श्रीलंका ने किला लड़ाकर किया कोलंबो टेस्ट ड्रॉ लेकिन भारत ने सीरीज 1-0 से जीती

Sonal Dinusha

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनूशा और पुछल्ले बल्लेबाजों ने पांचवे दिन कमाल का संघर्ष दिखाते हुए मैच ड्रॉ करा लिया। 229 पर 6 विकेट खोकर अंतिम दिन  श्रीलंका की टीम ने बारिश का इंतजार नहीं किया और पूरे दिन बल्लेबाजी की। श्रीलंका की टीम ने 429 रन 9 विकेट गंवाए।

इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शतकवीर सोनल दिनूशा से हाथ मिला लिया। श्रीलंका के सोनल दिनुशा शुरु से अंत तक आउट नहीं हुए और उन्होंने 251 गेंदों में नाबाद 131 रन बनाए।

हालंकि यह सीरीज भारत के नाम रही क्योंकि गॉल टेस्ट भारत ने 300 रनों के अंतर से जीता था। लेकिन यह टेस्ट ना जीत पाने के कारण भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंकतालिका में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस चक्र में यह भारत का दूसरा ड्रॉ मैच है।

श्रीलंका ने ड्रॉ की नीव पहले सत्र में ही डाल दी थी जब टीम ने 29 ओवर में बिना विकेट खोए 100 रन बना लिए थे। दूसरे सत्र में टीम ने 2 विकेट गंवाए जिसके कारण टीम बहुत धीमे खेली और 31.2 ओवर में सिर्फ 54 रन बनाए। अंतिम सत्र में टीम ने 46 रन बनाए और सिर्फ एक विकेट गंवाया।

पैर में जकड़न से जूझने के बावजूद दिनुशा ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए नाबाद 133 रन की पारी के दौरान 264 गेंद का सामना किया और भारत को जीत से वंचित कर दिया। उन्होंने अपनी पारी में और आठ चौके और दो छक्के जड़े। कल के नाबाद सात रन से आगे खेलते हुए दिनुशा ने स्वीप शॉट का शानदार तरीके से इस्तेमाल किया और भारतीय गेंदबाजों को अंतिम दिन पूरी तरह से बेअसर साबित किया।

दिनुशा की अगुआई में श्रीलंका ने दूसरी पारी में जब 154 ओवर में 9 विकेट पर 429 रन बनाए थे तब दोनों टीम मैच ड्रॉ कराने पर सहमत हो गईं। इस समय श्रीलंका को 216 रन की बढ़त हासिल थी।श्रीलंका ने छठा विकेट निरोशन डिकवेला के रूप में 65वें ओवर में गंवा दिया था जिसके बाद दिनुशा ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ 89 ओवर से अधिक बल्लेबाजी करके भारत की जीत हासिल करने की उम्मीदों को ध्वस्त किया।

दिनुशा और केशारा नुवांता (46 रन, 150 गेंद) ने सातवें विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की दौरान 246 गेंद का सामना किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इसके बाद लाहिरू कुमारा (12 रन, 90 गेंद) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी के दौरान भी मिलकर 170 गेंद खेली जिससे भारत की जीत हासिल करने की रही सही उम्मीद भी टूट गई।

भारत की ओर से रविंद्र जडेजा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और सारांश जैन ने एक-एक विकेट चटकाया।भारत ने इससे पूर्व अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम दिनुशा के 103 रन के बावजूद 290 रन पर सिमट गई थी और उसे फॉलोआन के लिए मजबूर होना पड़ा था।

भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा।

भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए।

स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे।श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे।

पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे।

पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया।

जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया।लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा।

दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी।जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा।

दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया।कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।

कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से मुश्किल हुआ WTC Final का सपना अब हर सीरीज नॉकआउट

INDvsSL श्रीलंका ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ  करावाकर भारत की स्थित विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 में मुश्किल कर दी है। भारत ने भले ही यह सीरीज 1-0 से जीत ली है लेकिन अब उसको आने वाले दोनों सीरीज के लगभग सारे मैच जीतने होंगे। ज्यादा से ज्यादा टीम एक ड्रॉ और खेल सकती है लेकिन हार उसे अंक तालिका में और भी नीचे गिरा देगी। फिलहाल टीम 51.51 की जीत प्रतिशत से पांचवे पायदान पर खड़ी है।

यह इस चक्र में भारत का दूसरा ड्रॉ है। पहला ड्रॉ इंग्लैंड के खिलाफ हुआ था। कुल मिलाकर भारत की 5 जीत 4 हार और 2 ड्रॉ हैं। तालिका में 2 ड्रॉ का असर एक हार जैसा होता है। इस कारण भारत की यह पांचवी हार भी कही जा सकती है।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 11
जीत 5
हार 4
ड्रॉ 2
अंक प्रतिशत 51.51

आगामी सीरीज़:

न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 7 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे।  ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

इसका मतलब है 5 जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या 7 जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था।

5 जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि 7 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

श्रीलंका का अंगद, भारतीय टीम के सामने जमाया 2 टेस्ट में तीसरा शतक

Sonal Dinusha

INDvsSL 2 टेस्ट की 3 पारियों में 3 शतक लगाने वाले सोनल दिनूशा ने भारतीय गेंदबाजों के सामने अंगद का पैर जमा लिया और 2 टेस्ट में तीन शतक लगा डाले। कोलंबो टेस्ट में भारतीय गेंदबाजो के सामने दोनों पारियों में उन्होंने शतक जमाया पहली पारी में उन्होंने 102 रन बनाए। आज 7 रनों के सांयकाल निजी स्कोर पर खेलने उतरे सोनल दिनूशा ने पहले सत्र में अर्धशतक और तीसरे सत्र में शतक जमा लिया।

ऐसा प्रदर्शन करके सोनल दिनूशा ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। किसी भी दो टेस्ट में तीन शतक जमाने वाले वह दूसरे बल्लेबाज बने। ऐसा पहले भारत के खिलाफ 1997 में अरविंद डिसिल्वा ने किया था।साल 2022 के बाद यह पहली बार है जब भारत के खिलाफ किसी बल्लेबाज ने दोनों पारियों में शतक लगाया हो।

सोनल दिनूशा ने 2 टेस्ट की सीरीज में न्यूनतम स्कोर 84 रनों का रहा है। यह ही वह पारी थी जब वह शतक नहीं लगा सके। सोनल दिनूशा ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में भी शतक लगाकर भारतीय टीम को फॉलोऑन नहीं देने दिया था हालांकि कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में उनका यह प्रयास विफल गया।सोनल दिनूशा पहली बार भारत के सामने खेल रहे हैं और वह 3 टेस्ट शतक लगा चुके हैं। ट्रेविस हेड को इतने शतक लगाने के लिए भारत के खिलाफ 4 सीरीज खेलनी पड़ी थी।

सोनल दिनूशा ने कोलंबो टेस्ट मैच के चौथे दिन भी अपना शतक पूरा किया और पांचवे दिन भी यह बताता है कि उनकी फिटनेस किस स्तर की है। अपने इस प्रदर्शन  के कारण वह इस भारत बनाम श्रीलंका सीरीज के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बन कर उभरे हैं। दो पारियों में दो शतक लगाने के कारण वह मैन ऑफ द मैच के हकदार बन गए हैं।

बाढ़ के बीच में भी नेपाल की क्रिकेट टीम ने मैच जीतकर जनता को ढांढस बंधाई

नेपाल में बाढ़ ने मुश्किल हालत पैदा कर दी है लेकिन इसके बावजूद टीम ने अपने घरवालों की चिंता के बीच मलेशिया से खेले गए अभ्यास मैच में जीत अर्जित कर पूरे देश का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। गौरतलब है कि नेपाल में आई बाढ़ के कारण कुल 177 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

मैच की बात करें तो नेपाल ने दूसरे अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच में मलेशिया पर 27 रनों से जीत अर्जित की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उसने 41.4 ओवरों में 170 रन बनाए। मलेशिया भी नेपाल के खिलाफ बल्ले से औसत खेल भी नहीं खेल पाई और 40.1 ओवर में 143 रन बनाकर आउट हो गई।

यह जीत क्रिकेट से ज्यादा देश के लिए है क्योंकि नेपाल नाजुक हालत से गुजर रहा है।गौरतलब है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित उत्तरी रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आए भयंकर सैलाब और लैंडस्लाइड में 1500 से अधिक लोग लापता है। वहीं इस आपदा में बड़ी संख्या में भारतीय भी लापता है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर कई तीर्थ यात्रियों के लापता होने की जानकारी भी सामने आ रही है।

नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की प्रमुख इकाई राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) ने शुरुआती सैटेलाइट आधारित रिसर्च किया है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों से प्राप्त तस्वीरों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने तबाही के पैमाने का आकलन किया और उन घटनाओं को समझने की कोशिश की, जिनके कारण हाल के सालों में हिमालयी क्षेत्र की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक सामने आई।


सहवाग और द्रविड़ के बेटे को साथ में मिला टीम में मौका, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ चयन

वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना खासा पसंद था। अब इन दोंनों क्रिकेटरों के बेटें को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही डेब्यू करने का मौका दिया जा रहा है। आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ को मार्च में होने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 अंडर 19  एकदिवसीय सीरीज में भारतीय टीम के लिए चुना गया है। यह  मैच राजकोट और अहमदाबाद में खेले जाएंगे। तीनों एकदिवसीय और पहला बहुदिवसीय मैच राजकोट में खेला जाएगा, जबकि दूसरा बहुदिवसीय मुकाबला अहमदाबाद में होगा।

अन्वय द्रविड़ एक विकेटकीपर की हैसियत से इस टूर्नामेंट में खेलेंगे जिसमें कप्तान लक्ष्य रायचंदानी होंगे। यशवर्धन सिंह चौहान को लंबे प्रारूप के मुकाबलों के लिए कप्तान बनाया गया है। आर्यवीर सहवाग एक बल्लेबाज के तौर पर टीम में चुने गए हैं। इससे पहले यह दोनों खिलाड़ी 3 साल पहले रणजी ट्रॉफी में आमने सामने हुए थे और अब दोनों साथ में खेलेंगे।

द्रविड़ के बड़े बेटे, समित द्रविड़, जो 20 वर्ष के हैं उन्हें भी 2024 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के ख़िलाफ़ खेलने के लिए इंडिया अंडर-19 टीम में चुना गया था, लेकिन घुटने की चोट के कारण वह बाहर हो गए थे। समित ने कर्नाटक की टी20 लीग, महाराजा टी20 ट्रॉफ़ी में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अंडर-19 टीम में जगह बनाई थी।

भारत अंडर-19 एकदिवसीय टीम: लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशवर्धन चौहान, रजत बघेल, आर्यवीर सहवाग, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़, वी यशवीर, रोहित यादव, शाविन विनोद, मोहित उलवा, चिगुरुपति वेंकट और काव्या पटेल।

भारत अंडर-19 बहुदिवसीय टीम:यशवर्धन चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी, सागर विर्क, कुशाग्र ओझा, मनाल चौहान, कुश पटेल, मानव कृष्णा, अभिप्राय बिस्वास, रोहित यादव, ईशान ओम, अयान अकरम, प्रणव राघवेंद्र, प्रियांशु सिंह, मोहित उलवा और आर्यन यादव।

2 दिन के अंदर बिक गए 26 हजार टिकट, INDvsNZ सीरीज को लेकर उत्साह चरम पर

भारत के लाल और सफेद गेंद की क्रिकेट सीरीज के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है और मेजबान क्रिकेट बोर्ड द्वारा सदस्यों के लिए शुरू की गई टिकटों की बिक्री के शुरुआती 48 घंटे में 26,000 टिकट बिक गए।अक्टूबर में शुरू होने वाला 12 मैच का यह दौरा न्यूजीलैंड क्रिकेट के ‘क्रिकेट नेशन’ सदस्यों के लिए सोमवार को शुरू हुई टिकट बिक्री में अब तक का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है।

ऑकलैंड के ईडन पार्क में होने वाले सीमित ओवर के मुकाबलों के टिकटों की बिक्री सबसे तेज रही है। क्राइस्टचर्च और वेलिंगटन में भी टिकटों की अच्छी मांग सामने आई है।

नौ हजार दर्शकों की क्षमता वाले हेगले ओवल में 22 और 24 अक्टूबर को होने वाले शुरुआती दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के अलावा 27 नवंबर से एक दिसंबर तक होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट के भी खचाखच भरने की उम्मीद है।    वेलिंगटन में होने वाले तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय और दूसरे एकदिवसीय मैच के टिकटों की बिक्री भी शुरुआती चरण में मजबूत रही है। बेसिन रिजर्व में 19 नवंबर से पहला टेस्ट खेला जाएगा।

न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुख्य विपणन एवं वाणिज्यिक अधिकारी ग्लेन क्रिचली ने कहा कि प्रशंसकों ने समय रहते टिकट सुरक्षित करने की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

न्यूजीलैंड क्रिकेट ने किचली के हवाले से कहा, ‘‘शुरू से ही हमारा संदेश प्रशंसकों के लिए यही रहा है कि वे पहले से तैयारी कर लें जिससे कि टिकट से वंचित नहीं रह जाएं और पहले दो दिनों में रिकॉर्ड बिक्री से साबित होता है कि कई लोगों ने हमारी बात सुनी है।’’

उन्होंने कहा कि भारत से जुड़े क्रिकेट मुकाबलों का रोमांच महसूस करने और दुनिया के कुछ सबसे बड़े खेल सितारों को प्रतिस्पर्धा करते देखने का यह न्यूजीलैंड के प्रशंसकों के लिए दुर्लभ अवसर है।क्रिचली ने कहा कि टिकटों की कीमत पिछले सत्र के समान रखी गई है और ‘क्रिकेट नेशन’ के प्रवेश कोड का इस्तेमाल करने पर एक टिकट 30 न्यूजीलैंड डॉलर से कम में उपलब्ध है।

आम दर्शकों के लिए टिकटों की बिक्री सात सितंबर से शुरू होगी। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा कि प्रशंसक ‘क्रिकेट नेशन’ के लिए पंजीकरण कर पूर्व बिक्री का लाभ उठा सकते हैं और 15 प्रतिशत की छूट प्राप्त कर सकते हैं।

कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन के बाद श्रीलंका ने खुद को पारी की हार से बचाया

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन ना बचाने के बाद श्रीलंका ने मैच को अंतिम दिन तक खींच लिया है। श्रीलंका ने आज सुबह 290 रनों पर सिमट जाने के बाद फॉलोऑन बचाने के लिए 14 रन पीछे रह गई। इसके बाद चौथे दिन स्टंप्स तक 6 विकेट खोकर 229 रन बना गई। श्रीलंका कुल 213 रनों से पीछे थी लेकिन उसने सुनिश्चित किया कि घरेलू दर्शकों के सामने पारी की हार ना मिले।

पहली पारी में 290 रन पर सिमटने वाली श्रीलंका के लिए स्टंप तक सोनल दिनुशा सात रन और केशारा नुवांथा तीन रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।भारतीय गेंदबाजों में मानव सुथार ने दो जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा ने एक एक विकेट झटका।

श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। उदारा एक गैरजिम्मेदार शॉट खेलकर जल्द रवाना हो गए। मिशारा भी 32 रन पर आउट हो गए। इसके बाद पसिंदू और कमिंडू ने श्रीलंकाई पारी को संभाला अंत में फॉर्म में आए कमिंडू की विकेट प्रसिद्ध कृष्णा ने चटकाया और 115 रनों की साझेदारी पर विराम लगाया।

चायकाल तक श्रीलंका 190 रनों पर 3 विकेट खोकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी लेकिन 9 रनों के भीतर 3 विकेटों से भारत को जीत की सुगंध आने लग गई। अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे पसिंदु सूर्यबंदारा पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी शतक के पास पहुंचकर आउट हो गए। 82 रन बनाने वाले पसिंदू इस बार 92 रनों पर स्टंप्स आउट हुए। 

यशस्वी जायसवाल को सस्ते में छोड़ने पर संजय मांजरेकर ने ट्वीट कर दिखाई नाराजगी

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से जुड़े अनुशासनहीनता के मामलों से निपटने के तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की आलोचना की है।उन्होंने कहा कि यह दोनों संस्थाएं नरम रवैया अपना रही हैं जिससे खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, ‘‘आईसीसी और बीसीसीआई, वैभव ने हाल ही में भारत ​​ए के लिए और अब जायसवाल ने (अनुशासनहीनता दिखाई है)। अगर आप उनका इस तरह के व्यवहार में बचाव करते रहेंगे तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उनके भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।’’

कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई कहासुनी के लिए जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दोनों को एक-एक डिमेरिट अंक भी दिया गया।भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया जिसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई थी।जून में 15 वर्षीय बल्लेबाज सूर्यवंशी भारत ए की तरफ से खेलते हुए श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ तीखी बहस में उलझ गए थे और हाथापाई की नौबत तक आ गई थी।

हालांकि इससे पहले भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी कहा था कि यशस्वी जायसवाल को अशिता फर्नाडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए। सितांशु कोटक ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाज़ ने कुछ कहा और यह जोश-जोश में हुआ। ज़ाहिर है, यशस्वी को उनके इतना करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जोश-जोश में ऐसा हो जाता है।”

श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ी कोच रयान वैन नीकेर्क की राय भी कुछ ऐसी ही थी। उन्हें लगा कि यह कड़े मुकाबले वाले दिन का हिस्सा था और उन्होंने इसे “भावनाओं के उबाल” का नतीजा बताया। “देखिए, टेस्ट क्रिकेट मुश्किल होता है, है ना? जब आप भारत जैसी टीम के खिलाफ खेल रहे हों, तो आप बस पीछे हटकर गेंदबाजी नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमारी तरफ से, हमें हर समय चुनौती पेश करनी होगी और कुछ न कुछ करने की कोशिश करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा,”इसलिए, मेरे नजरिए से, मैंने गेंदबाजों से आगे बढ़कर कुछ करने को कहा है। शायद तीखी बातें भावनाओं के उबाल का नतीजा हैं। मैं इसे मैच रेफरी पर छोड़ता हूं कि वे इसे कैसे देखते हैं।”

इस ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने छीन लिया जसप्रीत बुमराह के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज का ताज

Jasprit Bumrah

बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।

इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं।

स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था।

बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे।

बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।

संजय बांगर की बेटी Anaya Bangar Australia के लिए खेलेगी? Cricket Australia की मंजूरी के बाद जानें क्या है पूरा रास्ता

पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अगर वह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहती हैं, तो उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

 

अनाया मुंबई की एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी मुंबई के लिए क्रिकेट खेल चुकी हैं।

 

 'मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी'

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने के बाद अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।

 

 “यह मेरे लिए बहुत खास दिन है, खासकर यह जानने के बाद कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया, जिसने मुझे एक और मौका दिया।”

 

अनाया ने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके जवाब में 20 जुलाई को उन्हें बताया गया कि वह तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।

 

 

 

 

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 मार्च 2027 तक कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।

 

“मार्च 2027 तक आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए पात्र हैं। चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इस फैसले का आपकी इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

 

यानी अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी लेवल पर महिला क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट समेत अन्य शर्तों पर निर्भर होगी।

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से नीचे होना चाहिए। मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।

 

 “मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आपकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट उपलब्ध कराएं, जिसमें यह पुष्टि हो कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम है और आप नीति में तय पात्रता की अन्य सभी शर्तों को पूरा करना जारी रखती हैं।”

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 ICC का ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या नियम है?

 

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जिन्होंने पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी का अनुभव किया है, एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते।

 

भारत में हालांकि इस तरह के मामले को लेकर BCCI की अभी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने *द इंडियन एक्सप्रेस* से कहा कि बोर्ड ने ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट खेलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

 

“जहां तक ICC की बात है, उसने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। BCCI ने अभी यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए। चूंकि यह पहली बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी इस पर कोई रुख तय नहीं किया है। खास तौर पर घरेलू क्रिकेट में उन्हें खेलने की अनुमति देने को लेकर।”

 

अनाया ने बताया, कैसे मिली क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी

 

अनाया ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले को विस्तार से देखा। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।

 

उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी रिपोर्ट भी देखी। अनाया के मुताबिक, बोर्ड ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम के जरिए उनके मामले की समीक्षा की।

 

 “मेरी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और बाकी सभी जानकारी सामने आने के बाद भी BCCI की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम बनाई।”

 

 “मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया और उन्होंने निष्पक्षता और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए मुझे खेलने की मंजूरी दी। उन्होंने मुझसे मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और टेस्टोस्टेरोन टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेरी सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की वह रिपोर्ट भी मांगी, जिसे मैंने एक साल से ज्यादा समय पहले सार्वजनिक किया था।”

 

अनाया ने आगे कहा कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो उनके पास WBBL में खेलने का मौका हो सकता है।

 

 “अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं अच्छा प्रदर्शन करती हूं, तो मेरे पास WBBL में खेलने का मौका होगा।”

 

हार्मोन थेरेपी पर रिसर्च का भी हिस्सा बनी थीं अनाया

 

अनाया इससे पहले मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में हार्मोन थेरेपी के दौरान उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, हार्मोन और ग्लूकोज लेवल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया गया था।

 

उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए BCCI और ICC के प्रतिनिधियों से भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की थी। अनाया का कहना रहा है कि ऐसी नीतियां पुराने विचारों के बजाय वैज्ञानिक डेटा और रिसर्च पर आधारित होनी चाहिए।

 

 अभी क्लब की तलाश में अनाया

 

जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए एक क्लब की तलाश भी कर रही हैं, जहां से वह कम्युनिटी क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू कर सकें।

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा कदम बताया।

 

 “मैं सच में यकीन नहीं कर पा रही थी कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उसकी प्रगतिशील व समावेशी नीतियों की वजह से यह संभव हुआ है। ये नीतियां ट्रांस महिलाओं के लिए महिला खेलों में निष्पक्षता और समावेश पर ध्यान देती हैं।”

 

 “यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा पड़ाव है, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें या तो खेल चुनना पड़ता है या फिर जेंडर ट्रांजिशन का विकल्प चुनना पड़ता है।”