LPG Rate 11 August 2026: आज कितने रुपये का मिल रहा गैस सिलेंडर? देखें दिल्ली से पटना तक के नए रेट

LPG Rate Today 11 August 2026: भारत में आज यानी 11 अगस्त को भी 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, 19 किलो वाले कमर्शियलो सिलेंडर की कीमतों में दो महीने में दो बार बदलाव किया जा चुका है। जिसका फायदा होटल, रेस्तरां और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को मिला है। ऐसे में अगर आप आज सिलेंडर बुक कराने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले आपकों अपने शहर का रेट जरूर जाने लेना चाहिए

चेक करें शहर अनुसार, घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट- 

शहरघरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम)कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम)
दिल्ली₹942.00 रुपए₹2,738.00 रुपए
कोलकाता₹968.00 रुपए₹2,872.50 रुपए
मुंबई₹941.50 रुपए₹2,691.50 रुपए
चेन्नई₹957.50 रुपए₹2,906.00 रुपए
गुड़गांव₹950.50 रुपए₹2,755.00 रुपए
नोएडा₹939.50 रुपए₹2,738.00 रुपए
बेंगलुरू₹944.50 रुपए₹2,821.00 रुपए
भुवनेश्वर₹968.00 रुपए₹2,908.00 रुपए
चंडीगढ़₹951.50 रुपए₹2,760.00 रुपए
हैदराबाद₹994.00 रुपए₹2,985.00 रुपए
जयपुर₹945.50 रुपए₹2,765.50 रुपए
लखनऊ₹979.50 रुपए₹2,860.50 रुपए
पटना₹1,031.50 रुपए₹3,018.00 रुपए

गैस सिलेंडर कैसे करें बुक?

गैस सिलेंडर बुक कराने के लिए आपकों रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मिस्ड कॉल, व्हाट्सएप या कॉल करना होगा। इसके अलावा, आप सिलेंडर बुक कराने के लिए UPI एप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इंडेन गैसे के उपभोक्ता 7718955555 पर SMS भेजकर सिलेंडर रिफिल बुक कर सकते हैं।

SMS भेजने के लिए सबसे पहले 16 डिजिट का अपना कंज्‍यूमर नंबर लिखिए। इसके बाद स्‍पेस देते हुए जगह और फिर आधार कार्ड के आखिरी चार नंबर डालिए। फिर इस मैसेज को Send बटन पर क्लिक करके भेज दीजिए। इसके अलावा अपने रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर से 8454955555 मिस्ड कॉल करके भी बुकिंग कर सकते हैं।

बुकिंग न हो तो कैसे करें शिकायत?

अगर इंडेन गैस की बुकिंग या सिलेंडर की डिलीवरी को लेकर किसी तरह की परेशानी आ रही है, तो ग्राहक इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए 1800 2333 555 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करना होगा। खास बात यह है कि यह ग्राहक सेवा नंबर 24 घंटे उपलब्ध रहता है।

16 अगस्त तक करें e-KYC?

16 अगस्त को गैस सिलेंडर की e-KYC कराने का लास्ट डेट है। इस डेडलाइन के बाद जिन खातों का e-KYC पूरा नहीं होगा, उन्हें 300 रुपए तक मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। फिर आपको मार्केट रेट पर ही गैस सिलेंडर खरीदना पड़ेगा।

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Bank Holidays: इस हफ्ते 2 दिन बंद रहेंगे बैंक! ब्रांच जाने से पहले चेक कर लें RBI की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays This Week: अगर इस हफ्ते आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो घर से निकलने से पहले आरबीआई (RBI) की हॉलिडे लिस्ट जरूर चेक कर लें। इस हफ्ते सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB देश के अलग-अलग हिस्सों में 2 दिन तक बंद रहने वाले हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, इस सप्ताह स्वतंत्रता दिवस और क्षेत्रीय त्योहारों के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।

इस हफ्ते कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

इस हफ्ते देश के अलग-अलग राज्यों में बैंक 4 से 5 दिन ही खुले रहेंगे:

13 अगस्त (गुरुवार)– देशभक्त दिवस (Patriots’ Day): 1891 के एंग्लो-मणिपुर युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मणिपुर राज्य में 13 अगस्त को सभी बैंक बंद रहेंगे।

15 अगस्त (शनिवार)– स्वतंत्रता दिवस व पारसी नववर्ष: 15 अगस्त को देश का राष्ट्रीय पर्व ‘स्वतंत्रता दिवस’ है। राष्ट्रीय अवकाश होने के कारण इस दिन पूरे भारत में सरकारी व प्राइवेट बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। इसी दिन पारसी नववर्ष (शहंशाही) भी मनाया जाएगा।

16 अगस्त को रविवार होने के कारण देशभर के बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

अगस्त महीने में आगे कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

15 अगस्त के अलावा, इस महीने में आगे भी कई त्योहारों और वीकेंड्स के कारण बैंकों में छुट्टियां रहने वाली हैं:

19 अगस्त (बुधवार): महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की जयंती पर केवल त्रिपुरा में बैंक बंद रहेंगे।

25 अगस्त (मंगलवार): मिलाद-उन-नबी, पहला ओणम और मिलाद-इ-शरीफ के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अगस्त (बुधवार): ईद-ए-मिलाद, बारहवफात और तिरुवोनम के अवसर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, एमपी, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और केरल में बैंक बंद रहेंगे।

28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, केरल और हिमाचल प्रदेश में बैंकों में अवकाश रहेगा।

आगामी वीकेंड हॉलिडे

  • 16 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)
  • 22 अगस्त: चौथा शनिवार
  • 23 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)
  • 30 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)

छुट्टियों में भी चालू रहेंगी ये ऑनलाइन सेवाएं

बैंकों में छुट्टी होने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का फायदा मिलता रहेगा। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई (UPI) सेवाएं और एटीएम (ATM) 24×7 चालू रहेंगे। आप Google Pay, PhonePe, Paytm या नेट बैंकिंग के जरिए बिना किसी रुकावट के पैसों का लेनदेन कर सकते हैं। ब्रांच से जुड़े काम चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट या कैश जमा/निकासी जैसी सेवाओं के लिए आपको बैंक खुलने का इंतजार करना होगा।

UPI : क्या यूपीआई से पेमेंट करना अब महंगा हो जाएगा? जानें अपने हर सवाल का जवाब

यूपीआई पेमेंट से जुड़ी कई खबरें आपने देखी होगी। इसकी वजह इससे जुड़े नियमों में कुछ बदलाव है। इन खबरों को देख पेमेंट के लिए रोजाना यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले कुछ लोग चिंतित हैं। उन्हें लगता है कि यूपीआई से पेमेंट करना अब महंगा हो जाएगा। क्या सच में ऐसा होने जा रहा है? आइए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए पेमेंट की सुविधा पूरी तरह से फ्री रहेगी। पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने 7 अगस्त को यह साफ कर दिया था। उसने कहा था कि यूपीआई कंज्यूमर्स के लिए फ्री बना बना रहेगा। साथ ही छोटे दुकानदारों को भी यूपीआई से से पेमेंट लेने पर कोई फीस नहीं चुकानी होगी।

अब सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले यूपीआई पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe के सीईओ समीर निगम ने भी यह बात साफ कर दी है। उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया ऐप X पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि यूपीआई पेमेंट्स कंज्यूमर्स के लिए फ्री बना रहेगा। दरअसल, लोकसभा में नया टैक्स अमेंडमेंट बिल पारित होने के बाद इस बारे में कनफ्यूजन बढ़ा है।

कुछ खास यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का प्रस्ताव है। इससे कंज्यूमर्स के बीच कनफ्यूजन बढ़ा है। कई कंज्यूमर्स को लगता है कि उब यूपीआई से पेमेंट करने पर उन्हें फीस चुकानी होगी। हालांकि, पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है। उसने कहा है कि अगर कहीं मर्चेंट सर्विस चार्ज लगता है तो यह मर्चेंट्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच का अरेंजमेंट है। इसका मतलब यह नहीं है कि कंज्यूमर्स को डिजिटल पेमेंट के लिए कोई चार्ज देना होगा।

PCI ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई चार्ज लगने वाला होगा तो उसका पेमेंट कमर्शियल अरेंजमेंट के तहत मर्चेंट को करना होगा। यह चार्ज कंज्यूमर्स यानी यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले आम आदमी से नहीं लिया जाएगा। दरअसल, टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 के तहत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के कुछ खास तरीकों पर एमडीआर लगाने का अधिकार सरकार को मिल गया है।

इस बिल के तहत 2,000 रुपये के कुछ खास बिजनेस-डायरेक्टेड यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर 0.25 से 0.4 फीसदी चार्ज लगाने का प्रस्ताव है। लेकिन, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होने वाला पेमेंट इस लेवी के दायरे में नहीं आएगा। इसका मतलब है कि प्रस्तावित फ्रेमवर्क कुछ ट्रांजेक्शंस के लिए मर्चेंट या बिजनेसेज के लिए है।

मर्चें डिस्काउंट रेट (MDR) एक तरह की फीस है, जो डिजिटल पेमेंट से जुड़ी है। आम तौर पर यह फीस मर्चेंट उन कंपनियों को चुकाता है जो ट्रांजेक्शन की प्रोसेसिंग में शामिल होती हैं। जहां तक यूपीआई की बात है तो अभी तक ज्यादातर ट्रांजेक्शंस बगैर एमडीआर के होते रहे हैं। इसका मतलब है कि इनमें मर्चेंट्स को कोई फीस नहीं चुकानी पड़ी है। इस ईकोसिस्टम पर आने वाले खर्च का बोझ बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और दूसरे पार्टिसिपेंट्स उठाते आ रहे हैं।

क्या UPI पेमेंट पर आपको देना होगा चार्ज और कटेगा आपका पैसा? करोड़ों यूजर्स के लिए Payments Council of India ने दिया बड़ा अपडेट

UPI Payment Update: देश में डिजिटल पेमेंट का आधार बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा? इस पूरे विवाद और चर्चाओं के बीच पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक डिटेल्ड Q&A शेयर कर कई जरूरी चीजों पर स्थिति साफ की है। हमारे सहयोगी सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक PCI और केंद्र सरकार दोनों ने साफ कर दिया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए UPI पेमेंट पूरी तरह से मुफ्त है और रहेगा। इस पूरी बहस का मुख्य केंद्र उपभोक्ता नहीं बल्कि भारत के इस विशाल डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को चलाने पर आने वाली लागत है।

आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों के लिए UPI रहेगा बिल्कुल फ्री

पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के मुताबिक UPI के इस्तेमाल और UPI पेमेंट्स स्वीकार करने के बीच के फर्क को समझना जरूरी है। 2016 में अपनी शुरुआत से लेकर अब तक आम यूजर्स के लिए UPI पूरी तरह से फ्री रहा है। कस्टमर बिना किसी ट्रांजैक्शन चार्ज के एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में तुरंत पैसे भेज सकते हैं। किराना दुकानों सहित देश के छोटे व्यापारियों के लिए भी UPI पेमेंट स्वीकार करने पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं लगता है। भारत के सबसे छोटे व्यवसायों तक डिजिटल भुगतान को सुलभ बनाए रखना इस प्लेटफॉर्म के विस्तार का मुख्य आधार रहा है।

फ्री होने के बावजूद क्यों उठ रहे हैं फंडिंग और लागत से जुड़े सवाल?

अगर ग्राहकों और छोटे व्यापारियों से कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा है, तो फिर UPI पर खर्च कौन उठा रहा है? PCI ने स्पष्ट किया है कि भले ही यह सेवा यूजर्स के लिए मुफ्त है लेकिन इसका इंफ्रास्ट्रक्चर मुफ्त में काम नहीं करता। UPI इकोसिस्टम को चलाने के लिए टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की रोकथाम, कंप्लायंस, कस्टमर सपोर्ट और इनोवेशन में लगातार इन्वेस्टमेंट की जरूरत होती है। पिछले लगभग एक दशक में बैंकों, पेमेंट कंपनियों, फिनटेक फर्मों, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मिलकर इस नेटवर्क को बनाने और इसे बनाए रखने में भारी निवेश किया है। PCI के मुताबिक यह बहस किसी यूजर के रोजमर्रा के ट्रांजैक्शन पर फीस लगाने के बारे में नहीं है बल्कि ट्रांजैक्शन वॉल्यूम बढ़ने के साथ पेमेंट सिस्टम के सस्टेनेबल फंडिंग को लेकर है।

मर्चेंट सर्विस चार्ज को लेकर क्या है स्थिति?

सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, मर्चेंट सर्विस चार्ज (जहां लागू हो) व्यापारियों और उनके पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच की वाणिज्यिक व्यवस्था होती है। ऐसे किसी भी शुल्क का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आम ग्राहकों को UPI का इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने पड़ेंगे। UPI अब सिर्फ एक पेमेंट ऑप्शन नहीं रह गया है बल्कि यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इसका इस्तेमाल करोड़ों आम लोग और बिजनेस कर रहे हैं। 24×7 सुरक्षित, मजबूत और बिना किसी बाधा के सर्विस देने के लिए साइबर सुरक्षा और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन पर लगातार फंडिंग की जरूरत होती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का स्पष्टीकरण और संसद का नया विधेयक

UPI पर MDR और चार्जेस को लेकर हाल ही में उठी आशंकाओं पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अगर कभी MDR पेश किया भी जाता है तो वह मर्चेंट्स (व्यापारियों) पर लागू होगा, ग्राहकों पर नहीं। यह स्पष्टीकरण टैक्सेशन और दूसरे कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के बाद पैदा हुई चिंताओं के जवाब में आया है। हालांकि इस विधेयक के तहत UPI ट्रांजैक्शन पर कोई MDR या नई फीस लागू नहीं की गई है। यह बिल सिर्फ एक कानूनी ढांचा तैयार करता है, जो सरकार को भविष्य की अधिसूचनाओं के माध्यम से मौजूदा जीरो-MDR व्यवस्था में संशोधन करने का अधिकार देता है।

MDR क्या होता है और आगे क्या होगा?

MDR वह शुल्क होता है जो पेमेंट लेने वाला व्यापारी देता है, न कि पेमेंट करने वाला ग्राहक। आमतौर पर यह शुल्क ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने वाले अधिग्रहणकर्ता बैंक, जारीकर्ता बैंक, पेमेंट नेटवर्क और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच बांटा जाता है। बैंकों और पेमेंट कंपनियों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और सिस्टम अपग्रेडेशन के बढ़ते खर्चों पर चिंता जताई है। वित्त मंत्री ने जानकारी दी है कि संसद द्वारा विधेयक पारित किए जाने के बाद ही NPCI की अध्यक्षता वाली UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी इस मुद्दे की समीक्षा करेगी। फिलहाल आम UPI यूजर्स के लिए कोई बदलाव नहीं हुआ है और जीरो-कॉस्ट पेमेंट की मौजूदा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

RVUNL recruitment 2026: राजस्थान में बिजली विभाग ने निकाली बंपर भर्ती, जानें आवेदन की लास्ट डेट और योग्यता संबंधी सभी डिटेल

RVUNL recruitment 2026: राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) ने अपनी 4 सहयोग सरकारी बिजली कंपनियों के साथ मिलकर 2,005 पदों को भरने के लिए अपने साझा भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 5 अगस्त से 25 अगस्त, 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस भर्ती में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL), राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPN), जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVN), अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVN) और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JdVVN) के पद शामिल हैं। आरवीयूएनएल भर्ती 2026 के लिए 4 अगस्त, 2026 को जारी विज्ञापन संख्या RVUN/Rectt.-2026-27/02 और RVUN/Rectt.-2026-27/03 के तहत जूनियर इंजीनियर-I, जूनियर अकाउंटेंट और जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II पोस्ट के लिए पद उपलब्ध हैं।

आरवीयूएनएल भर्ती 2026: पोस्ट के हिसाब से वैकेंसी

जूनियर असिस्टेंट / कमर्शियल असिस्टेंट-II : सबसे ज्यादा 765 पद इस श्रेणी के लिए तय किए गए हैं।

जूनियर इंजीनियर-I : कुल 869 पद जूनियर इंजीनियर के लिए हैं, जिसमें इलेक्ट्रिकल के लिए 727,

मैकेनिकल के लिए 110 और सिविल इंजीनियरिंग के लिए 32 पद आवंटित हैं।

जूनियर अकाउंटेंट: कॉमर्स बैकग्राउंड वाले छात्रों के लिए कुल 371 पद सुरक्षित रखे गए हैं।

भर्ती के लिए जरूरी योग्यता

शैक्षणिक योग्यता : अलग-अलग पदों के लिए योग्यता निर्धारित है। जूनियर इंजीनियर संबंधित स्ट्रीम इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या सिविल में बी.ई. (B.E.), बी.टेक (B.Tech) की डिग्री अथवा डिप्लोमा होना अनिवार्य है। जूनियर अकाउंटेंट के लिए बी.कॉम, बीबीए, एम.कॉम या एमबीए डिग्री के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स जैसे RSCIT, CCC आदि होना चाहिए। जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट के पद के लिए 12वीं पास (10+2) या स्नातक के साथ मान्यता प्राप्त कंप्यूटर योग्यता जरूरी है।

उम्र सीमा : आरवीयूएनएल भर्ती 2026 के तहत पदों के लिए हिसाब से उम्र सीमा की अलग-अलग है। जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II और जूनियर अकाउंटेंट पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट की उम्र 18 से 43 साल के बीच होनी चाहिए। जूनियर इंजीनियर-I पोस्ट के लिए अप्लाई करने वालों की उम्र 21 से 43 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र की गिनती 1 जनवरी, 2027 के हिसाब से की जाएगी। योग्य उम्मीदवार लागू सरकारी नियमों के हिसाब से उम्र में छूट का दावा कर सकते हैं।

आवेदन शुल्क

सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार को 1,000 रुपये की आवेदन शुल्क देना होगा। SC, ST, BC, MBC, EWS, PwD और सहरिया श्रेणी के आवेदकों को 500 रुपये देने होंगे। आवेदन शुल्क का भुगतान कैंडिडेट डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI से कर सकते हैं।

चयन प्रक्रिया

  • कंप्यूटर बेस्ड रिटन एग्जाम
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  • मेडिकल एग्जाम

जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में सफल घोषित होंगे, वे चयन प्रक्रिया के अगले चरण में जाएंगे।

आवेदन कैसे करें

अभ्यथी राजस्थान बिजली विभाग या संबंधित विद्युत निगम भर्ती वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करना होगा, एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा, जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे, आवेदन शुल्क देना होगा और आखिरी तारीख से पहले फॉर्म जमा करना होगा। उन्हें भविष्य के रेफरेंस के लिए जमा किए गए एप्लीकेशन फॉर्म और पेमेंट रसीद की एक कॉपी भी रखनी चाहिए।

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‘UPI पेमेंट के लिए ग्राहकों पर कोई चार्ज नहीं लगेगा’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6 अगस्त को स्पष्ट किया कि अगर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होता है, तो इसका असर सिर्फ व्यापारियों (Merchants) पर होगा। आम UPI यूजर्स से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि MDR से बैंकों और फिनटेक कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सुरक्षा पर ज्यादा निवेश करने में मदद मिलेगी। इसका फायदा आखिरकार सभी UPI यूजर्स को मिलेगा।

अभी MDR पर अंतिम फैसला नहीं

निर्मला सीतारमण ने कहा कि UPI पर MDR लागू होगा या नहीं, इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यह फैसला UPI और NPCI की सर्विसेज स्टीरिंग कमेटी करेगी।

उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया तभी आगे बढ़ेगी, जब संसद टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पारित करेगी। इस बिल में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007 की धारा 10A में संशोधन का प्रस्ताव है।

कांग्रेस ने क्या कहा था?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया था कि नया विधेयक UPI ट्रांजैक्शन को फीस-मुक्त रखने वाली कानूनी गारंटी को खत्म कर देगा। उनके मुताबिक, इससे भविष्य में सभी तरह के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लगाने का रास्ता खुल सकता है और इसका बोझ आखिरकार ग्राहकों पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा था कि आम लोगों को भविष्य में UPI इस्तेमाल करने के लिए भी शुल्क देना पड़ सकता है।

वित्त मंत्री ने दावे को बताया गलत

निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के दावों को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों पर संसद के भीतर रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि गलतफहमियां फैलानी चाहिए। उनके मुताबिक, फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है जिससे UPI यूजर्स पर कोई शुल्क लगाया जाए।

RBI गवर्नर ने क्या कहा था

UPI पर MDR को लेकर बहस RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के हालिया बयान के बाद तेज हुई। इसमें  उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम को चलाने की एक लागत होती है और किसी न किसी को इसका बोझ उठाना होगा। हालांकि, उन्होंने साफ संकेत नहीं दिया था कि इसका बोझ कौन उठाएगा।

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iPhone 17 पर मिल रहा जबरदस्त डील, एक्सचेंज ऑफर के साथ ₹52,850 में खरीदें नया फोन, देखें फीचर्स

अगर आप Apple यजूर हैं और नया फोन खरीदने की सोच रहे हैं तो, आपके लिए खुशखबरी है। दरअसल, Flipkart पर iPhone 17 अभी एक्सचेंज और पेमेंट ऑफर के साथ काफी कम प्रभावी कीमत पर मिल रहा है। हालांकि, इसके 256GB वाले मॉडल की लिस्टेड कीमत ₹82,900 है, लेकिन योग्य खरीदार एक्सचेंज ऑफर और उपलब्ध डील्स का फायदा उठाकर इसकी प्रभावी कीमत को ₹52,850 तक कम कर सकते हैं।

कैसे iPhone 17 मिल रहा है ₹52,850 में?

लिस्टिंग के अनुसार, सबसे ज्यादा बचत Flipkart के एक्सचेंज प्रोग्राम से होती है। Apple iPhone 15 एक्सचेंज करने पर ग्राहकों को ₹30,000 तक का एक्सचेंज फायदा मिल सकता है, जिससे इसकी असल कीमत ₹82,900 से घटकर ₹52,900 हो जाती है। इसके अलावा, Flipkart ₹50 का Paytm UPI कैशबैक भी दे रहा है, जिससे फाइनल कीमत ₹52,850 हो जाती है।

हालांकि, एक्सचेंज की फाइनल वैल्यू पुराने स्मार्टफोन की कंडीशन, उम्र और काम करने की क्षमता पर निर्भर करती है। जिन डिवाइस की स्क्रीन टूटी हुई है या जिनमें हार्डवेयर की समस्या है, उनके लिए एक्सचेंज की रकम कम हो सकती है।

इसके अलावा, जो ग्राहक एक साथ पूरा भुगतान नहीं करना चाहते, उनके लिए Flipkart नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी दे रहा है। इसके तहत योग्य ग्राहक 12 महीने तक हर महीने ₹4,408 की EMI पर iPhone 17 खरीद सकते हैं।

Apple iPhone 17 के स्पेसिफिकेशन्स

स्पेसिफिकेश की बात करें तो, iPhone 17 में 6.3-इंच का OLED डिस्प्ले दिया गया है। यह स्मार्टफोन Apple के A19 चिपसेट पर चलता है। इसके अलावा, इस वेरिएंट में 256GB की ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलती है।

फोटोग्राफी के लिए, Apple ने इस स्मार्टफोन में 48MP + 48MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है, जबकि सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का फ्रंट कैमरा है।

बता दें कि यह हैंडसेट Apple के लेटेस्ट सॉफ्टवेयर पर चलता है और इसमें फोटोग्राफी, परफॉर्मेंस और रोजाना के कामों के लिए कई खास फीचर्स दिए गए हैं। इसके साथ ही Apple की एक साल की लिमिटेड वारंटी भी मिलती है।

क्या आपको इस डील पर विचार करना चाहिए?

जो यूजर्स iPhone 15 से iPhone 17 पर अपग्रेड करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह एक्सचेंज ऑफर फायदेमंद साबित हो सकता है। इसकी मदद से iPhone 17 की कीमत काफी कम हो जाती है और यह अपनी सामान्य बिक्री कीमत के मुकाबले ज्यादा किफायती नजर आता है।

हालांकि, ध्यान रखें कि सबसे ज्यादा एक्सचेंज वैल्यू तभी मिलेगी, जब आपका पुराना फोन अच्छी कंडीशन में हो और सभी जरूरी शर्तों को पूरा करता हो। फोन की स्क्रीन, बैटरी और डिवाइस की स्थिति के आधार पर एक्सचेंज कीमत कम या ज्यादा हो सकती है।

वहीं, खरीदारी पूरी करने से पहले Flipkart के चेकआउट पेज पर एक्सचेंज वैल्यू, बैंक ऑफर की पात्रता और EMI से जुड़ी शर्तों को जरूर चेक कर लें, क्योंकि ऐसे ऑफर्स समय के साथ बदलते रहते हैं।

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Gold Investment: क्या अभी सोना खरीदना चाहिए? मोतीलाल ओसवाल ने निवेशकों को दी खास सलाह

Gold Investment: हाल के वर्षों में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन अब निवेश की रणनीति बदलने की जरूरत हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) का कहना है कि तेजी के दौरान एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा।

ब्रोकरेज के मुताबिक, अब सोने की कीमतों पर सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव का असर नहीं पड़ता। अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरें और रियल यील्ड जैसे फैक्टर्स भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

MOFSL का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को एक बार में बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय अलग-अलग स्तर पर धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मौजूदा स्तर से सोने में 6% से 8% तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद अगले 12 से 15 महीनों में कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।

भारतीय निवेशकों के लिए ब्रोकरेज ने ₹1.30 लाख से ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को खरीदारी के लिए वाजिब माना है। वहीं, मीडियम टर्म में ₹1.68 लाख और उसके बाद ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम का लक्ष्य दिया है।

ब्याज दरों पर क्यों रखें नजर?

सोना नियमित आय नहीं देता, जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट या बॉन्ड देते हैं। इसलिए ब्याज दरों का सोने की कीमतों पर बड़ा असर पड़ता है।

जब रियल यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इससे सोने पर दबाव आ सकता है। वहीं, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद सोने की मांग बढ़ा सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी महंगाई, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर फैसले, ग्लोबल लिक्विडिटी, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ETF निवेश पर नजर रखनी चाहिए।

चांदी को लेकर क्या राय है?

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चांदी की चाल सोने से अलग होती है। इसकी वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक सेक्टर में भी होता है।

इसी कारण चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है। इस पर औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक स्थिति, निवेशकों की खरीदारी और ब्याज दरों का असर पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

ब्रोकरेज का मानना है कि सोना और चांदी लंबी अवधि में पोर्टफोलियो में विविधता लाने का अच्छा विकल्प बने रहेंगे। हालांकि, निवेशकों को छोटी अवधि की तेजी या गिरावट के पीछे भागने के बजाय अनुशासित तरीके से निवेश करना चाहिए। महंगाई, ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर रखना ज्यादा अहम होगा।

क्या UPI पेमेंट पर चार्ज देना होगा? आखिर पेमेंट सिस्टम का बोझ कौन उठाएगा, RBI गवर्नर ने समझाया

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क्या UPI पेमेंट पर चार्ज देना होगा? आखिर पेमेंट सिस्टम का बोझ कौन उठाएगा, RBI गवर्नर ने समझाया

UPI Payment Charge: क्या आने वाले समय में ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर चार्ज लग सकता है? इस सवाल पर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने साफ किया कि पेमेंट सिस्टम चलाने की लागत किसी न किसी को उठानी ही पड़ती है। अब यह सरकार उठाएगी, कारोबारी या किसी और पर इसका बोझ आएगा, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

क्या अभी UPI पर कोई चार्ज लगेगा?

अभी नहीं। सरकार ने ग्राहकों, दुकानदारों या किसी भी तरह के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई नया चार्ज लागू नहीं किया है। टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 में भी UPI पर MDR लगाने या ₹2,000 की सीमा तय करने का कोई प्रावधान नहीं है।

हालांकि, सरकारी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सरकार कारोबारियों को किए जाने वाले ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर 0.5% से कम MDR की अनुमति दे सकती है। फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।

MDR क्या होता है?

MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट प्रोसेस करने के बदले कारोबारी बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देता है। यह सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाता।

बिल में क्या बदलाव प्रस्तावित है?

अभी कानून के तहत UPI और RuPay डेबिट कार्ड जैसे कुछ डिजिटल पेमेंट मोड पर MDR नहीं लगाया जा सकता। नए बिल में सरकार को यह अधिकार देने का प्रस्ताव है कि वह तय करे किन डिजिटल पेमेंट माध्यमों पर जीरो-MDR जारी रहेगा और किन पर नहीं।

अगर यह बिल कानून बन जाता है, तो सरकार बाद में अलग से नियम बनाकर कुछ कैटेगरी के ट्रांजैक्शन पर MDR लागू कर सकती है।

₹2,000 की सीमा क्यों चर्चा में है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ₹2,000 से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन कुल लेनदेन की संख्या का सिर्फ करीब 5% हैं, लेकिन इनकी वैल्यू लगभग 65% है। इसलिए सरकार इस कैटेगरी पर MDR लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है। हालांकि, इस सीमा या दर को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

सरकार ने पहले MDR क्यों हटाया था?

सरकार ने जनवरी 2020 में UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर MDR को जीरो कर दिया था। इसका मकसद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना था। बाद में बैंकों और पेमेंट कंपनियों को कुछ ट्रांजैक्शन पर प्रोत्साहन राशि भी दी गई।

हाल के महीनों में संसदीय समिति, बैंक और पेमेंट कंपनियां यह मांग कर रही हैं कि UPI नेटवर्क चलाने की लागत के लिए एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल बनाया जाए। फिलहाल अंतिम फैसला सरकार को ही करना है।

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15 अगस्त 2026: स्कूल या कॉलेज में भाषण देना है? चुनें ये 5 दमदार टॉपिक्स

The image shows a school student delivering a speech from a podium, with the Tricolour in the background and the Red Fort, India Gate, and Qutub Minar visible on the other side.

15 अगस्त आने वाला है। इस बार भारत अपना 80वां स्वतं‍त्रता दिवस मनाने जा रहा है। स्कूल और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो गई है। यदि आप भी अपने स्कूल या कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं तो यहाँ 15 अगस्त को स्कूल या कॉलेज में भाषण देने के लिए 5 प्रासंगिक और प्रभावशाली टॉपिक्स दिए गए हैं।

 

1. “विकसित भारत @2047: हमारी सोच, हमारी ज़िम्मेदारी”

विषय: 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा।

प्रमुख बातें: स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के भारत को साकार करने में आज की युवा पीढ़ी का योगदान, शिक्षा, तकनीक और स्वच्छता में हमारी व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी।

किसके लिए उपयुक्त: कॉलेज छात्र या सीनियर स्कूल छात्र।

 

2.”आज़ादी का वास्तविक अर्थ: अधिकार या कर्तव्य?”

विषय: सिर्फ़ मौलिक अधिकार माँगना ही आज़ादी नहीं है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों का पालन करना भी स्वतंत्रता को बनाए रखने का आधार है।

प्रमुख बातें: यातायात नियमों का पालन, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनना।

किसके लिए उपयुक्त: स्कूल और कॉलेज दोनों के विद्यार्थियों के लिए।

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3.”डिजिटल क्रांति से आत्मनिर्भर भारत: युवाओं की भूमिका”

विषय: आधुनिक दौर में भारत का तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त होना।

प्रमुख बातें: यूपीआई (UPI), लोकल फ़ॉर वोकल, स्टार्ट-अप कल्चर और साइंस/तकनीक के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान।

किसके लिए उपयुक्त: कॉलेज या टेक-ओरिएंटेड छात्रों के लिए।

 

4.”गुमनाम नायकों को नमन: स्वतंत्रता संग्राम के अनदेखे पन्ने”

विषय: भगत सिंह, गांधीजी या नेहरू जी के अलावा उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया।

प्रमुख बातें: जनजातीय नायक (जैसे बिरसा मुंडा), महिला क्रांतिकारी और स्थानीय वीरों के योगदान को याद करना।

किसके लिए उपयुक्त: स्कूल के छात्रों (मिडिल और हाई स्कूल) के लिए।

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5.”विविधता में एकता: भारत की सबसे बड़ी ताक़त”

विषय: विभिन्न भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों के बावजूद देश का एक सूत्र में बँधे रहना।

प्रमुख बातें: समाज में भाईचारा, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाला पारंपरिक और सदाबहार विषय।

किसके लिए उपयुक्त: किसी भी वर्ग/कक्षा के छात्रों के लिए।

 

भाषण की शुरुआत और अंत के लिए सुझाव:

शुरुआत: किसी देशभक्ति शायरी या जोशीले नारे से करें (जैसे: “कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है…”)।

अंत: हमेशा भविष्य के सकारात्मक दृष्टिकोण और “जय हिंद, जय भारत!” के नारे के साथ करें।