स्टीफन फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अगले मुख्य कोच बनने से बहुत करीब

Stephen Fleming

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अगले मुख्य कोच बनने के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) की पहली पसंद हैं। फ्लेमिंग ने इसी महीने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दिया था, इसके कुछ समय बाद ही ब्रैंडन मक्कलम को इंग्लैंड की टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटा दिया गया था।

अब ईसीबी के प्रबंध निदेशक रॉब की के साथ बातचीत के बाद फ्लेमिंग अपने हमवतन मक्कलम की जगह लेने के लिए सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं। उन्होंने CSK को पांच आईपीएल खिताब जिताए हैं और एसए20 व एमएलसी में भी सीएसके की सहयोगी टीमों के मुख्य कोच रह चुके हैं।

वह समय-समय पर अल्पकालिक आधार पर न्यूजीलैंड टीम के सलाहकार कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं। इसके अलावा मिडिलसेक्स, यॉर्कशायर और नॉटिंघमशायर के लिए खिलाड़ी और सदर्न ब्रेव के कोच के रूप में काम करने के कारण उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट का भी लंबा अनुभव भी है। मक्कलम अभी अगले साल के आखिर तक अपने अनुबंध की अवधि पूरी होने तक इंग्लैंड की सीमित ओवर टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे। ऐसे में अपने पूर्व कीवी साथी के साथ फ्लेमिंग के संबंध भी अहम पहलू होंगे।

 
फ्लेमिंग और मक्कलम करीबी दोस्त हैं और दोनों ने साथ में कारोबारी साझेदारी भी की है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लेमिंग 19 अगस्त से हेडिंग्ली में पाकिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम की कमान संभाल पाएंगे या नहीं। ईसीबी की सबसे बड़ी प्राथमिकता सही उम्मीदवार को नियुक्त करना है, जो अगले साल होने वाली ऐशेज सीरीज में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दिलाने में मदद कर सके। जरूरत पड़ने पर बोर्ड इंतजार करने के लिए भी तैयार है।

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फ्लेमिंग के सामने सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक नया टेस्ट कप्तान चुनना होगा। बेन स्टोक्स ने पिछले महीने अपने अचानक संन्यास के बाद अपने उपकप्तान हैरी ब्रूक का समर्थन किया था। हालांकि ब्रूक पहले से ही इंग्लैंड की सीमित ओवर टीमों के कप्तान हैं और ईसीबी अंतरिम आधार पर यह जिम्मेदारी फिर से जो रूट को सौंपने पर भी विचार कर रहा है।

कैसे BGT 19-20 के बाद अजिंक्य रहाणे की टेस्ट कप्तानी खा गए थे रोहित शर्मा

Ajinkya Rahane

अजिंक्य रहाणे ने बतौर कप्तान भारत को ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 2019-20 में एतिहासिक 2-1 से सीरीज जीत दिलवाई लेकिन इसके बाद उन्हें कप्तानी से तो क्या धीरे धीरे टीम से अलग कर दिया गया। यह बात सही है कि उनका फॉर्म बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज के बाद लगातार ढलान की ओर गया लेकिन अगर बतौर कप्तान ही उनको टीम की बागडोर थमा दी जाती तो शायद भारतीय टेस्ट टीम को नई ऊंचाइया मिलती।

साल 2020 में एडिलेड टेस्ट में जब भारत 36 रनों पर ऑलआउट हुआ था तो कप्तान विराट कोहली पितृत्व अवकाश के लिए भारत लौट गए थे। इसके बाद सबका यह मानना था कि यह दौरा भारत के लिए बहुत कठिन होने वाला है लेकिन जब दौरा खत्म हुआ तो भारत 2-1 से विजयी रहा था।इसका काफी कुछ श्रेय अजिंक्य रहाणे की कप्तानी को मिला जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर युवाओं पर विश्वास दिखाया।

विराट कोहली के कप्तानी के इस्तीफे के बाद अजिंक्य रहाणे की जगह रोहित शर्मा को टेस्ट की कप्तानी दी गई जिसकी सजा भारतीय टेस्ट क्रिकेट आज तक भुगत रहा है। लेकिन समय का फेर कुछ ऐसा रहा कि रणजी ट्रॉफी में रोहित शर्मा को करियर के अंतिम पड़ाव पर अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलना पड़ा।

खराब फॉर्म के बाद अजिंक्य रहाणे ने बल्ले से 2023 में कमाल की वापसी की।अजिंक्य रहाणे ने 18 महीने बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल में टेस्ट टीम में जगह बनाई थी। उन्होंने पहली पारी में 89 और दूसरी पारी में 46 रन बनाए थे और कुल 165 रन बनाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी जगह पक्की की। कैरिबियाई दौरे पर अजिंक्य रहाणे पुनः टेस्ट टीम के उपकप्तान बने। उपकप्तान बनाने के पीछे टीम ने एक बार फिर इशारा किया कि शायद वह फिर कप्तान बन जाए लेकिन ऐसा हो ना सका और वह टेस्ट टीम से किनारे कर दिए गए।

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इससे पहले अजिंक्य रहाणे अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू धरती पर टेस्ट मैच में भारत की अगुवाई कर चुके हैं जिसमें भारत महज 3 दिनों में यह मैच जीत चुका था।

टेस्ट टीम से बाहर होकर भी बतौर कप्तान मुंबई को दिलाई रणजी ट्रॉफी

अजिंक्य रहाणे के लिए बल्ले से रणजी ट्रॉफी का 2024 सत्र बेहद ही खराब रहा था लेकिन वह वानखेड़े स्टेडियम में वह ‘सबसे खुश खिलाड़ी’ थे, जिनकी कप्तानी में टीम 42वीं बार शीर्ष घरेलू टूर्नामेंट की चैम्पियन बनीं। मुंबई ने विदर्भ को 169 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था।Ajinkya Rahane ने इस दौरान सत्र में महज 214 रन बनाये।


चेन्नई सुपर किंग्स ने खिलाड़ियों को 2-3 दिन के लिए फिटनेस कैंप के लिए किया तलब

चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने सभी खिलाड़ियों को 2-3 दिन के लिए फिटनेस कैंप के लिए बुलाया है।  एक डिजिटल पत्रकार की मानें तो चेपॉक में बुलाए गए इस कैंप का कारण खिलाड़ियों को रीटेन, रीलीज या ट्रेड के लिए नापने के लिए किया जा सकता है।

सीएसके ने अपना आखिरी खिताब 2023 सीजन में जीता था, जबकि उससे पिछले साल वे नौवें स्थान पर रहे थे। 2024 सीज़न में वे पांचवें स्थान पर रहे और 2025 में सबसे नीचे रहे। इस साल की शुरुआत में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा और वे आठवें स्थान पर रहे।खराब प्रदर्शन के कारण टीम के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने टीम से अलविदा ले लिया है।

साल 2026 की शुरुआत में ही चेन्नई सुपर किंग्स को सिलसिलेवार हार का सामना करना पड़ा था। यही कारण है कि चेन्नई भी कुछ बड़े खिलाड़ियों को ट्रेड करना चाहती है। इसमें मुंबई के हार्दिक पांड्या भी शामिल है। लेकिन चेन्नई प्रबंधन ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

CSK के C.E.O काशी विश्वनाथन ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाईट  को बताया, “हमने अभी कोई फैसला नहीं लिया है और यह मामला अभी हमारे एजेंडे में नहीं है। हमें पता है कि कौन सा खिलाड़ी ट्रेड के लिए उपलब्ध है, लेकिन हम इस पर तभी चर्चा करेंगे जब हम सीज़न का रिव्यू पूरा कर लेंगे।

अगर हार्दिक पांड्या चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं तो फिर शिवम दुबे के साथ एक और खिलाड़ी को चेन्नई को मुंबई को सौंपना होगा। अगर यह सिर्फ खिलाड़ियों का ही ट्रेड होता है। हालांकि मुंबई में हार्दिक का यह सत्र खासा खराब गया तो चेन्नई इस योजना को भी ड्रॉप कर सकती है।

अभिषेक शर्मा होंगे ड्रॉप, संजू सैमसन को मिलेगा T20I टीम में मौका

संजू सैमसन के बाद अब अभिषेक शर्मा के ड्रॉप होने की बारी आ गई है। क्रिकेट पंडितों की मानें तो अगली टी-20 सीरीज जो वेस्टइंडीज के खिलाफ होनी है उसमें अभिषेक शर्मा को ड्रॉप करके संजू सैमसन को शामिल किया जाए क्योंकि वैभव सूर्यवंशी बेहतरीन फॉर्म में है।

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी अपने पसंदीदा मैदान हरारे स्पोर्ट्स क्लब में विस्फोटक पारियां खेलकर मैन ऑफ द सीरीज बन गए। लेकिन उनके साथी अभिषेक शर्मा संघर्ष करते हुए नजर आए और तीनों मैचों में ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ सस्ते में आउट हो गए।

इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पहले 2 मैचों में अभिषेक ने जरूर 50 रन बनाए लेकिन अंतिम 3 मैचों में वह फिर सस्ते में आउट हो गए। इस कारण अभिषेक की 6 असफल पारियों के कारण उनको अब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज से आराम दिया जाएगा और संजू सैमसन जिन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर आराम दिया गया था उन्हें टीम में लाया जाएगा।

वैभव सूर्यवंशी इतने बेहतरीन फॉर्म में है कि उनके कारण टी-20 विश्वकप की सलामी जोड़ने को तोड़ना पड़ा, वह भी दो बार। जिम्बाब्वे दौरे पर उनके साथी अभिषेक शर्मा थे और संभवत वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उनके साथी अभिषेक शर्मा रहेंगे।

अभिेषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 में 7 गेंदों में 10 रन बनाए। चौथे टी-20 में 14 गेंदों में 16 रन बनाए। पांचवे टी-20 मैच में उन्होंने 5 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाए। उनका खराब फॉर्म जिम्बाब्वे में भी जारी रहा। पहले टी-20 में वह 8 गेंद खेलकर 1 रन बना पाए। वहीं दूसरे टी-20 में 8 गेंदों में 8 रन बना पाए। तीसरे टी-20 में भी वह 4 गेंद खेलकर सिर्फ 2 रन ही बना पाए। इस हिसाब से वह 6 टी-20 पारियों में सिर्फ 40 रन बना पाए हैं।

शुभमन गिल बने विश्व के नंबर 1 बल्लेबाज, इस कीवी से छीना ताज

पिछले सप्ताह न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल से सिर्फ एक अंक से पीछे थे। लेकिन आज उन्होंने वह अंक पार कर (ICC) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में शीर्ष बल्लेबाज का स्थान प्राप्त कर लिया है।

शुभमन गिल के अब 801 अंक है और कीवी बल्लेबाज डेरिल मिचेल 794 अंक पर हैं।  गौरतलब है कि भारत का अगला एकदिवसीय दौरा न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्टूबर में है। ऐसे में इन दोनों के बीच पहली रैंक की जंग बहुत दिलचस्प होने वाली है।डैरिल मिचेल भारत के खिलाफ 2 शतक और 1 अर्धशतक मारकर मैन ऑफ द सीरीज बने थे। आज उनके 7 महीने की नंबर 1 अवधि का अंत हुआ।

 

भारत के ही रोको- यानि कि रोहित शर्मा और विराट कोहली तीसरे और चौथे पायदान पर हैं। शुभमन और रोहित कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच में बड़ी पारी खेली थी। भारत के तीन बल्लेबाज टॉप 5 में शुमार है जिससे भारत की एकदिवसीय टीम मजबूत दिखती है। कोहली के 767 तो रोहिते के 758 अंक है।

पांचवे पायदान पर अफगानिस्तान के बल्लेबाज इब्राहिम जादरान है। इसके बाद पाकिस्तान के बल्लेबाज बाबर आजम का नंबर आता है। सातवें नंबर पर आयरलैंड के बल्लेबाज हैरी टेक्टर है।

भारत के खिलाफ सीरीज में 260 रन नाबाद बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट आठवें पायदान पर हैं। 9वं नंबर पर वेस्टइंडीज के विकेटकीपर बल्लेबाज शाई होप हैं और श्रीलंका के चरिथ असलंका दसवें पायदान पर हैं।

भारतीय गेंदबाजी कोच खतरों के खिलाड़ी में कंटेस्टेंट पर दागेंगे बाउंसर (Video)

भारतीय गेंदबाजी कोच और पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल अपनी तेज गेंदों के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि भारत के युवा तेज गेंदबाजों को जैसे कि गुरुनूर बरार और मयंक यादव जो 150 किमी प्रति घंटे की गति के करीब लगातार गेंदबाजी करते हैं वह टीम इंडिया का हिस्सा बन पाए।

हालांकि भारतीय गेंदबाजी कोच में संन्यास के कई सालों बाद भी 150 किमी प्रति घंटे की गति की गेंद फेंकने की क्षमता है यह दिखा रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी में जिसमें वह कंटेस्टेंट पर तेज गेंद फेंक रहे हैं और कंटेस्टेंट लगभग एक हॉकी के गोलकीपर की तरह सुसज्जित हैं। यह देखना होगा कि अपनी तेज गेंदबाजी से कई बल्लेबाजों को परेशान करने वाले मोर्ने मोर्कल किस किस कंटेस्टेंट को परेशान कर पाते हैं।

मोर्कल ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट, 117 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 44 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेले हैं जिसमें उन्होंने कुल 544 अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए।डेल स्टेन के साथ मिलकर घातक तेज गेंदबाजी जोड़ी बनाने वाले मोर्कल ने भारत में भी काफी क्रिकेट खेला है और उन्हें यहां की परिस्थितियों की अच्छी जानकारी है।

साथ ही IPL टीमों का हिस्सा होने से उन्हें भारत की अगली तेज गेंदबाजी पीढ़ी के बारे में भी अच्छी जानकारी है जिसमें मयंक यादव, आवेश खान और यश ठाकुर जैसे गेंदबाज शामिल हैं।मोर्कल ने पिछले एकदिवसीय विश्व कप 2023 के अंत तक पाकिस्तान टीम के साथ काम किया था लेकिन अपना अनुबंध समाप्त होने से पहले ही पद छोड़ दिया था।

90 रनों से वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को रौंदा, 2 गेंदबाजों के 5 विकेट

PAKvsWI ट्रिनिडाड के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को 90 रनों से बड़ी हार थमाकर मौजूदा टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। कैरिबियाई देश के लिए यह टेस्ट जीत तब आई है जब हाल ही में दिवंगत हुए गारफील्ड सोबर्स की जन्मतिथी है। इस कारण ज्यादातर कैरिबियाई खिलाड़ी जीत को लेकर प्रफुल्लित है।

126 पर 7 विकेट खो चुकी वेस्टइंडीज के पुछल्ले बल्लेबाजों ने 55 रन और जोड़े और उनका कुल स्कोर 210 रनों तक पहुंच गया क्योंकि पहली पारी के आधार पर इंडीज के पास 29 रनों की बढ़त थी।

वेस्टइंडीज की दूसरी पारी 180 रनों पर सिमट गई थी विकेटकीपर शाई होप ने 92 और केवम होज ने 84 रन बनाए थे। पाकिस्तान के मोहम्मद अली ने 4 और  मोहम्मद अब्बास ने 3 विकेट निकाले।

211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान निरंतर अंतराल में विकेट खोती रही। कप्तानी में वापसी कर रहे बाबर आजम दूसरे छोर से विकेट का पतन देखते रहे और अंत में खुद भी 58 रनों पर आउट हो गए। उनके अलावा मोहम्मद रिजवान (11 रन) और मोहम्मद अब्बास ही (23 रन) दहाई के आंकड़े तक पहुंच सके।

पाकिस्तान की पूरी पारी 120 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में जेडन सील्स ने 5 विकेट चटकाए लेकिन कुल 7 विकेट लेने के कारण जस्टीन ग्रीव्स को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

वेस्टइंडीज को हाल में अपने ही घर में बांग्लादेश के खिलाफ करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। ऐसे में उसने यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तान के सामने उसके वहीं हाल ना हो। वहीं पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट के लिए यह एक और काला दिन रहा। इस हार से पाकिस्तान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 के फाइनल की दौड़ से भी बाहर हो गया।

भारतीय क्रिकेट टीम के असिस्टेंट और फील्डिंग कोच ने दिया इस्तीफा

T Dilip

भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने इस्तीफा पेश कर दिया है।  वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए कोलकाता नाईट राइडर्स के लिए वापस कोचिंग करेंगे। भारतीय कोचिंग सेटअप में वह गौतम गंभीर के दाएं हाथ के तौर पर जाने जाते थे। पूर्व डच ऑलराउंडर ने  यह निर्णय ना केवल कोलकाता से जुड़ने के लिए बल्कि परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए लिया है।

वहीं भारतीय फील्डिंग में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले फील्डिंग कोच टी-दिलीप का भी कार्यकाल समाप्त हो गया है और वह टीम के साथ श्रीलंका नहीं जा रहे हैं। फील्डिंग कोच टी-दिलीप ने भारतीय खिलाड़ियों का फील्डिंग स्तर खासा बढ़ाया। खासकर एकदिवसीय विश्वकप के दौरान जब हर मैच के बाद टीम को फील्डिंग मेडल दिया जाता था। यह एक ऐसी प्रथा थी जिससे हर खिलाड़ी प्रोत्साहित हुआ।

13 मैचों में 21 कैच ड्रॉप, सुनील गावस्कर ने कहा बाहर करो खराब फील्डर्स को (Video)

भारत का यूरोप दौरा और जिम्बाब्वे दौरे को मिलाकर 13 मैच खेले गए। इसमें से 10 मैच टी-20 के थे और 3 मैच वनडे के थे। कुल 13 मैचों में भारत ने 21 कैच ड्रॉप किए। इसमें से यूरोप (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) भारत ने 11 कैच ड्रॉप किए। वहीं जिम्बाब्वे दौरे पर टीम ने 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ही 10 कैच ड्रॉप किए। इसमें से 4 कैच अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आए।

ऐसे में टीम के खराब फील्डिंग मानकों पर सुनील गावस्कर ने कहा है कि औसत फील्डर को टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने का कोई हक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कप्तान को उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। ना कि यह सोचना चाहिए कि किसी तरह गेंद उन 3 से 4 खिलाड़ियों के पास ना जाए।

भारतीय टीम ने इन 13 मैचों में 47 कैच पकड़े हैं जिससे टीम का कैच प्रतिशत 69.1 है। गौरतलब है कि भारत को आयरलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 0-2 और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। एकदिवसीय श्रृंखला में भी भारत को इंग्लैंड के हाथों 2-1 की हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद टीम ने हालांकि जिम्बाब्वे को में 3-0 से हराया।

भारतीय टीम की ग्राउंड फील्डिगं भी कई समय से आलोचनाओं के घेरे में है। यूरोप दौरा (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) कई बार यह देखने में आया कि टीम ने ना केवल आसान कैच छोड़े बल्कि आसान चौके भी दे दिए। वहीं इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाड़ियों ने ना केवल शानदार कैच पकड़े बल्कि ग्राउंड फील्डिंग भी उम्दा की।

इसके अलावा सुनील गावस्कर ने एकदिवसीय विश्वकप 2027 को ध्यान में रखकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सलाह भी दी है कि वह मैदान की सीमा को लंबा करें ताकि विदेशी दौरे और खासकर विश्वकप तक भारत बड़े मैदानों पर खेलने का आदि हो जाए। भारत को अब अगली एकदिवसीय श्रृंखला वेस्टइंडीज के खिलाफ अक्टूबर में खेलनी है।

इंदौर के ऑलराउंडर को मिली टीम इंडिया में जगह, हनुमान भक्त को मंगलवार को मिली खुशखबरी

“उपर वाले के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं” यह उक्ति सारांश जैन के लिए सही साबित हुई जब मंगलवार का दिन था और हर मंगलवार की तरह तब सारांश हनुमान मंदिर में प्रार्थना कर रहे थे जब चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा की। मध्य-प्रदेश के अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन को श्रीलंका में होने वाली श्रृंखला के लिए मंगलवार को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया, जो घरेलू क्रिकेट में पिछले एक दशक में उनके शानदार प्रदर्शन का नतीजा है।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

साल 2014 में जब सारांश जैन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे तो उन्होंने घर पर फोन लगाया था। उनके पिता सुबोध मुंह के कैंसर से ग्रसित हो गए थे। लेकिन उनके परिवार ने उनको यह नहीं बताया ताकि उनका प्रदर्शन में गिरावट ना आ जाए। जब सारांश घर पहुंचे तो उनके पिता सुबोध के बारे में जानकर भौंजक्के रह गए।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 18 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।