49 साल बाद किसी पाकिस्तानी ने कैरिबियाई धरती पर बनाए 150 टेस्ट रन

49 साल बाद किसी पाकिस्तानी बल्लेबाज ने कैरिबियाई धरती पर 150 रन बनाए हैं। वैसे तो यह रिकॉर्ड पाकिस्तानी बल्लेबाज अबदुल्ला शफीक के खाते में जाएगा लेकिन इस रिकॉर्ड में पाकिस्तानी बल्लेबाजी की किरकरी साफ दिखती है। इस रिकॉर्ड से यह पता लगता है कि पाकिस्तानी बल्लेबाज पिछले 49 साल से  कैरिबियाई धरती पर बड़ा शतक मारने में नाकाम रहे हैं।

इसके पहले 1977 में माजिद खान ने 167 रनों की पारी कैरिबियाई धरती पर खेली थी। इसके अलावा अबदुल्ला शफीक ने 10 साल बाद इंडीज के खिलाफ 150 रनों की पारी खेली। साल 2016 में अजहर अली ने इंडीज के खिलाफ तिहरा टेस्ट शतक जड़ा था। महाद्वीप के बाहर यह 5 साल बाद किसी पाक बल्लेबाज का टेस्ट शतक है। इससे पहले आबिद अली ने 2021 में हरारे में 215 रनों की पारी खेली थी।

दूसरे टेस्ट की बात करें तो पाकिस्तान ने दिन की शुरुआत में अब्दुल्ला शफीक की नाबाद 160 रन की शानदार पारी के दम पर वेस्टइंडीज की पहली पारी के 344 रन के जवाब में 387 रन बनाए और 43 रन की बढ़त हासिल की।वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के स्पिनर जोमेल वारिकन ने 112 रन देकर छह विकेट चटकाकर पाकिस्तान को बड़ी बढ़त बनाने से रोक दिया।

तीसरे दिन पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम दुर्भाग्यशाली रहे और शतक से पहले रन आउट हो गए। वह चार वर्षों बाद अपना पहला टेस्ट शतक बनाने की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन 88 रन पर उनकी पारी समाप्त हो गई। उन्होंने अब्दुल्ला शफीक के साथ 183 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। बाबर के आउट होने के समय पाकिस्तान पहली पारी में अभी भी 63 रन पीछे था।

वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के स्पिनर जोमेल वारिकन ने पुरानी और नई, दोनों गेंदों से शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने अवैस जफर को एक रन पर आउट किया।इसके बाद शमार जोसेफ ने सलमान अली आगा को पगबाधा किया, जबकि नई गेंद से वारिकन ने मोहम्मद रिजवान (18) को बोल्ड कर अपनी तीसरी सफलता हासिल की। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान की पारी के अंतिम तीन विकेट महज चार गेंदों के भीतर लेकर टीम को 387 रन पर समेट दिया।दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला में वेस्टइंडीज पहले टेस्ट में 90 रन की जीत के दम पर पहले ही 1-0 की बढ़त बनाए हुए है।

भारतीय रिजर्व बैंक के मैनेजर ईशान किशन दिखे कॉर्पोरेट लुक में (Pics)

भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक प्रबंधक भी हैं। लेकिन व्यस्तता के चलते कभी दफ्तर नहीं जा पाते। ईशान किशन का अगस्त का कैलेंडर खाली है क्योंकि भारतीय टीम को टेस्ट मैच खेलना है और दिलीप ट्रॉफी शुरु होने में समय है।

इस कारण से ईशान किशन ने अपने गृहनगर पटना में ही भारतीय रिजर्व बैंक के दफ्तर में समय व्यतीत किया। इस दौरान ईशान किशन भारतीय रिजर्व बैंक का आई कार्ड अपने गलें में टांगकर दफ्तर में मौजूद रहे। उनका पहनावा मैदान के इतर फॉर्मल पैंट शर्ट थे।

ईशान किशन को दफ्तर में पाकर क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाले कई प्रशंसक उनके करीब पहुंचे और उनके साथ में फोटो भी खिंचवाई। गौरतलब है कि ईशान किशन टी-20 विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा हैं और इस प्रारुप के नंबर 1 रैंक के बल्लेबाज भी हैं।

विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

श्रीलंकाई स्पिनर्स के लिए राहुल बनेंगे द्रविड़, अभ्यास का वीडियो हुआ वायरल

INDvsSL भले ही श्रीलंका ने अपनी टीम की घोषणा नहीं की हो लेकिन 15 अगस्त से शुरु हो रहे पहले टेस्ट में भारत को स्पिन के मुफीद पिच ही मिलनी है। ऐसे में भारत का पूरा ध्यान स्पिन को खेलने पर है। स्पिन के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी की धुरी चेतेश्वर पुजारा रहते थे अब वह केएल राहुल हो गए हैं क्योंकि वह इस क्रम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं। अगर भारत को स्पिन के खिलाफ थोड़ी भी उम्मीद लगानी है तो केएल राहुल को राहुल द्रविड़ की तरह खेलना होगा।

अभ्यास सत्र में केएल राहुल ने राहुल द्रविड़ की तरह खेलना शुरु भी कर दिया है। केएल राहुल ने स्पिन गेंदबाजी के लिए विशेष अभ्यास सत्र में खुरदुरी पिच पर समय बिताया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अंदर स्पिन करती हुई गेंद पर राहुल अपना विकेट बचाने में कामयाब हुए। इस वीडियो जैसा अगर राहुल खेल गए तो वह श्रीलंका के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनकर उभरेंगे।

इसके अलावा केएल राहुल अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे रहे हैं। मैच में ऐसा मौका आ सकता है जब ऋषभ पंत चोटिल हों और उनकी जगह केएल राहुल को कीपिंग करनी पड़ जाए।

केएल राहुल भले ही भारत के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हों लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू धरती पर उनका बल्ला खामोश रहा है। उन्होंने 4 पारियों में सिर्फ 68 रन बनाए जिसमें से 39 उनका सर्वाधिक स्कोर था। 3 बार उनका विकेट स्पिनर्स ने लिया। हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला गया टेस्ट मैच जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शामिल नहीं था उसमें केएल राहुल ने शतक जरूर जमाया लेकिन वह काफी पहले ही आउट हो गए थे जिसके खिलाफ अफगानिस्तानी कप्तान ने रिव्यू नहीं लिया।

भारतीय टीम पहुंची श्रीलंका, WTC के लिहाज से 2-0 की बढ़त होगी अहम (Video)

भारतीय क्रिकेट टीम कल रात श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में पहुंच गई। टीम को 7 तारीख से अभ्यास मैच खेलना है जो 4 से 3 दिन का हो गया है। संभवत श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ना ही वह खिलाड़ी सामने लाएगा जो टेस्ट मैचों में खेलेंगे और ना ही पिच वैसी बनाएगा जो पहले टेस्ट में बनाई जाएगी। इस कारण भारत को अपने अभ्यास सत्रों पर विश्वास दिखाना होगा।

टीम के दल में जो बल्लेबाज चयनित हुआ था वह टीम के साथ नहीं था। यह बल्लेबाज टेस्ट टीम का शीर्ष क्रम का बल्लेबाज है।सांई सुदर्शन अभी बैंगलोर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने स्वास्थ सुधार की अंतिम प्रक्रिया में है और टीम को उम्मीद है कि अभ्यास मैच से पहले वह टीम से जुड़ जाएंगे।

इससे पहले जब खबर आई कि जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरे श्रीलंका दौरे से ही बाहर हो गए हैं तो बैंगलूरू स्थित सैंटर ऑफ एक्सिलेंस पर भारतीय क्रिकेट फैंस सवाल उठाने लग गए।

तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं।

लेकिन भारत की चिंता चोटों से ज्यादा स्पिन की मुफीद पिचें है।कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

अजीत आगरकर का पत्ता काट सकते हैं लक्ष्मण, चयनकर्ता बनने के एकदम करीब

भारतीय चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में यह खबर आ रही है कि अगर अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर के आगे नहीं बढ़ता है तो फिर वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय टीम का चयनकर्ता बनाया जा सकता है। लेकिन सबकुछ आने वाली श्रीलंका सीरीज पर निर्भर करता है। अगर यह सीरीज भारत जीत जाती है तो अजीत आगरकर का कार्यकाल आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अन्यथा वीवीएस लक्ष्मण भारत के मुख्य चयनकर्ता होंगे।

 इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। हालांकि अभी भी हालांकि अभी भी आगरकर के पास वही संजीवनी है जो रोहित शर्मा के पास है – एकदिवसीय विश्वकप 2027। बीसीसीआइ अभी भी ये सोच रहा है कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक साल का विस्तार दिया जा सकता है। बशर्ते कुछ अच्छी खबरें सुनने को मिले।

रोहित प्रकरण के बाद ज्यादा तेज हुए रस्साकशी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें।भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।

स्पिन के सामने ना डगमगाए पैर, इस कारण इन 4 स्पिनरों को बनाया नेट गेंदबाज

कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

इनमें से हाल ही में टीम इंडिया में शामिल हुए हर्ष दुबे बाएं हाथ के गेंदबाज है। वहीं तनुष कोटियान दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर है। दिल्ली कैपिटल्स से खेलने वाले विपराज निगम दाएं हाथ की लेग स्पिन करते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के शिवांग कुमार बाएं हाथ के कलाई के गेंदबाज हैं।

यह चारों स्पिन गेंदबाज भारत के बल्लेबाजों को हर तरह की स्पिन गेंदबाजी का अभ्यास कराएंगे जिससे भारतीय बल्लेबाज टेस्ट मैच में श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजों के सामने धराशाही ना हो।टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।

टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

श्रीलंका जाने से पहले यह बल्लेबाज भी हुआ चोटिल, बढ़ा टेस्ट टीम का सिरदर्द

भारतीय टीम ने आज श्रीलंका के लिए उड़ान भरी क्योंकि टीम को 15 अगस्त से शुरु हो रही 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। लेकिन टीम के दल में जो बल्लेबाज चयनित हुआ था वह टीम के साथ नहीं था। यह बल्लेबाज टेस्ट टीम का शीर्ष क्रम का बल्लेबाज है।

श्रीलंका दौरे पर जाने से पहले सांइ सुदर्शन चोटिल हो गए और टीम बस में नहीं दिखे। मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि सांई सुदर्शन भी श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए फिट नहीं है। हालांकि उनकी चोट पर स्पष्टता अभी नहीं आई है। लेकिन अगर यह खबर सच है तो भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं है क्योंकि वह बाएं हाथ के बल्लेबाज है और स्पिन गेंदबाजी अच्छा खेलते हैं।

इससे पहले रविवार को जब खबर आई कि जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरे श्रीलंका दौरे से ही बाहर हो गए हैं तो बैंगलूरू स्थित सैंटर ऑफ एक्सिलेंस पर भारतीय क्रिकेट फैंस सवाल उठाने लग गए।

तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं।

श्रीलंका में स्पिन की मुफीद पिचें भारत का इंतजार करेंगी ऐसे में जसप्रीत बुमराह को ऐसी पिच पर आराम देने की सलाह रविचंद्रन अश्विन ने दी थी। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन

गौतम की गंभीर शिकायत लेकर BCCI के पास गए कुछ सीनियर खिलाड़ी

गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने भले ही दो आसीसी टूर्नामेंट्स जीत लिए हों लेकिन द्विपक्षीय सीरीज में भारत की लगातार हार से कई सवाल उठे हैं। खासकर दो टेस्ट सीरीज जो भारत में हुई थी उसका काफी कुछ श्रेय गौतम गंभीर को गया। जून के महीने में रोहित शर्मा संन्यास ले रहे हैं ऐसा भ्रम फैलाया गया लेकिन वह खबरें बोर्ड ने खारिज कर दी और रोहित ने लॉर्ड्स में शतक ठोक दिया।  

ऐसे में कई सीनियर खिलाड़ी अब गौतम गंभीर के रवैये और कोचिंग के तौर तरीके से नाराज होकर इसकी शिकायत बोर्ड के सामने रखने गए हैं। ऐसे में संभव है कि सीनियर खिलाड़ियों को किनारे लगाने की सोचने वाले गौतम गंभीर खुद ही किनारे लग जाए।मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के अनुसार कुछ खिलाड़ियों ने मुख्य कोच की शिकायत बोर्ड से की है।

हालांकि अभी तक यह पता नहीं चला है कि कितने सीनियर खिलाड़ियों ने शिकायत की है और कौन कौन इसमें शामिल है। इस खबर की पुष्टि भी होना बाकी है। लेकिन गौतम गंभीर पर फिलहाल दबाव बनाने का यह बेहतरीन मौका है जिसे सीनियर खिलाड़ी छोड़ना नहीं चाहते।

दबाव बढ़ रहा है गंभीर पर

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

श्रेयस ने भी ले ली थी चुटकी

जिम्बाब्वे के खिलाफ बतौर कप्तान अपनी पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतकर श्रेयस अय्यर ने दौरे पर गए कोच VVS लक्ष्मण के लिए तारीफ के पुल बांध दिए। इसे कई क्रिकेट फैंस इस नजरिए से देख रहे हैं कि श्रेयस अय्यर यह साबित करना चाहते हैं कि गौतम गंभीर की कोचिंग के कारण टीम को आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 और 0-4 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि VVS लक्ष्मण का कोचिंग करियर खासा अच्छा गया है। साल 2022 से टीम के साथ कभी कभार कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले वीवीएस लक्ष्मण अब तक बतौर कोच एक भी सीरीज नहीं हारे हैं।

संन्यास की अटकलों के बीच महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई में दौड़ाई तेज गति से बाइक (Video)

IPL 2027 से संन्यास की अटकलों के बीच महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई में तेज बाइक दौड़ाई। गौरतलब है कि महेंद्र सिंह धोनी को तेज बाइक दौड़ाने का शौक है। वह हाल ही में चेन्नई के एक रेसिंग ट्रैक पर हाई स्पीड बाइक चलाते नजर आए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह पेशेवर राइडिंग सूट  और हेलमेट पहनकर शानदार अंदाज में तेज गति से बाइक की सवारी कर रहे हैं।

बाइक के शौकीन है माही

माही के Cars और Bikes के प्रति दीवानगी और प्यार से हम सभी वाकिफ हैं। उसके पास कई प्रकार की कार और बाइक है जो किसी को भी हैरान कर सकती हैं जैसे  Hummer H2, Audi Q7, Mitsubishi Pajero SFX, Land Rover Freelander, Mahindra Scorpio, Ferrari 599 GTO, Jeep Grand Cherokee Trackhawk, Nissan Jonga, Pontiac Firebird Trans am, Mercedes Benz GLE, Rolls Royce Silver Shadow.

MS Dhoni के पास 50 से अधिक बाइक हैं, जिनमें  Harley-Davidson Fat Boy, Kawasaki Ninja H2, Ducati 1098, Yamaha RD350 and Suzuki Hayabusa भी शामिल हैं।

संन्यास के बाद बाईक राइड की योजना है धोनी की

सीएसके के फैन्स की फैन फॉलोइंग इतनी ज़्यादा है कि वे कभी नहीं चाहेंगे कि उनके पसंदीदा क्रिकेटर एम.एस. धोनी, जिन्हें वे प्यार से “थाला” कहते हैं (जिसका मतलब होता है लीडर), संन्यास लें। इतनी उम्र के बाद भी धोनी आज भी बेहद फिट हैं, लेकिन बीते कुछ सालों में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा। IPL 2026 में तो वह एक भी बार मैदान पर नहीं उतरे।

चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपने भविष्य के बारे में दुनिया को अटकलें लगाने पर मजबूर कर दिया और कहा कि अगले सेशन में वह वापसी करेंगे या नहीं, इस पर फैसला लेने के लिए पूरा समय लेंगे।उन्होंने कहा कि अब वह रांची में अपनी बाइक की सवारी (Bike Ride) का आनंद लेंगे।


टी दिलीप: बेस्ट फील्डर मेडल की संस्कृति लाने वाले कोच ने लिखा भावुक पोस्ट

भारतीय फील्डिंग में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले फील्डिंग कोच टी-दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया है और वह टीम के साथ श्रीलंका नहीं जा रहे हैं। फील्डिंग कोच टी-दिलीप ने भारतीय खिलाड़ियों का फील्डिंग स्तर खासा बढ़ाया। खासकर एकदिवसीय विश्वकप के दौरान जब हर मैच के बाद टीम को फील्डिंग मेडल दिया जाता था। यह एक ऐसी प्रथा थी जिससे हर खिलाड़ी प्रोत्साहित हुआ।अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भावुक पोस्ट लिखा।

टी दिलीप ने लिखा” एक ऐसे सफ़र के लिए सही शब्द ढूँढना मुश्किल है जो मेरे लिए बहुत मायने रखता है।जब मैं पहली बार इस टीम से जुड़ा, तो मेरा मकसद बस एक ही था – हर दिन अपना सब कुछ झोंक देना।

उस खेल में योगदान देने का मेरा तरीका हमेशा से फील्डिंग ही रहा है जिसे मैं बहुत प्यार करता हूँ, और मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि मुझे इस टीम के सफ़र का हिस्सा बनने का मौका मिला।फील्डिंग मेडल हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहेगा। ड्रेसिंग रूम में इसने जो उत्साह पैदा किया, जो मुस्कान बिखेरी और खिलाड़ियों ने इसे जो अहमियत दी – ये सब ऐसी यादें हैं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी।

इन उपलब्धियों का हिस्सा बनने पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा:

  • दो ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप जीत (2024 और 2026)
  • ICC चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीत (2025)
  • दो एशिया कप जीत (2023 और 2025)
  • ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और ICC मेन्स क्रिकेट ODI वर्ल्ड कप (2023) में रनर-अप
  • वर्ल्ड स्टेज पर कई यादगार सफ़र

मुझ पर भरोसा करने और भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका देने के लिए BCCI और भारतीय क्रिकेट टीम का दिल से शुक्रिया। राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर, आपके भरोसे के लिए धन्यवाद। आप दोनों के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा।

रोहित शर्मा, सूर्या कुमार, विराट कोहली, हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर, आप सभी के साथ काम करना और आपके कप्तानी के समय में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हर खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्य को… धन्यवाद। हमने साथ में जो यादें बनाई हैं, वे ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगी।

जैसे ही यह अध्याय समाप्त हो रहा है, मैं हमेशा शुक्रगुज़ार रहूँगा कि मुझे पाँच यादगार वर्षों तक भारत का बैज पहनने का सम्मान मिला।हमेशा आभारी रहूँगा। सफ़र जारी है।”

T Dilip

भारत के क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप ने खुलासा किया कि वह ट्रेनिंग सत्र की शुरुआत में खिलाड़ियों के समूहों के बीच क्षेत्ररक्षण प्रतियोगिताओं का आयोजन करना पसंद करते हैं क्योंकि इससे सही माहौल बनाने में मदद मिलती है।हाल ही में हुए एक प्रशिक्षण सत्र की बारीकियों को समझाते हुए दिलीप ने कहा कि उन्होंने गेंद को सीमा रेखा से वापस फेंकने पर काम किया। इस सत्र में भारतीय खिलाड़ियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था।उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभी लोग एक साथ मिलकर टीम ड्रिल करें लेकिन साथ ही चाहते हैं कि वे मैच के लिए भी तैयार हों।’’