जो रूट ने 99 नाबाद बनाकर इंग्लैंड को भारत पर दिलाई 5 साल बाद ODI जीत

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ENGvsIND इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट मैचों की भारत के खिलाफ एकदिवसीय मैच में भी एक छोर पकड़कर रखा और इंग्लैंड को भारत पर 5 साल बाद एकदिवसीय मैच में जीत दिला दी। इससे पहले अंतिम बार इंग्लैंड 2021 में भारत में अहमदाबाद में बाद में बल्लेबाजी कर मैच जीता था।

99 रनों पर नाबाद जो रूट शतक से महरूम रह गए लेकिन लगातार 2 एकदिवसीय मैच में वह अपनी टीम की इज्जत बचा गए वह भी बिना आउट हुए। इस पारी के लिए उनको मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। पहले मैच में उन्होंने 79 रनों की नाबाद पारी खेली थी। इंग्लैंड ने भारत को दूसरे वनडे में गुरूवार को 35 गेंद शेष रहते चार विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल कर ली।

भारत ने श्रेयस अय्यर (66) और विराट कोहली (65) के अर्धशतकों से 44 ओवर में 233 रन का स्कोर बनाया जबकि रूट की बेहतरीन पारी से इंग्लैंड ने 44.1 ओवर में छह विकेट पर 235 रन बनाकर सीरीज को बराबरी पर ला दिया। प्लेयर ऑफ द मैच बने रूट ने एक छोर संभालकर खेलते हुए 133 गेंदों की अपनी मैच विजयी पारी में नौ चौके लगाए।

जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा ने इंग्लैंड को शुरुआती झटका दे दिया था और फिर गुरनूर बराड़ ने भी इंग्लैंड को तीसरा झटका दिया। लेकिन इसके बाद जो रूट डट गए और पहले हैरी ब्रूक(16) के साथ उन्होंने साझेदारी की। इसके बाद सैम करन (26) और जोस बटलर (17) के साथ साझेदारी करते हुए उन्होंने इंग्लैंड को मुक़ाबले में बनाए रखा। विल जैक्स (30) के साथ वह इंग्लैंड को जीत के क़रीब ले गए लेकिन जैक्स बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गए। हालांकि रूट अंत तक डटे रहे और गस एटकिंसन (नाबाद 23) के साथ इंग्लैंड को जीत दिलाकर ही वापस लौटे।

एटकिंसन ने प्रसिद्ध कृष्णा की शॉर्ट गेंद को डीप स्क्वायर लेग की दिशा में पुल किया और बटोर लिया विजयी चौका, इसका मतलब है कि रूट 99 के स्कोर पर ही रहेंगे, बहरहाल इंग्लैंड ने सीरीज बराबर कर ली है। तीन मैचों की सीरीज़ अब 1-1 की बराबरी है जिसका फ़ैसला अब 19 जुलाई को लॉर्ड्स में होगा।

रोहित शर्मा की विदाई लगभग तय, लॉर्ड्स में हो सकता है अंतिम वनडे

ENGvsIND इंग्लैंड की 2 पारियों में फ्लॉप होने के बाद रोहित शर्मा के लिए वह घड़ी आ गई है जब वह या तो खुद से बल्ला टांगेंगे या फिर अगली सीरीज से ड्रॉप होंगे। मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है। 

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। 

रोहित ने कप्तानी गंवाने के बाद अपने आक्रामक रवैए पर अंकुश लगाया लेकिन उन्हें अभी तक इससे खास फायदा नहीं हुआ है।रोहित ने पिछले साल अक्टूबर से 13 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतकों की मदद से 46.91 के औसत से 563 रन बनाए हैं।यह कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम के मौजूदा हालात ने रोहित के लिए लगभग हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना अनिवार्य बना दिया है।

रोहित अब इस स्थिति में है कि वह किसी भी चीज को भाग्य के सहारे नहीं छोड़ सकते हैं क्योंकि भारत के शीर्ष क्रम में इशान किशन के रूप में विकल्प मौजूद है।अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

विराट और श्रेयस के अर्धशतक के बावजूद भारत इंग्लैंड के खिलाफ 233 रनों पर सिमटा

 

ENGvsIND श्रेयस अय्यर (66) और विराट कोहली (65) के अर्धशतकों से भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ गुरूवार को दूसरे वनडे में 44 ओवर में 233 रन का स्कोर बनाया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम के मध्यक्रम ने पूरी तरह से निराश किया है।

अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुन्दर और शिवम दुबे के विकेट गुच्छों में गिरे। उससे पहले ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भारतीय टीम आसानी से 300 के स्कोर को पार कर सकती है। हालांकि जोफ़्रा आर्चर, साकिब महमूद और गस एटकिंसन ने कमाल का काउंटर अटैक किया। कोहली के विकेट पतन के बाद सबसे बड़ी साझेदारी 20 रनों की हुई, जो श्रेयस और बुमराह के बीच हुई। परिणाम यह रहा कि भारतीय टीम एक सम्मानजनक स्कोर से भी थोड़ी सी दूर रह गई।

श्रेयस ने 71 गेंदों पर 66 रन की पारी में पांच चौके और दो छक्के लगाए जबकि विराट कोहली ने 66 गेंदों पर 65 रन में आठ चौके लगाए। कप्तान शुभमन गिल ने 33 और ओपनर रोहित शर्मा ने 26 रन का योगदान दिया। जसप्रीत बुमराह ने 13 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 20 रन बनाकर भारत को 233 तक पहुंचाया। यह मेन इन ब्लू की तरफ से सबसे भरोसेमंद बैटिंग नहीं थी।

शुभमन गिल ने तेज़ शुरुआत दी, लेकिन रोहित शर्मा लय में नहीं दिखे और कुछ शुरुआती राहत मिलने के बावजूद इसका फ़ायदा नहीं उठा पाए। विराट कोहली ने एक अच्छी हाफ सेंचुरी के साथ पारी को संभाला, जबकि श्रेयस अय्यर ने एक कीमती पारी खेलकर भारत को एक सम्मानजनक टोटल तक पहुंचाया।

जसप्रीत बुमराह ने कुछ ज़रूरी रन जोड़े, जिससे भारत को आखिर में एक और धक्का मिला। इंग्लैंड की बॉलिंग पूरी टीम की परफॉर्मेंस थी। जोफ्रा आर्चर ने तीन अहम विकेट लेकर लीड किया, जबकि गस एटकिंसन ने भी तीन विकेट लेकर उनकी बराबरी की। साकिब महमूद ने भी दो विकेट लिए, जिससे यह पक्का हो गया कि भारत कभी भी कोई मोमेंटम न बना पाए। पहली पारी में पेसरों ने नौ विकेट लिए।

महेंद्र सिंह धोनी बने चेन्नई सुपर किंग्स के कोच, अश्विन ने दी सलाह

पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग के सत्र से गायब रहने वाले महेंद्र सिंह धोनी को उनके चेन्नई सुपर किंग्स स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सलाह दी है कि वह अब इस फ्रैंचाइजी के कोच बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी और जाने वाले स्टीफन फ्लेमिंग के इस फ्रैंचाईजी में 18 साल हो गए हैं।

धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आईपीएल खेलना जारी रखा है। इस 44 वर्षीय खिलाड़ी के आईपीएल में भविष्य को लेकर प्रत्येक सत्र में कयास लगाए जाते हैं। धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए मैच फिटनेस बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है।

धोनी ने पिछले आईपीएल में 14 मैच खेले थे और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए फिनिशर की भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से उन्हें घुटने की समस्या से बार-बार जूझना पड़ा है और 2023 में उनकी सर्जरी भी हुई थी।

धोनी 2008 से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं। वे 18 सीजन में 5,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके नाम विकेट के पीछे भी 200 से ज्यादा सफलताएं दर्ज है। धोनी इस टूर्नामेंट के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। वे चेन्नई को 5 बार खिताब दिला चुके हैं।

अश्विन ने कहा अब कोच बनने की बारी

अश्विन ने कहा, “फ़्लेमिंग ने वास्तव में वह समझा कि क्या एमएस धोनी को पसंद है और धोनी ने यह समझा कि फ़्लेमिंग अच्छे नायक हैं और इसीलिए ये साझेदारी इतनी लंबी चली। मैं कहूंगा कि अब समय आ गया था कि सीएसके आगे देखे।” उन्होंने कहा,”यदि धोनी वह करने के इच्छुक हैं (कोच बनने के) तो उनसे बेहतर विकल्प सीएसके के पास कुछ और नहीं है। यदि ऐसा नहीं है तो उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को खोजना होगा जो स्वतंत्र रूप से काम कर सके और अपने एक्शन की पूरी जिम्मेदारी ले सके।” अश्विन को लगता है कि नए कोच का काम आसान नहीं रहने वाला है क्योंकि उसे अपना काम करने के साथ ही ख़ुद को धोनी की छाया से भी बचाना होगा। धोनी का 2027 में खेलना फिलहाल साफ़ नहीं है। 2026 सीज़न में चोट के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल सके और पूरे सीज़न फ्रेंचाइज़ी ने उनकी चोट पर कुछ खुलकर नहीं बताया।

अश्विन ने कहा, “उस ड्रेसिंग रूम में जो भी आएगा उसके लिए एक छोटी ही सही लेकिन अनिश्चितता रहेगी। धोनी एक बड़ा नाम है वह आज भी उस बातचीत का बेहद अहम हिस्सा हैं जिसमें ये तय किया जाता है कि कौन सी टीम खेलने वाली है। और एक ऐसा व्यक्ति भी होगा जो उस टीम के लिए बड़े भाई या मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा, जिसे इतने सालों से उनकी आदत रही है। ऐसे में, ड्रेसिंग रूम में आने वाले और स्टीफ़न फ़्लेमिंग से कमान संभालने वाले व्यक्ति के लिए यह बहुत नाजुक स्थिति होगी, क्योंकि वे यह नहीं समझते कि फ़्लेमिंग ने उस फ्रेंचाइज़ी को क्या दिया है। इसलिए उन्हें सहजता से उस भूमिका में ढलना होगा, जो बहुत ही मुश्किल हो सकता है।”


कार्डिफ में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, भारत ने किया एक बदलाव

ENGvsIND कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स पर इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। वहीं टीम में दो बदलाव है। जोश टंग और लियाम डॉसन की जगह साकिब महमूद और गस एटिंकसन आए हैं। वहीं भारत की ओर से एक बदलाव है। विकेटकीपर केएल राहुल अस्वस्थ है और उनकी जगह ईशान किशन ने ली है।

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतने के बाद कहा, ”हमें उम्मीद है कि इस सतह से हमें सीम मूवमेंट मिलेगा। बल्लेबाज़ी में सुधार करने की आवश्यकता है। इंग्लैंड में दो बदलाव है।गस एटकिंसन और साक़िब महमूद एकादश में शामिल हैं, जॉश टंग और लियाम डॉसन बाहर हैं।”

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ”हम भी पहले गेंदबाज़ी ही करते। मैं फ़िट हूं, पिछला गेम हमारे लिए परफ़ेक्ट गेम था इसलिए हम इस मैच में भी वही प्रदर्शन दोहराने का प्रयास करेंगे। जिस तरह से बाद में हमारे तेज़ गेंदबाज़ों ने वापसी की वो बेहतरीन था। हमारे एकादश में एक बदलाव है, केएल राहुल बीमार हैं इसलिए उनकी जगह पर इशान किशन आए हैं।”

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान),इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा,  गुरनूर बराड़

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, साकिब महमूद, आदिल राशिद

वेस्टइंडीज को बदहाल क्रिकेट को सुधारने के लिए मिली 1.28 करोड़ डॉलर की बड़ी राशि

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा घोषित अभिशासन, सदस्यता और सदस्यों की सहायता में में बदलावों के तहत कैरिबियाई क्रिकेट को लोन मिलेगा। एडिनबर्ग में हुई सिलसिलेवार वार्षिक बैठक के बाद सदस्यों से जुड़े कई फ़ैसले लिए गए, जिनमें वेस्टइंडीज़ क्रिकेट को आर्थिक मदद देना भी शामिल रहा।

अफ्रीकी देश मॉरिशस को ICC का 111वां मेंबर बनाया गया है, जिससे इसके 12 स्थायी सदस्य और 98 अन्य एसोसिएट सदस्य की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है। इसके अलावा, ICC ने घोषणा की कि क्रिकेट कनाडा के लिए बहाली की शर्तें मंज़ूर कर ली गई हैं; इस बोर्ड पर लगे मौजूदा निलंबन को हटाने से पहले इन शर्तों को पूरा करना ज़रूरी है।

वहीं दूसरी ओर ICC को श्रीलंका क्रिकेट से संशोधित संविधान के बारे में अपडेट मिला है। फ़िलहाल, चुनाव होने तक श्रीलंका क्रिकेट ICC बोर्ड की बैठकों में प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएगा। इस बीच, ICC सदस्यता मानदंड का उल्लंघन करने के कारण फ़्रांस क्रिकेट को नोटिस दिया गया है।

वेस्टइंडीज़ क्रिकेट के लिए समर्थन

ICC ने क्रिकेट वेस्टइंडीज़ को समर्थन के तौर पर 1.28 करोड़ डॉलर का लोन दिया है। यह बोर्ड, जो कई सालों से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है, आईसीसी से मदद की मांग करता रहा है। यह बात समय-समय पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी उठाया है।

30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुए साल के वित्तीय विवरण के अनुसार, CWI को 28 मिलियन डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल उसे 24 मिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ हुआ था। 2026 चक्र में 26 मिलियन डॉलर के लॉस के अनुमान के साथ, CWI के स्टेटमेंट में अनुदान की कमी को पूरा करने के लिए ICC से Loan Financing और Commercial Banking क्रेडिट सुविधाओं का ज़िक्र किया गया था। अब यह हकीकत बन गया है।

इससे पहले 2012 में, तत्कालीन वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड को ज़िम्बाब्वे के साथ ICC से सहायता फ़ंडिंग मिली थी। 2020 में, COVID-19 महामारी के दौरान, क्रिकेट वेस्टइंडीज़ को ECB से 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन मिला था, जिसे समय पर चुका दिया गया।

पुर्तगाल से खेलने के लिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से लिया संन्यास इस ऑलराउंडर ने

ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के लिए खेलने वाले क्रिकेटर पुर्तगाल जैसी असोसिएट देश के लिए खेलेने के लिए भला क्यों ही दिलचस्पी दिखाएगा। लेकिन ऐसा हुआ है। बिग बैश लीग (BBL) और ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाले मोइसेस हेनरिक्स ने घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर स्थानीय फैंस को चौंका दिया है। वह अपने जन्मस्थान पुर्तगाल के लिए ना केवल एसोसिएट क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे बल्कि अहर्ता प्राप्त करने के बाद टी-20 विश्वकप क्वालिफायर का भी हिस्सा रहेंगे।

मोइसेस हेनरिक्स ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जो कभी भी किसी विश्व खिताब का हिस्सा नहीं रहे क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में कभी कभार ही मौके मिले। 39 साल के हेनरिक्स ने मार्च 2025 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन पिछले समर में न्यू साउथ वेल्स के लिए ए लिस्ट क्रिकेट खेला और जनवरी में सिक्सर्स को BBL फाइनल तक पहुंचाया। उन्हें सिक्सर्स के साथ नया अनुबंध नहीं मिला और BBL की दूसरी टीमों की दिलचस्पी के बावजूद उन्होंने एक ही क्लब के लिए खेलने वाले खिलाड़ीके तौर पर अपना करियर खत्म करने का फैसला किया।

संन्यास की घोषणा करते हुए हेनरिक्स ने कहा, “मैं बहुत किस्मत वाला रहा हूं कि पिछले 22 सालों से एक प्रोफेशनल एथलीट के तौर पर क्रिकेट मेरा काम रहा है। मुझे दूसरी बीबीएल टीमों से भी ऑफर मिले थे, लेकिन कहीं और जाना मुझे सही नहीं लगा।जिन लोगों के साथ मुझे खेलने और काम करने का मौका मिला, मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। अगर वे रिश्ते और उनके लिए मेरा गहरा लगाव न होता, तो मुझे यकीन है कि मैं इस दिन तक बहुत पहले ही पहुंच गया होता। मुझे लगता है कि अब मेरे करियर को खत्म करने और अपनी ज़िंदगी के अगले पड़ाव की ओर देखने का समय आ गया है।”

ऐसा रहा करियर

उन्होंने BBL के सभी 15 सीजन में 154 मैच खेले है, जिसमें उनके पहले और आखिरी सीज़न का फ़ाइनल भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में सभी फ़ॉर्मेट में हेनरिक्स के 420 घरेलू मैचों से ज़्यादा किसी ने नहीं खेले हैं; इसमें NSW के लिए 110 प्रथम श्रेणी मैच और 112 A List मैच शामिल हैं। उन्होंने NSW के लिए 38 टी-20 मैच और 2012-13 में चैंपियंस लीग जीतने वाली सिक्सर्स टीम के लिए छह मैच भी खेले। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। उनके नाम 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 T-20I मैच दर्ज हैं।

एकदिवसीय और T-20I विश्वकप का बदला फॉर्मेट, इस टेबल से समझिए

कुछ दिन पहले मीडिया में छपी खबरों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद एकदिवसीय विश्वकप के लिए सुपर 6 प्रणाली का क्रियान्वन करने वाला था जो कि साल 2003 की प्रणाली से मेल खाती थी। लेकिन अब ने ना केवल एकदिवसीय विश्वकप में सुपर 6 की जगह सुपर 7 चरण बल्कि टी-20 विश्वकप में सुपर 8 की जगह सुपर 10 चरण प्रणाली अपनाई है। इसे फैंस आसानी से इन दो टेबल से समझ सकते हैं।

एकदिवसीय विश्वकप 2027

टूर्नामेंट के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीम पहले सुपर सीरीज दौर खेलेंगी। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम दूसरे चरण में पहुंचेगी जहां छह टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा।प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीम और दोनों ग्रुप में अगली सबसे बेहतर टीम Super-7 चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी (पहले यहां Super-6 चरण होना था)। सुपर-7 चरण की चार सर्वश्रेष्ठ टीम सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

इस टूर्नामेंट में 10 टीम सीधे क्वालीफाई करेंगी। तीन मेजबान देशों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पूर्ण सदस्य देश होने के कारण अपने आप क्वालीफाई करेंगे। तीसरा मेजबान देश नामीबिया एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाएगा।वनडे रैंकिंग की शीर्ष आठ टीमें बाकी 10 स्थानों को पूरा करेंगी। बची हुई चार टीम का फैसला वैश्विक क्वालीफायर के जरिए होगा।

T20I विश्व कप 2028

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण के बाद अब सुपर-8 की जगह सुपर-10 चरण होगा।टूर्नामेंट में चार-चार टीम के पांच ग्रुप बनाए जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीम सुपर-10 में पहुंचेंगी।

पिछले चरण में सुपर-8 के प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती थीं। नए प्रारूप में अब प्रत्येक ग्रुप की केवल शीर्ष टीम ही सीधे अंतिम चार में पहुंचेगी। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम विपरीत ग्रुप की तीसरे स्थान वाली टीम के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी जिससे प्रतियोगिता में एक नया रोमांच जुड़ जाएगा।

वहीं 2026 टी20 विश्व कप में खेलने वाली लेकिन स्वतः क्वालीफाई नहीं कर पाने वाली बाकी टीम सीधे वैश्विक क्वालीफायर में पहुंचेंगी।वैश्विक क्वालीफायर के अन्य आठ स्थानों के लिए क्षेत्रीय क्वालीफिकेशन होगा। इनमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीम जबकि अमेरिका और पूर्वी एशिया प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम क्वालीफाई करेगी।वैश्विक क्वालीफायर में प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वश्रेष्ठ टीम 2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

विराट कोहली का एक और रोहित शर्मा का एक और Failure, क्या होगा आगे?

कल इंग्लैंड के खिलाफ भारत को जीत मिली लेकिन विराट कोहली और रोहित शर्मा ने अपने विकेट पहले दस ओवर में फेंक दिए। रोहित शर्मा को 21 गेंदों में 11 रन पर सैम करन ने अपना शिकार बनाया और विराट कोहली को जोफ्रा आर्चर ने 5 रनों पर पगबाधा कर दिया। इन दोनों की बल्लेबाजी के बाद लोगों में चर्चा शुरु हो गई है कि विश्वकप तक इनमें से कौन अपनी जगह बचा पाएगा।

रोहित ने कप्तानी गंवाने के बाद अपने आक्रामक रवैए पर अंकुश लगाया लेकिन उन्हें अभी तक इससे खास फायदा नहीं हुआ है।रोहित ने पिछले साल अक्टूबर से 13 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतकों की मदद से 46.91 के औसत से 563 रन बनाए हैं।यह कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम के मौजूदा हालात ने रोहित के लिए लगभग हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना अनिवार्य बना दिया है।

अभी यह सोचना कल्पना से परे होगा कि रोहित अगले कुछ मैचों में असफल रहने पर 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। लेकिन जिस तरह से हाल में टीम प्रबंधन ने सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर किया, वह 39 वर्षीय रोहित के लिए चेतावनी हो सकती है।

रोहित अब इस स्थिति में है कि वह किसी भी चीज को भाग्य के सहारे नहीं छोड़ सकते हैं क्योंकि भारत के शीर्ष क्रम में इशान किशन के रूप में विकल्प मौजूद है।अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

रोहित के विपरीत एक अन्य सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली फिटनेस और आंकड़ों दोनों के मामले में बेहतर स्थिति में हैं। कोहली ने पिछले साल अक्टूबर से 10 मैचों में 77.62 के औसत से 621 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और इतने ही अर्धशतक शामिल हैं। वह भी रोहित की तरह पहले मैच में नहीं चल पाए लेकिन टीम में उनके स्थान पर किसी तरह का खतरा नजर नहीं आ रहा है।

कुछ ऐसा ही ऑस्ट्रेलिया में हुआ था और रोहित अगले 2 मैच में अर्धशतक जमाकर मैन ऑफ द सीरीज का खिताब पाए थे। इंग्लैंड की परिस्थितियों से विराट कोहली भली भांति परिचित है क्योंकि अब वह इस देश में ही रहते हैं। ऐसे में फैंस का मानना है कि कोहली अगले 2 मैच में बड़ी पारी खेलकर मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड पाएंगे।

इंग्लैंड के खिलाफ श्रेयस करेंगे ODI कप्तानी का डेब्यू, किशन होंगे ओपनर

बर्मिंघम में पहला एकदिवसीय मैच जीतने वाली भारतीय टीम को एक मैच बाद ही एकदिवसीय सीरीज में अपना कप्तान बदलना पड़ सकता है। कल 80 रनों की नाबाद पारी खेलने वाले शुभमन गिल को हैमस्ट्रिंग में चोट लगी है। अमूमन यह चोट ठीक होने में समय मांगती है और  भारत को कल ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ खेलना है।

ऐसे में बहुत मुमकिन है कि एकदिवसीय टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर को गुरुवार को कप्तानी सौंपी जाए। टीम में सिर्फ एक नहीं दो बदलाव हो सकते हैं। शुभमन गिल अगर कल फिट नहीं होते हैं तो रोहित शर्मा के साथ ईशान किशन को बल्लेबाजी के लिए आना पड़ेगा क्योंकि यशस्वी जायसवाल इस दौरे पर टीम के लिए चयनित नहीं है।

ईशान किशन का टी-20 फॉर्म इंग्लैंड में खास नहीं रहा लेकिन भारत में उन्होंने एकदिवसीय मैचों में बड़े शतक लगाए थे। लेकिन फैंस को ज्यादा चिंता इस बात की होनी चाहिए कि श्रेयस अय्यर कप्तानी करेंगे और शायद टॉस भी जीत जाएंगे क्योंकि वह अब तक एक भी टॉस नहीं हारे हैं।

इसके अलावा भारतीय टीम में एक और चोट की खबर है।बराड़ के भी पैर में चोट की अपुष्ट खबरें मीडिया में आ रही है।सोफिया गार्डन्स की पिच में अक्सर अच्छी उछाल और गति होती है, जिससे तेज गेंदबाजों को मौका मिलता है। ऐसे में भारत गुरनूर बराड़ की जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को टीम में शामिल कर सकता है।

बराड़ ने पहले मैच में बेन डकेट और जैकब बेथेल के विकेट लिए लेकिन उन्होंने नौ ओवर में 61 रन लुटा दिए। इसलिए अगर टीम प्रबंधन अनुभव को तवज्जो देता है तो अर्शदीप को अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है।