शेयर बाजार में हेरफेर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 6 शहरों में 29 ठिकानों पर की छापेमारी

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस-I ने शेयर बाजार में कथित हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 16 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र, गुजरात समेत 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में की गई।

ED के इस जांच का संबंध लिस्टेड कंपनियों M/s R M Drip and Sprinklers Systems Ltd और M/s R&B Denims Ltd के शेयरों में कथित हेरफेर से है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत यह कार्रवाई की है।

शेयरों के आवंटन से लेकर कीमत बढ़ाने तक की जांच

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन शेयरों के भुगतान में बड़ी रकम कुछ सीमित और आपस में जुड़े लोगों, कंपनियों और कर्जदाताओं के समूह से आई थी। इसके साथ ही आरोप है कि इसके बाद आने वाले महीनों में दोनों कंपनियों के शेयरों की कीमत लगातार बढ़ाई गई, जबकि अधिकांश शेयर उन्हीं लोगों के पास बने रहे।

‘Multibagger Stocks’ जैसे व्हाट्सऐप ग्रुप से निवेशकों को लुभाया

ED की जांच में यह भी सामने आया कि दिसंबर 2025 के अंत से फरवरी 2026 के बीच ‘Multibagger Stocks’ जैसे नामों वाले व्हाट्सऐप कम्युनिटी ग्रुप के जरिए इन दोनों शेयरों को खरीदने के लिए रोजाना टिप्स भेजे जा रहे थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इन ग्रुपों के जरिए छोटे और खुदरा निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए आकर्षित किया गया। इन ग्रुपों को चलाने के लिए हरियाणा और मुंबई में दूसरे लोगों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया, जबकि इनका संचालन गुजरात के भावनगर से किया जा रहा था।

ED के मुताबिक, इन संदेशों के बाद दोनों शेयरों में खरीदारों की संख्या करीब 3,400 से बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई।

व्हाट्सऐप ग्रुप डिलीट होते ही शेयरों में भारी गिरावट

जांच के अनुसार, 25 फरवरी 2026 को इन व्हाट्सऐप ग्रुपों को अचानक डिलीट कर दिया गया। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयर लोअर सर्किट पर आ गए और कुछ ही दिनों में उनकी कीमत करीब 70 प्रतिशत तक गिर गई। इस घटनाक्रम के कारण एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। कई निवेशक ऐसे शेयरों के साथ फंस गए, जिन्हें वे गिरती कीमतों के बीच बेच नहीं पा रहे थे।

कंपनियों के दफ्तर, प्रमोटरों के घर और ब्रोकिंग फर्मों पर छापे

ED ने जिन ठिकानों की तलाशी ली, उनमें दोनों कंपनियों के कार्यालय, उनके प्रमोटरों के आवास, कम कीमत पर शेयर पाने वाले लोगों के ठिकाने, स्टॉक-ब्रोकिंग और फाइनेंस कंपनियों के कार्यालय तथा कथित तौर पर प्रचार के लिए इस्तेमाल किए गए व्हाट्सऐप ग्रुपों के संचालन से जुड़े लोगों के परिसर शामिल हैं। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, शेयर लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद कर जब्त किए हैं।

ED मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और शेयर बाजार में कथित हेरफेर से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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एक्टर डिनो मोरिया के अरेस्ट होने के दावे का पूरा सच आया सामने, मीठी नदी घोटाला वाला केस भी जान लीजिए

बॉलीवुड एक्टर डिनो मोरिया इन दिनों मीठी नदी की सफाई से जुड़े 65 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में को लेकर चर्चा में है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 2 अक्टूबर को उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी गिरफ्तारी का दावा किया गया था। डिनो मोरिया ने खुद इन खबरों को गलत बताया। वहीं EOW की ओर से भी गिरफ्तारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मीठी नदी से जुड़े मामले में जांच जारी है। आइए जानते हैं क्या है मीठी नदी की सफाई घोटाले से जुड़ा मामला

डिनो मोरिया को नहीं किया गया गिरफ्तार

डिनो मोरिया ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की खबरों को खारिज कर दिया। इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बांद्रा स्थित उनके घर पर पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। मोरिया की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद एक्टर ने व्हाट्सऐप के जरिए संबंधित मीडिया आउटलेट को बताया कि ये खबरें “सच नहीं हैं”। बाद में सामने आई रिपोर्ट में भी मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की ओर से डीनो मोरिया की गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

EOW के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर डीनो मोरिया से पूछताछ की जा रही थी। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद तय की जाएगी।

 

क्या है पूरा मामला

ये मामला मुंबई की मीठी नदी की सफाई और सुधार से जुड़े ठेकों में कथित आर्थिक गड़बड़ी को लेकर EOW जांच कर रहा है। जांच एजेंसी ठेकेदारों, बिचौलियों और कुछ नगर निगम अधिकारियों की भूमिका के साथ-साथ प्रोजेक्ट से जुड़े ठेकों और पेमेंट की भी जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में बीएमसी को करीब 65.54 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया गया है।

पहले भी हो चुकी है पूछताछ

इस मामले में डीनो मोरिया से पहले भी पूछताछ हो चुकी है। मई 2025 में EOW ने उनसे और उनके भाई सैंटिनो मोरिया से सवाल किए थे। जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ ऐसे फोन रिकॉर्ड मिले थे, जिनसे कथित तौर पर मामले से जुड़े लोगों के साथ उनके संपर्क की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा, जांच एजेंसी सैंटिनो की कंपनी UBO Ridez और केस से जुड़े लोगों के बीच हुए पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही थी।

इस मामले की जांच में केतन कदम का नाम भी सामने आया है, जिन्हें 2025 में हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मोरिया के घर पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई मीठी नदी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की बड़ी जांच के तहत की गई थी।

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ChatGPT से लेकर फेक Insta अकाउंट तक… पुलिस के 5053 पेज की चार्जशीट से खुले केतन हत्याकांड के कई अनसुलझे राज

पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में 18 जून को युवा बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। केतन की हत्या के आरोप में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और उनके साथी रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। वहीं अब पुणे पुलिस ने इस हत्याकांड का पूरा ब्यौरा अदालत में दिया है। पुणे की अदालत में 5,053 पेज की चार्जशीट में पुलिस ने 26 साल के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश का पूरा ब्यौरा दिया है। पुलिस के मुताबिक, केतन की 18 जून को लोहागढ़ किले से धक्का दिए जाने के बाद मौत हो गई थी। चार्जशीट में पुलिस ने इस मामले से जुड़ी घटनाओं और कथित साजिश की जानकारी दी है।

बता दें, केतन अग्रवाल की मौत के बाद पुलिस ने उसकी मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। केतन और सिया दोनों पुणे के रहने वाले थे। दोनों की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में जयपुर में एक बड़े समारोह में उनकी शादी होने वाली थी।

मारने के लिए किया रिसर्च

पुलिस की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि केतन अग्रवाल की हत्या के लिए तीनों आरोपियों ने महीनों तक बाकायदा रिसर्च और प्लानिंग की थी। चार्जशीट के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश कई चरणों में बनी। शुरुआत में आरोपियों के बीच उसे गंभीर रूप से घायल करने की बात हुई। इसके बाद उन्होंने हमला करने के लिए महाराष्ट्र के बाहर से किसी व्यक्ति को बुलाने पर भी विचार किया। लेकिन, बाद में आरोपियों ने कथित तौर पर यह काम खुद करने का फैसला किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बाहरी व्यक्ति को प्लान में शामिल करने का विचार इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि वह राज खोल सकता है। बाद में वह व्यक्ति इस मामले में गवाह बन गया।

चैटजीपीटी और पॉडकास्ट सुने

चार्जशीट के मुताबिक, इसके बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी ने खुद केतन अग्रवाल को मारने की तैयारी शुरू कर दी। चार्जशीट में कहा गया कि दोनों ने हत्या से जुड़ी फिल्में देखीं, चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया और पुलिस से बचने के तरीकों से जुड़े पॉडकास्ट सुने। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मेघालय के चर्चित हनीमून हत्या मामले के बारे में भी जानकारी जुटाई थी, जिसमें इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी की मई 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस का दावा कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने लोनावाला के आसपास कई जगहों की रेकी की और एक सुनसान जगह की तलाश की। दोनों कथित तौर पर टाइगर पॉइंट समेत कई जगहों पर गए और आखिर में लोहागढ़ किले को चुना।

क्यों चुना गया लोहागढ़

चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने आखिर में लोहागढ़ किले को इसलिए चुना क्योंकि पिछले साल मार्च में वहां एक महिला की मौत हो चुकी थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों को लगा कि केतन अग्रवाल की मौत को सेल्फी लेते समय अचानक गिरने की घटना बताया जा सकता है। चार्जशीट के मुताबिक, 14 जून को सिया गोयल और केतन अग्रवाल लोहागढ़ गए थे। पुलिस का आरोप है कि सिया ने केतन को चट्टान से धक्का देने की कोशिश की, लेकिन केतन ने पेड़ पकड़कर खुद को बचा लिया। पूछने पर सिया ने कथित तौर पर कहा कि उसने सांप देखा था और केतन को बचाने की कोशिश की थी।

पासपोर्ट फाड़ कर फेंक दिया

जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया गोयल 4 जून को लोहागढ़ किला जाना चाहती थी, क्योंकि आरोपियों की कथित योजना बाली जाने से पहले ही केतन अग्रवाल को मारने की थी। चार्जशीट के अनुसार, 6 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए जाते समय सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फाड़ दिया और उसे एक कैफे के वॉशरूम में फेंक दिया। पुलिस का दावा है कि पासपोर्ट खराब होने की वजह से दोनों की बाली यात्रा रद्द हो गई।

नकली इंस्टा अंकाउट भी बनाया

पुलिस का आरोप है कि रितेश हांगे ने आरोपियों की एक जान-पहचान वाली महिला की तस्वीर का इस्तेमाल कर ‘माही’ नाम से एक नकली इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। पुलिस के मुताबिक, इस अकाउंट से केतन अग्रवाल को मैसेज भेजे गए और उसे 18 जून को लोहागढ़ जाने के लिए तैयार किया गया। उसे बताया गया था कि यह सिया गोयल से जुड़ा सरप्राइज बर्थडे प्लान है।

चार्जशीट के मुताबिक, केतन अग्रवाल की मौत के बाद नकली इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया था। पुलिस का आरोप है कि 18 जून को चेतन चौधरी किले के एक दूसरे रास्ते से अंदर गया और बाद में सिया गोयल के इशारे पर उसके साथ शामिल हो गया।

सिया ने केतन को दिया धक्का

पुलिस के मुताबिक, सिया ने केतन का ध्यान भटकने पर उसे पीछे से धक्का दिया, जिसके बाद चेतन ने उसे लात मारी और वह किले से नीचे गिर गया। पुलिस ने बताया कि चार्जशीट में पांच चश्मदीदों समेत 100 से ज्यादा लोगों के बयान शामिल हैं। इसके अलावा जांच में मोबाइल डेटा, व्हाट्सऐप चैट, तस्वीरें, कॉल रिकॉर्ड और दूसरी तकनीकी जानकारी को भी सबूत के तौर पर शामिल किया गया है।

LPG Subsidy: 1 अक्टूबर से पहले फटाफट करा लें ये काम वरना नहीं मिलेगी LPG सब्सिडी, आया नया नियम

LPG Subsidy Rules Change: एलपीजी ग्राहकों के सब्सिडी को लेकर सरकार ने बड़ा अपडेट जारी किया है। सरकार ने सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) जरूरी होगा। सरकार ने ग्राहकों से समय रहते ऑथेंटिकेशन कराने की अपील की है।

क्यों लिया गया ये फैसला

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, इस कदम का मकसद सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर सही परिवारों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही इन सिलेंडर का इस्तेमाल कमर्शियल या इंडस्ट्रियल कामों के लिए न हो। साथ ही, इसका गलत इस्तेमाल रोकने और फर्जी या डुप्लीकेट गैस कनेक्शन की पहचान करने में भी मदद मिलेगी। इससे सब्सिडी देने की प्रक्रिया और ज्यादा साफ होगी।

मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ घरेलू एलपीजी ग्राहकों में से 89.9% लोग बायोमेट्रिक आधार वैरिफिकेशन पूरा कर चुके हैं। इन ग्राहकों को अब कुछ और करने की जरूरत नहीं है और उनकी गैस बुकिंग पहले की तरह जारी रहेगी। वहीं, जिन ग्राहकों ने अभी तक सत्यापन नहीं कराया है, उनकी सब्सिडी वाली गैस बुकिंग वैरिफिकेशन के बाद ही होगी।

कैसे करें बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन

मंत्रालय ने बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पूरा करने के लिए तीन तरीके बताए हैं

  • गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय: डिलीवरी करने वाला कर्मचारी संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) के मोबाइल ऐप से ऑथेंटिकेशन कर सकता है।
  • गैस एजेंसी के शोरूम पर: ग्राहक गैस एजेंसी जाकर अपना सत्यापन करा सकते हैं।
  • घर बैठे: ग्राहक संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) के मोबाइल ऐप के जरिए खुद भी सत्यापन पूरा कर सकते हैं।

इंडेन गैस के ग्राहक इंडियनऑयल वन ऐप, भारत गैस के ग्राहक हेलो बीपीसीएल ऐप और एचपी गैस के ग्राहक एचपी पे ऐप के जरिए घर बैठे अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। सरकार ने इस प्रक्रिया को समझाने के लिए वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पोर्टल पर देखा जा सकता है।

लगातार दी जा रही जानकारी

बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन की आखिरी तारीख पहले 30 जून 2026 थी, जिसे ग्राहकों को ज्यादा समय देने के लिए बढ़ाकर 14 सितंबर 2026 कर दिया गया। सरकार के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से तेल कंपनियां लोगों को इसकी जानकारी देने के लिए अभियान चला रही हैं। इसके तहत 12 करोड़ से ज्यादा एसएमएस और व्हाट्सऐप संदेश भेजे गए। गैस एजेंसियों और डिलीवरी कर्मचारियों ने भी लोगों से संपर्क किया और गांवों में विशेष शिविर लगाए। इसके अलावा आईवीआरएस, मोबाइल नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और अखबारों के जरिए भी लोगों को जानकारी दी गई।

कितनी दी जा रही सब्सिडी

सब्सिडी की कीमत को लेकर सरकार ने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर अभी भी कम कीमत पर दिया जा रहा है। सितंबर 2026 में 14.2 किलो के सिलेंडर पर करीब 210 रुपये की सब्सिडी मिल रही थी, जबकि जून में यह सब्सिडी 721 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई थी। सरकार ने बताया कि उसने 2022-23 में सरकारी तेल कंपनियों को 22,000 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया था। वहीं, 2025-26 और 2026-27 में हर साल 30,000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। सरकार के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 तक घरेलू एलपीजी पर सरकारी तेल कंपनियों का कुल नुकसान 62,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया था। सरकार ने उन ग्राहकों से 1 अक्टूबर से पहले बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पूरा करने की अपील की है, जिन्होंने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

नहीं मिलेगी सब्सिडी

सरकार ने कहा है कि जो ग्राहक बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन नहीं करा सकते, वे भी गैस सिलेंडर ले सकते हैं, लेकिन उनको सब्सिडी नहीं मिलेगी। ऐसे ग्राहकों को तेल कंपनियों के डिजिटल माध्यम, जैसे वेबसाइट, मोबाइल ऐप, व्हाट्सऐप चैटबॉट या आईवीआरएस के जरिए अपनी पसंद दर्ज करनी होगी। इसके बाद उन्हें उपलब्धता के आधार पर बाजार कीमत पर 5 किलो या 10 किलो का गैस सिलेंडर दिया जाएगा।

मूर्खता की उत्पादकता

दुनिया की AI दौड़ बाजार बनने यानी इस्तेमाल भर की नहीं है। Stanford AI Index 2026 के अनुसार अमेरिका ने 2025 में 59 उल्लेखनीय AI मॉडल बनाए, चीन ने 35। चीन AI शोध-पत्रों, citations और patent grants में आगे है, जबकि अमेरिका notable models और अधिक प्रभावशाली patents में आगे है। अमेरिका में 2025 का निजी AI निवेश 285.9 अरब डॉलर था। चीन का निजी निवेश 12.4 अरब डॉलर था, हालांकि Stanford खुद चेताता है कि इससे चीन के सरकारी निवेश की पूरी तस्वीर नहीं मिलती। यानी वहां लड़ाई prompt लिखने की नहीं, model, compute, chip, research, patent और पूरी AI architecture बनाने की है।

और अपने यहां ढिंढोरा है कि हम AI में विश्वगुरुता की ओर हैं।

भारत में AI क्या है? पहले एक झूठ बनाने में आदमी लगता था। उसे झूठी खबर बनाने के लिए Photoshop जैसे सॉफ्टवेयर सीखने होते थे। वीडियो एडिट करना पड़ता था। आवाज की नकल करनी पड़ती थी। अब कंप्यूटर पर बैठिए और एक वाक्य यानी prompt लगाइए—भाजपा के सेनानी लाठी लिए कांग्रेसियों की धुनाई कर रहे हैं! मोदी गरज रहे हैं, पृथ्वी कांप रही है! इतिहास की वह घटना वीडियो में दिखाई जा सकती है जो इतिहास में कभी घटी ही नहीं।

और इससे भी बड़ा कमाल उलटा है। कल कोई असली वीडियो सामने आए तो नेता कह सकता है—यह AI से बनाया हुआ है! यानी AI झूठ बनाने की लागत ही नहीं घटाता; वह सच को झूठ बताने की गुंजाइश भी पैदा करता है। यही synthetic reality का असली खतरा है।

भारत में उपयोग बढ़ रहा है, उत्पादकता नहीं। सोचें, उपयोग किसलिए? मंत्री, नेता और अफसर के लिए सरकारी दफ्तर में नोट बनाने के लिए। कॉलेज में फटाक से असाइनमेंट लिखने के लिए। कंपनी में प्रस्तुति बनाने के लिए। मीडिया में सामग्री गढ़ने के लिए। सोशल मीडिया में रील बनाने के लिए। व्हाट्सऐप पर संदेश आगे बढ़ाने के लिए। और राजनीति में नकली सच गढ़ने के लिए।

इसलिए असल सत्य है कि AI लोगों की नौकरी खाए या नहीं, उससे पहले भारत में लोगों की सोचने की जरूरत को ही खा रहा है? जबकि मेरा मानना है, AI का मोटामोटी सार और उसकी उपयोगिता का आधार मानव की बुद्धि, ज्ञान-विज्ञान, खोज और उपलब्धियों का कुल जमा संग्रहण है। वह बुद्धिमत्ता और ज्ञान के इस विशाल पहाड़ को खोदने वाला cognitive bulldozer है। अमेरिका और चीन इस बुलडोजर से नए मॉडल, नई वैज्ञानिक खोज, कोड, रोबोटिक्स, औद्योगिक automation और अगली पीढ़ी की तकनीकें निकालने की प्रतिस्पर्धा में हैं। चीन अकेला 2024 में दुनिया में लगाए गए औद्योगिक robots का 54 प्रतिशत लगा चुका था। AI में अमेरिका-चीन के शीर्ष मॉडलों की performance gap भी 2026 तक बहुत छोटी रह गई है।

और भारत की दशा?

हमारे पास भी वही बुलडोजर पहुंच रहा है। मगर खतरा है कि उससे ज्ञान का पहाड़ खोदने के बजाय झूठ और मूर्खताओं का पहाड़ खोदा जाए। AI का इस्तेमाल करके विद्यार्थी बिना समझे उत्तर लिखे, पत्रकार बिना पढ़े सामग्री बनाए, अफसर बिना सोचे नोट तैयार करे और राजनीतिक दल बिना घटना के घटना का दृश्य बना दें तो तकनीक productivity तो बढ़ाती है—लेकिन किस चीज की?

यही शब्द पकड़ने वाला है—मूर्खता की उत्पादकता।

एक मूर्ख पहले दिन में दस लोगों तक अपनी मूर्खता पहुंचाता था। सोशल मीडिया ने उसे दस हजार तक पहुंचाया। AI उसे दस मिनट में दस भाषाओं, सौ तस्वीरों और हजार वीडियो संस्करणों में पहुंचा सकता है। इस अर्थ में AI बुद्धिमत्ता का multiplier ही नहीं है। वह मनुष्य के भीतर जो पहले से मौजूद है, उसका multiplier है।

ज्ञान दीजिए तो ज्ञान की उत्पादकता बढ़ाएगा। विज्ञान दीजिए तो खोज की। व्यापार दीजिए तो दक्षता की। और झूठ दीजिए तो झूठ की। इसीलिए भारत के लिए असली प्रश्न यह नहीं है कि कितने करोड़ लोग AI इस्तेमाल करते हैं। सवाल है कि वे AI से क्या बना रहे हैं—ज्ञान या कंटेंट? शोध या सारांश?

तकनीक या प्रस्तुति? उत्पाद या प्रचार? सत्य खोजने का औजार या synthetic reality? पहली डिजिटल क्रांति में भारत ने दुनिया को अपना दिमाग किराए पर दिया था। AI की दूसरी क्रांति में खतरा है कि कहीं हम अपना दिमाग ही किराए पर न दे दें।

तब देश और समाज दोयम दर्जे का इसलिए नहीं होगा कि उसके पास AI नहीं था। बल्कि इसलिए कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली ज्ञान-औजार को हाथ में लेकर भी उसने अपनी बुद्धि, विवेक, कौशल और सत्य खोजने की क्षमता विकसित नहीं की।

बीन दुनिया की सबसे आधुनिक होगी। गधे भी अपने को संपेरा समझ विश्वगुरुता बघारते हुए होंगे।

घूमने का बना रहे हैं प्लान? IndiGo घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट पर दे रहा बड़ा ऑफर, जानें पूरी डिटेल

अगर आप कहीं पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। इंडिगो ने यात्रियों के लिए ‘ग्रेट कनेक्शन्स सेल’ ऑफर शुरू किया है। इस ऑफर के तहत लोगों को घरेलू (डोमेस्टिक) और अंतरराष्ट्रीय (इंटरनेशनल) रूट्स की कनेक्टिंग फ्लाइट्स की कीमत पर तगड़ा ऑफर मिलने वाला है। वहीं इंडिगो का ये ऑफर कम ही समय के लिए है। आप इस सेल का लाभ 17 सितंबर 2026 तक ही उठा सकते हैं। वहीं ऑफर के तहत 18 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक की यात्रा के लिए टिकट बुक किए जा सकेंगे। आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ

कितने किराए में होगा सफर

इंडिगो एयरलाइन का ये ऑफर केवल कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर ही लागू होगा। इंडिगो की इस सेल में घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट का एक तरफ का किराया 3,999 रुपये और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया 8,999 रुपये से शुरू होगा। इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को फ्लाइट रवाना होने से कम से कम तीन दिन पहले टिकट बुक करनी होगी। एयरलाइन के मुताबिक, इस सेल का उद्देश्य यात्रियों को कनेक्टिंग और एक से ज्यादा शहरों की यात्रा कम खर्च में करने का मौका देना है।

इन सेवाओं पर भी मिलेगी छुट

इंडिगो की सेल में यात्रियों को कुछ अतिरिक्त सेवाएं भी कम कीमत पर मिलेंगी। इंडिगो स्विच की कीमत 199 रुपये से शुरू होगी, जबकि सीधे इंडिगो से टिकट बुक करने पर 6ई फेयर होल्ड की सुविधा 49 रुपये से मिल सकेगी। वहीं, फास्ट फॉरवर्ड की सुविधा इंडिगो के ट्रैवल पार्टनर्स समेत सभी बुकिंग चैनल पर 299 रुपये से उपलब्ध होगी। कस्टमर टिकट और इन सेवाओं की बुकिंग इंडिगो की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, 6ईस्काई, व्हाट्सऐप या चुने हुए ट्रैवल पार्टनर्स के जरिए कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

ये बात ध्यान देने वाली है कि 3,999 रुपये और 8,999 रुपये का शुरुआती किराया हर फ्लाइट में नहीं मिलेगा। कम किराए वाली सीटें सीमित हैं और टिकट की कीमत यात्रा के रूट, तारीख और सीटों की उपलब्धता के हिसाब से बदल सकती है। इसलिए कम कीमत में टिकट पाने के लिए जल्द बुकिंग करना बेहतर रहेगा। इंडिगो के मुताबिक, एयरलाइन के पास 430 से ज्यादा विमानों का बेड़ा है। कंपनी हर दिन करीब 2,200 उड़ानें संचालित करती है। इन फ्लाइट्स के जरिए देश के 95 से ज्यादा शहरों के साथ-साथ 40 अंतरराष्ट्रीय जगहों को भी जोड़ा जाता है।

World’s 10 Richest Person: एलन मस्क से लेकर मार्क जुकरबर्ग तक…ये हैं दुनिया के 10 सबसे अमीर लोग, जानें किसके पास है कितनी संपत्ति

World’s 10 Richest Person: दुनिया के सबसे अमीर लोगों में कौन-कौन शामिल है इसकी लिस्ट आ गई है। इस महीने अरबपतियों की लिस्ट में बड़ा बदलाव हुआ है। अगस्त 2026 के दौरान दुनिया के सबसे अमीर लोगों की संपत्ति में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। फोर्ब्स की 1 सितंबर 2026 तक की सूची के मुताबिक दुनिया के टॉप 10 अरबपतियों की कुल संपत्ति करीब 2.8 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई। वहीं दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में एलन मस्क टॉप पर है। वहीं जेफ बेजोस, अमानसियो ऑर्टेगा ने टॉप-10 में जगह बना ली है। इस लिस्ट में टेक और बिजनेस की दुनिया के कई बड़े नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में मार्क जुकरबर्ग, जेफ बेजोस, स्टीव बाल्मर और अमानसियो ऑर्टेगा किस स्थान पर है।

1- एलन मस्क

फोर्ब्स की 1 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 892 अरब डॉलर आंकी गई है। अगस्त के दौरान स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में तेजी का सीधा फायदा उनकी संपत्ति पर पड़ा। इस दौरान उनकी नेट वर्थ में करीब 202 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले जून में मस्क कुछ समय के लिए दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर भी बने थे।

2- लैरी पेज

फोर्ब्स की सूची में गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज 277 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वहीं अगस्त के दौरान उनकी संपत्ति में करीब 15 अरब डॉलर की कमी आई। इस वजह से वह उस महीने टॉप-10 अरबपतियों में सबसे ज्यादा संपत्ति गंवाने वाले व्यक्ति रहे। लैरी पेज ने 1998 में सर्गेई ब्रिन के साथ मिलकर गूगल की शुरुआत की थी।

3- जेफ बेजोस

अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस फोर्ब्स की सूची में 268 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। अगस्त के महीने में उनकी कुल संपत्ति में करीब 10 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले जुलाई में बेजोस ने सर्गेई ब्रिन को पीछे छोड़ते हुए अमीरों की सूची में तीसरा स्थान हासिल किया था।

4- सर्गेई ब्रिन

गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में चौथे स्थान पर हैं। फोर्ब्स के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति करीब 256 अरब डॉलर है, जो पिछले महीने की तुलना में 13 अरब डॉलर कम हुई है। ब्रिन ने 1998 में लैरी पेज के साथ मिलकर गूगल की शुरुआत की थी। वह अभी भी अल्फाबेट के बोर्ड में शामिल हैं और कंपनी के प्रमुख शेयरहोल्डर में से एक हैं।

5- माइकल डेल

फोर्ब्स की अमीरों की सूची में डेल टेक्नोलॉजीज के प्रमुख माइकल डेल पांचवें स्थान पर हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 241 अरब डॉलर है और अगस्त के दौरान इसमें लगभग 12 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। कॉलेज के दिनों में ही कारोबार शुरू करने के बाद माइकल डेल ने अपने आज डेल टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन और सीईओ के तौर पर कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं।

6- मार्क जुकरबर्ग

मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में छठे स्थान पर हैं। फोर्ब्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 197 अरब डॉलर है, जो पिछले महीने के मुकाबले 6 अरब डॉलर अधिक है। जुकरबर्ग ने 2004 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान फेसबुक की शुरुआत की थी। समय के साथ कंपनी ने अपना नाम बदलकर मेटा कर लिया और इंस्टाग्राम व व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म भी इसके कारोबार का हिस्सा बने।

7- लैरी एलिसन

ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन फोर्ब्स की अमीरों की सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 193 अरब डॉलर है। अगस्त के दौरान उनकी संपत्ति में लगभग 25 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई, जो टॉप-10 अरबपतियों में दूसरी सबसे बड़ी बढ़त रही। एलिसन ने 1977 में ओरेकल की शुरुआत में अहम भूमिका निभाई थी।

8- जेन्सेन हुआंग

एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में आठवें पायदान पर हैं। फोर्ब्स के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति करीब 191 अरब डॉलर है, जिसमें अगस्त के दौरान 17 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। हुआंग ने 1993 में एनवीडिया की स्थापना की थी और लंबे समय से कंपनी के सीईओ और प्रेसिडेंट के रूप में इसकी कमान संभाल रहे हैं।

9-स्टीव बाल्मर

माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ स्टीव बाल्मर दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में नौवें स्थान पर पहुंच गए हैं। फोर्ब्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 155 अरब डॉलर है और अगस्त में इसमें 10 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इस बढ़त के साथ बाल्मर 11वें स्थान से ऊपर उठकर टॉप-10 में शामिल हो गए। कारोबार के अलावा वह NBA टीम लॉस एंजिल्स क्लिपर्स के मालिक भी हैं।

10-अमानसियो ओर्टेगा

स्पेन के कारोबारी अमानसियो ओर्टेगा ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में टॉप-10 में जगह बना ली है। फोर्ब्स के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति करीब 148 अरब डॉलर है, जिसमें अगस्त के दौरान 5 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। संपत्ति बढ़ने के साथ ऑर्टेगा 12वें पायदान से सीधे 10वें स्थान पर पहुंच गए और उन्होंने बर्नार्ड अर्नाल्ट को पीछे छोड़ दिया। ऑर्टेगा फैशन ब्रांड जारा की पैरेंट कंपनी इंडिटेक्स के सह-संस्थापक हैं।

रेलवे का नया डिजिटल अंदाज! स्टेशन नहीं अब मोबाइल पर देखें रेलवे की रील, जानकारी मिलेगी चंद सेकंडों में

रेलवे ने पैसेंजर तक स्पेशल ट्रेनों की जानकारी पहुंचाने का नया तरीका अपनाया है। अब ट्रेन की तारीख, समय, रूट और स्टॉपेज जैसी जरूरी डिटेल सोशल मीडिया पर शेयर की जाने वाली छोटी रील्स में देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि इन वीडियो में सफर से जुड़ी खास जगहों की झलक भी दिखाई जाती है, जिससे पैसेंजर को जानकारी के साथ अपनी ट्रिप की तैयारी करने में भी आसानी होती है।

train update pos

चंद सेकेंड्स में ट्रेन की पूरी डिटेल्स

स्पेशल ट्रेनों को लेकर बनाई जा रही रील्स में ट्रेन के ऑपरेशन की तारीख, समय और प्रमुख स्टेशनों की इनफार्मेशन दी जाती है। पैसेंजर वीडियो देखकर जल्दी समझ सकते हैं कि ट्रेन कब और कहां से चलेगी। इससे उन्हें लंबी जानकारी पढ़ने या अलग-अलग जगहों पर ट्रेन की डिटेल ढूंढने में ज्यादा समय नहीं लगाना पड़ेगा।

 

मशहूर टूरिस्ट स्पॉट्स की झलकियां

इन रील्स को सिर्फ ट्रेन की जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया है। वीडियो में ट्रेन के रास्ते में आने वाले प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों की फोटो और छोटे वीडियो भी शामिल किए जाते हैं। इससे पैसेंजर को रूट का अंदाजा लगाने के साथ यह भी पता चलता है कि सफर के दौरान कौन-कौन सी खास जगहें रास्ते में पड़ सकती हैं।

 

फेसबुक और व्हाट्सऐप से कनेक्शन

रेलवे की ये रील्स फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और व्हाट्सऐप ग्रुपों जैसे कई प्लेटफॉर्म पर शेयर की जा रही हैं। सोशल मीडिया पर मौजूद पैसेंजर तक जानकारी सीधे उनके मोबाइल पर पहुंच जाती है। छोटी वीडियो होने की वजह से इसे देखना और जरूरी जानकारी समझना भी आसान रहता है।

 

इनफार्मेशन के साथ एंटरटेनमेंट भी

रेलवे के पीआर प्रोफेशनल्स इन रील्स को पैसेंजर की पसंद और सोशल मीडिया के मौजूदा ट्रेंड को ध्यान में रखकर तैयार करते हैं। वीडियो को अट्रैक्टिव बनाने के लिए ट्रेंडिंग म्यूजिक और आसान विजुअल्स का इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के तौर पर कानपुर से प्रयागराज होते हुए बेंगलुरु जाने वाली स्पेशल ट्रेन 04132-31 के लिए करीब 38 सेकेंड की रील तैयार की गई है।

रील्स से जानें पसंदीदा स्पेशल ट्रेन

सोशल मीडिया रील्स से सिर्फ नई स्पेशल ट्रेनों की इनफार्मेशन ही नहीं, बल्कि ट्रेन में हुए चेंज और रूट की इनफार्मेशन भी पैसेंजर तक पहुंचाई जा रही है। उदाहरण के लिए प्रयागराज से दादरी के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन को नारायणपुर बाजार तक बढ़ाया गया है।

 

रेलवे का यह तरीका बदलते समय के साथ पैसेंजर की जरूरतों को समझने की एक अच्छी कोशिश है। आज जब लोग मोबाइल पर कम समय में जानकारी पाना चाहते हैं, ऐसे में आसान तरीके से दी गई जानकारी ज्यादा असरदार हो सकती है। इस तरह की पहल से रेलवे और पैसेंजर के बीच कम्युनिकेशन भी आसान होगा और जरूरी अपडेट लोगों तक पहुंचाने का तरीका और बेहतर बन सकता है।

Nepal-China Border Floods: नेपाल-चीन बॉर्डर पर अचानक आई बाढ़ में अब तक 160 लोगों की मौत, 133 भारतीय समेत 750 से अधिक लापता

Nepal-China Border Floods Update: तिब्बत की सीमा के पास मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार (27 अगस्त) सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। अचानक आई बाढ़ में करीब 160 लोगों की मौत हो गई तथा 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई। कई महत्वपूर्ण पुल बह गए। कम से कम एक दर्जन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट तबाह हो गईं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया। उसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से हिमनद फटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी।

अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित लेंडे नदी में पानी बढ़ने और चट्टानें खिसकने के कारण रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में भोटे कोशी के जरिए त्रिशूली नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इसके बाद बाढ़ का पानी नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों में फैल गया तथा राजधानी काठमांडू से लगभग 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।

500 लोग लापता

नेपाल सरकार ने कहा कि करीब 500 लोग लापता हैं। जबकि चीन के सरकारी सीजीटीएन न्यूज चैनल ने बताया कि सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई और 265 लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों के वीडियो में कीचड़, चट्टानों और मलबे से भरा पानी तेज रफ्तार से सीमावर्ती क्षेत्र में बहता दिखाई दिया। तेज बहाव को इमारतों और वाहनों की ओर बढ़ते देख लोग भागते नजर आए।

सामने आए खौफनाक वीडियो

एक वीडियो में चार मंजिला इमारत को तेज बहाव में बहते देखा गया। जबकि एक अन्य वीडियो में रसुवा में एक कार बाढ़ के तेज पानी में बहती नजर आई। एक और वीडियो में पानी के जबरदस्त दबाव से एक लंबा पुल दो हिस्सों में टूटता दिखाई दिया। एक अन्य वीडियो में तेज बहाव के कारण पुल ढहते और बहते नजर आए। धादिंग जिले के एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक पुल से टकराया, जिसके बाद वह ढहकर बह गया। एक अन्य वीडियो में कीचड़ भरा पानी तेजी से एक पुल को अपनी चपेट में लेता और करीब 30 सेकंड में उसे बहाकर ले जाता नजर आया।

133 भारतीय लापता

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 100 लोगों को बचाया गया है। इनमें से 30 लोगों का इलाज काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि लापता हुए करीब 500 लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं। इनमें से कम से कम 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं। गैर-लाभकारी संस्था ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य लापता हैं, जो एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं। बाद में नेपाल सरकार ने कहा कि इस आव्रजन केंद्र के कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

तमिलनाडु के अधिकारियों ने बताया कि लापता 37 पर्यटक तंजावुर के रहने वाले हैं। भारतीयों और अप्रवासी भारतीयों के अलावा लापता हुए बाकी पर्यटक दो दर्जन से ज्यादा देशों से हैं, जिनमें अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड शामिल हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने प्रतिनिधि सभा को बताया कि अलग-अलग जगहों पर 80 सुरक्षाकर्मी लापता हो गए हैं, जिनमें नेपाल सेना के 44 जवान भी शामिल हैं।

भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से फोन पर बात की। उन्हें हालात से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय मदद का भरोसा दिलाया। नई दिल्ली ने पड़ोसी देश को राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी है। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए।

X पर एक पोस्ट में कहा गया है कि लोग +977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास ने X पर एक और पोस्ट में कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के शीघ्र बचाव और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए वह नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। साथ ही, नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बचाव और राहत कार्यों को और मजबूत किया जा रहा है।

टोल-फ्री नंबर जारी

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री आपातकालीन नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और पर्यटक पुलिस का नंबर 9851289445 जारी किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी हेल्पलाइन नंबर 0086 185 1428 4905 जारी किया है, जिस पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश और केरलम समेत कई अन्य भारतीय राज्यों ने भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि नेपाल में फंसे लोगों में उनके राज्य के निवासी भी हो सकते हैं।

19 पुल बह गए

‘काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से नुवाकोट के बेत्रावती को रसुवा के रसुवागढ़ी सीमा चौकी से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क बह गई। सरकार ने बाद में बताया कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ में 19 पुल बह गए। हालात का जायजा लेने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री शाह की अध्यक्षता में हुई एक आपात बैठक के बाद प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया।

खोज और बचाव अभियान जारी

सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शाह ने जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। साथ ही इन दुखद घटनाओं में घायल हुए लोगों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर जरूरी मदद देने का निर्देश दिया। नेपाल सेना ने अचानक आई बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए।

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नेपाल सेना के एक बयान के अनुसार, रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से छह, मैलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को बचाया गया। बयान में कहा गया कि आपात चिकित्सा बचाव दल से लैस सेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है। प्रधानमंत्री शाह ने बाढ़ प्रभावित देश में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए हरसंभव मानवीय सहायता की पेशकश करने और एकजुटता व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का देर शाम आभार व्यक्त किया।

ठाणे के पति-पत्नी से शेयर बाजार के नाम पर ₹20.31 लाख की ठगी, जानें कैसे बिछाया गया जाल

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उसे अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस के अनुसार, 42 वर्षीय व्यक्ति को निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का झांसा दिया गया था। इसके बाद साइबर ठगों ने उससे करीब 20.31 लाख रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

कैसे हुआ धोखाधड़ी

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ठाणे के इस व्यक्ति ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे सुरक्षित करने के इरादे से शेयर बाजार में निवेश करने का फैसला किया था। इसी दौरान उसने ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले एक लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया और उसके साथ धोखाधड़ी हो गई। इसके बाद ठगों ने व्यक्ति को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया और निवेश के लिए एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पीड़ित और उसकी पत्नी ने 15 मई से 30 जुलाई के बीच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 20,31,047 रुपये आरोपियों को भेज दिए।

कब पता चला ठगी के बारे में

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को जब निवेश पर वादा किया गया मुनाफा नहीं मिला और अपनी लगाई हुई रकम भी वापस नहीं मिली, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने पहले साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और फिर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान

ये मामला ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के एक आम तरीके को दिखाता है। ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में कम समय में ज्यादा मुनाफा देने का लालच देते हैं और फिर उन्हें फर्जी निवेश ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। पुलिस ने लोगों को ऐसे अनजान लिंक से सावधान रहने और ज्यादा रिटर्न के लालच में पैसे निवेश न करने की सलाह दी है।

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