पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग के सत्र से गायब रहने वाले महेंद्र सिंह धोनी को उनके चेन्नई सुपर किंग्स स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सलाह दी है कि वह अब इस फ्रैंचाइजी के कोच बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी और जाने वाले स्टीफन फ्लेमिंग के इस फ्रैंचाईजी में 18 साल हो गए हैं।
धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आईपीएल खेलना जारी रखा है। इस 44 वर्षीय खिलाड़ी के आईपीएल में भविष्य को लेकर प्रत्येक सत्र में कयास लगाए जाते हैं। धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए मैच फिटनेस बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है।
धोनी ने पिछले आईपीएल में 14 मैच खेले थे और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए फिनिशर की भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से उन्हें घुटने की समस्या से बार-बार जूझना पड़ा है और 2023 में उनकी सर्जरी भी हुई थी।
धोनी 2008 से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं। वे 18 सीजन में 5,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके नाम विकेट के पीछे भी 200 से ज्यादा सफलताएं दर्ज है। धोनी इस टूर्नामेंट के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। वे चेन्नई को 5 बार खिताब दिला चुके हैं।

अश्विन ने कहा अब कोच बनने की बारी
अश्विन ने कहा, “फ़्लेमिंग ने वास्तव में वह समझा कि क्या एमएस धोनी को पसंद है और धोनी ने यह समझा कि फ़्लेमिंग अच्छे नायक हैं और इसीलिए ये साझेदारी इतनी लंबी चली। मैं कहूंगा कि अब समय आ गया था कि सीएसके आगे देखे।” उन्होंने कहा,”यदि धोनी वह करने के इच्छुक हैं (कोच बनने के) तो उनसे बेहतर विकल्प सीएसके के पास कुछ और नहीं है। यदि ऐसा नहीं है तो उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को खोजना होगा जो स्वतंत्र रूप से काम कर सके और अपने एक्शन की पूरी जिम्मेदारी ले सके।” अश्विन को लगता है कि नए कोच का काम आसान नहीं रहने वाला है क्योंकि उसे अपना काम करने के साथ ही ख़ुद को धोनी की छाया से भी बचाना होगा। धोनी का 2027 में खेलना फिलहाल साफ़ नहीं है। 2026 सीज़न में चोट के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल सके और पूरे सीज़न फ्रेंचाइज़ी ने उनकी चोट पर कुछ खुलकर नहीं बताया।
अश्विन ने कहा, “उस ड्रेसिंग रूम में जो भी आएगा उसके लिए एक छोटी ही सही लेकिन अनिश्चितता रहेगी। धोनी एक बड़ा नाम है वह आज भी उस बातचीत का बेहद अहम हिस्सा हैं जिसमें ये तय किया जाता है कि कौन सी टीम खेलने वाली है। और एक ऐसा व्यक्ति भी होगा जो उस टीम के लिए बड़े भाई या मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा, जिसे इतने सालों से उनकी आदत रही है। ऐसे में, ड्रेसिंग रूम में आने वाले और स्टीफ़न फ़्लेमिंग से कमान संभालने वाले व्यक्ति के लिए यह बहुत नाजुक स्थिति होगी, क्योंकि वे यह नहीं समझते कि फ़्लेमिंग ने उस फ्रेंचाइज़ी को क्या दिया है। इसलिए उन्हें सहजता से उस भूमिका में ढलना होगा, जो बहुत ही मुश्किल हो सकता है।”

