5,000 का डिस्काउंट, 10,000mAh बैटरी और 3,500 निट्स डिस्प्ले, सस्ते स्मार्टफोन्स ने मचाया तहलका

5,000 का डिस्काउंट, 10,000mAh बैटरी और 3,500 निट्स डिस्प्ले, सस्ते स्मार्टफोन्स ने मचाया तहलका

xioami smartphones

Xiaomi ने भारत में अपनी Redmi Note 17 सीरीज के दो नए स्मार्टफोन Redmi Note 17 Pro और Redmi Note 17 Pro Max लॉन्च कर दिए हैं। इनमें Pro Max को ज्यादा प्रीमियम मॉडल के तौर पर पेश किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है। वहीं Redmi Note 17 Pro में 9,000mAh की बैटरी दी गई है। दोनों फोन में 6.83 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले, 120Hz रिफ्रेश रेट और 3,500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिलती है। फोन Android 16 पर आधारित Xiaomi के HyperOS 3 पर चलते हैं।

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Redmi Note 17 Pro की कीमत

Redmi Note 17 Pro को दो स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है।

 

8GB RAM + 128GB: ₹33,999

8GB RAM + 256GB: ₹36,999

 

इस फोन की बिक्री 17 सितंबर से शुरू होगी।

 

Redmi Note 17 Pro Max की कीमत

 

Pro Max की कीमत ज्यादा है, लेकिन इसमें बड़ी बैटरी और ज्यादा पावरफुल फीचर्स मिलते हैं।

 

8GB RAM + 256GB: ₹44,999

12GB RAM + 256GB: ₹50,999

 

इसकी बिक्री 23 सितंबर से शुरू होगी।

 

कंपनी नए फोन पर बैंक ऑफर के तहत ₹5,000 तक की छूट भी दे रही है। दोनों स्मार्टफोन Amazon, Xiaomi के ऑनलाइन स्टोर और चुनिंदा ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स के जरिए खरीदे जा सकेंगे।

 

3,500 निट्स की ब्राइटनेस वाला AMOLED डिस्प्ले

 

Redmi Note 17 Pro और Pro Max दोनों में 6.83 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है, जिससे स्क्रॉलिंग और एनिमेशन ज्यादा स्मूद नजर आ सकते हैं।

 

डिस्प्ले में:

 

  • 1.5K रेजोल्यूशन
  • 120Hz रिफ्रेश रेट
  • 3,200Hz टच सैंपलिंग रेट
  • 3,500 निट्स तक पीक ब्राइटनेस
  • 12-बिट कलर टेक्नोलॉजी
  • 68.7 अरब तक कलर्स का सपोर्ट

 

मिलता है।

 

स्क्रीन को Corning Gorilla Glass Victus 2 से सुरक्षा दी गई है। दोनों फोन में Dolby Atmos सपोर्ट वाले स्टीरियो स्पीकर भी मिलते हैं। बैटरी में बड़ा अंतर, Pro Max में 10,000mAh

 

बैटरी इन दोनों फोन की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है।

 

Redmi Note 17 Pro में 9,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी गई है, जो 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। वहीं Redmi Note 17 Pro Max में 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है और यह 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है।

 

Xiaomi के मुताबिक Pro Max की बैटरी 1,600 से ज्यादा चार्जिंग साइकल के बाद भी 80 प्रतिशत क्षमता बनाए रखने के लिए रेटेड है। इसमें 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग का फीचर भी दिया गया है। यानी जो यूजर फोन को बार-बार चार्ज नहीं करना चाहते या लंबे समय तक गेमिंग, वीडियो और दूसरे काम करते हैं, उनके लिए Pro Max ज्यादा आकर्षक विकल्प हो सकता है।

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कैमरा में 50MP का मेन सेंसर

 

दोनों स्मार्टफोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है।

 

इसमें:

 

50MP मेन कैमरा

8MP सुपर-वाइड एंगल कैमरा

 

शामिल हैं।

 

हालांकि सेल्फी कैमरे में दोनों मॉडल अलग हैं। Redmi Note 17 Pro Max में 32MP फ्रंट कैमरा, जबकि Redmi Note 17 Pro में 16MP सेल्फी कैमरा दिया गया है। फोन में AI आधारित इमेजिंग फीचर्स भी मिलते हैं, जिनकी मदद से फोटो से ग्लेयर, रिफ्लेक्शन और अनचाही वस्तुओं को हटाया जा सकता है।

 

Pro और Pro Max में अलग-अलग प्रोसेसर

 

परफॉर्मेंस के लिए दोनों मॉडल में अलग चिपसेट दिए गए हैं। Redmi Note 17 Pro में Snapdragon 6s Gen 4 प्रोसेसर और 8GB तक RAM मिलती है। Redmi Note 17 Pro Max में Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर और 12GB तक RAM का विकल्प है। इसलिए दोनों में केवल बैटरी ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग पावर और RAM के मामले में भी अंतर है।

 

HyperOS 3 और Android 16

 

दोनों फोन Xiaomi के HyperOS 3 पर चलते हैं, जो Android 16 पर आधारित है। कंपनी ने इन स्मार्टफोन के लिए 4 साल के OS अपडेट और 6 साल के सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है। लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण बात है।

 

पानी और धूल से सुरक्षा

 

Redmi Note 17 Pro सीरीज में मजबूत प्रोटेक्शन भी दिया गया है। दोनों फोन को IP66, IP68 और IP69K रेटिंग के साथ पेश किया गया है। Pro Max में एक फोटोक्रोमिक रियर पैनल का विकल्प भी मिलता है, जो सीधी धूप पड़ने पर अपना रंग/शेड बदल सकता है।

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Redmi Note 17 Pro या Pro Max, किसे खरीदना बेहतर?

अगर आपका बजट करीब ₹34,000-₹37,000 है और आप बड़ी बैटरी के साथ AMOLED डिस्प्ले वाला फोन चाहते हैं, तो Redmi Note 17 Pro पर विचार किया जा सकता है। वहीं अगर आपका बजट ₹45,000 से ऊपर है और आपकी प्राथमिकता बड़ी बैटरी, 100W चार्जिंग, ज्यादा RAM और बेहतर सेल्फी कैमरा है, तो Redmi Note 17 Pro Max ज्यादा फीचर वाला विकल्प है। खास तौर पर 10,000mAh बैटरी और 100W चार्जिंग Pro Max को उन यूजर्स के लिए अलग बनाती है जो बैटरी बैकअप को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं।

Smartphone GST Cut: क्या सस्ते होने वाले हैं स्मार्टफोन? इंडस्ट्री की GST 18% से घटाकर 5% करने की मांग

Smartphone GST Cut: स्मार्टफोन की कीमत लगातार बढ़ रही है, क्योंकि जरूरी पार्ट्स महंगे हो गए हैं। खासकर, AI की वजह से। ऐसे में मोबाइल फोन पर GST कम करने की मांग तेज हो गई है। इंडस्ट्री चाहती है कि GST को मौजूदा 18% से घटाकर 5% किया जाए। उसका कहना है कि इससे फोन सस्ते होंगे और बिक्री बढ़ सकती है।

GST 18% से घटाकर 5% करने की मांग

स्मार्टफोन कंपनियों की इंडस्ट्री बॉडी इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने यह मांग उठाई है। ICEA ने 2 और 3 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजे हैं।

एसोसिएशन चाहती है कि इस प्रस्ताव को अगली GST काउंसिल की बैठक में रखा जाए। ICEA में Apple, Xiaomi, Oppo, Vivo, Dixon, Bhagwati और Lava जैसी कंपनियां शामिल हैं। इंडस्ट्री का कहना है कि 18% GST से खासकर सस्ते स्मार्टफोन खरीदने वालों पर बोझ बढ़ रहा है। इसलिए टैक्स घटाने की जरूरत है।

फोन पहले ही काफी महंगे हो चुके हैं

ICEA के मुताबिक, पिछले एक साल में स्मार्टफोन की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। इसकी एक वजह मोबाइल मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत है।

एसोसिएशन का कहना है कि सितंबर 2025 से DRAM और NAND फ्लैश की कीमतें करीब चार गुना बढ़ चुकी हैं। AI डेटा सेंटर में मेमोरी चिप की मांग बढ़ने से दुनियाभर में इसकी सप्लाई पर दबाव आया है। इसका असर भारत में भी दिखा है। ICEA के मुताबिक, पिछले एक साल में एंट्री-लेवल स्मार्टफोन की कीमतें करीब 35-45% बढ़ी हैं।

₹10,000 से सस्ते फोन की सप्लाई घटी

सबसे ज्यादा दबाव सस्ते फोन के बाजार पर है। ICEA के मुताबिक, ₹10,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की सप्लाई अब 5% से भी कम रह गई है। कंपनियों के लिए मेमोरी चिप की बढ़ी पूरी लागत खुद उठाना मुश्किल है। इसलिए उसका कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है। ऊपर से 18% GST भी लग रहा है।

ICEA के मुताबिक, फोन की प्री-टैक्स कीमत में ₹1 की बढ़ोतरी होती है तो 18% GST के हिसाब से टैक्स का बोझ भी 18 पैसे बढ़ जाता है।

पहली बार फोन खरीदने वालों पर ज्यादा असर

ICEA का कहना है कि महंगे फोन का असर सबसे ज्यादा पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वालों पर पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों और कम आय वाले परिवारों के लिए भी फोन खरीदना मुश्किल हुआ है।

अगर GST 5% किया जाता है, तो फोन की शुरुआती कीमत कम हो सकती है। इससे लोग पुराने फोन बदलने के लिए भी प्रोत्साहित हो सकते हैं। साथ ही फीचर फोन और 2G यूजर्स के स्मार्टफोन पर आने की रफ्तार बढ़ सकती है।

पहले 12% था मोबाइल पर GST

मोबाइल फोन पर हमेशा से 18% GST नहीं था। जुलाई 2017 में GST लागू हुआ था। उस समय मोबाइल फोन को 12% GST स्लैब में रखा गया था। अप्रैल 2020 में GST बढ़ाकर 18% कर दिया गया। अब ICEA इसे सीधे 5% करने की मांग कर रहा है।

एसोसिएशन का कहना है कि यह दर GST लागू होने से पहले के टैक्स स्ट्रक्चर के ज्यादा करीब होगी। GST से पहले मोबाइल फोन पर 1% बेसिक एक्साइज ड्यूटी लगती थी। ज्यादातर राज्यों में VAT भी 5% या उससे कम था।

GST 18% से 5% घटने पर क्या असर होगा?

अगर GST 18% से घटकर 5% हो जाता है, तो फोन की कीमत में अच्छी खासी कमी आ सकती है। मसलन, ₹10,000 का फोन करीब ₹8,898 का हो सकता है। यानी करीब ₹1,102 की बचत। ₹20,000 का फोन करीब ₹17,797 और ₹30,000 का फोन करीब ₹26,695 का हो सकता है।

वहीं ₹50,000 का फोन करीब ₹44,492 और ₹1 लाख का फोन करीब ₹88,983 में मिल सकता है। यानी जितना महंगा फोन, उतनी ज्यादा बचत। हालांकि यह तभी होगा, जब कंपनियां GST कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों को दें।

सरकार का रेवेन्यू भी पूरी तरह नहीं घटेगा?

ICEA ने सरकार के रेवेन्यू को लेकर भी अपना पक्ष रखा है। उसका कहना है कि GST घटने से टैक्स रेवेन्यू में शुरुआती कमी आ सकती है। लेकिन ज्यादा फोन बिकने पर इसकी कुछ भरपाई हो सकती है। इसके अलावा ग्रे मार्केट की खरीदारी का ज्यादा हिस्सा औपचारिक बाजार में आ सकता है। मोबाइल डेटा, सब्सक्रिप्शन और डिजिटल सर्विसेज से मिलने वाला GST भी बढ़ सकता है।

अब ICEA चाहती है कि वित्त मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार करे और इसे अगली GST काउंसिल की बैठक में रखा जाए। अगर GST में कटौती पर सहमति बनती है, तो इसका सीधा फायदा स्मार्टफोन खरीदारों को मिल सकता है।

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Xiaomi SkyNomad N70, N90 image gallery

Xiaomi SkyNomad N70, N90 image gallery
SkyNomad

Xiaomi has launched the SkyNomad SUV range in China, comprising the five-seat N70 and seven-seat N90. Both are range extender SUVs built on the company’s Kunlun platform, with electric motors driving the wheels and a 1.5-litre turbocharged petrol engine acting as a range extender. 

The N70 gets a flat floor, sliding second-row seats and between 1,203 and 2,425 litres of cargo space. The N70 Pro uses a 52kWh LFP battery and has a claimed 351km electric range and 1,351km combined range on the CLTC cycle. The N70 Max gets a 76kWh battery, with a claimed 505km electric range and 1,461km combined range. 

The larger N90 Max is a seven-seat SUV with a 2+2+3 layout, air suspension, an 8.88-inch instrument display, 16.1-inch central touchscreen and 21.4-inch rear entertainment screen. It uses a 76kWh battery, with a claimed 464km electric range and 1,705km combined range on the CLTC cycle. 

Poco X8 और X8 Power की भारत में पहली सेल आज, चेक करें कीमत, स्पेसिफिकेशन्स और ऑफर्स

Poco X8 और Poco X8 Power की भारत में पहली सेल आज से शुरू होने वाली है। दोनों स्मार्टफोन को 4 सितंबर को लॉन्च किया गया था। इनमें मिड-रेंज हार्डवेयर दिया गया है और ये कई अलग-अलग कलर ऑप्शन में उपलब्ध होंगे। दोनों फोन में बड़ी क्षमता वाली बैटरी दी गई है। Poco X8 में 9,000mAh की बैटरी है, जबकि Poco X8 Power में 10,000mAh की बैटरी मिलती है। इसके अलावा, दोनों फोन में 50MP का रियर कैमरा दिया गया है और ये Qualcomm के Snapdragon 6 सीरीज प्रोसेसर पर काम करते हैं।

भारत में Poco X8 और Poco X8 Power की कीमत और सेल ऑफर

Poco X8 और Poco X8 Power आज दोपहर 12:00 बजे (IST) से खास तौर पर Flipkart पर उपलब्ध होंगे। Poco X8, 6+128GB, 8+128GB और 8+256GB वेरिएंट में उपलब्ध होगा, जिनकी कीमत क्रमशः ₹29,999, ₹32,999 और ₹35,999 होगी। जबकि Poco X8 Power, 8+128GB और 8+256GB वेरिएंट में उपलब्ध होगा, जिनकी कीमत क्रमशः ₹35,999 और ₹38,999 होगी। Poco X8 Black, Fiery Orange, and Frost White कलर में उपलब्ध होगा, जबकि Poco X8 Power Yellow और Black रंगों में उपलब्ध होगा।

लॉन्च ऑफर के तहत, खरीदार 2,000 रुपये की छूट के साथ-साथ बैंक ऑफर या एक्सचेंज बोनस के तौर पर 1,000 रुपये का फायदा भी पा सकते हैं। Poco का दावा है कि इससे Poco X8 की शुरुआती कीमत घटकर 26,999 रुपये और Poco X8 Power की शुरुआती कीमत 32,999 रुपये हो जाएगी। ये स्मार्टफोन 12 महीने की नो-कॉस्ट EMI पर भी उपलब्ध होंगे, जिसमें Poco X8 के लिए EMI 2,250 रुपये प्रति महीना और Poco X8 Power के लिए 2,750 रुपये प्रति महीना होगी।

Poco X8 और Poco X8 Power के स्पेसिफिकेशन्स

Poco X8 और Poco X8 Power, दोनों में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.83-इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले है। Poco का दावा है कि ये डिस्प्ले HDR10+ और Dolby Vision को सपोर्ट करते हैं और गेमिंग के लिए 3,200 Hz का टच सैंपलिंग रेट देते हैं। ये फोन धूल और पानी से बचाव के लिए IP66, IP68 और IP69K रेटिंग वाले हैं। दोनों स्मार्टफोन में डुअल नैनो सिम कार्ड लगते हैं, ये डुअल स्टैंडबाय को सपोर्ट करते हैं और Xiaomi के HyperOS 3 पर चलते हैं, जो Android 16 पर आधारित है।

Poco X8 में Qualcomm का 4nm Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर है, जबकि Poco X8 Power में 4nm Snapdragon 6s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है। Poco X8 में LPDDR4X RAM है, जबकि Poco X8 Power में LPDDR5X RAM मिलती है। दोनों डिवाइस में UFS 4.1 इंटरनल स्टोरेज है।

Poco X8 और Poco X8 Power, दोनों में f/1.8 अपर्चर वाला 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है। Poco X8 में 2MP का डेप्थ सेंसर और 16MP का सेल्फी कैमरा है, जबकि X8 Power में 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा और 32MP का सेंसर है।

बैटरी की बात करें तो, Poco X8 में 67W वायर्ड चार्जिंग के साथ 9,000mAh की बैटरी है, जबकि Poco X8 Power में 100W वायर्ड चार्जिंग के साथ 10,000mAh की बैटरी दी गई है।

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iQOO 16 जल्द ही नए Samsung डिस्प्ले के साथ होगा लॉन्च, जिसमें मिलेगी iPhone Ultra जैसी टेक्नोलॉजी

iQOO 16 को इस महीने के आखिर में कंपनी के नए फ्लैगशिप फोन के तौर पर लॉन्च किया जा सकता है। यह फोन iQOO 15 का अपग्रेड वर्जन होगा। हाल ही में iQOO 16 को एक बेंचमार्किंग प्लेटफॉर्म पर देखा गया था, जहां इसके कई अहम स्पेसिफिकेशंस और फीचर्स सामने आए। इसके अलावा, यह हैंडसेट पहले लीक हुई तस्वीरों में भी देखा गया है, जिससे संकेत मिलता है कि इसमें नए डिजाइन वाला रियर कैमरा मॉड्यूल हो सकता है। अब, iQOO 16 के बारे में एक नई लीक से पता चलता है कि टेक कंपनी इस हैंडसेट में इंडस्ट्री का पहला OLED पैनल लगाने की योजना बना रही है। खबर है कि कंपनी Samsung के साथ मिलकर iQOO 16 में वही डिस्प्ले टेक्नोलॉजी लाने पर काम कर रही है जो Apple के आने वाले बुक-स्टाइल फोल्डेबल फोन में होगी।

iQOO 16 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स (अनुमानित)

वीबो (Weibo) पर एक पोस्ट में, टिपस्टर ‘डिजिटल चैट स्टेशन’ (चीनी भाषा से अनुवादित) ने आने वाले iQOO 16 के बारे में अहम जानकारी शेयर की है। कहा जा रहा है कि यह पहला ऐसा Android स्मार्टफोन होगा जिसमें M16 ल्यूमिनसेंट मटीरियल वाला लेटेस्ट सैमसंग OLED डिस्प्ले और नेक्स्ट-जेनरेशन LEAD [लो पावर, इको-फ्रेंडली, ऑगमेंटेड ब्राइटनेस और स्लिम व लाइट डिज़ाइन] डिस्प्ले टेक्नोलॉजी होगी।

इसके अलावा, लीक करने वाले का दावा है कि iQOO 16 पहला ऐसा Android फोन होगा जिसमें Samsung की LEAD डिस्प्ले टेक्नोलॉजी होगी। उम्मीद है कि यह टेक्नोलॉजी Apple के पहले बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन, iPhone Ultra में भी देखने को मिलेगी। खबर है कि Vivo का सब-ब्रांड, फ्लैगशिप iQOO 16 में डिस्प्ले से जुड़े और भी फीचर्स लाने के लिए Samsung के साथ मिलकर काम कर रहा है। हालांकि, इनमें से किसी भी टेक कंपनी ने इन जानकारियों की पुष्टि नहीं की है।

हाल ही में, iQOO 16 के कथित रेंडर ऑनलाइन सामने आए हैं, जिनसे फोन के डिजाइन का पता चलता है। तस्वीर में आने वाले स्मार्टफोन का री-डिजाइन किया गया रियर कैमरा मॉड्यूल दिख रहा है, जिसमें ट्रिपल कैमरा सिस्टम है। फोन के फ्लैट रियर पैनल को भी मेटल जैसा नया पैटर्न देकर री-डिजाइन किया जा सकता है। पैनल के निचले हिस्से में बीच में iQOO की ब्रांडिंग दिख रही है। वहीं, iQOO 16 के दाईं ओर पावर बटन और वॉल्यूम कंट्रोल हो सकते हैं।

इसके अलावा, iQOO 16 को हाल ही में Geekbench बेंचमार्किंग प्लेटफॉर्म पर मॉडल नंबर V2606A के साथ देखा गया था। खबरों के मुताबिक, इस हैंडसेट को Qualcomm के अभी तक रिलीज नहीं हुए ऑक्टा-कोर Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट के साथ लिस्ट किया गया था, जो 5.01GHz की पीक क्लॉक स्पीड देता है। Geekbench पर iQOO 16 को Android 17 पर चलते हुए भी देखा गया है। फोन से जुड़ी और भी कई जानकारियां आने वाले हफ्तों में सामने आने की उम्मीद है।

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Redmi 17 5G की भारत में एंट्री, Snapdragon 4 Gen 5 प्रोसेसर और 7,900mAh बैटरी के साथ

Redmi ने गुरुवार को भारत में अपना नया Redmi 17 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। इस फोन को Amazon और कंपनी के अधिकृत आउटलेट्स से खरीदा जा सकेगा। ग्लोबल वेरिएंट की तरह भारत में भी यह स्मार्टफोन तीन अलग-अलग कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। आइए जानते हैं Redmi 17 5G की कीमत और इसके स्पेसिफिकेशंस के बारे में।

भारत में Redmi 17 5G की कीमत

Redmi 17 5G के 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की शुरुआती कीमत ₹39,999 है। वहीं, 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत ₹41,999 है। खास बात यह है कि कंपनी ने दोनों मॉडल्स की नेट इफेक्टिव कीमत क्रमशः ₹23,999 और ₹26,999 तय की है।

यह फोन भारत में 10 सितंबर 2026 से Amazon और Xiaomi के अधिकृत आउटलेट्स के जरिए खरीदा जा सकेगा। Redmi 17 5G को Absolute Black, Endless Blue और Eternal Orange जैसे तीन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है।

Redmi 17 5G के स्पेसिफिकेशन्स

Redmi 17 5G में डुअल-सिम स्लॉट है और यह Android 16 पर आधारित HyperOS3 पर चलता है। इस हैंडसेट में 6.9-इंच का HD+ डिस्प्ले होगा, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz तक और पीक ब्राइटनेस 825 निट्स होगी।

पावर की बात करें तो, इस स्मार्टफोन में Qualcomm का ऑक्टा-कोर Snapdragon 4 Gen 5 चिप है, जो 4nm प्रोसेस पर बना है। इसमें Adreno GPU के साथ 8GB तक LPDDR4x RAM और 256GB तक UFS 2.2 ऑनबोर्ड स्टोरेज भी मिलता है, जिसे माइक्रो-SD कार्ड से 2TB तक बढ़ाया जा सकता है।

फोटोग्राफी के लिए, इस हैंडसेट में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें f/1.8 अपर्चर वाला 50MP का मेन सेंसर और एक सेकेंडरी कैमरा शामिल है। सेल्फी के लिए, स्मार्टफोन में f/2.05 अपर्चर वाला 8MP का कैमरा दिया गया है।

Redmi 17 5G में 7,900mAh की बैटरी है और यह 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 22.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करता है। इस डिवाइस का साइज 170.12×78.42×8.8mm है। कनेक्टिविटी के लिए, Redmi 17 5G में 5G और 4G LTE नेटवर्क के साथ डुअल-बैंड Wi-Fi, Bluetooth, NFC, GPS और USB Type-C पोर्ट की सुविधा है। इसमें 3.5mm हेडफोन जैक भी दिया गया है।

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Priya Adhikari कौन हैं , नेपाल बाढ़ के बीच 6 दिन में किए 100 रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच जब चारों तरफ तबाही का मंजर था, तब एक महिला पायलट आसमान से जिंदगी बचाने की जंग लड़ रही थी। नाम है प्रिया अधिकारी, नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन। प्रिया ने महज छह दिनों में करीब 100 रेस्क्यू मिशन पूरे कर बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई।

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41 वर्षीय प्रिया अधिकारी इन दिनों नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में भी उन्होंने कई रेस्क्यू उड़ानें भरीं।  प्रिया की कहानी सिर्फ एक महिला पायलट की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस हिम्मत की कहानी है, जिसमें आसमान से नीचे दिख रही तबाही के बावजूद किसी अनजान इंसान की जिंदगी बचाने का जज्बा कायम रहता है। जहां जमीन पर रास्ते खत्म हो गए, वहां प्रिया ने आसमान को रास्ता बनाया और जिंदगी की तलाश जारी रखी।

6 दिन में करीब 100 रेस्क्यू मिशन

तिमुरे में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। करीब 20 हेलिकॉप्टर लगातार राहत और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रिया के मुताबिक, कई बार एक ही स्थान पर पांच या छह हेलिकॉप्टरों को एक साथ उतरकर लोगों को निकालना पड़ता है। ऐसे में पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से समन्वय करना पड़ता है।

 

लेकिन चुनौती केवल हेलिकॉप्टर उतारने तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में इतनी मोटी कीचड़ जमा है कि हेलिकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतारकर इंजन बंद करना संभव नहीं है। ऐसे में पायलटों को रेस्क्यू के दौरान लगातार पावर बनाए रखनी पड़ती है।

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नीचे तबाही का मंजर, फिर भी बचाने की उम्मीद

प्रिया ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान के दौरान जो दृश्य देखे, उन्हें शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। बाढ़ के बाद कई जगह शव बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद राहत अभियान लगातार जारी रहा। पहले दो दिनों में ही इलाके से 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इस अभियान में सेना के Augusta हेलिकॉप्टरों समेत पांच-छह हेलिकॉप्टर लगातार जुटे रहे। प्रिया कहती हैं कि उन्होंने ऊपर से पूरी बर्बादी देखी—हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए, घर और बुनियादी ढांचा बह गया और कई लोगों की जान चली गई।

 

‘आप बच गए हैं…’ यही प्रिया की सबसे बड़ी खुशी

 

तबाही के बीच भी प्रिया को मुस्कुराने की एक वजह मिलती है—जिंदा बचे लोग। रेस्क्यू के दौरान जब वह किसी जगह हेलिकॉप्टर उतारती हैं और लोगों को हाथ हिलाते हुए देखती हैं, तो उनके लिए वह पल बेहद भावुक होता है। वह उनसे कहती हैं—“आप बच गए हैं।” प्रिया के लिए ये लोग उनके रिश्तेदार नहीं हैं। वे उनके लिए अजनबी हैं, लेकिन किसी की जिंदगी बचाने के बाद मिलने वाली भावनात्मक खुशी उनके लिए किसी रिश्ते से कम नहीं।

 

उन्होंने बताया कि इस बाढ़ की भयावहता इतनी ज्यादा है कि उन्हें यह नेपाल में आई 2015 की विनाशकारी भूकंप त्रासदी से भी बड़ी लगती है।

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कैसे बनीं नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन?

 

प्रिया अधिकारी का एविएशन तक पहुंचने का सफर भी बेहद प्रेरणादायक है। हेलिकॉप्टर उड़ाना लंबे समय तक पुरुषों का दबदबा वाला क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन प्रिया ने इस सोच को चुनौती दी। उन्होंने Environmental Science की पढ़ाई की और इसके बाद Cabin Crew के तौर पर काम किया। एक हेलिकॉप्टर जॉय राइड ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

 

इसके बाद उन्होंने हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग लेने के लिए फिलीपींस का रुख किया। आवश्यक फ्लाइंग आवर्स पूरे करने के बाद उन्होंने पायलट के रूप में अपना करियर आगे बढ़ाया और आखिरकार 2017 में फुल-टाइम हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं। आज वही प्रिया अधिकारी नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन हैं और प्राकृतिक आपदा के बीच अपनी हिम्मत, हुनर और अनुभव के दम पर लोगों की जिंदगी बचाने में जुटी हैं।

India-Russia Defence Deal : भारत को S-500 और Su-57 की पेशकश, रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग का हाथ

India-Russia Defence Deal : भारत को S-500 और Su-57 की पेशकश, रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग का हाथ

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भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। रूस ने भारत के सामने अपने अत्याधुनिक S-500 Prometheus एयर डिफेंस सिस्टम और Su-57 पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट का प्रस्ताव रखा है। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 31 अगस्त को बिश्केक में हुई मुलाकात के बाद रक्षा सहयोग पर चर्चा एक बार फिर केंद्र में है। दोनों नेताओं की नई दिल्ली में भी मुलाकात होने की संभावना है।

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रूस की नई पेशकश ऐसे समय में आई है जब भारत की रक्षा नीति तेजी से बदल रही है। एक तरफ भारत स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहा है, वहीं दूसरी ओर वायुसेना की तत्काल जरूरतें भी हैं। भारत को तय करना होगा कि S-500 जैसी विदेशी एयर डिफेंस प्रणाली की कितनी जरूरत है, जबकि Project Kusha जैसी स्वदेशी प्रणालियां आगे बढ़ रही हैं। 

IAF को यह भी तय करना होगा कि AMCA के आने तक इंतजार करना बेहतर है या Su-57 जैसे विदेशी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर को अंतरिम विकल्प के तौर पर शामिल किया जाए। अंतिम फैसला केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात से नहीं होगा, लेकिन दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से मिलने वाला राजनीतिक समर्थन बड़े रक्षा समझौतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

S-400 के बाद S-500 पर रूस का फोकस

रूस भारत के साथ एयर और मिसाइल डिफेंस सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने के लिए S-500 Prometheus का प्रस्ताव आगे बढ़ा रहा है। इससे पहले भारत द्वारा तैनात किए गए रूसी S-400 सिस्टम ने भी काफी ध्यान आकर्षित किया है। खबरों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तानी हवाई खतरों से निपटने के लिए S-400 सिस्टम का इस्तेमाल किया था। इसी अनुभव के बाद रूस अब भारत को अतिरिक्त S-400 सिस्टम देने के साथ S-500 पर भी चर्चा आगे बढ़ा रहा है।

 

मोदी-पुतिन मुलाकात से एक दिन पहले रूस की ओर से भारत को S-400 की पांच अतिरिक्त स्क्वाड्रन देने का प्रस्ताव रखे जाने की भी रिपोर्ट सामने आई। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो भारत के पास पहले से तय स्क्वाड्रन की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है।

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S-500 खरीदना भारत के लिए कितना जरूरी?

 

भारत के सामने S-500 को लेकर फैसला आसान नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि भारत खुद लंबी दूरी की एयर डिफेंस क्षमता विकसित कर रहा है। Project Kusha को S-400 श्रेणी की स्वदेशी एयर डिफेंस प्रणाली के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा भारत का बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे में भारत को यह आकलन करना होगा कि S-500 वास्तव में किसी मौजूदा क्षमता की कमी को पूरा करेगा या फिर यह स्वदेशी प्रणालियों के साथ काफी हद तक समान भूमिका निभाएगा।

 

Su-57 पर भी भारत के सामने बड़ा फैसला

रूस की दूसरी बड़ी पेशकश Su-57 Felon पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर विमान है। रूस का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भारतीय वायुसेना लड़ाकू स्क्वाड्रनों की कमी से जूझ रही है और भारत का स्वदेशी Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) अभी ऑपरेशनल होने से कई साल दूर है।

 

रूस ने संकेत दिए हैं कि Su-57 के संभावित सौदे में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्थानीय स्तर पर उत्पादन और भारत में मैन्युफैक्चरिंग जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। Su-57 को AMCA के उपलब्ध होने तक एक संभावित स्टॉपगैप विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, भारत के लिए इसे खरीदने में कीमत, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस और रणनीतिक जरूरतों जैसे कई पहलुओं पर विचार करना होगा।

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चीन और पाकिस्तान की पांचवीं पीढ़ी के फाइटर से बढ़ी चुनौती

भारत के सामने चुनौती इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि पड़ोसी देश भी स्टील्थ फाइटर क्षमता तेजी से बढ़ा रहे हैं।

चीन के पास बड़ी संख्या में J-20 स्टील्थ फाइटर होने का अनुमान है, जबकि पाकिस्तान को चीन से J-35 पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट मिलने की उम्मीद है। ऐसे में भारत के सामने अहम सवाल है कि क्या AMCA के आने तक इंतजार किया जाए या फिर अंतरिम अवधि के लिए किसी विदेशी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर को शामिल किया जाए।

 

Su-57 से IAF के लिए बढ़ सकती है लॉजिस्टिक चुनौती

 

Su-57 को भारतीय वायुसेना में शामिल करने से एक और चुनौती सामने आ सकती है। IAF के बेड़े में पहले से ही कई अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू विमान शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के प्रमुख फाइटर बेड़े में Su-30MKI, MiG-29, Rafale, Mirage 2000, Jaguar और स्वदेशी Tejas शामिल हैं। हर नए फाइटर के लिए अलग पायलट ट्रेनिंग, स्पेयर पार्ट्स, हथियार, मेंटेनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की जरूरत होती है। ऐसे में Su-57 को शामिल करने से बेड़े का संचालन और जटिल हो सकता है।

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 S-500 और Su-57 के अलावा भी रूस की कई पेशकश

 

रूस की पेशकश केवल S-500 और Su-57 तक सीमित नहीं है। मॉस्को भारत के लिए Voronezh Strategic Early-Warning Radar पर भी सहयोग की संभावना तलाश रहा है। यह रडार लंबी दूरी से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च और अन्य खतरों का पता लगाने के लिए बनाया गया है। इसके अलावा रूस, Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के साथ भारत के Su-30MKI बेड़े के अपग्रेड और रूसी मूल की Kilo-class submarines के आधुनिकीकरण में भी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

एथर एनर्जी ने टेस्ला और BYD को पीछे छोड़ा, इस साल शेयर 130% उछला; आगे और तेजी की उम्मीद

Ather Energy Share Price: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy ने इस साल शेयर बाजार में Tesla, BYD और Xiaomi जैसी दिग्गज कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। कंपनी के शेयर 2026 में अब तक करीब 130% चढ़ चुके हैं। विश्लेषकों को बढ़ते मार्केट शेयर की वजह से स्टॉक में आगे भी तेजी की उम्मीद है।

Ather के शेयर में तेजी ने ग्लोबल निवेशकों का भी ध्यान खींचा है। सोमवार को BlackRock Global Funds ने ओपन मार्केट से कंपनी में 1% से कम हिस्सेदारी खरीदी है।

इसके उलट EV कंपनियों से जुड़े 104 शेयरों को ट्रैक करने वाला ब्लूमबर्ग इंडेक्स इस साल करीब 1% गिरा है। Tesla, BYD और Xiaomi जैसी बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर इस इंडेक्स पर पड़ा है।

पिछले महीने शेयर 36% से ज्यादा चढ़ा

Hero MotoCorp की हिस्सेदारी वाली Ather Energy इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसिंग करती है। कंपनी का अपना चार्जिंग नेटवर्क भी है। भारत में EV की बढ़ती मांग का कंपनी को फायदा मिल रहा है।

बेंगलुरु की कंपनी का शेयर पिछले महीने 36% से ज्यादा चढ़ा। मई 2025 में लिस्टिंग के बाद यह किसी एक महीने में कंपनी की सबसे बड़ी तेजी है। बाजार में कंपनी की ग्रोथ को लेकर भरोसा बढ़ा है।

FY28 तक 26% मार्केट शेयर का अनुमान

Emkay Global Financial Services का अनुमान है कि FY28 तक Ather Energy का मार्केट शेयर बढ़कर 26% हो सकता है। मार्च के अंत में कंपनी का मार्केट शेयर करीब 17% था।

ब्रोकरेज का मानना है कि नए प्रोडक्ट लॉन्च और कंपनी की इन-हाउस टेक्नोलॉजी से Ather को फायदा मिल सकता है। इससे कंपनी घरेलू प्रतिद्वंद्वी Ola Electric को कड़ी टक्कर दे सकती है। पिछले हफ्ते Ather ने Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया था। इसे कंपनी की अपनी EV आर्किटेक्चर पर बनाया गया है। यह मास मार्केट सेगमेंट के लिए तैयार किया गया है।

Konarc से दोगुना हो सकता है बाजार

Nomura Holdings के एनालिस्ट्स का कहना है कि Konarc की वजह से Ather का एड्रेसेबल मार्केट दोगुना हो सकता है। यानी कंपनी के पास पहले के मुकाबले ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने का मौका होगा।

एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का बाजार अब अहम मोड़ पर पहुंच रहा है। इस सेगमेंट में लंबी अवधि के लिए Ather को सबसे मजबूत विकल्पों में शामिल माना जा रहा है।

लिस्टिंग के बाद 440% चढ़ा शेयर

लिस्टिंग के बाद से Ather Energy का शेयर करीब 440% चढ़ चुका है। पिछले पांच साल में ₹2,500 करोड़ या उससे ज्यादा का IPO लाने वाली भारतीय कंपनियों में Ather Energy का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।

तेजी के बावजूद एनालिस्ट्स अभी भी स्टॉक को लेकर बुलिश हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी को कवर करने वाले सभी 14 एनालिस्ट्स शेयर पर खरीदारी की सलाह दे रहे हैं।

Axis Capital ने Ather Energy का टारगेट प्राइस ₹2,100 रखा है। सोमवार के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले इसमें करीब 22% की तेजी की संभावना बताई गई है।

अगले 3-4 साल में शेयर दोगुना हो सकता है

Emkay के एनालिस्ट चिराग जैन का मानना है कि अगले तीन से चार साल में मौजूदा स्तर से भी Ather Energy का शेयर दोगुना हो सकता है।

उनका कहना है कि Ather सिर्फ फीचर्स हटाकर कीमत कम करने के पक्ष में नहीं है। कंपनी लागत कम करके कीमत घटाने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि ब्रांड और प्रोडक्ट क्वालिटी पर असर न पड़े।

एथर एनर्जी का शेयर मंगलवार को 1.07% की तेजी के साथ 1,736 रुपये पर बंद हुआ।

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Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 28 वर्षीय भतीजी बृष्टि मुखर्जी (Bristy Mukherjee) की मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट में मौत हो गई।   बृष्टि का शव उनके गांव स्थित आवास में फंदे से लटका मिला। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बृष्टि मुखर्जी का शव रामपुरहाट इलाके के कुसुम्बा स्थित उनके घर की दूसरी मंजिल के एक कमरे से बरामद किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

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शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी

 

रिपोर्टों के मुताबिक, बृष्टि मुखर्जी उन करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में शामिल थीं, जिनकी नियुक्तियों को लेकर पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती मामले में जांच हुई थी। बृष्टि बोलपुर के एक अपर प्राइमरी स्कूल में गैर-शिक्षण कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थीं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नौकरी गंवाने वाले उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम कथित तौर पर 608वें स्थान पर था। हाईकोर्ट के फैसले को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था।

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कोर्ट के फैसले के बाद तनाव में होने की बात

 

रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षक भर्ती मामले में अदालत के फैसले के बाद बृष्टि मानसिक तनाव में थीं। परिवार की ओर से बताया गया कि उनका इलाज भी चल रहा था। हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक कारण और परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद मौत से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

क्या है West Bengal SSC भर्ती मामला?

यह मामला 2016 West Bengal State Level Selection Test (SLST) के जरिए स्कूलों में हुई शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा है। आरोप था कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को कथित तौर पर अनियमित तरीके से नौकरी दी गई। मामले की जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन के आरोप सामने आए थे।

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इसी मामले के चलते करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द करने का मामला अदालत तक पहुंचा। यह प्रकरण पश्चिम बंगाल में तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए प्रमुख भर्ती विवादों में शामिल रहा है। पुलिस फिलहाल बृष्टि मुखर्जी की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।