IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

TD Power Share Price: एक साल में इस शेयर ने पैसा तीन गुना किया, अभी और 107% चढ़ सकता है

TD Power Share Price: आप अगर जोरदार रिटर्न देने वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप टीडी पावर सिस्टम्स के शेयर पर विचार कर सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने इस शेयर पर ‘होल्ड’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। लेकिन, उसने इस शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,512 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 107 फीसदी चढ़ सकता है।

शेयर ने एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना किया

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की रिपोर्ट के बाद TD Power Systems के शेयरों में जारी गिरावट पर 27 अगस्त को ब्रेक लग गया। 3 बजे शेयर का प्राइस 2.02 फीसदी चढ़कर 742.50 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 194 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इसने सिर्फ एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना कर दिया है।

बीते दो कारोबारी सत्रों में 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था शेयर 

एक समय यह शेयर एनएसई पर करीब 5 फीसदी चढ़कर 765.50 रुपये पर पहुंच गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ गई। बीते दो कारोबारी सत्रों में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था। मोनार्क नेटवर्क कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह कंपनी ग्लोबल एआई और डेटा-सेंटर पावर साइकिल का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

क्षमता बढ़ने पर कंपनी को ऑर्डर पूरा करने में आसानी होगी

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि एक्सपोर्ट्स की मीडियम टर्म में कंपनी की ग्रोथ में बड़ी भूमिका होगी। उसने यह भी कहा है कि कंपनी ने अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान बनाया है। इससे उसे स्ट्रॉन्ग ऑर्डर पाइपलाइन पूरी करने में मदद मिलेगी। कंपनी का प्लान बड़े जेनरेटर्स के फील्ड में एंट्री करने का है। इससे कंपनी के लिए बाजार का आकार बढ़ जाएगा।

जून तिमाही में कंपनी को 730 करोड़ रुपये का ऑर्डर 

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एआई और डेटा-सेंटर की बिजली की बढ़ती जरूरतों की वजह गैस इंजन और गैस टर्बाइन की डिमांड स्ट्रॉन्ग है। FY27 की पहली तिमाही में साल दर साल आधार पर ऑर्डर इनफ्लो 87.4 फीसदी बढ़कर 730 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ऑर्डर फ्लो में एक्सपोर्ट्स और डीम्ड एक्सपोर्ट्स की हिस्सेदारी 93.1 करोड़ रुपये रही।

FY27 की पहली तिमाही में सेल्स 72 फीसदी बढ़ी

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने FY26 से FY28 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स बाद प्रॉफिट की सीएजीआर क्रमश: 32.3 फीसदी, 36.8 फीसदी और 34.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स साल दर साल आधार पर 72.1 फीसदी बढ़कर 640.1 करोड़ रुपये रही। इसमें स्ट्रॉन्ग एग्जिक्यूशन और अच्छी डिमांड का हाथ रहा।

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27 अगस्त को शेयर बाजारों के सूचकांकों पर दबाव

TD Power के शेयर में तब तेजी दिखी, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर बड़ा दबाव था। 3:20 बजे निफ्टी और सेंसेक्स में 0.37 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।

चीनी कैमरे ने रिकॉर्ड की Nepal की तबाही का भयावह दृश्‍य, जिस जगह टूटा था ग्लेशियर, वहां पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर

चीनी कैमरे ने रिकॉर्ड की Nepal की तबाही का भयावह दृश्‍य, जिस जगह टूटा था ग्लेशियर, वहां पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर

Chinese helicopter

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के डरावने दृश्‍य पूरी दुनिया देख रही है, सोशल मीडिया में यह दृश्‍य चल रहे हैं। दृश्‍य देखकर हर किसी की रूह कांप रही है। ऐसे में एक चीनी हेलीकॉप्‍टर का रिकॉर्ड किया गया दृश्‍य भी सामने आया है।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने पूरे दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस बाढ़ की वजह से लाखों घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं और अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर करीब 162 हो चुकी है। इसके अलावा सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें कई विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। बुधवार सुबह अचानक आई इस बाढ़ ने भोटेकोशी नदी के आसपास बसे रसुवा और नुवाकोट जिलों में भारी तबाही मचाई। सड़कें, पुल, घर और बिजली परियोजनाएं सब कुछ पानी की तेज धार में बह गए।
 
इतनी बड़ी तबाही देखकर हर किसी के मन में एक ही सवाल उठ रहा था कि आखिर नेपाल में इतना खौफनाक हादसा किस वजह से हुआ? इसी सवाल का जवाब ढूंढते हुए चीन का एक हेलीकॉप्टर उस जगह पहुंचा, जहां से इस बाढ़ की शुरुआत हुई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, तिब्बत क्षेत्र में ऊंचाई पर बर्फ खिसकने और एक ग्लेशियर के अचानक टूटने से यह पानी नीचे की ओर बहा, जिसने भोटेकोशी नदी में इतनी बड़ी बाढ़ ला दी। चीनी हेलीकॉप्टर द्वारा लिए गए एरियल व्यू का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
 

वीडियो में क्या नजर आया?
सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा वीडियो शेयर किया है, जिसमें साफ लिखा है कि चीन का हेलीकॉप्टर उसी जगह पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटा था और जहां से निकले पानी ने नेपाल में भारी तबाही मचाई। वीडियो में ऊंचे पहाड़ों के बीच बर्फ से ढकी चट्टानें और उनके बीच से तेजी से बहता हुआ पानी साफ नजर आ रहा है। कुछ हिस्सों में बर्फ की एक बड़ी सुरंग भी दिखाई देती है, जिसके बारे में वीडियो में बताया गया है कि यह पानी बर्फ के नीचे से होते हुए करीब तीन मील दूर तक बनी एक झील तक जाता है। वीडियो में यह भी समझाया गया है कि पानी का दबाव बढ़ने पर बर्फ ऊपर उठ जाती है और वह पानी पहाड़ के नीचे की तरफ बहने लगता है। बताया गया है कि यह झील करीब 36 घंटों में पूरी तरह खाली हो जाती है और इतनी तेज रफ्तार से पानी निकलता है कि वह अपने साथ ग्लेशियर के अंदर से बर्फ के बड़े-बड़े टुकड़े भी बहा ले जाता है। यही पानी आगे चलकर भोटेकोशी नदी में मिला और नेपाल के कई इलाकों में तबाही की वजह बना।

TVS Jupiter 110 gets dual-tone colours with Rs 89,825 Spectral variant

TVS Jupiter 110 gets dual-tone colours with Rs 89,825 Spectral variant
Image showing both new spectral colours, Spectral Blue and Spectral Copper

TVS has launched a new range-topping variant for its bestselling Jupiter 110 scooter in two colours, Spectral Blue and Spectral Copper. The snazzy new colour treatment is complemented by colour co-ordinated inner panels, new seat colour, and partial chrome mirrors. The new top variant is already listed on the website.

  1. Spectral is now the most expensive Jupiter 110 variant
  2. Gets integrated backrest and sequential indicators
  3. Remains mechanically identical to the Disc SXC and Special variants

TVS Jupiter 110 now has 7 variants

Continues with the 113.3cc engine, 33L underseat storage area

The spectral range is the new top variant for the brand’s most popular ICE scooter. Besides the new colours, the Spectral variant on the Jupiter 110 offers two additional features, an integrated backrest and sequential indicators, of which the latter is a segment-first feature. Besides that, the scooter continues with a 113.3cc engine with 8hp of power and 9.8Nm of torque. Also unchanged are its segment-leading features like 33 litres of underseat storage, an apron-mounted fuel tank, an Integrated Starter Generator (ISG) which enables silent start and fuel-saving start/stop tech, and SmartXonnect connected technology.

TVS has priced the dual tone spectral range at Rs 89,825, a Rs 3,000 increase over the SmartXonnect Disc variant and a Rs 525 increase over the Special Edition variant. TVS says the scooter will be available soon at dealerships across the country.

All Mahindra born EVs to get Google Gemini by January 2027

All Mahindra born EVs to get Google Gemini by January 2027
Mahindra XEV 9S and 9e

Mahindra has announced that its electric vehicle line-up will get Google’s Gemini AI assistant by January 2027. “From 1st January 2027, Google Gemini will go live on all other cars, including the original BE 6. That’s the advantage of MAIA architecture,” said R Velusamy, president, Automotive Business, Mahindra and Mahindra, in an interview with Autocar India. Additionally, other software-defined features that debuted on the BE 6 Sporteq will roll out to its existing portfolio in phases from January 2027.

Which software-defined features will the existing line-up get?

The recently introduced BE 6 Sporteq gets Google Gemini from day one, and all upcoming models will also have this feature. Meanwhile, Mahindra’s existing line-up – the XEV 9e, XEV 9S and the older BE 6 – will receive it via an over-the-air (OTA) update by January 2027. Essentially, these vehicles will now get the BE 6 Sporteq’s ‘TEQ’ suite of features, and below is a list of them.

1. TEQ_Talk (Google Gemini)

Mahindra’s in-car MAIA assistant is now powered by Google Gemini, enabling conversational AI features. The brand says it uses 17 specialised AI agents to facilitate natural interactions and supports over 100 core functions and 48 applications, including navigation, entertainment, vehicle controls, general knowledge and more.

2. TEQ_Secure 

This suite brings Secure 360 Pro, which basically lets you keep an eye on your car through its 360-degree camera system and dashcam. With Mahindra’s Me4U app, users can check live footage and recordings, activate audio relay and track their vehicle.  There’s also a digital car key ecosystem across smartphones, smartwatches and NFC key cards. Additionally, cars with a passenger display also come equipped with a parental lock feature.  

3. TEQ_Me 

TEQ_Me brings the user profile with an auto-detection feature that instantly adjusts your vehicle settings, including seat and mirror position, climate control and infotainment preferences, head-up display and drive modes, according to the selected user profile.

4. TEQ_Drive

The TEQ_Drive suite brings several driving features to Mahindra electric SUVs. A custom mode allows users to select and individually fine-tune the drive, suspension and steering modes. There’s also a drift mode that allows “controlled drifting in suitable conditions” by disabling the vehicle’s ESP completely, which wasn’t possible before. 

Moreover, users can now get additional range at zero percent charge with the Revive mode to reach the nearest charger. It essentially adds up to 13km of range, with the Revive SOS mode further adding up to 11km of range during emergencies. The latter can be used only five times in the vehicle’s lifetime. Lastly, Tribe Drive lets you track the locations of your friends and family who also own Mahindra electric SUVs on road trips.

5. TEQ_Play 

This mainly covers in-car entertainment features such as gaming, with support for up to four Bluetooth-enabled controllers along with a karaoke mode. Meanwhile, users can privately stream in-car audio with compatible Bluetooth devices via the private audio feature. Additionally, the ‘GrooveMe Party’ feature syncs the vehicle’s interior and exterior lights with the music playing, which is a cool party trick. 

Ather details Konarc durability tests ahead of August 29 launch

Ather details Konarc durability tests ahead of August 29 launch
Outside image of Ather's testing facility, the Juggernaut

As we know, Ather’s first scooter based on the EL platform, Konarc, is gearing up to launch on August 29, at their annual community day. We had learned earlier that the Konarc will get metal body panels and few other details about the platform. Now, Ather has detailed the durability tests they’ve conducted on the Konarc to ensure that it’s built robustly.

  1. Tested at The Juggernaut, Ather’s in-house testing ground
  2. Some of the tests include drop tests, flood simulations, and vibration testing

Robust testing in tough conditions

With a 1 lakh km condensed riding cycle

We’re now aware that Ather is looking to position the Konarc as their first mass market EV and as such, they claim to have tested it far beyond what a normal ride would demand at The Juggernaut, the brand’s in-house testing ground. Posted on the brand’s Instagram page, some of the different tests include drop tests, load testing, shaking, vibrating, compressing one lakh kilometres of riding into an accelerated cycle. To take things up a notch, scenarios like heavy rains, deep water wades, floods were also simulated.

Front right quarter image of the Ather EL01 concept
EL01 concept used for representative purpose

Beyond these admittedly robust testing scenarios, the video also shows the Konarc undergoing typical durability tests for parts like the brakes, suspension, stands, and switches. The video also further substantiates previously known information like the steel chassis, metal body panels, a swingarm mounted motor, a 14-inch front wheel and a 12-inch rear wheel. We should get to know exactly what the Konarc can do on August 29 with more insights and information into the scooter.
 

तिब्बत में टूटा ग्लेशियर का ‘थूथन’, नेपाल में हाहाकार, 30 फीट ऊंची प्रलयंकारी बाढ़ का खौफनाक सच

तिब्बत में टूटा ग्लेशियर का 'थूथन', नेपाल में हाहाकार, 30 फीट ऊंची  प्रलयंकारी बाढ़ का खौफनाक सच

Tibet Glacier Collapse

Tibet Glacier Collapse: हाल ही में नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई प्रलयंकारी बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में मंडराते गंभीर पर्यावरणीय और भू-वैज्ञानिक खतरों को उजागर किया है। प्लैनेट लैब्स (Planet Labs) की उपग्रह छवियों और वैश्विक भू-विज्ञानियों (Geologists) के विश्लेषण के अनुसार, इस तबाही का मुख्य कारण ग्लेशियर के निचले हिस्से (Glacier Snout) का ढहना, तीव्र बर्फ का पिघलना और संभावित भूकंपीय हलचल का एक खतरनाक परिणाम है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि यह भूकंप नहीं बल्कि ग्लेशियर के ढहने से पैदा हुआ कंपन था, जिसकी तीव्रता 5.2 थी। हिमस्खलन ने ही भूकंप जैसा कंपन पैदा किया था।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई हालिया तबाही ने पूरे दक्षिण एशिया में पर्यावरण और भू-वैज्ञानिक सुरक्षा पर गहरा संकट पैदा कर दिया है। वैज्ञानिक रिपोर्ट बताती है कि कैसे 5,200 मीटर की ऊंचाई पर घटी एक घटना ने महज 30 मिनट के भीतर नदियों का जलस्तर 30 फीट (9 मीटर) तक बढ़ा दिया। ALSO READ: नेपाल त्रासदी में मानवता का 'घिनौना चेहरा', मदद की बजाए मची लूटपाट, सिलेंडर लेकर भागे लोग

घटना का मुख्य वैज्ञानिक कारण : 'बर्फ-चट्टान हिमस्खलन' (Ice-Rock Avalanche)

सिक्किम यूनिवर्सिटी के भू-विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. विक्रम गुप्ता और कैलगरी विश्वविद्यालय के पृथ्वी विज्ञानी डैन शूगर के उपग्रह इमेजरी विश्लेषण के अनुसार:

  • ग्लेशियर स्नाउट का ढहना: लगभग 5,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ग्लेशियर का अग्रभाग (Snout) टूटकर लगभग 1,200 मीटर नीचे घाटी के फर्श (Valley Floor) पर गिर गया।
  • विशाल मलबे का वेग: इस हिमस्खलन में केवल बर्फ ही नहीं, बल्कि सैकड़ों टन भारी चट्टानें, गाद और तलछट (Sediment) शामिल थे। इतने विशाल द्रव्यमान के 1.2 किलोमीटर की ऊंचाई से गिरने से उत्पन्न गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) ने घाटी के जल स्रोतों में एक अप्रत्याशित शॉकवेव पैदा की।

24 घंटे में तापमान वृद्धि और त्वरित पिघलाव (Thermal Forcing)

डैन शूगर के अनुसार, आपदा से 24 घंटे पहले की प्लैनेट लैब्स की तस्वीरों की तुलना करने पर यह स्पष्ट हुआ कि घाटी के जो ग्लेशियर कल तक बर्फ से ढके (Snow-covered) थे, वे अचानक 'बेयर आइस' (Bare Ice) यानी बिना बर्फ की नग्न परतों में बदल गए। ALSO READ: Nepal Flash Flood : बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही, खौफनाक Photos देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे

  • अत्यधिक थर्मल मेल्टिंग : यह दर्शाता है कि क्षेत्र में अचानक तापमान में असामान्य वृद्धि हुई, जिसने ग्लेशियर के ऊपरी हिस्से को तेजी से पिघलाया।
  • सब-ग्लेशियर वॉटर प्रेशर : पिघला हुआ पानी ग्लेशियर के निचले हिस्सों में रिसकर जमा हो गया, जिसने बर्फ और चट्टानों के बीच के घर्षण (Friction) को कम कर दिया और स्नाउट के अचानक टूटने का कारण बना।

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भूकंपीय कंपन ने पहले से ही असंतुलित और अत्यधिक पिघलाव का सामना कर रहे ग्लेशियर की संरचनात्मक स्थिरता (Structural Integrity) को तुरंत नष्ट कर दिया।

Tibet Glacier Collapse

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क्या 'हिंदू कुश हिमालय' में विनाश का अलार्म बज चुका है?

संयुक्त राष्ट्र (UN) और ICIMOD (इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट) की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल ने पिछले 30 वर्षों में अपनी एक-तिहाई बर्फ खो दी है। पिछले दशक में यहाँ ग्लेशियर 65% तेजी से पिघले हैं

यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि ग्लोबल वार्मिंग, अनियंत्रित निर्माण और जलवायु परिवर्तन के कारण अब हिमालयी क्षेत्रों में GLOF (Glacial Lake Outburst Flood), बर्फ-चट्टान हिमस्खलन और अचानक आने वाली प्रलयंकारी बाढ़ का खतरा खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है।

Kanpur Plane Crash: कानपुर में बड़ा विमान हादसा, गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश; 2 पायलटों की मौत

Kanpur Plane Crash: गुरुवार सुबह कानपुर में नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास एक दो इंजन वाले चार सीटर प्राइवेट ट्रेनिंग विमान के क्रैश होने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे के बाद कानपुर नगर से आग बुझाने वाली और इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास दुर्घटना स्थल पर भेजी गईं, जहां चीफ फायर ऑफिसर (CFO) की देखरेख में राहत और बचाव कार्य चल रहा है।

बता दें कि हादसे में मारे गए ट्रेनी पायलट की पहचान अभिषेक पुजारी के तौर पर हुई, जबकि ट्रेनर पायलट सचिन भाटिया थे।

जानकारी के मुताबिक, यह विमान ‘गर्ग एविएशन’ का था, जो एक लोकल फ्लाइट ट्रेनिंग स्कूल के तौर पर काम करता है।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने बताया कि पायलट के पास 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव था और वह गुजरात का रहने वाला था, जबकि को-पायलट कर्नाटक का रहने वाला था।

फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटना वाली जगह को सुरक्षित कर लिया है और वहां घेराबंदी कर दी है। साथ ही, इस घटना के बारे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को भी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि DGCA की एक टीम दुर्घटना की जांच के तहत घटनास्थल का मुआयना करेगी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि दुर्घटना किन हालात में हुई।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की हिम्मत देने की कामना की।

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इंदौर में ABVP कार्यकर्ताओं का कलेक्टर कार्यालय में हंगामा, बैरिकेड तोड़ अंदर घुसे, पुलिस के साथ जमकर झूमा-झटकी

इंदौर में ABVP कार्यकर्ताओं का कलेक्टर कार्यालय में हंगामा, बैरिकेड तोड़ अंदर घुसे, पुलिस के साथ जमकर झूमा-झटकी

ABVP

इंदौर में गुरुवार को ABVP कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय में जमकर हंगामा किया। कई छात्र बैरिकेड तोडकर अंदर घुस गए और जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी हाथापाई और झूमा-झटकी हुई। छात्रों ने इंदौर कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने यह विरोध कॉलेजों में पसरी अव्‍यवस्‍थाओं को दुरुस्‍त करने के लिए किया।

दरअसल, कार्यकर्ता अपनी मांगों का ज्ञापन कलेक्टर शिवम वर्मा को सौंपने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर लगे बैरिकेड तोड़ दिए और परिसर में प्रवेश कर गए। इसके बाद कार्यालय के गेट को भी तोड़ने की कोशिश की गई। मौके पर तैनात सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। स्थिति को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

कॉलेजों में स्‍थिति खराब : प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों और शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को कई बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने शासन से इन संस्थानों में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।

स्‍टूडेंट को नहीं मिल रहीं बुनियादी सुविधाएं : ABVP का आरोप है कि कई शासकीय महाविद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त और साफ शौचालय, व्यवस्थित कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। बिजली और प्रकाश व्यवस्था के साथ छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाओं, इंटरनेट, पार्किंग, सुरक्षा और प्राथमिक उपचार जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी संगठन ने सवाल उठाए।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि शिक्षा केवल भवन और कक्षाओं तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना शासन और महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए बार-बार परेशान होना पड़े, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।

TCS ने Q1 में दी कम वेरिएबल पे, मिड से सीनियर लेवल तक के कर्मचारियों के लिए 60-70% रही दर

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) के लिए मिड से लेकर सीनियर लेवल तक के कर्मचारियों के तिमाही वेरिएबल पेआउट में कटौती की है। मनीकंट्रोल को मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया है कि कंपनी ने Q1 में औसतन 60-70 प्रतिशत वेरिएबल पे दी है। यह फैसला ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) पर लगातार हो रहे निवेश के बीच लिया गया है। Q1 में वेरिएबल पेआउट पिछली दो तिमाहियों में दिए गए 80 प्रतिशत तक के औसत तिमाही बोनस से कम रहा।

हालांकि, अगर सालाना आधार पर देखें तो इस जून तिमाही वेरिएबल पेआउट ज्यादा रहा। कंपनी ने जून 2025 तिमाही तक लगभग 2 साल तक मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों को 20-40 प्रतिशत का वेरिएबल पेआउट दिया था। एक सीनियर कर्मचारी ने मनीकंट्रोल को बताया, “इस तिमाही में मेरे वेरिएबल पे में 30-35 प्रतिशत की कटौती की गई। यह पिछली तिमाही से कम है। हमें 100 प्रतिशत वेरिएबल पे मिले हुए 3 साल से अधिक समय हो गया है।”

क्या जूनियर लेवल के कर्मचारी भी प्रभावित?

वेरिएबल पे में कटौती का असर मिड से लेकर सीनियर लेवल तक के कर्मचारियों पर पड़ा है। जूनियर बैंड के कर्मचारियों को अपने तिमाही बोनस का 100 प्रतिशत मिलता रहा है। ये कर्मचारी TCS की वर्कफोर्स का बड़ा हिस्सा हैं। इस वक्त IT सर्विसेज इंडस्ट्री मुश्किल डिमांड वाले माहौल और AI की वजह से कीमतों में कमी के दबाव से जूझ रही है। देश की एक और बड़ी IT कंपनी इंफोसिस ने भी Q1 के लिए अपनी औसत वेरिएबल पे को घटाकर 70 प्रतिशत कर दिया है। पिछले साल इसी अवधि में यह 80 प्रतिशत थी।

ऑफिस में अटेंडेंस से जुड़ी है वेरिएबल पे

TCS में जिन कर्मचारियों की ऑफिस में अटेंडेंस 60 प्रतिशत से कम है, वे तिमाही बोनस के पात्र नहीं हैं। TCS की पॉलिसी में हफ्ते में 5 दिन ऑफिस से काम करना जरूरी है। कंपनी चाहती है कि कर्मचारियों की ऑफिस में कम से कम 85 प्रतिशत अटेंडेंस हो, ताकि वे पूरा तिमाही वेरिएबल पे पाने के पात्र हो सकें। जिन कर्मचारियों की ऑफिस से काम करने की अटेंडेंस 75-85 प्रतिशत होती है, उन्हें उनकी वेरिएबल पे का 75 प्रतिशत तक मिलता है। वहीं जिनकी अटेंडेंस 60-75 प्रतिशत होती है, उन्हें उनकी वेरिएबल पे का केवल 50 प्रतिशत ही मिलता।