Ajinkya Rahane: लॉर्ड्स से गाबा तक… अजिंक्य रहाणे की वो यादगार पारियां, जिन्हें क्रिकेट फैंस कभी नहीं भूलेंगे

Ajinkya Rahane: अजिंक्य रहाणे ने 12 साल लंबे अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। भारत के सबसे भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रहाणे विदेशी जमीन पर शानदार बल्लेबाजी, स्लिप में बेहतरीन फील्डिंग और मुश्किल समय में टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए जाने जाते थे।

रहाणे ने अपने करियर में भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। उन्होंने 28 साल बाद लॉर्ड्स में भारत को टेस्ट जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, एडिलेड टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद चोटों से जूझ रही भारतीय टीम की मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की दिलाई, जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

रहाणे ने अपने करियर में भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। उन्होंने लॉर्ड्स में 28 साल बाद भारत की टेस्ट जीत में अहम योगदान दिया। वहीं, एडिलेड टेस्ट में हार के बाद जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी करते हुए भारत को शानदार जीत दिलाई। जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

इसके अलावा, विदेशी दौरों पर लगाए गए उनके शानदार शतक, गॉल टेस्ट में स्लिप में रिकॉर्ड कैच, और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में खेली गई यादगार पारी भी उनके इंटरनेशनल करियर के सबसे खास पलों में शामिल हैं।

टीम इंडिया के लिए अजिंक्य रहाणे के आंकड़ों पर एक नजर:

हालांकि रहाणे ने भारत के लिए तीनों फ़ॉर्मेट में खेला, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी छाप छोड़ी। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतकों के साथ 5,077 रन बनाए, जिनमें से कई बेहतरीन पारियां मुश्किल विदेशी हालात में खेली गईं। 2013 और 2016 के बीच, उन्होंने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाकर खुद को भारत के प्रमुख विदेशी दौरे वाले बल्लेबाज के तौर पर स्थापित किया। बाद में उन्होंने विराट कोहली के उप-कप्तान और जरूरत पड़ने पर कप्तान के तौर पर भी भूमिका निभाई।

भारत के लिए अजिंक्य रहाणे के यादगार पल

  1. लॉर्ड्स में शतक (इंग्लैंड के खिलाफ 103 रन, 2014)

साल 2014 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। मुश्किल पिच पर जब भारतीय टीम 145 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी, तब रहाणे ने शानदार 103 रन बनाकर टीम को संकट से बाहर निकाला था। भुवनेश्वर कुमार के साथ उनकी साझेदारी ने पहली पारी में भारत का स्कोर 295 तक पहुँचाया और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालाँकि भारत की दूसरी पारी में रहाणे ‘गोल्डन डक’ (पहली ही गेंद पर आउट) का शिकार हुए, लेकिन उनका शतक बहुत अहम साबित हुआ। इसके बाद इशांत शर्मा ने सात विकेट लिए और भारत को 95 रनों से जीत दिलाई, जिससे इस मशहूर मैदान पर टेस्ट जीत का भारत का 28 साल का इंतजार खत्म हुआ।

  1. MCG में कप्तान का शतक (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 112 रन, 2020)

2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था, जिसके बाद टीम को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इसी बीच विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर घर लौट गए और कई खिलाड़ी भी चोट के कारण टीम से बाहर हो गए। ऐसे मुश्किल समय में अजिंक्य रहाणे ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए दूसरे टेस्ट में रहाणे ने दबाव के बीच 223 गेंदों पर शानदार 112 रन की कप्तानी पारी खेली। उनकी इस पारी और बेहतरीन कप्तानी की बदौलत भारत ने 8 विकेट से जीत हासिल की और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।

दौरे के बाकी मैचों में रहाणे की शांत कप्तानी निर्णायक साबित हुई, क्योंकि उन्होंने कई प्रमुख गेंदबाजों के बिना चोटिल टीम का नेतृत्व करते हुए ऑस्ट्रेलिया के गढ़ गाबा में एक यादगार जीत दर्ज की और सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। बता दें कि एडिलेड में शर्मनाक हार के बाद की गई यह शानदार वापसी भारतीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार विदेशी टेस्ट जीतों में गिनी जाती है, जिसमें रहाणे की शांत का नेतृत्व सबे अहम रहा।

  1. मेलबर्न (2014) में शानदार जवाबी हमला करते हुए 147 रन

साल 2014 में मेलबर्न टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करते हुए, रहाणे ने 171 गेंदों पर शानदार 147 रन बनाए और चौथे विकेट के लिए विराट कोहली के साथ 262 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को फॉलो-ऑन से बचाया और सीरीज के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शनों में से एक में कड़े संघर्ष के बाद मैच ड्रॉ कराया।

  1. न्यूजीलैंड के खिलाफ़ करियर का सर्वश्रेष्ठ 188 रन (2016)

साल 2016 में इंदौर टेस्ट में रहाणे ने अपना अब तक का सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर 188 रन बनाया। उन्होंने कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए 365 रनों की विशाल पार्टनरशिप की, जिसकी बदौलत भारत ने पहली पारी में 5 विकेट पर 557 रन घोषित किए। बता दें कि भारत ने यह मुकाबला 321 रन के बड़े अंतर से जीता था और 3-0 से सीरीज अपने नाम की थी। रहाणे की यह पारी उनके टेस्ट करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है।

  1. गाले में वर्ल्ड-रिकॉर्ड कैचिंग का प्रदर्शन (2015)

अपनी बैटिंग के अलावा, रहाणे ने स्लिप में भी शानदार खेल दिखाया। गाले में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने एक मैच में आठ कैच लिए, जो उस समय किसी नॉन-विकेटकीपर द्वारा टेस्ट मैच में लिए गए सबसे ज्यादा कैच थे। इससे उनके बेहतरीन रिफ्लेक्स और सुरक्षित हाथों का पता चला। बाद में 10 साल बाद एडेन मार्करम ने यह रिकॉर्ड तोड़ा, जब उन्होंने नवंबर 2025 में गुवाहाटी में भारत के खिलाफ नौ कैच लिए।

  1. WTC फाइनल में वापसी (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 89 और 46 रन, 2023)

टेस्ट टीम से लगभग 18 महीने बाहर रहने के बाद, मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ IPL में जबरदस्त वापसी के दम पर रहाणे को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए अचानक टीम में वापस बुलाया गया। श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद उन्हें प्लेइंग XI में शामिल किया गया और रहाणे ने ‘द ओवल’ पर भारत के सबसे अच्छे बल्लेबाज के तौर पर खेलकर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित किया।

जब भारत का स्कोर 71/4 हो गया था, तब उन्होंने पहली पारी में संघर्षपूर्ण 89 रन बनाए और दूसरी पारी में 46 रन जोड़े। साथ ही, इस मैच के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5,000 रन पूरे करने का मील का पत्थर भी हासिल किया। भले ही भारत फाइनल हार गया, लेकिन रहाणे की वापसी वाली पारियों ने सबसे बड़े मंच पर एक भरोसेमंद खिलाड़ी के तौर पर उनकी अहमियत को साबित कर दिया।

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All you need to know about the upcoming Kia Sorento

Sorento

Kia has officially confirmed that the Sorento will be coming to India, following our earlier report that the SUV had unofficially opened for bookings. Expected to be locally assembled, the Sorento will sit above the Seltos as Kia India’s flagship ICE SUV and is also set to become the brand’s first hybrid model for the Indian market. While official specifications are yet to be revealed, spy shots, dealer inputs and details of the global-spec model provide a good idea of what to expect. Here’s everything we know so far.

1. When will the Kia Sorento launch in India

Expected to debut later this year, with launch likely in October

Kia has unofficially begun accepting pre-bookings for the Sorento through select dealerships for a token amount of Rs 25,000. According to dealer sources, the SUV is expected to launch by October 2026, although Kia is yet to officially confirm the timeline.

2. What will the Kia Sorento look like?

Upright SUV styling with Kia’s familiar design elements

Global-spec Sorento used for representation. 

The Sorento features a more upright design than the Seltos, with vertically stacked LED headlamps, slim daytime running lamps, a wide grille and a sculpted bumper. Test mules spotted in India have also revealed chrome window surrounds, black roof rails and dual-tone alloy wheels. At the rear, the SUV gets vertically oriented LED tail-lamps integrated into a clean tailgate design and a roof spoiler.

3. How big is the Kia Sorento?

Larger footprint than the Seltos

The global-spec Kia Sorento measures 4,815mm in length, 1,900mm in width and 1,700mm in height, while its wheelbase measures 2,815mm. This makes it 54mm longer than the Skoda Kodiaq and 23mm longer than the Volkswagen Tayron, while its wheelbase is 26mm longer than both SUVs.

4. What will the Kia Sorento’s interior and features be like?

Premium cabin with three seating layouts expected

Global-spec Sorento interior used for representation. 

Globally, the Kia Sorento is available in 5-, 6- and 7-seat configurations. However, the India-spec model is expected to feature a three-row layout, likely with 6- and 7-seat options, which would make it the only model in its segment with three seating options if introduced in India.

Based on the global model and Indian test mules, expected features include dual 12.3-inch displays for the infotainment system and instrument cluster, a panoramic sunroof, ventilated front seats, a powered driver’s seat, a 360-degree camera, head-up display and Level 2 ADAS. Spy shots have also revealed a rotary gear selector and electronic parking brake on the centre console.

5. Which engine will power the Kia Sorento?

Hybrid powertrain expected for India

Euro-spec Kia Sorento hybrid shown for representation.

internationally the Sorento gets petrol, diesel and also hybrid engine options, but the India-spec model is expected to get a strong-hybrid powertrain. Dealer sources suggest it could use a 1.6-litre direct injection turbo-petrol hybrid engine, although final specifications have not been confirmed.

The UK-spec Sorento uses a 1.6-litre turbo-petrol strong-hybrid producing 238hp and 380Nm, paired with a 6-speed torque converter automatic transmission. Depending on the market, the Sorento is offered in FWD or AWD configurations globally. 

6. How much will the Kia Sorento cost in India

Expected price: around Rs 40 lakh (ex-showroom)

The Kia Sorento is expected to be locally assembled in India and is likely to be priced around Rs 40 lakh (ex-showroom).

7. Which SUVs will rival the Kia Sorento?

The Kia Sorento is expected to rival premium three-row SUVs such as the Skoda Kodiaq and Volkswagen Tayron.

जापान : भूकंप से मरने वालों की संख्या 23 हुई

दक्षिण-पश्चिमी जापान के ग्रामीण इलाकों में शक्तिशाली भूकंप के दो दिन बाद भी जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है। भूकंप के कारण एक शॉपिंग मॉल में विस्फोट हुआ, एक कारखाने की चिमनी गिर गई और कई मकान ढह गए और अब तक कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है।

बचाव दल जापान के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू के कुमामोतो क्षेत्र में लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं, जहां मंगलवार को रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। समय के साथ मलबे में फंसे जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद लगातार कम होती जा रही है।

कुमामोतो प्रांतीय सरकार के अनुसार, अब भी लापता लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं है। भूकंप में कम से कम 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर है।

मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि पुलिस के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या 28 है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें कुछ ऐसे मामले भी शामिल हैं जिनकी जांच जारी है और संभव है की ये भूकंप से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित नहीं हो।

जीवित बचे लोगों ने बताया कि वे घर लौटने के बाद मलबे में दबे अपने परिजनों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करते रहे। कई लोग घायल भी हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

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हजारों लोगों ने एक और रात राहत शिविरों में बिताई। ये शिविर स्कूलों के व्यायामशालाओं और अन्य बड़े भवनों में स्थापित किए गए हैं। कई घरों में अब भी बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लोग लगातार आ रहे झटकों के डर से घर लौटने से बच रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, करीब 23,000 घरों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है और 400 के आसपास राहत शिविरों में 10,000 से अधिक लोग रह रहे हैं। शिविरों में लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है ताकि वातानुकूलन की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

भीषण गर्मी के कारण लोगों के बीमार पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। पर्यावरण मंत्रालय ने कुमामोतो क्षेत्र में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है। बृहस्पतिवार को वहां तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हिकावा कस्बे में कई लोग अब भी पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। कुछ लोग उद्यानों और पार्किंग स्थल में अपने वाहनों में ही रह रहे हैं।

नगर कार्यालय के बाहर अधिकारियों ने लोगों को बोतलबंद पानी और पैकेटबंद चावल वितरित किए, जबकि जापान के जमीनी आत्मरक्षा बल के जवान ट्रॉली के जरिए पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं।

हिकावा के 66 वर्षीय निवासी योशिआकी नाकाशिमा ने बताया कि वह अपने पालतू कुत्ते के साथ पानी लेने आए हैं और राहत शिविर में रहने के बजाय अपनी कार में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार आ रहे झटकों के कारण उन्हें अपने घर में सोने से भी डर लग रहा है।

Pic Credit : ANI

2026 Maruti Brezza on-road prices listed in major cities

Maruti Brezza turbo front quarter static

Maruti Suzuki recently launched the 2026 Brezza with prices ranging from Rs 7.40 lakh to Rs 13.55 lakh (ex-showroom). With the midlife update, Maruti has introduced a 1.0-litre direct injection turbo-petrol engine to the Brezza, while also offering a couple of new features and a few new design elements. The 2026 Brezza is being offered in four trims: LXi, VXi, ZXi and ZXi+, and alongside the turbo-petrol engine, a 1.5-litre naturally aspirated petrol mill is also available with a CNG option. 

In case you want to know how much you need to pay to get your hands on one, here are the 2026 Maruti Brezza’s on-road prices across major Indian cities.

2026 Maruti Brezza on-road price range

On-road prices of the 2026 Brezza range from Rs 8.26 lakh to Rs 16.81 lakh in major cities

2026 Maruti Brezza price range in major Indian cities (in Rs, lakh)

 

1.0TP 6MT

1.5P 6MT

1.5P 6AT

1.5CNG 6MT

Ex-showroom

7.40-11.16

8.30-10.50

10.61-13.55

9.30-11.50

Delhi (on-road)

8.26-12.95

9.26-12.18

12.31-15.72

10.67-13.37

Kolkata (on-road)

8.48-12.95

9.51-12.18

12.31-15.72

10.65-13.34

Mumbai (on-road)

8.55-13.17

9.59-12.39

12.52-15.99

10.37-13.11

Bengaluru (on-road)

8.77-13.73

9.84-12.92

13.06-16.67

10.67-13.37

Chennai (on-road)

8.70-13.84

9.76-13.02

13.16-16.81

10.67-13.37

Note: On-road prices may vary based on city-specific registration charges and other cost components, including insurance, FASTag and RTO fees. Please check with your nearest Maruti Suzuki Arena dealership for exact figures.

The 2026 Maruti Suzuki Brezza’s on-road prices are the lowest in Delhi among all the mentioned cities. This is followed by Kolkata, Mumbai and Bengaluru, with Chennai having the highest ask. However, a CNG option on the Brezza is the most affordable in Mumbai. That being said, the difference in on-road price of the top-spec Brezza variants for the 1.0-litre turbo-petrol manual is Rs 89,000, the 1.5-litre petrol manual is Rs 84,000, 1.5-litre petrol automatic is Rs 1.09 lakh.

IT Vs Banks : बैंक निफ्टी के लिए कच्चा तेल एक बड़ा सिरदर्द, इस महीने 18% रिटर्न देने के बाद IT में अभी भी बाकी है दम

IT Vs Banks : IT शेयरों ने आज तेजी का चौका लगाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। निफ्टी के टॉप 5 गेनर्स में से 4 IT सेक्टर के हैं। अमेरिका में Cognizant के EPS आउटलुक बढ़ाने से आईटी स्पेस में जोश आया है। निफ्टी IT इंडेक्स 4 दिन में 11% चढ़ा है। ऐसे में सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज IT की रैली का भी एक टेस्ट होगा,यह अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। कल COGNIZANT का अनुमान बढ़ाना एक बड़ा पॉजिटिव है। निफ्टी IT हमारे 32,800 के लक्ष्य से अब 1700 अंक दूर है। 27,000 से हमने निफ्टी IT पर मजबूत लॉन्ग नजरिया लिया था।

उधर हाल के दिनों में बैंक शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। बैंक निफ्टी आज भी 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 56,870 को आसपास दिख रहा है। अनुज सिंघल ने बैंक निफ्टी पर अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि इसके लिए आज पहला सपोर्ट 56,800-57,000 और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर होगा। वहीं, सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है

IT Vs बैंक्स: अब क्या?

इन दोनों सेक्टरों के इस महीने के रिटर्न पर नजर डालें तो निफ्टी IT ने 18% रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी बैंक में 0.6% की कमजोरी देखने को मिली है। निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.3% की गिरावट आई है। HCLTech 25% फीसदी भागा है। वहीं, TCS में 20% की और टेक महिंद्रा में 17% की तेजी आई है। इंफोसिस 16% तो परसिस्टेंट 27% भागा है। दूसरी तरफ एक्सिस बैंक 8% तो HDFC बैंक 6% टूटा है। हालांकि ICICI बैंक में 4.5% की तेजी देखने को मिली है।

अनुज सिंघल की राय है कि HDFC बैंक अभी भी सबसे कमजोर शेयर है। कल की रैली एक डेड कैट बाउंस (Dead Cat Bounce) ही है। HDFC बैंक में किसी भी रैली में ना फंसें। सिर्फ वैल्यूएशन कम्फर्ट के कारण निवेश का तर्क नहीं होता। पहले भी 1 महीने की पूरी रैली एक दिन में स्वाहा हुई थी। वहां फोकस करें जहां पर आपको मोमेंटम मिला है।

परसिस्टेंट जैसे शेयर देखिए जहां 4300 रुपए के स्तर से शॉर्ट फंसे हैं। हमने इस पर लांन्ग का बोल्ड नजरिया लिया और शेयर अब वहां से करीब 30% ऊपर है। HCLTech में भी Sarvam में निवेश के बाद से सिर्फ एकतरफा तेजी है। कोफोर्ज ने भी मुड़कर नहीं देखा है। निफ्टी IT में बहुत लोगों ने रैली मिस की है। अब इसीलिए वो ये कहेंगे कि अब ये रिस्की हो गया है। इसका सबसे बड़ा टेस्ट मिलेगा 200 DMA यानी 32,800 पर।

बैंक निफ्टी के लिए अब भी कच्चा तेल बड़ा सिरदर्द है। अगली तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट बढ़ेंगी और NIMs पर असर होगा। टेक्निकली निफ्टी बैंक 57,400-57,500 के 200 DMA पर ही अटक रहा है।

 

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

 

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Waaree Energies Share Price: सोलर पीवी मॉड्यूल मेकर का शेयर 6% तक लुढ़का, Q1 नतीजों के बाद भारी सेलिंग; अब क्या करें?

सोलर पीवी मॉड्यूल बनाने वाली वारी एनर्जीज लिमिटेड के शेयरों में 30 जुलाई को शुरुआती कारोबार में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 2,563 रुपये के लो तक गया। कंपनी ने एक दिन पहले मार्केट बंद होने के बाद अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय में सालाना आधार पर 79.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 7,932 करोड़ रुपये रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 1,440 करोड़ रुपये रहा। यह जून 2025 तिमाही के मुकाबले 44 प्रतिशत ज्यादा EBITDA मार्जिन 4 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 18.2 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 22.5 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही में Waaree Energies को 16,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। कंपनी की ऑर्डर बुक 61,500 करोड़ रुपये की थी। कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने ऑपरेटिंग EBITDA गाइडेंस को 7,000 करोड़ से 7,700 करोड़ रुपये के बीच ही बरकरार रखा।

वारी एनर्जीज अक्टूबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 4321.44 करोड़ रुपये का IPO 79.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के ​पास 64.22 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 महीनों में 21 प्रतिशत नीचे आया है।

Waaree Energies पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने Waaree Energies पर अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट 3,750 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव से 37 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि एडजस्टेड EBITDA अनुमान से कम रहा। इसकी वजह मार्जिन पर बना दबाव था, जिसने कंपनी के अच्छे कामकाज के असर को भी कम कर दिया। नोमुरा ने कहा कि कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक से कामकाज में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद दिखती है। वारी एनर्जीज के शेयर को 19 एनालिस्ट्स को कवर करते हैं। इनमें से 14 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। एक ने ‘होल्ड’ और 4 ने ‘सेल’ की सलाह दी है।

 

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : क्रूड की उछाल से बाजार का मूड बिगड़ा है। IT और फार्मा शेयरों के दम पर निफ्टी 24250 के करीब फ्लैट कारोबार कर रहा है। लेकिन बैंक निफ्टी में 350 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आज नरमी है। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में हल्की बढ़त आई है। आईटी शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। IT के साथ ऑटो सेक्टर में भी अच्छी रफ्तार है। निफ्टी का ऑटो इंडेक्स करीब एक फीसदी चढ़ा है। साथ ही FMCG और फार्मा में भी हल्की खरीदारी आई है। लेकिन लेकिन रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही केमिकल और डिफेंस पर भी दबाव नजर आ रहा है।

ब्रेकआउट या वापस रेंज में?

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि इस बाजार ने 2 हफ्ते में रेंज के दोनों छोर टेस्ट किए हैं। पहले 24,300 का फेक ब्रेकआउट हुआ,जो फेल हुआ। उसके बाद 23,800 का फेक ब्रेकडाउन भी फेल हुआ। हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया हुआ है। 24,300-24,350 रुकावट की जगह है,चाहें तो थोड़ा मुनाफा बांधें। इस रेंज में नई लॉन्ग पोजिशंस का रिस्क-रिवॉर्ड ठीक नहीं है। बैंक निफ्टी अभी भी निफ्टी के मुकाबले थोड़ा कमजोर है। कल बैंक निफ्टी की रैली वापस 200 DMA के करीब आकर रुकी। HDFC बैंक कल की रैली के बावजूद काफी कमजोर है। आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी भी है, तो थोड़ी वोलैटिलिटी संभव है

US फेड के फैसला का बाजार पर असर

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 3.5-3.75% पर बरकरार रखा है। लगातार 5वीं बार दरें बरकरार रखी गई हैं। फेड के फैसले का बाजार पर असर की बात करें तो 10 साल की बॉन्ड यील्ड वापस 4.7% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड 5.21% पर पहुंच गई। यह 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। कल डाओ जोंस 1100 अंकों से ज्यादा टूटा। S&P 500 में 1.5% और नैस्डेक में 1.7% की गिरावट आई।

कच्चे तेल में तेजी जारी

बुधवार को ब्रेंट क्रूड $90 के ऊपर बंद हुआ। ट्रंप ने कहा है कि IRGC के अचानक हमले के बाद US ईरान पर हमले और तेज करेगा। US में कमर्शियल क्रूड भंडार जून के बाद सबसे ज्यादा घटा है। US का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।

अब कहां रखें नजर?

2-व्हीलर सेक्टर IT के बाद सबसे मजबूत है। TVS मोटर और बजाज ऑटो दोनों में नतीजों के बाद री-रेटिंग हुई है। आयशर मोटर्स भी बुलेट तेजी से दौड़ रहा है। आज शायद आयशर मोटर्स हीरो ऑफ द डे भी हो सकता है। हालांकि शेयर काफी चल चुका है और मार्जिन पर थोड़ा दबाव है। फिर भी आय ग्रोथ और वॉल्यूम ग्रोथ शानदार है। 2-व्हीलर के अलावा कल FMCG में अच्छा बाउंस मिला। आज देखेंगे कि एशियन पेंट्स कैसे रिएक्ट करता है। इसके नतीजे कल आए थे लेकिन बड़ा रिएक्शन आज मिलेगा।

इनके अलावा EMS स्पेस काफी मजबूत है। Kaynes में कल एक बड़े ब्रेकआउट का संकेत मिला है। इनके अलावा फार्मा सेक्टर अभी भी काफी मजबूत है। दिक्कत सिर्फ पावर इक्विपमेंट स्पेस में हो रही है। इन शेयरों का वैल्यूएशन काफी ऊंचा था और करेक्शन का ट्रिगर मिल गया है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,100-24,150 पर और बड़ा सपोर्ट 23,950-24,050 पर है। खरीदारी का जोन 24,000-24,100 है। इसके लिए SL 23,950 पर होना चाहिए। वहीं, सबसे बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 पर है। 24,300 रिजेक्ट हो तो बिकवाली करें,SL 24,350 पर रखें। 24,350 के पार गया तो आसानी से 24,500 को टेस्ट करेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर है। सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : बाजार में बुलिश मोमेंटम मजबूत रहने के संकेत, हल्के ठहराव में बाद इंडेक्स फिर पकड़ेंगे रफ्तार

Trade setup for today : निफ्टी में इस हफ्ते दूसरी बार गैप-अप ओपनिंग देखने को मिली। इसने पिछले शुक्रवार के निचले स्तर से 2.75 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​29 जुलाई को 1.1 प्रतिशत ऊपर बंद होकर निफ्टी ने अगस्त सीरीज़ की मज़बूत शुरुआत की है। शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज और 100 डे EMA के ऊपर बढ़त,साथ ही डाउनवर्ड स्लोपिंग रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के ऊपर ब्रेकआउट और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और सुधार से मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार आया है। कच्चे तेल में नरमी से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिला है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक अच्छी रैली के बाद भले ही निफ्टी में कुछ समय के लिए ठहराव आए,लेकिन कुल मिलाकर इसका ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर निफ्टी 24,100-24,000 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें और तेजी आ सकती है और यह 24,400-24,500 के जोन तक जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,167, 24,133 और 24,077

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,280, 24,314 और 24,370

पिछले दो सेशन में 24,000 के लेवल के पास कंसोलिडेशन देखने को मिला। इसके बाद मज़बूत गैप-अप ओपनिंग के साथ निफ्टी 50 ने कल डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अच्छी खरीदारी आने का संकेत है। निफ्टी 200 डे EMA को छोड़कर सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया। 200 डे EMA अगले रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है। यह जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी चला गया। बुल्लिश क्रॉसओवर के साथ RSI बढ़कर 56.11 हो गया,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे रहने के बावजूद ऊपर की ओर बढ़ता रहा। इसके साथ ही हिस्टोग्राम की लाल बार्स कमजोरी कम होने का संकेत दे रही हैं। ये सभी बातें बुल्लिश मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना का संकेत दे रही हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,298, 57,386 और 57,530

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,010, 56,921 और 56,777

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी में कल 0.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक (wick) और ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी। यह निचले स्तरों पर आई खरीदारी का संकेत है। इंडेक्स ने 20 डे EMA को टेस्ट किया लेकिन उसके ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। इसके साथ ही,यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी बंद नहीं हो पाया। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 49.95 हो गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा,हालांकि हिस्टोग्राम की लाल बार्स हल्की पड़ती दिखीं। इससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम कम हो रहा है। ये सभी बातें मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,लेकिन मज़बूत तेजी के ट्रेंड की पुष्टि के लिए तत्काल रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर एक टिकाऊ चाल की जरूरत होगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 29 जुलाई को भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,981 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी नेट खरीदार के तौर पर लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश किया।

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में बुधवार को लगातार तीसरे सेशन में गिरावट जारी रही। यह 4.42% गिरकर 12 के जोन (7 जुलाई के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल)पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है। अगर इसमें और गिरावट आती है और यह 12 के जोन से नीचे बना रहता है,तो बुल्स को और भी ज्यादा राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जुलाई को पिछले सेशन के 1.05 से बढ़कर 1.18 हो गया। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

₹10,000 या ₹1 लाख? जानिए ₹5 करोड़ का फंड बनाने में कितना समय बचा सकती है आपकी SIP

SIP Compounding Power & Time Horizon: शेयर बाजार में पैसे लगाकर से हर कोई अमीर बनना चाहता है। बहुत से लोग ₹5 करोड़ जैसा बड़ा फंड बनाना चाहते है। लेकिन दो अलग-अलग निवेशक, जो हर साल 12% का समान रिटर्न पाते हैं और कभी अपनी SIP की रकम नहीं बढ़ाते, उनके लक्ष्य तक पहुंचने के समय में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिलता है।

अगर आप हर महीने ₹1,00,000 की SIP करते हैं तो आप ₹5 करोड़ का टारगेट 15 साल में हासिल कर लेंगे, जबकि ₹10,000 की SIP करने वाले व्यक्ति को यही फंड बनाने में लगभग 33 साल लग जाएंगे।

लेकिन क्या 10 गुना ज्यादा रकम निवेश करने पर समय भी 10 गुना कम लगता है? जवाब है ‘नहीं’। आइए आसान गणित से समझते हैं कि SIP में पैसे और समय का क्या संबंध है और कंपाउंडिंग का जादू कैसे काम करता है।

अलग-अलग SIP से ₹5 करोड़ बनने में कितना समय लगेगा?

अगर हम यह मानकर चलें कि आपके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो पर सालाना 12% का औसत रिटर्न (CAGR) मिलता है और आप SIP में कोई बढ़ोतरी (Step-up) नहीं करते, तो ₹5 करोड़ का फंड बनने में इतना समय लगेगा:

अलग-अलग SIP से ₹5 करोड़ बनने में कितना समय लगेगा?

10 गुना ज्यादा निवेश, फिर भी समय सिर्फ आधा क्यों कम हुआ?

अगर आप ध्यान दें, तो ₹10,000 से ₹1,00,000 की SIP पर जाना यानी आपकी जेब से निकलने वाला निवेश 10 गुना बढ़ जाता है। लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने का समय 10 गुना कम होकर 3.3 साल नहीं होता, बल्कि आधा घटकर 33 साल से 15 साल पर ही आता है। इसके पीछे की वजह है कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि ब्याज का असमान तरीका।

शुरुआती साल: जब आपका कुल जमा फंड छोटा होता है, तो उस पर मिलने वाला 12% का रिटर्न भी बहुत छोटा होता है। इस चरण में आपकी संपत्ति केवल आपके जेब से डाले गए पैसों की वजह से बढ़ती है, बाजार का योगदान बहुत कम होता है।

बाद के साल: जैसे-जैसे समय बीतता है, आपके द्वारा कमाए गए रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है। एक समय ऐसा आता है जब आपके हर महीने की SIP की तुलना में बाजार की कंपाउंडिंग की वजह से आपका फंड बहुत तेजी से भागने लगता है।

यानी ₹10,000 की SIP करने वाला निवेशक पूरी तरह से समय और कंपाउंडिंग पर निर्भर रहता है। वहीं, ₹1,00,000 की SIP करने वाला व्यक्ति वही काम अपनी जेब से ज्यादा पूंजी लगाकर तुरंत कर लेता है। यानी अगर आपके पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, तो धैर्य ही आपकी पूंजी की भरपाई करता है।

निवेश का यह गणित लागू करने से पहले 3 जरूरी बातें

इस टाइमलाइन को अपनी योजना बनाने से पहले तीन अहम सावधानियों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है:

  1. 12% रिटर्न गारंटी नहीं है: इक्विटी म्यूचुअल फंड में रिटर्न कभी भी एक सीधी रेखा में नहीं आता। कभी बाजार बहुत तेज भागेगा, तो कभी उसमें गिरावट आएगी। 12% एक औसतन अनुमान है।
  2. स्टेप-अप SIP का जादू: ऊपर दिए गए उदाहरण में SIP की रकम को हर साल बढ़ाया नहीं गया है। अगर आप हर साल अपनी सैलरी बढ़ने के साथ अपनी SIP में 5% या 10% का इजाफा करते हैं, तो ये सभी टाइमलाइन बहुत तेजी से घट जाएंगी।
  3. महंगाई का असर: आज से 33 साल बाद मिलने वाले ₹5 करोड़ की वैल्यू आज के ज़माने में 6% महंगाई दर के हिसाब से सिर्फ ₹73 लाख के बराबर होगी।

इस पूरे आंकड़े का निचोड़ बहुत सरल है: अगर आपके पास ज्यादा निवेश करने की क्षमता है, तो आप समय खरीद सकते हैं। और अगर आप ज्यादा रकम निवेश नहीं कर सकते, तो समय आपके लिए काम करेगा। शर्त बस इतनी है कि आपको जितनी जल्दी हो सके निवेश शुरू करना होगा और अपने पोर्टफोलियो को बिना छेड़े लंबे समय तक टिके रहना होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।