Flydubai attempted hijacking: फ्लाईदुबई के हमलावर पायलट की जांच करेंगे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, 2014 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था आतंकी

Flydubai attempted hijacking: दुबई से तेल अवीव जाने वाले फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश कराने की कोशिश करने वाले पायलट हमाम अल हम्मामी के ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड प्रवास की जांच की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया की संघीय पुलिस ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन सुरक्षा एजेंसियां ओमानी पायलट के करीब दस साल पहले ऑस्ट्रेलिया में बिताए समय की जांच कर रही हैं। FlyDubai का पायलट यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में कस्टडी में है। उस पर इजराइल जाने वाले प्लेन को क्रैश करने की कोशिश करने का आरोप है।

सोमवार को पुलिस के एक बयान में कहा गया कि फेडरल और स्टेट पुलिस और ऑस्ट्रेलिया की डोमेस्टिक इंटेलिजेंस एजेंसी समेत एक जॉइंट काउंटरटेररिज्म टीम, “ओमानी हमलावर के ऑस्ट्रेलिया से लिंक की जांच कर रही है।” न्यूजीलैंड की पुलिस एजेंसी ने यह भी कहा कि को-पायलट ने न्यूजीलैंड में समय बिताया था और अधिकारी जांच करेंगे।

छात्र वीजा पर 2014 में ऑस्ट्रेलिया आया था हम्मामी

न्यूज मीडिया ने बताया कि आरोपी पायलट को 2014 में ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा मिला था। उसने 2015 में ऑस्ट्रेलिया में यूनिवर्सिटी कोर्स शुरू किया था। मीडिया ने बताया कि उसने 2017 में ऑस्ट्रेलिया छोड़ दिया था, और 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। Flydubai के को-पायलट पर आरोप है कि उसने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट के दौरान कैप्टन पर क्रैश करने के इरादे से कुल्हाड़ी से हमला किया। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने को-पायलट की पहचान नहीं की है। लेकिन रॉयटर्स, CNN और द न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई मीडिया आउटलेट्स ने उसकी पहचान हमाम अल-हम्मामी बताया है। ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (ABC) ने बताया कि काउंटर-टेररिज्म अधिकारी यह देखेंगे कि क्या वह आदमी ऑस्ट्रेलिया में रेडिकलाइज हुआ था। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह ओमानी नागरिक था।

क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में?

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में 170 से अधिक यात्री इजरायल जा रहे थे। यूनाइटेड अरब अमीरात के प्रॉसिक्यूटर जनरल ने कहा है कि अपनी यात्रा के ढाई घंटे बाद ओमानी को-पायलट द्वारा विमान के अन्य पायलट पर हमला करने के बाद विमान अचानक से 17,000ft (5,200m) नीचे गिर गया। प्लेन उड़ा रहे पायलट, कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि कैसे वह घायल होकर जमीन पर पड़े थे। दो रिजर्व पायलटों ने प्लेन को सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड कराया। मूल रूप से भारतीय नागरिक मच्छार को पास के एक हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर उन्हें अबू धाबी एयरलिफ्ट किया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

को-पायलट की नौकरी का इतिहास खंगाला जा रहा

हमले के बाद के दिनों में को-पायलट की नौकरी की हिस्ट्री के बारे में और जानकारी सामने आई है। एक दूसरी एयरलाइन, ओमान एयर में काम करते समय, US मीडिया ने बताया कि अल-हम्मामी को उनके कट्टर विचारों की वजह से फ्लाइट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था, और उन्हें ओमान की नेशनल एयरलाइन में दूसरी भूमिका दी गई थी। यह भी पता चला है कि, 2020 से, वह UK में बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी द्वारा चलाए जा रहे डिस्टेंस-लर्निंग कोर्स में पढ़ रहा था। यूनिवर्सिटी ने कहा कि उसने 2023 में एविएशन मैनेजमेंट में डिग्री के साथ ग्रेजुएशन किया। उसने यह भी बताया कि उसने स्कूल में कोई पायलट ट्रेनिंग नहीं ली थी।

Flydubai: ‘इजराइल में फ्लाइट क्रैश करना था सपना’ ओमानी को-पायलट ने पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे

Noida News: ‘मैं डिप्रेशन में हूं…’; नोएडा के सुपरनोवा बिल्डिंग की 43वीं मंजिल से कूदकर युवक ने दी जान, छलांग लगाने का दर्दनाक वीडियो वायरल

Noida suicide case: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग के एक अपार्टमेंट की बालकनी से शनिवार (3 अक्टूबर) को एक युवक ने कूदकर अपनी जान दे दी। सेक्टर 94 में स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग की 43वीं मंजिल से कूदने से ठीक पहले 28 साल के युवक ने कथित तौर पर AC रिपेयर करने वाले कर्मचारियों की एक टीम से कहा कि वह डिप्रेशन में है। मृतक की पहचान गुरुग्राम के मानेसर में IMT व्यू CGHS के टॉवर A के रहने वाले विनय कुमार जैन के बेटे संभव जैन के तौर पर हुई है। गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, जैन एक दिन के लिए सेक्टर 94 की स्पायर बिल्डिंग में अकेले आए थे।

यह घटना शनिवार सुबह सेक्टर 126 पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, जैन बालकनी की रेलिंग से लटके हुए थे। तभी पास के फ्लैट में काम कर रहे AC रिपेयर करने वाले कर्मचारियों की टीम ने उन्हें देखा। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों ने उनसे बात करने और उन्हें रेलिंग से पीछे हटने के लिए मनाने की कोशिश की। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान जैन ने उनसे कहा, “मैं डिप्रेशन में हूं।” इसके बाद वह बालकनी से कूद गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना का एक वीडियो भी ऑनलाइन सामने आया है। फुटेज में जैन को बालकनी की रेलिंग से लटके हुए देखा जा सकता है। कुछ ही पल बाद वह बिल्डिंग से नीचे गिर जाते हैं। इस दौरान मौके पर कुछ लोग मौजूद थे। आत्महत्या से पहले युवक ने उनसे कहा, “नहीं गिर रहा सर…” और फिर अचानक उसने छलांग लगा दी। AC मैकेनिकों ने बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन वह सफल नहीं हो सके। घटना केयरटेकर के कैमरे में कैद हो गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद, सेक्टर 126 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। पुलिस ने बताया कि कानूनी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत इकट्ठा किए। जांच के हिस्से के तौर पर बिल्डिंग और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।

वीडियो वायरल हुआ

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। फुटेज में जैन बालकनी की रेलिंग से लटके हुए दिख रहे हैं और नीचे से लोगों की प्रतिक्रियाएं सुनी जा सकती हैं। कुछ ही पल बाद वह बिल्डिंग से नीचे गिर जाते हैं। तब से यह वीडियो ऑनलाइन काफी शेयर किया जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने घटना के समय बिल्डिंग के पास मौजूद लोगों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को पता चला कि जैन मानसिक तनाव में थे। उनके परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Insurance Claim: एलआईसी ने क्लेम किया रिजेक्ट, फोरम ने लगाई फटकार, अब चुकाने होंगे ₹10 लाख

Insurance Claim:  बढ़ती बीमारी के डर और मेडिकल खर्चों के बोझ से बचने के लिए अब लाइफ इंश्योरेंस करवाना लोगों की पसंद बन रही है। परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लाइफ इंश्योरेंस काफी करवाते हैं, लेकिन ऐसे में अगर किसी व्यक्ति ने लाइफ इंश्योरेंस करवाया हो और पॉलिसीधारक की मौत हो जाए। फिर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम खारिज कर दें तो ऐसी स्थिति में परिवार क्या करेगा? कुछ ऐसा ही मामला गाजियाबाद से सामने आया है। जहां पर जिला उपभोक्ता आयोग ने लाइफ इंश्योरेंस LIC ऑफ इंडिया को पॉलिसीहोल्डर के नॉमिनी को 30 दिनों के भीतर 10 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से मिली खबर के मुताबिक गाजियाबाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने LIC ऑफ इंडिया को आदेश दिया है कि वह पॉलिसीहोल्डर के नॉमिनी को 30 दिनों के भीतर 10 लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिया है। इस रकम में डेथ क्लेम के तौर पर 9.9 लाख रुपये और मानसिक परेशानी व कानूनी खर्च के लिए मुआवजे के तौर पर 5,000 रुपये शामिल हैं।

दरअसल, गाजियाबाद की रहने वाली नीलम मारवाह ने 3 जनवरी, 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य शैलजा सचान व आरपी सिंह को बताया कि उनके पति पवनीश मारवाह ने 27 नवंबर, 2013 को बीमा कंपनी से 9.95 लाख रुपये की सम एश्योर्ड वैल्यू वाली पॉलिसी खरीदी थी।

5 दिसंबर, 2014 को उनके पति बीमार पड़ गए और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। ऐसे में बीमा कंपनी में पॉलिसी क्लेम करने के बाद LIC ने क्लेम का निपटारा करने से इनकार कर दिया। कंपनी ने नीलम को एक पत्र में बताया कि क्लेम इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि उनके पति ने पॉलिसी लेते समय अपनी पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी छिपाई थी।

LIC के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता का क्लेम मिलने पर बीमा कंपनी ने कागजात की जांच की और बीमा पॉलिसी की शर्तों के आधार पर क्लेम खारिज कर दिया। साथ ही, 30 मार्च, 2016 को क्लेम खारिज करने का नोटिस भी भेजा गया। इस फैसले से असंतुष्ट होकर कानपुर में बीमा कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय में अपील की गई, लेकिन 30 जुलाई, 2016 को उसे भी खारिज कर दिया गया।

पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी न देने के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए शिकायतकर्ता ने आयोग से राहत की मांग की।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज़ों को देखने के बाद गाजियाबाद आयोग ने कहा कि बीमा अनुबंध पूरी ईमानदारी (utmost good faith) का अनुबंध होता है, लेकिन बीमा कंपनी केवल इसी सिद्धांत के आधार पर मनमाने ढंग से किसी क्लेम को खारिज नहीं कर सकती।

आयोग ने कहा, “जब कोई बीमा कंपनी यह आरोप लगाती है कि बीमा कराने वाले व्यक्ति ने स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी बातें छिपाई थीं, तो यह साबित करने की जिम्मेदारी उसी कंपनी की होती है कि बताई गई बीमारी असल में थी और पॉलिसी लेते समय वह बीमारी अहम थी और उससे जोखिम पर असर पड़ता था। कंपनी को यह भी साबित करना होगा कि बीमा कराने वाले व्यक्ति को उस बीमारी के बारे में पता था, उसने जान-बूझकर और धोखाधड़ी से ये बातें छिपाई थीं, और बताई गई बीमारी का व्यक्ति की मौत या बीमा से जुड़े जोखिम से अहम और सीधा संबंध था।” आयोग ने आगे कहा कि LIC पेश किए गए दस्तावेज़ों के आधार पर इन बातों को साबित करने में नाकाम रही है।

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हाईजैक विमान को गिराने की तैयारी में था इजराइल:अलर्ट मिलते ही फाइटर जेट्स भेजे; 9/11 जैसा हमला टालने के लिए हवा ही मारना पड़ता

इजराइल ने दुबई से उड़ान भरने वाले हाईजैक विमान को मार गिराने की तैयारी कर लिए थी। हाईजैक का अलर्ट मिलते ही फाइटर जेट्स रवाना कर दिए थे। विमान में 174 यात्री सवार थे। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार को आशंका थी कि अगर विमान का कंट्रोल वापस नहीं मिला, तो वह इजराइल तक पहुंच सकता है और 9/11 जैसे हमले को अंजाम दे सकता है। खतरा टालने के लिए विमान को हवा में ही मार गिराना पड़ सकता था। इजराइल के भारत में राजदूत रियूवेन अजार के मुताबिक, हालात नहीं संभलते तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कार्रवाई पर फैसला लेना पड़ सकता था। हालांकि, विमान के क्रू ने दोबारा कंट्रोल हासिल कर लिया और उसे सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतार लिया गया। हाईजैकर्स से बातचीत के लिए भी तैयार था इजराइल इजराइल ने इस आशंका के लिए भी तैयारी की थी कि हाईजैकर्स विमान में सवार यात्रियों को बंधक बनाकर अपनी मांगें रख सकते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इजराइल की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी और बंधक बचाव यूनिट यामाम को अलर्ट किया गया था। योजना थी कि अगर हाईजैकर्स यात्रियों को छोड़ने के बदले कोई मांग रखते हैं, तो उनसे बातचीत और बंधकों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई के लिए यह विशेष यूनिट मोर्चा संभालेगी। विमान दूसरे देश में गिरता तो कमांडो भेजता इजराइल इजराइल ने ऐसी स्थिति के लिए भी तैयारी की थी, जिसमें हाईजैक हुआ विमान उसके बजाय जॉर्डन या सऊदी अरब के इलाके में क्रैश हो जाता। ऐसी नौबत आने पर विमान में फंसे यात्रियों और क्रू को बचाने के लिए इजराइली एयरफोर्स की विशेष कमांडो यूनिट शालदाग को भेजने की योजना बनाई गई थी। इसी यूनिट ने अप्रैल में ईरान में अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के क्रैश होने के बाद दो अमेरिकी एयरक्रू सदस्यों को बचाने के अभियान में हिस्सा लिया था। 9/11 हमले में करीब 3000 लोग मारे गए थे 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए 9/11 हमले में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी। आतंकवादी संगठन अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावरों से और एक को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन से टकरा दिया गया। चौथा विमान यात्रियों के विरोध के बाद एक खेत में गिर गया। ———————- ये खबर भी पढ़ें… इजराइली यात्री ने TV शो देखकर प्लेन उड़ाना सीखा:हमलावर पायलट को पकड़कर हाइजैकिंग रोकी; खून सने कपड़ों में नेतन्याहू से मिलने पहुंचा दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार सुबह कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच झगड़ा हो गया। ओमानी पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दुबई-तेल अवीव फ्लाइट हाईजैक होने का अलर्ट:इजराइल ने फाइटर जेट भेजा, लैंडिंग के बाद पता चला- पायलटों में हाथापाई हुई थी

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट से अचानक हाइजैक का अलर्ट मिला। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक विमान ने पहले इमरजेंसी का 7700 कोड भेजा और फिर 7500 कोड भेजा, जिसका मतलब हाइजैक होता है। अलर्ट मिलते ही इजराइल ने विमान की ओर फाइटर जेट भेज दिए। इसके बाद फ्लाइट ने अपना रास्ता बदलकर सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। विमान में करीब 180 यात्री सवार थे, जिनमें 150 से ज्यादा इजराइली नागरिक थे। बाद में इजराइली सूत्रों ने बताया कि विमान हाइजैक नहीं हुआ था बल्कि पायलटों के बीच कहासुनी हो गई थी। वहीं CNN ने दावा किया है कि विमान में दोनों पायलटों के बीच हाथापाई हुई थी। इसी वजह से इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया। फ्लाइट के रूट बदलने की वीडियो सऊदी अरब के ऊपर बदला रास्ता फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान सऊदी अरब के ऊपर पहुंचने के बाद अपने तय रास्ते से मुड़ गया था। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान ने करीब दो मिनट में 34 हजार फीट से 16,600 फीट तक की ऊंचाई कम कर ली थी। यह घटना भारतीय समय के हिसाब से रात के समय हुई थी। इसके करीब 12 मिनट बाद विमान से इमरजेंसी सिग्नल भेजा। कुछ समय के लिए फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर विमान की स्थिति दिखनी भी बंद हो गई थी। इजराइल में प्रधानमंत्री-रक्षा मंत्री की इमरजेंसी बातचीत विमान से मिले अलर्ट के बाद इजराइल में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। हिब्रू मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने भी मामले को लेकर इमरजेंसी बातचीत की। इस दौरान विमान की स्थिति और उसमें सवार यात्रियों को लेकर जानकारी जुटाई गई। इजराइली एयरफोर्स के फाइटर जेट भी विमान की तरफ भेजे गए थे। पायलटों के बीच झगड़ा क्यों हुआ अभी पता नहीं पायलटों के बीच किस बात को लेकर हाथापाई हुई थी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। विमान के सऊदी अरब में उतरने के बाद अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी जुटाने का मौका मिला है।

—————————- ये खबर भी पढ़ें… जिनपिंग के बॉडीगार्ड की पहचान उजागर: व्हाइट हाउस की गेस्ट लिस्ट में नाम-पद सामने आया चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई साल से एक अधिकारी विदेश दौरों और बड़ी बैठकों में नजर आता रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : अक्टूबर सीरीज की कमजोर शुरूआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 4 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि ग्लोबल संकेत ठीक-ठाक हैं। एशियाई बाजार मजबूत दिख रहे हैं। निक्केई और कोस्पी 1-1% ऊपर हैं। 30 साल की US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बावजूद अमेरिकी बाजारों में निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। डाओ फ्यूचर्स भी 125 प्वाइंट ऊपर दिख रहा है। कच्चे तेल में नरमी आई है। कच्चे तेल में नरमी के बावजूद 30 साल की US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने से टेंशन है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

उतार-चढ़ाव भरे सेशन में 29 सितंबर को भारतीय शेयर बाज़ार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। F&O एक्सपायरी के बीच निफ्टी 22,700 के आसपास बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

GIFT निफ्टी सपाट कारोबार कर रहा है। यह 22,830 के आसपास नजर आ रहा है। ये भारतीय बाजारों के लिए सुस्त शुरुआत के संकेत हैं।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयरों में तीन सेशन में पहली बार बढ़त देखने को मिल रही है। US सेमीकंडक्टर शेयरों के अहम इंडेक्स में बढ़त के बाद टेक्नोलॉजी कंपनियों की अगुवाई में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4% ऊपर चढ़ा है। US इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स में भी थोड़ी बढ़त हुई है। निक्केई में 1.20 फीसदी की तेजी है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.05 फीसदी की हल्की कमजोरी है। हैंग सेंग में भी 0.42 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। ताइवान का बाजार 1.45 फीसदी और कोस्पी 0.08 फीसदी बढ़त दिखा रहा है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.24 फीसदी की तेजी है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार में मामूली गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। महंगाई और लेबर मार्केट के आंकड़ों से पहले सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जारी रही, जबकि निवेशकों ने ब्याज दरों की दिशा को लेकर फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों पर फोकस बनाए रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 131.59 अंक या 0.26% गिरकर 51,349.92 पर आ गया। S&P 500 में 12.85 अंक या 0.17% की गिरावट आई और यह 7,670.84 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 22.84 अंक या 0.08% गिरकर 26,797.54 पर आ गया।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.43% की गिरावट आई है,जबकि इंडोनेशियाई रुपिया और फिलीपीन पेसो में 0.02% की गिरावट दर्ज की गई है। सिंगापुर डॉलर में 0.01% की मामूली गिरावट आई है।

वहीं दूसरी ओर जापानी येन में 0.16% की मज़बूती आई है,इसके बाद ताइवान डॉलर में 0.11%, मलेशियाई रिंगित में 0.07% और चीनी रेनमिनबी में 0.06% की बढ़त हुई है। थाई बाहत में 0.02% की मामूली बढ़त देखी गई है।

क्रूड कीमतों में नरमी, ब्रेंट $102 के पास, 7 हफ्ते के निचले स्तर पर गोल्ड

पश्चिम एशिया से सप्लाई सुधरने से क्रूड में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर के पास दिख रहा है। होर्मुज के रास्ते तेल शिपमेंट PRE-WAR लेवल के करीब है। रिकवरी के बावजूद सोना 7 हफ्ते के निचले स्तर पर है। कॉमेक्स गोल्ड 4200 डॉलर के ऊपर है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर दिख रहा है।

ट्रंप ने कहा बहुत जल्द खत्म होगा ईरान से युद्ध, जॉन विलियम्स ने कहा दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं

बाजारों के लिए 2 पॉजिटिव बयान आए हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा। इधर FOMC के रेट तय करने वाली कमिटी के वाइस चेयरमैन जॉन विलियम्स का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि सितंबर के बाद दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं है। इस बयान के बाद अक्टूबर में 25 bps रेट हाइक की संभावना 70% से घटकर 50% हो गई है।

आज से निफ्टी में बदलाव लागू

आज से निफ्टी में बदलाव लागू होगा। निफ्टी 50 में विप्रो की जगह BSE शामिल होगा। वहीं Nifty Next 50 में विप्रो,हिताची एनर्जी पॉलीकैप, Vedanta Aluminium, Vodafone Idea जैसे शेयर जुड़ेंगे।

Avalon Tech और Gland Pharma में बड़े सौदे संभव

आज दो बड़ी ब्लॉक डील्स पर बाजार की नजर रहेगी। Avalon Tech में 862 करोड़ रुपए के ब्लॉक संभव है। प्रोमोटर 6 परसेंट हिस्सा बेच सकते हैं। Indicative प्राइस 2150 से 2302 रुपए प्रति शेयर के बीच है। वहीं, Gland Pharma में 450 करोड़ रुपए के बड़े सौदों की संभावना है। फ्लोर प्राइस 2990 रुपए प्रति शेयर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

29 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग ₹10,000 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और इस सत्र के दौरान लगभग ₹7,000 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

Market cues : बाजार का टेक्निकल स्ट्रक्चर सभी पैमानों पर कमजोर, 22570 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ेगी गिरावट

ग्रेटर नोएडा के अवैध कमर्शियल निर्माणों पर NGT की सख्त रुख! GNIDA को दिया 10 दिनों का अल्टीमेटम

Greater Noida News: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे कथित अवैध व्यावसायिक निर्माण के मामलों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) को ऐसे सभी अवैध व्यावसायिक निर्माणों की पूरी लिस्ट और उनसे संबंधित कार्रवाई का डिटेल्स 10 दिनों के भीतर रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश पूर्व गाजियाबाद पार्षद राजेंद्र त्यागी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। मामले की सुनवाई 24 सितंबर को NGT की प्रिंसिपल बेंच के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर अफरोज अहमद ने की।

GNIDA को नोटिस और कोर्ट के आदेशों का देना होगा ब्योरा

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक, सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने कहा कि GNIDA को अपनी कार्रवाई से जुड़े पूरे डिटेल्स के साथ उन उल्लंघनकर्ताओं को जारी किए गए नोटिस और अदालतों द्वारा पारित आदेशों की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी। NGT ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 दिसंबर की तारीख तय की है।

मामले में GNIDA की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने जुलाई में जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा था। अब ट्रिब्यूनल ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 10 दिनों के भीतर आवश्यक जानकारी रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है।

पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का आरोप

  • याचिका में ग्रेटर नोएडा में पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करते हुए निर्माण परियोजनाएं चलाए जाने का आरोप लगाया गया है।
  • इसमें पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (Environmental Impact Assessment) संबंधी अधिसूचना के प्रावधानों का पालन नहीं करने तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) से आवश्यक सहमति प्राप्त किए बिना संचालन करने जैसे आरोप शामिल हैं।
  • मामले में NGT ने पहले जुलाई में UPPCB को ग्रेटर नोएडा में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन में शुरू की गई कथित अवैध निर्माण परियोजनाओं के आरोपों की जांच और सत्यापन करने का निर्देश दिया था।

UPPCB ने कहा- GNIDA ने नहीं दी परियोजनाओं की जानकारी

  • 23 सितंबर को UPPCB की ओर से दाखिल रिपोर्ट में NGT को बताया गया कि GNIDA ने संबंधित परियोजनाओं का विवरण साझा नहीं किया।
  • बोर्ड के मुताबिक, इस संबंध में GNIDA को 17 अगस्त और 16 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। लेकिन इसके बावजूद परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
  • इसके बाद NGT ने GNIDA से कहा कि वह कथित अवैध निर्माणों से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराए।
  • इसमें प्राधिकरण की ओर से अब तक जारी किए गए नोटिस, उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई और संबंधित अदालतों के आदेशों का विवरण भी शामिल होगा।

10 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

NGT के इस आदेश के बाद GNIDA को निर्धारित समयसीमा में कथित अवैध व्यावसायिक निर्माणों की सूची और उनसे जुड़ी कार्रवाई का रिकॉर्ड पेश करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई अब 10 दिसंबर को तय की गई है।

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Chabahar Zahedan rail link: ईरान में 730 KM की चाबहार-जाहेदान रेल लाइन तैयार, भारत के लिए खुला मध्य एशिया और रूस का नया रास्ता, फुल डिटेल जानिए

Chabahar Zahedan rail link: काफी अरसे से बन रही चाबहार-जाहेदान रेलवे लाइन प्रोजेक्ट अंतिम पड़ाव पर है। इस प्रोजेक्ट के जरिए ईरान की मदद से भारत की पहुंच अफगानिस्तान, मध्य एशिया और रूस के कुछ हिस्सों तक बेहतर हो सकेगी। 730 km लंबा यह रेल लिंक अगले 3 से 4 महीने में पूरी तरह ऑपरेशनल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ईरान ने इसके पूरा होने की घोषणा की है।

चाबहार-जाहेदान रेलवे लाइन रूट पर 33 स्टेशन, 39 टनल और 201 पुल हैं। यह ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर चाबहार को जाहेदान से जोड़ता है। इससे जमीन से घिरे अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों को हिंद महासागर के जरिए समुद्री रास्तों से एक और संपर्क मिलेगा। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी अधिकारी ऑपरेशन शुरू होने से पहले अंतिम सुरक्षा जांच कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से ईरान के जरिए अफगानिस्तान, सेंट्रल एशिया और रूस के कुछ हिस्सों तक भारत की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।

मोदी-पेजेशकियन के बीच चाबहार पोर्ट पर हुई थी चर्चा

यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है जब भारत और ईरान चाबहार पोर्ट में नई दिल्ली की भागीदारी पर बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में BRICS समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात के समय यह मुद्दा एजेंडे में था। मोदी और पेजेशकियन 11 सितंबर को मिले और उन्होंने पश्चिम एशिया में आपसी रिश्तों और विकास पर चर्चा की।

भारत-ईरान कर चुके हैं 10 साल का एग्रीमेंट साइन

इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड और ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने मई 2024 में चाबहार में शाहिद बेहेश्टी टर्मिनल के डेवलपमेंट और ऑपरेशन के लिए 10 साल के एग्रीमेंट पर साइन किए। इसके बाद भारत ने कॉन्ट्रैक्ट के तहत अपना $120 मिलियन का फाइनेंशियल कमिटमेंट पूरा किया।

अमेरिका वापस ले चुका है सैंक्शन

चाबहार प्रोजेक्ट को गिरफ्त में लेने वाले प्रतिबंधिक को अमेरिका ने सितंबर 2025 में वापस ले लिया। इससे पहले भारत को एक सशर्त छूट दी थी जो 26 अप्रैल, 2026 को खत्म हो रही थी। भारत सरकार ने तब से कहा है कि वह इसके असर पर स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत कर रहा है। इससे पहले ईटी ने रिपोर्ट किया था कि नई दिल्ली एक ऐसी व्यवस्था पर भी चर्चा कर रही है जिसके तहत एक स्थानीय ईरानी पोर्ट्स अथॉरिटी चाबहार को मैनेज कर सकती है, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंध हटने पर ऑपरेशनल राइट्स भारत को वापस करने के कानूनी प्रोविजन होंगे।

Iran-US Conflict: ‘अगर हमला किया तो कयामत ला देंगे…’ ट्रंप को अराघची की खुली चेतावनी

रिपोर्ट-मिस्र ने हमास हमले से पहले इजराइल को चेताया था:खुफिया चीफ ने नेतन्याहू को फोन कर कहा था- गाजा से बड़ा हमला हो सकता है

मिस्र ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास हमले की चेतावनी इजराइल को पहले ही दे दी थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख अब्बास कामेल ने हमले से कुछ दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया था। उन्होंने गाजा से बड़े हमले की आशंका जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने इजराइल को पहली चेतावनी जून 2023 में दी थी। इसके बाद सितंबर में भी आगाह किया गया। हमले से कुछ दिन पहले नेतन्याहू के कार्यालय में फोन कर तीसरी बार चेतावनी दी गई थी। हालांकि, यह साफ नहीं है कि इन चेतावनियों के बाद इजराइल ने क्या कदम उठाए थे। मिस्र ने हमास से बातचीत शुरू करने को कहा था WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने जून 2023 में गाजा के हालात पर चिंता जताई थी। उसने इजराइल से हमास के साथ बातचीत फिर शुरू करने को कहा था। यह बातचीत बंधकों और कैदियों की अदला-बदली को लेकर होनी थी। सितंबर 2023 में अब्बास कामेल इजराइल गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने वहां के अधिकारियों को बताया कि गाजा के हालात गंभीर हैं। उन्होंने चेताया कि स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। लेकिन इजराइली अधिकारियों ने उनसे कहा कि हालात नियंत्रण में हैं। इसके कुछ दिन बाद कामेल ने नेतन्याहू के कार्यालय को फोन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने गाजा से बड़े हमले की आशंका को लेकर फिर चेतावनी दी। हालांकि, इन चेतावनियों में हमले का सही समय, निशाने और उसके पूरे प्लान की जानकारी होने की बात सामने नहीं आई है। नेतन्याहू ने चेतावनी मिलने से इनकार किया था नेतन्याहू पहले कह चुके हैं कि हमले से पहले उन्हें मिस्र के खुफिया प्रमुख से सीधे कोई चेतावनी नहीं मिली थी। ऐसे में नई रिपोर्ट के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेतन्याहू को हमले की आशंका के बारे में पहले से जानकारी थी। यह भी सवाल है कि मिस्र की ओर से मिली जानकारी इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची थी या नहीं। UAE के राष्ट्रपति ने भी नेतन्याहू को चेताया था इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया था कि UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सितंबर 2023 में नेतन्याहू को हमास के संभावित बड़े हमले के बारे में बताया था। रिपोर्ट में बातचीत की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से यह बात कही गई थी। NYT के मुताबिक, इजराइल के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि UAE की यह चेतावनी देश के सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंची थी। नेतन्याहू ने UAE से जुड़ी चेतावनी के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने उस रिपोर्ट को पूरी तरह झूठ बताया था। हमले से पहले क्या-क्या जानकारी मिली थी? 7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने गाजा सीमा पार कर इजराइली लोगों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इस दौरान कई लोगों को बंधक भी बनाया गया था। द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्बास कामेल ने 26 सितंबर 2023 को इजराइल का दौरा किया था। यह हमले से 11 दिन पहले की बात है। रिपोर्ट में कहा गया कि कामेल ने गाजा में हमले की तैयारियों को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने तनाव कम करने के कदम उठाने की अपील भी की थी। जेरूसलम पोस्ट ने WSJ की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि मिस्र ने इजराइल को कम से कम तीन बार चेतावनी दी थी। हालांकि, रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि इजराइल को हमले की पूरी योजना पहले से पता थी। अब मुख्य सवाल यह है कि नेतन्याहू तक कौन-सी जानकारी पहुंची थी, सुरक्षा एजेंसियों को क्या बताया गया था और चेतावनियों के बाद क्या कार्रवाई हुई थी। इन सवालों पर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं है।

रिपोर्ट-मिस्र ने हमास हमले से पहले इजराइल को चेताया था:खुफिया चीफ ने नेतन्याहू को फोन कर कहा था- गाजा से बड़ा हमला हो सकता है

मिस्र ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास हमले की चेतावनी इजराइल को पहले ही दे दी थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख अब्बास कामेल ने हमले से कुछ दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया था। उन्होंने गाजा से बड़े हमले की आशंका जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने इजराइल को पहली चेतावनी जून 2023 में दी थी। इसके बाद सितंबर में भी आगाह किया गया। हमले से कुछ दिन पहले नेतन्याहू के कार्यालय में फोन कर तीसरी बार चेतावनी दी गई थी। हालांकि, यह साफ नहीं है कि इन चेतावनियों के बाद इजराइल ने क्या कदम उठाए थे। अक्टूबर 2023 में हुए हमास हमले की तस्वीरें… मिस्र ने हमास से बातचीत शुरू करने को कहा था WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने जून 2023 में गाजा के हालात पर चिंता जताई थी। उसने इजराइल से हमास के साथ बातचीत फिर शुरू करने को कहा था। यह बातचीत बंधकों और कैदियों की अदला-बदली को लेकर होनी थी। सितंबर 2023 में अब्बास कामेल इजराइल गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने वहां के अधिकारियों को बताया कि गाजा के हालात गंभीर हैं। उन्होंने चेताया कि स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। लेकिन इजराइली अधिकारियों ने उनसे कहा कि हालात नियंत्रण में हैं। इसके कुछ दिन बाद कामेल ने नेतन्याहू के कार्यालय को फोन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने गाजा से बड़े हमले की आशंका को लेकर फिर चेतावनी दी। हालांकि, इन चेतावनियों में हमले का सही समय, निशाने और उसके पूरे प्लान की जानकारी होने की बात सामने नहीं आई है। नेतन्याहू ने चेतावनी मिलने से इनकार किया था नेतन्याहू पहले कह चुके हैं कि हमले से पहले उन्हें मिस्र के खुफिया प्रमुख से सीधे कोई चेतावनी नहीं मिली थी। ऐसे में नई रिपोर्ट के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेतन्याहू को हमले की आशंका के बारे में पहले से जानकारी थी। यह भी सवाल है कि मिस्र की ओर से मिली जानकारी इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची थी या नहीं। रिपोर्ट- UAE के राष्ट्रपति ने भी नेतन्याहू को चेताया था इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया था कि UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सितंबर 2023 में नेतन्याहू को हमास के संभावित बड़े हमले के बारे में बताया था। रिपोर्ट में बातचीत की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से यह बात कही गई थी। NYT के मुताबिक, इजराइल के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि UAE की यह चेतावनी देश के सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंची थी। नेतन्याहू ने UAE से जुड़ी चेतावनी के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने उस रिपोर्ट को पूरी तरह झूठ बताया था। हमले से पहले क्या-क्या जानकारी मिली थी? 7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने गाजा सीमा पार कर इजराइली लोगों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इस दौरान कई लोगों को बंधक भी बनाया गया था। द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्बास कामेल ने 26 सितंबर 2023 को इजराइल का दौरा किया था। यह हमले से 11 दिन पहले की बात है। रिपोर्ट में कहा गया कि कामेल ने गाजा में हमले की तैयारियों को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने तनाव कम करने के कदम उठाने की अपील भी की थी। जेरूसलम पोस्ट ने WSJ की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि मिस्र ने इजराइल को कम से कम तीन बार चेतावनी दी थी। हालांकि, रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि इजराइल को हमले की पूरी योजना पहले से पता थी। अब मुख्य सवाल यह है कि नेतन्याहू तक कौन-सी जानकारी पहुंची थी, सुरक्षा एजेंसियों को क्या बताया गया था और चेतावनियों के बाद क्या कार्रवाई हुई थी। इन सवालों पर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं है। ——————— ये खबर भी पढ़ें…. इजराइल ने हमास आतंकी को मार गिराया:7 अक्टूबर के हमले में इजराइली महिला को किडनैप कर जबरदस्ती गाजा ले गया था इजराइल ने शनिवार को हवाई हमले में हमास आतंकी को मार गिराया है। इजराइली सेना (IDF) ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि आतंकी की पहचान साहेर निदाल लत्फी साकर के रूप में हुई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…