टेम्बा बावुमा की पहली टेस्ट हार, ऑस्ट्रेलिया ने विश्व विजेता द. अफ्रीका को पहले टेस्ट में रौंदा

AUSvsSA टेम्बा बावुमा की टेस्ट कप्तानी में पहली हार उनके घर पर ही होनी थी। डरबन में दक्षिण अफ्रीका को पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 214 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। यह हार टेम्बा बावुमा की बतौर टेस्ट कप्तान पहली हार है। ऑस्ट्रेलिया ने 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में शीर्ष स्थान काबिज रखा है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027  अंक तालिका की बात करें तो यह दक्षिण अफ्रीका की दूसरी ही हार है और वह दूसरे पायदान पर ही है। पहली हार टीम को पाकिस्तान के खिलाफ पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ मिली थी।

मैच की बात करें तो पहले दिन को छोड़कर दक्षिण अफ्रीका ऑस्ट्रेलिया पर किसी दिन भारी नहीं पड़ी। 124 पर 6 विकेट खो चुकी ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट रैनशॉ और पैट कमिंस की साझेदारी ने मिलकर 390 रनों तक पहुंचाया।

इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका पहली पारी में 284 रन ही बना पाई। दिलचस्प बात यह रही कि कोई भी बल्लेबाज 50 तक नहीं पहुंच पाया। पैट कमिंस ने सर्वाधिक 3 विकेटें ली। पहली पारी के आधार पर 106 रनों की बढ़त हासिल कर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत ठीक रही लेकिन इस बार भी मैन रेनशॉ ने सर्वाधिक 82 रन बनाए। टीम के हर बल्लेबाज का स्कोर दहाई में रहा और 6 विकेट के नुकसान पर 314 रन बनाकर टीम ने पारी घोषित कर दी। महाराज और नोर्त्जे ने 2-2 विकेट लिए।

चौथे दिन 4 विकेट खोकर अंतिम दिन टेस्ट बचाने की कोशिश करने वाली दक्षिण अफ्रीका ने पहले घंटे संयम का खेल दिखााय लेकिन ऑस्ट्रेलिया की नई गेंद का उनके पास कोई जवाब नहीं था। टीम 206 रनों पर सिमट गई और 214 रनों से टेस्ट हार बैठी। ओपनर एडन मार्कर्म ने सर्वाधिक 75 रन बनाए और जोश हेजलवुड ने इस पारी में 6 विकेट लिए। मैट रेनशॉ को मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार दिया गया क्योंकि उन्होंने गेंद के साथ 2 विकेट भी निकाले।

टिकटों के लिए 1.5 करोड़ से ज्यादा आवेदन, एकदिवसीय विश्वकप 27 देखने के लिए फैंस में भारी उत्साह

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पहले बताया था कि 2027 वनडे विश्व कप में खेले जाने वाले भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले के लिए प्रशंसकों में भारी उत्साह है औऱ इस मैच की टिकटों के  लिए 75 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। हालांकि हालिया बयान के अनुसार पूरे टूर्नामेंट को लेकर ही प्रशंसकों में भारी उत्साह दिख रहा है।

ICC के मुताबिक टिकटों के आवेदन की संख्या 1.5 करोड़ पार कर चुकी है।आईसीसी के इस 50 ओवर के शीर्ष टूर्नामेंट की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे और इसका आयोजन दो अक्टूबर से 21 नवंबर तक किया जाएगा।

ICC ने एक बयान में कहा, ‘‘अब तक टिकटों के लिए 1 करोड़ 50 लाख 83 हजार 752 आवेदन मिले हैं जिसके लिए 142 देशों के प्रशंसकों ने 44 लाख 23 हजार 417 पंजीकरण कराए हैं।’’टिकटों के लिए पंजीकरण 21 नवंबर 2026 तक कराया जा सकता है जिसके ठीक एक साल बाद जोहानिसबर्ग के वांडरर्स में फाइनल का आयोजन होगा।

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजोग गुप्ता ने कहा, ‘‘टिकटों की भारी मांग क्रिकेट विश्व कप की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा, पर्यटन स्थल के रूप में अफ्रीका के आकर्षण तथा टूर्नामेंट के आगाज से पहले आईसीसी और उसके साझेदारों की प्रचार गतिविधियों से पैदा हुई उत्सुकता का प्रमाण है।’’

क्रिकेट विश्व कप 24 साल के अंतराल के बाद दक्षिण अफ्रीका लौट रहा है।गुप्ता ने कहा, ‘‘टूर्नामेंट शुरू होने में एक साल शेष है और आईसीसी ने इस दौरान व्यापक स्तर पर प्रचार गतिविधियों, विभिन्न मंचों पर अभियान और विशेष सामग्री की शृंखला की योजना बनाई है। इससे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2027 को लेकर प्रशंसकों का उत्साह और बढ़ेगा।’’

सात नवंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान के सुपर-7 मुकाबले के लिए अब तक करीब 75 हजार आवेदन मिल चुके हैं। यह मांग के मामले में चौथे स्थान पर है।जोहानिसबर्ग के वांडरर्स में होने वाले विश्व कप फाइनल के लिए भी करीब 65 हजार आवेदन आ चुके हैं।

आईसीसी के अनुसार, ‘‘टिकटों की कीमत 9.62 डॉलर (लगभग 930 रुपये) से शुरू होकर सबसे महंगी श्रेणी के लिए 31.31 डॉलर (लगभग 3018 रुपये) तक है। परिवारों के लिए पैकेज, छात्रों और पेंशनभोगियों के लिए विशेष कीमत, स्थानीय लोगों के लिए शुरुआती टिकट और स्कूल-क्लब समूहों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।

शुभमन गिल और शेफाली वर्मा ने जीता सितंबर माह का प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड

Shubhman Gill

पिछले महीने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद शेफाली वर्मा ने सितंबर के लिए महिला आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता जबकि भारत के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के बाद रिकॉर्ड पांचवें आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता है।

शेफाली के साथ श्रीलंका की कप्तान चामरी अथापथु और भारतीय बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी भी महिला सम्मान की दौड़ में थीं। वर्मा, जिन्होंने पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महिला एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में अपनी मैच विजयी पारी के बाद पुरस्कार जीता था, ने बड़े मैचों में अपने प्रदर्शन के लिए सुर्खियों में आने के बाद दूसरी बार यह सम्मान हासिल किया।

आक्रामक सलामी बल्लेबाज अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थी क्योंकि भारत ने महिला एशिया कप जीता था। उन्होंने 184.61 की स्ट्राइक रेट से 360 रन बनाए और इस दौरान छह विकेट भी लिए। एशियाई खेलों में, उन्होंने सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन और फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 48 रन बनाये। वर्मा ने कहा, “आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार फिर से जीतना एक अविश्वसनीय सम्मान है। एशिया कप और एशियाई खेलों में हमारी जीत में अपनी भूमिका निभाना बेहद संतोषजनक था और यह पुरस्कार जीतना उन जीतों को और भी खास बनाता है।”

उन्होंने कहा, “मैं आने वाले महीनों को लेकर उत्साहित हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं, अगले साल फरवरी में आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी एक और टूर्नामेंट है। विश्व कप जीतने की यादें अभी भी ताजा और विशेष हैं, और मैं घरेलू धरती पर आईसीसी टूर्नामेंट के लिए मैदान पर वापस आने का इंतजार नहीं कर सकती। यह एक अविस्मरणीय अनुभव होने का वादा करता है।” इस बीच गिल ने वेस्ट इंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज का अनुकरण करते हुए पुरुषों के लिए अपना रिकॉर्ड बढ़ाने के लिए अपना पांचवां पुरस्कार जीता, जो पांच मौकों पर आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ भी रहे हैं। उनके पिछले पुरस्कार जनवरी और सितंबर 2023 और फरवरी और जुलाई 2025 के महीनों में आए थे।

Shefali Verma

भारत के टेस्ट और एकदिवसीय कप्तान ने तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में 110 रन बनाए, जिससे मेजबान टीम की आठ विकेट की जीत में योगदान हुआ जिसने उन्हें श्रृंखला में 1-0 से आगे कर दिया।इसके बाद उन्होंने अब तक का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा, 133 गेंदों पर 223 रनों की पारी खेलकर उनकी टीम ने 406 रन के विशाल लक्ष्य को आठ विकेट शेष रहते हासिल कर लिया और 39 गेंदें अभी बाकी थीं।

गिल ने कहा, “मेरा पांचवां आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतना शानदार लग रहा है। उन रनों को स्कोर करना बेहद संतोषजनक था और हमारे घरेलू प्रशंसकों के सामने सफल रन चेज़ का हिस्सा बनना और भी विशेष था, जिनके समर्थन से हमें हमेशा अतिरिक्त बढ़ावा मिलता है। एकदिवसीय क्रिकेट की गति काफी बढ़ गई है, और आपको अपने पैरों पर खड़े होकर सोचना चाहिए, परिस्थितियों का तुरंत आकलन करना चाहिए और पिच और लक्ष्य की मांगों के अनुसार खुद को ढालना चाहिए। अगले साल दक्षिणी अफ्रीका में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप के साथ, हम अपने मानकों को ऊपर उठाने और एक मजबूत और संतुलित टीम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो आने वाली चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।”

टेस्ट क्रिकेट में स्टीव स्मिथ बने सर्वाधिक कैच पकड़ने वाले फील्डर, तीसरे नंबर पर एक भारतीय

टेस्ट क्रिकेट के सफलतम बल्लेबाजों में से एक स्टीव स्मिथ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक बेहतरीन कैच लेकर ना केवल चपलता लेकर बौद्धिक शक्ति बताई बल्कि वह टेस्ट के सर्वकालिक बेहतरीन फील्डर में शुमार हो गए। उनका यह कैच 221वां कैच था।

वह इंग्लैंड के कप्तान जो रूट से आगे निकल गए जिनसे फैब फोर में उनकी तुलना अक्सर होती रहती है।  164 टेस्ट मैचों में 210 कैच पकड़ने वाले राहुल द्रविड़ तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि राहुल द्रविड़ ने कुछ टेस्ट मैचों में भारत के लिए विकेटकीपिंग की थी तब वह इस आंकड़े पर पहुंच पाए।

हालांकि बल्ले से स्टीव स्मिथ का संघर्ष जारी है और उनको एक बार फिर मौजूदा टेस्ट में सिर पर चोट लग चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में तेज गेंदबाज एनरिच नॉर्किया की गेंद हेलमेट पर लगने के बाद कनकशन जांच के लिये भेजा जायेगा।

सैतीस वर्ष के स्मिथ को मैच के चौथे दिन सोमवार को नॉर्किया की शॉर्टपिच गेंद को खेलने के प्रयास में चोट लगी।वह दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में फील्डिंग के लिये नहीं आये।क्रिकेट आस्ट्रेलिया की सिर की चोट और कनकशन नीति के तहत स्मिथ को अगले 24 घंटे निगरानी में रखा जायेगा। कनकशन (सिर में चोट) होने पर उन्हें मेडिकल अधिकारी से हरी झंडी मिलने तक क्रिकेट से दूर रहना होगा।

स्मिथ को 2019 में एशेज टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की गेंद भी सिर पर लगी थी। उनके स्थान पर खेलने आए मार्नस लाबुशेन ने बेहतरीन पारी खेल अपनी जगह सुनिश्चित की थी और वह अब तक टीम की योजनाओं में शामिल है।

चुनाव हारकर भी तेलंगाना के मंत्री बने मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा (Video)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान में तेलंगाना राज्य में कांग्रेस के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने भी केंद्रीय पार्टी लाइन पकड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है और S.I.R (Special Intensive revision) को धोखाधड़ी बताया है।यह बातचीत उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कही जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि 3 साल पहले मोहम्मद अजहरुद्दीन तेलंगाना में घरेलू पिच पर भी नहीं जीत सके। तेलंगाना की हाई प्रोफाइल जुबली हिल्स सीट पर  उनकी स्थिती मजबूत मानी जा रही थी। लेकिन वह इस सीट पर तब हार गए जब पूरे राज्य में कॉंग्रेस की आँधी चल रही थी।हार के बाद भी कांग्रेस आलाकमान ने मशहूर  और मुस्लिम चेहरा होने के कारण अल्पसंख्यक मंत्रालय थमा दिया।

कांग्रेस की आंधी में भी चुनाव हारे अजहर

इस सीट पर भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को कुल 26 राउंड की वोटिंग के बाद  62,343 वोट मिले। वहीं भारत राष्ट्र समिति के प्रतिद्वंदी मगांथी गोपीनाथ को 78282 वोट मिले थे। इस कारण मोहम्मद अजहरुद्दीन 15,939 वोटों से हार गए थे। तीसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के लंकाला दीपक रेड्डी रहे थे जिन्हें कुल 25,083 वोट हासिल हुए थे। साल 2018 में भी मगांथी गोपीनाथ की इस सीट पर जीत हुई थी लेकिन मोहम्मद अजहरुद्दीन को जीत का दावेदार बताया जा रहा था।

साल 2009 में कॉंग्रेस पार्टी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस ही साल लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की मुरादाबद सीट पर जीत अर्जित की थी।इसके बाद साल 2014 में वह राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा चुनाव में  उतरे थे लेकिन यहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी के  प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने उनको मात दी थी।

शानदार करियर का फिक्सिंग के आरोप ने किया अंत

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक अजहर ने भारत का 99 टेस्टों और 334 वनडे में प्रतिनिधित्व किया था। वह 1992, 1996 और 1999 के विश्व कप में भारत के कप्तान रहे थे।अजहर ने अपने करियर में 99 टेस्टों में 22 शतकों की मदद से 6215 रन और 334 वनडे में 7 शतकों की मदद से 9378 रन बनाए थे। वह भारत के सफल कप्तानों में शुमार थे। उन्होंने 47 टेस्टों में भारत का नेतृत्व किया और 14 मैच जीते जबकि वनडे में उन्होंने 174 मैचों में भारत का नेतृत्व किया और 90 मैच जीते।

अपने शानदार करियर के दौरान अजहर का नाम मैच फिक्सिंग में आया था जिसके बाद बीसीसीआई ने उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि 2012 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उनपर लगा प्रतिबंध हटा दिया।

ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ ए मैचों से बाहर, यह कीपर हुआ शामिल

 

न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले दो चार-दिन के मैचों के लिए ऋषभ पंत की जगह कुमार कुशाग्र इंडिया ए में शामिल किया गया है।ऋषभ पंत को बाईं पसली में खिंचाव से उबरने की प्रक्रिया के कारण न्यूजीलैंड दौरे पर इंडिया ए के पहले दो चार-दिन के मैचों से बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह कुमार कुशाग्र को टीम में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि ऋषभ पंत टीम इंडिया के लिए सिर्फ लाल गेंद की क्रिकेट ही खेलते हैं ऐसे में यह उनके करियर के लिए ठीक संकते तो नहीं है। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए फाइनल में जाने के लिए मेहनत करने वाली टीम इंडिया के लिए भी झटका है।

ईरानी कप में शेष भारत की अगुआई करने वाले पंत की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है जिसके कारण वह शुरुआती दो मैच से बाहर हो गए हैं।इस दौरे के लिए पंत की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर थी। बीसीसीआई ने कहा कि वह बोर्ड की चिकित्सा टीम की निगरानी में हैं और अच्छी तरह उबर रहे हैं।

बीसीसीआई ने बयान में कहा कि तीसरे मैच के लिए उनकी उपलब्धता पर फैसला बाद में लिया जाएगा। पंत की चोट शुरुआती अनुमान से अधिक गंभीर लग रही है।

पुरुष चयन समिति ने पहले दो मैच के लिए पंत की जगह कुशाग्र को टीम में शामिल किया है।भारत ए टीम की कप्तानी ध्रुव जुरेल करेंगे। वह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। टीम में यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल और वाशिंगटन सुंदर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अलावा देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन भी शामिल हैं।

पिछले 4 साल में सिर्फ 1 वनडे मैच खेलने वाले ऋषभ पंत, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जगह बनाने में असफल रहे थे। ऋषभ पंत चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 की विजयी टीम में भी शामिल थे लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह बैंच पर बैठे रहे थे।कुछ ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज के दौरान हुआ जब चयनित हुए ऋषभ पंत को तीन मैचों की सीरीज में एक बार भी मौका नहीं मिला।

ऋषभ पंत को बीते कुछ सालों में लगभग हर दौरे में चोट लगी है। इंग्लैंड दौरे पर उनको पैर के अंगूठे और कोहनी में चोट लगी। इसके बाद उनको श्रीलंका में दूसरे टेस्ट में भी चोट लगी।

Dhruv Jurel

इंडिया A टीम:यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ध्रुव जुरेल (कप्तान, विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, औकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार और कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर)।

टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले बांग्लादेशी पेसर बने हसन महमूद (Video)

बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में हैट्रिक ली। इसी के साथ वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले अपने देश के पहले तेज गेंदबाज बने गये।

महमूद ने अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में यह कारनामा किया। उन्होंने विरोधी टीम की बल्लेबाजी लाइन-अप को तहस-नहस करते हुए एक और बार पारी में पांच विकेट लिए। दाएं हाथ के यह गेंदबाज टेस्ट मैच में हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के तीसरे खिलाड़ी और ऐसा करने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं।

उनसे पहले आलोक कपाली (2003 में पाकिस्तान के खिलाफ) और सोहाग गाजी(2013 में न्यूजीलैंड के खिलाफ) ने यह उपलब्धि हासिल की थी। टेस्ट मैच में लगातार तीन विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब महमूद भी शामिल हो गए हैं।

महमूद ने सबसे पहले इस्मत आलम को छकाया और उनका ऑफ़-स्टंप उखाड़ दिया, इसके बाद उन्होंने लगातार गेंदों पर क़ैस अहमद और ज़िया-उर-रहमान को आउट करके यह दुर्लभ हैट्रिक पूरी की।

महमूद ने टेस्ट के तीसरे दिन स्टंप्स के समय कहा, “यह बहुत ही शानदार एहसास है।” उस समय बांग्लादेश अपनी दूसरी पारी में 223/6 के स्कोर पर था और कुल मिलाकर 329 रनों की बढ़त बना चुका था। जब आप गेंदबाज़ी शुरू करते हैं और विकेट से गेंद को मूव होते देखते हैं, तो आप सीधा हाथ रखकर गेंदबाज़ी करने, गेंद को स्विंग कराने और विकेट लेने की कोशिश करते हैं। मैं बस यही कोशिश कर रहा था और अपनी प्रक्रिया का पालन कर रहा था। सुबह के समय गेंद को इस तरह से मूव होते देखकर मुझे खुशी हुई।”

अफगानिस्तान के खिलाफ यह मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चरण का हिस्सा नहीं है, लेकिन महमूद का फ़ॉर्म उतना ही शानदार रहा। उन्होंने तीसरे दिन कुल चार विकेट लिए और 21 किफायती ओवरों में 5/55 के आंकड़े के साथ अपना स्पेल पूरा किया। महमूद ने हैट्रिक लेने में मदद के लिए बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो और अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास को श्रेय दिया। इन दोनों ने ही उन्हें ज़िया-उर-रहमान के ख़िलाफ पगबाधा के फैसले पर रिव्यू लेने के लिए मनाया, जिससे वह यह कारनामा कर सके।

महमूद ने कहा, “पिछले दिन मुझे पूरे दिन में सिर्फ़ एक विकेट मिला था, लेकिन मैं बिल्कुल भी घबराया हुआ नहीं था। मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था। पहली पारी में हमने कुछ डीआरएस गंवा दिए थे, इसलिए हर कोई डीआरएस के बारे में सोच रहा था कि गेंद स्टंप्स पर लगेगी या नहीं। कप्तान और लिटन दास को इसका श्रेय जाता है। वे आपस में बात कर रहे थे और फिर उन्होंने मुझे बताया कि गेंद स्टंप्स पर लगेगी, इसलिए मैंने रिव्यू ले लिया। मुझे बस लगा कि मुझे सीधी गेंद डालनी चाहिए। बस इतना ही। गेंद को अपना काम करने दिया। इसलिए मैंने सही लाइन पकड़ी और स्टंप्स के ऊपरी हिस्से पर गेंद डाली।”

मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में 4 विकेट लेकर किया कमाल, दिल्ली 240 पर सिमटी

भारतीय टीम से बाहर चल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की शानदार गेंदबाजी से बंगाल की टीम ने रणजी ट्रॉफी के ग्रुप सी मुकाबले में रविवार को पहले दिन दिल्ली की पहली पारी 77.3 ओवर में 240 रन पर समेट दी।

शमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 30 रन देकर चार विकेट झटके। आकाश दीप ने 74 रन देकर दो विकेट हासिल किए, जबकि मुकेश कुमार को 43 रन देकर एक सफलता मिली। ऑफ स्पिनर अमीर गनी ने भी पिच से मिल रही मदद का फायदा उठाते हुए 45 रन देकर तीन विकेट चटकाए।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने वाले बंगाल ने तेज गेंदबाजों की मददगार पिच का फायदा उठाया।

शमी ने यश ढुल, आयुष दोसेजा (45) और दिल्ली की ओर से सर्वाधिक 56 रन बनाने वाले ऋतिक शौकीन के अलावा दिविज मेहरा को अपना शिकार बनाया।

शौकीन ने 98 गेंदों की पारी में 56 रन बनाए। बंगाल ने दिल्ली की पारीसमाप्त कर दी।

सलामी बल्लेबाज शिखर मोहन के शानदार शतक और उत्कर्ष सिंह के अर्धशतक की मदद से झारखंड ने जमशेदपुर में खेले जा रहे मैच में केरल के खिलाफ पहले दिन पांच विकेट पर 289 रन बना लिए।टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी झारखंड की टीम के लिए शिखर मोहन ने 196 गेंदों पर 143 रन की आकर्षक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 18 चौके और दो छक्के लगाए। उत्कर्ष ने 147 गेंदों पर 71 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।

केरल की ओर से ऑफ स्पिनर वैशाख चंद्रन ने 71 रन देकर तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी हरफनमौला जलज सक्सेना ने 80 रन देकर दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

मध्यक्रम के बल्लेबाज अंकित बावने के धैर्यपूर्ण नाबाद शतक और कप्तान पृथ्वी साव की तेजतर्रार पारी के दम पर महाराष्ट्र ने सेना के खिलाफ दिल्ली में खेले जा रहे इसी ग्रुप के अन्य मैच के पहले दिन स्टंप तक पांच विकेट पर 287 रन बना लिए।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी महाराष्ट्र की टीम के लिए बावने ने 232 गेंदों पर नाबाद 105 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। कप्तान साव ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए महज 73 गेंदों पर 70 रन ठोक दिए।

सेना की ओर से बाएं हाथ के स्पिनर अर्जुन शर्मा ने 74 रन देकर तीन विकेट चटकाए, जबकि बाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज राज बहादुर ने 49 रन देकर दो विकेट हासिल किए।

सलामी बल्लेबाज गौरव चौधरी के नाबाद शतक और संदीप पटनायक के अर्धशतक की मदद से ओडिशा ने अहमदाबाद में गुजरात के खिलाफ पहले दिन तीन विकेट पर 272 रन बना लिए।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ओडिशा की टीम के लिए गौरव चौधरी ने 263 गेंदों पर नाबाद 121 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और दो छक्के लगाए। संदीप पटनायक 139 गेंदों पर 69 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे।

गुजरात के गेंदबाजों को पहले दिन विकेट हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। कप्तान चिंतन गजा ने 46 रन देकर एक विकेट लिया, जबकि अर्जन नागवासवाला ने 57 रन और हर्षल पटेल ने 77 रन देकर एक-एक सफलता हासिल की। 

भारत ए ने ऑस्ट्रेलया ए के खिलाफ टाला वाइटवॉश, आखिरी वनडे 49 रनों से जीता

AUSvsIND सूर्यांश शेडगे के तेजतर्रार 66 रन और तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह के तीन विकेट की मदद से भारत ए ने रविवार को  तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में ऑस्ट्रेलिया ए को 49 रन से हराया लेकिन मेहमान टीम ने शृंखला 2-1 से अपने नाम की।

शेडगे 60 गेंद में 66 रन बनाकर भारत ए की ओर से शीर्ष स्कोरर रहे। उन्हें निचले क्रम में विपराज निगम (40) का अच्छा साथ मिला। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी कर भारत ए को छह विकेट पर 159 रन की मुश्किल स्थिति से उबारते हुए 275 रन तक पहुंचाया। भारतीय टीम 275 रन पर ऑल आउट हो गई।

भारत ए की शुरुआत अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह (34 गेंद में 39 रन) और प्रियांश आर्य (45 गेंद में 49 रन) ने 10.4 ओवर में 83 रन जोड़े। बेन ड्वारशुइस (38 रन पर तीन विकेट) ने प्रभसिमरन को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा।

इसके बाद ड्वारशुइस और विल सदरलैंड (44 रन पर तीन विकेट) ने नियमित अंतराल पर भारतीय टीम को झटके दिए।शेडगे और निगम ने उपयोगी साझेदारी करके भारत ए का स्कोर 250 रन के पार पहुंचाकर ऑस्ट्रेलिया ए के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ए ने भी अच्छी शुरुआत की। जोश फिलिप (56) और लियाम स्कॉट (26) ने 15 ओवर में 82 रन जोड़े।

दोनों बल्लेबाज 82 रन के समान टीम स्कोर पर आउट हुए। हालांकि इसके बाद लाचलान शॉ (31) और नाथन मैकस्वीनी (39) ने तीसरे विकेट के लिए 58 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया ए की उम्मीदें कायम रखीं।

गुरजपनीत ने मैकस्वीनी को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ए की पारी लड़खड़ा गई।मेहमान टीम ने महज 86 रन के भीतर अंतिम सात विकेट गंवा दिए और पूरी टीम 226 रन पर सिमट गई।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर UNICEF India ने स्मृति मंधाना को यह सम्मान

Unicef India ने  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार एजेंसी की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की। इस नई भूमिका में, मंधाना बच्चों और युवाओं के समान अधिकारों और अवसरों की वकालत करने के अपने पूर्व के कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।

यह नियुक्ति 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर की गई, जो लड़कियों के अधिकारों, सुरक्षा, क्षमता और नेतृत्व पर प्रकाश डालती है, साथ ही उन बाधाओं पर भी जो अभी भी उनके विकल्पों को सीमित करती हैं। भारत की खेल आइकन और युवा महिलाओं व लड़कियों के लिए रोल मॉडल, मंधाना लड़कियों को खेलने और आगे बढ़ने के लिए समान अवसरों की वकालत करेंगी। वह यूनिसेफ इंडिया के प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहयोग देंगी ताकि किशोरियों को सशक्त बनाया जा सके, उनके स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा दिया जा सके और वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें।

इस अवसर पर मंधाना ने कहा, “मैं यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में जुड़कर सम्मानित महसूस कर रही हूं। बचपन में क्रिकेट खेलने ने मुझे सिखाया कि हर सपना एक अवसर से शुरू होता है। मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रोत्साहन से वह अवसर कुछ असाधारण बन सकता है। हर बच्चे और युवा को बड़ा सपना देखने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए।”

यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने इस अवसर पर कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर स्मृति मंधाना का यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में स्वागत करते हुए प्रसन्न हैं। स्मृति की यात्रा, एक महत्वाकांक्षी युवा एथलीट से वैश्विक क्रिकेट आइकन तक, लड़कियों को दिखाती है कि जब प्रतिभा को अवसर मिलता है तो क्या संभव है। ऐसे समय में जब भारत दुनिया के सबसे बड़े बच्चों और युवाओं की पीढ़ी का घर है, लड़कियों के अधिकारों, नेतृत्व और कल्याण में निवेश करना किसी देश का सबसे समझदार निवेश है। हम स्मृति के साथ साझेदारी करने की आशा करते हैं ताकि हर लड़की को सीखने, खेलने, नेतृत्व करने और अपनी क्षमता पूरी करने का अवसर मिल सके।”

अर्जुन पुरस्कार प्राप्त और भारत की अग्रणी खिलाड़ियों में से एक, मंधाना, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं। वह उस टीम का हिस्सा थीं जिसने 2025 में भारत को पहला आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप खिताब दिलाया। उसी वर्ष, वह पहली महिला बनीं जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में 1,000 से अधिक वनडे रन बनाए, और पांच वनडे शतक लगाकर रिकॉर्ड बनाया। 2026 में, वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में अग्रणी रन-स्कोरर बनीं। वह विश्व की शीर्ष रैंक वाली महिला वनडे बल्लेबाज हैं और दो बार आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर रह चुकी हैं।

मंधाना ने पहले यूनिसेफ-आईसीसी अभियानों का समर्थन किया है जो लैंगिक समानता और जीवन कौशल पर केंद्रित थे। वह यूनिसेफ के प्रॉमिस टू चिल्ड्रन अभियान की भी समर्थक रही हैं।

यूनिसेफ सरकारों, समुदायों, नागरिक समाज और युवाओं के साथ मिलकर किशोरियों के अधिकारों, एजेंसी और अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए काम करता है। लड़कियों को ज्ञान, जीवन कौशल, नेतृत्व के अवसर और सुरक्षित स्थान प्रदान करता है ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और अपने भविष्य के बारे में सूचित निर्णय ले सकें। साझेदारों के साथ मिलकर, यूनिसेफ परिवारों और समुदायों के साथ भी काम करता है ताकि हानिकारक लैंगिक मानदंडों को चुनौती दी जा सके, सहयोग प्रणालियों को मजबूत किया जा सके, लड़कियों को शिक्षा में बनाए रखा जा सके, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार किया जा सके और उन्हें कौशल और आजीविका मार्गों से जोड़ा जा सके — जिससे उनका आत्मविश्वास और विकल्प बढ़े ताकि वे सीख सकें, नेतृत्व कर सकें, आगे बढ़ सकें और विवाह को टाल सकें।

यूनिसेफ हर बच्चे के अधिकारों को बनाए रखने का प्रयास करता है, उन्हें नुकसान और सभी प्रकार के भेदभाव से बचाता है, ताकि वे स्वस्थ और शिक्षित होकर अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें। यह कार्य यूनिसेफ के वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त जनादेश और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के समर्थन के अनुरूप है। यूनिसेफ दुनिया के सबसे कठिन स्थानों में काम करता है, ताकि दुनिया के सबसे वंचित बच्चों तक पहुंचा जा सके। 190 से अधिक देशों और क्षेत्रों में, संस्था हर बच्चे के लिए हर जगह काम करती है ताकि सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाई जा सके। यूनिसेफ इंडिया व्यवसायों और व्यक्तियों से मिलने वाले समर्थन और दान पर निर्भर करता है ताकि स्वास्थ्य, पोषण, जल और स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक नीति और सामाजिक सुरक्षा तथा बाल संरक्षण कार्यक्रमों को विस्तारित किया जा सके।

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी इस अवसर पर यूनिसेफ और मंधाना की तारीफ में ट्वीट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘‘स्मृति मंधाना यूनिसेफ इंडिया परिवार में आपका स्वागत है। आप मैदान पर लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि मैदान के बाहर आप बच्चों के अधिकारों के लिए बुलंद आवाज बनोगी।’’