LPG Price Today 3 August 2026: आज कितने रुपये में मिलेगा घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर? जानें अपने शहर के ताजा रेट

LPG Price Today: अगस्त की शुरुआत होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और फूड बिजनेस चलाने वालों के लिए राहत भरी रही, क्योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 अगस्त को 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 200 रुपये से अधिक की कटौती की थी। फिलहाल, 3 अगस्त को भी यही दरें लागू हैं। वहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की बात करें तो, इसकी कीमत में आज भी बदलाव नहीं किया गया है।

घरेलू LPG में क्या हुआ बदलाव?

अगर आप घरेलू गैस सिलेंडर बुक कराने का प्लान बना रहे हैं, तो फिलहाल कीमत को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है। घरेलू LPG सिलेंडर के रेट पहले जैसे ही बने हुए हैं। यानी 1 अगस्त के बाद से अब तक इसमें किसी तरह की बढ़ोतरी या कटौती नहीं हुई है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर में दो महीनों में दो बार कटौती

अगस्त की शुरुआत होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और फूड बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए अच्छी रही। 1 अगस्त को कमर्शियल सिलेंडर के दाम में हुई बड़ी कटौती का फायदा आज भी मिल रहा है। वैसे देखा जाए तो कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में पिछले दो महीनों से लगातार राहत देखने को मिली है।

अगर पिछले एक महीने की बात करें तो 1 जुलाई को 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये तक की कटौती की गई थी। इसके बाद 1 अगस्त को तेल कंपनियों ने फिर राहत देते हुए दिल्ली में सिलेंडर के दाम 202 रुपये, कोलकाता में 209 रुपये और मुंबई-चेन्नई में भी 200 रुपये से ज्यादा घटा दिए।

इस तरह देखा जाए तो सिर्फ 31 दिनों में ही कमर्शियल LPG सिलेंडर करीब 385 से 390 रुपये तक सस्ता हो चुका है। फिलहाल, 3 अगस्त को भी यही नई कीमतें लागू हैं और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की ओर से इसमें कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। इससे होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।

कब बदलते हैं दाम

वैसे तो पेट्रोल-डीजल की तरह LPG सिलेंडर के दाम रोजाना नहीं बदलते। लेकिन तेल विपणन कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को ही कीमतों की समीक्षा करती हैं और जरूरत पड़ने पर उसी दिन नई दरें लागू की जाती हैं।

कहां चेक करें अपने शहर का रेट?

वैसे अगर आप घर बैठे अपने शहर का सटीक LPG रेट जानना चाहते हैं तो Indane, Bharat Gas या HP Gas की  वेबसाइट पर जाकर लेटेस्ट कीमत देख सकते हैं।

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Revised ITR Rules: 31 जुलाई से पहले भरा ITR और हो गई गलती? जानें रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने का सही तरीका

How to File Revised ITR: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 खत्म हो चुकी है। कई टैक्सपेयर्स ने आखिरी समय की जल्दबाजी में अपना रिटर्न तो जमा कर दिया, लेकिन बाद में पता चला कि कोई बैंक ब्याज, शेयर बाजार से हुआ मुनाफा या फिर कोई टैक्स सेविंग डिडक्शन जोड़ना छूट गया है।

अगर आपने भी अपने ITR में कोई गलत जानकारी भर दी है या कोई आय छिपा ली है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 139(5) आपको अपनी गलती सुधारने का पूरा मौका देता है। आइए जानते हैं कि धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने के नियम, डेडलाइन और आसान तरीका क्या है।

क्या होता है ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ (सेक्शन 139(5))?

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(5) के तहत अगर किसी टैक्सपेयर को अपना ओरिजिनल ITR सबमिट करने के बाद यह अहसास होता है कि उससे कोई गलत जानकारी चली गई है या कोई ब्योरा दर्ज होने से रह गया है, तो वह एक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकता है।

कौन कर सकता है फाइल?: जिस भी व्यक्ति ने सेक्शन 139(1) के तहत समय पर (31 जुलाई तक या समय बीतने के बाद बिलेटेड रिटर्न (सेक्शन 139(4)) जमा किया है, वह रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकता है।

कितनी बार कर सकते हैं रिवाइज?: कानूनन आप अपने ITR को एक से अधिक बार भी रिवाइज कर सकते हैं, बशर्ते वह डेडलाइन के भीतर हो।

रिवाइज्ड ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 है। अगर इनकम टैक्स विभाग द्वारा आपके रिटर्न का एसेसमेंट (सेक्शन 144) पहले ही पूरा कर लिया जाता है, तो एसेसमेंट पूरा होने के बाद या 31 दिसंबर 2026 जो भी पहले हो तक ही आप इसे रिवाइज कर सकेंगे।

रिवाइज्ड ITR फाइल करते समय ध्यान रखें ये 4 अहम बातें

1- ओरिजिनल ITR का पावती नंबर: रिवाइज्ड रिटर्न भरते समय आपको अपने पुराने ITR का पावती नंबर और फाइल करने की तारीख दर्ज करनी होगी।

2- सही ITR फॉर्म का चयन: आप जिस फॉर्म (ITR-1, ITR-2 आदि) में पहले रिटर्न दाखिल कर चुके हैं, उसी फॉर्म का उपयोग करें, जब तक कि आपकी आय के स्रोतों में बदलाव न हुआ हो।

3- AIS और Form 26AS से मिलान: नई फाइलिंग से पहले अपने Annual Information Statement (AIS) को दोबारा ध्यान से जांचें ताकि इस बार कोई ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेन छूट न जाए।

4- ई-वेरिफिकेशन अनिवार्य: ओरिजिनल ITR की तरह ही रिवाइज्ड ITR को भी सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर e-Verify करना अनिवार्य है। बिना वेरिफिकेशन के आपका रिवाइज्ड रिटर्न अमान्य माना जाएगा।

ई-फाइलिंग पोर्टल पर रिवाइज्ड ITR भरने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

  • स्टेप 1: इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (eportal.incometax.gov.in) पर जाएं और अपने PAN/Aadhaar तथा पासवर्ड से लॉगिन करें।
  • स्टेप 2: ‘e-File’ टैब में जाएं > ‘Income Tax Returns’ > ‘File Income Tax Return’ पर क्लिक करें।
  • स्टेप 3: Assessment Year 2026-27 चुनें और Filing Type में ‘Revised Return u/s 139(5)’ सिलेक्ट करें।
  • स्टेप 4: स्क्रीन पर मांगे जाने अनुसार अपने ओरिजिनल ITR का Acknowledgement Number और Filing Date दर्ज करें।
  • स्टेप 5: अब फॉर्म में जहाँ भी गलती हुई थी (जैसे आय बढ़ाना, छूटी हुई डिडक्शन जोड़ना या बैंक डिटेल सही करना), उसे ठीक करें।
  • स्टेप 6: टैक्स लायबिलिटी की दोबारा गणना करें और अगर कोई अतिरिक्त टैक्स बनता है, तो उसका भुगतान करें।
  • स्टेप 7: रिटर्न सबमिट करें और तुरंत Aadhaar OTP या नेट बैंकिंग के जरिए इसे e-Verify कर दें।

Sawan First Somwar 2026: सच्ची श्रद्धा के साथ आज दिन में इस समय करें भगवान शिव का जलाभिषेक, जानें विधि और जरूरी नियम

Sawan First Somwar 2026: भगवान शिव के अनेक नामों में से एक नाम ‘भोलेनाथ’ भी है, यानी महादेव अपने भक्त की सच्ची श्रद्धा और संपूर्ण समर्पण चाहते हैं। जो भक्त महादेव की सच्च दिल से आराधना करते हैं, शिव सदा उनके सहायक रहते हैं। भगवान शिव का प्रिय समय यानी सावन का महीना शुरू हो चुका है और आज इस माह का पहला सोमवार है। इस दिन बहुत से भक्त उपवास करते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।

माना जाता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशहाली आती है। आज के दिन छोटे-बड़े सभी शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लग जाती है। आज श्रद्धालु भांग, बेलपत्र, धतूरा और जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और सोमवार का उपवास करते हैं। अक्सर भक्त सावन के सोमवार को महादेव के जलाभिषेक के सही समय को लेकर दुविधा में रहते हैं। ऐसे में आइए जानें भगवान का जलाभिषेक किस समय करना चाहिए।

शिवलिंग जलाभिषेक का समय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह का समय पूजा के लिए सबसे अचछा माना जाता है। इसिलए भगवान का जलाभिषेक सूर्योदय के समय करने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन किसी वजह से सुबह मंदिर नहीं जा पाते ह तो दिन में भी श्रद्धा से पूजा कर सकते है। भगवान शिव के लिए सबसे जरूरी सच्ची श्रद्धा मानी गई है।

पूजा विधि

सुबह स्नानादि के बाद साफ कपड़े पहनें और भगवान शिव का ध्यान करें। शिवलिंग पर साफ जल जढ़ाएं। अगर घर में गंगाजल है तो उसकी कुछ बूंद भी मिला सकते हैं। इसके बाद दूध, बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवायʼ मंत्र का जाप करें। आखिर में आरती करें और भगवान शिव से परिवार की खुशहाली की प्राथना करें।

पूजा के जरूरी नियम

जल्दबाजी में पूजा न करें, पूजा करते समय मन शांत रखें। शिवलंग पर ताजे बेलपत्र और ताजे फूल ही चढ़ाएं। अगर व्रत रख रहे हैं तो अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। मंदिर में साफ-सफाई का ध्यान रखें।

शिव पूजा में ध्यान रखें कि शिवलंग पर तुलसी के पत्ते और केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता। टूटे हुए बेलपत्र, बासी फूल या खराब फल भी भगवान को अर्पित नहीं करने चाहिए। पूजा के दौरान गुस्सा या किसी का अपमान करने से भी बचना चाहिए।

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Urban Company का शेयर बना रॉकेट, 17% तक उछला; मॉर्गन स्टेनली से मिला डबल अपग्रेड

होम सर्विसेज देने वाली अर्बन कंपनी के शेयरों में 3 अगस्त को जबरदस्त तेजी है। बीएसई पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 17.6 प्रतिशत तक उछलकर 152 रुपये के हाई तक गई। कंपनी ने शुक्रवार को अपने वित्तीय नतीजे जारी किए थे। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को कंसोलिडेटेड बेसिस पर 92.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी 6.94 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। इसके बावजूद शेयर में बंपर खरीद हो रही है।

इसकी एक वजह यह है कि तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक की रेटिंग को “अंडरवेट” से डबल अपग्रेड कर सीधा “ओवरवेट” कर दिया है। ब्रोकरेज ने अक्टूबर 2025 में स्टॉक पर अपना कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 128 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसके अलावा कंपनी की InstaHelp सर्विस ने 1 लाख डेली डिलीवर्ड ऑर्डर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।

बता दें कि तिमाही आधार पर कंपनी का घाटा कम हुआ है। मार्च 2026 तिमाही में यह 161.16 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 528.34 करोड़ रुपये रहा। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 367.27 करोड़ रुपये रहा था। कुल खर्च बढ़कर 639.88 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 384.25 करोड़ रुपये के थे।

मार्केट लीडरशिप को प्राथमिकता दे रहा है मैनेजमेंट

अर्बन कंपनी का इंडिया बिजनेस से रेवेन्यू जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत ज्यादा रहा। मार्जिन भी बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया। कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि घाटा ज्यादा बना रहेगा क्योंकि कंपनी आगे बाकी सब चीजों से ज्यादा मार्केट लीडरशिप को प्राथमिकता दे रही है। अर्बन कंपनी के शेयर को 7 सात एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 2 ने “बाय” और 2 ने “सेल” रेटिंग दी है। 3 ने “होल्ड” की सलाह दी है।

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अर्बन कंपनी भारत, UAE, सिंगापुर और सऊदी अरब में एक मल्टी कैटेगरी होम सर्विस प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। इसके प्लेटफॉर्म पर क्लीनिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक वर्क, अप्लायंसेज रिपेयर, ब्यूटी ट्रीटमेंट और मसाज थेरेपी जैसी सर्विसेज मिलती हैं। इसका InstaHelp वर्टिकल बुकिंग के 10-15 मिनट के अंदर सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने और खाना बनाने के लिए लोग मुहैया कराने जैसी सर्विसेज देता है।

सितंबर 2025 में लिस्ट हुई थी Urban Company

अर्बन कंपनी 17 सितंबर 2025 को ​लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,900.24 करोड़ रुपये का था। कंपनी का शेयर शेयर एक सप्ताह में 17 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 19.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 22600 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

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Silver Price Today: चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले जानें अपने शहर के ताजा भाव

Silver Price Today: हफ्ते के पहले दिन सोमवार 3 जुलाई को चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। दिल्ली में चांदी की कीमत में हल्की गिरावट देखने को मिली है। चांदी का भाव 234.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं मुंबई में भी चांदी का भाव 234.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। हालांकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी 10.34 बजे 1.12 फीसदी यानी 2428 रुपये की बढ़त के साथ 2,19,147 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।

इंटरनेशनल मार्केट में कैसी है चाल

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बढ़त देखी जा रही है। सोने का भाव आज 0.24 फीसदी चढ़कर कॉमैक्स पर 4117 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। चांदी 1.04 फीसदी उछलकर 58.385 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹234.90₹23,900₹2,34,900
कोलकाता₹2,350₹24000₹2,35,000
मुंबई₹2,350₹23,500₹2,35,000
चेन्नई₹2,350₹23,500₹2,35,000
पटना₹2,350₹23,500₹2,35,000
लखनऊ₹2,350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2,350₹23,500₹2,35,000
अयोध्या₹2,350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
गाजियाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
नोएडा₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुरुग्राम₹2,350₹23,500₹2,35,000
चंडीगढ़₹2,350₹23,500₹2,35,000
जयपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
लुधियाना₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुवाहाटी₹2,350₹23,500₹2,35,000
इंदौर₹2,350₹23,500₹2,35,000
अहमदाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
सूरत₹2,350₹23,500₹2,35,000
वडोदरा₹2,350₹23,500₹2,35,000
पुणे₹2,350₹23,500₹2,35,000
नागपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
नासिक₹2,350₹23,500₹2,35,000
बैंगलोर₹2,350₹23,500₹2,35,000
भुवनेश्वर₹2,350₹23,500₹2,35,000
रायपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
हैदराबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000

पिछले कारोबारी दिन कैसा रहा चांदी का भाव?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) के स्तर पर स्थिर रही। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पर दबाव देखने को मिला। हाजिर चांदी (स्पॉट सिल्वर) की कीमत लगभग 2% गिरकर 57.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

कहां होगी नजर

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों पर दुनिया भर के कई बड़े इकोनॉमिक डेटा का असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोजोन और जापान के पीएमआई (PMI) आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा अमेरिका के जुलाई महीने के रोजगार के आंकड़े, जैसे नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं अमेरिका-ईरान से जुड़े फैक्टर्स और कच्चे तेल की सप्लाई की स्थिति पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Gold Price Today: सावन के पहले सोमवार को सोना फिसला, दिल्ली में ₹132240 पर आया 22 कैरेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

8th Pay Commission: 3%, 5% और 6% एनुअल इंक्रीमेंट से 5 साल में कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी? समझें लेवल 1 से 3 तक का पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Increment Calculation: पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को बने 9 महीने हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, आयोग साल 2027 की शुरुआत में अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। वेतन आयोग की सिफारिशों में जहां फिटमेंट फैक्टर की सबसे ज्यादा चर्चा है, वहीं सालाना वेतन वृद्धि दर भी कर्मचारियों की सैलरी तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को बेसिक पे का 3% सालाना इंक्रीमेंट मिलता है। हालांकि, विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग से एनुअल इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 5%, 6% या 7% करने की मांग की है। आइए अनुमानित आंकड़ों के जरिए समझते हैं कि इंक्रीमेंट 3%, 5% या 6% होने पर अगले 5 सालों में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ सकती है।

कर्मचारी यूनियनों ने कितने % इंक्रीमेंट की मांग की है?

8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सालाना वेतन वृद्धि की दर में बढ़ोतरी को लेकर अपनी मांगें रखी हैं। इसमें नेशनल काउंसिल ऑफ द जेसीएम (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लाइज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने मौजूदा 3% इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, इंडियन रेलवे सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 5% और ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने 7% वार्षिक इंक्रीमेंट की सिफारिश की है, ताकि लंबी अवधि में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बेहतर बढ़ोतरी हो सके।

लेवल 1 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

7वें पे मैट्रिक्स के अनुसार लेवल 1 की शुरुआती बेसिक पे ₹18,000 है। अलग-अलग इंक्रीमेंट रेट के हिसाब से 5 साल में बेसिक सैलरी का ट्रेंड ऐसा हो सकता है:

लेवल 1 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

लेवल 2 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

लेवल 2 की शुरुआती बेसिक पे ₹19,900 होती है। 5 साल में यह इस प्रकार बढ़ सकती है:

लेवल 2 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

लेवल 3 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

लेवल 3 की शुरुआती बेसिक पे ₹21,700 है। देखिए 5 साल में यह कितनी बढ़ेगी:

लेवल 3 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

बेसिक पे बढ़ने का अलाउंस और पेंशन पर क्या पड़ेगा असर?

सालाना इंक्रीमेंट से केवल टेक-होम सैलरी ही नहीं बढ़ती, बल्कि इससे जुड़े कई अन्य भत्तों में भी कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है:

महंगाई भत्ता (DA) & HRA: डीए और एचआरए की गणना बेसिक पे के प्रतिशत के आधार पर होती है। बेसिक पे ज्यादा होने पर डीए और एचआरए की रकम भी अपने आप बढ़ जाएगी।

NPS / PF योगदान: एनपीएस या प्रोविडेंट फंड में बेसिक+डीए का 10% कटता है, जिससे रिटायरमेंट कॉर्पस मजबूत होगा।

पेंशन और रिटायरमेंट बेनेफिट्स: रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी और पेंशन भी अंतिम बेसिक पे पर निर्भर करती है।

नोट: ये आंकड़े केवल 7वें पे मैट्रिक्स के आधार पर तैयार किए गए अनुमानित कैलकुलेशन हैं। 8वें वेतन आयोग ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

Advance Technoforge Listing ने दिया झटका, 1% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद ₹95 का शेयर आया और नीचे

Advance Technoforge IPO Listing: फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाने वाली एडवांस टेक्नोफॉर्ज की आज BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ही ओवरसब्सक्राइब हो पाया था। आईपीओ के तहत ₹95 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹94.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 1.05% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹90.00 (Advance Technoforge Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.26% घाटे में हैं।

Advance Technoforge IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडवांस टेक्नोफोर्ज का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.43 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.68 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 25,30,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹7.19 करोड़ मौजूदा प्रेमिसेज में प्रिसिजन मशीन कंपोनेंट्स बनाने के लिए मशीनरी की खरीदारी और इंस्टॉलेशन, ₹7.25 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹2.40 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advance Technoforge के बारे में

एडवांस टेक्नोफोर्ज फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाकर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स ऑटोमोटिव, ऑयल एंड गैस इंडस्ट्रीज, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, रेलवे समेत अन्य सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टो हुक असेंबली, रिटेनर प्लेट्स, क्रास मेंबर, कनेक्टिंग रॉड, बोडेन (एंड कैप) इत्यादि हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका मुनाफा सालाना 54% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹4.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी। वित्त वर्ष 2024 में ₹48.24 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹51.15 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में यह ₹50.73 करोड़ पर आ गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹7.19 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CWG 2026 Medal List: ग्लासगो में भारत ने जीते कितने मेडल? देखें गोल्ड-सिल्वर-ब्रॉन्ज की पूरी लिस्ट और मेडल टैली

Commonwealth Games 2026 Medal List: 11 दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का शानदार समापन हो गया है। रविवार 2 अगस्त को एक रंगारंग समापन समारोह के साथ राष्ट्रमंडल खेलों का फ्लैग और बेटन अगले मेजबान देश भारत को सौंप दिया गया। भारतीय दल ने ग्लासगो में कई पारंपारिक और पदक दिलाने वाले खेलों (जैसे शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस) को शामिल न किए जाने के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया है।

2030 में अहमदाबाद करेगा शताब्दी संस्करण की मेजबानी

समारोह के दौरान स्कॉटलैंड के अधिकारियों ने राष्ट्रमंडल खेल संघ का ध्वज और बेटन भारतीय प्रतिनिधियों ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को सौंपा।

वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन भारत के अहमदाबाद शहर में होगा। ये इन खेलों का 100वां यानी शताब्दी संस्करण होगा। भारत इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का सफल आयोजन कर चुका है। इसके साथ ही भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद एक से अधिक बार इन खेलों की मेजबानी करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा।

राष्ट्रमंडल खेल 2026: अंतिम मेडल टैली में टॉप 5 देश

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपना वर्चस्व कायम करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया कुल 171 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जिसमें 70 स्वर्ण, 45 रजत और 56 कांस्य पदक शामिल हैं। इंग्लैंड ने 29 स्वर्ण, 45 रजत और 36 कांस्य पदक जीतकर कुल 110 पदकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि कनाडा 19 स्वर्ण, 20 रजत और 23 कांस्य मिलाकर कुल 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

भारत के खाते में आए 39 मेडल

भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों के साथ कुल 39 मेडल जीतकर तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। मेजबान स्कॉटलैंड ने भी कुल 39 पदक जीते। लेकिन उसके खाते में 13 स्वर्ण, 9 रजत और 17 कांस्य पदक आए। भारत के पास स्कॉटलैंड से अधिक रजत पदक (17) होने के कारण भारतीय दल पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहे स्कॉटलैंड से ऊपर चौथे स्थान पर रहा।

खेलों में भारत का प्रदर्शन: बॉक्सिंग का रहा दबदबा

भारतीय एथलीटों ने मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा स्पोर्ट्स और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन किया। मुक्केबाजी भारत का सबसे सफल खेल रहा, जिसने कुल 10 पदक दिलाए (7 स्वर्ण और 3 रजत)। ट्रैक एंड फील्ड और पैरा एथलीट्स ने कई ऐतिहासिक पदक जीते। जूडोकाओं ने अहम पदक जोड़े, जबकि वेटलिफ्टरों ने भारत के मेडल खाते को मजबूती दी। हालांकि जुडोका तुलिका मान को एंटी-डोपिंग नियमों के तहत सस्पेंड होने के कारण खेलों से बाहर होना पड़ा, जो भारत के लिए एक शुरुआती झटका था।

CWG 2026: भारत के पदक विजेताओं की पूरी लिस्ट

1- बॉक्सिंग (Boxing) – 10 मेडल (7 Gold, 3 Silver)

गोल्ड: प्रीति पवार (महिला 51 किग्रा)

गोल्ड: साक्षी चौधरी (महिला 54 किग्रा)

गोल्ड: जैस्मिन लंबोरिया (महिला 57 किग्रा)

गोल्ड: प्रिया घनघस (महिला 60 किग्रा)

गोल्ड: अरुंधति चौधरी (महिला 66 किग्रा)

गोल्ड: सचिन सिवाच (पुरुष 55 किग्रा)

गोल्ड: अंकुश पंघाल (पुरुष 65 किग्रा)

सिल्वर: लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किग्रा)

सिल्वर: जादुमणि सिंह (पुरुष 50 किग्रा)

सिल्वर: नरेंद्र बेरवाल (पुरुष +90 किग्रा)

2- पैरा एथलेटिक्स – 6 मेडल (3 Gold, 2 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: शर्मीला ढाका (महिला शॉट पुट F57)

गोल्ड: दिलीप गावित (पुरुष 100 मीटर T47)

गोल्ड: सोमन राणा (पुरुष शॉट पुट F57)

सिल्वर: मोहम्मद बासिल (पुरुष 100 मीटर T47)

सिल्वर: शुभम जुयाल (पुरुष शॉट पुट F57)

कांस्य: शिल्पा शैला (महिला शॉट पुट F57)

3- जूडो – 4 मेडल (2 Gold, 1 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा)

गोल्ड: हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा)

सिल्वर: यामिनी मौर्या (महिला 57 किग्रा)

कांस्य: उन्नति शर्मा (महिला 63 किग्रा)

4- भारोत्तोलन – 8 मेडल (1 Gold, 6 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: सायखोम मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा)

सिल्वर: ऋषिकान्त सिंह (पुरुष 60 किग्रा)

सिल्वर: मुथुपंडी राजा (पुरुष 65 किग्रा)

सिल्वर: ज्ञानेश्वरी यादव (महिला 53 किग्रा)

सिल्वर: वल्लूरी अजय बाबू (पुरुष 79 किग्रा)

सिल्वर: हरजिंदर कौर (महिला 69 किग्रा)

सिल्वर: लवप्रीत सिंह (पुरुष +110 किग्रा)

कांस्य: बिंद्यारानी देवी (महिला 58 किग्रा)

5- एथलेटिक्स – 10 मेडल (5 Silver, 5 Bronze)

सिल्वर: नीरज चोपड़ा (पुरुष भाला फेंक / Javelin Throw)

सिल्वर: मुरली श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद / Long Jump)

सिल्वर: प्रवीण चित्रवेल (पुरुष ट्रिपल जंप / Triple Jump)

सिल्वर: सर्वेश अनिल कुशारे (पुरुष ऊंची कूद / High Jump)

सिल्वर: गुलवीर सिंह (पुरुष 10,000 मीटर दौड़)

कांस्य: यशवीर सिंह (पुरुष भाला फेंक / Javelin Throw)

कांस्य: सेल्वा प्रभु थिरुमारन (पुरुष ट्रिपल जंप / Triple Jump)

कांस्य: गुलवीर सिंह (पुरुष 5,000 मीटर दौड़)

कांस्य: तेजस्विन शंकर (पुरुष डेकाथलॉन / Decathlon)

कांस्य: सीमा कालीरामना (महिला डिस्क थ्रो / Discus Throw)

6 – पैरा पावरलिफ्टिंग – 1 मेडल (1 Bronze)

कांस्य : झंडू कुमार (पुरुष हैवीवेट)

ग्लासगो 2026 के सफल समापन के बाद अब भारतीय खेल जगत की निगाहें 2030 अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों पर टिक गई हैं।

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खुद को जानो! सुकरात का वह सिद्धांत, जिसे बूढ़े होने से पहले हर इंसान को अपनाना चाहिए

ज्यादातर लोग सुकरात को सिर्फ महान फिलोसोफर मानते हैं, उनका मानना था कि मजबूत दिमाग के साथ मजबूत शरीर भी उतना ही जरूरी है। उनका यह विचार आज भी हमें याद दिलाता है कि अपनी क्षमता को पहचानना और खुद को एक अच्छा इंसान बनाना खुद की जिम्मेदारी है।

सुकरात का आज का विचार (Socrates’ Thought of the Day)

सुकरात का कहना था कि हर इंसान को अपने शरीर का ध्यान रखना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति अपनी ताकत और क्षमता को जाने बिना बूढ़ा हो जाए, तो यह दुख की बात है। उनका यह विचार सिर्फ अच्छी बॉडी बनाने के बारे में नहीं था, बल्कि अपने शरीर को हेल्दी और मजबूत रखने के बारे में था। जैसे हम पढ़ाई और काम में मेहनत करते हैं, उसी तरह शरीर के लिए भी समय निकालना भी जरूरी है।

फिटनेस नहीं, जिम्मेदारी (More Than Fitness)

सुकरात कहते है कि फिट रहना सिर्फ अच्छा दिखने के लिए नहीं है। यह हमारी अपनी जिम्मेदारी भी है। अगर शरीर हेल्दी रहेगा, तो रोज के काम आसानी से होंगे, कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और जीवन भी खुशनुमा होगा। इसलिए सेहत को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

शरीर और दिमाग साथ-साथ (Mind & Body Connection)

सुकरात मानते थे कि शरीर और दिमाग एक-दूसरे से जुड़े हैं। अगर शरीर हेल्दी रहेगा, तो मन भी अच्छा रहेगा और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी। वहीं, अगर शरीर कमजोर होगा तो इसका असर कॉन्फिडेंस और काम करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। इसलिए दोनों का बराबर ध्यान रखना जरूरी है।

अपनी ताकत पहचानें (Discover Your Potential)

हर इंसान के अंदर कोई न कोई खास क्षमता होती है। सुकरात कहते है कि हमें अपनी इस क्षमता को पहचानना चाहिए और उसे आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। अगर हम कोशिश ही नहीं करेंगे, तो हमें कभी पता नहीं चलेगा कि हम क्या-क्या कर सकते हैं।

अनुशासन की अहमियत (Power of Discipline)

सुकरात का मानना था कि अच्छी आदतें इंसान को आगे बढ़ाती हैं। रोज थोड़ी एक्सरसाइज करना, नई चीजें सीखना और टाइम का सही उपयोग करना ये सब बातें आगे चलकर बड़ी सक्सेस दिलाती हैं। डिसिप्लिन इंसान को मजबूत और बेहतर बनाता है।

सिर्फ दार्शनिक नहीं, सैनिक भी थे (Socrates as a Soldier)

सुकरात सिर्फ ज्ञान की बातें नहीं करते थे, बल्कि उन्होंने खुद भी कठिन जीवन जिया था। पेलोपोनेसियन युद्ध में सैनिक रहे और मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया। यही वजह है कि वे शारीरिक ताकत और डिसिप्लिन को बहुत महत्व देते थे।

सवाल पूछकर सिखाते थे (Socratic Method)

सुकरात लोगों को सीधे जवाब नहीं देते थे देने के बजाय बल्कि इनसे सवाल पूछते थे। उनका मानना था कि जब इंसान खुद से जवाब ढूंढता है, तभी वह सही मायने में सीखता है। आज भी कई स्कूलों, कॉलेजों और लॉ कॉलेजों में इस तरीके का उपयोग किया जाता है।

खास है यह सीख (Still Matters Today)

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम और मोबाइल में इतने बिजी हो जाते हैं कि अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते। तब सुकरात की यह सीख पहले से भी ज्यादा जरूरी लगती है। उनका मैसेज है कि अच्छा जीवन जीने के लिए सिर्फ पैसा या सफलता नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवन भी जरूरी है।

Maruti Suzuki Dividend: ₹140 के फाइनल डिविडेंड के लिए रहें तैयार, पात्र बनने के लिए 7 अगस्त से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर

देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 140 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 135 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। मारुति सुजुकी के शेयर की कीमत शुक्रवार, 31 जुलाई को BSE पर 14239.40 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 4.47 लाख करोड़ रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.65 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक सप्ताह में 6 प्रतिशत चढ़ा है। साल 2026 में अब तक कीमत करीब 15 प्रतिशत नीचे आई है।

जून तिमाही में Maruti Suzuki का मुनाफा 9 प्रतिशत घटा

मारुति सुजुकी इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.11 प्रतिशत घटकर 3,446.9 करोड़ रुपये रहा। कच्चे माल की लागत समेत कुल खर्च बढ़ने से कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ा। एक साल पहले मुनाफा 3,792.4 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 36 प्रतिशत बढ़कर 52,469.8 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 38,605.2 करोड़ रुपये था। कुल खर्च बढ़कर 50,000.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 35,585.4 करोड़ रुपये के थे।

जुलाई में रिकॉर्ड वाहन उत्पादन

मारुति सुजुकी इंडिया ने जुलाई 2026 में अपना रिकॉर्ड मासिक उत्पादन देखा। जुलाई में कंपनी ने सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,48,845 वाहनों का उत्पादन किया। एक साल पहले आंकड़ा 1,87,073 यूनिट था। कंपनी का इससे पहले का सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन रिकॉर्ड मार्च, 2026 में बना था। उस वक्त इसने 2,31,933 वाहनों का उत्पादन किया था।

हर शेयर पर मिलेगा ₹270 का शानदार डिविडेंड, 4 अगस्त रिकॉर्ड डेट; स्टॉक 3 महीनों में 14% चढ़ा

मारुति सुजुकी की जुलाई महीने में कुल बिक्री सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 2,41,421 यूनिट रही। एक साल पहले यह 1,80,526 यूनिट थी। देश के अंदर कंपनी के पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 43.4 प्रतिशत बढ़कर 1,96,203 यूनिट हो गई। जुलाई 2025 में यह 1,37,776 यूनिट थी। हल्के कमर्शियल व्हीकल्स को शामिल करने पर कुल घरेलू बिक्री 2,00,123 यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।