Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook:भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 29 सितंबर को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। आज निफ्टी 22,700 के आसपास रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ। लगभग 1871 शेयरों में बढ़त हुई, 2321 शेयरों में गिरावट आई और 164 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। टाइटन कंपनी, एटरनल, HCL टेक्नोलॉजीज, HDFC लाइफ और इंफोसिस निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, NTPC, टाटा स्टील, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में बढ़त देखी गई।

सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, मेटल और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू इक्विटी मार्केट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, US ट्रेजरी यील्ड का दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब बने रहना और FII की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव है। IPO के ज़रिए रिकॉर्ड स्तर पर फंड जुटाने से भी मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है। साल के आखिर में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और ग्लोबल स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति के माहौल के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम बना हुआ है।

हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव निकट भविष्य में मार्केट के सेंटीमेंट को प्रभावित करते रहेंगे,लेकिन अब मार्केट का फोकस धीरे-धीरे Q2 की अर्निंग्स पर जा रहा है, जिसके लिए उम्मीदें Q1 की तुलना में कम हैं। अगर US ईरान संघर्ष में बड़ी कमी आती है, तो जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के कारण मार्केट में जबरदस्त रिलीफ रैली आ सकती है। तब तक,निवेशकों के चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने की संभावना है। ऐसे में निवेशक ब्रॉडर मार्केट एक्सपोज़र के बजाय फंडामेंटल्स और कमाई की स्पष्टता को प्राथमिकता देंगे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी जून 2026 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से भी नीचे आ गया है,जिससे एक बड़ी ‘बेयरिश मारुबोज़ू कैंडल’बनी है और गिरावट लगातार आठवें हफ़्ते भी जारी है। मोमेंटम इंडिकेटर्स के’ओवरसोल्ड ज़ोन’में जाने के कारण निकट भविष्य में 23020 के स्तर तक थोड़ी रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,जब तक 23150 का स्तर फिर से हासिल नहीं हो जाता,तब तक बड़ा ट्रेंड कमज़ोर ही रहेगा। हालांकि निफ्टी के 22600 के स्तर से नीचे जाने की संभावना कम है, लेकिन अगर ऐसा होता है,तो गिरावट और तेज़ हो सकती है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि गिरावट जारी रहने के कारण इंडेक्स अपने 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिर गया। कोविड के समय आई गिरावट के बाद यह पहली बार है जब निफ्टी 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिरा है,जो अभी 22,600 पर है।

अगर यह इस लेवल से नीचे जाता है तो बाज़ार में और तेज़ी से गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर निफ्टी 22,600 से ऊपर बना रहता है तो ऊपर की ओर रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए,22600 निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल बना रहेगा। ऊपर की ओर सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस 22,800 पर है।

PL कैपिटल में चीफ बिज़नेस ऑफिसर एडवाइजरी एंड डीलिंग, विक्रम कसाट का कहना है कि कल हुई बिकवाली का असर आज भी बाजार पर दिखा जिससे बाजार दबाव में रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,कमजोर रुपया और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कमजोर बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड का भाव $106 प्रति बैरल के आसपास होना खास तौर पर अहम है क्योंकि इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,डॉलर के मुकाबले रुपये का ₹96 के स्तर से नीचे जाना मैक्रो रिस्क को और बढ़ाता है।

यह कमजोरी व्यापक है। फाइनेंशियल, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव है। इससे पता चलता है कि निवेशक सिर्फ अलग-अलग सेक्टर के बीच निवेश नहीं बदल रहे हैं,बल्कि जोखिम से बच रहे हैं।

आगे चलकर,बाजार की चाल कच्चे तेल की कीमतों,जियोपॉलिटिकल घटनाओं और FII निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगी। ऐसे माहौल में निवेशकों को आक्रामक तरीके से निवेश करने के बजाय कमाई की स्पष्टता,मजबूत बैलेंस शीट और धीरे-धीरे निवेश करने(staggered accumulation)को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 28 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,800 के नीचे चला गया। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। आज लगभग 1214 शेयरों में बढ़त हुई, 2905 शेयरों में गिरावट आई और 166 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स,अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज लैब्स और इंफोसिस शामिल रहे।

सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक इंडेक्स 3% और टेलीकॉम इंडेक्स 2% नीचे बंद हुआ। जबकि एनर्जी,इंफ्रा,FMCG,रियल्टी,प्राइवेट बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.8 प्रतिशत गिरा।

बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट बालाजी राव मुदिली ने कहा कि आज बाजार में भारी गिरावट देखी गई। निफ़्टी 22,780.25 (1.56% नीचे) पर और सेंसेक्स 72,771.21 (1.52% नीचे) पर बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया,जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया। इससे बाजार पर दबाव बना। साथ ही,बाजार को उम्मीद है कि अक्टूबर की बैठक में अमेरिका में ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। ये लगभग 3.36% और 5.29% नीचे आए हैं। इंडेक्स के नजरिए से देखें तो सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए,जिनमें बैंक,मेटल,रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई।

बॉन्ड यील्ड में तेजी, रुपये में कमज़ोरी, RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावना और बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटने की उम्मीद के कारण बड़े बैंकों के शेयरों पर भारी दबाव बना हुआ है। आज बैंक-निफ्टी में 1.99% की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि बाजार के एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल को तोड़ने के साथ ही मंदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह ग्लोबल मैक्रो हालात बिगड़ने के साथ ही निवेशकों में बढ़ती सावधानी की भावना को दिखाता है। अमेरिका द्वारा सीज़फायर के प्रस्ताव को ठुकराने से चिंताएं बढ़ गई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव उम्मीद से ज़्यादा समय तक बना रह सकता है। इससे निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान की संभावना कम हो गई है और लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट और कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।

वहीं,अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारत और अमेरिका के बीच यील्ड का अंतर कम हो रहा है,जिससे विदेशी फंडों की निकासी हो सकती है और बाज़ार का मूड सतर्क बना रह सकता है। फेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती आशंका के कारण सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। इसके अलावा, RBI के आगामी पॉलिसी से पहले बाजार सतर्क रह सकते हैं। निकट भविष्य में ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव,तेल की कीमतें और पॉलिसी से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 360 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1124 अंक गिर गया। सभी अहम सेक्टर इंडेक्स नेगेटिव दायरे में रहे,जिसमें PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज़्यादा 3.15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

टेक्निकल तौर पर कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी 23,000 के स्तर से नीचे फिसल गया और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके अलावा, डेली चार्ट पर’बेयरिश कैंडल’और इंट्राडे चार्ट पर’लोअर-टॉप फॉर्मेशन’मौजूदा स्तरों से और कमजोरी आने का संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है। हालांकि,कुछ समय के लिए’ओवरसोल्ड’पोजीशन के कारण,हम मौजूदा स्तरों से एक तेज’पुलबैक रैली’देख सकते हैं। डे ट्रेडर्स के लिए 22,800 का स्तर अहम है। इस स्तर से नीचे सेंटीमेंट कमजोर बने रहने की संभावना है,जिसमें 22,650–22,550 पर सपोर्ट मिलेगा। ऊपर की तरफ,22,800 के स्तर से ऊपर जाने पर निफ्टी 23,000–23,050 की ओर उछाल दिखा सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और उस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया,जिससे यह 23,300 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गया। कमजोर शुरुआत से पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर सेलर अभी भी एक्टिव हैं,जिससे निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर खराब है। ऊपर की तरफ,23,100–23,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस बैंड का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 23,200 के ऊपर बना रहता है,तो इससे कुछ राहत मिल सकती है और 23,300–23,400 के लेवल तक रिकवरी में मदद मिल सकती है। हालांकि,अगर यह इस रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ही ट्रेड करता रहा तो इंडेक्स पर और बिकवाली का दबाव बन सकता है।

नीचे की तरफ 22,800 का लेवल अहम सपोर्ट बना हुआ है,जिस पर नज़र रखनी होगी। अगर यह 22,800–22,700 के दायरे से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स और निचले स्तरों पर जा सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हुए हैं। RSI 30 के आसपास है,जो बताता है कि मोमेंटम काफी कमजोर है और यह’ओवरसोल्ड’जोन के करीब है। बाजार का बड़ा तकनीकी ढांचा भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर,तकनीकी आउटलुक अधिक मंदी वाला हो गया है।

 

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 28 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय बाजार आज बढ़त लेकर बंद हुए हैं। CAS के बाद सेंसेक्स 300 से ज़्यादा अंक ऊपर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 23,150 के करीब क्लोज हुआ है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 315 अंक बढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ है। जबकि निफ्टी 77 अंक चढ़कर 23,140.50 पर सेटल हुआ है। प्री-CAS क्लोजिंग के मुकाबले, सेंसेक्स में लगभग 14 अंकों और निफ्टी में लगभग 12 अंकों की बढ़त देखी गई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.88 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि रियल्टी में 0.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। प्राइवेट बैंक में 0.45 प्रतिशत और मेटल्स में 0.35 प्रतिशत की बढ़त हुई।

निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.23 प्रतिशत गिरा, जबकि ऑयल एंड गैस में 0.18 प्रतिशत और IT में 0.17 प्रतिशत की गिरावट आई। फार्मा भी 0.15 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 84 अंक गिरकर 60,906 पर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स के बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद, यह इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

बैंक निफ्टी 142 अंक बढ़कर 55,580 पर पहुंच गया। इसमें कुछ खास फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी देखी गई। एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

SEBI रजिस्टर्ड ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म, ‘एनरिच मनी’ के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद निफ्टी में काफी टेक्निकल दबाव बना हुआ है और इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर भी काफी कमजोर है। ऊपर की ओर, 23,200–23,300 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 23,300 के ऊपर क्लोज होता है तो 23,400–23,500 की तरफ थोड़ी राहत की रैली दिख सकती है, लेकिन जब तक यह जोन मजबूती से वापस हासिल नहीं हो जाता, तब तक किसी भी उछाल पर फिर से बिकवाली देखने को मिल सकती है।

नीचे की तरफ 23,000 का लेवल एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट है जिस पर नजर रखनी होगी। ऑप्शन डेटा से भी इसकी पुष्टि होती है, क्योंकि 23,000 के आसपास भारी ‘पुट OI’ जमा है, जो इसे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के लिए एक अहम लेवल बनाता है। अगर यह लेवल निर्णायक रूप से टूटता है, तो बिकवाली तेज़ हो सकती है और 22,900–22,800 के लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। कुल मिलाकर, बाजार का शॉर्ट-टर्म सेटअप ‘बेयरिश’ बना हुआ है। हालांकि ओवरसोल्ड पोजीशन से बीच-बीच में थोड़ी राहत वाली तेजी (रिलीफ रैली) आ सकती है, लेकिन लगातार रिकवरी के लिए इंडेक्स को पहले 23,300 और उसके बाद 23,500 के स्तर को फिर से हासिल करना होगा।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि गुरुवार को हुई भारी बिकवाली के बाद आज भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी दिखी। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी 73,600 और 23,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहे थे। यह रिकवरी रिस्क लेने की इच्छा में किसी बड़े सुधार के बजाय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और चुनिंदा शेयरों में वैल्यू बाइंग की वजह से आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत अभी भी $106 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, US ट्रेजरी यील्ड 5% से ऊपर है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है, इसलिए मैक्रो रिस्क अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। लार्ज-कैप और कमजोर मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के बीच का अंतर यह भी बताता है कि निवेशक अभी भी चुनिंदा शेयरों में ही निवेश कर रहे हैं। आगे चलकर, इस रिकवरी के टिके रहने का दारोमदार कच्चे तेल की कीमतों के स्थिर होने, ग्लोबल यील्ड में कमी आने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव कम होने पर निर्भर करेगा। तब तक, बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

ग्लोब कैपिटल मार्केट लिमिटेड में इक्विटी रिसर्च के AVP, विपिन कुमार ने कहा कि जब तक निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 23,500-23,600 के स्पॉट ज़ोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा, तब तक चार्ट का स्ट्रक्चर नेगेटिव बना रहेगा। निफ्टी के लिए प्राइस सपोर्ट 23,100-23,000 के लेवल के आसपास है। उन्होंने आगे कहा कि इस ज़ोन के नीचे की क्लोजिंग को नेगेटिव माना जाएगा। ऐसा होने पर निफ्टी निकट भविष्य में 22,500-22,400 की ओर जा सकता है।

सावधानी भरा नजरिया बनाए रखते हुए एक्सिस डायरेक्ट में डेरिवेटिव्स और टेक्निकल रिसर्च के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, हेमांग गौर ने कहा कि निफ्टी के लिए सबसे करीबी सपोर्ट 23,000 पर है और अगर यह टूटता है तो यह 22,800-22,850 की ओर गिर सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 23,150 के पार जाने पर पुलबैक 23,250-23,300 तक बढ़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में लगातार कमी आने से मार्केट को खोई हुई बढ़त वापस पाने में मदद मिल सकती है।

 

 

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Trading Plan : आज बुल्स ने की अच्छी वापसी, फिर भी इंडेक्स से बेहतर है चुनिंदा शेयरों में रहना

Trading Plan : कल की गिरावट के बाद आज बुल्स ने अच्छी वापसी की है। निफ्टी 100 प्वाइंट उछलकर 23400 के ऊपर चला गया है। बैंक निफ्टी भी 56500 के पार ट्रेड कर रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का आउटपरफॉर्मेंस जारी है। कच्चा तेल 99 डॉलर के नीचे आने से सेंटिमेंट अच्छे हुए है। इधर वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 5 फीसदी फिसला है। मेटल शेयरों में आज सबसे ज्यादा चमक देखने को मिल रही है। निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 2 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। साथ ही सरकारी बैंक, FMCG और रियल्टी सेक्टर में भी रफ्तार है। तीनों सेक्टर इंडेक्स एक से सवा परसेंट चढ़े है। हलांकि IT में लगातार चौथे सेशन में कमजोरी देखने को मिल रही है।

कैपिटल मार्केट शेयरों में अच्छी खरीदारी आई है। इसका इंडेक्स सवा परसेंट से ज्यादा चढ़ा है। मैनेजमेंट में बदलाव के बाद 360 ONE में उछाल है। यह करीब 4 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही CAMS, एंजेल वन और नुवामा में भी तेजी है।

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में बढ़िया कमबैक देखने को मिला है। कल की तेज गिरावट के बाद अब तक अच्छी तेजी है। लेकिन अभी तक निफ्टी ने इनसाइड डे बनाया है। मतलब कल के हाई और लो के बीच में पूरा सेशन रहा है और कल का हाई पार करना काफी अहम होगा। निफ्टी और बैंक निफ्टी फिर उसी रुकावट के जोन में हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी शानदार तेजी है। Adv/Dec मजबूत है। मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है।

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि कल हमने बात की थी कि Benefit Of Doubt देंगे और 1 दिन और देने की जरूरत है। आज हमारा इंट्राडे रहने का ही नजरिया था। निफ्टी आज एक बहुत छोटी रेंज में रहा है। फिलहाल इंडेक्स से बेहतर है चुनिंदा शेयरों में रहना। कल की NSE की लिस्टिंग एक बड़ा इवेंट है। कल CAT-2 AIFs अगर बेचेंगे तो वो पैसा बाजार में आएगा। मगर एक बात तय है, निफ्टी अभी 23,100-23,200 नहीं तोड़ना चाहता।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,300-23,350 पर सपोर्ट और 23,450-23,500 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 56,200-56,400 पर सपोर्ट और 56,600-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

क्लोज की उम्मीद बढ़िया है लेकिन रजिस्टेंस जोन में हैं। स्टॉक स्पेसिफिक मौके बेहतर हैं।

 

 

Clean Max share price : ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट के बाद 7.50% भागा शेयर, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market View : नियर टर्म में बाजार में और कमजोरी आने के संकेत, 23200 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

Stock Market View : बाजार पर बात करते हुए SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि हफ़्ते की एक्सपायरी के दिन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया और ज़्यादातर समय इसमें बिकवाली का दबाव देखने को। हालांकि,आखिरी घंटे में आई थोड़ी रिकवरी से इंडेक्स को नुकसान कुछ कम करने में मदद मिली। आखिरकार यह 0.36% गिरकर 23329 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जो निकट भविष्य में और कमजोरी आने का संकेत है।

तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी पर दबाव बना हुआ है क्योंकि यह अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,डेली RSI भी बेयरिश जोन में बना हुआ है,जो कमजोर मोमेंटम का संकेत है। निफ्टी में शामिल कंपनियों में कोल इंडिया और एटरनल सबसे ज्यादा बढ़त वाली कंपनियां रहीं,जबकि टाटा कंज्यूमर और नेस्ले इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया,जबकि निफ्टी IT और निफ्टी सीमेंट में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही,ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 दोनों ही गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार का दायरा कमजोर रहा क्योंकि एडवांस/डिक्लाइन रेश्यो में गिरने वाले शेयरों की संख्या ज्यादा रही। निफ़्टी 500 में शामिल 306 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पूरे बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली का दबाव साफ पता चलता है।

आगे 23450-23500 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स लगातार 23500 के ऊपर लगातार बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में चल रही पुलबैक रैली 23650 के लेवल तक बढ़ सकती है।

दूसरी ओर 23230-23200 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा। अगर इंडेक्स 23200 के नीचे जाता है तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर कमजोर हो सकता है और इंडेक्स का करेक्टिव ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 23 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

बैंक निफ्टी व्यू

बैंकिंग बेंचमार्क बैंक निफ्टी पिछले नौ ट्रेडिंग सेशन से लगभग 1300 पॉइंट्स की सीमित रेंज में ही घूम रहा है। यह इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में यह अपने 200-दिन के EMA लेवल को पार करने में नाकाम रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी एक ही दायरे में चल रहे हैं और डेली RSI न्यूट्रल जोन में बना हुआ है।

आगे चलकर 56700-56800 के आसपास स्थित 200-डे EMA इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स मजबूती से 56800 के ऊपर जाता है तो इससे रैली का एक नया दौर शुरू हो सकता है और शॉर्ट टर्म में 57400 के लेवल तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।

नीचे की तरफ,55800-55700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना रहेगा। अगर यह 55700 के नीचे टिकता है तो इसमें गिरावट का दौर फिर से शुरू हो सकता है और यह शॉर्ट टर्म में 55200 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 15 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 11 सितंबर को एक और उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,400 के लेवल के आसपास बंद होने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 120.83 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,398.10 पर बंद हुआ। आज लगभग 1773 शेयरों में बढ़त हुई, 2373 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज, HDFC बैंक, ITC, टेक महिंद्रा और विप्रो निफ्टी में बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे, जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, JSW स्टील, टाटा स्टील, आयशर मोटर्स और ONGC सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.5% बढ़ा। वहीं, मेटल और रियल्टी इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई,जबकि ऑटो, एनर्जी, ऑयल एंड गैस और PSU बैंक इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.26% की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6% गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ग्लोबल स्तर पर ऊंची ब्याज दरों की चिंता ने घरेलू शेयर बाज़ार पर दबाव बनाया,जिससे बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। प्रोड्यूसर महंगाई में बढ़ोतरी और मज़बूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने ब्याज दरों में बढ़त की संभावना को मज़बूत किया है। इससे बॉन्ड यील्ड बढ़ी और FII की बिकवाली जारी रही। हालांकि,यूरोपीय बाज़ारों में अच्छी शुरुआत के बाद कुछ खास सेक्टरों (खासकर IT) में वैल्यू बाइंग की वजह से बाज़ार दिन के निचले स्तरों से संभल गया।

बाज़ार में सुधार के बावजूद,कमज़ोर मार्केट ब्रेड्थ से पता चलता है कि बाज़ार में अभी भी उतार-चढ़ाव के साथ सुस्ती का दौर जारी है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,विदेशी निवेशकों की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है,लेकिन मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और संस्थागत निवेशकों के सपोर्ट से निचले स्तरों पर खरीदारी हो रही है। ऐसे में किसी बड़ी गिरावट का डर नहीं है और मध्यम अवधि के नजरिए से बाज़ार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला। हालांकि,सेशन के पहले हिस्से के बाद बिकवाली का दबाव जारी नहीं रहा और इंडेक्स में निचले स्तरों से थोड़ी शॉर्ट-कवरिंग देखी गई। निफ्टी दिन के निचले स्तर से लगभग 200 अंक सुधरा। हालांकि यह 0.34% नीचे बंद हुआ। डेली चार्ट पर लगातार गिरावट के बाद इंडेक्स ने एक बुलिश कैंडल बनाया,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,एक ठोस रिकवरी की पुष्टि के लिए आगे भी लगातार बढ़त जारी रहने की जरूरत होगी।

टेक्निकल नज़रिए से डेली RSI अभी भी 40 ज़ोन के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह मंदी के रुख (बेयरिश बायस) के बने रहने का संकेत है। निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे भी ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर कमज़ोर बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX और हाई लेवल पर बना इंडिया विक्स ग्लोबल अनिश्चितता के बीच ट्रेंड की तेजी और लगातार उतार-चढ़ाव का संकेत दे रहे हैं। निकट भविष्य में स्ट्रक्चर में ठोस सुधार के लिए लगातार खरीदारी की जरूरत होगी।

आगे निफ्टी के लिए 23250–23230 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,जो आज के निचले स्तर के आसपास है। अगर यह 23230 के नीचे बना रहता है,तो 23080 के स्तर की ओर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ, 23600–23620 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस हो सकता है। अगर निफ्टी 23620 के ऊपर बना रहता है,तो पुलबैक 23800 के स्तर तक बढ़ सकता है।

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी गैप-डाउन के साथ खुला। हालांकि,जोरदार शॉर्ट कवरिंग की वजह से इसमें दिन के निचले स्तर से लगभग 890 अंकों की रिकवरी देखी गई। बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर लोअर विक (lower wick) के साथ एक मज़बूत बुलिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। गैप-डाउन ओपनिंग के बावजूद इंडेक्स 0.24% ऊपर बंद हुआ,जो निचले स्तरों पर खरीदारों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 56000–55900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह 55900 के नीचे बना रहता है तो 55500 के स्तर तक और बिकवाली का दबाव बन सकता है। ऊपर की तरफ 57100–57200 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख सकता है,जबकि 57200 के ऊपर बने रहने पर पुलबैक 57500 के स्तर तक बढ़ सकता है।

 

Pine Labs share price : नई पार्टनरशिप के बाद 14% भागा शेयर, जानिए अब क्या हो इसमें निवेश रणनीति

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सीमित दायरे में कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि,मिडकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला और मिडकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं,निफ्टी बैंक में लगभग फ्लैट क्लोजिंग रही। आज सेंसेक्स 363 प्वाइंट चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24 प्वाइंट चढ़कर 23,898 पर बंद हुआ। कैपिटल मार्केट और मेटल शेयरों में खरीदारी रही। रियल्टी,फार्मा और IT शेयरों पर दबाव रहा।

बैंक निफ्टी 11 प्वाइंट गिरकर 57,370 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 156 प्वाइंट गिरकर 63,079 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में खरीदारी दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया बिना किसी बदलाव के 94.49/$ पर बंद हुआ।

बाजार पर एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और मामूली रिकवरी की। पूरे हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ग्लोबल इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं। इससे भारत के लिए फिस्कल और महंगाई से जुड़े जोखिम और बढ़ गए।

इसी दौरान,ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी बिकवाली हुई,जिससे सॉवरेन बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। US ट्रेजरी यील्ड में हुई इस बढ़ोतरी ने भारत समेत दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव को बढ़ावा दिया।

घरेलू मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर भारत की Q1FY27 रियल GDP ग्रोथ शानदार 7.8% पर रही। इसने एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के दम पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स उत्साहजनक बने हुए हैं,लेकिन त्योहारों के बाद की रफ्तार अहम बनी रहेगी।

इस हफ्ते भारतीय रुपये ने क्रूड ऑयल और यील्ड के दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई,जिसे फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट इनफ्लो का सहारा मिला।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी रही। हालांकि,ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ा वसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेज़ी सीमित रही। निवेशकों की नज़र आज आने वाले अमेरिकी रोज़गार के आंकड़ों पर है,जबकि ब्याज दरों की आगे की चाल का अंदाज़ा लगाने के लिए अगले हफ़्ते आने वाले अमेरिकी CPI के आंकड़े अहम होंगे।

अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीदों से फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने में कुछ समय के लिए रोक लगने की संभावना मजबूत हो सकती है और इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को काबू में रखने में मदद मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर,पूरे बाजार में खास शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी देखी गई और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने इंट्राडे में अब तक के नए उच्चतम स्तर को छुआ। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, टिकाऊ आर्थिक विकास और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग से ब्रॉडर मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में 107 अंको की सीमित ट्रेडिंग रेंज देखी गई और यह 0.10% की बढ़त के साथ सपाट स्तर पर बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने अपर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा के बारे में पक्के संकेत न होने का इशारा है। पिछले पांच सेशन में निफ्टी लगभग 348 अंको की रेंज में ट्रेड कर रहा है। यह जब तक कि किसी भी तरफ कोई निर्णायक ब्रेकआउट न हो जाए तब तक लगातार कंसोलिडेशन होने के संकेत दे रहा है।

टेक्निकल नजरिए से निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे निकट अवधि का स्ट्रक्चर सतर्कता वाला बना हुआ है। डेली RSI 30–50 ज़ोन में बना हुआ है,जो स्पष्ट मोमेंटम की कमी को दिखाता है। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे नेगेटिव रुझान बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX ट्रेंड की तेजी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का संकेत है,जिससे पता चलता है कि उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है और दोनों तरफ के उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

आगे 23750–23700 का जोन जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है, निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह लेवल 23700 टूटता है तो 23600–23570 के लेवल तक और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,24050–24080 तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। लगातार 24080 के ऊपर बने रहने पर निफ्टी में 24200 के लेवल तक वापसी हो सकती है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी लगभग 24 सेशन से एक ही दायरे में बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ और डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई,जिसके दोनों तरफ विक्स (wicks) थीं। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। डेली RSI 50 के स्तर के आसपास न्यूट्रल बना रहा, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी को दिखाता है।

आगे 56900–56800 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। ऊपर की तरफ,57800–57900 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन से ऊपर ब्रेकआउट या 56800 से नीचे ब्रेकडाउन मौजूदा कंसोलिडेशन के दौर को खत्म कर सकता है और किसी खास दिशा में बड़ी चाल की शुरुआत हो सकती है।

 

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

 

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Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 4 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : गुरुवार, 3 सितंबर के ट्रेडिंग सेशन में बाजार की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। US फ़ेडरल रिज़र्व के साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बढ़ती कीमतों के दबाव से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इस आशंका के चलते बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 0.17% की गिरावट के साथ 23,873 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.55% गिरकर 76,152 पर बंद हुआ। ये दोनों इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट लेकर बंद हुए। हालांकि, हालांकि, ब्रॉडर मार्केट ने अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए अच्छी वापसी की। इसके चलते निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.40% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.27% की बढ़ोतरी देखने को मिली।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी, मीडिया, केमिकल और प्राइवेट बैंक के शेयरों में खरीदारी आई। वहीं, IT, FMCG, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि बाजार की रिकवरी की कोशिशें असफल हो गईं। ग्लोबल स्तर पर मिले अच्छे संकेतों और FII के नए निवेश के बावजूद, लंबे समय से चले आ रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी का असर भी देखने को मिल रहा है। बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने बाजारर को सपोर्ट दिया। स्मॉल-कैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी। यह घरेलू विकास की संभावनाओं में भरोसे को दिखाता है। कच्चे तेल की लगातार बनी ऊंची कीमतें घरेलू बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि भारत की मज़बूत ग्रोथ स्टोरी और हाल ही में सॉवरेन रेटिंग में सुधार जैसे पॉजिटिव फैक्टर बने हुए हैं। लेकिन बाजार की निकट भविष्य की दिशा मुख्य रूप से ग्लोबल मैक्रो और जियोपॉलिटिकल जोखिमों में होने वाली घट-बढ़ पर निर्भर करेगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहा और वीकली एक्सपायरी के दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के कारण निफ्टी गैप-अप के साथ खुला। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबारी सेशन आगे बढ़ा बिकवाली के दबाव के कारण इंडेक्स नीचे आ गया। नतीजतन अंत में निफ्टी 0.17% गिरकर दिन के निचले स्तर के पास 24,873.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 0.55% गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। रियल्टी, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि IT और FMCG शेयरों पर दबाव रहा। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इससे मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.37% की बढ़त हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.20% ऊपर बंद हुआ।

शुरुआत में मार्केट को ग्लोबल मार्केट में रिकवरी, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी, FII की खरीदारी और RBI के उम्मीद से ज़्यादा FCNR डिपॉजिट रोलओवर से सपोर्ट मिला, जिससे मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। हालांकि, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि ये फैक्टर ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता को प्रभावित करते रहते हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ़्टी को रिकवरी के दौरान रुकावट का सामना करना पड़ रहा है, जो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के कमजोर होने का संकेत है। इसके लिए 23,800 का जोन शॉर्ट-टर्म के लिए एक अहम सपोर्ट बना हुआ है और अगर यह लेवल टूटता है, तो 23,700–23,600 के जोन की ओर गिरावट आ सकती है। ऊपर की ओर, 24,000–24,150 का जोन रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमजोर मार्केट मोमेंटम को देखते हुए रिस्क मैनेजमेंट पर खास फोकस रखते हुए सतर्क और स्टॉक-स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह होगी।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर निर्भर करेगी। अगर हालात और बिगड़े तो बाजार में सावधानी बरती जा सकती है और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि इंस्टीट्यूशनल निवेश में स्थिरता और भारत की मज़बूत ग्रोथ की उम्मीद बाजार को सहारा दे सकती है। खास तौर पर ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की रणनीति अपनाने की जरूरत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी की शुरुआत गैप-अप के साथ हुई, लेकिन राइजिंग चैनल के निचले बैंड के पास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिससे पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। डेली टाइमफ्रेम पर ‘डार्क क्लाउड कवर’ कैंडलस्टिक पैटर्न बना है जो निकट भविष्य में कमजोरी बने रहने का संकेत देता है। निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 23,850 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स 23,700–23,730 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपरी स्तर पर, 24,000 पर रेजिस्टेंस है। मंदी के रुझान को खत्म करने के लिए निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा।

 

बाजार में इस समय निफ्टी का टेक्सचर काफी खराब, अभी इंडेक्स में कोई पोजिशन कैरी नहीं करें

 

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Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

Sugar Stocks : बलरामपुर चीनी 12% तक भागा, दूसरे शुगर शेयरों को भी लगे पंख, जानिए वजह

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।