नितिन गडकरी पर AI-डीपफेक पोस्ट को लेकर हाई कोर्ट सख्त, X, Meta और Google को दिए यह निर्देश

Nitin Gadkari gets relief from bombay high court

बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए कथित मानहानिकारक, अश्लील और अपमानजनक पोस्ट हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने X और Meta को यह जानकारी देने का भी आदेश दिया है कि वे कंटेंट किसने अपलोड किए थे। ALSO READ: 'पद के लायक हूं या नहीं, जल्द बताऊंगा'… यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना क्यों हैं इतने दुखी?

 

अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वह सारा कंटेंट हटाने को कहा है, जिसमें इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल से जुड़े मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बदनाम करने वाला AI कंटेंट भी शामिल है।

 

कोर्ट ने मेटा, एक्स और गूगल को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए और भविष्य में डीपफेक या आपत्तिजनक पोस्ट पर भी सख्त कदम उठाने को कहा। यह जानकारी भी मांगी गई कि यह कंटेट किसने अपलोड किए थे। अदालत ने कहा कि ये पोस्ट देखने में ही अपमानजनक, घिनौने और अश्लील हैं। ALSO READ: भारत में अब मुफ्त UPI नहीं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन

 

अदालत ने मेटा, X कॉर्प और गूगल LLC जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से यह भी पूछा कि आपके पास इतनी टेक्नोलॉजी है, तो क्या आपके पास कोई ऐसा सिस्टम नहीं है, जो ऐसे मामलों को तुरंत पकड़ सके? अगर कोई अश्लील या अपमानजनक चीज पोस्ट करता है, तो उसे तुरंत पकड़कर हटा दिया जाना चाहिए। यह बहुत ही घिनौनी बात है। कोई जहर उगल रहा है।'

 

कोर्ट ने गडकरी से कहा कि अगर भविष्य में ऐसी कोई पोस्ट अपलोड की जाती है, जिसमें डीपफेक या एआई से बना कंटेंट भी शामिल हो, तो मंत्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से संपर्क कर सकते हैं। वे इस पर कार्रवाई करेंगे।

 

भारत में अब मुफ्त UPI नहीं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन

MDR charge on UPI payment

मंगलवार को संसद में देश के भुगतान कानूनों में प्रस्तावित संशोधन पेश किए जाने के साथ ही भारत अपने लोकप्रिय यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से किए गए लेन-देन पर मर्चेंट शुल्क को फिर से लागू करने के एक कदम और करीब पहुंच गया है। ALSO READ: UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क में से एक यूपीआई ने जुलाई में 29.9 ट्रिलियन रुपये ($313.5 बिलियन) मूल्य के 23.6 बिलियन लेन-देन संसाधित किए। वॉलमार्ट का फोनपे और अल्फाबेट का गूगल पे यूपीआई के माध्यम से होने वाले भुगतान में अपना दबदबा बनाए हुए हैं।

उद्योग जगत के अधिकारियों ने लंबे समय से यह तर्क दिया है कि डिजिटल भुगतान में वृद्धि को बनाए रखना कठिन हो गया है क्योंकि भुगतान कंपनियों को यूपीआई लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं मिलता है, जिससे इस पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) में निवेश करने की उनकी क्षमता सीमित हो जाती है।

 

उद्योग और नियामक स्रोतों के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए भारत के भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन से डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुरू करने की अनुमति मिलेगी। सूत्रों ने कहा कि यह बदलाव एमडीआर वसूलने का एक कानूनी आधार तैयार करता है, लेकिन शुल्क के स्तर या वे कहाँ लागू होंगे, इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

 

एमडीआर वह शुल्क है जो व्यापारियों द्वारा डिजिटल लेन-देन को संसाधित करने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को दिया जाता है। हालांकि भारत में क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर लगभग 1.5% और डेबिट कार्ड पर 0.9% तक का एमडीआर लगता है, लेकिन वर्तमान में व्यापारियों के लिए यूपीआई लेन-देन मुफ़्त है।

 

दो दृष्टिकोणों पर विचार किया जा रहा है

नीति निर्माता दो व्यापक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं: एक निश्चित सीमा (थ्रेसहोल्ड) से ऊपर के लेन-देन पर एमडीआर लगाना या व्यापारी के वार्षिक टर्नओवर के आधार पर शुल्क वसूलना। एक प्रस्ताव में केवल बड़े व्यापारियों पर शुल्क लागू करने की बात कही गई है, जबकि उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों के लिए यूपीआई भुगतान मुफ़्त रहेगा।

 

सरकार 1.5 करोड़ रुपये (15 मिलियन रुपये) से अधिक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये ($20.97) से अधिक के लेन-देन पर 0.3% से 0.5% का एमडीआर लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। मंगलवार को जेफरीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन व्यापारी भुगतान मात्रा (वॉल्यूम) का केवल 4% हिस्सा हैं, लेकिन कुल लेन-देन मूल्य (वैल्यू) का लगभग 67% हिस्सा हैं।

संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का मार्च, अमित शाह से मांगा जवाब

opposition protest in parliment

छात्रों पर लाठीचार्ज और चढ़ावा चोरी मामले में प्रेरणा स्थल से मकर द्वार तक विपक्षी सांसदों ने बुधवार को मार्च किया। प्रदर्शन में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत सभी विपक्षी दलों के सांसद शामिल थे। प्रदर्शनकारियों के हाथ में एक बड़ा पोस्टर था, इस पर लिखा था 'अमित शाह जवाब दो'। भाजपा ने राहुल गांधी पर संसद नहीं चलने देने का आरोप लगाया। ALSO READ: सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहने पर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, CM फडणवीस का कांग्रेस पर तीखा हमला

 

 

कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में प्रोटेस्ट का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि छात्रों पर हुई बर्बरता और चढ़ावा चोरी के खिलाफ विपक्ष के सांसदों का पैदल मार्च। मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सदन में आकर जवाब देना ही होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमारी मांग यही है कि प्रधानमंत्री मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं। वो अपना बयान दें, हम चर्चा करने को तैयार हैं। चर्चा से ही हल निकलेगा। सदन शुरु हुए काफी दिन हो गए हैं। उन्हें आना चाहिए, सदन में न आकर वो संसद का अपमान कर रहे हैं। ALSO READ: UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

 

राहुल गांधी पर भाजपा का बड़ा आरोप

भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा कि ऐसा क्यों है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद को चलने नहीं दे रहे हैं? हमने हमेशा कहा है कि ये 2 विचार धाराओं की लड़ाई है। एक तरफ नरेंद्र मोदी राष्ट्र की बात करते हैं राष्ट्र हित सर्वोपरि है। दूसरी तरफ विपक्ष के नेता राहुल गांधी केवल देश को बांटने का काम करते हैं। अराजक तत्वों के साथ खड़े होना खुद, अराजक हो जाना। नरेंद्र मोदी की सरकार में जीरो टॉलरेंस की नीति है, 2019-2026 तक 36 देशों से 274 भगोडे भारत वापस लाए गए हैं।'

 

गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बना हुआ है। इस वजह से संसद की कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आज भी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ बैठक की।

UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

MDR Charges on UPI payment

सरकार ने संसद में ऐसा बिल पेश किया है जिससे 2000 रुपए से ऊपर के UPI बिजनेस ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक MDR चार्ज लगाने का रास्ता खुल सकता है। यह चार्ज व्यक्ति से व्यक्ति के ट्रांसफर पर यह लागू नहीं होगा। प्रस्तावित चार्ज केवल दुकानदारों और व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों की जेब से पैसे नहीं कटेंगे। ALSO READ: योगी सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा तोहफा, 2,023 रुपए करोड़ का प्रावधान, 5 मंडलों में खुलेंगे आयुष मेडिकल कॉलेज

 

निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर एमडीआर लगाने के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

 

क्या है MDR? 

एमडीआर वह फीस है जो मर्चेंट यानी दुकानदार डिजिटल पेमेंट की सुविधा के लिए बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक एमडीआर फ्रेमवर्क को रेगुलेट करता है। जनवरी 2020 से सरकार ने डिजिटल पेमेंट को तेजी से अपनाने के लिए यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो एमडीआर जरूरी कर दिया है। ALSO READ: Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

 

बड़े व्यापारियों के लिए मुफ्त नहीं रहेगा UPI

यूपीआई भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जहां हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में सिस्टम को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए सरकार और रेगुलेटर्स नए विकल्प तलाश रहे हैं। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई पेमेंट मुफ्त नहीं रहेगा।

 

95 फीसदी लेनदेन पर नहीं लगेगा MDR?

दावा किया जा रहा है कि 2000 की सीमा कुल यूपीआई लेनदेन का सिर्फ 5 फीसदी कवर करेगी, लेकिन इन लेनदेन का मूल्य कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का 65 फीसदी है। रोजमर्रा की खरीदारी जैसे दूध, सब्जी, किराना या ऑटो-टैक्सी के भुगतान पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जुलाई में 23.7 अरब यूपीआई लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपए रही। कहा जा रहा है कि अगर लागू भी हुआ तो 95 फीसदी लेनदेन पर एमडीआर नहीं लगेगा। इसके अलावा, सभी बिजनेस इस फीस को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे, जो बहुत छोटी राशि होगी।

Bank Holidays: इस हफ्ते 3 दिन बंद रहेंगे बैंक! ब्रांच जाने से पहले चेक करें RBI की ये हॉलिडे लिस्ट

Bank Holidays This Week: अगर इस हफ्ते आपको बैंक शाखा जाकर पासबुक अपडेट कराने, चेक जमा करने या कैश निकालने जैसा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, अगस्त महीने के इस पहले हफ्ते (3 अगस्त से 9 अगस्त) में देश के कई राज्यों में अलग-अलग क्षेत्रीय त्योहारों और वीकेंड ऑफ के चलते बैंक कुल 3 दिन तक बंद रह सकते हैं।

आज 3 अगस्त, सोमवार को देश भर में बैंक सामान्य रूप से खुले हैं, लेकिन 4 अगस्त से लेकर 9 अगस्त के बीच कुछ राज्यों में त्योहारों और शनिवार-रविवार की छुट्टियां रहने वाली हैं। आइए जानते हैं इस हफ्ते किस-किस दिन और कहां-कहां बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

इस हफ्ते कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

RBI के कैलेंडर के अनुसार, इस सप्ताह निम्नलिखित दिनों में बैंक सेवाएं प्रभावित रहेंगी:

4 अगस्त, मंगलवार (केर पूजा): त्रिपुरा (अगरतला) के सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक केर पूजा के उपलक्ष्य में बंद रहेंगे।

8 अगस्त, दूसरा शनिवार (टेंडोंग लो रम फात व दूसरा शनिवार): सिक्किम में ‘टेंडोंग लो रम फात’ (लेपचा जनजाति का प्रमुख त्योहार) के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं, महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण इस दिन पूरे देश में भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और पीएनबी समेत सभी बैंकों का राष्ट्रीय अवकाश रहेगा।

9 अगस्त, रविवार: रविवार का रेगुलर वीकली अवकाश होने के कारण देशभर की सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

अगस्त महीने में आगे कब-कब रहेंगी छुट्टियां?

13 अगस्त (गुरुवार): देशभक्त दिवस के अवसर पर केवल मणिपुर में बैंक बंद रहेंगे।

15 अगस्त (शनिवार): स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रहेगा।

19 अगस्त (बुधवार): महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की जयंती पर त्रिपुरा में बैंक अवकाश रहेगा।

25 अगस्त (मंगलवार): पहला ओणम, मिलाद-उन-नबी और मिलाद-इ-शरीफ के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अगस्त (बुधवार): ईद-ए-मिलाद / तिरुवोनम के अवसर पर दिल्ली, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, एमपी, तमिलनाडु, राजस्थान और केरल समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गुजरात, राजस्थान, एमपी, यूपी, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में कोई परेशानी नहीं होगी। डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म 24×7 और 365 दिन काम करते रहते हैं। UPI और मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधा बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेगी। कैश निकालने और जमा करने के लिए एटीएम मशीनें चालू रहेंगी।

‘UPI नहीं अब केवल कैश चलेगा’, लड़की ने शेयर की पूरी कहानी; लोग क्या बोले?

UPI को लेकर एक लड़की ने अपनी बात रखी है। उसने बताया कि कैसे यूपीआई के इस्तेमाल करो बंद करके उसे अपने बजट को संभालने में मदद मिली है। अब वह ज्यादातर समय कैश से ही पेमेंट करने की कोशिश करती है।

12 अगस्त को लॉन्च होगा Google का ये दमदार फोन, Tensor G6 चिप और 120Hz डिस्प्ले से होगा लैस

Google Pixel 11 सीरीज 12 अगस्त, 2026 को ग्लोबल मार्केट में आने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि इस लाइनअप में चार डिवाइस होंगे: Google Pixel 11, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold। बेस वेरिएंट (Google Pixel 11) की बात करें तो इसे लेकर उम्मीदें काफी ज्यादा हैं और फोन के बारे में आ रही अफवाहों से पता चलता है कि यह दमदार हो सकता है।

अगर आप Google Pixel 11 के बारे में सब कुछ जानना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर हैं। यहां हमने इस हैंडसेट के बारे में सभी उपलब्ध जानकारी दी है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि नए Pixel 11 मॉडल की कीमत पिछले मॉडल के मुकाबले ज्यादा हो सकती है। इसकी बड़ी वजह बाजार में चल रही चिप की कमी (Chip Crisis) को माना जा रहा है। हालांकि, Google ने अभी तक कीमत या फीचर्स को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

Google Pixel 11 का कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Google Pixel 11 में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आ सकता है। इसके अलावा, फोन में 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिल सकती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन को आसानी से देखा जा सकेगा। कहा जा रहा है कि इस फोन में Google Tensor G6 प्रोसेसर और 8GB RAM होगी।

वहीं, लीक से यह भी पता चलता है कि इस बार डिवाइस में कम से कम 256GB इंटरनल स्टोरेज मिल सकती है। इसके अलावा, लॉन्च के समय, हमें कई RAM और स्टोरेज वेरिएंट भी देखने को मिल सकते हैं। फोन में पिछले मॉडल की तुलना में बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी हो सकता है।

भारत में Google Pixel 11 की कीमत

कीमत की बात करें तो, Google Pixel 11 की कीमत निश्चित रूप से इसके पिछले मॉडल की तुलना में ज्यादा होगी। इस बारे में अटकलें हैं कि 8GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला यह डिवाइस भारतीय बाजार में लगभग ₹83,999 की कीमत पर उपलब्ध होगा।

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आज के समय में लोग कई तरह की सब्सक्रिप्शन सर्विस का इस्तेमाल करते हैं, जिनके लिए हर महीने या सालाना पेमेंट करना पड़ता है। लेकिन इन सभी सेवाओं की पेमेंट डेट याद रखना और उनका हिसाब रखना अक्सर मुश्किल हो जाता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि यूजर किसी सब्सक्रिप्शन का पेमेंट करना भूल जाते हैं, जिसकी वजह से उनकी सर्विस बंद या कैंसिल हो जाती है। इसी परेशानी को आसान बनाने के लिए साल 2020 में नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI Autopay सुविधा शुरू की थी। इसके जरिए, आप अपनी पसंद के किसी भी UPI ऐप का इस्तेमाल करके मोबाइल बिल, बिजली बिल, EMI पेमेंट, OTT सब्सक्रिप्शन, इंश्योरेंस प्रीमियम और म्यूचुअल फंड जैसे बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए ई-मैंडेट (e-mandate) चालू कर सकते हैं।

यहां UPI ऑटोपे मैंडेट और बार-बार होने वाले पेमेंट (Recurring Payments) के बारे में वे सभी बातें बताई गई हैं, जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है। इसमें इनके फायदे और Google Pay व PhonePe का इस्तेमाल करके इन्हें सेट अप करने का तरीका भी शामिल है।

ग्राहकों और व्यापारियों के लिए UPI Autopay सेट करने के फायदे

बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए UPI Autopay मैंडेट सेट करने के कई फायदे हैं। अगर आप ग्राहक हैं, तो ऑटोपे सेट करने से आप लेट फीस और पेनल्टी से बच सकते हैं, क्योंकि यह आपकी ओर से समय पर पेमेंट कर देता है। इसी तरह, यह बार-बार होने वाले पेमेंट करने का एक सुरक्षित और सुविधाजनक तरीका है, जिसमें आपको हर महीने या साल मैन्युअल रूप से पेमेंट करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि तय समय पर पेमेंट अपने आप हो जाता है।

वहीं, व्यापारियों (Merchants) के लिए भी यह सुविधा फायदेमंद है, क्योंकि इससे समय पर भुगतान मिलने में आसानी होती है और ग्राहकों के साथ पेमेंट का मैनेजमेंट बेहतर हो जाता है।

बता दें कि UPI, यूजर्स को क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट, म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस के लिए 1,00,000 रुपये तक की लिमिट के साथ ऑटो-पे सेट करने की सुविधा देता है। आप सीधे UPI ऐप में Autopay को आसानी से बदल सकते हैं, रद्द कर सकते हैं, रोक सकते हैं या दोबारा शुरू कर सकते हैं। आप लंबी लाइनों में लगने के बजाय हर महीने या साल सीधे ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं। खास बात यह है कि Autopay सेट करने के लिए किसी तरह के दस्तावेज या कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होती।

इसके अलावा, Autopay पेमेंट होने से कम से कम 24 घंटे पहले आपको प्री-डेबिट नोटिफिकेशन (PDN) मिल जाता है, जिससे आपको पहले ही जानकारी मिल जाती है कि आपके खाते से पेमेंट कटने वाला है।

अगर आप कोई मर्चेंट (व्यापारी) हैं, तो Autopay को इंटीग्रेट करने से ग्राहकों से समय पर भुगतान मिलना आसान हो जाता है। इससे आप ग्राहकों को बेहतर सर्विस दे सकते हैं, उनकी संतुष्टि बढ़ा सकते हैं और लंबे समय तक उनका भरोसा बनाए रख सकते हैं।

Google Pay पर बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए Autopay Mandate कैसे सेट करें

  • अपने फोन पर Google Pay खोलें।
  • स्क्रीन के ऊपर दाईं ओर दिखाई दे रही अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें।
  • अब, उस सेक्शन को खोलने के लिए ‘Autopay’ बटन पर क्लिक करें।
  • यहां आपको अलग-अलग सर्विस के लिए आए हुए Autopay Mandate दिखाई देंगे। किसी खास सर्विस के लिए Autopay चालू करने के लिए Pending सेक्शन में जाएं और संबंधित मैंडेट को चुनें।
  • इसके बाद Accept बटन पर टैप करें, ताकि Autopay सेट हो जाए।
  • अगर आप किसी रिक्वेस्ट किए गए मैंडेट के लिए Autopay सेट नहीं करना चाहते हैं, तो आप ‘Decline’ भी चुन सकते हैं।
  • आखिर में अपनी पसंद की पुष्टि करने के लिए UPI PIN दर्ज करें।
  • इसके बाद आपका Autopay Mandate एक्टिव हो जाएगा।

PhonePe पर बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए Autopay Mandate कैसे सेट करें

  • अपने स्मार्टफोन पर PhonePe ऐप खोलें।
  • इसके बाद, स्क्रीन के ऊपर बाईं ओर अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें।
  • नीचे स्क्रॉल करके ‘Payment Settings’ सेक्शन पर जाएं।
  • अब, ‘Autopay’ बटन पर टैप करें।
  • इसके बाद एक नया पेज खुलेगा। यहां आपको वह Mandate चुनना होगा, जिसके लिए आप Autopay चालू करना चाहते हैं।
  • Autopay रिक्वेस्ट को स्वीकार करने के बाद ऐप आपसे पुष्टि के लिए UPI PIN दर्ज करने को कहेगा।
  • UPI PIN डालते ही आपका PhonePe Autopay Mandate एक्टिव हो जाएगा और आगे के पेमेंट तय समय पर अपने आप हो जाएंगे।

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मां का फोन चेक करते ही बेटे के उड़ गए होश, UPI में छिपी इस सेटिंग से बिना पता चले कट रहे थे पैसे

डिजिटल पेमेंट और UPI ने लोगों की जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। बिजली का बिल भरना हो, ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या किसी को तुरंत पैसे भेजने हों, अब ज्यादातर काम कुछ ही सेकंड में पूरे हो जाते हैं। यही वजह है कि हर उम्र के लोग तेजी से डिजिटल पेमेंट अपनाने लगे हैं। हालांकि, जितनी तेजी से तकनीक हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनी है, उतनी ही तेजी से उससे जुड़े नए जोखिम भी सामने आए हैं। कई बार लोग किसी ऐप या ऑनलाइन सेवा का इस्तेमाल करते समय बिना पूरी जानकारी पढ़े अनुमति दे देते हैं। बाद में यही छोटी-सी लापरवाही लंबे समय तक परेशानी का कारण बन सकती है।

हाल ही में मुंबई के एक शख्स ने सोशल मीडिया पर अपनी मां से जुड़ा एक अनुभव साझा किया, जिसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि डिजिटल दुनिया में सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करना ही नहीं, बल्कि उसके नियम और शर्तों को समझना भी उतना ही जरूरी है।

फ्री ट्रायल के जाल में फंस रहे हैं लोग

लोकेश ने बताया कि उनकी मां ने कुछ ऐप्स के फ्री ट्रायल लिए थे। ट्रायल शुरू करते समय 0 रुपये भुगतान के साथ AutoPay की अनुमति भी दे दी गई। ट्रायल खत्म होते ही हर महीने अपने-आप पैसे कटने लगे, लेकिन उन्हें इसका एहसास तक नहीं हुआ।

छोटी रकम, बड़ा नुकसान

लोकेश के मुताबिक 79 या 99 रुपये जैसी छोटी रकम अक्सर सैकड़ों UPI ट्रांजैक्शन के बीच नजर ही नहीं आती। यही वजह है कि लोग महीनों तक बिना जाने सब्सक्रिप्शन का भुगतान करते रहते हैं।

‘असल प्रोडक्ट फ्री ट्रायल नहीं, AutoPay है’

LinkedIn पर अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि कई कंपनियों का असली मकसद फ्री ट्रायल देना नहीं, बल्कि AutoPay की मंजूरी हासिल करना होता है। एक बार अनुमति मिल जाए तो हर महीने भुगतान अपने-आप कटता रहता है।

डिजिटल साक्षरता का बदला मतलब

लोकेश ने कहा कि पहले ऑनलाइन गलत चीज खरीदने का डर होता था, लेकिन अब सबसे बड़ा खतरा बिना समझे किसी शर्त से सहमति देना है। AutoPay, ऐप परमिशन, लोकेशन एक्सेस और रिकरिंग सब्सक्रिप्शन जैसे फैसले कुछ सेकंड में होते हैं, लेकिन उनका असर लंबे समय तक रहता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

इस पोस्ट पर कई लोगों ने माना कि पेमेंट पेज पर अक्सर One-Time Payment का विकल्प नहीं मिलता और AutoPay अपने-आप चुन लिया जाता है। कुछ यूजर्स ने बताया कि जब तक अगली किस्त नहीं कटती, तब तक उन्हें सब्सक्रिप्शन का पता ही नहीं चलता। इसके बाद वो सोचते हैं कि अब एक महीना और इस्तेमाल कर लेते हैं और फिर इसे रद्द करना भूल जाते हैं।

सीख क्या है?

डिजिटल दुनिया में सिर्फ UPI चलाना सीखना काफी नहीं है। किसी भी फ्री ट्रायल, AutoPay Mandate या ऐप परमिशन को स्वीकार करने से पहले उसकी शर्तों को ध्यान से पढ़ना और समय-समय पर एक्टिव सब्सक्रिप्शन की जांच करना भी उतना ही जरूरी है।

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‘₹79 कब कट गए, पता भी नहीं चलता’; UPI AutoPay का चौंकाने वाला खेल जानते हैं?

डिजिटल भुगतान की दुनिया में फ्री ट्रायल और ऑटोपे मैंडेट का एक चौंकाने वाला खेल सामने आया है। मुंबई के एक शख्स ने जब अपनी मां को यूपीआई इस्तेमाल करना सिखाया तो उन्हें पता चला कि बिना उनकी जानकारी के कई ऑटोपे मैंडेट एक्टिव हो चुके थे, और इसके एवज में पैसे लिए जा रहे थे।