भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के चलते पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह सीरीज 13 जून से धर्मशाला में शुरू होने जा रही है, लेकिन उससे पहले कोहली की अनुपस्थिति ने टीम मैनेजमेंट की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
IPL फाइनल में लगी चोट, स्कैन रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
जानकारी के अनुसार, कोहली को IPL 2026 फाइनल के दौरान चोट लगी थी। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खिताबी मुकाबले में बल्लेबाजी करते समय वह रनिंग के दौरान असहज नजर आए थे, लेकिन दर्द के बावजूद उन्होंने मैच खत्म कर टीम को जीत दिलाई। बाद में कराए गए स्कैन में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई है।
कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की शानदार पारी खेली थी और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
शानदार फॉर्म के बीच लगा ब्रेक, 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर असर?
37 वर्षीय कोहली हाल के महीनों में जबरदस्त फॉर्म में रहे हैं। IPL 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। उनका औसत 56 से अधिक और स्ट्राइक रेट 165 के करीब रहा।
वनडे क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। पिछले साल उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे और एक बार फिर खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में साबित किया था। ऐसे में यह चोट उनके लिए व्यक्तिगत और टीम इंडिया के लिए रणनीतिक दोनों स्तर पर बड़ा झटका मानी जा रही है।
विराट कोहली के बाहर होने के साथ-साथ कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। चयन के समय ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उनकी उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी। ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज में भारत को अपने दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों के बिना उतरना पड़ सकता है।
हालांकि, यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका भी बन सकती है, क्योंकि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच टीम नए विकल्पों को आजमाने पर भी नजर रखेगी।
भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के चलते पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह सीरीज 13 जून से धर्मशाला में शुरू होने जा रही है, लेकिन उससे पहले कोहली की अनुपस्थिति ने टीम मैनेजमेंट की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
IPL फाइनल में लगी चोट, स्कैन रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
जानकारी के अनुसार, कोहली को IPL 2026 फाइनल के दौरान चोट लगी थी। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खिताबी मुकाबले में बल्लेबाजी करते समय वह रनिंग के दौरान असहज नजर आए थे, लेकिन दर्द के बावजूद उन्होंने मैच खत्म कर टीम को जीत दिलाई। बाद में कराए गए स्कैन में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई है।
कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की शानदार पारी खेली थी और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
शानदार फॉर्म के बीच लगा ब्रेक, 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर असर?
37 वर्षीय कोहली हाल के महीनों में जबरदस्त फॉर्म में रहे हैं। IPL 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। उनका औसत 56 से अधिक और स्ट्राइक रेट 165 के करीब रहा।
वनडे क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। पिछले साल उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे और एक बार फिर खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में साबित किया था। ऐसे में यह चोट उनके लिए व्यक्तिगत और टीम इंडिया के लिए रणनीतिक दोनों स्तर पर बड़ा झटका मानी जा रही है।
विराट कोहली के बाहर होने के साथ-साथ कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। चयन के समय ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उनकी उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी। ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज में भारत को अपने दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों के बिना उतरना पड़ सकता है।
हालांकि, यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका भी बन सकती है, क्योंकि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच टीम नए विकल्पों को आजमाने पर भी नजर रखेगी।
भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के चलते पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह सीरीज 13 जून से धर्मशाला में शुरू होने जा रही है, लेकिन उससे पहले कोहली की अनुपस्थिति ने टीम मैनेजमेंट की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
IPL फाइनल में लगी चोट, स्कैन रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
जानकारी के अनुसार, कोहली को IPL 2026 फाइनल के दौरान चोट लगी थी। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खिताबी मुकाबले में बल्लेबाजी करते समय वह रनिंग के दौरान असहज नजर आए थे, लेकिन दर्द के बावजूद उन्होंने मैच खत्म कर टीम को जीत दिलाई। बाद में कराए गए स्कैन में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई है।
कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की शानदार पारी खेली थी और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
शानदार फॉर्म के बीच लगा ब्रेक, 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर असर?
37 वर्षीय कोहली हाल के महीनों में जबरदस्त फॉर्म में रहे हैं। IPL 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। उनका औसत 56 से अधिक और स्ट्राइक रेट 165 के करीब रहा।
वनडे क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। पिछले साल उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे और एक बार फिर खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में साबित किया था। ऐसे में यह चोट उनके लिए व्यक्तिगत और टीम इंडिया के लिए रणनीतिक दोनों स्तर पर बड़ा झटका मानी जा रही है।
विराट कोहली के बाहर होने के साथ-साथ कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। चयन के समय ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उनकी उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी। ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज में भारत को अपने दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों के बिना उतरना पड़ सकता है।
हालांकि, यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका भी बन सकती है, क्योंकि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच टीम नए विकल्पों को आजमाने पर भी नजर रखेगी।
वैभव सूर्यवंशी की दीवानगी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रही है और ऐसा लगता है कि इसने प्रसारक को अपनी रणनीति पर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। इंडिया ए टीम में उनके शामिल होने से लोगों में काफ़ी दिलचस्पी जागी है, जिसके चलते अधिकारियों ने श्रीलंका में होने वाली आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला (जिसमें भारत, अफ़गानिस्तान और मेज़बान टीम शामिल हैं) का टीवी पर प्रसारण करने का फ़ैसला किया है।
इंडिया ए टीम की कप्तानी तिलक वर्मा कर रहे हैं, लेकिन इस सीरीज़ का आकर्षण 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी हैं। उन्होंने हाल ही में खत्म हुए आईपीएल में ऑरेंज कैप की दौड़ में 776 रन बनाकर धूम मचा दी थी। उनकी मौजूदगी ने इस त्रिकोणीय श्रृंखला का रुतबा बढ़ा दिया है और अधिकारियों को इस पर गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
यह त्रिकोणीय श्रृंखला 9 से 21 जून तक चलेगी और इसका प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स और सोनी लिव पर किया जाएगा। श्रीलंका क्रिकेट के आधिकारिक प्रसारक पार्टनर के तौर पर, सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास श्रीलंका में खेले जाने वाले क्रिकेट मैचों के प्रसारण के अधिकार हैं। नेटवर्क के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस टूर्नामेंट का सीधा प्रसारण पूरे कवरेज के साथ किया जाएगा। हाल के दिनों में सोनी क्रिकेट के मैचों से दूर रहा था। ऐसे में सोनी ने क्रिकेट जगत में छाए सूर्यवंशी के क्रेज़ का फ़ायदा उठाने का फ़ैसला किया है।
ज़ाहिर है, इंडिया और श्रीलंका के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज़ के प्रसारण के अधिकार भी सोनी के पास ही हैं। क्रिकबज की 18 मई की रिपोर्ट के अनुसार, यह सीरीज अगस्त महीने के दूसरे पखवाड़े में खेली जाएगी।
The Sooryavanshi Express is coming to light up the stage in a high-octane Tri-Series!
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए सोनी नेटवर्क ने घोषणा की, “सूर्यवंशी एक्सप्रेस आ रही है, जो एक ज़बरदस्त ट्राई-सीरीज़ के मंच पर अपनी चमक बिखेरेगी।” यह एक दिवसीय त्रिकोणीय श्रृंखला होगी, जिसका आयोजन दाम्बुला में किया जाएगा। इस बीच, उन तीन टी 20 मैचों को लेकर अभी भी कोई स्पष्टता नहीं है, जिनके दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ में जोड़े जाने की उम्मीद है।
हालाँकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और एसएलसी के बीच चल रही चर्चाओं से परिचित लोगों का मानना है कि तीन मैचों की टी 20 सीरीज़ को मंज़ूरी मिलने की संभावना काफ़ी ज़्यादा है। फ़िलहाल, इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है। हाल ही में, बीसीसीआई ने घोषणा की कि ऋतुराज गायकवाड़ उप-कप्तान रियान पराग की जगह लेंगे, जो अभी चोट से उबर रहे हैं।
इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले रोथेसे टेस्ट के लिए 12-खिलाड़ियों वाली टीम का ऐलान किया है।एमिलियो गे अपना टेस्ट डेब्यू करने के लिए तैयार हैं, और उनके साथ टीम में सोनी बेकर के रूप में एक और नया खिलाड़ी शामिल हो सकता है, जबकि ओली रॉबिन्सन दो साल से ज़्यादा समय में अपना पहला टेस्ट खेलने के लिए तैयार हैं।
छोटी टीम का मतलब है कि पिछले महीने घोषित 15 खिलाड़ियों में से 3 खिलाड़ी को हटा दिया गया है: समरसेट के जेम्स रेव, जो अपना डेब्यू भी कर रहे होते, साथ ही लेगस्पिनर रेहान अहमद और फास्ट बॉलर मैट फिशर।
आखिरी विकल्प गुरुवार सुबह कन्फर्म होने की संभावना है, हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम ने इशारा किया है कि आने वाले हफ्ते में खराब मौसम को देखते हुए, दो अलग-अलग तेज गेंदबाज, शायद गस एटकिंसन और बेकर के बीच होगी।
“हम बस यह तय करेंगे कि क्या हमें एक्स्ट्रा एयर स्पीड चाहिए, अगर अचानक मौसम 35 डिग्री हो जाए और फ्लैट हो जाए। या हम लॉर्ड्स में जो ट्राई और टेस्ट किया गया है, उसी पर टिके रहेंगे और ऐसे बॉलर्स के साथ रहेंगे जो कुछ ओवरहेड कंडीशंस में कुछ मूवमेंट निकाल सकें।
मैकुलम ने आगे कहा, “हम अपने ग्रुप के साथ बहुत कम्फर्टेबल हैं। हम जो चुनने जा रहे हैं, उस पर हमें भरोसा है। इससे हमें कुछ भी गारंटी नहीं मिलती, लेकिन इससे हमें लगता है कि लॉर्ड्स में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ हमें सबसे अच्छा मौका मिलेगा। हम इस विरोधी टीम के खिलाफ़ इन हालात में जो ज़रूरी होगा, हम उसी पर टिके रहना चाहते हैं।”
शोएब बशीर, जो 18 महीने तक इंग्लैंड के पहले पसंद के स्पिनर थे, जब तक कि उन्हें इस सर्दी की एशेज़ के लिए नज़रअंदाज़ नहीं कर दिया गया, उनके XI में वापस आने की उम्मीद है।मैकुलम ने कहा, “बैश, उनमें शायद लॉर्ड्स में पहले कुछ दिनों में ज़्यादा होल्डिंग रोल निभाने की काबिलियत है।फिर जैसे-जैसे खेल गहरा होता है, और अगर स्पिन ज़्यादा होने लगती है, तो वह ज़्यादा अटैकिंग रोल में जा सकते हैं।”
BREAKING NEWS
England have named a 12-player squad for the first Test against New Zealand, which begins on Thursday at Lord's pic.twitter.com/mdUb9i0J04
— England's Barmy Army (@TheBarmyArmy) June 2, 2026
इंडियन प्रीमियर लीग से खराब फॉर्म लेकर आ रहे सूर्यकुमार यादव का बल्ला मुंबई प्रीमियर लीग में भी शांत रहा। साथ हीअजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली नॉर्थ मुंबई पैंथर्स ने मुंबई स्टेडियम में सूर्यकुमार यादव की ट्रायम्फ नाइट्स मुंबई नॉर्थ ईस्ट पर 21 रन की ज़बरदस्त जीत के साथ अपने नुवामा प्राइवेट टी20 मुंबई लीग 2026 कैंपेन की शानदार शुरुआत की।
210 रन के मुश्किल टारगेट का पीछा करते हुए, नाइट्स ज़रूरी स्पीड से रन बनाने में स्ट्रगल कर रही थी, बावजूद इसके कि इम्पैक्ट सब्सटीट्यूट नूतन गोयल ने 56 गेंदों पर 93 रन बनाकर पारी को संभाला। इस लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम की शुरुआत खराब रही और दोनों ओपनर सस्ते में आउट हो गए, जिससे इंडिया T20I के कप्तान सूर्यकुमार यादव (19) क्रीज़ पर आए और वानखेड़े की भीड़ ने ज़ोरदार स्वागत किया। सूर्यकुमार ने 4 बार गेंद को सीमा पार जरुर पहुंचाया लेकिन शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं तब्दील कर सके। पावरप्ले के आखिर तक नाइट्स का स्कोर 56/2 हो गया।
बाएं हाथ के स्पिनर राहुल सावंत ने सूर्यकुमार और सागर मिश्रा को जल्दी-जल्दी आउट करके मैच पैंथर्स की तरफ मोड़ दिया। हर्षल जाधव और नूतन ने पांचवें विकेट के लिए 55 रन की पार्टनरशिप करके वापसी की कोशिश की, जबकि 20 साल के नूतन ने 24 रन पर मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए लगातार दो छक्कों की मदद से 32 गेंदों में फिफ्टी पूरी की। लेकिन रिक्वायर्ड रेट लगातार बढ़ने के कारण, नाइट्स के लिए इसे बनाए रखना मुश्किल हो गया और आखिरकार वे 188/8 पर ठिठक गए।
इससे पहले, हार्दिक तमोर ने बल्ले से कमाल किया, टूर्नामेंट में अपनी पहली फिफ्टी बनाकर नॉर्थ मुंबई पैंथर्स को सीजन का पहला 200 से ज़्यादा का टोटल बनाने में मदद की। शांत बैटिंग टर्फ पर बैटिंग के लिए भेजी गई पैंथर्स ने रहाणे (24) और तमोर की शानदार शुरुआत की, जिन्होंने पावरप्ले के अंदर पहले विकेट के लिए 67 रन जोड़े।
जब रहाणे तेज़ शुरुआत के बाद आउट हो गए, तो तमोर ने 43 गेंदों पर नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 67 रन बनाए। आयुष ज़िमारे (23) और आयुष वर्तक (39) ने बीच के ओवरों में स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया, जिसके बाद तनुश कोटियन ने सिर्फ़ 15 गेंदों पर नाबाद 30 रन बनाकर पैंथर्स को 200 रन के पार पहुंचाया।
संक्षिप्त स्कोर: नॉर्थ मुंबई पैंथर्स 209/5 (हार्दिक तमोर 67, आयुष वर्तक 39, तनुश कोटियन 30 नॉट आउट; सिल्वेस्टर डिसूजा 2/23) ने ट्रायम्फ नाइट्स मुंबई नॉर्थ ईस्ट 188/8 (नूतन गोयल 93, रादव 4t सावन9; हर्ष तन्ना 2/44) को 21 रन से हराया।
आईपीएल 2026 का खिताब जीतने की खुशी अभी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के फैंस पूरी तरह मना भी नहीं पाए थे कि टीम से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ गई। RCB के विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड (Tim David) को IPL Code of Conduct का उल्लंघन करना भारी पड़ गया है। फाइनल मुकाबले के दौरान की गई एक हरकत की वजह से उन पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया गया है, बल्कि अगले सीजन के पहले मैच से भी बाहर कर दिया गया है।
फाइनल में हुई गलती पड़ी महंगी
गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले में एक ऐसा पल आया, जिसने टिम डेविड को मुश्किल में डाल दिया। पहली पारी के दौरान एक विवादित फैसले के बाद डेविड ने अपना आपा खो दिया और गुस्से में आकर मैदान पर मौजूद अंपायर नितिन मेनन की दिशा में आइस बैग (Ice Bag) फेंक दिया। हालांकि किसी को चोट नहीं पहुंची, लेकिन इस व्यवहार को खेल भावना के खिलाफ माना गया।
मैच अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लिया और जांच के बाद डेविड को आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाया गया।
आधी मैच फीस गई, साथ में मिले डिमेरिट पॉइंट
आईपीएल प्रशासन की ओर से जारी फैसले के अनुसार टिम डेविड पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा उन्हें दो डिमेरिट पॉइंट (Demerit Points) भी दिए गए हैं। यही दो अंक उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गए, क्योंकि इससे उनके कुल डिमेरिट पॉइंट पांच तक पहुंच गए।
आईपीएल के नियमों के मुताबिक किसी खिलाड़ी के खाते में पांच डिमेरिट पॉइंट जमा होते ही उस पर एक मैच का निलंबन लागू हो जाता है।
IPL 2027 का पहला मैच नहीं खेल पाएंगे
पांच डिमेरिट पॉइंट पूरे होने के बाद अब यह तय हो गया है कि टिम डेविड आईपीएल 2027 का पहला मुकाबला नहीं खेल सकेंगे। दिलचस्प बात यह है कि अगर अगले सीजन में वह किसी दूसरी फ्रेंचाइजी का हिस्सा भी होते हैं, तब भी यह सस्पेंशन लागू रहेगा। यानी जिस टीम के लिए वह खेलेंगे, उसके पहले मैच में उनकी सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।
टिम डेविड के लिए यह पहली अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं थी। आईपीएल 2026 के दौरान वह पहले भी दो बार आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में दोषी पाए जा चुके थे। सीजन की शुरुआत में एक मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों की अनदेखी करने पर उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट मिला था। इसके बाद एक अन्य मुकाबले में आपत्तिजनक इशारा (Middle Finger) करने के मामले में उन पर जुर्माना लगा और दो डिमेरिट पॉइंट दिए गए। फाइनल में हुई ताजा घटना के बाद उनके खाते में कुल पांच डिमेरिट पॉइंट जमा हो गए, जिसके चलते उन्हें निलंबन झेलना पड़ रहा है।
सजा स्वीकार कर चुके हैं टिम डेविड
रिपोर्ट्स के मुताबिक टिम डेविड ने अपने व्यवहार को लेकर कोई विवाद नहीं किया और मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया। उन्होंने अपनी गलती मानी और फैसले पर सहमति जताई। यही कारण है कि मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया।
अनुशासनात्मक विवादों के बावजूद क्रिकेट के लिहाज से टिम डेविड का आईपीएल 2026 सीजन काफी प्रभावशाली रहा। मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम को संभाला और फिनिशर की भूमिका निभाई। फाइनल में भी उन्होंने उपयोगी रन जोड़े थे और पूरे सीजन में आरसीबी की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
हालांकि अब आईपीएल 2026 की ट्रॉफी जीतने की खुशी के बीच टिम डेविड के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। एक छोटी सी गलती ने उन्हें अगले सीजन के पहले मुकाबले से बाहर कर दिया है और यही बात फिलहाल क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद जहां पूरा देश विराट कोहली और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की सफलता का जश्न मना रहा है, वहीं विराट और अनुष्का शर्मा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद आध्यात्मिक राह को चुना। ट्रॉफी जीतने के कुछ ही समय बाद दोनों वृंदावन पहुंचे और संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
31 मई को खेले गए फाइनल मुकाबले में RCB ने गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। जीत के बाद मैदान पर खिलाड़ियों और उनके परिवारों के साथ जश्न का माहौल देखने को मिला। विराट कोहली भावुक नजर आए, जबकि अनुष्का शर्मा भी इस खास पल का हिस्सा बनीं। दोनों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें वे टीम के साथ जीत का जश्न मनाते दिखाई दिए।
अनुष्का शर्मा ने भी इस जीत को अपने अंदाज में सेलिब्रेट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर विराट और टीम को बधाई देते हुए कई तस्वीरें शेयर कीं। एक तस्वीर में विराट ट्रॉफी थामे नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीर में अनुष्का उनके माथे पर प्यार जताती दिखाई दीं। इन तस्वीरों को फैंस ने खूब पसंद किया और दोनों पर प्यार बरसाया।
हालांकि जीत के जश्न के बाद सबसे ज्यादा चर्चा विराट और अनुष्का की वृंदावन यात्रा की हो रही है। दोनों को आगरा एयरपोर्ट से निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद वे सीधे वृंदावन पहुंचे। वहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जाता है कि दोनों ने आश्रम में कुछ समय बिताया और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा भी की।
Anushka Sharma -Virat kohli के समय यमुना किनारे स्थित स्थान पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान दोनों बेहद सादगी भरे अंदाज में नजर आए। उनके गले में तुलसी की माला थी और माथे पर तिलक लगा हुआ था। पढ़ें https://t.co/p4YV0rKkCu#premnandjimaharajpic.twitter.com/fEKKuxPooh
विराट और अनुष्का सुबह के समय यमुना किनारे स्थित स्थान पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान दोनों बेहद सादगी भरे अंदाज में नजर आए। उनके गले में तुलसी की माला थी और माथे पर तिलक लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 45 मिनट तक आध्यात्मिक संवाद किया और गुरुजनों का आशीर्वाद लिया।
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का वृंदावन से जुड़ाव नया नहीं है। पिछले कई वर्षों से यह कपल समय-समय पर यहां आता रहा है। चाहे क्रिकेट का व्यस्त कार्यक्रम हो या फिल्मी दुनिया की जिम्मेदारियां, दोनों अक्सर आध्यात्मिक शांति की तलाश में धार्मिक स्थलों का रुख करते हैं। प्रेमानंद महाराज के प्रति उनकी श्रद्धा भी कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुकी है।
विराट ने अपने करियर के विभिन्न चरणों में मानसिक मजबूती और आत्मिक संतुलन की अहमियत पर बात की है। वहीं अनुष्का शर्मा भी जीवन में सकारात्मकता और आध्यात्मिक सोच को महत्वपूर्ण मानती हैं। यही कारण है कि बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं के बाद भी दोनों खुद को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़े रखते हैं।
अगर आईपीएल 2026 में विराट कोहली के प्रदर्शन की बात करें तो उनका बल्ला पूरे सीजन जमकर बोला। अनुभवी बल्लेबाज ने 16 मैचों में 675 रन बनाए और टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे। उन्होंने शानदार औसत और आक्रामक स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाए, जिसमें कई मैच जिताने वाली पारियां भी शामिल रहीं, फाइनल की पारी भी उनमें से एक थी। उनके प्रदर्शन ने RCB को लगातार दूसरी बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
विराट और अनुष्का की कहानी भी फैंस के बीच हमेशा चर्चा में रहती है। दोनों की पहली मुलाकात एक विज्ञापन शूट के दौरान हुई थी। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता प्यार में बदला और दिसंबर 2017 में दोनों ने इटली में एक निजी समारोह में शादी कर ली। इसके बाद उनके परिवार में बेटी वामिका और बेटे अकाय का आगमन हुआ। दोनों हमेशा अपने बच्चों की निजता को प्राथमिकता देते हैं और निजी जीवन को लाइमलाइट से दूर रखने की कोशिश करते हैं।
RCB की ऐतिहासिक जीत के बाद वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लेना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि विराट और अनुष्का सफलता के साथ-साथ आध्यात्मिक संतुलन को भी उतना ही महत्व देते हैं। क्रिकेट के मैदान पर मिली बड़ी उपलब्धि के बाद उनका यह कदम फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ ट्रॉफी जीतने की खुशी है, तो दूसरी तरफ गुरुजनों के आशीर्वाद के जरिए उस सफलता के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने की भावना भी साफ नजर आती है।
आईपीएल के इतिहास में कई दिग्गज कप्तान आए और गए, लेकिन लगातार दो सीजन अपनी टीम को चैंपियन बनाना हर किसी के बस की बात नहीं रही। यही वजह है कि जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की, तो कप्तान रजत पाटीदार का नाम सीधे उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में दर्ज हो गया, जहां पहले से सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज मौजूद थे।
धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 2010 और 2011 में लगातार खिताब दिलाया था, जबकि रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस को 2019 और 2020 में बैक-टू-बैक चैंपियन बनाया। अब इस Elite List में तीसरा नाम रजत पाटीदार का जुड़ चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि पाटीदार का सफर बाकी सभी से कहीं ज्यादा संघर्षों और उतार-चढ़ावों से भरा रहा।
जिस खिलाड़ी को किसी ने नहीं खरीदा, वही बना RCB का सबसे बड़ा हीरो
आज जिस खिलाड़ी के हाथों में दो आईपीएल ट्रॉफियां हैं, कभी वही खिलाड़ी आईपीएल ऑक्शन में अनदेखा कर दिया गया था। मध्य प्रदेश के इंदौर से आने वाले रजत पाटीदार ने आईपीएल में अपना पहला कदम 2021 में रखा था। RCB ने उन्हें उनके बेस प्राइस पर खरीदा, लेकिन शुरुआती सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्हें सिर्फ चार मैच खेलने का मौका मिला और वे महज 71 रन ही बना सके।
सीजन खत्म हुआ और फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया।
इसके बाद आया 2022 का मेगा ऑक्शन। रजत पाटीदार को उम्मीद थी कि कोई न कोई टीम उन पर भरोसा दिखाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दस टीमों के बीच चली नीलामी में उनका नाम बार-बार आया, मगर कोई बोली नहीं लगी। वे अनसोल्ड रह गए। एक क्रिकेटर के लिए यह पल किसी झटके से कम नहीं होता। लेकिन शायद किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही लिख रखा था।
लवनीत सिसोदिया (Luvneeth Sisodiya) की चोट ने बदल दी जिंदगी
आईपीएल 2022 शुरू होने से पहले RCB को बड़ा झटका लगा जब युवा बल्लेबाज लवनीत सिसोदिया चोटिल हो गए। टीम को रिप्लेसमेंट की जरूरत थी।
तभी फ्रेंचाइजी को रजत पाटीदार की याद आई।
जिस खिलाड़ी को कुछ महीने पहले रिलीज किया गया था और जिसे ऑक्शन में किसी ने नहीं खरीदा था, उसी खिलाड़ी को दोबारा टीम में बुलाया गया। रजत ने मौका स्वीकार किया और यहीं से उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली।
एलिमिनेटर की वह सेंचुरी जिसने सब बदल दिया
2022 का सीजन रजत पाटीदार के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने मिले हुए मौके का पूरा फायदा उठाया और लगातार शानदार बल्लेबाजी की। लेकिन असली धमाका प्लेऑफ में देखने को मिला। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में रजत पाटीदार ने ऐसी पारी खेली जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान उनकी ओर खींच लिया। उन्होंने सिर्फ 49 गेंदों में शतक जड़ते हुए नाबाद 112 रन बनाए।
यह सिर्फ एक शतक नहीं था, बल्कि एक बयान था रजत अब सिर्फ टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि टीम का भविष्य बनने जा रहे थे।
फिर आया मुश्किल दौर
जब लगने लगा कि सब कुछ सही दिशा में जा रहा है, तभी किस्मत ने एक और परीक्षा ले ली। 2023 का पूरा सीजन रजत पाटीदार चोट के कारण नहीं खेल सके। उन्हें मैदान से दूर रहना पड़ा। RCB का प्रदर्शन भी उस साल उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। लेकिन यही वह समय था जिसने रजत को मानसिक रूप से और मजबूत बनाया।
2024 में हुई वापसी, बदला खेल का अंदाज
2024 में रजत पाटीदार ने मैदान पर वापसी की और पहले से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। RCB का अभियान शुरुआत में लड़खड़ाया जरूर, लेकिन टीम ने शानदार वापसी करते हुए प्लेऑफ तक का सफर तय किया। इस दौरान पाटीदार ने आक्रामक बल्लेबाजी से अपनी अलग पहचान बनाई।उनका स्ट्राइक रेट बताता था कि अब वे सिर्फ रन बनाने नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने मैदान पर उतरते हैं। यहीं से उनके भीतर एक नेता की झलक भी दिखाई देने लगी।
2025 में RCB ने बड़ा फैसला लेते हुए रजत पाटीदार को टीम की कमान सौंप दी। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था। टीम में विराट कोहली जैसे दिग्गज मौजूद थे, लेकिन फ्रेंचाइजी ने भविष्य पर दांव खेला और कप्तानी पाटीदार को सौंप दी। रजत ने इस भरोसे को सिर्फ सही साबित नहीं किया, बल्कि इतिहास रच दिया।
जिस ट्रॉफी का इंतजार RCB पिछले 17 सालों से कर रही थी, उसे आखिरकार पाटीदार ने टीम की झोली में डाल दिया।
2026: जब कप्तान से लीजेंड बनने लगे रजत
पहली ट्रॉफी जीतना बड़ी बात होती है, लेकिन उसे दोहराना उससे भी मुश्किल।
2026 में हर टीम RCB को हराने के इरादे से मैदान पर उतर रही थी। दबाव पहले से कहीं ज्यादा था।
लेकिन रजत पाटीदार ने साबित कर दिया कि 2025 कोई इत्तेफाक नहीं था।
पूरे सीजन में उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया और कप्तान के तौर पर टीम को लगातार दूसरी बार खिताब तक पहुंचाया। बड़े मुकाबलों में उनका आत्मविश्वास, आक्रामक सोच और निडर बल्लेबाजी RCB की सबसे बड़ी ताकत बन गई।
क्वालिफायर जैसे अहम मुकाबलों में उनकी विस्फोटक पारियों ने टीम की जीत की नींव रखी और आखिरकार RCB ने दूसरी लगातार ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
विराट कोहली लंबे समय तक RCB की पहचान रहे हैं। लेकिन पिछले दो वर्षों में रजत पाटीदार ने साबित किया है कि फ्रेंचाइजी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि टीम को एक नई मानसिकता दी। ऐसी मानसिकता जो दबाव से डरती नहीं, बल्कि उसे चुनौती देती है।
अनसोल्ड से अनस्टॉपेबल तक
क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि एक मौका जिंदगी बदल सकता है। रजत पाटीदार इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। एक समय था जब उन्हें किसी टीम ने खरीदना जरूरी नहीं समझा। फिर एक चोट की वजह से उन्हें दूसरा मौका मिला। उन्होंने उस मौके को इतिहास में बदल दिया।
आज उनके नाम दो आईपीएल ट्रॉफियां हैं, करोड़ों फैंस का प्यार है और आईपीएल इतिहास में एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचना हर कप्तान का सपना होता है।
रजत पाटीदार की कहानी सिर्फ सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह विश्वास, धैर्य और मौके को पहचानकर उसे इतिहास में बदल देने की कहानी है। यही वजह है कि आज RCB के लिए रजत सिर्फ कप्तान नहीं, बल्कि एक Era बन चुके हैं।
मध्य प्रदेश लीग (MPL) के बहुप्रतीक्षित नए सीजन के करीब आते ही जबलपुर रॉयल लायंस (JRL) नए आत्मविश्वास, मजबूत तैयारियों और इस वर्ष प्रभावशाली प्रदर्शन के स्पष्ट इरादे के साथ टूर्नामेंट में उतरने जा रही है।
संतुलित टीम संयोजन, अनुभवी सपोर्ट स्टाफ और निडर खेल शैली के दम पर फ्रेंचाइजी को भरोसा है कि यह उसका अब तक का सबसे मजबूत अभियान साबित हो सकता है।
सीजन से पहले टीम की तैयारी और मानसिकता पर विश्वास जताते हुए सीनियर ऑलराउंडर राहुल बाथम ने कहा,“टीम के भीतर तैयारियां, मानसिकता और ऊर्जा बेहद सकारात्मक हैं। हमने ऐसी टीम तैयार की है जिसमें प्रतिभा, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन करने की भूख है। हमारा उद्देश्य केवल भाग लेना नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान बनाना, निडर क्रिकेट खेलना और अपने प्रशंसकों को गौरवान्वित करना है। यह जबलपुर रॉयल लायंस का अब तक का सर्वश्रेष्ठ सीजन होगा, क्योंकि हम शेरों की तरह खेलेंगे और चैंपियंस की तरह जीतेंगे।”
इस सीजन की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं का शानदार संतुलन देखने को मिलेगा। हेड कोच आनंद राजन का मानना है कि यही संयोजन टीम की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी साबित होगा।
राजन ने कहा -“हमने एक मजबूत टीम संस्कृति विकसित करने पर कड़ी मेहनत की है, जहाँ अनुशासन, तैयारी और उसे मैदान पर प्रभावी ढंग से लागू करना सबसे महत्वपूर्ण है। खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग के दौरान शानदार प्रतिबद्धता दिखाई है और हम ऐसी टीम तैयार कर रहे हैं, जो पूरे आत्मविश्वास और इरादे के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी। हमारा लक्ष्य सकारात्मक क्रिकेट खेलना और इस सीजन में अपने समर्थकों को जश्न मनाने के कई अवसर देना है।”
जोर-शोर से चल रही तैयारियों के बीच जबलपुर रॉयल लायंस पूरे आत्मविश्वास और अपने प्रशंसकों की उम्मीदों के साथ एमपीएल सीजन में कदम रख रही है। टीम प्रबंधन का मानना है कि निरंतरता, टीम वर्क और निडर प्रदर्शन इस वर्ष टीम के अभियान की पहचान होंगे।
जबलपुर रॉयल लायंस के प्रमोटरों की ओर से वीकॉर्प (Vcorp) के जनरल मैनेजर लव मलिक ने कहा,
“हम एक मजबूत सीजन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं, क्योंकि टीम संतुलित है और खिलाड़ी एक-दूसरे के पूरक हैं। यह युवा ऊर्जा और अनुभव का बेहतरीन मिश्रण है।”