इन दो असोसिएट देशों ने विश्वकप फॉर्मेट को लेकर खोला ICC के खिलाफ मोर्चा

क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप के फ़ॉर्मेट में आईसीसी के हालिया बदलावों पर गहरी निराशा जताते हुए एक कड़ा संयुक्त बयान जारी किया है।बयान के अनुसार, दोनों बोर्डों ने अन्य एसोसिएट सदस्यों के साथ मिलकर आईसीसी से दो बार मुलाक़ात की और बदलावों के बारे में आधिकारिक लिखित जानकारी और इस प्रक्रिया के बारे में ज़्यादा स्पष्टता की मांग की।

हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि दूसरी बैठक के दो हफ़्ते से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी आईसीसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है, जिसे उन्होंने “निराशाजनक” और “अनादरपूर्ण” बताया। इन बदलावों को एसोसिएट सदस्यों के लिए एक झटका मानते हुए, बयान में कहा गया है कि नया फ़ॉर्मेट “हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर खेल को आगे बढ़ाने में हुई प्रगति को कमज़ोर करने का जोखिम पैदा करेगा”।

बयान में कहा गया, “ऐसे समय में जब क्रिकेट अपनी पहुँच बढ़ाना चाहता है, नए दर्शकों को आकर्षित करना चाहता है और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है, उभरते देशों के लिए सार्थक मौकों को कम करना पूरी तरह से गलत संदेश देता है।”

बोर्डों ने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण फ़ैसले, खासकर वे जो सीधे एसोसिएट सदस्यों को प्रभावित करते हैं, उनसे सलाह लेने और “पर्याप्त सूचना” देने के बाद ही लिए जाने चाहिए ताकि उनके असर को अच्छी तरह समझा जा सके। “इन बदलावों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की अखंडता और विश्वसनीयता कमज़ोर होने का जोखिम है, और यह मज़बूत गवर्नेंस, पारदर्शी फ़ैसला लेने की प्रक्रिया और सदस्यों के साथ प्रभावी जुड़ाव के महत्व को उजागर करता है। सदस्य और उनके खिलाड़ी वर्ल्ड कप की तैयारी में सालों लगाते हैं, और उन रास्तों पर भरोसा इस बात पर निर्भर करता है कि बिना सलाह-मशविरे के क्वालिफ़िकेशन साइकल के बीच में उन्हें बदला न जाए।”

बयान में कहा गया, “कम समय में उन ढांचों को बदलने से काफी अनिश्चितता पैदा होती है, प्लानिंग में रुकावट आती है और उन संगठनों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दबाव पड़ता है जो पहले से ही सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे हैं।”

पिछले महीने शुरू किए गए वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट में टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 14 कर दी गई है, लेकिन इसमें चार राउंड भी शामिल हैं, जिसमें ग्रुप स्टेज से पहले राउंड-रॉबिन “सुपर सीरीज़” होगी। 12, 13 और 14 नंबर की टीमों में से दो टीमें राउंड 2 में आगे बढ़ेंगी और एक टीम तुरंत बाहर हो जाएगी।

नीदरलैंड और स्कॉटलैंड दोनों ही वर्ल्ड कप क्वालीफायर में पहुंच गए हैं, जो फरवरी 2027 में खेला जाएगा। इसके लिए जगह अभी तय नहीं हुई है। वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव से तुरंत चिंताएं पैदा हो गई हैं, खासकर इसलिए क्योंकि अगला एडिशन अगले साल अक्टूबर में शुरू होने वाला है।

बयान में आगे कहा गया, “टूर्नामेंट में अठारह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में इन बदलावों के समय ने प्रभावित सदस्यों को इस प्रक्रिया में योगदान देने या उसके अनुसार ढलने का बहुत कम मौका दिया है। हमारा मानना है कि एसोसिएट सदस्यों के साथ बेहतर जुड़ाव से एक अधिक प्रभावी और सहयोगी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने में मदद मिलती।”

सौरव गांगुली और पत्नी को मिले 2 धमकी भरे पत्र, CAB में मचा हड़कंप

भारतीय एकदिवसीय और टेस्ट टीम के पूर्व कप्तान और सलामी बल्लेबाज सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना को जानलेवा धमकी भरे पत्र मिलने से क्रिकेट बंगाल के दफ्तर में हड़कंप मच गया। सूत्रों की मानें तो इस पत्र की भाषा काफी हिंसक थी। 

कोरियर द्वारा भेजे गए दो पत्र अंग्रेजी भाषा में लिखे गए थे। इसके साथ ही गांगुली की पत्नी डोना और स्टाफ को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। गांगुली परिवार की ओर से ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही पुलिस ने  त्वरित कार्यवाही शुरु कर दी हैय़

पिछले 6 माह से मिल रहे थे धमकी भरे पत्र 

पुलिस की प्रथम दृश्या जांच में यह पता लगा है कि पिछले 6 महीने से ऐसे पत्र बंगाल क्रिकेट के दफ्तर में मिल रहे थे। इस मामले को परिवार ने किसी नाराज क्रिकेट फैन की कुंठा के तौर पर लिया गया। हालांकि यह सिलसिला नहीं रुकने पर गांगुली परिवार ने बंगाल पुलिस से संपर्क किया।. 

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 38 शतक लगाए हैं।उन्होंने 311 एकदिवसीय और 113 टेस्ट मैच खेले।अगर गांगुली के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि वह 30 बार 80 या 90 रन की संख्या पार करने के बाद आउट हुए। अगर वह इन पारियों को भी शतक में बदलने में सफल रहते तो उनके नाम पर 50 से अधिक शतक दर्ज होते।गांगुली ने वनडे में 72 और टेस्ट क्रिकेट में 35 अर्धशतक लगाए हैं।

40 एकड़ की जमीन पर बने Centre of Excellence में है 3 क्रिकेट ग्राउंड 40 नेट पिच, 16 हजार Sq Ft का जिम (Video)

बीते कुछ दिनों में बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अच्छी खबरों में नहीं रहा है। जिन खिलाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट बांटे जाते हैं वह मैदान पर आकर अनफिट हो जाते हैं। लेकिन 9 अगस्त को  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2 साल पूरे किए और क्रिकेटर्स को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं ही इसकी उपलब्धि है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 3 बड़े क्रिकेट ग्राउंड है जिसमें अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच हो चुके हैं। 40 नेट पिच और 33 सेंटर विकेट्स हैं। 8 लेन का इनडोर प्रेक्टिस एरिया है और 16 हजार Sq Ft का जिम है।इसका वीडियो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किया।

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत में सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी।’’ काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।’’ यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।’’

लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था।

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।’’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा, ‘‘करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और L&T की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।’’

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगता है कि जो दृष्टिकोण था, उसे हकीकत में बदला गया। मेरा मानना है कि सभी नेतृत्व करने वालों के पास विजन होता है, लेकिन वह विजन तभी सार्थक होता है जब उसे वास्तविकता में बदला जाए। हमने नवंबर 2024 में उस विजन को वास्तविकता के रूप में देखा।’

जब गुरु ही बन जाएं विरोधी खेमे की ताकत! कभी टीम इंडिया को बनाया चैंपियन, अब उसी को हराने की तैयारी

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का मंच तैयार है। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में श्रीलंका क्रिकेट XI को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया। हालांकि इस मुकाबले में एक चेहरा ऐसा भी था, जिसने भारतीय फैंस का खास ध्यान खींचागैरी कर्स्टन। कभी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले कर्स्टन अब श्रीलंका के खेमे में हैं और आगामी टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे।

 

बाउंड्री पर खड़े रहे कर्स्टन, भारतीय खिलाड़ियों पर रही पैनी नजर

 

रविवार को कर्स्टन एनसीसी ग्राउंड पहुंचे, जहां भारत अपना वार्म-अप मुकाबला खेल रहा था। वह काफी देर तक बाउंड्री के पास खड़े होकर भारतीय खिलाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।

 

वह मैदान पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन उनकी मौजूदगी अपने आप में चर्चा का विषय बन गई। कर्स्टन ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत भी की। इस दौरान वह लगातार मैच और स्कोरबोर्ड पर नजर बनाए हुए थे।

 

भारतीय टीम के स्पिनर मानव सुथार और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु से भी उनकी बातचीत हुई। कर्स्टन का सुथार और साई किशोर जैसे खिलाड़ियों से पुराना परिचय रहा है, खासकर गुजरात टाइटन्स के साथ उनके समय के कारण।

जिस टीम को वर्ल्ड कप जिताया, अब उसी के खिलाफ बनाएंगे रणनीति

 

गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता बेहद खास रहा है। 2008 से 2011 तक वह टीम इंडिया के हेड कोच रहे और उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे यादगार पल आया 2011 में, जब एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। उसी दौर में भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 भी बना।

 

अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। जिस टीम की कमजोरियों और ताकत को समझना कभी कर्स्टन की जिम्मेदारी थी, अब उसी टीम के खिलाफ उन्हें श्रीलंका की रणनीति तैयार करनी है।

 

गैरी के सामने होंगे उनके पुराने खिलाड़ी और नया कोच

 

कर्स्टन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पुराने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।एक समय कर्स्टन की कोचिंग में खेलने वाले गंभीर अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की कमान संभाल रहे हैं। यानी एक तरफ पुराने गुरु कर्स्टन श्रीलंका को तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनका पुराना खिलाड़ी गंभीर भारत की रणनीति बनाएगा।

 

क्रिकेट में ऐसे रिश्ते मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं।

 

207 रन का टारगेट, आखिरी ओवर में भारत ने मारी बाजी

 

वार्म-अप मैच के तीसरे दिन भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य था। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच लक्ष्य का पीछा किया और दिन के आखिरी ओवर में 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का अच्छा मौका मिला। वहीं श्रीलंका को भी भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिला।

 

सरफराज की वापसी, सुदर्शन सीरीज से बाहर

 

टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बदलाव भी हुआ है। चोट के कारण साई सुदर्शन पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।

 

सरफराज ने नवंबर 2024 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनके पास खुद को फिर से टेस्ट टीम में स्थापित करने का मौका होगा।

 

वहीं, शुभमन गिल को भी लेकर टीम के लिए राहत की खबर आई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण वह शुरुआती दो दिन वार्म-अप मैच में नहीं उतरे थे, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने बल्लेबाजी की।

 

WTC पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भी अहम है सीरीज

 

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया फिलहाल टॉप-4 से बाहर है और दोनों टेस्ट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

 

श्रीलंका के लिए भी यह सीरीज बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि भारत के खिलाफ श्रीलंका ने अब तक जो 7 टेस्ट जीते हैं, वे सभी अपनी घरेलू जमीन पर आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल में कर्स्टन की रणनीति भारी पड़ती है या फिर गंभीर की टीम पुराने गुरु को उनके ही घर में मात देने की कहानी लिखती है।

 

9 में से भारतीय टीम को कितने टेस्ट जीतने होंगे WTC Final में पहुंचने के लिए

Young Test Team

मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में अभी भी 27 में से 15 सीरीज़ खेली जानी बाक़ी हैं। ऐसे में अगले कुछ महीनों में टेस्ट क्रिकेट केंद्र में रहेगा, क्योंकि टीमें 9 से 13 जून 2027 तक द ओवल में होने वाले फ़ाइनल में जगह बनाने की होड़ में जुटी होंगी।

पिछले दो डब्ल्यूटीसी चक्रों में चार फ़ाइनलिस्ट टीमों में से तीन ने 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्रतिशत के साथ फ़ाइनल में जगह बनाई थी। एकमात्र अपवाद भारत था, जिसने 2023 में 58.8 फीसदी अंक प्रतिशत के साथ फ़ाइनल खेला था। 2025 में दोनों फ़ाइनलिस्ट टीमों के पास 67 से अधिक अंक प्रतिशत था।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 9
जीत 4
हार 4
ड्रॉ 1
अंक प्रतिशत 48.15

आगामी सीरीज़:

श्रीलंका (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू मैदान पर मिली 2-0 की हार ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।60 अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को बाक़ी नौ टेस्ट में 78 और अंक चाहिए। इसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या सात जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।

हालांकि हालिया घरेलू प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। भारत को न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ क्रमशः 3-0 और 2-0 से सीरीज़ गंवानी पड़ी थी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध बेहतर प्रदर्शन अनिवार्य होगा।

पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था। सात जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि आठ जीत और एक हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 9 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। अन्य 7 में शायद भारत को उतनी मुश्किल ना हो क्योंकि श्रीलंका से भारत अभ्यास मैच जीता है और ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

छक्कों की हैट्रिक लगाकर DSP सिराज ने श्रीलंका को अभ्यास मैच में हराया (Video)

मोहम्मद सिराज श्रीलंका के खिलाफ उतरते साथ ही एक भिन्न गेंदबाज और एक भिन्न खिलाड़ी लगने लगते हैं। एशिया कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ आधा दर्जन विकेट निकालकर मेजबान टीम को 50 रनों पर समेटने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने कल अभ्यास मैच में 3 लगातार छक्के और एक चौका मारकर भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ 3 दिवसीय अभ्यास मैच में जीत दिला दी।

जीत के लिए 207 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 45 ओवर में चार विकेट पर 214 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। सिराज ने महज 15 गेंदों में लगातार तीन छक्कों की मदद से नाबाद 32 रन ठोके।

पहली पारी में खाता खोले बिना आउट होने वाले जायसवाल ने दूसरी पारी में जोरदार वापसी की। उन्होंने केवल 46 गेंदों पर 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करते हुए जायसवाल और गिल ने पहले विकेट के लिए 105 रन की आक्रामक साझेदारी कर भारत को तेज शुरुआत दिलाई। जायसवाल अर्धशतक पूरा करने के बाद रिटायर्ड हुए, ताकि टीम के अन्य बल्लेबाजों को भी अभ्यास का पर्याप्त मौका मिल सके।

अंगुली की चोट के कारण मैच के शुरुआती दो दिन मैदान से बाहर रहे कप्तान गिल ने वापसी करते हुए 44 रन बनाए। वह स्पिनर केशरा नुवांथा की गेंद पर आउट हुए। गिल की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी भारत के लिए श्रीलंका के खिलाफ आगामी पहले टेस्ट से पहले बड़ी सकारात्मक खबर रही।

ध्रुव जुरेल ने 17 रन का योगदान दिया, जबकि ऋषभ पंत ने धैर्यपूर्ण 28 रन की पारी खेली। एक समय भारत का स्कोर तीन विकेट पर 155 रन हो गया था।निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अंतिम सत्र में जीत की औपचारिकता पूरी की जहां सिराज के बल्ले से अंतिम ओवर में लगे लगातार तीन छक्कों ने भारतीय खेमे का पूरा मनोरंजन किया।

इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट एकादश ने अपनी दूसरी पारी 45 ओवर में छह विकेट पर 200 रन बनाकर घोषित कर दी थी और भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य रखा था।सलामी बल्लेबाज निशान मदुश्का ने 73 गेंदों पर 63 रन की सर्वाधिक पारी खेली। पहली पारी में भी उन्होंने अर्धशतक लगाया था। निपुन धनंजया ने 46 और अंजला बंडारा ने 35 रन बनाए।

भारत की ओर से रवींद्र जडेजा और गुरनूर बराड़ ने दो-दो विकेट लिए, जबकि मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को एक-एक सफलता मिली।इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट एकादश के आठ विकेट पर 363 रन घोषित करने के जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी छह विकेट पर 357 रन बनाकर घोषित की थी।

2 साल बाद सरफराज खान की ऐसे हुई भारतीय टेस्ट टीम में एंट्री

 

INDvsSL भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह सरफ़राज़ ख़ान को टीम में शामिल किया गया है। सुदर्शन फ़िलहाल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में हैं और दाहिने अंगूठे में लगी चोट से उबर रहे हैं। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है।

सरफ़राज़ गॉल में 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले भारतीय दल से जुड़ेंगे। इससे पहले 28 वर्षीय सरफ़राज़ को 2024-25 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया था। हालांकि उन्हें उस दौरे पर कोई मैच खेलने का मौक़ा नहीं मिला था। इसके बाद से वह भारतीय टीम से बाहर रहे। उन्होंने अपना आख़िरी टेस्ट मैच नवंबर 2024 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेला था।

हालांकि इस बात की काफ़ी संभावना है कि उन्हें श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट की प्लेइंग XI में मौक़ा शायद न मिले। तीन दिवसीय अभ्यास मैच से पहले शुभमन गिल की उंगली में हल्की चोट लगी थी, जिसके कारण वह पहली पारी में बल्लेबाज़ी नहीं कर पाए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने बल्लेबाज़ी की। वहीं, चोटिल साई सुदर्शन की अनुपस्थिति में तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए देवदत्त पड़िक्कल ने एसएलसी XI के ख़िलाफ़ नाबाद 142 रनों की धुआंधार पारी खेली। इसके बाद तीसरे नंबर पर उन्हें मौक़ा मिलने की संभावना काफ़ी बढ़ गई है।

सुदर्शन के अलावा भारत इस सीरीज़ में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी और आकाश दीप की सेवाओं से भी वंचित रहेगा। वहीं, वॉशिंगटन सुंदर कम से कम पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज़ 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेला जाएगा। यह सीरीज़ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा है, जिसमें भारत नौ मैचों में चार जीत और चार हार के साथ फ़िलहाल पांचवें स्थान पर है।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ के लिए भारतीय दल : शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), सरफ़राज़ ख़ान, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पड़िक्कल और सारांश जैन।

हैमस्ट्रिंग चोट के कारण The Hundred से बाहर हुई जेमिमाह रॉड्रिग्स

Jemima Rodrigues

भारतीय बल्लेबाज़ जेमिमाह रॉड्रिग्स हैमस्ट्रिंग चोट के कारण द हंड्रेड से बाहर हो गई हैं।सदर्न ब्रेव ने उन्हें लगभग 76 लाख रूपए में अपनी टीम में अनुबंधित किया था और वह इस सीज़न में टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रही हैं। जेमिमाह ने छह पारियों में 143 रन बनाए हैं, जिसकी बदौलत ब्रेव महिला प्रतियोगिता में 20 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर मौजूद ट्रेंट रॉकेट्स की बराबरी पर है। बेहतर नेट रन रेट के कारण रॉकेट्स पहले स्थान पर हैं। 25 वर्षीय जेमिमाह को इस दौरान दो बार प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार भी मिला।

उनका बाहर होना ब्रेव के लिए बड़ा झटका है। जेमिमाह इस टूर्नामेंट की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में से एक हैं। ब्रेव के पास सीधे फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए अभी दो मैच बाक़ी हैं। उन्हें अपने आख़िरी लीग मुकाबले मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और ट्रेंट रॉकेट्स के ख़िलाफ़ खेलने हैं।

यह भारत के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इस महीने के अंत में UAE में महिला एशिया कप शुरू होना है। जेमिमाह की हैमस्ट्रिंग चोट कितनी गंभीर है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। संभव है कि उनके चोट को बढ़ने से रोकने के लिए यह एहतियाती फ़ैसला लिया गया हो। भारत का अभियान 30 अगस्त को दुबई में थाईलैंड के ख़िलाफ़ मैच से शुरू होगा, जो अब 22 दिन दूर है।

ब्रेव ने जेमिमाह की जगह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर चार्ली नॉट को टीम में शामिल किया है। नॉट इससे पहले 2024 संस्करण में भी ब्रेव के लिए खेल चुकी हैं। इंग्लैंड में इस T20 सीज़न में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने द ब्लेज़ के लिए वाइटैलिटी ब्लास्ट विजेता अभियान में 404 रन बनाए और 27 विकेट लिए, जो टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा थे।

IPL 2027 में नहीं भाग लेंगे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, कोच ने दिए संकेत

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि अगले साल IPL 2027 में टीम के टेस्ट खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि शेड्यूल बहुत व्यस्त है और एशेज़ से पहले तेज़ गेंदबाजों का मैनेजमेंट खास तौर पर अहम है।

ऑस्ट्रेलिया गुरुवार को डार्विन और मैके में बांग्लादेश के खिलाफ़ मैच के साथ 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल गेम का सिलसिला शुरू करेगा। इस दौरान ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में छह वनडे, दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट, घर पर इंग्लैंड के खिलाफ़ आठ व्हाइट-बॉल गेम, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चार घरेलू टेस्ट, भारत का पांच-टेस्ट का दौरा, मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ़ 150वीं वर्षगांठ का एक घरेलू टेस्ट और फिर जून और जुलाई में इंग्लैंड का पांच-टेस्ट का दौरा शामिल है।

इस लिस्ट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जुड़ सकता है। इसके बाद अगस्त के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज़ होने की संभावना है, जिसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप होगा।

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा पहली पसंद के टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों में से पांच – पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड – आईपीएल लिस्ट में हैं, लेकिन रिटेंशन की समय-सीमा और इस साल के आखिर में होने वाली नीलामी के बाद यह बदल सकता है। वनडे विकेटकीपर और टेस्ट बैक-अप जोश इंग्लिस भी लखनऊ की मौजूदा टीम का हिस्सा हैं।

मैकडोनाल्ड ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट से कहा, “मुझे पता है कि लोग आईपीएल और उस समय का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में बात करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है। टी20 क्रिकेट के लिहाज़ से सबसे अच्छे कॉम्पिटिशन में अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके परफॉर्मेंस में भी फ़ायदा होता है। बस आपको इसमें बैलेंस बनाना होता है।”

उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव

भारत और ऑस्ट्रेलिया में आईपीएल के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव रहा है। पिछले सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद तब निराश हुए थे जब स्टार्क, हेज़लवुड और कमिंस टूर्नामेंट में देर से पहुंचे थे, क्योंकि वे सीए की देखरेख में चोट की समस्याओं से निपट रहे थे।

ऑस्ट्रेलिया में तब हैरानी हुई थी जब नेशनल सेलेक्टर्स ने इन तीनों और हेड को पाकिस्तान और बांग्लादेश के दो व्हाइट-बॉल टूर से बाहर रखने का फ़ैसला किया, जबकि उन्हें आईपीएल खेलने की इजाज़त दी गई थी, ताकि वे आराम कर सकें और आगे के मुश्किल शेड्यूल के लिए तैयारी कर सकें।

IPL 2027 के दौरान आराम करने की योजना

ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज़ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बिना खेले, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के लिए शेड्यूल में आठ हफ़्ते का ब्रेक मिलना उनकी फ़िटनेस और 30 के दशक के बीच तक लंबे समय तक सफलता के लिए बहुत ज़रूरी रहा है। 2027 में आईपीएल का समय – जो जून में डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले मार्च के बीच से मई के अंत तक चलने की संभावना है – एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जब ऑस्ट्रेलिया के पास अभी से 2027 के अंत तक कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं होगा। आईपीएल ने उन विदेशी खिलाड़ियों के लिए दो साल का बैन लगाया है जो ऑक्शन के दौरान साइन करते हैं और फिर बिना किसी चोट के बाद में हट जाते हैं।

मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइज़ी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय का अहम हिस्सा यह है कि हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों को अपने शरीर को रीसेट करने और सब कुछ ठीक करने का मौका दे रहे हैं, ताकि वे उन 20 या 21 मैचों में अपना बेस्ट दे सकें जिनकी हर कोई बात करता है।”

6 विकेट झटककर राशिद ने अफगानिस्तान को ODI विश्वकप क्वालिफायर खेलने से बचाया

AFGvsIRE इब्राहिम जदरान (84) रन की अर्धशतकीय पारी के बाद राशिद खान (छह विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने बारिश बाधित दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में आयरलैंड को 92 रनों से हराया। इसी के साथ उसने तीन मैचों की सरीज में बढ़त बना ली है। ब्रेडी क्रिकेट क्लब में शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में अफ़गानिस्तान ने 92 रनों से शानदार जीत हासिल की।

बारिश की वजह से पहला वनडे बिना टॉस के ही रद्द हो गया था, और इस मैच की शुरुआत भी खराब मौसम के कारण देर से हुई, जिससे इसे घटाकर 47 ओवर का कर दिया गया। इब्राहिम जदरान की कप्तानी में अफगानिस्तान ने आठ विकेट पर 299 रन बनाए, जिसके बाद राशिद खान ने 6 विकेट लेकर आयरलैंड की टीम को 33.4 ओवर में 207 रनों पर समेट दिया।इसी के साथ अफगानिस्तान ने 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप में सीधा प्रवेश पा लिया और अब उसको क्वालिफायर्स में खेलेने की जरुरत नहीं है।

बादल छाए होने के कारण पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद, आयरलैंड के गेंदबाजों को नई गेंद से अच्छी मूवमेंट मिली। मार्क अडेयर ने मेडन ओवर के साथ शुरुआत की और उसके बाद तीन रन वाला ओवर डाला, लेकिन उनके साथी जय मूंड्रा को रहमानुल्लाह गुरबाज ने शुरुआत में ही निशाने पर ले लिया। यह बाएं हाथ का तेज गेंदबाज महंगा साबित हुआ। उसने अपने शुरुआती दो ओवरों में दो बार नो-बॉल की और चार बाउंड्री दीं। उसका तीसरा ओवर भी खराब रहा, जिसमें गुरबाज ने उस पर एक छक्का और फिर एक चौका जड़ा, लेकिन आख़िरकार मूंड्रा को सफलता मिली जब गुरबाज़ एक और आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में दो गेंद बाद कैच आउट हो गए।

मूंड्रा के शुरुआती स्पेल में महंगे साबित होने के बीच सेदिकुल्लाह अटल ने टीम की गति बनाए रखी। पावरप्ले के अंत तक अफगानिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 65 रन था। हालांकि उसके बाद स्कोरिंग रेट थोड़ा धीमा हुआ, लेकिन इब्राहिम और अटल के बीच 116 रनों की साझेदारी ने उन्हें मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। धीमी शुरुआत करने वाले इब्राहिम ने पावरप्ले के बाद आक्रामक रुख अपनाया और 19वें ओवर में 52 गेंदों पर अपनी फ़िफ्टी पूरी की। यह साझेदारी 25वें ओवर में टूटी, जब अटल हैरी टेक्टर का शिकार बने।

आयरलैंड ने कुछ कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन कप्तान रहमत शाह और इब्राहिम के बीच 43 रनों की साझेदारी ने अफगानिस्तान की पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद दो ओवरों के अंतराल में दोनों आउट हो गए – इब्राहिम 34वें ओवर में कर्टिस कैम्फर पर हमला करने की कोशिश में और रहमत 36वें ओवर में गैविन होए के हाथों कैच आउट हुए – लेकिन अजमतुल्लाह ओमरजई और दरविश रसूली के बीच 43 रनों की तेज साझेदारी ने यह सुनिश्चित किया कि मेहमान टीम जीत की राह पर बनी रहे।

मैच के आखिर में आयरलैंड ने कुछ विकेट लेकर वापसी की, क्योंकि अफगानिस्तान ने 21 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। फिर भी, हशमतुल्लाह शाहिदी की आक्रामक लेकिन सधी हुई 21 गेंदों में 36 रनों की पारी (जिसमें आखिरी दो ओवरों में चार बाउंड्री शामिल थीं) ने यह पक्का किया कि मेहमान टीम मजबूत स्थिति में रहे। जवाब में, पॉल स्टर्लिंग का विकेट जल्दी गिरने के बावजूद आयरलैंड ने अच्छी शुरुआत की और अफगानिस्तान के पावरप्ले स्कोर (1 विकेट पर 65 रन) की बराबरी की। एंडी बालबर्नी क्रीज़ पर सहज दिखे और खराब लाइन-लेंथ वाली गेंदों पर तेज़ी से रन बटोरे।

अपना केवल चौथा वनडे खेल रहे केड कारमाइकल ने 14वें ओवर में सलीम साफ़ी के खिलाफ़ 21 रन बनाकर अफगानिस्तान पर दबाव बनाया। यह आयरलैंड के लिए मोमेंटम हासिल करने वाला टर्निंग पॉइंट साबित नहीं हुआ, क्योंकि राशिद खान ने जल्दी-जल्दी बालबर्नी और टेक्टर के विकेट चटका दिए। लोर्कन टकर और कारमाइकल ने पारी को संभालने की कोशिश की और कारमाइकल ने 44 गेंदों में अपना पहला वनडे अर्धशतक पूरा किया। 38 रनों की इस साझेदारी का अंत टकर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा। पगबाधा की अपील के दौरान गेंद पर नजर न रहने के कारण वह रन-आउट हो गए। इसके ठीक अगले ओवर में कारमाइकल भी आउट हो गए, जिससे आयरलैंड का स्कोर पांच विकेट पर 152 रन हो गया।

इसके बाद बेन कैलिट्ज और कर्टिस कैम्फर ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया और अगले तीन ओवरों में 41 रन (पांच चौके और दो छक्के) बनाए, लेकिन राशिद ने कैलिट्ज़ को बोल्ड करके इस साझेदारी को खत्म कर दिया। उस विकेट के बाद आयरलैंड की पारी लड़खड़ा गई और टीम ने चार ओवरों में सिर्फ़ नौ रन पर अपने आखिरी चार विकेट गंवा दिए। राशिद ने उन चार में से तीन विकेट लिए और 6-34 के शानदार आंकड़े के साथ मैच खत्म किया, जिससे अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज में बढ़त बना ली। अगला एकदिवसीय मैच सोमवार को बेलफ़ास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा।