रोहित से खतरा टला नहीं, प्रज्ञान ओझा चुनेंगें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम

22 अक्टूबर से शुरु होने वाले न्यूजीलैंड दौरे के लिए जल्द ही टीम का एलान हो सकता है। अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त हो गया है ऐसे में प्रज्ञान ओझा बतौर अंतिरम मुख्य चयनकर्ता न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम चुन सकते हैं। गौरतलब है कि  प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट के हित में निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। ईशान किशन को टी-20 विश्वकप टीम में रखने का निर्णय भी उनका ही था।

ऐसे में यह रोहित शर्मा के लिए सही संकेत नहीं है भले ही उन्होंने घरेलू पिच पर दसवीं रैंक की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 और 92 रनों की पारी ही क्यों ना खेल दी हो। प्रज्ञान ओझा अजीत आगरकर के करीबी भी रहे हैं और माना जा रहा था कि लॉर्ड्स एकदिवसीय मैच से पहले रोहित शर्मा के संन्यास पर प्रज्ञान ओझा की सहमति थी। ऐसे में क्या प्रज्ञान ओझा रोहित शर्मा को ड्रॉप करने की हिम्मत दिखाएंगे यह 48 घंटों में पता चल जाएगा।

प्रज्ञान ओझा की अगुआई वाली चार सदस्यीय समिति को भारत ए के न्यूजीलैंड के ‘शैडो टूर’ के लिए भी टीम का चयन करना है जिसमें वे 19 नवंबर से शुरू होने वाले दो डब्ल्यूटीसी मैचों की तैयारी के अंतर्गत तीन ‘अनौपचारक टेस्ट’ खेलेंगे।इनके बीच में पांच वनडे मैच भी हैं जो अगले साल के 50 ओवर के विश्व कप की तैयारियों का बड़ा हिस्सा हैं।

3 मैचों में 2 शतक मार चुके यशस्वी जायसवाल का करियर शुरु होने से पहले खत्म होता दिख रहा है क्योंकि उनकी जगह 39 वर्षीय पूर्व कप्तान खेलना चाहता है। ऐसे में प्रज्ञान ओझा क्या स्टार कलचर और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अंदर तक रोहित शर्मा की पीआर मशीनरी की गही पैठ का सामना कर पाएंगे यह देखने वाली बात होगी।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

एकदिवसीय में आधे साल तक संघर्ष करते रहे रोहित शर्मा

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

विश्वकप विजेता भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हर प्रारुप की छोड़ी कप्तानी

Harmanpreet Kaur

पिछले साल भारतीय टीम को पहला एकदिवसीय विश्वकप दिलाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारुपों (लाल और सफेद गेंद की क्रिकेट) की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। अब वह बतौर खिलाड़ी ही भारतीय टीम में खेलेंगी।

गौरतलब है कि साल 2022 में तत्कालीन कप्तान मिताली राज के संन्यास लेने के बाद उनको एकदिवसीय  और टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी। टी-20 प्रारुप में वह इससे पहले कप्तानी कर चुकी थी। सैंतीस वर्षीय हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2016 में यह जिम्मेदारी संभाली थी।साल 2020 में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्वकप का फाइनल हरमनप्रीत की अगुवाई में खेल चुकी थी।

हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया। बैठक में पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसके भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे।

हरमनप्रीत ने इसकी घोषणा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर की। उन्होंने टेस्ट जर्सी में अपना फोटो अपलोड कर लिखा कि

“आज, मैं सभी फॉर्मेट में इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की कैप्टन के पद से हट रही हूँ।

यह कोई आसान फैसला नहीं है। इसमें सालों की यादें, इमोशन, त्याग और ऐसे पल हैं जो ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।

मैंने इस टीम और इंडियन विमेंस क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है — अपना खून, अपना पसीना, अपना समय, और कई बार, अपने खेल और पर्सनल एम्बिशन का एक हिस्सा। ऐसे पल भी आए जब मुझे अपनी पर्सनल परफॉर्मेंस, अपनी ग्रोथ, और जो मैं अपने लिए चाहती थी, उसे एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना ​​था कि टीम को पहले आना चाहिए।

एक कैप्टन के तौर पर, मुझे मुश्किल फैसले लेने पड़े हैं।
ऐसे फैसले जो हमेशा समझ में नहीं आते थे, हमेशा आसान नहीं होते थे, और कभी-कभी पर्सनल कीमत चुकानी पड़ती थी। लेकिन मैंने जो भी फैसला लिया, उसका एक ही मकसद था – इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरे प्लेयर्स को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और खुद का बेस्ट वर्जन बनने का मौका देना।

मैंने सब कुछ देखा है।

मैंने सबसे बुरे पल, दिल टूटना, बुराई, शक और वो दिन देखे हैं जब कुछ भी हमारे हिसाब से नहीं होता था। और मैंने सबसे ऊँचे पल भी देखे हैं – जीत, जश्न, अपने देश को रिप्रेजेंट करने का गर्व, और वो पल जब हर कुर्बानी कामयाब हुई।

| आज मैं भावनाओं से भरे दिल के साथ, लेकिन शांति के साथ कप्तानी छोड़ रहा हूँ।

क्योंकि मुझे सच में यकीन है कि मेरी टीम अच्छी जगह पर है। एक ऐसी टीम जिसमें टैलेंट, कैरेक्टर, विश्वास और भविष्य है, जिसे देखने और उसका हिस्सा बनने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूँ।

मुझे लगता है कि मैंने अपना फ़र्ज़ निभाया है।

मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने गर्व के साथ ज़िम्मेदारी निभाई, और मैं इंडियन विमेंस क्रिकेट को लीड करने के इस खास मौके के लिए हमेशा शुक्रगुजार रहूँगी।

अब, मेरे लिए पन्ना पलटने का समय आ गया है।

कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन इंडियन क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी नहीं होगा।

हर टीममेट, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार के सदस्यों, हर एक फ़ैन का शुक्रिया जो मेरे साथ अच्छे और बुरे समय में खड़े रहे।

खून. पसीना. शान. गर्व।

मैंने सब कुछ दे दिया।

अब, मैं फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने के लिए तैयार हूँ।

कप्तानी खत्म. सफ़र जारी है”.

भारत वेस्टइंडीज मैच खत्म हुआ देरी से, दोनों टीमों पर लगी स्लो ओवर रेट पेनल्टी

INDvsWI भारत वेस्टइंडीज का तीसरा एकदिवसीय मैच रोमांचक होने के साथ साथ बहुत लंबा समय ले गया। इसकी वजह थी धीमी गेंदबाजी दोनों ही टीमों ने तेज गेंदबाजों पर भरोसा जताया। इस कारण मैच बहुत देरी से समाप्त हुआ। वेस्टइंडीज की टीम में  सिर्फ गुडाकेश मोती थे जिन्होंने स्पिन गेंदबाजी की तो वहीं भारत की ओर से सिर्फ कुलदीप यादव और नमनधीन स्पिन गेंदबाज थे।

दिलचस्प बात यह रही कि वेस्टइंडीज को 3 ओवर की स्लो ओवर रेट पेनल्टी लगी। इन 2 ओवरों में इंडीज सिर्फ 4 खिलाड़ी ही 30 यार्ड घेरे के बाहर रख सकता था। इन 2 ओवरों में भारतीय टीम ने 40 रन बनाए। हालांकि जब भारतीय टीम पर स्लो ओवर रेट के लिए यह सजा दी गई तो वेस्टइंडीज को 4 ओवरों में 44 रन बनाने थे। लेकिन इंडीज ने यह 14 गेंदों में ही बना लिए।

हालांकि दोनों ही टीमों के लिए जुर्माना भी लगाया गया है। भारत पर जहां मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया, वहीं वेस्टइंडीज पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगा जिसमें दोनों टीम को निर्धारित ओवर गति से क्रमशः चार और दो ओवर कम पाया गया।मैच रेफरी प्रकाश भट्ट ने शनिवार को मैच के बाद यह जुर्माना लगाया।

आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों कप्तानों ने अपराध स्वीकार कर लिए और प्रस्तावित जुर्माने को स्वीकार कर लिया है जिससे औपचारिक सुनवाई की कोई जरूरत नहीं थी।’’

ये आरोप मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की, तीसरे अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और चौथे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने लगाए थे।

वेस्टइंडीज अंतिम वनडे में पहले ही तीन मैच की सीरीज गंवा चुका था, लेकिन उसने भारत दौरे के वनडे चरण का समापन शानदार अंदाज में किया। शाई होप के नाबाद 162 रन की मदद से वेस्टइंडीज ने पुरुष वनडे में अपने सबसे बड़े 352 रन के लक्ष्य को हासिल किया।

अब दोनों टीमें पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज पर ध्यान केंद्रित करेंगी जो मंगलवार को लखनऊ में शुरू होगी।भारतीय और इंडीज के कप्तान शुभमन गिल और शाई होप ने इस फैसले के खिलाफ अपील नहीं की है।

3 मैचों में 1 शतक और 2 अर्धशतक बनाने वाला यह कैरिबियाई बल्लेबाज हुआ भारत के खिलाफ टी-20 टीम में शामिल

भारत के खिलाफ 3 एकदिवसीय मैचों की सीरीज से पहले वेस्टइंडीज के खब्बू बल्लेबाज आमिर जांगू का नाम कोई नहीं जानता था। लेकिन उन्होंने 119 की औसत से 1 शतक और 2 अर्धशतक लगाकर इस सीरीज में 239 रन बनाए। यह प्रदर्शन तब आया जब इंडीज की टीम ना केवल नामी खिलाड़ियों के बिना भारत आई बल्कि तब भी आया जब इंडीज मैच में अहम मोड़ पर खड़ी थी।

यही कारण है कि उनको एकदिवसीय मैचों की सीरीज का ईनाम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज में शामिल कर दिया जा रहा है। वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए शीर्ष क्रम के बल्लेबाज आमिर जांगू को चोटिल ज्वेल एंड्रयू के विकल्प के रूप में टीम में शामिल किया है।टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मैच मंगलवार को लखनऊ में खेला जाएगा।मुल्लांपुर में शनिवार को खेले गए तीसरे वनडे के दौरान नमन धीर का कैच लेने के प्रयास में एंड्रयू की उंगली में चोट लग गई थी। हालांकि जांच में पता चला कि किसी तरह का फ्रैक्चर नहीं है।

यह 19 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज वेस्टइंडीज के 352 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने के दौरान बल्लेबाजी करने नहीं उतरा।क्रिकेट वेस्टइंडीज ने सोमवार को बयान में कहा, ‘‘भारत के खिलाफ शनिवार को तीसरे वनडे के दौरान ज्वेल एंड्रयू की उंगली में चोट लगने के बाद उनकी जगह विकल्प के तौर पर आमिर जांगू को टीम में शामिल किया गया है। चिकित्सा दल एंड्रयू की स्थिति पर नजर रख रहा है।’’

गौरतलब है कि पहले एकदिवसीय मैच में जब वेस्टइंडीज के 5 विकेट गिर गए थे तो जांगू ने 43 गेंदों में 7 चौके और 1 छक्के की मदद से नाबाद 58 रन बनाए थे। जिसकी बदौलत इंडीज 295 रनों तक पहुंच पाया था।

दूसरे एकदिवसीय मैच में उनको बल्लेबाजी क्रम में पदोन्नती मिली और वह दूसरे विकेट के पतन के बाद क्रीज पर आए। उन्होंने शानदार शतक जड़ा जिससे इंडीज एकदिवसीय इतिहास में पहली बार 400 पार हो पाई। उन्होंने 77 गेंदों में 13 चौके और 3 छक्के लगाकर 114 रन बनाए।

तीसरे एकदिवसीय मैच में वह पांचवें ओवर में ही क्रीज पर आए और कप्तान के साथ 109 रनों की साझेदारी निभाई जिससे इंडीज लंबे समय बाद भारत में मैच जीतने में सफल रही। इस पारी में रन आउट होने से पहले जांगू 56 गेंदों में 5 चौके और 1 छक्के की मदद से 67 रन बना गए।

वेस्टइंडीज की टी20 स्क्वाड Vs भारत: अकील हुसैन, रोस्टन चेज, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), गुडाकेश मोती, शिमरोन हेटमायर, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, रोवमैन पॉवेल, रोमारियो शेफर्ड, शेरफेन रदरफोर्ड, मैथ्यू फोर्ड, कामिल पूरन, क्वेंटिन सैम्पसन, ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), शमर जोसेफ, अमीर जंगू

युजवेंद्र चहल: एक प्रतिभा जो बिना कुछ खास उपलब्धि के क्रिकेट करियर की संघ्यावेला में पहुंचे

लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल 228 प्लस विकेटों के साथ इंडियन प्रीमियर लीग के सबसे सफल गेंदबाज हैं। वहं लंबे समय तक इस प्रारुप में भारत के भी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। लेकिन भारत का साल 2013 से 2023 तक का 10 साल का आईसीसी ट्रॉफी का सूखा ऐसा रहा कि वह अपने करियर में कुछ खास उपलब्धि लेकर नहीं जा पाए।

कहने को तो युजवेंद्र चहल टी-20 विश्वकप 2024 की विजेता टीम का हिस्सा थे लेकिन उस विश्वकप में उनको एक भी बार अंतिम ग्यारह में मौका नहीं मिला। कुछ ऐसे ही पिछले टी-20 विश्वकप गुजरे। इससे पिछले दो विश्व कप (T20I 2016- 2021) में से चहल एक में टीम का हिस्सा नहीं थे जबकि 2022 टी20 विश्व कप में टीम में होने के बाद भी उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला।वहीं एकदिवसीय विश्वकप 2019 में जब वह टीम में थे तो टीम सेमीफाइनल में हार गई।

2016 में अपने सफेद गेंद क्रिकेट की शुरुआत करने वाले 33 वर्षीय युजवेंद्र चहल ने 72 वनडे मैच खेले हैं। 27.1 की औसत और 5.26 की इकॉनोमी के साथ उन्होंने 121 विकेट चटकाए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदरेशन 42 रनों पर 6 विकेट लेना रहा। चहल ने 2022 की शुरुआत के बाद से 50 ओवर के प्रारूप में 16 मैचों में 24 विकेट लिए हैं। जनवरी 2023 में वह आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में इस प्रारुप में देखे गए थे।

टी-20 अंतरराष्ट्रीय में चहल सबसे सफल गेंदबाज

वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय की बात करें तो युजवेंद्र चहल ने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ अगस्त 2023 में खेला था। यह सीरीज भारत 2-3 से हारा था।युजवेंद्र चहल ने 80 मैचों में 25.1 की औसत और 8.19 की इकॉनोमी से 96 विेकेट चटकाए हैं।इस प्रारुप में उनसे ज्यादा विकेट हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने ही लिए हैं, वह भी इस कारण क्योंकि वह लगातार यह प्रारुप खेल रहे हैं और युजवेंद्र चहल लंबे समय से इस प्रारुप से बाहर हैं।

हाल ही में उन्होंने अपने फर्स्ट-क्लास करियर को अलविदा कह दिया है। इसके साथ ही भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का उनका सपना तो खत्म हो गया है, व्हाइट-बॉल क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम में वापसी के रास्ते तो खुले हैं। लेकिन 36 साल के स्पिनर को एशियाई खेलों तक में जगह नहीं मिली।

चहल ने कहा“मैंने अभी हार नहीं मानी है। देश के लिए खेलने की भूख अभी भी मुझमें बहुत ज़्यादा है। मेरा मानना है कि मुझमें अभी भी क्रिकेट बाकी है, और मैं वनडे और टी 20 फ़ॉर्मेट में एक और मौका पाने के लिए अपनी पूरी जान लगा दूँगा।हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, रणबीर सिंह महिंद्रा सर और अनिरुद्ध सिंह चौधरी सर का मेरे सफ़र के दौरान लगातार समर्थन, भरोसा और विश्वास बनाए रखने के लिए खास तौर पर शुक्रिया। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “10 साल की उम्र में पहली बार रेड बॉल पकड़ने से लेकर अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच खेलने तक, यह एक शानदार सफ़र रहा है।”

टेस्ट टीम में जगह बनाने के करीब नहीं पहुँच पाए

युजवेंद्र चहल ने अपने फर्स्ट-क्लास करियर को अलविदा कह दिया है।वे कभी भी टेस्ट टीम में जगह बनाने के करीब नहीं पहुँच पाए, क्योंकि भारत के पास रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की स्टार जोड़ी हमेशा मौजूद रही।

चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, “मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ़ एक और फ़ॉर्मेट नहीं था।” “इसी फ़ॉर्मेट में मैंने धैर्य, चरित्र, मज़बूती और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी को समझा।” चहल के फर्स्ट-क्लास करियर की शुरुआत 2009 में हरियाणा के साथ हुई थी और उन्होंने 49 मैचों में 32.27 के औसत से 148 विकेट लिए। उन्होंने 2026 का काउंटी चैंपियनशिप नॉर्थम्प्टनशायर के साथ खेला, जिसमें डिवीज़न टू में 16.14 के औसत से 21 विकेट लिए। उनका आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच मिडलसेक्स के खिलाफ़ था, जिसमें मिडलसेक्स ने सात विकेट से जीत हासिल की और नॉर्थम्प्टनशायर के प्रमोशन की उम्मीदों को खत्म कर दिया। “मैंने अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला था। ये शब्द कहना भावुक कर देने वाला है क्योंकि टेस्ट कैप पहनना हमेशा से मेरा सपना रहा है, जिसे मैंने कई सालों तक संजोकर रखा। भले ही वह सपना पूरा नहीं हो पाया, लेकिन मैं अपने अब तक के सफ़र से सचमुच संतुष्ट हूँ और इस फ़ॉर्मेट में मिले हर मौके के लिए बहुत आभारी हूँ।”

शाई होप ने नाबाद शतक लगाकर वेस्टइंडीज को भारत के खिलाफ करवाया रिकॉर्ड चेस

INDvsWI वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने नाबाद 164 रन बनाकर क्रैंप्स से लड़कर भारत द्वारा दिए गए 352 रनों के लक्ष्य को 48.2 ओवर में 5 विकेट खोकर पा लिया। इंडीज का यह रिकॉर्ड चेस है और यह शाई होप का भारत के खिलाफ उच्चतम स्कोर है। वहीं कुल दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। वेस्टइंडीज कुल 9 साल बाद भारत को भारत में हराने में सक्षम हुई है। 

इससे पहले लोकेश राहुल ने नाबाद 129 रन की आक्रामक पारी और रोहित शर्मा (92) तथा ऋतुराज गायकवाड़ (57) की अर्धशतकीय पारियों के बूते भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए शनिवार को यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ सात विकेट पर 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

राहुल ने भारतीय पारी को विस्फोटक अंदाज में समाप्त करते हुए 87 गेंद में 10 चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने अपना नौवां वनडे शतक पूरा करने के बाद अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए काफी मदद मौजूद थी।

भारत के चार रन पर दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने वाले रोहित ने अपनी 85 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 69 गेंदों की संयमित पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े।

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिच पर घास परत से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिला।

सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे गिल अपने घरेलू मैदान पर प्रभावित नहीं कर सके। वह जेडन सील्स की शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की ओर खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को कैच दे बैठे।

सील्स से अगली ही गेंद पर विराट कोहली को खाता खोले बगैर बोल्ड किया जिससे भारत ने तीन ओवर के भीतर चार रन पर दो विकेट गंवा दिए।

सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले के दौरान रन बनाने पर अंकुश लगाया।

पहले 10 ओवर में भारत केवल 28 रन ही बना सका। इस दौरान वेस्टइंडीज ने रोहित को आउट करने की कोशिश में अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए।

रोहित और गायकवाड़ ने धीरे-धीरे मैच पर भारत का नियंत्रण वापस कायम किया। दोनों ने 15वें ओवर के बाद रन गति बढ़ाई और भारत को 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद रोहित ने 18वें ओवर में अपना 63वां वनडे अर्धशतक पूरा किया।

अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने फिर अल्जारी जोसेफ को निशाना बनाया। उन्होंने शॉर्ट गेंद को पुल करके चौका लगाया और अगली ही गेंद पर कवर के ऊपर से शानदार शॉट खेलकर और चार रन बटोरे।

रोहित कीमो पॉल की गेंद को पुल करने की कोशिश में ज्वेल एंड्रयू को कौच दे बैठे जिससे वह शतक पूरा करने से आठ रन से चूक गये।

तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी टूटने के पांच गेंद बाद गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया, लेकिन सील्स ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर अपना तीसरा विकेट हासिल किया।

इसके बाद राहुल और नमन धीर ने भारतीय पारी की रनगति को और तेज किया। दोनों ने 43 गेंदों में 65 रन की साझेदारी की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाज के रूप में उतरे धीर ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाए। वह गुडाकेश मोती की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में आउट हुए।

राहुल ने भी अब आक्रामक तेवर दिखाते हुए फाइन लेग के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके बाद सील्स की गेंद को साइट स्क्रीन की दिशा में भेजते हुए एक और छक्का जड़ दिया।

राहुल ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोरे। उन्होंने लगातार दो छक्के लगाने के बाद चौका जड़ा और भारत को 350 रन के पार पहुंचाते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया।

इस दौरान नीतिश कुमार रेड्डी (16 गेंद में नौ रन) तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे तो वहीं और पदार्पण कर रहे अंशुल कंबोज ने 44वें ओवर में मोती की गेंदों पर दो छक्के लगा कर रन आउट होने से पहले नौ गेंद में 17 रन बनाये।

केएल राहुल के नाबाद शतक ने भारत को विंडीज के खिलाफ 350 पार पहुंचाया

INDvsWI लोकेश राहुल ने नाबाद 129 रन की आक्रामक पारी और रोहित शर्मा (92) तथा ऋतुराज गायकवाड़ (57) की अर्धशतकीय पारियों के बूते भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए शनिवार को तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ सात विकेट पर 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

राहुल ने भारतीय पारी को विस्फोटक अंदाज में समाप्त करते हुए 87 गेंद में 10 चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने अपना नौवां वनडे शतक पूरा करने के बाद अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए काफी मदद मौजूद थी।

भारत के चार रन पर दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने वाले रोहित ने अपनी 85 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 69 गेंदों की संयमित पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े।

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिच पर घास परत से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिला।

सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे गिल अपने घरेलू मैदान पर प्रभावित नहीं कर सके। वह जेडन सील्स की शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की ओर खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को कैच दे बैठे।

सील्स से अगली ही गेंद पर विराट कोहली को खाता खोले बगैर बोल्ड किया जिससे भारत ने तीन ओवर के भीतर चार रन पर दो विकेट गंवा दिए।

सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले के दौरान रन बनाने पर अंकुश लगाया।

पहले 10 ओवर में भारत केवल 28 रन ही बना सका। इस दौरान वेस्टइंडीज ने रोहित को आउट करने की कोशिश में अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए।

Rohit Sharma

रोहित और गायकवाड़ ने धीरे-धीरे मैच पर भारत का नियंत्रण वापस कायम किया। दोनों ने 15वें ओवर के बाद रन गति बढ़ाई और भारत को 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद रोहित ने 18वें ओवर में अपना 63वां वनडे अर्धशतक पूरा किया।

अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने फिर अल्जारी जोसेफ को निशाना बनाया। उन्होंने शॉर्ट गेंद को पुल करके चौका लगाया और अगली ही गेंद पर कवर के ऊपर से शानदार शॉट खेलकर और चार रन बटोरे।

रोहित कीमो पॉल की गेंद को पुल करने की कोशिश में ज्वेल एंड्रयू को कौच दे बैठे जिससे वह शतक पूरा करने से आठ रन से चूक गये।

तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी टूटने के पांच गेंद बाद गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया, लेकिन सील्स ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर अपना तीसरा विकेट हासिल किया।

इसके बाद राहुल और नमन धीर ने भारतीय पारी की रनगति को और तेज किया। दोनों ने 43 गेंदों में 65 रन की साझेदारी की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाज के रूप में उतरे धीर ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाए। वह गुडाकेश मोती की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में आउट हुए।

राहुल ने भी अब आक्रामक तेवर दिखाते हुए फाइन लेग के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके बाद सील्स की गेंद को साइट स्क्रीन की दिशा में भेजते हुए एक और छक्का जड़ दिया।

राहुल ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोरे। उन्होंने लगातार दो छक्के लगाने के बाद चौका जड़ा और भारत को 350 रन के पार पहुंचाते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया।

इस दौरान नीतिश कुमार रेड्डी (16 गेंद में नौ रन) तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे तो वहीं और पदार्पण कर रहे अंशुल कंबोज ने 44वें ओवर में मोती की गेंदों पर दो छक्के लगा कर रन आउट होने से पहले नौ गेंद में 17 रन बनाये।

क्रिकेट और हॉकी में जीते स्वर्ण, गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड

आइची-नागोया में एशियाई खेलों के दो यादगार हफ़्ते अब खत्म हो रहे हैं। भारत ने आखिरी दिन नौ मेडल – पांच गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज़ – जीतकर अपने अभियान का समापन किया। कुल मिलाकर भारत ने 85 मेडल जीते: 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज़ तथा पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

आखिरी दिन की शुरुआत ही ऐतिहासिक रही। कुमकुम मोहोद एशियाई खेलों में तीरंदाजी के व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं; उन्होंने शूट-ऑफ में शानदार संयम दिखाते हुए जीत हासिल की।

उनकी इस जीत से भारत को महिलाओं के व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट में लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक का कोटा भी मिल गया। नीरज चौहान ने पुरुषों के व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर भारत के तीरंदाजी अभियान को पूरा किया।

प्रणवी उर्स ने गोल्फ़ में इतिहास रचा और एशियाई खेलों में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर महिलाओं की टीम इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में भी मदद की।

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क्रिकेट में भी भारत को गोल्ड मेडल मिला। पुरुषों के फ़ाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर एशियाई खेलों का अपना ख़िताब बरकरार रखा और क्रिकेट में ‘डबल’ (पुरुष और महिला दोनों टीमों की जीत) पूरा किया; इससे पहले महिला टीम भी गोल्ड मेडल जीत चुकी थी।

रेसलिंग में भारत ने तीन और मेडल जीते: अमन सहरावत ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि अंतिम पंघाल ने सिल्वर और दीपक पूनिया ने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया। और फिर हॉकी में शानदार समापन हुआ, जब भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर पुरुषों का एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक कोटा पक्का किया।

इस जीत का मतलब यह भी था कि कबड्डी और क्रिकेट के बाद, हॉकी एशियाई खेलों में लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय टीम बन गई। और इसी के साथ, रोमांच और अनगिनत यादगार पलों से भरे दो शानदार हफ़्तों का समापन हुआ।

Pic Credit : UNI

भारत ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर जीता एशियाड गोल्ड मेडल

INDvsPAK

INDvsPAK भारत ने जापान में खेले जा रहे एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल मैच में पाकिस्तान को कड़े मुकाबले में 23 रनों से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 212 रन बनाए। जिसके जवाब में पाकिस्तान अंतिम ओवर तक लड़कर भी इस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाया और 19 रनों से मैच गंवा बैठा।

212 रनों के पहाडनुमा लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम औसत से बेहतर रही लेकिन पॉवरप्ले में ही कप्तान साहिबज्यादा फरहान और कीपर उस्मान खान का विकेट खोने के बाद ऐसा लग रहा था कि मैच एकतरफा हो जाएगा। लेकिन हसन नवाज की विस्फोटक 96 रनों की पारी ने पाकिस्तान को हमेशा मैच में रखा। उनका विकेट अंतिम गेंद पर गिरा।

भारत ने एशिया कप की तरह ही इस बार भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। पाकिस्तान को सिल्वर मेडल मिलेगा। इससे पहले सुबह खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने बांग्लादेश को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया था।

भारत की प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह।

पाकिस्तान की प्लेइंग XI: साहिबजादा फरहान (कप्तान), माज सदाकत, उस्मान खान (विकेटकीपर), सईम अयूब, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, साद मसूद, अबरार अहमद, सुफियान मुकीम।

अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की विस्फोटक पारियों से भारत पाकिस्तान के खिलाफ पहुंचा 211 रनों पर

INDvsPAK सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और फिनिशर तिलक वर्मा की विस्फोटक पारियों के बदौलत भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जापान में चल रहे एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल मैच में 6 विकेट के नुकसान पर 211 रन बना लिए। अभिषेक शर्मा ने 3 चौके और 7 छक्के की बदौलत 28 गेंदों में 61 रन बनाए। वहीं तिलक वर्मा ने 22 गेंदों में 3 चौके और 4 छक्के की मदद से 51 रन बनाए। पाक की ओर से अहमद डालियाल और अराफात मिन्हास को 2-2 विकेट मिले।

भारत की प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह।

Tilak Verma

पाकिस्तान की प्लेइंग XI: साहिबजादा फरहान (कप्तान), माज सदाकत, उस्मान खान (विकेटकीपर), सईम अयूब, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, साद मसूद, अबरार अहमद, सुफियान मुकीम।