अगले महीने इस टूर्नामेंट में होने वाला है INDvsPAK का एकदिवसीय मैच

एशियाई खेल में भारत ने पाकिस्तान को मात देकर गोल्ड मेडल जीता और भारतीय महिलाओं ने कुछ महीने पहले पाकिस्तान को एशिया कप में 7 विकेटों से हराया। अब बारी है अंडर 19 टीम की जो पाकिस्तान से एशिया कप में 2-2 हाथ करने को तैयार है।

एशियाई क्रिकेट काउंसिल ने अंडर 19 टीम एशिया कप 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। युवा खिलाड़ियों का यह टूर्नामेंट 50 ओवरों का होगा जिसमें 8 टीमें शामिल होगी। इस टूर्नामेंट का मेजबान देश ओमान होगा।

5 नवंबर को शुरु होने वाले इस टूर्नामेंट का फाइनल 14 नवंबर को खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश के अलावा नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, अफगानिस्तान और मलेशिया भाग लेगी।

मेजबान टीम इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाएगी। टूर्नामेंट के सभी मैट ओमान मस्कट स्थित ओमान क्रिकेट अकादमी (OCA) के ग्राउंड-1 और ग्राउंड-2 पर खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में डबर हेडर मुकाबले भी खेले जाएंगे। सभी मुकाबले दिन की रोशनी में खेले जाएंगे क्योंकि दिन रात्रि मैच के लिए फ्लड लाइट की व्यवस्था नहीं है।

गौरतलब है कि एशिया कप की तरह ही अंडर 19 एशिया कप में भारत का दबदबा रहा है। भारतीय युवा क्रिकेटरों ने इसको रिकॉर्ड 8 बार जीता है। वहीं पाकिस्तान ने पिछले साल पाकिस्तान ने समीर मिन्हास के बड़े शतक की बदौलत भारत को 191 रनों से कड़ी शिकस्त दी थी। तब भारत के लिए सलामी बल्लेबाजी वैभव सूर्यवंशी कर रहे थे और कप्तान आयुष म्हात्रे थे जिन्होंने इस टूर्नामेंट के ठीक बाद अंडर 19 विश्वकप जीता।

भारत का पूरा कार्यक्रम

6 नवंबर 2026 को भारतीय टीम अपने पहले ग्रुप मैच में नेपाल के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।

8 नवंबर 2026 को भारतीय टीम का सामना अपने चिर-प्रतिद्वंदी और मौजूदा चैंपियन पाकिस्तान से होगा।

10 नवंबर 2026 को ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में भारत की टक्कर संयुक्त अरब अमीरात टीम से होगी।

ग्रुप स्टेज में इस प्रकार है टीमें

टूर्नामेंट की 8 टीमों को दो अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है।

ग्रुप-A में भारत, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल।

ग्रुप-B में बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका और मलेशिया।

श्रीलंका ने इस विकेटकीपर को चुना अपना ऑल फॉर्मेट कप्तान

Kusal Mendis

भारत के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में चोटिल होकर बाहर हो गए विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस श्रीलंका टीम के अगले टेस्ट कप्तान होंगे। गौरतलब है कि श्रीलंका के टेस्ट कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने गुरुवार को तुरंत प्रभाव से टेस्ट कप्तान का पद छोड़ दिया जिसके बाद कुसल मेंडिस को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

अगले महीने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट की श्रृंखला कप्तान के रूप में मेंडिस की पहली श्रृंखला होगी। मेंडिस पहले ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और T20I अंतरराष्ट्रीय टीम की अगुआई कर रहे हैं।

श्रीलंका के लिए 31 वर्षीय मेंडिस ने 75 टेस्ट सहित कुल 343 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं।अब उनको लाग गेंद की क्रिकेट की जिम्मेदारी भी दी गई है। चोट से पहले मेंडिंस का बल्ले से  फॉर्म ठीक नहीं  रहा। टीम ने ना केवल भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से गंवाई बल्कि वेस्टइंडीज से भी एक मैच हारा। ऐसे में श्रीलंका की टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में सातवें स्थान पर है।

डिसिल्वा ने पद छोड़ते हुए कहा था कि अब अगली पीढी को बागडोर सौंपने का समय आ गया है।अपने करियर में 69 टेस्ट खेलकर 13 शतक समेत 4400 से अधिक रन बनाने वाले 35 वर्ष के धनंजय बतौर खिलाड़ी चयन के लिये उपलब्ध रहेंगे।जनवरी 2024 में टेस्ट कप्तान बने डिसिल्वा ने श्रीलंका क्रिकेट चयन समिति को अपने फैसले से अवगत करा दिया है।

उन्होंने चयन समिति को लिखे पत्र में कहा ,‘‘ मेरा मानना है कि अब बागडोर अगली पीढी को सौंपी जानी चाहिये।’’श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एशले डिसिल्वा ने क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप में योगदान के लिये धनंजय को धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा ,‘‘ श्रीलंका क्रिकेट उन्हें भविष्य के लिये शुभकामना देता है और बतौर कप्तान योगदान के लिये धन्यवाद भी।’’

रविंद्र जड़ेजा मैदान छोड़ बनना चाहते हैं मुख्य चयनकर्ता, बोर्ड से पूछी प्रक्रिया

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मैच में एक साल बाद विकेट लेकर विकेटों का सूखा खत्म करने वाले रविंद्र जड़ेजा ने मुख्य चयनकर्ता बनने के लिए आवेदन देना चाहते हैं। उन्होंने इस सिलसिले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ संपर्क साधा है।

दरअसल अजीत आगरकर के कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता  हैं।  बोर्ड ने एक्स पर इसका आवेदन मांगा जिसका रविंद्र जड़ेजा ने मजाकिया अंदाज में इसकी प्रक्रिया पूछी है। वैसे गंभीरता से सोचा जाए तो  रविंद्र जड़ेजा से बेहतर विकल्प बोर्ड को शायद ही मिलेगा।उनकी पत्नी गुजरात में भाजपा की विधायक हैं और सभी खिलाड़ियों से उनके अच्छे संबंध है।

खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं जड़ेजा

क्रिकेट विशेषज्ञों को लगा था कि जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के कारण उनका लौट पाना मुश्किल है लेकिन चयनकर्ताओं ने उनको दूसरा मौका दिया।

गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।

 

ऐसा रहा है करियर

रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 234 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।

वहीं टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 74 मैच खेले और 21 की औसत से 515 रन बना पाए। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। वहीं इस प्रारुप में वह सिर्फ 54 विकेट ही निकाल पाए।

हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।


न्यूजीलैंड की पिच पर दौड़ सकती है अमरोहा एक्सप्रेस, मो. शमी वापसी के करीब

चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 से भारतीय एकदिवसीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी और उनके प्रशंसको के लिए एक अच्छी खबर है। अमरोहा एक्सप्रेस लंबे समय से एक ही स्टेशन पर रुकी है लेकिन जल्द ही चलने के लिए हरी झंडी मिल सकती है।

जसप्रीत बुमराह से पहले भारतीय गेंदबाजी के अगुवा मोहम्मद शमी 36 साल के हो गए।मोहम्मद शमी अपने करियर की संध्यावेला में है और 2013 में डेब्यू करने वाले शमी खुशकिस्मत है कि संन्यास से पहले कम से कम वह खुद को आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा कह सकते हैं। हालांकि उनकी उपस्थिति में टीम कभी विश्वकप नहीं जीती।

लेकिन अब ऐसा माना जा रहा है कि रन लुटाते तेज गेंदबाजी ईकाई उनका काम बना सकती है और इस उम्र में भी उनको न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में मौका दिला सकती है।अगर इस दौरे पर शमी ने कमाल कर दिया तो हो सकता है उनका चयन विश्वकप 2027 में हो जाए।

साल 2013 में मोहम्मद शमी ने एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण किया और इस ही साल जून के महीने में चैंपियन्स ट्रॉफी जीत चुकी  भारतीय टीम को क्या पता था अगले 10 साल क्या होने वाला है।

मोहम्मद शमी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने पहले ही एकदिवसीय मैच में  अपनी तेजी और लाइन लैंग्थ से इतना प्रभावित किया कि भारतीय टीम ने 167 रनों का छोटा लक्ष्य भी बचा लिया और दिल्ली के मैदान पर चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से सूपड़ा साफ होने की शर्मिंदगी से भी बचा लिया।

इस मैच में शमी ने 10 ओवर में 23 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया था। लेकिन दुर्भाग्यवश चैंपियन्स ट्रॉफी 2013 में उनको शामिल नहीं किया गया। इसके बाद शमी के साथ टीम इंडिया का संघर्ष जारी रहा।

शमी भारत की ओर से वनडे विश्वकप 2015 में ऑस्ट्रेलिया गए जहां टीम सेमीफाइनल में हारी। इसके बाद वह चैंपियन्स ट्रॉफी 2017 में भारत के साथ थे जहां टीम फाइनल में हारी। साल 2019 के वनडे विश्वकप में हैट्रिक लेने वाले शमी को सेमीफाइऩल में नहीं शामिल किया गया। भारत यह मुकाबला 18 रनों से हारा।

साल 2022 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में शमी 1 विकेट नहीं ले पाए और लगा कि अब वह शायद ही टीम में वापस आ पाएं लेकिन साल 2023 के वनडे विश्वकप में भारतीय पिच पर उन्होंने ऐसा जलवा दिखाया कि फैंस ने दांतो तले उंगलिया दबा ली।शमी उस विश्वकप के सबसे सफल गेंदबाज रहे और शायद यही बात उनके हक में गई और अब फिर से उनकी चयन की अटकलें तेज हो गई है।

Sandpaper Gate के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया खेलेगी दक्षिण अफ्रीका में, ब्रॉडकास्टर ने याद दिलाया विवाद (Video)

Sandpaper Gate यह 24 मार्च 2018 को हुआ क्रिकेट जगत का एक बड़ा विवाद साबित हुआ जब ऑस्ट्रेलियाई टीम के 3 खिलाड़ियों ने केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में गेंद से छेड़छाड़ की और कैमरे को धोखा ना दे सके। कल से शुरु हो रही टेस्ट सीरीज से पहले प्रसारणकर्ता ने इस पर चुटकी लेते हुए वीडियो अपलोड किया है कि इस बार हमारी निगाहें पहले से ज्यादा तेज रहेंगी।

क्या हुआ था सैंडपेपर विवाद में

बॉल टैम्परिंग की इस हरकत को अंपायरों की नज़र से तो बचा लिया था, लेकिन कैमरे की नज़र में आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की पूरी पोल पट्टी खुल गई थी। मैच के दौरान कैमरन बेनक्रॉफ्ट को जेब से किसी चीज़ को निकालते हुए देखा गया था, जिसके बाद अंपायरों को उन पर शक हुआ और उन्होंने बेनक्रॉफ्ट से पूछताछ की थी। बेनक्रॉफ्ट ने अंपायरों  को जेब से निकालकर पाउच दिखाया, जो चश्मे के पैकेट जैसा दिख रहा था।

अंपायरों को यह मामूली चीज़ लगी और उन्होंने जारी रखा गया था। कुछ देर बाद स्टेडियम में लगे बड़े स्क्रीन पर बेनक्रॉफ्ट का वह वीडियो दिखाया गया था, जिसमें वे टैम्परिंग कर रहे थे। इसके बाद स्टेडियम में हंगामा शुरू हो गया था। कैमरे ने  बेनक्रॉफ्ट की यह हरकत पकड़ ली और सार्वजनिक कर दी थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास छुपाने को कुछ नहीं था। इस पूरे मामले को उजागर करने में कैमरामैन की बड़ी भूमिका रही थी।

गेंद से छेड़खानी मामले में क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने कड़ा रवैया अपनाते हुए आज टेस्ट टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरन बेनक्राफ्ट को आरोपी बनाते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथे टेस्ट की टीम से बाहर कर दिया था।

इसके बाद इन तीनों खिलाड़ियों पर ही एक साल का प्रतिबंध लगा था। डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ तो ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल गए लेकिन कैमरून बैकरोफ्ट के करियर का अंत हो गया था।  डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलिया की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 विजेता टीम का भी हिस्सा रहे थे।उस वक्त से अब तक सिर्फ स्टीव स्मिथ ही वह क्रिकेटर है जो वर्तमान में भी ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट क्रिकेट का हिस्सा है उन पर इस सीरीज में पूरे समय नजर रहने वाली है।

वनडे टीम में आने के लिए विकेटकीपर बने यशस्वी जायसवाल (Video)

Yashsvi Yadav

लंबे समय से एकदिवसीय टीम से नजरअंदाज हो रहे यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग का अभ्यास शुरु कर दिया है। भारतीय टीम के लिए पिछली 3 एकदिवसीय पारियों में 2 शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल टीम में चयन होने के बाद अंतिम ग्यारह में जगह नहीं बना पाते हैं क्योंकि रोहित शर्मा को टीम से हटाने का दम किसी में नहीं है।

मुंबई के कप्तान ने इस बात की पुष्टि की कि यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग कर रहे हैं और हो सकता है कि मुंबई रणजी टीम के लिए या फिर भारत के लिए वह कीपिंग करते हुए दिख सकते हैं। एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

लेकिन एकदिवसीय विश्वकप के दौरान वह 40 वर्ष के हो जाएंगे ऐसे में कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि यशस्वी जायसवाल को सलामी बल्लेबाजी के तौर पर आजमाना चाहिए।वह रोहित की तो जगह नहीं ले सकते लेकिन विकेटकीपिंग में केएल राहुल की जगह लेना तो और मुश्किल है क्योंकि ध्रुव जुरेल टीम के बैकअप ओपनर हैं।

यशस्वी जायसवाल के पास अपार प्रतिभा है लेकिन किस्मत उन पर कम ही मेहरबान रही है। वह टी-20 विश्वकप में बतौर सलामी बल्लेबाज टीम में शामिल थे लेकिन विराट कोहली के कारण एक भी मैच नहीं खेल पाए। उन्होंने अब तक 17 टी-20 अंतरराष्ट्रीय  मैचों में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 33 का औसत और 161 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए है।

भारत से टेस्ट सीरीज हारने वाले श्रीलंकाई ऑलराउंडर ने दिया कप्तानी से इस्तीफा

अगस्त महीने में भारत के खिलाफ 0-1 से टेस्ट सीरीज हारने वाले श्रीलंकाई ऑलराउंडर और मध्यक्रम के बल्लेबाज धन्नजय डीसिल्वा ने टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि धन्नजय डीसिल्वा ना केवल भारत पर वेस्टइंडीज के खिलाफ भी एक टेस्ट गंवा चुके हैं।

भारत के खिलाफ घरेलू धरती पर 2 टेस्ट सीरीज में उनका बल्ला भी खामोश रहा जिसमें एक भी अर्धशतक नहीं आया। ऐसे में टीम के विश्व टेस्ट चैंपियनशिफ फाइनल के अरमानों पर पानी फिर गया।

श्रीलंका के टेस्ट कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने तुरंत प्रभाव से कप्तानी से इस्तीफा देते हुए कहा है कि अब अगली पीढी को बागडोर सौंपने का समय आ गया है।अपने कैरियर में 69 टेस्ट खेलकर 13 शतक समेत 4400 से अधिक रन बनाने वाले 35 वर्ष के धनंजय बतौर खिलाड़ी चयन के लिये उपलब्ध रहेंगे।

जनवरी 2024 में टेस्ट कप्तान बने डिसिल्वा ने श्रीलंका क्रिकेट चयन समिति को अपने फैसले से अवगत करा दिया है।उन्होंने चयन समिति को लिखे पत्र में कहा ,‘‘ मेरा मानना है कि अब बागडोर अगली पीढी को सौंपी जानी चाहिये।’’

श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एशले डिसिल्वा ने क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप में योगदान के लिये धनंजय को धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा ,‘‘ श्रीलंका क्रिकेट उन्हें भविष्य के लिये शुभकामना देता है और बतौर कप्तान योगदान के लिये धन्यवाद भी।’’

विराट के आउट होते ही खाना छोड़ देते थे नाना पाटेकर, क्रिकेट ही नहीं शूटिंग में भी थे माहिर, देखें Video

अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक अंदाज और यादगार किरदारों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। 75 साल की उम्र में उनके निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर को भले ही फिल्मों में उनके शानदार अभिनय के लिए जाना जाता हो, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका क्रिकेट और शूटिंग जैसे खेलों से भी गहरा रिश्ता था। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना ज्यादा था कि पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली के जल्दी आउट होने पर उनका खाना तक खाने का मन नहीं करता था।

 

2007 में शूटिंग चैंपियनशिप में जीता था ब्रॉन्ज मेडल

 

नाना पाटेकर सिर्फ क्रिकेट के शौकीन ही नहीं थे, बल्कि शूटिंग में भी अपना हुनर दिखा चुके थे। साल 2007 में उन्होंने महाराष्ट्र की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए इंदौर के पास महू में आयोजित नेशनल 300 मीटर बिग बोर शूटिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

 

इस प्रतियोगिता में उन्होंने 49 प्रतिभागियों के बीच 13वां स्थान हासिल किया था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘रिनाउंड शॉट’ का खिताब भी मिला था। यानी पर्दे पर किरदारों में जान डालने वाले नाना असल जिंदगी में भी निशानेबाजी के अच्छे खिलाड़ी थे।

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

 

बचपन में करते थे ऑफ स्पिन गेंदबाजी

 

नाना पाटेकर का क्रिकेट प्रेम बचपन से ही था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह बचपन में क्रिकेट अच्छा खेलते थे और ऑफ स्पिन गेंदबाज* किया करते थे।

 

हालांकि, उस दौर में क्रिकेट की ट्रेनिंग लेने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में वह मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंच जाते थे और वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को गेंदबाजी करके अपना शौक पूरा करते थे। नाना ने यह भी कहा था कि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उम्र बढ़ने के बाद भी कम नहीं हुआ और कुछ दिन अभ्यास करने के बाद वह आज भी अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं।

 

विराट कोहली थे नाना के फेवरेट क्रिकेटर

 

क्रिकेट की बात हो और विराट कोहली का जिक्र नाना पाटेकर के इंटरव्यू में न आए, ऐसा कम ही हुआ। नाना ने खुलकर बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं।

 

उन्होंने कहा था कि अगर विराट जल्दी आउट हो जाएं तो उनका खाना खाने का मन तक नहीं करता। नाना के इस बयान ने यह साफ कर दिया था कि वह क्रिकेट को सिर्फ देखते नहीं थे, बल्कि खेल से भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए थे।

 

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होने पर तो नाना टीवी से हटते ही नहीं थे। उनके लिए क्रिकेट का रोमांच आज भी वैसा ही था, जैसा बचपन में हुआ करता था।

 

 क्रिकेट और एक्टिंग को लेकर कही थी खास बात

 

नाना पाटेकर ने क्रिकेट और एक्टिंग के बीच एक दिलचस्प समानता भी बताई थी। उनके मुताबिक, क्रिकेटर और अभिनेता दोनों को लगातार परीक्षा से गुजरना पड़ता है। फर्क सिर्फ इतना है कि क्रिकेटर की परीक्षा कुछ दिनों में पूरी हो जाती है, जबकि एक कलाकार की परीक्षा कई साल तक चल सकती है।

 

उन्होंने अपने क्रिकेट प्रेम को लेकर कहा था कि क्रिकेटरों की तरह कलाकारों को भी हर बार जनता के सामने खुद को साबित करना पड़ता है और आखिरकार फैसला दर्शक ही करते हैं।

एक्टर नहीं शेफ भी थे नाना पाटेकर! सेट पर खुद बनाते थे मटन, पूरी यूनिट को खिलाने का था शौक

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विराट के आउट होने पर वायरल होते थे मीम्स

 

नाना का विराट कोहली को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा। जब भी विराट जल्दी आउट होते या बड़ी पारी खेलते, सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के उस बयान को याद करते हुए मजेदार मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगते थे।

 

यही नाना की खासियत थी उनका अंदाज बिल्कुल सीधा, बेबाक और दिल से निकला हुआ होता था। क्रिकेट को लेकर उनका जुनून उनके प्रशंसकों को उनकी फिल्मों से अलग उनकी एक और दिलचस्प तस्वीर दिखाता था।

 

 नाना के निधन पर विराट कोहली ने दी श्रद्धांजलि

 

नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद क्रिकेट जगत से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। विराट कोहली ने नाना की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का सच्चा लीजेंड बताया और उनके काम व विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाने की बात कही।

नाना पाटेकर का जाना सिर्फ सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति नहीं है। उनके निधन से क्रिकेट ने भी अपना एक ऐसा जुनूनी प्रशंसक खो दिया, जिसके लिए मैच महज खेल नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा अनुभव था।

 

पर्दे पर दमदार किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर की यादें अब उनकी फिल्मों, उनके बेबाक किस्सों और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी।

 

बलात्कार का ओरोप लगने के बाद भी अभिषेक पोरेल बंगाल रणजी टीम में शामिल

abhishek porel

बलात्कार के मामले में जमानत पर चल रहे पश्चिम बंगाल के बल्लेबाज और दिल्ली कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को बंगाल की अभिमन्यू ईश्वरन की अगुवाई वाली रणजी टीम में शामिल कर लिया गया है।अभिषेक पोरेल को हुगली पुलिस ने मेडिकल छात्रा को शादी का झांसा देकर  बलात्कार करने का आरोप लगा है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक भारतीय न्याय संहिता के कई प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें धारा 69 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम  के तहत भी केस दर्ज हुआ है।

गौरतलब है कि एक मेडिकल छात्रा न 23 जून को मोगरा पुलिस स्टेशन में अभिषेक पोरेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह 3.5 साल तक संबंध में थे और शादी करने की योजना बना रहे थे लेकिन वह अपनी बात से मुकर गए।

बंगाल का सत्र का पहला मुकाबला कोलकाता के प्रतिष्ठित ईडन गार्डन्स से कल्याणी स्थानांतरित कर दिया गया है। ईडन गार्डन्स में 10 अक्टूबर को महालया से शुरू होने वाले दुर्गा पूजा उत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे।

टीम में भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और वापसी की कोशिश कर रहे आकाश दीप को भी शामिल किया गया है। आकाश दीप न्यूजीलैंड दौरे से पहले अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करने के लिए मैदान पर उतरेंगे।

बंगाल और दिल्ली एलीट ग्रुप सी में गुजरात, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा और सर्विसेज के साथ शामिल हैं।

बंगाल टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (कप्तान), सुदीप कुमार घरामी, सुदीप चटर्जी, अभिषेक पोरेल, अंकुर पॉल, सुमंत गुप्ता, अंकित शुक्ला, शुभम चटर्जी, मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मुकेश कुमार, सूरज सिंधू जायसवाल, प्रदीप्त प्रमाणिक, आमिर गनी, मोहम्मद कैफ, सौम्यदीप मंडल।

स्टैंडबाय: करण लाल, अखिलेश यादव, गीत पुरी, अभिषेक रमन, शुभम सरकार, सुमित मोहंता, आदित्य पुरोहित।

T-20I टीम में बैंच पर बैठे वैभव सूर्यवंशी बिहार का रणजी मैच भी करेंगें मिस

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी बैंच पर बैठे हैं और शायद यह पूरी सीरीज ही वह बैंच पर बैठे क्योंकि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इशारा कर दिया है कि वह विश्व विजेता टीम के संयोजन से खिलवाड़ नहीं करना चाहते। सूर्यवंशी सिर्फ एक वैकल्पिक सलामी बल्लेबाज हैं। ऐसे में वह ना ही राष्ट्रीय टीम के लिए खेल पा रहे हैं और ना ही अपने राज्य बिहार की रणजी टीम के साथ खेल पाएंगे।

वेस्टइंडीज के साथ चल रही पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी रणजी ट्रॉफी में बिहार की ओर से पहले चार मैच नहीं खेल पाएंगे। बिहार क्रिकेट में चल रही भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से नियुक्त चयनकर्ताओं ने रणजी ट्रॉफी के पहले दो मैचों के लिए बिहार की 17 सदस्यीय टीम का चयन किया है।

बिहार इस बार एलीट ग्रुप में शामिल है और अपने अभियान की शुरुआत 11 अक्टूबर से नवनिर्मित राजगीर क्रिकेट स्टेडियम में उत्तर प्रदेश के खिलाफ करेगा। टीम का दूसरा मैच 18 अक्तूबर से मेजबान बड़ौदा से होगा। बिहार टीम की अगुवाई साकिबुल गनी करेंगे जबकि हिमांशु सिंह को उप-कप्तान बनाया गया है। वेस्टइंडीज और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा युवा बल्लेबाज सूर्यवंशी टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में टीम के साथ नहीं होंगे।

वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी-20 सीरीज जहां 17 अक्टूबर तक चलेगी, तो वहीं उसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भी सूर्यवंशी भारतीय दल के साथ होंगे।

बिहार के पूर्व रणजी कप्तान आशुतोष अमन को प्रमुख कोच बनाया गया है जबकि पूर्व रणजी खिलाड़ी अशोक कुमार एसिस्टेंट कोच की भूमिका में होंगे। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज साकिब हुसैन टीम के प्रमुख चेहरों में होंगे।

साकिब ने आईपीएल में 11 मैचों में 26.46 की औसत से 15 विकेट झटके थे। उनके अलावा मुंबई इंडियंस (एमआई) का हिस्सा रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद इजहार को भी टीम में जगह मिली है। इजहार को आईपीएल में डेब्यू का अवसर नहीं मिल पाया था।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव चल रहे हैं। 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह को बीसीए का प्रशासक नियुक्त किया था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने बिहार की महिला और सभी एज-ग्रुप टीमों के चयन के लिए बीसीसीआई से मदद का अनुरोध किया। इसके बाद बीसीसीआई ने बिहार की क्रिकेट टीमों के चयन की जिम्मेदारी पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और अनुभवी क्रिकेटरों को सौंपी।

इस चयन समिति की अध्यक्षता भारत के पूर्व तेज गेंदबाज हरविंदर सिंह ने की। समिति में तमिलनाडु के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर शरत श्रीधरण और मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर अमिताभ विजयवर्गीय भी शामिल थे। इसके अलावा प्रशासक अश्विनी कुमार सिंह ने बिहार के पूर्व रणजी कप्तान सुनील कुमार, पूर्व रणजी खिलाड़ी और कोच ज़शान उल यक़ीन और बिहार की पूर्व महिला क्रिकेटर शिखा सोनी को बीसीए के साथ मिलकर काम करने वाली समिती में रखा है।

एलीट ग्रुप ए में बिहार का सामना उत्तर प्रदेश के अलावा बड़ौदा, मध्य प्रदेश, गोवा, जम्मू-कश्मीर, विदर्भ और पुडुचेरी से होगा। बिहार घर में अपने सभी मैच राजगीर में खेलेगा, जो पहली बार किसी प्रथम श्रेणी मैच की मेजबानी करने जा रहा है।

राजगीर के नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार रणजी मुकाबले का आयोजन होने से बिहार के क्रिकेट प्रेमियों में भी खासा उत्साह है। यह मुकाबला न केवल बिहार के घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत करेगा, बल्कि राजगीर के इस नए क्रिकेट मैदान को भी आधिकारिक बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट नक़्शे पर स्थापित करेगा।

रणजी ट्रॉफ़ी के लिए बिहार की टीम:– साकिबुल गनी (कप्तान), आयुष लोहारुका, मंगल महरौर, नमन गौरव, पीयूष सिंह, बिपिन कुमार सौरभ(विकेटकीपर), श्रमण निग्रोध (विकेटकीपर), आकाश राज, पृथ्वी राज, हिमांशु सिंह (उप-कप्तान), ख़ालिद आलम, सूरज कुमार कश्यप, साकिब हुसैन, मोहम्मद इज़हार, शब्बीर ख़ान, राघवेंद्र सिंह और आमोद यादव।