जसप्रीत बुमराह के बिना गेंदबाजी करने उतरा भारत, इंग्लैंड ने चुनी बल्लेबाजी

ENGvsIND इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने रविवार को यहां भारत के खिलाफ श्रृंखला के तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।तीन मैच की श्रृंखला फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। भारत को इस मुकाबले में अपने स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की सेवाएं नहीं मिलेंगी जो घुटने की चोट के कारण टीम से बाहर हैं।

बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान क्षेत्ररक्षण करते समय जसप्रीत बुमराह के बाएं घुटने में चोट लगी थी। इसके कारण वह तीसरे वनडे के चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। ’’भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को अंतिम एकादश में शामिल किया।

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल,  प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स,  सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोस टंग, आदिल राशिद।

तीसरे एकदिवसीय मैच से बाहर हुए ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर

वॉशिंगटन सुंदर रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे से बाहर हो गए हैं। भारत के इस ऑलराउंडर के पैर में गुरुवार को कार्डिफ़ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की पारी में मैदान पर उतरकर फ़ील्डिंग भी नहीं की। उनकी गैरमौजूदगी में भारत कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में शामिल कर सकता है।

सोफ़िया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे में वॉशिंगटन ने पांच गेंदों पर दो रन बनाए। पारी के दौरान ब्रेक में फिज़ियो उनकी जांघ पर स्ट्रैपिंग करते दिखाई दिए थे। आउट होने के बाद भी वह स्पष्ट रूप से असहज दिखे थे।
मैच के बाद भारत के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने कहा, “वॉशिंगटन को मिड ऑफ़ की तरफ़ पहला रन लेते समय चोट लगी थी। मुझे लगता है कि उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट है और अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए।”

एक समय रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी में टीम के किनारे पर रहने वाले वॉशिंगटन अब तीनों फ़ॉर्मेट में भारत के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले वनडे में विजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी और उसी के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया था। तीन मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है।

भारत वॉशिंगटन को उनकी बल्लेबाज़ी से मिलने वाली अतिरिक्त गहराई के कारण बेहद अहम मानता है। मौजूदा दौरे पर टीम के पास उनका सीधा विकल्प मौजूद नहीं है। दूसरे ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पंड्या पहले से ही चोटिल हैं।केएल राहुल बीमारी के कारण दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह इशान किशन को मौका मिला था। अगर भारत को लगता है कि वॉशिंगटन की गेंदबाज़ी के बिना भी काम चल सकता है, तो लॉर्ड्स में राहुल और किशन दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। अन्यथा टीम को कुलदीप यादव को मौका देना पड़ सकता है।

बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप का आईपीएल 2026 सीज़न अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद से वह सभी फ़ॉर्मेट मिलाकर भारत के पिछले 13 मैचों में सिर्फ़ एक मुकाबला ही खेल सके हैं।

अश्विन ने हाल ही में कुलदीप को पर्याप्त मौके नहीं मिलने पर बात करते हुए कहा था, “दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक आपको कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर तीनों की ज़रूरत होगी। पहले वनडे में अक्षर और वॉशिंगटन दोनों ने अर्धशतक लगाकर हमें जीत दिलाई। लेकिन मुझे लगता है कि भविष्य में इन दोनों में से सिर्फ़ एक के लिए ही जगह होगी। मैं चाहता हूं कि कुलदीप के साथ बेहतर व्यवहार किया जाए, क्योंकि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।”

कुलदीप भारत के लिए वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाज़ों में शामिल हैं। उन्होंने 121 मैचों में 194 विकेट लिए हैं। अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में वह दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों, दोनों को अपनी गेंदों से चकमा देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाज़ी में उनकी सीमित क्षमता कई बार उनकी टीम में जगह पर भारी पड़ी है।

पहली बार एक ओवर में 6 छक्के मारने वाले महान कैरिबियाई ऑलराउंडर का हुआ निधन

वेस्टइंडीज के प्रमुख ऑलराउंडर्स में से एक गैरी सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। क्रिकेट वेस्टइंडीज के हवाले से इस खबर की पुष्टि हुई। बहुत कम क्रिकेटर्स के नाम के आगे सर जुड़ा होता है ऐसे में वह कितने महान थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उनके नाम के आगे सर लगता था।

सर गैरी सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में हुआ था। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 17 साल की उम्र में ही पदार्पण कर लिया था। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज थे और बाएं हाथ से ही तेज गेंदबाजी करते थे। यही नहीं जरुरत के हिसाब से वह स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते थे । उस जमाने में उन्होंने उच्च कोटि का क्षेत्ररक्षण कर नजीर पेश की। करियर की बात करें तो उन्होंने 93 टेस्ट में 8032 रन बनाए और 235 विकेट लिए और 109 कैच लिए।

सबसे पहले बनाया 6 छक्कों का रिकॉर्ड

क्रिकेट की दुनिया के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स ने रथम श्रेणी क्रिकेट में 1 ओवर में 6 छक्के उड़ाने का अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया था।बाएं हाथ के महान बल्लेबाज सर गैरी सोबर्स ने इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में नॉटिंघमशायर टीम की ओर से खेलते हुए यह ऐतिहासिक एवं आश्चर्यजनक उपलब्धि हासिल की थी। सोबर्स ने स्वासनिया में ग्लेमोर्गन के खिलाफ खेलते हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मैल्कम नैश के 1 ओवर की 6 गेंदों पर 6 छक्के उड़ाकर यह रिकॉर्ड बनाया था।

 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की एक रिपोर्ट के मुताबिक मैच में रनों की रफ्तार को रोकने के लिए टीम के कप्तान ने मैल्कम को स्पिन गेंदबाजी करने के लिए कहा था लेकिन उनका यह दांव उल्टा साबित हुआ और सोबर्स ने 1 ओवर में छक्कों की झड़ी लगाते हुए यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। विंडीज के महान ऑलराउंडर सोबर्स इस मैच में 76 रन बनाकर नाबाद रहे थे।

 

गैरी सोबर्स के इस रिकॉर्ड की बराबरी भारतीय ऑलराउंडर रवि शास्त्री ने जनवरी 1985 में की। मौजूदा भारतीय कोच शास्त्री ने बॉम्बे (अब मुंबई) की ओर से खेलते हुए बड़ौदा के लेफ्ट आर्म स्पिनर तिलक राज के 1 ओवर में 6 छक्के उड़ाए थे। इसके अलावा धुरंधर भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह ने 2007 के ट्वंटी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के 1 ओवर में 6 छक्के ठोंककर यह अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

रोहित शर्मा को फिर मिला जीवनदान, BCCI ने कहा लॉर्ड्स वनडे अंतिम नहीं

रोहित शर्मा ने एक बार फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली है। शुक्रवार से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और रविवार को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।

लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।

हालांकि असलियत 2 मैचों में ही पता लग गई।रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

माना जा रहा है कि आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है।गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

बड़ी टीमों ने नहीं इन 4 असोसिएट टीमों ने ICC को नए फॉर्मेट पर दिखाया आईना

अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के नए प्रारूप को लेकर आईसीसी के फै़सले पर एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों ने नाराज़गी और हैरानी जताई है। नामीबिया, नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड के कप्तानों ने सार्वजनिक रूप से इन बदलावों की आलोचना की है। नए प्रारूप के तहत दो टीमें सिर्फ़ शुरुआती दो मैच खेलने के बाद ही विश्व कप से बाहर हो जाएंगी।

अगले साल दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में तकनीकी रूप से 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2019 और 2023 संस्करणों में10 टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन सबसे निचली रैंकिंग की क्वालीफ़ाई करने वाली टीमों के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत तीन टीमों वाली राउंड-रॉबिन ‘सुपर सीरीज़’ से होगी, जिसके बाद दो टीमें केवल दो मैच खेलकर ही बाहर हो जाएंगी।

इस फै़सले से प्रमुख एसोसिएट देशों के खिलाड़ी नाराज़ हैं, क्योंकि सबसे ज़्यादा असर उन्हीं पर पड़ने की संभावना है। साथ ही उन्होंने मौजूदा क्रिकेट विश्व कप लीग 2 की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें आठ एसोसिएट टीमें 36-36 मैच खेलकर सिर्फ़ अगले साल होने वाले वैश्विक क्वालिफ़ायर में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं।

विश्व क्रिकेट खिलाड़ियों के वैश्विक संगठन (डब्ल्यूसीए) की ओर से जारी बयान में नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा, “किसी भी देश के लिए वनडे विश्व कप में जगह बनाना बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। ऐसे में वर्षों की तैयारी के बाद अगर उस अवसर की वास्तविकता बदल दी जाए, तो यह बेहद निराशाजनक है।”

नीदरलैंड्स ने 2023 विश्व कप के लिए आयरलैंड, ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज जैसी टेस्ट टीमों को पीछे छोड़कर क्वालीफ़ाई किया था। उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका और बंगलादेश को हराकर बड़े उलटफेर भी किए थे। लेकिन उस सफलता के बावजूद उन्हें इसके बाद से किसी भी आईसीसी पूर्ण सदस्य देश के ख़िलाफ़ एक भी वनडे खेलने का मौक़ा नहीं मिला है।

नामीबिया के कप्तान गेर्राड इरास्मस ने कहा, “कई देशों के खिलाड़ियों के लिए वनडे विश्व कप सिर्फ़ एक और टूर्नामेंट नहीं होता। यही हमारा प्रमुख प्रारूप है, इसी के इर्द-गिर्द करियर बनते हैं और पीढ़ियां सपने देखती हैं। हम सभी मानते हैं कि विश्व कप में जगह कमानी पड़ती है, लेकिन क्वालीफ़ाई करने के बाद सबसे बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा का वास्तविक अवसर भी मिलना चाहिए। यह एसोसिएट स्तर पर लंबे समय से चले आ रहे सीमित अवसरों की परंपरा को ही आगे बढ़ाता है।”

डब्ल्यूसीए ने भी आईसीसी की निर्णय प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता, संवाद और परामर्श की कमी रही। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम मॉफैट ने कहा कि आईसीसी के “क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने” के घोषित लक्ष्य और टूर्नामेंट के प्रारूप में इस तरह के बड़े बदलाव के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल है।

जब आईसीसी ने पांच साल पहले 14 टीमों वाले विश्व कप की घोषणा की थी, तब प्रस्तावित प्रारूप में सात-सात टीमों के दो ग्रुप और उसके बाद ‘सुपर सिक्स’ चरण शामिल था। इसी योजना के अनुसार टीमों ने पूरे चक्र की तैयारी की, लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ़ 15 महीने पहले उन्हें पता चला कि प्रारूप में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।

स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंगटन ने कहा, “खिलाड़ी यह उम्मीद नहीं करते कि हर फै़सला वही लें, लेकिन ऐसे फै़सलों पर, जिनका खेल और खिलाड़ियों के करियर पर बड़ा असर पड़ता है, उनसे सार्थक तरीके से परामर्श जरूर किया जाना चाहिए। अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आने से बेहतर फै़सले लिए जा सकते हैं और हम चाहते हैं कि खेल में ऐसा सही तरीके से शुरू हो।” दुनिया की 12वीं रैंकिंग वाली आयरलैंड टीम के वनडे कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने कहा कि मौजूदा 48 टीमों वाले फीफा विश्व कप ने दिखाया है कि कम स्थापित खेल राष्ट्र भी वैश्विक आयोजनों में कितना मूल्य और आकर्षण जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट को भी इसी तरह का रास्ता अपनाना चाहिए ताकि खेल को आगे बढ़ाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा अवसर मिल सकें।”

रोहित के संन्यास की खबरों को देख अश्विन को याद आई अपनी बेईज्जती (Video)

रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों और अटकलों को सुनकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन को अपनी बेईज्जती याद आ गई जब चयनकर्ताओं ने बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान उनको यह इशारा कर दिया था कि वह अब उनसे आगे बढ़ना चाहते हैं।

रविचंद्रन अश्विन ने चयनकर्ताओँ और टीम प्रबंधन पर निशाना साधते हुए कहा”अगर चयनकर्ताओँ रोहित शर्मा से आगे बढ़ना चाहते थे, तो उन्हें 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद उनसे यही कहना चाहिए था। अब 2026 में ऐसा करना बहुत गलत है, जबकि  विश्व कप बहुत करीब है, जहाँ रोहित शर्मा ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

अगर इन 2 खिलाड़ियों में से किसी को भी ऐसा नहीं लगता कि उन्हें चुना जा रहा है, तो वे अपना उतकृष्ट प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे और उन्हें वहाँ होने पर बहुत बुरा लगेगा।”वह इस खेल के लेजेंड हैं और संवाद बेहतर हो सकता था। मेरे साथ भी जब संवाद हुआ था तो बहुत बुरा लगा था। लेकिन ठीक है यह जीवन है।”

क्या हुआ था अश्विन के साथ

भारत के लिए 537 टेस्ट विकेट लेने वाले अनुभवी ऑफ स्पिनर अश्विन पर वाशिंगटन सुंदर को पर्थ में पहले टेस्ट के लिए चुना गया था जबकि एडीलेड में गुलाबी गेंद के टेस्ट में उन्हें खेलने का मौका मिला।हालांकि अश्विन को ‘गाबा’ में तीसरे टेस्ट के लिए फिर से एकादश से बाहर किया गया और इस बार रविंद्र जडेजा को खेलने का मौका मिला।

 

रविचंद्रन ने कहा कि परिवार कुछ समय से अश्विन के संन्यास की उम्मीद कर रहा था क्योंकि उनका ‘अपमान हो रहा था’, हालांकि उन्होंने इसकी सटीक प्रकृति का खुलासा नहीं किया।

Dope Test में +ve आने पर इस पाकिस्तानी ऑलराउंडर पर लगा 3 महीने का बैन

अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर आईसीसी की एंटी डोपिंग कोड का उल्लंघन करने के लिए तीन महीने का प्रतिबंध लगाया है। आईसीसी ने यह कार्यवाही इस साल के शुुरुआत में हुए टी-20 विश्वकप में के दौरान एक प्रतिबंधित दवा की जांच में पॉजीटीव आने के कारण की है।

32 साल के नवाज ने श्रीलंका में पाकिस्तान के सभी सात मैचों में हिस्सा लिया था, जहां टीम सुपर-8 स्टेज से बाहर हो गई थी, इन मैचों में उन्होंने 15 रन बनाए और सात विकेट लिए। नवाज ने सरे के साथ करार करने पर सहमति जताई थी, और उन्हें पूरे ब्लास्ट टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध रहना था, जो 26 मई से 18 जुलाई तक चलना था।इंग्लैंड में होने वाले टी-20 ब्लास्ट के लिए सरे टीम में शामिल होने का नवाज का करार टूट गया है।

उनका टेस्ट एक ‘Recreational Drug’ (नशे वाली दवा) के इस्तेमाल के लिए पॉजिटिव आया है।नवाज ने पाकिस्तान के लिए 98 टी-20 मैच खेले हैं।

पीसीबी ने पहले घोषणा की थी कि नवाज को ब्लास्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया गया है, और सरे ने इस हफ़्ते उनके टीम में शामिल होने की घोषणा करने की योजना बनाई थी। लेकिन यह करार टूट गया, और नवाज क्लब में शामिल नहीं सके। सरे ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आईसीसी ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

एटिंकसन ने किया हार्दिक पांड्या जैसा काम,नहीं होने दिया जो रुट का शतक

दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाज का अर्धशतक या शतक रोकने में हार्दिक पांड्या मशहूर है। कल कुछ ऐसा ही काम इंग्लैंड के गस एटिंकसन ने किया। 99 पर नाबाद खड़े जो रूट का उन्होंने शतक नहीं होने दिया। पहले उन्होंने गुरुनूर बराड़ की अंतिम गेंद पर एक रन लिया और फिर अगले ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर चौका मार कर इंग्लैंड को दूसरे एकदिवसीय मैच में भारत के खिलाफ जीत दिला दी।

हालांकि मैन ऑफ द मैच बने जो रूट इस बात से ज्यादा आहत नहीं है। रूट शतक नहीं बना सके लेकिन उन्होंने कहा कि भारत जैसी शीर्ष वनडे टीम के खिलाफ जीत अधिक संतोषजनक है और उनका मानना है कि इससे निर्णायक मैच में इंग्लैंड का पलड़ा भारी होगा।उन्होंने कहा ,‘‘ अगर हम हार जाते तो बहुत बुरा लगता। हम जीतने के लिये ही खेलते हैं। अब हमारे पास दुनिया की नंबर एक टीम को श्रृंखला में हराने का मौका है।’’

रूट ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले घरेलू 50 ओवरों की नियमित प्रतिस्पर्धाओं के जरिये उस तरह का अनुभव नहीं मिल पा रहा जो पहले खिलाड़ियों को मिलता था।उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे लगता है कि टीम और युवा खिलाड़ियों के लिये यह सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।उन्होंने कहा ,‘अभी ही नहीं बल्कि आने वाले समय में भी , जो भी खिलाड़ी टीम में आयेगा उसे 50 ओवरों के क्रिकेट में उतना अनुभव या समझ नहीं होगी क्योंकि अब यह प्रारूप उतना खेला नहीं जाता है।’’

जो रूट ने पहले एकदिवसीय मैच में भी 79 रन बनाकर 106 पर 6 विकेट गंवाकर मुश्किल स्थित में पहुंच चुकी इंग्लैंड को 258 रनों तक पहुंचाया था। पहले एकदिवसीय मैच में भी वह नाबाद रहे थे। दो नाबाद पारियों के कारण वह इस सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाज बन गए हैं।  

दूसरे एकदिवसीय मैच में दूसरी ही गेंद से क्रीज पर आए जो रूट ने 133 गेंदों में 9 चौके लगाकर 99 नाबाद रन बनाए। उन्होंने जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा का मुश्किल स्पैल निकाला।

लंदन पहुंचे रोहित शर्मा के माता पिता, संन्यास की खबरों पर लगने लगी मुहर

रोहित शर्मा की संन्यास की अटकलों के बीच रोहित शर्मा के माता पिता लंदन पहुंच गए हैं। ऐसा लग रहा है बहुत जल्द रोहित शर्मा अटकलों पर विराम लगाते हुए शनिवार या रविवार तक संन्यास की आधिकारिक घोषणा  कर देंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह अगली सीरीज से ड्रॉप होंगे, चयनकर्ताओं के मुताबिक।

माना जा रहा है कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने रोहित को बता दिया है कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 2027 में होने वाले विश्व कप के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिलेगी। इससे रविवार को होने वाले मैच के बाद रोहित के संन्यास की घोषणा करने या उन्हें स्थायी रूप से टीम से बाहर किए जाने की संभावना पैदा हो गई है।वह पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं।

रोहित शर्मा ने इस कारण अपने पिता गुरुनाथ शर्मा और माता पूर्णिमा शर्मा के लिए लॉर्ड्स में मैच देखने का पूरा बंदोबस्त कर दिया है।

हाल ही में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को आज भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया।रोहित शर्मा सफेद गेंद की क्रिकेट (एकदिवसीय और टी-20 प्रारुप) में भारत के सफलतम बल्लेबाजों में से एक हैं। रोहित शर्मा बतौर कप्तान भारत को टी-20 विश्वकप और चैंपियन्स ट्रॉफी जिता चुके हैं और महेंद्र सिंह धोनी के बाद सबसे सफल कप्तान हैं।

ऐसा रहा है करियर

रोहित 2022 टी20 विश्व कप में भी कप्तान थे जब भारत को सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने हराया था। इसके एक साल बाद 50 ओवरों के विश्व कप में रोहित की कप्तानी वाली भारतीय टीम फाइनल में आस्ट्रेलिया से हार गई।रोहित ने टी20 क्रिकेट में 159 मैच खेलकर 4231 रन बनाये जिसमें पांच शतक और 32 अर्धशतक शामिल है।

वहीं एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

विश्वकप 2027 की योजना में नहीं रविंद्र जड़ेजा, जल्द ले सकते हैं संन्यास

रोहित शर्मा के बाद भारत के एक दिग्गज ऑलराउंडर की बल्ला टांगने की खबर आ रही है। यह नाम भी रोहित शर्मा के समकालीन ही रहा है। रविंद्र जड़ेजा जो महेंद्र सिंह धोनी और फिर रोहित शर्मा की कप्तानी में चैंपियन्स ट्रॉफी जीते वह अब भारतीय एकदिवसीय टीम में जगह नहीं बना पाएंगे क्योंकि वह टीम प्रबंधन की विश्वकप 2027 की योजनाओं में नहीं है।

गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।

वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके।रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।

फरवरी में फैंस की इस मांग को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने गंभीरता से लिया और माना कि वह उनके ही कलेवर के बल्लेबाज और गेंदबाज अक्षर पटेल को दक्षिण अफ्रीका में खेले जाने वाले एकदिवसीय विश्वकप में ले जाना चाहते हैं।इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में उनका चयन नहीं हुआ था लेकिन अब यह खबर सामने आ रही है। रविंद्र जड़ेजा चाहे तो संन्यास ले सकते हैं या फिर अगली एकदिवसीय सीरीज से खुद को ड्रॉप होते हुए देख सकते हैं।

ऐसा रहा है करियर

रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 232 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।

वहीं टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 74 मैच खेले और 21 की औसत से 515 रन बना पाए। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। वहीं इस प्रारुप में वह सिर्फ 54 विकेट ही निकाल पाए।

हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।