,283 युवाओं का चयन बड़ी उपलब्धि है। यूपी का युवा आज तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर है। हमारा लक्ष्य हर कुशल हाथ को सही मंच और सीधा रोजगार देना है।