पहली जीत पाने में 8 मैच लग गए कप्तान श्रेयस अय्यर को, दिया यह बयान

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए कप्तानी एक दिवास्वप्न की जगह एक दुस्वपन की तरह आई। यरोप के दौरे पर वह पहले ऐसे भारतीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान बने जिसे पहले 7 मैचों के बाद भी जीत का स्वाद नहीं मिला। लेकिन अफ्रीका महाद्वीप जाते साथ ही उनका स्वागत जीत के साथ हुआ। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी 20 में गुरूवार को जीत हासिल करने के बाद कहा कि पहली जीत हासिल कर अच्छा लगा।

अय्यर ने मैच के बाद कहा, ”हमारे खिलाड़ियों ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया था। रणनीति को बहुत अच्छे ढंग से अमली जामा पहनाया। और बतौर कप्तान मुझे पहली जीत मिली। विकेट में बाउंस थी, मयंक ने हमें बेहतरीन शुरुआत दिलाई और विपक्षी बल्लेबाज़ों को अधिक रूम नहीं दिया। जैसा कि मैंने कहा कि निर्भीक युवा बल्लेबाज़ (वैभव सूर्यवंशी) ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी की। वह पहले भी यहां खेल चुके हैं और अंडर-19 विश्व कप फ़ाइनल में भी उन्होंने 175 रनों की पारी खेली थी।

भारत ने 8 ओवर रहते जिम्बाब्वे के खिलाफ जीता पहला T20I मैच

मयंक यादव और प्रिंस यादव (दो-दो विकेट) की शानदार गेंदबाजी के बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (50) के तूफानी अर्धतक की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे को पहले टी 20 में गुरूवार को सात विकेट से हराकर श्रेयस अय्यर को उनकी कप्तानी में पहली जीत का स्वाद दे दिया।

भारत ने जिम्बाब्वे को सात विकेट पर 125 रन पर रोकने के बाद 13.2 ओवर में तीन विकेट पर 126 रन बनाकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। श्रेयस अय्यर की अपनी कप्तानी में छह टी 20 मैचों में लगातार हार के बाद यह पहली जीत है। इस जीत के सूत्रधार रहे वैभव सूर्यवंशी और मयंक यादव। मयंक यादव ने चार ओवर में मात्र 18 रन देते हुए दो अहम विकेट निकाले और ज़िम्बाब्वे को 125 के एक छोटे स्कोर पर रोकने में अहम भूमिक निभाई। सूर्यवंशी ने 19 गेंदों पर 50 रनों की पारी खेली और ज़िम्बाब्वे को मुक़ाबले में उम्मीद पाने का भी मौक़ा नहीं दिया।

सूर्यवंशी ने मात्र 19 गेंदों में चार चौकों और चार छक्कों की मदद से 50 रन की आतिशी पारी खेलकर भारत की जीत का मार्ग प्रशस्त किया। ईशान किशन ने 24 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 35 रन बनाकर भारत की जीत में योगदान दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 24 गेंदों में नाबाद 28 और तिलक वर्मा ने नाबाद छह रन बनाये।

सचिन तेंदुलकर ने आंदोलन पर रखी अपनी राय, छात्रों को दी यह सलाह

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कप्तान सचिन तेंदुलकर ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक संदेश लिखते हुए कहा है कि ईमानदारी को प्रोत्साहन के साथ ही मेहनत को सम्मान मिलना और योग्यता की जीत सुनिश्चित होनी चाहिए।

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श्री तेंदुलकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा संदेश में लिखा , “उनके पिता एक प्रोफेसर थे और उन्होंने अनेक छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बचपन में उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख दी थी कि “असफल होना स्वीकार्य है, लेकिन धोखा देना नहीं। कभी शॉर्टकट मत अपनाओ।”

उन्होंने कहा कि समाज के रूप में सभी की जिम्मेदारी है कि ऐसी संस्कृति विकसित की जाये , जिसमें परिणामों से अधिक मेहनत को महत्व मिले। यदि कोई समाज प्रयास के बजाय केवल परिणाम को प्राथमिकता देता है, तो वह योग्यता के बजाय शॉर्टकट का रास्ता अपनाने लगता है।

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि यदि छात्रों को यह महसूस हो रहा है कि उनकी मेहनत का उचित सम्मान नहीं हुआ है, तो उनकी निराशा समझी जा सकती है। सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में छात्रों को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा वर्ग सपनों और ऊर्जा से भरपूर है तथा वही देश की सफलता की असली ताकत है। समाज के अभिभावकों, शिक्षकों, मित्रों, रिश्तेदारों, विद्यालयों और प्रशासकों सहित यह सभी वर्गों की साझा जिम्मेदारी है कि युवाओं का उत्साह और आत्मविश्वास बना रहे।

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उन्होंने कहा कि ऐसी संस्कृति विकसित करनी होगी, जिसमें मेहनत को सम्मान मिले, ईमानदारी को बढ़ावा दिया जाये और योग्यता की जीत हो। श्री तेंदुलकर ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी मिलकर ऐसे समाधान खोजेंगे, जो बच्चों के भविष्य को मजबूत करें और उनकी आकांक्षाओं की रक्षा करें।

19 गेंदों में 4 चौके और छक्के, जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का पहला अर्धशतक

टी-20 अंतरराष्ट्रीय के सबसे युवा बल्लेबाजों में शुमार वैभव सूर्यवंशी ने पहला अर्धशतक जड़कर अपने आगमन की खबर सुनाई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ 125 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने पहले पॉवरप्ले में ही अपनी तूफानी बल्लेबाजी के बलबूते पर मैच को खत्म कर दिया।

उन्होंने 18 गेंदो में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। हालांकि अगली ही गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और छक्के लगाए। उनको रिचर्ड नगवारा ने बेन करन के हाथों कैच आउट करवाया।

इससे पहले वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के दौरे पर मौका मिला था लेकिन वह वहां पर 15 रनों के स्कोर को पार नहीं कर पाए।इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 10 गेंदो में 2 चौके मारकर सिर्फ 14 रन बना पाए। तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 5 गेंदो में 2 छक्के की मदद से 13 रन बना पाए। चौथे  टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वह 10 गेंदों में 1 चौका और छक्का लगाकर सिर्फ 15 रन बना पाए।हालांकि आज उन्होंने अपना विकेट नहीं फेंका और 50 पार जाकर ही रुके।

युवा अनुभवहीन भारतीय गेंदबाजों ने 125 पर रोकी जिम्बाब्वे की पारी

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने निर्धारित 20 ओवरों में मेजबान टीम के 7 विकेट गिरा कर 125 रनों पर पारी रोक दी। गौरतलब है कि इस मैच से पहले भारतीय पेस बैट्री का कुल अनुभव सिर्फ 9 विकेट था।

मयंक यादव ने पहली ही गेंद पर टी-20 विश्वकप में भारत के खिलाफ शतक मार चुके बेनेट को चलता कर दिया। इसके बाद प्रिंस यादव और मयंक यादव ने मायर्स और बेन करन को पॉवरप्ले में ही चलता कर जिम्बाब्वे की रन गति पर रोक लगा दी।

जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक रन वेसले मेधवेरे ने बनाए। उन्होंने 34 गेंदो में 39 रनों की पारी खेली। प्रिंस यादव और मयंक यादव ने किफायती गेंदबाजी के साथ साथ 2-2 विकेट निकाले।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का स्थल बदला, इस मैदान पर होगा खिताबी मुकाबला

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र का फाइनल अब लॉर्ड्स की जगह द ओवल पर 9 से 13 जून के बीच खेला जाएगा। इससे पहले पिछले संस्करण में ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका का फाइनल मैच लॉर्ड्स पर खेला गया था। अब तक खेले गए डब्ल्यूटीसी के तीनों फाइनल भी ब्रिटेन में ही आयोजित हुए हैं। 2023 में जब भारत उपविजेता बना था तो द ओवल के मैदान पर ही खिताबी मुकाबला खेला गया था। जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर टेस्ट चैंपियनशिप की गदा (मेस) अपने नाम की थी।साल 2021 में साउथहैम्पटन में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर टेस्ट चैंपियनशिप की गदा (मेस) अपने नाम की थी।

मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र के समाप्त होने में अब एक साल से भी कम समय बचा है और फाइनल में जगह बनाने की दौड़ रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। अब भी सभी नौ टीमें फाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं।ऑस्ट्रेलिया ने अपने आठ में से सात टेस्ट जीतकर 87.50 प्रतिशत अंक के साथ तालिका में शीर्ष स्थान पर मजबूत पकड़ बना रखी है। उसके बाद मौजूदा चैंपियन दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है।

न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत अंक के साथ दक्षिण अफ्रीका के करीब बना हुआ है जबकि बांग्लादेश ने मई में पाकिस्तान को 2-0 से हराकर 58.33 प्रतिशत अंक के साथ फाइनल की दौड़ में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।

दो बार डब्ल्यूटीसी फाइनल खेल चुकी भारतीय टीम नौ टेस्ट में चार जीत के बाद 48.15 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है। उसके ठीक पीछे श्रीलंका 41.67 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ छठे स्थान पर है।इंग्लैंड (24.36 प्रतिशत), वेस्टइंडीज (15 प्रतिशत) और पाकिस्तान (8.33 प्रतिशत) को फाइनल में पहुंचने के लिए अंक तालिका में लंबी छलांग लगानी होगी।

जुलाई और अगस्त के दौरान डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ और भी तेज होने वाली है क्योंकि कई महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखलाएं अंक तालिका की तस्वीर बदल सकती हैं।वेस्टइंडीज 25 जुलाई से अपने घर में पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मैच की श्रृंखला खेलेगा। दोनों टीमों के लिए यह अंक हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

वहीं ऑस्ट्रेलिया 13 अगस्त से बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैच की घरेलू श्रृंखला में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगा।इसके बाद ध्यान एशिया पर रहेगा जहां 15 अगस्त से श्रीलंका और भारत के बीच दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी। इसी दौरान पाकिस्तान अगस्त और सितंबर में इंग्लैंड दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगा।

छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास

पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने  प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं।

इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है।

कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।

कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला।

ऐसा रहा करियर

राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं।

दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।

श्रेयस अय्यर ने लगातार 8वां टॉस जीता, जिम्बाब्वे के खिलाफ चुनी गेंदबाजी

INDvsZIM भारत के टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने आज जिम्बाब्वे के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह लगातार 8वां या 7वां टॉस (1 मैच बारिश के कारण रद्द) जो श्रेयस अय्यर ने जीता। हरारे स्पोर्ट्स कल्ब में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में युवा टीम को उतराने का फैसला किया।

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा है कि शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिलेगी। भारत के खिलाफ उनका एक बल्लेबाज मिल्टन संबा सीरीज से बाहर हो चुके हैं इस कारण उनको इलोसेंट काइया को मौका दिया है।वहीं भारत का गेंदबाजी क्रम खासा युवा है। इसी तारतम्य में अशोक शर्मा का डेब्यू हुआ है।लेकिन बल्लेबाजी में काफी अनुभवी नाम है।

भारत :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अशोक शर्मा, रवि बिश्नोई, रिंकू सिंह

जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रियान बर्ल, तनाका शिवांगा, बेन कुरेन, ब्राड इवांस, वेसले माधेवेरे, टी मारूमनी, वेलिंगटन मसाकाजा, ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड एनगारवा

शिखर धवन ने कहा छात्रों को संस्थान और सरकार पर बनाए रहना चाहिए भरोसा

shikhar dhawan

युवराज सिंह के बाद शिखर धवन ऐसे दूसरे क्रिकेटर हो गए हैं जिन्होंने छात्र आंदोलन से जुड़ी खबरों पर अपनी राय रखी है लेकिन उनका ट्वीट छात्रों को समझाइश देने की ओर इशारा ज्यादा करता है।हाल ही में दूसरी बार विवाह करने वाले शिखर धवन ने ट्विटर पर लिखा है कि हमारे युवा हमारा भविष्य है। उनके सपनों को समझना जरूरी है पर साथ ही मुश्किल वक्तम में धैर्य रखना और देश की सरकार और संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।मेरा मानना है कि हर चुनौती का समाधान धैर्य से निकलता है। भारत हमेशा आगे बढ़ता है और आगे बढ़ता रहेगा।

भारत के लिए 2013 से 2022 के बीच 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने के बाद शिखर धवन ने 2 साल पहले अगस्त में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।

टेस्ट डेब्यू के दौरान उनका प्रदर्शन यादगार रहा लेकिन धवन ने वनडे अंतरराष्ट्रीय में भी अपनी पहचान बनाई जिसमें उन्होंने 44.11 के औसत से 6793 रन बनाए। इसमें 17 शतक और 39 अर्द्धशतक शामिल हैं।उन्होंने टेस्ट में 40.61 के औसत से 2315 रन बनाए जिसमें सात शतक शामिल हैं।

धवन 2021 में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में भारत के 25वें एकदिवसीय कप्तान बने जब उन्होंने रोहित की जगह कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 12 मैच में टीम की अगुआई की जिसमें भारत ने 7 मैच जीते जबकि तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने आईपीएल में 222 मैचों में दो शतक और 51 अर्धशतक सहित 6769 रन बनाए। टूर्नामेंट में उनके 768 चौके किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक चौके हैं और उन्होंने आईपीएल में लगातार शतक लगाने वाला पहला बल्लेबाजी बनने की उपलब्धि भी हासिल की।

रोहित को बाहर निकालने में नाकामयाब, गौतम गंभीर दे सकते हैं इस्तीफा

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय टी-20 टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण जिम्बाब्वे रवाना हो गए हैं। अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

रोहित के संन्यास की खबरें हुई लीक फिर बोर्ड ने कहा नहीं जा रहे


रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

लेकिन रोहित शर्मा ने ना केवल खुद के लिए जनसंपर्क की बिसात बिछाई बल्कि लॉर्ड्स में बड़ा शतक भी आ गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने लॉर्ड्स वनडे से पहले कहा था कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है।

लंबे समय से लड़खड़ा रहे थे रोहित

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

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इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

टीम से बाहर बैठे कुलदीप अब इंग्लैंड काउंटी की इस टीम से जुड़े

भारतीय एकदिवसीय टीम की अंतिम ग्यारह से बाहर बैठे चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव अभी भी इंग्लैंड में है और जल्द ही काउंटी क्रिकेट में यॉर्कशायर की ओर से शिरकत करते हुए नजर आएंगे। हाल ही में वह भारत के इंग्लैंड दौरे पर एकदिवसीय टीम का हिस्सा थे लेकिन उनको तीन एकदिवसीय मैचों में से 1 में भी अंतिम ग्यारह का हिस्सा नहीं बनाया गया था। नतीजा यह हुआ कि भारत को 3 मैचों की सीरीज1-2 से गंवानी पड़ी उनको मैदान पर ना उतारने पर कई फैंस खफा थे।

कुलदीप को काउंटी में दो बार खेलना होगा।  वह पहले एकदिवसीय प्रारुप खेलेंगे। वह संभवत भारत के श्रीलंका दौरे दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। इसके बाद सितंबर में उनको फिर इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनना पड़ेगा।अब तक कुलदीप तीन बार इंग्लैंड का दौरा कर चुके हैं, लेकिन वहां उन्होंने केवल एक ही टेस्ट मैच खेला है। 2018 में उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट में खेलने का मौक़ा मिला था, जहां उन्होंने सिर्फ़ नौ ओवर की गेंदबाजी की थी।

कुलदीप ने एक बयान में कहा, “मुझे हमेशा इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने की चुनौती पसंद रही है। टीम प्रबंधन से बातचीत के बाद मैं यॉर्कशायर से जुड़ने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मैं हेडिंग्ली में टीम के लिए सकारात्मक योगदान देने का इंतज़ार कर रहा हूं।”

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काउंटी  में खेलने वाले दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर

इस सीजन काउंटी चैंपियनशिप में खेलने वाले कुलदीप दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर होंगे। बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार फिलहाल वॉरिकशायर की ओर से खेल रहे हैं। शुक्रवार को ग्लैमॉर्गन के खिलाफ पर्दापण करते ही कुलदीप यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व करने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, चेतेश्वर पुजारा और मयंक अग्रवाल इस क्लब के लिए खेल चुके हैं। ऋतुराज गायकवाड़ ने 2025 में यॉर्कशायर से अनुबंध किया था, लेकिन बाद में व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।