भारतीय टीम को बड़ा झटका, सांई सुदर्शन हुए श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर

INDvsSL श्रीलंका में अभ्यास मैच खेल रही भारतीय टेस्ट टीम को जसप्रीत बुमराह के बाद एक और बड़ा झटका लगा है। तीसरे नंबर के बाएं हाथ के बल्लेबाज अपनी चोट का रिहैब बैंगलूरू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कर रहे हैं ऐसे में वह भारतीय टीम के साथ श्रीलंका दौरे में नहीं शामिल हो पाएंगे। उनकी जगह टीम देवदत्त पड्डीकल को 3 नंबर पर खिलाएगी जिन्होंने आज ही अभ्यास मैच में शतक मारा है।

श्रीलंका दौरे पर जाने से पहले सांइ सुदर्शन चोटिल हो गए और टीम बस में नहीं दिखे। लेकिन यह खबर आई थी कि सुदर्शन के पैर के अंगूठे में हल्की चोट है। हालांकि, उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में बल्लेबाजी शुरू कर दी है और उम्मीद थी कि उन्हें सीओई के मेडिकल स्टाफ से श्रीलंका में टीम के साथ जुड़ने की मंजूरी मिल जाएगी।तमिलनाडु और गुजरात के इस बल्लेबाज ने सात टेस्ट मैच खेले हैं और 39 की औसत से 383 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं।

इससे पहले जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरे श्रीलंका दौरे से ही बाहर हो गए तो बैंगलूरू स्थित सैंटर ऑफ एक्सिलेंस पर भारतीय क्रिकेट फैंस सवाल उठाने लग गए।तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं

तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं।

भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज का मजा स्टेडियम में मुफ्त लूट सकेंगे दर्शक

INDvsSL भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से गॉल में शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के दौरान क्रिकेटप्रेमियों को स्टेडियम में मुफ्त प्रवेश दिया जायेगा।श्रीलंका क्रिकेट ने एक विज्ञप्ति में कहा ,‘‘ श्रीलंका क्रिकेट यह घोषणा करता है कि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट श्रृंखला के दौरान दर्शकों को मुफ्त प्रवेश दिया जायेगा जिससे क्रिकेटप्रेमियों को विश्व स्तरीय टेस्ट क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा।’’पहला मैच गॉल स्टेडियम पर होगा जबकि दूसरा टेस्ट कोलंबो में 23 से 27 अगस्त के बीच खेला जायेगा।श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट देखने दर्शक कम ही आते हैं । पहले भी भारतीय टीमों ने खाली स्टेडियमों में मैच खेले हैं।

15 अगस्त से शुरु होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने अभी तक टीम घोषित नहीं की। श्रीलंका हाल ही में  वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच हारकर आई थी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका भारत के ठीक नीचे छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 41 है, वहीं भारत का जीत प्रतिशत 48 है।

कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

5000वां एतिहासिक एकदिवसीय मुकाबला खेला गया इन दो टीमों के बीच में

डुंडी में शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच मैच के साथ ही पुरुष वनडे के 5000 मुक़ाबले पूर्ण हो गए।इस प्रारूप का जन्म जनवरी 1971 में हुआ था और इन 55 वर्षों में प्रारूप में लगातार बदलाव आया है। पांच हज़ार मुक़ाबलों को हज़ार-हज़ार के अलग समूह में बांटकर एक बेहतर तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई है। पहले तीन वनडे विश्व कप में प्रति टीम 60 ओवर के मुक़ाबले खेले जाते थे जबकि इंग्लैंड में होने वाले दो देशों के बीच मुक़ाबले प्रति टीम 55 ओवर के मुक़ाबले होते थे।

ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और पाकिस्तान में शुरुआती मुक़ाबले प्रति टीम 40 और 35 ओवर के मुक़ाबले होते थे, जिसमें एक ओवर में आठ गेंदें होती थीं। एशिया में प्रति टीम 40 ओवर के मुक़ाबले होते थे जिसमें एक ओवर में छह गेंदें होती थीं। पिछला पुरुष वनडे मुक़ाबला जो कि 50 ओवर का मुक़ाबला नहीं था, वो 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच मुक़ाबला खेला गया था। 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेला गया यह मुक़ाबला 1002वां वनडे था और यह प्रति टीम 55 ओवर का मुक़ाबला था।

पहले 24 वर्षों में 1000 वनडे और अगले 31 वर्षों में 4000 वनडे

1000वां वनडे मैच 1995 में उसी इंग्लैंड-वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के दौरान नॉटिंघम में खेला गया था जो कि रिज़र्व डे तक गया था। पहले 1000वें मुक़ाबले तक पहुंचने के लिए 24 वर्षों का इंतज़ार करना पड़ा और अगले 31 वर्षों में चार हज़ार वनडे खेले गए।अगले 1000 हज़ार वनडे आठ वर्षों के अंतराल पर खेले गए, जिसमें पहले 1000 वनडे के मुक़ाबले एक तिहाई कम समय लगा। टी 20 प्रारूप के आगमन के बावजूद वनडे खेले जाने की निरंतरता में सीधे तौर पर कमी नहीं आई।

2007 में कुल 191 वनडे खेले गए जिस साल पहली बार टी 20 विश्व कप खेला गया था, इस साल एक साल में सबसे ज़्यादा वनडे खेले गए थे और ऐसा करते हुए 2006 में खेले गए सर्वाधिक 160 वनडे का रिकॉर्ड पीछे छूट गया था। अगले 1000 वनडे 2630 दिनों के अंतराल पर खेले गए जो कि किसी भी ब्लॉक में लिए गए सबसे कम दिन थे।

2023 में खेले गए सबसे हालिया वनडे विश्व कप ने एक साल में सर्वाधिक मुक़ाबलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया, इस साल 218 वनडे मुक़ाबले खेले गए। इसके पिछले साल भी 161 वनडे खेले गए थे। लेकिन 1000 वनडे के पांचवें ब्लॉक को पूर्ण करने में 3063 दिन लग गए। 2020 में आई महामारी, टी 20 लीगों का बढ़ना, द्विपक्षीय सीरीज़ कम खेला जाना और अन्य कारण वनडे की संख्या में आई कमी की वजह रहे हैं।

नामीबिया में T20I त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेंगें दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे

नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे टी-20 त्रिकोणीय सीरीज की मेजबानी करेगा और उसके बाद वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज खेलेगा। सभी मैच विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाएंगे।

टी-20 त्रिकोणीय 28 अगस्त को शुरू होगी, जिसका फ़ाइनल छह सितंबर को होगा और वनडे सीरीज नौ सितंबर से शुरू होगी। यह त्रिकोणीय सीरीज 2027 में होने वाले अफ्रीका कप की शुरुआत के लिए आधार तैयार करेगी। इस प्रतियोगिता का मक़सद ज़्यादा अफ्रीकी देशों को सबसे उच्च स्तर पर खेलने का मौका देना है।

त्रिकोणीय सीरीज से होने वाला सारा मुनाफ़ा अफ्रीका क्रिकेट एसोसिएशन को दान किया जाएगा ताकि पूरे महाद्वीप में खेल को बढ़ावा दिया जा सके। क्रिकेट नामीबिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोहान मुलर ने कहा, “हम इस सीरीज़ के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के कमिटमेंट के लिए बहुत आभारी हैं। यह अफ्रीकी महाद्वीप में क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत पार्टनरशिप और साझा सोच को दिखाता है।”

दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे 2027 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप के संयुक्त मेजबान हैं। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फोलेट्सी मोसेकी कहा, “हम इस व्हाइट-बॉल टूर का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं। यह न सिर्फ़ हमारे पड़ोसी देशों में खेल को मज़बूत करने के हमारे कमिटमेंट को दिखाता है, बल्कि अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले उत्साह भी बढ़ाता है, जिसकी मेजबानी ये तीनों देश मिलकर करेंगे।”

ट्रैविस हेड ने लगातर दूसरे साल जीता एलन बॉर्डर मेडल

टेस्ट ओपनर के तौर पर शानदार बदलाव के बाद, ट्रैविस हेड ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सबसे बड़े पुरुष पुरस्कार के लिए एलेक्स कैरी को एक वोट और मिशेल स्टार्क को तीन वोटों से पीछे छोड़ते हुए लगातार दूसरा एलन बॉर्डर मेडल जीता।हेड ने एशेज़ में 87.36 के स्ट्राइक रेट से 629 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल थे। उन्होंने पर्थ में चोटिल उस्मान ख्वाजा की जगह रन चेज़ के दौरान 83 गेंदों पर 123 रन बनाकर इंग्लैंड को चौंका दिया था। इसके बाद उन्होंने एडिलेड में 170 और एससीजी में 163 रन बनाए।

हेड ने पत्रकारों से कहा, “मुझे लगा कि स्टार्की का साल शानदार रहा, केज़ (कैरी) का साल भी बहुत अच्छा रहा। मुझे लगा कि यह पुरस्कार किसी को भी मिल सकता है। मुझे लगा था कि स्टार्की ही जीतेंगे, इसलिए मैं आज रात काफी शांत मन से आया था और यह नहीं सोच रहा था कि मैं जीत के करीब भी होऊंगा।”

हेड रिकी पोंटिंग, माइकल क्लार्क और स्टीवन स्मिथ (चार बार), डेविड वॉर्नर (तीन बार) और शेन वॉटसन (दो बार) के बाद एलन बॉर्डर मेडल एक से ज़्यादा बार जीतने वाले छठे खिलाड़ी बन गए हैं। पिछले साल, जब हेड को कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने गॉल के एक होटल में मेडल दिया था, उसके उलट इस बार बॉर्डर खुद ब्रिस्बेन में उनका दूसरा मेडल देने के लिए मौजूद थे, हालांकि यह कार्यक्रम भी टीम के डार्विन जाने से पहले एक सादे समारोह में हुआ।

हेड ने कहा, “कमरे में एलेन बॉर्डर जैसे व्यक्ति का होना बहुत सौभाग्य और सम्मान की बात है।” “मुझे लगता है कि शायद दोनों के बीच यही फ़र्क है – उनका वहाँ होना, उनका इसे पेश करना। जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं और अपने करियर के बाद के समय में उन्हें फ़ोटो फ़्रेम में देखते हैं, वहाँ बैठकर सोचते हैं कि मेरे पास दो मेडल हैं, और आपके बच्चे उन्हें देख सकते हैं, और 20 साल बाद आप उन्हें बता सकते हैं कि आप कितने अच्छे थे – यह बहुत बढ़िया बात है।”

स्टार्क, जो एशेज़ में ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ रहे थे, उन्हें वोटिंग पीरियड के दौरान 17.80 की औसत से 52 विकेट लेने के लिए ‘शेन वॉर्न टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द ईयर’ चुना गया – वे एलेन बॉर्डर मेडल टैली में तीसरे स्थान पर रहे – इसमें इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 19.93 की औसत से लिए गए 31 विकेट भी शामिल थे, जब उन्होंने उस बॉलिंग अटैक की अगुवाई की थी जिसमें जोश हेज़लवुड पूरे समय और पैट कमिंस एक मैच को छोड़कर बाकी सभी मैचों में नहीं खेल पाए थे। स्टार्क के लिए यह साल जमैका में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 9 रन देकर 6 विकेट लेने के प्रदर्शन के लिए भी यादगार रहा, जहाँ उन्होंने अपने 100वें टेस्ट में अपना 400वाँ विकेट लिया।

इस साल की शुरुआत में बेलिंडा क्लार्क अवॉर्ड की घोषणा की गई थी – जिसमें एनाबेल सदरलैंड लगातार दूसरी बार विजेता बनीं – क्योंकि इंटरनेशनल और फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट के शेड्यूल में टकराव के कारण पारंपरिक समारोह रद्द कर दिया गया था, जिसका मतलब था कि सीए को सभी खिलाड़ियों को एक साथ लाने के लिए कोई तारीख नहीं मिल पाई।इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए अवॉर्ड हर मैच में खिलाड़ियों, अंपायरों और मीडिया के 3-2-1 के आधार पर दिए गए वोटों पर आधारित होते हैं। वोटिंग की अवधि 29 जनवरी, 2025 से 24 जनवरी, 2026 तक थी।

फ्लॉप पेसर्स के बाद स्पिनर्स ने कराई भारत की वापसी, श्रीलंका ने जड़े 363 रन

INDvsSL कुलदीप यादव , रवींद्र जडेजा और मानव सुथार (दो-दो विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत भारत ने शुक्रवार को एकमात्र अभ्यास मैच के पहले दिन शुक्रवार को श्रीलंका इलेवन के 363 रन पर आठ विकेट झटक लिये।

आज यहां श्रीलंका इलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निशान मदुश्का और रविंदु रसंता की सलामी जोड़ी ने तेज शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 110 रनों की साझेदारी की। 21वें ओवर में निशान मदुश्का 65 गेंदों में (66) के रनआउट होने पर यह साझेदारी टूटी। मदुश्का ने अपनी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया।

इसके बाद बल्लेबाजी करने आये संजूला सूर्याबंडारा ने रविंदु रसंता के साथ पारी को संभाला। 40वें ओवर में रवींद्र जडेजा ने संजूला सूर्याबंडारा (35) को बोल्ड कर इस साझेदारी का अंत किया। 50वें ओवर में सुथार ने रविंदु रसंता 143 गेंदों में (71) रन को आउट किया। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। पवन रत्नायके (39) को गुरनूर बराड़ ने आउट किया। अगले ही ओवर में अहान विक्रमसिंघे (31) को कुलदीप यादव ने आउट किया। अंजला बंडारा (13) रन को आउट कर कुलदीप ने अपना दूसरा विकेट लिया।

रमेश मेंडिस (32) को रवींद्र जडेजा ने आउट किया। कप्तान सोनल दिनुशा ने 72 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 52 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। मानव सुथार ने दिनुशा को पगबाधा आउट कर भारत को आठवीं सफलता दिलाई।स्टंप्स के समय श्रीलंका इलेवन ने 90 ओवरों में आठ विकेट पर 363 रन बना लिये है। केशरा नुवंता (नाबाद नौ) और दिलम सुदीरा (नाबाद एक) रन क्रीज पर मौजूद हैं।

कड़ा हुआ खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट, 5 मिनट में दौड़ने होगे 1200 मीटर

Team India

भारतीय खिलाड़ियों का फिटनेस परीक्षण पहले यो यो टेस्ट से होता था लेकिन अब रग्बी के खेल में फिटनेस जांचने का टेस्ट जिसे BRONCO कहते हैं वह अब भारतीय क्रिकेट टीम अपनाने वाली है। यह टेस्ट योयो टेस्ट से भी काफी कठिन होने वाला है।

ब्रोंको टेस्ट एक प्रशिक्षण अभ्यास है जिसमें खिलाड़ी 20 मीटर शटल रन से शुरुआत करता है, जिसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ भी होती है। ये तीन रन मिलकर एक सेट बनाते हैं। गौरतलब है कि एक खिलाड़ी को ऐसे पाँच सेट करने होते हैं, जो बिना रुके कुल 1200 मीटर दौड़ के बराबर होंगे। खिलाड़ियों को यह टेस्ट छह मिनट में पूरा करना होता है।

समझा जाता है कि टीम के कुछ खिलाड़ी पहले ही बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के बेंगलुरु स्थित उत्कृष्टता केंद्र में ब्रोंको टेस्ट दे चुके हैं। ब्रोंको टेस्ट के अलावा, बीसीसीआई भारतीय टीम के सितारों के लिए फिटनेस टेस्ट के तौर पर यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर का टाइम ट्रायल भी आयोजित करता है।

गौरतलब है कि ले रॉक्स जून 2025 में भारतीय टीम में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के रूप में शामिल हुए थे; जनवरी 2022 से मई 2023 तक टीम इंडिया में भी वह इसी पद पर थे और दक्षिण अफ्रीका के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा रहे। इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स जैसी आईपीएल टीमों में भी काम किया।

भारत के कई अनुबंधित खिलाड़ी इस टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुंचे

गौरतलब है कि भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू किए गए ब्रोंको टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। यह टेस्ट फिटनेस मानकों को बनाए रखने के लिए शुरू किया गया है और कोच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए वेट ट्रेनिंग की बजाय रनिंग ड्रिल को ज़्यादा प्राथमिकता देने पर विचार कर रहे हैं।

एक प्रतिश्ठित अंग्रेजी अखबार के सूत्र के हवाले से बताया, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ब्रोंको टेस्ट शुरू किया गया है। भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी बेंगलुरु पहुँच चुके हैं और उन्होंने यह टेस्ट दिया है। ब्रोंको टेस्ट का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि फिटनेस मानक स्पष्ट हों।”

सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिला सम्मान, भारतीय टेस्ट टीम के बारे में तीखे शब्द कह गए अजिंक्य रहाणे (Video)

अजिंक्य रहाणे ने लंबे समय बाद राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अब खबर यह आ रही है कि वह किसी यूरोपिय लीग से जुड़ेंगे हालांकि अब वह कमेंट्री और पॉडकास्ट में क्रिकेट के बारे अपने विचार देते हुए नजर आते हैं। 

माइकल वॉन के साथ हुए ऐसे ही एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष के बार में बताया। अजिंक्य रहाणे ने बताया कि उनका एकदिवसीय करियर 2011 में शुरु हो गया था लेकिन उनको टेस्ट मैचों के लिए करीब 2 साल तक 12वें आदमी की भूमिका निभानी पड़ी और कम से कम 20 टेस्ट मैच तक का लंबा इंतजार करना पड़ा 

इसके अलावा उन्होंने सचिन विराट समेत क्रिकेटरों से रिश्ते, टेस्ट क्रिकेट में अभ्यास मैचों का महत्व और वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर अपनी राय रखी। 

अजिंक्य रहाणे ने कहा, मेरे पास 2 विकल्प थे या तो मैं सहानूभूति हासिल करता या तो खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता। 12वें खिलाड़ी होने और पानी पिलाने में कोई खास खराबी नहीं है। मैंने इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लिया। 

अजिंक्य रहाणे ने हालांकि वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर तीखी टिप्पणी की। अजिंक्य रहाणे से जब पूछा गया कि क्या आपको वर्तमान भारतीय  टेस्ट टीम को देखकर चिंता होती है तो उनका जवाब हां में था। 

रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अच्छा खेल रही हैं। भारत के साथ अचानक इतनी दिक्कत इस कारण हो गई है क्योंकि ज्यादातर सीनियर खिलाड़ी एक साथ बाहर निकल गए हैं। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों को बोर्ड को वह सम्मान देना जरूरी है जिसके वह हकदार हैं। 

ऐसा रहा करियर

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

बाहर होने के बाद भी बतौर कप्तान जीते रणजी

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए

अगले महीने की इस तारीख को होगा भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला

एशियन क्रिकेट काउंसिल ने गुरुवार को घोषणा की कि 2026 महिला एशिया कप का मुख्य मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच पांच सितंबर को दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। टूर्नामेंट की शुरुआत 28 अगस्त को थाईलैंड और हांगकांग के बीच मैच से होगी। यह महिला एशिया कप का छठा संस्करण होगा जो टी-20 प्रारूप में खेला जाएगा।

आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है; ग्रुप ए में भारत और पाकिस्तान के साथ थाईलैंड, हांगकांग और चीन शामिल हैं, जबकि ग्रुप बी में श्रीलंका, बंगलादेश, यूएई और इंडोनेशिया हैं। टूर्नामेंट का पहला मैच थाईलैंड और हांगकांग के बीच खेला जाएगा।हर ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी और फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। सभी मैच दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में फ्लडलाइट्स की रोशनी में खेले जाएंगे।

टी-20 प्रारुप में भारत का पलड़ा पाकिस्तान पर हमेशा भारी रहा है। टीम ने कुल 16 मुकाबलों में से 13 मैचों में जीत हासिल की है। हाल में हुए टी-20 विश्वकप मैच में भी भारत ने पाकिस्तान को 60 रनों से बड़ी हार थमाई थी। इसका कारण है पॉवर हिटिंग और स्पिन गेंदबाज जिसका तोड़ सालों साल पाकिस्तान भारत के खिलाफ नहीं निकाल पाया है।पाकिस्तान ने अंतिम बार भारत को इस प्रारुप में साल 2016 के टी-20 विश्वकप में हराया था।

श्रीलंका टीम को बड़ा झटका, पहले टेस्ट से यह अनुभवी बल्लेबाज हो सकता है बाहर

INDvsSL 15 अगस्त से शुरु होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने अभी तक टीम घोषित नहीं की। मीडिया सूत्रो से मिल रही खबर के अनुसार श्रीलंका के कुसल मेंडिस चोटिल हैं और शायद पहला टेस्ट नहीं खेल पाएंगे।राष्ट्रीय प्रदर्शन केंद्र में वह अभी स्वास्थय सुधार कर रहे हैं। उनको यह चोट 19 जुलाई को कोलंबो कैप्स के लिए खेलते वक्त लगी थी।

श्रीलंका के लिए यह बड़ा नुकसान है क्योंकि हाल ही में वह वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच हारकर आई थी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका भारत के ठीक नीचे छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 41 है, वहीं भारत का जीत प्रतिशत 48 है।

ऐसे में अगर कुसल मेंडिस जैसा अनुभवी बल्लेबाज श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम में नहीं होता है तो टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा। कुसल मेंडिस अपने नाम के अनुसार साझेदारियां बुनने में कुशल हैं। हालांकि हालिया फॉर्म उनके साथ नहीं है लेकिन उनका पहले टेस्ट में ना होना श्रीलंका के लिए अच्छी खबर नहीं है।

कुसल मेंडिस के करियर पर नजर डालें तो 75 टेस्ट मैचों में उन्होंने 4836 रन बनाए हैं। इनमें से 10 टेस्ट शतक हैं और 23 अर्धशतक हैं।