
युवराज सिंह के बाद शिखर धवन ऐसे दूसरे क्रिकेटर हो गए हैं जिन्होंने छात्र आंदोलन से जुड़ी खबरों पर अपनी राय रखी है लेकिन उनका ट्वीट छात्रों को समझाइश देने की ओर इशारा ज्यादा करता है।हाल ही में दूसरी बार विवाह करने वाले शिखर धवन ने ट्विटर पर लिखा है कि हमारे युवा हमारा भविष्य है। उनके सपनों को समझना जरूरी है पर साथ ही मुश्किल वक्तम में धैर्य रखना और देश की सरकार और संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।मेरा मानना है कि हर चुनौती का समाधान धैर्य से निकलता है। भारत हमेशा आगे बढ़ता है और आगे बढ़ता रहेगा।
Humare youth humare desh ka future hain. Unke sapnon ko samajhna zaroori hai par saath hi, mushkil waqt mein patience rakhna aur desh ki institutions aur sarkar par bharosa banaye rakhna bhi utna hi zaroori hai.
Mera maanna hai ki har challenge ka solution patience se nikalta…
— Shikhar Dhawan (@SDhawan25) July 23, 2026
भारत के लिए 2013 से 2022 के बीच 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने के बाद शिखर धवन ने 2 साल पहले अगस्त में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।
टेस्ट डेब्यू के दौरान उनका प्रदर्शन यादगार रहा लेकिन धवन ने वनडे अंतरराष्ट्रीय में भी अपनी पहचान बनाई जिसमें उन्होंने 44.11 के औसत से 6793 रन बनाए। इसमें 17 शतक और 39 अर्द्धशतक शामिल हैं।उन्होंने टेस्ट में 40.61 के औसत से 2315 रन बनाए जिसमें सात शतक शामिल हैं।
धवन 2021 में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में भारत के 25वें एकदिवसीय कप्तान बने जब उन्होंने रोहित की जगह कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 12 मैच में टीम की अगुआई की जिसमें भारत ने 7 मैच जीते जबकि तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने आईपीएल में 222 मैचों में दो शतक और 51 अर्धशतक सहित 6769 रन बनाए। टूर्नामेंट में उनके 768 चौके किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक चौके हैं और उन्होंने आईपीएल में लगातार शतक लगाने वाला पहला बल्लेबाजी बनने की उपलब्धि भी हासिल की।

