लॉर्डस पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रनों से हराया

ENGvsIND लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों से हराकर एकमात्र टेस्ट में जीत अर्जित की। इस जीत से भारत का टी-20विश्वकप में सेमीफाइनल में जगह ना बना पाने का दुख थोड़ा कम हुआ। भारत की ओर से यस्तिका भाटिया ने शतक जड़ा और क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5 विकेट लिए और कुल 7 विकेट झटके। स्मृति मंधाना ने दोनों पारियों में अर्धशतकीय पारी खेली।

भारत को यह मैच जीतने के लिए सोमवार को सिर्फ 4 विकेट की दरकार थी। कल 130 पर 6 विकेट गंवाने वाली इंग्लैंड आज इस स्कोर में 50 रन और जोड़ पाई। सोफी इकेस्लिटन ने अर्धशतक बनाया और वह अंतिम विकेट के रुप में गिरी।

इससे पहले यास्तिका भाटिया (113), स्मृति मंधाना (70) और ऋचा घोष (नाबाद 50) की शानदार पारियों के बाद भारतीय महिला टीम ने एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन रविवार को अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 341 रन के स्कोर बनाने के बाद पारी घोषित कर दी। भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रनों की बढ़त मिली थी और अब इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य मिला।

टॉस जीतकर गेंदबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भारत को तो 285 रनों पर रोक दिया। लेकिन पहली पारी में मेजबान टीम 170 रनों पर सिमट गई। यहां से मैच का रुख भारत की ओर पलट गया।

T20I की हार से रोहित का गंभीर पर पलड़ा भारी, इँग्लैंड में फ्लॉप होने पर भी रहेंगे बरकरार

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है। माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी। लेकिन अब युवा टीम के टी-20 सीरीज में वाइटवॉश होने के बाद वह इँग्लैंड में फ्लॉप भी हुए तो एकदिवसीय टीम में बने रहेंगे।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।लेकिन शायद इस बार इसकी जरुरत ना पड़े क्योंकि गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

18 साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स से विदा ली हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने

Stephen Fleming

न्यूजीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने चेन्नई सुपर किंग्स से अपना 18 साल लंबा जुड़ाव बतौर मुख्य कोच आज आपसी सहमति से खत्म कर लिया। फ्लेमिंग और चेन्नई प्रबंधन के बीच कई दौर की बातचीत हुई और लगा कि फ्लेमिंग अगले साल भी कोच की भूमिका में दिखेंगे लेकिन दोनों तरफ ने आगे साथ ना जाने की इच्छा जताई।

इस फैसले की घोषणा करते हुए CSK की मालकिन रूपा गुरुनाथ ने फ्रैचाइजी के लिए फ्लेमिंग के योगदान की तारीफ करते हुए कहा, “स्टीफन फ्लेमिंग इस फ्रैचाइजी के लगभग पूरे सफ़र के दौरान हमारी कोचिंग ईकाई की जान रहे हैं। लगभग दो दशकों से, उन्होंने हमारी पहचान, विजन और बेहतरीन प्रदर्शन की कोशिश को आकार देने में मदद की है। सुपर किंग्स फ्रैचाइजी के सभी लोगों की ओर से, हम उनकी अटूट प्रतिबद्धता, जुनून और अगुवाई के लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। भले ही मैदान पर हमारा साथ सफ़र खत्म हो रहा है, लेकिन वह हमेशा टीम की विरासत का एक अहम हिस्सा बने रहेंगे।”

फ्लेमिंग ने कहा, “खेल की दुनिया में अठारह साल एक पूरी ज़िंदगी के बराबर होते हैं, और मैं सिर्फ़ आभार के साथ जा रहा हूं। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया गया समय मेरे कोचिंग करियर का सबसे यादगार अनुभव रहा है। मुझे उन सभी चीज़ों पर गर्व है जो हमने हासिल की हैं। हमने साथ मिलकर यादगार जीत का जश्न मनाया, मुश्किल पलों का सामना किया और ऐसी यादें बनाईं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी। CSK हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी, और मैं आने वाले सालों में भी टीम का हौसला बढ़ाता रहूंगा।” उल्लेखनीय है कि फ्लेमिंग सबसे पहले 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में एक खिलाड़ी के तौर पर सीएसके से जुड़े थे और अगले ही साल मुख्य कोच बन गए।

2009 से 2026 तक, महेंद्र सिंह धोनी के साथ मजबूत रिश्ता बनाने वाले फ्लेमिंग ने टीम को लगातार सफलता दिलाई। उनकी देखरेख में फ्रेंचाइजी ने पांच आईपीएल खिताब और दो चैंपियंस लीग टी-20 खिताब जीते। फ्लेमिंग के कार्यकाल में सीएसके ने रिकॉर्ड 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई और 10 बार आईपीएल फाइनल के लिए क्वालिफ़ाई किया, जिससे टूर्नामेंट की सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों में से एक के तौर पर उनकी पहचान पक्की हुई।

सीएसके ने अपना आखिरी खिताब 2023 सीजन में जीता था, जबकि उससे पिछले साल वे नौवें स्थान पर रहे थे। 2024 सीज़न में वे पांचवें स्थान पर रहे और 2025 में सबसे नीचे रहे। इस साल की शुरुआत में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा और वे आठवें स्थान पर रहे। इस बीच, फ्लेमिंग ने SA20 और MLC में भी सुपर किंग्स टीमों को कोचिंग दी।

सबसे तेज आधा दर्जन मैच हारने वाले पहले भारतीय T-20I कप्तान बने श्रेयस अय्यर

भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तान नियुक्त किए गए श्रेयस अय्यर की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को आयरलैंड से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और फिर वह पहले मैच के बारिश के कारण रद्द होने के बाद इंग्लैंड से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 0-4 से हार गई।

इस कारण वह सबसे तेज गति से बतौर कप्तान पहले  आधा दर्जन मैच हारने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैँ।  इससे पहले बतौर कप्तान आधा दर्जन मैच हारने के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को 16-16 मैच लगे थे और महेंद्र सिंह धोनी और सूर्याकुमार यादव को 33-33 मैच लगे थे। इसमें सबसे हैरत की बात यह है कि श्रेयस अय्यर को अभी भी एक टॉस हारना बाकी है।

अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें मैच में हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अपेक्षाओं से निपटना वास्तव में मुश्किल नहीं है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे कप्तानी करने का मौका मिला है। प्रत्येक व्यक्ति भारतीय टीम की कप्तानी करने और शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी संभालने का सपना देखता है। निश्चित रूप से मुझे दबाव पसंद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए दबाव में अच्छा प्रदर्शन करना, इन मैच से सीखना निश्चित रूप से मुझे आगे चलकर बेहतर बनाएगा। मेरी अभी की सोच यही है। मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा हूं कि लोग इस श्रृंखला के बारे में क्या सोचेंगे, क्योंकि अच्छा और बुरा इस खेल का अभिन्न अंग है।’’अय्यर ने कहा कि टीम के लिए सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना जरूरी है क्योंकि यही आगे सफलता की कुंजी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में मुझे इस बात को लेकर बेहद सकारात्मक रहना होगा कि मैं विशेषकर विदेश की परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के खेल में निखार लाने में कैसे मदद कर सकता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमें ऑस्ट्रेलिया (अगला टी20 विश्व कप) खेलना है। उससे पहले हमें कई अन्य स्थानों पर खेलना है। हमारा लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके। भविष्य के लिए हमारी यही योजना है।’’

भारत को शनिवार को पांचवें और अंतिम टी20 मैच में 56 रन से हार का सामना करना पड़ा और अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम इस दौरे के दौरान परिस्थितियों के अनुकूल जल्दी से ढल नहीं पाई।

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक मैदान से दूसरे मैदान पर जाते रहे और हमें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हम जितनी जल्दी परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा सकते थे, वैसा करने में नाकाम रहे। यह पहली चुनौती थी। दूसरी चुनौती उनका हर विभाग में हमसे बेहतर प्रदर्शन करना रहा। इसलिए मुझे लगता है कि इन सब कारण से हमें हार मिली।’’

टेस्ट में बैजबॉल खत्म, मक्कलम अब सिर्फ इंग्लैंड के सफदे गेंद के कोच

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने ब्रेंडन मक्कलम को इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटा दिया है। हालांकि वह सीमित ओवर के क्रिकेट में इंग्लैंड के कोच बने रहेंगे। यह फैसल ऐसे समय आया है जब महज तीन महीने पहले ही ऐशेज में ऑस्ट्रेलिया से 4-1 की हार के बावजूद मक्कलम को सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया गया था।

मक्कलम ने अपने बयान में कहा, “बेशक मैं आगे यह भूमिका नहीं निभा पाने से बेहद दुखी हूं, लेकिन मैं इस फै़सले का सम्मान करता हूं। अब मेरा पूरा ध्यान वनडे और टी-20 टीमों को आगे बढ़ाने और इंग्लैंड क्रिकेट को लगातार बेहतर बनाने पर रहेगा। मैं टेस्ट टीम की सफलता की कामना करता हूं।”

ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड ने मार्च में कहा था कि मक्कलम “काफ़ी सीख सकते हैं” और ऑस्ट्रेलिया में हुई ग़लतियों से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने तब यह भी कहा था कि उन्हें हटाना “सबसे आसान विकल्प” होगा। लेकिन केवल तीन टेस्ट बाद न्यूजीलैंड से घरेलू मैदान पर 2-1 की हार के बाद, ईसीबी ने वही निर्णय किया।

गोल्ड ने कहा, “ब्रेंडन ने इंग्लैंड पुरुष टेस्ट टीम में नई जान फूंक दी थी। उनके कार्यकाल में हमें कई यादगार जीत मिलीं और इस भूमिका में उनके योगदान के लिए हम उनके आभारी हैं। अब हमें लगता है कि अगले साल ऐशेज़ जीतने के लक्ष्य को देखते हुए टेस्ट टीम के लिए बदलाव का यही सही समय है।”

उल्लेखनीय है कि मक्कलम ने 2022 में इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी और कप्तान बेन स्टोक्स के साथ मिलकर अपने पहले 11 मैचों में 10 जीत दिलाई थी। उस दौरान इंग्लैंड ने अभूतपूर्व आक्रामक अंदाज में क्रिकेट खेली। हालांकि इसके बाद टीम के नतीजे लगातार खराब होते गए और उनके कार्यकाल में इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया या भारत के खिलाफ एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत सका।

टेस्ट कोच के रूप में मक्कलम का रिकॉर्ड 27 जीत, दो ड्रॉ और 20 हार का रहा। इनमें से सात हार इंग्लैंड के पिछले नौ टेस्ट मैचों में आईं। उनका कार्यकाल अपने देश न्यूजीलैंड के खिलाफ़ घरेलू सीरीज से शुरू हुआ था, जिसमें इंग्लैंड ने 2022 में 3-0 से जीत दर्ज की थी। वहीं पिछले महीने उसी टीम से घरेलू सीरीज हारने के साथ उनका कार्यकाल समाप्त हुआ। इसी सीरीज़ के बाद बेन स्टोक्स ने अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

इंग्लैंड ने भारत को 56 रनों से हराकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर पाई नंबर 1 रैंक

ENGvsIND जोस बटलर ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार शतक जड़ा, जबकि कप्तान हैरी ब्रुक ने भविष्य के सितारे की तरह बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली जिससे इंग्लैंड ने पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप पूरी कर ली।

बटलर के 64 गेंदों में 131 रन और ब्रुक के 45 गेंदों में नाबाद 95 रन की बदौलत इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आया। बटलर और ब्रुक ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल हो गई।विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस दौरे के सभी सात टी20 मुकाबलों में अपनी सबसे अच्छी बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन जीत के लिए यह प्रयास काफी नहीं था। भारत की पारी 20 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन तक ही पहुंच सकी।

इशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और आलोचनाओं का सामना कर रहे तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी पारियां टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सकीं।इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 1601 दिनों से चला आ रहा शीर्ष स्थान का दबदबा भी समाप्त कर दिया। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत की यह सात मैचों में छठी हार (एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था) रही,। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस मैच से पहले ही निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा का संकेत दे दिया था।

भारतीय टीम ने शुरुआत में ही अभिषेक शर्मा का विकेट गंवा दिया था लेकिन पॉवरप्ले में  वैभव सूर्यवंशी की जगह आए संजू सैमसन ने तेज शरुआत दिलाई। हालांकि वह भी पॉवरप्ले में आउट हो गए। 10 ओवर तक ईशान और श्रेयस के कारण भारतीय टीम 110 रन बनाकर मैच में थी लेकिन अगले 6 ओवर टीम जरूरी रन गति नहीं पा सकी और मैच एकतरफा हो गया। भारतीय टीम ने  201 रन बनाने में 9 विकेट गंवा दिए।  

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Jos Buttler

ENGvsIND अनुभवी जोस बटलर (64 गेंदों पर 131 रन) और कप्तान हैरी ब्रुक (45 गेंदों पर नाबाद 95 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 103 गेंदों में 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर इंग्लैंड को शनिवार को यहां पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के खिलाफ तीन विकेट पर 257 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

श्रृंखला पहले ही अपने नाम कर चुकी इंग्लैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए भारत के खिलाफ इस प्रारूप में अपना सर्वोच्च स्कोर ख्ड़ा किया।इसके साथ ही बटलर और ब्रुक ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी की।

इस धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भारत के 1601 दिनों से चले आ रहे नंबर एक स्थान को भी छीनने की स्थिति में पहुंच गया।ब्रुक ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाते हुए केवल 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि अनुभवी बटलर ने शुरुआत में संयम बरतने के बाद तेजी से रन बटोर कर पुराने दिनों की याद ताजा कर दी।

उन्होंने 34 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अगली 17 गेंदों में शतक तक पहुंच गए। उनकी पारी में 12 चौके और आठ छक्के शामिल रहे। 35 वर्षीय बटलर का यह टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा शतक और सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन फिल सॉल्ट का विकेट जल्दी मिलने के बाद भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेअसर नजर आए। प्रसिद्ध कृष्णा ने सॉल्ट को डीप फाइन लेग पर कैच कराकर पवेलियन भेजा, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया।

बटलर और ब्रुक ने मिलकर 16 छक्के जड़े, जिसमें दोनों के खाते में आठ-आठ छक्के आए।बटलर का प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर फाइन लेग के ऊपर खेला गया पुल शॉट पारी का सबसे आकर्षक स्ट्रोक रहा। इससे पहले उन्होंने कृष्णा को लॉन्ग ऑन के ऊपर भी शानदार छक्का जड़ा।

ब्रुक ने दूसरे छोर से स्पिनर अक्षर पटेल के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क का प्रदर्शन किया। उन्होंने पारी के 10वें ओवर में आगे बढ़कर लगातार दो छक्के लगाए। अक्षर के उस ओवर में कुल 25 रन बने और यहीं से भारतीय गेंदबाजी पूरी तरह बिखर गई।

प्रिंस यादव भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों के निशाने पर रहे और उन्होंने चार ओवर में 60 रन लुटाए। तेज गेंदबाजों के खिलाफ ब्रुक ने फुल लेंथ गेंदों पर बेहतरीन तकनीक दिखाई, जबकि छोटी गेंदों पर लेग स्टंप की ओर हटकर एक्स्ट्रा कवर और लॉन्ग ऑफ के ऊपर शानदार शॉट लगाए।

हर्षित राणा के चोट के कारण पूरे शेष दौरे (टी20 और वनडे) से बाहर होने के बाद टीम प्रबंधन ने सूर्यांश शेडगे को मौका दिया। हालांकि, वह तीन ओवर में 39 रन देकर कोई विकेट नहीं ले सके।

श्रेयस अय्यर ने शेडगे को तीसरा ओवर भी सौंपा, जिसमें उन्होंने 24 रन खर्च कर दिए। इसके बाद अगले ओवर में प्रिंस यादव की भी जमकर पिटाई हुई और उस ओवर में 21 रन बने।मैच के दौरान ऐसा समय भी आया जब अय्यर बाउंड्री लाइन के पास खड़े मायूस और असहाय नजर आए, जबकि इंग्लैंड के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी हो चुके थे।

वाइटवाश से बचने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर 1 रैंक पर

ENGvsIND ब्रिस्टल में चौथा टी 20 जीतकर सीरीज अपने नाम करने के बाद हैरी ब्रूक ने इंग्लैंड की सीरीज़ को एकदम सही बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात से हुई कि उन्होंने अलग-अलग पिच के हिसाब से खुद को ढाल लिया और “पिच से निपटने” के लिए अलग-अलग कुशलता ढूंढ लीं। ठीक यहीं पर भारत कम पड़ गया, और इसी वजह से, वे साउथम्प्टन में पांचवें और आखिरी टी20 में उतरेंगे।

धीमी विकेटों पर अतिरिक्त उछाल ने तकनीकी कमियों को सामने ला दिया है, जबकि लंबी स्क्वायर बाउंड्री ने भारतीय पिचों पर प्राकृतिक तरीके से मिलने वाले कुछ स्कोरिंग विकल्प  को कहीं ज़्यादा जोखिम बना दिया है। छोटे भारतीय मैदान  और पाटा पिच पर डीप स्क्वायर लेग रोप्स को आराम से पार करने वाले शॉट बार-बार फील्डर्स को मिल जाते हैं, जैसा कि नॉटिंघम में ईशान किशन के साथ हुआ।

सीरीज़ की शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की यह बात कि वह आईपीएल में “आसान” पिचों के बाद “नॉर्मल” क्रिकेट खेलने वापस आ गए हैं, ने बहुतों को हैरान कर दिया था, लेकिन सीरीज़ के दौरान भारत की बल्लेबाजी ने इसे गलत साबित करने के लिए कुछ खास नहीं किया। इन हारों ने ऑस्ट्रेलिया में 2028 टी 20 वर्ल्ड कप से पहले बेहतर तरीके से समायोजित करने की ज़रूरत को और पक्का कर दिया है, जहाँ तेजी , उछाल और बड़े ग्राउंड कहीं ज़्यादा बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

साउथम्प्टन भारत को यूके के निराशाजनक सफेद गेंद के दौरे से कुछ उबरने का एक आखिरी मौका देता है, जिसमें आयरलैंड से उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ हार और 2019 के बाद इंग्लैंड से उनकी पहली द्विपक्षीय सीरीज़ हार मिली है।

इस बीच, इंग्लैंड के पास एक और मौका है। पांचवें टी20 में जीत उन्हें पुरुष टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 स्थान पर पहुंचा देगी, ब्रूक को लगा कि यह एक “बहुत अच्छी” उपलब्धि होगी। सच कहूं तो, यह एक ऐसी सीरीज़ को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका होगा जिसमें वे लगातार भारत से एक कदम आगे दिखे हैं। साउथम्प्टन में चेस्टर-ली-स्ट्रीट जितना फ्री-स्कोरिंग होने की उम्मीद नहीं है और स्थिति भारत के लिए फिर से मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं, जो संघर्ष कर रहे हैं। चौकोर मैदान पर बड़ी स्क्वायर बाउंड्री के हिसाब से ढलने के लिए।

बारिश से छोटा हुआ मैच टाई होने के अलावा, 2025 से यहां खेले गए 14 टी 20 मैचों में पहले बैटिंग करने वाली और चेज़ करने वाली टीमों ने सात-सात गेम जीते हैं। उन मैचों में पहली इनिंग का एवरेज स्कोर 174 है, जो पहले बैटिंग करने वाली टीम के जीते हुए गेम में बढ़कर 203 हो जाता है। मेजबान टीम, जिसने पिछले मैच के लिए रेहान अहमद को शामिल किया था, के बिना किसी बदलाव के उतरने की संभावना है।

मेहमान कुछ बदलाव कर सकते हैं। संजू सैमसन नंबर 3 पर आ सकते हैं ताकि बहुत ज़्यादा खब्बू बल्लेबाज को तोड़ा जा सके, जबकि सूर्यांश शेडगे को मौका मिल सकता है। वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से सीरीज़ से बाहर हैं।

ENGvsIND

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम कुरेन, जोश टंग, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, सन्नी बेकर, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स।

समय: शाम सात बजे।

IPL से बैन है हैरी ब्रूक, कल 35 गेंदों में बनाए नाबाद 79 रन (Video Highlights)

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में हैरी ब्रूक को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। वह दो साल  2025 और 2026 में इस कारण  इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा नहीं थे। अगले साल अगर वह खुद को इंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के लिए पंजीकृत करते हैं तो महंगे दामों में जाएंगे क्योंकि ब्रिस्टल में उन्होंने एक मुश्किल पिच पर विस्फोटक पारी खेली है।

ब्रूक ने अपने इंग्लैंड करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आईपीएल 2025 से बाहर होने का विकल्प चुना, जबकि 2024 में अपनी दादी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2025 सत्र से आखिरी समय में हटने के बाद दो सत्र के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।ब्रूक ने दूसरे सत्र के लिए खुद का इस लीग के लिए अनुपलब्ध करार देते हुए अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स और उनके समर्थकों से “बिना शर्त” माफी मांगी थी।

इसके बाद वह सफेद गेंद के कप्तान बने और जल्द ही लाल गेंद के कप्तान भी बनने वाले हैं क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज हैं।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के आईपीएल से जुड़े नियमों के अनुसार अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बाद अनफिट नहीं होने की स्थिति में इस टूर्नामेंट में नहीं खेलता है तो उस पर आईपीएल में खेलने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

हालांकि जब वह कल भारत के खिलाफ खेलने उतरे तो अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर जोस बटलर (08) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने विकेटकीपर इशान किशन को कैच थमाया।ब्रूक और सॉल्ट ने हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने आते ही अर्शदीप पर छक्के से खाता खोला।

ब्रूक ने आठवें ओवर में वाशिंगटन सुंदर को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में तीन चौकों और एक छक्के से 19 रन बटोरे और फिर अगले ओवर में अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे अक्षर पटेल की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ सिर्फ 21 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।

भारत के 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने ब्रूक (नाबाद 79 रन, 35 गेंद, आठ चौके, चार छक्के) और सलामी बल्लेबाज सॉल्ट ( नाबाद 59 रन, 42 गेंद, नौ चौके, एक छक्का) के बीच दूसरे विकेट की 146 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बने यह अनचाहे रिकॉर्ड्स

ENGvsIND आयरलैंड से पहली बार टी-20 सीरीज हारने के बाद भारत इंग्लैंड से भी पहली बार टी-20 सीरीज हार गया है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत पहली बार टी-20 सीरीज हारा है। वहीं साल 2019 के बाद किसी भी प्रारुप में इंग्लैंड से सीरीज गंवाई है। 7 साल बाद ऐसा हुआ है कि भारतीय टीम लगातार 2 सीरीज हारी हो। इसके अलावा श्रेयस अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में भारत 5 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच लगातार हारा हो।

ब्रिटेन के छह शहरों (बेलफास्ट सहित) में एक बात समान रही है, किस्मत का अय्यर का साथ नहीं देना। कप्तान बनने के बाद उन्हें अब भी अपनी पहली जीत की तलाश है।भारतीय टीम के 2006 में पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद से यह सबसे लंबा अंतराल है जबकि वह कोई मैच नहीं जीत पाई।

ब्रिस्टल में खेले गए मैच में भारत ने 20 ओवर में 158 रन बनाए जिसका पीछा इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर 13.5 ओवर में कर लिया। इससे पहले नॉटिंधम में टीम इंडिया को शर्मनाक हार मिली जहां वह 76 रनों पर सिमटकर 125 रनों से मैच हार गई। दूसरे टी-20 में भारत मैच में बना हुआ था लेकिन रवि विश्नोई की नो बॉल और 29 रन के ओवर ने भारत से मैच छीन लिया। इस मैच के बाद भारत लय में आ ही नहीं पाया।