Bank Holiday: 13 जुलाई, सोमवार को बैंक खुलेंगे या रहेंगे बंद? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI के छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday on 13th July 2026: अगर आपको अगले हफ्ते के पहले ही दिन यानी सोमवार, 13 जुलाई को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए है। अक्सर लोग बिना छुट्टी चेक किए बैंक चले जाते हैं और वहां ताला लटका मिलने पर परेशान होना पड़ता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, 13 जुलाई को देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में बैंकों में छुट्टी रहने वाली है। हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में नहीं होगी। आइए जानते हैं कि सोमवार को किन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से कामकाज होगा।

13 जुलाई को कहां बंद रहेंगे बैंक?

13 जुलाई को देश के कुछ राज्यों में विशेष स्थानीय त्योहारों और ऐतिहासिक दिवसों के कारण सरकारी और निजी दोनों तरह के बैंकों में अवकाश रहेगा:

भानु जयंती (Bhanu Jayanti): नेपाली भाषा के महान कवि भानुभक्त आचार्य की जयंती के अवसर पर सिक्किम में 13 जुलाई को बैंकों में आधिकारिक छुट्टी रहेगी।

शहीद दिवस (Martyrs’ Day): इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में स्थानीय अवकाश के कारण जम्मू और कश्मीर में भी इस दिन बैंक बंद रह सकते हैं।

ध्यान दें: सिक्किम और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत देश के अन्य सभी राज्यों में 13 जुलाई, सोमवार को बैंक पूरी तरह से खुले रहेंगे और कामकाज सामान्य दिनों की तरह होगा।

इंटरनेट बैंकिंग और ATM रहेंगे चालू

भले ही इन चुनिंदा राज्यों में सोमवार को बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सब्सक्राइबर्स और ग्राहक अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए इन ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

  • नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं 24 घंटे चालू रहेंगी।
  • UPI जैसे- गूगल पे, फोन पे, पेटीएम के जरिए पैसों का लेन-देन हमेशा की तरह चालू रहेगा।
  • कैश निकालने के लिए एटीएम (ATM) की सेवाएं पूरी तरह खुली रहेंगी।

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। पीएम मोदी बिजनेस और स्पोर्टिंग इवेंट में भी शामिल होंगे। इसके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। पीएम के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी ने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इतने कम समय में न्यूजीलैंड की पूरी टीम ने मिलकर FTA वार्ताओं को जमीन पर उतारने का काम किया है। शायद दुनिया में पहली बार इतने कम समय में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। वहीं, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने कहा कि जब मैंने पिछले साल भारत का दौरा किया था, तब भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस रिश्ते को मजबूत बनाने में आपने व्यक्तिगत रूप से जो योगदान दिया है, वह सराहनीय है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। इसके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी के न्यूजीलैंड में स्वागत की दो तस्वीरें… मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…

Bank Holiday: 11 जुलाई को देशभर में बंद रहेंगे बैंक, फटाफट निपटा लें अपना काम; ये रही इस महीने की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays July 2026 Full List: अगर आपको इस हफ्ते या जुलाई के महीने में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। आगामी 11 जुलाई को देशभर के सभी बैंक बंद रहेंगे क्योंकि इस दिन महीने का दूसरा शनिवार है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक, भारत में सभी पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं।

चूंकि बैंकों में लगातार छुट्टियां रहने से आपके कामकाज प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले छुट्टियों की पूरी लिस्ट जरूर चेक कर लें। आइए आपको बताते हैं कि जुलाई 2026 में कब-कब बैंक बंद रहने वाले हैं।

जुलाई 2026 में बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट

जुलाई के महीने में दूसरे व चौथे शनिवार और रविवार के अलावा कुछ क्षेत्रीय त्योहारों के कारण भी अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। यहां इस महीने की मुख्य छुट्टियों की सूची दी गई है:

  • 11 जुलाई (शनिवार): दूसरा शनिवार, देशभर के सभी बैंकों में अवकाश।
  • 12 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।
  • 17 जुलाई (शुक्रवार): मुहर्रम, कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहेगी।
  • 19 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।
  • 25 जुलाई (शनिवार): चौथा शनिवार, देशभर के सभी बैंकों में अवकाश।
  • 26 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।

नोट: विभिन्न राज्यों में स्थानीय त्योहारों और संस्कृति के हिसाब से आरबीआई की छुट्टियों की लिस्ट में थोड़े बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपने स्थानीय बैंक की शाखा से भी इसकी पुष्टि कर सकते हैं।

बैंक बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही इन तारीखों पर बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों की सुविधा के लिए सभी डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के 24 घंटे चालू रहेंगी। आप घर बैठे इंटरनेट बैंकिंग, UPI और बाहर में एटीएम से अपने बैंकिंग काम निपटा सकते हैं।

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ब्रह्मोस डील, सबांग पोर्ट और IIM कैंपस… PM Modi की इंडोनेशिया यात्रा की 20 बड़ी उपलब्धियां ये रहीं

PM Modi Indonesia visit 20 outcomes list: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक साबित हुई है। जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों ने आपसी द्विपक्षीय सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी, खाद्य सुरक्षा, दवाएं और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

वार्ता के बाद पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा कि साल 2018 में हमने जो व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनाई थी वह आज एक नई उड़ान भर रही है। हम विकास, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा जैसे हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक स्वर्ण अध्याय शुरू हो रहा है।

रक्षा, डिजिटल पेमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े मील के पत्थर

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल द्वारा साझा किए गए आधिकारिक विवरण और पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस यात्रा के दौरान कई बड़े और रणनीतिक ऐलान किए गए हैं।

सबांग पोर्ट का संयुक्त विकास: दोनों देश रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबांग पोर्ट का संयुक्त रूप से विकास करने पर सहमत हुए हैं। ये स्ट्रेट ऑफ मक्का के ठीक सामने स्थित है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से महज 100 मील की दूरी पर है।

UPI और डिजिटल पेमेंट इंटीग्रेशन: भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI अब इंडोनेशिया के भुगतान सिस्टम के साथ इंटिग्रेट होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और यात्रा दोनों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

ब्लू इकोनॉमी और समुद्री व्यापार: दोनों पक्षों ने ब्लू इकोनॉमी, समुद्री व्यापार और बंदरगाह विकास के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा: दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की, जहां पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत के पुराने रुख को दोहराते हुए टू-स्टेट सॉल्यूशन और दीर्घकालिक शांति का समर्थन किया।

पीएम मोदी की यात्रा के 20 टॉप आउटकम

यहां दोनों देशों के बीच हुए उन 20 महत्वपूर्ण समझौतों और निर्णयों की पूरी सूची दी गई है, जो इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियां बनकर सामने आई हैं:

1- स्टील सप्लाई चेन और मिनरल्स सहयोग

समझौता: स्टील सप्लाई चेन के मिनरल्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है।

मायने: यह खनिज और खनन क्षेत्र में आपसी निवेश को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही एडवांस्ड एक्सट्रैक्शन और प्रोसेसिंग तकनीकों तक पहुंच में सुधार होगा, संयुक्त अध्ययनों व परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन मजबूत होगी।

2- समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार

समझौता: मैरीटाइम सेफ्टी एंड सिक्योरिटी कोऑपरेशन पर MoU और इम्प्लीमेंटेशन अरेंजमेंट का विस्तार किया गया है।

मायने: इससे दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच सहयोग और मजबूत होगा। मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस, सर्च एंड रेस्क्यू और क्षमता निर्माण में तालमेल बढ़ेगा जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा।

3- रेयर अर्थ मैग्नेट्स का विकास

समझौता: भारत के NFTDC, मिडवेस्ट लिमिटेड और इंडोनेशिया के PT PERMINAS के बीच रेयर अर्थ मैग्नेट्स के विकास को लेकर MoU पर हस्ताक्षर हुए हैं।

मायने: यह कदम रेयर अर्थ्स (दुर्लभ तत्वों) और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाएगा। इससे इस क्षेत्र की वैश्विक सप्लाय चेन में विविधता आएगी और अन्य देशों पर निर्भरता कम होगी।

4- ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम पर सहयोग

समझौता: इंडोनेशियाई सेना को ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति और इस पर सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच आधिकारिक सहमति बनी है।

मायने: यह रक्षा समझौता भारतीय रक्षा उद्योग की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करता है। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के साथ-साथ नवाचार, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

5- एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग

समझौता: हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत इंडोनेशिया भारत की अस्त्र मिसाइलों का आयात करेगा।

मायने: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस भारतीय मिसाइल की अचूक सफलता को देखते हुए इंडोनेशियाई सेना ने इसे खरीदने का फैसला लिया है। यह समझौता भारत के रक्षा निर्यात और मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के संकल्प को गति देगा, जिससे भारत के स्वदेशी मिसाइल विकास इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।

6- स्टेनलेस-स्टील स्लैब विनिर्माण के लिए संयुक्त उद्यम

समझौता: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इंडोनेशिया की पीटी क्रकाटाऊ स्टील के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस-स्टील स्लैब विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए एक रणनीतिक संयुक्त उद्यम का गठन किया गया है।

मायने: यह साझा उत्पादन और आधुनिक तकनीक तक पहुंच को आगे बढ़ाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यह ‘विकसित भारत’ के औद्योगिक लक्ष्यों में योगदान देगा।

7- अंतरिक्ष सहयोग समझौते का विस्तार

समझौता: शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष के अन्वेषण और उपयोग में सहयोग पर चल रहे फ्रेमवर्क समझौते का विस्तार किया गया है।

मायने: यह कदम दोनों देशों के बीच संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी साझाकरण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देता है, जिससे भारत और इंडोनेशिया की तीन दशक पुरानी अंतरिक्ष साझेदारी और अधिक मजबूत होगी।

8- प्रंबानन मंदिर परिसर का संरक्षण और जीर्णोद्धार

समझौता: ऐतिहासिक प्रंबानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए भारत की तरफ से सहायता प्रदान की जाएगी।

मायने: विकास भी, विरासत भी के दृष्टिकोण के तहत, यह दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को आगे बढ़ाता है और हेरिटेज कंजर्वेशन में भारत की वैश्विक विशेषज्ञता को प्रदर्शित करता है।

9- कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग

समझौता: कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में व्यापक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मायने: यह टिकाऊ कृषि, फसलों और कृषि मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाएगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने वाले संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

10- चिकित्सा उत्पाद विनियमन में सहयोग

समझौता: भारत के CDSCO और इंडोनेशिया के BPOM के बीच चिकित्सा उत्पाद विनियमन के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU हुआ है।

मायने: यह वैश्विक नियामक मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर ज्ञान के आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा, जिससे भारतीय चिकित्सा उत्पादों पर भरोसा बढ़ेगा और इंडोनेशियाई बाजार में भारतीय दवाओं व उत्पादों की पहुंच आसान होगी।

11- आपदा प्रबंधन में आपसी सहयोग

समझौता: भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और इंडोनेशिया की नेशनल एजेंसी फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट के बीच MoU हुआ है।

मायने: इससे रक्षा एक्सचेंजों, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग में आपसी समन्वय बेहतर होगा। यह समझौता आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, शुरुआती चेतावनी और जोखिम मूल्यांकन के लिए तकनीक-आधारित ऐप्लिकेशंस के उपयोग को बढ़ावा देगा।

12- दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और सेवाओं में साझेदारी

समझौता: दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन हुआ है।

मायने: यह कदम वायरलेस और क्वांटम सिस्टम सहित उन्नत टेलीकॉम तकनीकों तक पहुंच में सुधार करेगा और दोनों देशों के बीच संयुक्त नवाचार और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को भी मजबूती प्रदान करेगा।

13- अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग

समझौता: रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कोऑपरेशन पर दोनों देशों के बीच MoU हुआ है।

मायने: यह प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को सक्षम बनाकर भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ करेगा, जिससे ‘स्टार्टअप इंडिया मिशन’ सहित दोनों देशों के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को गति मिलेगी।

14- स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग

समझौता: हेल्थ कार्यबल सहयोग पर कार्यान्वयन व्यवस्था लागू की गई है।

मायने: यह स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए फेलोशिप कार्यक्रमों की सुविधा देगा और योग्य भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों को इंडोनेशिया में काम करने के अवसर व विशिष्ट चिकित्सा क्षेत्रों में व्यावहारिक नैदानिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

15- समुद्री सुरक्षा के लिए इन्फोसेंटर में तैनाती

समझौता: भारत के IFC-IOR में एक इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी की तैनाती की जाएगी।

मायने: यह रणनीतिक कदम वास्तविक समय में समुद्री सूचनाओं के साझाकरण को बढ़ाएगा, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी।

16- इंडोनेशिया को उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीजों की आपूर्ति

समझौता: भारत द्वारा इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले ‘DWR 162’ गेहूं के बीजों की आपूर्ति की जाएगी।

मायने: यह कदम इंडोनेशिया और पूरे ग्लोबल साउथ की खाद्य सुरक्षा का मजबूती से समर्थन करता है और कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के व्यापक जुड़ाव को दर्शाता है।

17- टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष

समझौता: ‘टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष’ के आयोजन की आधिकारिक घोषणा की गई है।

मायने: यह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और इंडोनेशिया के की हजार देवान्तारा के साझा शैक्षिक दृष्टिकोण का उत्सव मनाता है। रवींद्रनाथ टैगोर की 1927 की इंडोनेशिया यात्रा के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले संयुक्त सांस्कृतिक, शैक्षिक और जन-दर-जन संपर्क कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी।

18- इंडोनेशिया में IIM बैंगलोर का नया कैंपस

समझौता: इंडोनेशिया के सिंघासारी SEZ में भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर के एक ब्रांच कैंपस की स्थापना की जाएगी।

मायने: यह वैश्विक स्तर पर भारत की शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है और दुनिया भर में एक ‘नॉलेज हब’ के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।

19- डिजिटल कॉमर्स और पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में सहयोग

समझौता: भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) के बीच सहयोग पर सहमति बनी है।

मायने: यह डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे भारत के ONDC आर्किटेक्चर पर आधारित यह मॉडल आम लोगों के लिए डिजिटल सेवाओं को अधिक सुलभ, कुशल और समावेशी बनाएगा।

20- निर्वाचन आयोगों के बीच ऐतिहासिक समझौता

समझौता: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और इंडोनेशिया के सामान्य चुनाव आयोग (KPU) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मायने: यह दोनों बड़े लोकतांत्रिक देशों के चुनाव निकायों के बीच ज्ञान, अनुभवों और सर्वोत्तम चुनावी प्रथाओं को साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे मानव संसाधन विकास और कुशल प्रशासनिक प्रथाओं के लिए तकनीक के उपयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।

इंडोनेशिया में रक्षा, शिक्षा और आर्थिक सहयोग के इन तमाम ऐतिहासिक मील के पत्थरों को स्थापित करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यापार और सुरक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए अपने तीन देशों के इस दौरे के अगले चरणों के तहत ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।

भारत की विकास की सफलताओं से प्रेरणा ले रहा है इंडोनेशिया, पीएम मोदी के दौरे से दोनों देशों के संबंधों को मिलेगी नई गति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6-8 जुलाई 2026 को होने वाली इंडोनेशिया यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों की साझेदारी पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़ रही है। आज इंडोनेशिया भारत को न केवल एक रणनीतिक साझेदार के रूप में, बल्कि तकनीक, नीतिगत विचारों और विकास समाधानों के एक भरोसेमंद स्रोत के रूप में भी देख रहा है। खाद्य सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस से लेकर स्वास्थ्य सेवा, कृषि और रक्षा तक, भारत की सफल सार्वजनिक नीति मॉडल इंडोनेशिया की अपनी विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण रोल मॉडल बन रहे हैं।

भारत के डिजिटल भुगतान बना इंडोनेशिया का रोल मॉडल

इंडोनेशिया डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता का लाभ उठा रहा है। प्रस्तावित UPI-QRIS लिंकेज से दोनों देशों के यात्रियों और व्यवसायों के लिए बिना किसी रुकावट के सीमा-पार भुगतान संभव हो सकेगा। इस पहल से पर्यटन, व्यापार और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही लेनदेन तेज, सस्ता और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। इंडोनेशिया में व्यापार या निवेश करने वाले भारतीय व्यवसायों और हर साल बाली व इंडोनेशिया के अन्य स्थलों पर जाने वाले लगभग 17 लाख भारतीय पर्यटकों के लिए, एक लाइव UPI-QRIS कॉरिडोर क्रांतिकारी साबित होगा।

भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी सहयोग के एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरा है। इंडोनेशिया का ओपन नेटवर्क (ION) भारत के ONDC मॉडल से प्रेरित है और इसका उद्देश्य इंडोनेशिया में 65 मिलियन से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए एक अधिक खुला और समावेशी डिजिटल मार्केटप्लेस बनाना है। Beckn 2.0 ओपन प्रोटोकॉल पर आधारित ION का पहला लाइव लेनदेन 7 जुलाई को मोदी-प्राबोवो शिखर सम्मेलन के दौरान होने की उम्मीद है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भारतीय मॉडल को अपनाने की तैयारी में इंडोनेशिया

इंडोनेशिया के साथ भारत की डिजिटल साझेदारी अब सफल मॉडलों को साझा करने से आगे बढ़कर देश के अगली पीढ़ी के डिजिटल बैकबोन (बुनियादी ढांचे) के निर्माण में मदद करने की दिशा में बढ़ रही है। इंडोनेशिया की महत्वाकांक्षी ‘डिजिटल नुसंतारा’ पहल का उद्देश्य एक एकीकृत और इंटरऑपरेबल राष्ट्रीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है, और इस यात्रा में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में उभर रही है।

आधार, UPI, डिजिलॉकर, ई-KYC और ONDC की सफलता का आधार बनने वाले भारतीय डिजिटल समाधान अब इंडोनेशिया के अपने डिजिटल बदलाव में भी प्रासंगिक साबित हो रहे हैं। यह बदलाव टेक्नोलॉजी अपनाने से आगे बढ़कर गहरे संस्थागत सहयोग की ओर है, जिसमें भारतीय कंपनियाँ सुरक्षित और बड़े पैमाने पर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का अपना अनुभव साझा कर रही हैं। सहयोग का दायरा वित्तीय बाज़ारों तक भी बढ़ रहा है। दोनों पक्ष AI-आधारित बाज़ार निगरानी, डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी-आधारित कैपिटल मार्केट सुधारों में भारत की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी के ज़रिए अपने स्टॉक मार्केट को आधुनिक बनाने का भारत का अनुभव इंडोनेशिया के साथ सहयोग के नए रास्ते खोल रहा है।

इंडोनेशिया का विज़न सिर्फ़ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले देश तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे आसियान (ASEAN) क्षेत्र में डिजिटल समाधानों का उत्पादक और निर्यातक बनने की बड़ी सोच रखता है। इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए, भारत का ओपन, समावेशी और संप्रभु डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का दशकों पुराना अनुभव बहुत काम का साबित हो रहा है। इंडोनेशिया के कई प्रतिनिधिमंडलों ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण योजनाओं, जैसे कि हमारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), चावल फोर्टिफिकेशन योजना, उर्वरक सब्सिडी सुधार, AGRISTACK आदि से सीखने के लिए भारत का दौरा किया है।

भारत की समाज कल्याण की योजनाओं और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए तैयार इंडोनेशिया

इंडोनेशिया का महत्वाकांक्षी ‘मुफ़्त पौष्टिक भोजन कार्यक्रम’ भारत की ‘मिड-डे मील’ (PM POSHAN) योजना से प्रेरित है। इसी तरह, उनकी ‘रेड एंड व्हाइट विलेज कोऑपरेटिव्स’ पहल ‘जन औषधि’ मॉडल के ज़रिए सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराने के लिए भारत के साथ सहयोग की संभावनाएँ तलाश रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बेहतर हो सकेगी। यह साझेदारी रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ रही है। इंडोनेशिया रक्षा निर्माण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सहयोग के मामलों में भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन में भारत का अनुभव लंबे समय तक सहयोग के नए अवसर पैदा कर रहा है।

ये सभी पहल मिलकर एक बड़े ट्रेंड को दर्शाती हैं। भारत की विकास यात्रा अब न केवल अपने नागरिकों को फ़ायदा पहुँचा रही है, बल्कि मित्र देशों के लिए भी एक रोल मॉडल के तौर पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान, ज्ञान-साझेदारी का यह बढ़ता हुआ दायरा द्विपक्षीय संबंधों के सबसे मज़बूत स्तंभों में से एक के रूप में उभर रहा है, जिससे इनोवेशन, आर्थिक विकास और लंबे समय तक रणनीतिक सहयोग के अवसर पैदा हो रहे हैं।

SBI Bank Holiday: कल 6 जुलाई, सोमवार को देश के कई राज्यों में बंद रहेंगे बैंक! जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday on 6 July: अगर सोमवार, 6 जुलाई को आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कल देश के कुछ राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, 6 जुलाई को कुछ चुनिंदा राज्यों में सरकारी और निजी बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में लागू नहीं है। आइए जानते हैं कि कल किन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

इन राज्यों में कल बंद रहेंगे बैंक

6 जुलाई 2026 को देश के दो प्रमुख राज्यों में विशेष क्षेत्रीय त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा:

पश्चिम बंगाल: देश के महान विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के विशेष अवसर पर कल पश्चिम बंगाल के सभी बैंक बंद रहेंगे।

मिजोरम: मिजोरम में कल ‘MHIP Day’ (मिजो ह्मेइछे इंसुइखौम पावल दिवस) मनाया जाएगा, जिसके चलते राज्य सरकार और आरबीआई के निर्देशानुसार वहां के सभी बैंकों में छुट्टी रहेगी।

क्या दिल्ली-मुंबई और अन्य शहरों में भी बंद रहेंगे बैंक?

नहीं, कल पूरे देश में छुट्टी नहीं है। दिल्ली, मुंबई, नोएडा, चेन्नई, बेंगलुरु, लखनऊ, पटना और उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र समेत देश के ज्यादातर राज्यों में बैंक अपने सामान्य समय पर खुलेंगे। यह छुट्टी केवल पश्चिम बंगाल और मिजोरम में ही है।

जुलाई 2026 में बैंक की छुट्टियां(RBI)

  1. 5 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  2. 6 जुलाई (सोमवार): MHIP डे / डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती (मिजोरम और पश्चिम बंगाल में बंद)
  3. 9 जुलाई (गुरुवार): बेहदेहिनखलाम (मेघालय में बंद)
  4. 11 जुलाई (शनिवार): दूसरा शनिवार (पूरे देश में)
  5. 12 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  6. 16 जुलाई (गुरुवार): रथ यात्रा / कांग / हरेला (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर में बंद)
  7. 17 जुलाई (शुक्रवार): यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि (मेघालय में बंद)
  8. 18 जुलाई (शनिवार): द्रुकपा त्शे-जी (सिक्किम में बंद)
  9. 19 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  10. 22 जुलाई (बुधवार): खारची पूजा (त्रिपुरा में बंद)
  11. 25 जुलाई (शनिवार): चौथा शनिवार (पूरे देश में)
  12. 26 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)

डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू

बैंक की शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में सभी ऑनलाइन सेवाएं चौबीसों घंटे काम करेंगी:

  • UPI पेमेंट सामान्य रूप से काम करेंगे।
  • इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए आप पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
  • एटीएम (ATM) से कैश निकालने और जमा करने की सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

अगर आपको चेक क्लीयरेंस, बैंक लॉकर या ड्राफ्ट जैसे ब्रांच से जुड़े जरूरी काम हैं, तो राज्यों की छुट्टियों की इस लिस्ट को ध्यान में रखकर ही अपनी योजना बनाएं।

EPFO 3.0: पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब सिर्फ 3 दिन में बैंक खाते में आएगा पैसा, EPFO ने बदला ये नियम

EPFO New Claim Settlement Rule: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने करोड़ों पीएफ खाताधारकों को अब तक का सबसे बड़ा तोहफा दिया है। EPFO ने एक नया ऐतिहासिक फ्रेमवर्क पेश किया है, जिसके तहत अब योग्य पीएफ निकासी दावों का निपटारा महज 3 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। हाल के वर्षों में क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में इसे ईपीएफओ का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है।

इस नए नियम से न केवल पीएफ का पैसा निकालने में लगने वाला समय बेहद कम हो जाएगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया ग्राहकों के लिए आसान और पारदर्शी हो जाएगी। आइए जानते हैं कि इस नए नियम का फायदा आपको कैसे मिलेगा और इसके लिए क्या शर्तें हैं।

क्या है ईपीएफओ का 3-दिन वाला नया नियम?

अब तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए कर्मचारियों को कई दिनों या हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था, क्योंकि मैनुअल वेरिफिकेशन और कागजी प्रक्रियाओं में काफी समय जाया होता था। लेकिन अब नए नियम के तहत सभी पात्र क्लेम सिर्फ 3 दिन में सेटल होंगे।

देरी होने पर अधिकारियों को लगेगा जुर्माना: ईपीएफओ ने इस पूरी व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। अगर कोई अधिकारी बिना किसी ठोस वजह के पीएफ क्लेम को 20 दिनों से ज्यादा समय तक लटका कर रखता है, तो उस पर 12% दंडात्मक ब्याज लगाया जा सकता है।

ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़कर हुई ₹5 लाख

ईपीएफओ ने अपने डिजिटल रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाते हुए बिना किसी इंसानी दखल के क्लेम पास करने वाले ‘ऑटो-सेटलमेंट मैकेनिज्म’ का दायरा बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है:

  1. पहले ऑटो-सेटलमेंट के जरिए केवल ₹1 लाख तक के एडवांस क्लेम ही ऑटोमैटिक पास होते थे।
  2. अब सरकार ने इस लिमिट को बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया है।
  3. इस फैसले से अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा एडवांस क्लेम बिना किसी कागजी झंझट और देरी के तुरंत पास हो रहे हैं, जिससे क्लेम रिजेक्ट होने की गुंजाइश भी काफी कम हो गई है।

EPFO 3.0: भविष्य में UPI और ATM से भी निकलेगा PF का पैसा!

यह नया रिफॉर्म ईपीएफओ के बड़े डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है, जिसे EPFO 3.0 नाम दिया गया है। इस पहल के तहत संगठन कई और आधुनिक डिजिटल सेवाओं पर काम कर रहा है। आने वाले समय में ईपीएफओ खाताधारकों को UPI के जरिए पीएफ विड्रॉल और ATM से लिंक करके सीधे पैसे निकालने जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी में है।

3 दिन में पैसा पाने के लिए कर्मचारियों को क्या करना होगा?

अगर आप भी किसी मेडिकल इमरजेंसी, शादी, पढ़ाई या घर बनाने के लिए पीएफ खाते से एडवांस या पूरा पैसा निकालना चाहते हैं, तो 3 दिन में फंड ट्रांसफर के लिए आपके अकाउंट में ये 5 चीजें अपडेटेड होनी चाहिए:

  • आपका UAN पूरी तरह एक्टिव होना चाहिए।
  • यूएएन के साथ आपकी सरकारी पहचान (ID) लिंक होनी चाहिए।
  • आपका पैन (PAN) कार्ड और चालू बैंक अकाउंट डिटेल्स (IFSC कोड के साथ) अपडेटेड हों।
  • आपकी KYC प्रक्रिया पूरी तरह कंप्लीट हो।
  • ईपीएफओ पोर्टल पर रजिस्टर्ड आपका मोबाइल नंबर चालू हो ताकि ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन आसानी से हो सके।

ध्यान दें कि पीएफ कटौती के मुख्य ढांचे में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान पहले की तरह बेसिक सैलरी का 12-12% ही रहेगा। पूरा फोकस केवल सर्विस को फास्ट और डिजिटल बनाने पर है।

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IBPS PO Recruitment 2026: पीओ, मैनेजमेंट ट्रेनी, स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 6715 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, जानें आवेदन फीस और अन्य डीटेल

IBPS PO Recruitment 2026: इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल (IBPS) ने अलग-अलग पब्लिक सेक्टर बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO), मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) और स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के 6715 पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियली नोटिफिकेशन का पीडीएफ जारी कर दिया है। इन पदों पर 01 जुलाई से आवेदन शुरू हो गए हैं। यह उन उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन मौका है, जो बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखते हैं। आईबीपीएस के जरिए नियुक्त उम्मीदवारों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काम करने का मौका मिलेगा।

ऑनलाइन पंजीकरण 01 जुलाई, 2026 से शुरू हो चुका है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अपना एप्लीकेशन फॉर्म 21 जुलाई, 2026 तक जमा करना होगा। पंजीकरण प्रक्रिया खत्म होने के बाद आईबीपीएस सभी उम्मीदवारों के लिए फॉर्म करेक्शन विंडो खोलेगा ताकि वे एक बार जमा की गई डिटेल्स को एडिट कर सकें।

आईबीपीएस पीओ नोटिफिकेशन 2026: एक नजर में भर्ती प्रक्रिया

आईबीपीएस ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO), मैनेजमेंट ट्रेनी (MT), और स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) पोस्ट पर भर्ती के लिए कॉमन रिक्रूटमेंट प्रोसेस (CRP PO/MT-XVI और CRP SPL-XVI) का अस्थायी परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है।

जानकारी डिटेल्स

परीक्षा का नाम : IBPS PO 2026 (CRP PO/MT-XVI)

आयोजक संस्था : इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS)

पद : प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO)/मैनेजमेंट ट्रेनी

एप्लीकेशन मोड : ऑनलाइन

नोटिफिकेशन रिलीज : 30 जून 2026

ऑनलाइन अप्लाई शुरू : जुलाई 1, 2026

अप्लाई करने की आखिरी तारीख : जुलाई 21, 2026

सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिम्स, मेन्स, इंटरव्यू

ऑफिशियल वेबसाइट : www.ibps.in

प्रीलिम्स एग्जाम : अगस्त 2026

मेन्स एग्जाम : अक्टूबर 2026

पर्सनैलिटी टेस्ट : नवंबर 2026

इंटरव्यू : नवंबर/दिसंबर 2026

प्रोविजनल अलॉटमेंट : जनवरी 2027

आईबीपीएस पीओ 2026 आवेदन करने का तरीका

आधिकारिक लिंक एक्टिव होने के बाद, उम्मीदवार अपना पंजीकरण पूरा करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं :

  • ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर जाएं।
  • होमपेज पर “Apply Now” लिंक चुनें।
  • रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें और अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल ID डालें।
  • आपके लॉगिन क्रेडेंशियल ईमेल एड्रेस पर भेजे जाएंगे।
  • ऊपर दी गई डिटेल्स का इस्तेमाल करके, पर्सनल, कम्युनिकेशन और एजुकेशन की जानकारी के साथ अपना एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और रजिस्ट्रेशन फीस पे करें।
  • फाइनल सबमिशन से पहले सभी डिटेल्स को ध्यान से रिव्यू करें।

आईबीपीएस पीओ 2026 आवेदन शुल्क

सफल पंजीकरण के लिए उम्मीदवारों को 21 जुलाई, 2026 तक रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। फीस डेबिट/क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, UPI, वॉलेट वगैरह जैसे ऑनलाइन पेमेंट मोड से देना होगा। यह वापस नहीं की जाएगा। कैटेगरी के हिसाब से फीस की जानकारी इस तरह है:

कैटेगरी फीस अमाउंट

SC/ST/PWBD Rs. 175/-

अन्य Rs. 850/-

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों से अंग्रेजी, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीजनिंग विषय से 100 अंकों के 100 बहुविकल्पीय प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में चयनित किए गए उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाएगा। मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों से 200 अंकों के 170 सवाल पूछे जाएंगे। मुख्य परीक्षा की अवधि 160 मिनट निर्धारित की गई है। मुख्य परीक्षा में चयनित किए गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।

RRB Group D Result 2026: रेलवे बोर्ड ने ग्रुप डी परीक्षा 2024 का रिजल्ट आधिकारिक पोर्टल पर जारी किया, 32,000 से ज्यादा पदों के लिए हुई थी परीक्षा