IPL Final के बाद गुजरात टाइटंस की टीम बस में लगी आग, 1 घंटे तक फंसे रहे खिलाड़ी

gujrat titans bus fire

GT Team Bus Catches Fire: आईपीएल फाइनल में हार के बाद स्टेडियम से होटल जा रही गुजरात टाइटंस की टीम को ले जा रही बस में आग लग गई। हादसे के तुरंत बाद सभी खिलाड़ियों को सुरक्षित बस से नीचे उतार लिया गया। बताया जा रहा है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी। ALSO READ: बैंगलूरू ने गुजरात को 5 विकेटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीता IPL

 

1 घंटे तक परेशान हुए खिलाड़ी

अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम से लौटते समय गुजरात टाइटंस की टीम बाल बाल बच गई। हादसे की वजह से खिलाड़ी यहां करीब 1 घंटे तक फंसे रहे। हालांकि किसी खिलाड़ी को कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें दूसरे वाहन से होटल पहुंचाया गया। गनीमत यह रही कि समय रहते सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को बस से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।

आरसीबी ने जीता खिताब

गौरतलब है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर अपना आईपीएल खिताब बरकरार रखा। लगातार 2 आईपीएल जीतने वाली बैंगलूरू तीसरी टीम बन गई है। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन बनाए जवाब में आरसीबी ने 17.5 ओवर में 5 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। ALSO READ: वॉशिंगटन सुंदर की कैच पर हुआ विवाद, जीवनदान का फायदा उठा कर जड़ा अर्धशतक (Video)

 

कोहली की जबरदस्त पारी

विराट कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रनों की पारी खेलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आसान जीत दिलाई। उन्होंने अपनी पारी में 3 छक्के और 9 चौके लगाए। उन्हें शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

 

अहमदाबाद गुजरात टाइंटस का होम ग्राउंड है। ऐसे में सभी को उम्मीद थी कि टीम दूसरी बार आईपीएल खिताब जीतने में सफल रहेगी। लेकिन टीम ऐसा करने में विफल रही।

edited by : Nrapendra Gupta  

भारतीय टेस्ट टीम में कब मिलेगी जगह? वैभव सूर्यवंशी को सचिन तेंदुलकर की Most Valuable Advice [VIDEO]

हाल के समय में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी और आत्मविश्वास से क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके प्रदर्शन को देखते हुए कई लोग उन्हें जल्द से जल्द भारतीय टेस्ट टीम में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए।

तेंदुलकर का मानना है कि वैभव में असाधारण क्षमता है और भविष्य में वह टेस्ट क्रिकेट में भी सफल हो सकते हैं, लेकिन उनके विकास की प्रक्रिया को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने देना चाहिए। युवा खिलाड़ियों पर अपेक्षाओं का अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय उन्हें अपने खेल को निखारने का पर्याप्त समय और अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका आत्मविश्वास और खेल को पढ़ने की क्षमता है। ऐसे खिलाड़ियों के साथ अत्यधिक तकनीकी हस्तक्षेप कभी-कभी उनके स्वाभाविक खेल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए फिलहाल उन्हें उसी अंदाज में खेलने देना बेहतर होगा, जिसने उन्हें पहचान दिलाई है।

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वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए तेंदुलकर ने कहा,

“आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें बहुत कुछ खास है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसमें मुझे बहुत इंप्रेस किया। मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वह सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते ह।”


हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में चयन को लेकर उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उनका मानना है कि वैभव को अभी अपने खेल को और निखारने का समय मिलना चाहिए ताकि वह भविष्य में सभी प्रारूपों में सफल हो सकें।

तेंदुलकर ने कहा,

“वैभव को भारतीय टेस्ट टीम में क्या जल्द ही चुना जाना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वह भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वह चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे।”

“वैभव एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बहुत आत्मविश्वासी हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं वह शानदार है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।”

तेंदुलकर की बातों से साफ है कि वैभव सूर्यवंशी को लेकर उत्साह जितना बड़ा है, उतनी ही जरूरी उनके विकास की सही दिशा भी है। अगर उन्हें बिना अनावश्यक दबाव के आगे बढ़ने दिया गया, तो भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में एक बेहद खास बल्लेबाज मिल सकता है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और निरंतर अवसर मिलने पर वे लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकते हैं। फिलहाल, फोकस उनके खेल को और मजबूत बनाने पर होना चाहिए ताकि जब भी उन्हें टेस्ट टीम में मौका मिले, वे पूरी तरह तैयार नजर आएं।

भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar ने 15 नवंबर 1989 को Pakistan national cricket team के खिलाफ कराची में अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया था। सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण गेंदबाजी आक्रमणों का सामना कर अपनी प्रतिभा की झलक दिखा दी थी।

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:

16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के
684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)


रो पड़ा ‘Boss Baby’, नम हो गईं करोड़ों आंखें, 15 साल के खिलाड़ी ने बदले क्रिकेट के मायने, हिला दी रिकॉर्ड बुक [VIDEO]

कभी-कभी स्कोरबोर्ड हार दिखाता है, लेकिन मैदान पर कोई खिलाड़ी ऐसा प्रभाव छोड़ जाता है कि पूरी दुनिया सिर्फ उसी की बात करती है। IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में यही हुआ। राजस्थान रॉयल्स का सफर भले ही गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ खत्म हो गया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि Age is Just a Number (उम्र सिर्फ एक संख्या है)

मैच खत्म होने के बाद डगआउट में बैठे वैभव की आंखों में आंसू थे। चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी। शायद उन्हें अपनी टीम के बाहर होने का दुख था, शायद 47 गेंदों में 96 रन पर रुक जाने का अफसोस भी। लेकिन उस पल को देखने वाले लाखों क्रिकेट फैंस के मन में सिर्फ एक ही बात थी जिस उम्र में बच्चे क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं, उस उम्र में यह लड़का दुनिया की सबसे कठिन टी20 लीग में Experienced खिलाड़ियों को पीछे छोड़ रहा है।

आज लोग उन्हें सिर्फ वैभव सूर्यवंशी नहीं, बल्कि “Boss Baby” कहकर बुलाते हैं। और IPL 2026 के बाद यह नाम पूरी तरह उनके Personality पर फिट बैठता है।

776 रन, 72 छक्के और 237 की स्ट्राइक रेट… यह किसी वीडियो गेम का आंकड़ा नहीं है

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने जो किया, वह टी20 क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पन्नों में गिना जाएगा। एक ऐसा सीजन जिसने रिकॉर्ड बुक्स हिला दीं

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:

16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के
684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनके 776 में से 684 रन केवल चौकों और छक्कों से आए। यह दिखाता है कि वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि गेंदबाजों पर लगातार हमला कर रहे थे। ऐसे आंकड़े अक्सर अपने करियर के शिखर पर पहुंच चुके दिग्गज खिलाड़ियों के नाम के आगे दिखाई देते हैं। लेकिन वैभव ने यह सब सिर्फ 15 साल की उम्र में कर दिखाया।

जिस मैच में टीम लड़खड़ाई, वहां अकेले खड़े रहे वैभव

गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 में राजस्थान की शुरुआत बेहद खराब रही। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की तेज गेंदबाजी के सामने राजस्थान ने जल्दी विकेट गंवा दिए। ऐसे दबाव भरे मुकाबले में वैभव ने शुरुआत में स्ट्रगल किया। कई बार गेंद बल्ले को छूकर निकल गई। लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना भी जानते हैं।

56 रन तक पहुंचने के दौरान रबाडा की एक तेज गेंद उनके हेलमेट पर भी लगी। लेकिन उसके बाद जैसे उन्होंने गियर बदल दिया। अगली 14 गेंदों में उन्होंने 39 रन ठोक दिए। जब वह 96 रन पर आउट हुए, तब तक राजस्थान का स्कोर सम्मानजनक स्थिति में पहुंच चुका था। लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे।

ध्रुव जुरेल, रियान पराग, दासुन शनाका और जोफ्रा आर्चर बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। राजस्थान 214 रन तक पहुंचा, लेकिन गुजरात के बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर लिया। स्कोरकार्ड में यह एक हार थी, लेकिन क्रिकेट देखने वालों के लिए यह वैभव सूर्यवंशी का एक और मास्टरक्लास था।


97 रन, 29 गेंदें और क्रिस गेल का रिकॉर्ड… जिसने दुनिया को चौंका दिया

क्वालिफायर-2 से पहले एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने ऐसा तूफान खड़ा किया था जिसकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में हुई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए। उस पारी में वह सिर्फ तीन रन से शतक से चूक गए, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह रही कि उन्होंने छक्कों की बारिश करते हुए कई रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया।

क्रिकेट फैंस को एक समय ऐसा लगने लगा था कि वह क्रिस गेल (Chris Gayle) के 2013 में RCB के लिए बनाए गए सबसे तेज IPL शतक के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकते हैं।

हालांकि वह रिकॉर्ड नहीं टूटा, लेकिन उस दिन वैभव ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने छक्कों के मामले में ऐसे आंकड़े छू लिए जिन तक पहुंचने में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को कई सीजन लग जाते हैं। उन्होंने एक सीजन में क्रिस गेल का ही सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। उनकी उस विस्फोटक पारी के बाद खुद Chris Gayle ने सोशल मीडिया पर उनके लिए Special Message पोस्ट किया और उन्हें क्रिकेट का नया “Six Machine” बताया।

जब टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा सिक्सर किसी युवा खिलाड़ी की तारीफ करे, तो समझा जा सकता है कि उस खिलाड़ी ने कितनी बड़ी छाप छोड़ी है।

रबाडा, आर्चर और संगकारा भी हुए फैन

वैभव की बल्लेबाजी से सिर्फ Fans ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि दुनिया के बड़े क्रिकेट नाम भी उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे।

Kagiso Rabada ने कहा कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज हाथों की गति, गेंद की लंबाई को जल्दी पढ़ने की क्षमता और बिल्कुल निडर मानसिकता है। उनके मुताबिक मैदान पर उतरते समय वैभव उम्र के बारे में सोचते ही नहीं।

Kumar Sangakkara (Head Coach and Director of Cricket for the Rajasthan Royals) का मानना है कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं और भारतीय टीम का बुलावा ज्यादा दूर नहीं है।

पूर्व वेस्टइंडीज तेज गेंदबाज Ian Bishop ने तो यहां तक कहा कि गेंदबाजों के पास वैभव को रोकने के लिए अब शायद “Plan Z” तक आना पड़ रहा है।

आंसू हार के थे, लेकिन भविष्य जीत का है

96 रन पर आउट होना दर्द देता है।
प्लेऑफ में शतक से सिर्फ चार रन दूर रह जाना दर्द देता है।
टीम का फाइनल से पहले बाहर हो जाना भी दर्द देता है। लेकिन यह कहानी उन आंसुओं की नहीं है। यह कहानी उस लड़के की है

  • जिसने IPL 2026 को अपने नाम कर दिया।
  • जिसने 16 पारियों में 776 रन बनाए।
  • जिसने 72 छक्के उड़ाए।
  • जिसने गेंदबाजों के मन में डर पैदा कर दिया।
  • जिसने दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार शायद आ चुका है।

15 साल की उम्र में 96 और 97 पर रुक जाना कोई असफलता नहीं है। उनके पास आगे पूरा करियर पड़ा है, सैकड़ों मैच हैं, दर्जनों शतक हैं और अनगिनत रिकॉर्ड उनका इंतजार कर रहे हैं।

राजस्थान रॉयल्स भले ही ट्रॉफी तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन IPL 2026 की सबसे बड़ी खोज, सबसे बड़ा आकर्षण और सबसे बड़ी कहानी सिर्फ एक नाम रही—
वैभव सूर्यवंशी।

और अगर यह सिर्फ शुरुआत है, तो आने वाले सालों में क्रिकेट की दुनिया “बॉस बेबी” का असली राज देखने वाली है।

Chris Gayle का रिकॉर्ड चुकने पर क्या बोले वैभव? ‘Universe Boss’ ने कर दिया बड़ा ऐलान! देखें VIDEO

15 साल की उम्र में बच्चे स्कूल क्रिकेट खेलते हैं… लेकिन वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में इतिहास तोड़ और जोड़ रहे हैं।

IPL  2026 में राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा तूफान मचाया है कि अब उनकी तुलना सीधे “यूनिवर्स बॉस” क्रिस गेल से होने लगी है। फर्क सिर्फ इतना है कि Chris Gayle को दुनिया ने “Universe Boss” कहा था… और वैभव को अब फैंस “Universe Baby Boss” बुला रहे हैं।

 

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि गेंदबाजों के आत्मविश्वास को चकनाचूर कर दिया। 29 गेंदों में 97 रन… 5 चौके… 12 आसमानी छक्के… और ऐसा स्ट्राइक रेट जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया। उनकी इस विस्फोटक पारी ने राजस्थान रॉयल्स को क्वालिफायर-2 में पहुंचा दिया।

 

लेकिन इस पारी की सबसे खास बात सिर्फ रन नहीं थे… बल्कि वो रिकॉर्ड थे जो वैभव ने तोड़ दिए।

 Chris Gayle का सबसे बड़ा रिकॉर्ड टूटा

 

आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड लंबे समय तक क्रिस गेल के नाम था।

गेल ने 2012 में 59 छक्के लगाए थे और उस रिकॉर्ड को लगभग 14 साल तक कोई नहीं तोड़ पाया।

 

लेकिन अब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने उसे पीछे छोड़ दिया है।

 

 IPL में सबसे ज्यादा छक्के (एक सीजन)

  • 65 छक्के – वैभव सूर्यवंशी (IPL 2026)
  • 59 छक्के – Chris Gayle (IPL 2012)

 

सबसे हैरानी वाली बात ये है कि वैभव ने ये 65 छक्के सिर्फ 280 गेंदों में पूरे किए, जबकि गेल ने इसके लिए 456 गेंदें खेली थीं। यानी वैभव सिर्फ रन नहीं बना रहे… वो गेंदबाजों पर हमला बोल रहे हैं।

 

 

शतक रिकॉर्ड से बस एक शॉट दूर

 

क्रिस गेल का एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड लगभग टूट ही गया था। IPL इतिहास का सबसे तेज शतक अभी भी गेल के नाम है, जिन्होंने 2013 में सिर्फ 30 गेंदों में सेंचुरी लगाई थी। वैभव सूर्यवंशी उस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन 29 गेंदों में 97 रन बनाकर आउट हो गए।

 

पूरी दुनिया को लगा था कि इतिहास बदलने वाला है… लेकिन एक शॉट कम पड़ गया।

 

मैच के बाद वैभव ने खुद कहा:

 

 “मैं रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोच रहा था। मेरा फोकस सिर्फ टीम को जीत दिलाने पर था।” 15 साल की उम्र में इतनी मैच मैच्योरिटी… यही चीज उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

 Chris Gayle ने भी माना – “New Six Machine”

वैभव की इस पारी के बाद खुद क्रिस गेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

Gayle ने लिखा:

 

 “What a phenomenal player Vaibhav is. Great entertainment young man! New Six Machine.”

 

जब “Universe Boss” खुद किसी को “New Six Machine” कहे… तो समझ जाइए कि खिलाड़ी कितना खास है।

 

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के बड़े रिकॉर्ड

 

सबसे तेज 50 (IPL Knockouts)

 

16 गेंद – सुरेश रैना (2014)

16 गेंद – वैभव सूर्यवंशी (2026)

 

 IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के

 

65 – वैभव सूर्यवंशी

59 – Chris Gayle

 

एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड खिलाड़ी

 

680 रन – वैभव सूर्यवंशी (15 मैच)

 

 IPL 2026 Stats

 

* मैच: 15

* रन: 680

* औसत: 45.33

* स्ट्राइक रेट: 242.85

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अब टीम इंडिया की बारी?

 

वैभव सूर्यवंशी को लेकर अब सिर्फ आईपीएल की बात नहीं हो रही। क्रिकेट फैंस लगातार उनकी टीम इंडिया में एंट्री की मांग कर रहे हैं। हालांकि BCCI फिलहाल जल्दबाजी नहीं करना चाहता, लेकिन वैभव को अगले महीने श्रीलंका दौरे पर इंडिया-A टीम में मौका मिल सकता है। तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया-A टीम श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेलेगी और माना जा रहा है कि वैभव उसमें शामिल होंगे।

 

IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने भी वैभव को “स्पेशल टैलेंट” बताया और कहा कि BCCI और राजस्थान रॉयल्स मिलकर इस युवा खिलाड़ी को सही दिशा देने पर काम करेंगे।

 

 डर नहीं… सिर्फ अटैक!

 

वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत यही है कि उन्हें किसी गेंदबाज से डर नहीं लगता।

पैट कमिंस हो या अनुभवी स्पिनर्स… वैभव हर गेंदबाज पर उसी आत्मविश्वास से हमला करते हैं।

 

15 साल की उम्र में ऐसा टेम्परामेंट बहुत कम देखने को मिलता है।

यही वजह है कि क्रिकेट दुनिया अब उन्हें सिर्फ “यंग टैलेंट” नहीं, बल्कि भारत के अगले सुपरस्टार के रूप में देखने लगी है।

 

और जिस तरह से वो रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं…

उसे देखकर लगता है कि ये तो बस शुरुआत है।

सूर्यकुमार की छुट्टी? ‘रेडीमेड कप्तान है यह खिलाड़ी, 2022 से 2026 तक… हर बड़े मैच का हीरो

33 गेंद… 93 रन… 5 चौके… 9 आसमानी छक्के… और 281.81 का खतरनाक स्ट्राइक रेट!

धर्मशाला की ठंडी रात में रजत पाटीदार ने ऐसा तूफान उठाया कि गुजरात टाइटंस की पूरी टीम उड़ गई। आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान ने सिर्फ मैच नहीं जीता, बल्कि टीम इंडिया के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दे दी। RCB लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार आईपीएल फाइनल में पहुंच चुकी है, और इस सफर के सबसे बड़े हीरो बने हैं रजत पाटीदार। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि उन्हें टीम इंडिया में मौका मिलना चाहिए या नहीं… सवाल ये है कि क्या भारत को सूर्यकुमार यादव के बाद अपना अगला टी20 कप्तान मिल चुका है?

 

रजत सिर्फ रन नहीं बना रहे, वो मैच की दिशा बदल रहे हैं। जिस तरह उन्होंने विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल के आउट होने के बाद दबाव को मौके में बदला, उसने बता दिया कि ये खिलाड़ी बड़े मंच के लिए बना है। यही वजह है कि अब क्रिकेट एक्सपर्ट्स से लेकर फैंस तक हर कोई कह रहा है—“रजत पाटीदार को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

 

 


 

 1. मिडिल ऑर्डर का सबसे खतरनाक मैच फिनिशर

 

टीम इंडिया लंबे समय से ऐसे बल्लेबाज की तलाश में है जो नंबर 4 या 5 पर आते ही मैच का टेम्पो बदल दे। रजत पाटीदार वही खिलाड़ी साबित हो रहे हैं।

 

आईपीएल 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 200 के करीब रहा। वो उन बल्लेबाजों में नहीं हैं जो 30-40 गेंदें खेलकर सेट होते हैं। रजत आते ही गेंदबाजों पर हमला बोलते हैं। गुजरात के खिलाफ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन की पारी हो, मुंबई के खिलाफ 20 गेंदों में 53 रन, लखनऊ के सामने 31 गेंदों में 61 या राजस्थान के खिलाफ 63 रन—हर बार उन्होंने दिखाया कि दबाव उन्हें डराता नहीं, बल्कि और खतरनाक बना देता है।

 

सबसे खास बात ये है कि वो पावरप्ले की आक्रामकता को मिडिल ओवर्स तक खींच ले जाते हैं। आधुनिक टी20 क्रिकेट में यही सबसे बड़ी कला मानी जाती है।

 

 

 2. कप्तानी में शांत दिमाग, फैसलों में आक्रामक सोच

 

आईपीएल जैसी हाई-प्रेशर लीग में कप्तानी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब सामने विराट कोहली जैसी बड़ी मौजूदगी हो। लेकिन रजत पाटीदार ने पूरे सीजन जिस परिपक्वता से आरसीबी को संभाला, उसने सबको प्रभावित किया। आरसीबी का बैक-टू-बैक फाइनल में पहुंचना सिर्फ बल्लेबाजी का नहीं, बल्कि शानदार नेतृत्व का भी परिणाम है। रजत मैदान पर ज्यादा शोर नहीं मचाते, लेकिन उनके फैसले बहुत कुछ बोलते हैं। गेंदबाजी बदलाव हो या फील्ड सेटिंग, उन्होंने हर मौके पर मैच पढ़ने की क्षमता दिखाई।

 

टीम इंडिया फिलहाल ऐसे कप्तान की तलाश में है जो शांत भी हो और निडर भी। रजत दोनों बॉक्स टिक करते हैं। यही वजह है कि उन्हें “रेडीमेड कप्तानी विकल्प” कहा जा रहा है।

 

 

 

 3. बड़े मैचों के खिलाड़ी, दबाव में और खतरनाक

 

हर खिलाड़ी लीग मैचों में रन बना सकता है, लेकिन असली सुपरस्टार वही होता है जो नॉकआउट में चमके। रजत पाटीदार बार-बार यही साबित कर चुके हैं।

 

IPL 2022 Eliminator में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 54 गेंदों में नाबाद 112 रन ठोके थे। उस पारी ने पहली बार पूरे देश को एहसास कराया था कि आरसीबी को एक एक्स-फैक्टर बल्लेबाज मिल चुका है। अब आईपीएल 2026 के क्वालिफायर में 33 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी ने साबित कर दिया कि 2022 कोई फ्लूक नहीं था। जब मंच बड़ा होता है, तब रजत का खेल और बड़ा हो जाता है। यही वो क्वालिटी है जो किसी खिलाड़ी को सिर्फ अच्छा बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच विनर और लीडर बनाती है।

 4. स्पिन के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा हथियार

 

मौजूदा समय में भारतीय बल्लेबाज विदेशी स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष करते नजर आते हैं। लेकिन रजत पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत ही स्पिन अटैक को तहस-नहस करना है। वो फ्रंट फुट पर निकलकर छक्के मारते हैं, बैकफुट पर कट खेलते हैं और मिडिल ओवर्स में रनरेट कभी गिरने नहीं देते।

धर्मशाला में कागिसो रबाडा की ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी गुड लेंथ गेंद को कवर स्टैंड के ऊपर पहुंचाना उनकी रेंज और आत्मविश्वास दिखाने के लिए काफी था।

 

टी20 क्रिकेट अब सिर्फ तकनीक का नहीं, इंटेंट का खेल बन चुका है। और रजत का इंटेंट हर गेंद पर दिखाई देता है।

 

 अब और इंतजार क्यों?

 

रजत पाटीदार कोई “वन सीजन वंडर” नहीं हैं।

वो भारत के लिए टेस्ट (3) और वनडे (1) खेल चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। आईपीएल में लगातार असर छोड़ रहे हैं। कप्तानी का अनुभव भी है और बड़े मैचों का टेंपरामेंट भी। सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 क्रिकेट को नई दिशा दी, लेकिन अब टीम इंडिया को अगले टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक साइकल के लिए नया चेहरा तैयार करना होगा।

 

और अगर मौजूदा फॉर्म, कप्तानी, मैच-विनिंग क्षमता और दबाव झेलने की ताकत को देखा जाए…

तो शायद भारतीय क्रिकेट के पास जवाब पहले से मौजूद है

 

नाम है… रजत पाटीदार।

मिचेल मार्श की चोट के बाद पाकिस्तान के खिलाफ यह विकेटकीपर करेगा कप्तानी

ऑस्ट्रेलिया इस सप्ताहांत से शुरू होने वाली पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए अपने चौथे कप्तान को मैदान में उतारेगा, क्योंकि मिच मार्श दौरे से बाहर होने वाले ताज़ा सीनियर खिलाड़ी बन गए हैं। जोश इंगलिस तीन मैचों की इस सीरीज़ में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी करेंगे, क्योंकि पता चला है कि मार्श को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान टखने में चोट लग गई थी।

50 ओवर के कप्तान पैट कमिंस और उनके उप-कप्तान ट्रैविस हेड – जिन्होंने टी20 में चार बार ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी की है – दोनों ही आईपीएल प्लेऑफ़ के कारण इस दौरे पर मौजूद नहीं हैं, क्योंकि आईपीएल के मैच इस्लामाबाद और लाहौर में होने वाले मैचों के साथ ही पड़ रहे हैं। ऐसे में कप्तानी की बागडोर इंगलिस के हाथों में आ गई है।

दिलचस्प बात यह है कि इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने नवंबर 2024 में भी एक बार यह भूमिका निभाई थी – तब भी पाकिस्तान के खिलाफ ही, और तब भी जब टीम के कई मुख्य खिलाड़ी अनुपस्थित थे। मार्श, जिनकी जगह वनडे टीम में अभी तक किसी और को नहीं लिया गया है, पिछले हफ़्ते लखनऊ सुपर जायंट्स का आईपीएल का आखिरी मैच न खेल पाने के बाद घर लौट आए हैं।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के एक प्रवक्ता ने कहा, “मार्श… आगे की जांच और इलाज के लिए अगले आदेश तक पर्थ में ही रहेंगे।” “बांग्लादेश के ‘व्हाइट बॉल’ (सीमित ओवरों के) दौरे के लिए उनकी उपलब्धता पर उचित समय पर फैसला लिया जाएगा।” कमिंस के साथ-साथ जोश हेज़लवुड और मिचेल स्टार्क भी पाकिस्तान और बांग्लादेश, दोनों ही दौरों से बाहर रहेंगे। आईपीएल खत्म होने के बाद ट्रैविस हेड बांग्लादेश में टीम के साथ जुड़ेंगे।

इसके अलावा, ढाका में होने वाले तीन वनडे मैचों के लिए कूपर कोनोली, ज़ेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस के रूप में कुछ और खिलाड़ी भी टीम में शामिल होंगे। इन तीनों को शुरू में टीम से बाहर रखा गया था, क्योंकि यह माना जा रहा था कि उनकी आईपीएल टीम – पंजाब किंग्स – IPL प्लेऑफ़ में जगह बना लेगी। इस घटनाक्रम ने ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं के सामने उन लॉजिस्टिक (प्रबंधकीय) मुश्किलों को उजागर कर दिया है, जो इस सीरीज़ के कारण पैदा हुई हैं – यह सीरीज़ आईपीएल फ़ाइनल से ठीक एक दिन पहले शुरू हो रही है, और मार्श की चोट ने उनकी मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं। मार्श की अनुपस्थिति से इस बात की संभावना बढ़ गई है कि युवा खिलाड़ी ओली पीक पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर सकते हैं।

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ वनडे सीरीज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम: जोश इंगलिस (कप्तान), एलेक्स कैरी, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, मैथ्यू कुहनेमैन, मार्नस लाबुशेन, रिले मेरेडिथ, ओलिवर पीक, मैथ्यू रेनशॉ, तनवीर संघा, लियाम स्कॉट, मैट शॉर्ट, बिली स्टेनलेक, एडम जम्पा।

पाकिस्तान की टीम: शाहीन शाह अफ़रीदी (कप्तान), सलमान अली आगा (उप-कप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, अहमद दानियाल, अराफ़ात मिन्हास, बाबर आजम, हारिस रऊफ, माज सदाकत, मुहम्मद ग़ाज़ी ग़ोरी, नसीम शाह, रोहेल नज़ीर, साहिबज़ादा फ़रहान, शादाब ख़ान, शमील हुसैन, सुफ़ियान मुक़ीम।

39 साल की उम्र में मैच खेलते हुए अक्षय का निधन, जीत चुके थे रणजी

कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज SL अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 39 वर्ष के थे।अक्षय उस टीम का हिस्सा रहे थे जिसने 2014-15 सत्र में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। वह रविवार को केएससीए तीसरे डिवीजन मैच में सैफायर सीसी की ओर से खेल रहे थे।मैच के दौरान चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद अक्षय ने असहज महसूस होने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ की ओर से जारी बयान के मुताबिक, “अक्षय ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कर्नाटक का शानदार प्रतिनिधित्व किया। अपने खेल करियर के बाद भी उन्होंने पूरे समर्पण और जुनून के साथ क्रिकेट की सेवा जारी रखी।”जूनियर स्तर के कोच के रूप में उन्होंने युवा खिलाड़ियों को निखारने और उनका मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं के विकास पर स्थायी प्रभाव पड़ा।एसएल अक्षय ने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए छह प्रथम श्रेणी, तीन लिस्ट ए और नौ टी20 मुकाबले खेले थे। खेल से संन्यास के बाद वह राज्य की अंडर-19 टीम के साथ कोचिंग से जुड़े हुए थे।

क्रिकेट से भी पुराना भारत का खेलगिल्ली डंडा | Indian Sports | History of India | Gilli Danda

गिल्ली डंडा… वो खेल जो हमें सिखाता था दोस्ती, फोकस और हारकर भी मुस्कुराना। मिट्टी में लिपटा बचपन, जो आज भी दिल के किसी कोने में ज़िंदा है। चलिये, एक बार फिर सुनते हैं — गिल्ली डंडा की कहानी, उस खेल की जो क्रिकेट से भी पहले हमारे देश में खेला जाता था।

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OTD Hat Trick VIDEO: जिस टीम को आगे चलकर बनाया चैंपियन, उसी को रोहित ने 2009 में किया था डिस्ट्रॉय!

Rohit Sharma Hat trick : IPL के इतिहास में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो सालों बाद भी उतने ही ताज़ा लगते हैं और रोहित शर्मा का 2009 वाला हैट्रिक मोमेंट (hat-trick for Rohit Sharma) बिल्कुल वैसा ही है। “On This Day” यानी इसी दिन, जब रोहित सिर्फ 22 साल और 6 दिन के थे, उन्होंने वो कारनामा कर दिखाया जो किसी ने उनसे उम्मीद भी नहीं की थी आईपीएल में अपनी पहली हैट्रिक। खास बात? यह हैट्रिक उन्होंने उस टीम के खिलाफ ली, जो आगे चलकर उनकी पहचान बन गई—MUMBAI INDIANS।

 

उस वक्त रोहित शर्मा डेक्कन चार्जर्स (Deccan Chargers) का हिस्सा थे और मैच खेला जा रहा था साउथ अफ्रीका के सेंटूरियन में। डेक्कन ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 145/6 का स्कोर खड़ा किया, जिसमें रोहित ने भी 38 रनों की अहम पारी खेली। लेकिन असली कहानी तो तब शुरू हुई जब मुंबई इंडियंस लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत स्थिति में दिख रही थी। 16वें ओवर में स्कोर 103/4 था, और जीत मुंबई की तरफ झुकती नजर आ रही थी—खासतौर पर जब क्रीज़ पर खतरनाक फॉर्म में जेपी डुमिनी मौजूद थे।

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तभी कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया—गेंद रोहित शर्मा को थमाई गई। और यहीं से मैच का पूरा स्क्रिप्ट पलट गया। रोहित ने पहले अभिषेक नायर को आउट किया, फिर अगली ही गेंद पर हरभजन सिंह को चलता किया। स्टेडियम में हलचल शुरू हो चुकी थी, लेकिन जो आगे हुआ उसने इस पल को इतिहास में अमर कर दिया। अपने अगले ओवर की पहली ही गेंद पर रोहित ने जेपी डुमिनी को आउट कर दिया और पूरी हुई उनकी शानदार हैट्रिक!

एक ऐसे खिलाड़ी से, जिसे दुनिया आज एक महान बल्लेबाज़ के रूप में जानती है, उस दिन गेंद से ऐसा कमाल देखने को मिला कि हर कोई हैरान रह गया। रोहित ने अपने दो ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 4 विकेट लिए और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। डेक्कन चार्जर्स ने यह मुकाबला 19 रनों से जीत लिया—एक ऐसी जीत जो लगभग नामुमकिन लग रही थी।

 

यह कहानी और भी खास इसलिए बन जाती है क्योंकि यही मुंबई इंडियंस आगे चलकर रोहित शर्मा की टीम बनी, और उन्होंने उसी फ्रेंचाइज़ी के साथ इतिहास रच दिया। रोहित आज आईपीएल के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कुल 6 बार ट्रॉफी जीती है एक बार डेक्कन चार्जर्स के साथ (As A Player) और पांच बार मुंबई इंडियंस के साथ।

 

कभी जिस टीम के खिलाफ उन्होंने हैट्रिक लेकर मैच छीना था, उसी टीम को आगे चलकर उन्होंने कई बार चैंपियन बनाया यही है क्रिकेट की खूबसूरती और रोहित शर्मा की कहानी का सबसे दिलचस्प ट्विस्ट। 

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