Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सीमित दायरे में कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि,मिडकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला और मिडकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं,निफ्टी बैंक में लगभग फ्लैट क्लोजिंग रही। आज सेंसेक्स 363 प्वाइंट चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24 प्वाइंट चढ़कर 23,898 पर बंद हुआ। कैपिटल मार्केट और मेटल शेयरों में खरीदारी रही। रियल्टी,फार्मा और IT शेयरों पर दबाव रहा।

बैंक निफ्टी 11 प्वाइंट गिरकर 57,370 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 156 प्वाइंट गिरकर 63,079 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में खरीदारी दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया बिना किसी बदलाव के 94.49/$ पर बंद हुआ।

बाजार पर एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और मामूली रिकवरी की। पूरे हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ग्लोबल इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं। इससे भारत के लिए फिस्कल और महंगाई से जुड़े जोखिम और बढ़ गए।

इसी दौरान,ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी बिकवाली हुई,जिससे सॉवरेन बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। US ट्रेजरी यील्ड में हुई इस बढ़ोतरी ने भारत समेत दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव को बढ़ावा दिया।

घरेलू मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर भारत की Q1FY27 रियल GDP ग्रोथ शानदार 7.8% पर रही। इसने एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के दम पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स उत्साहजनक बने हुए हैं,लेकिन त्योहारों के बाद की रफ्तार अहम बनी रहेगी।

इस हफ्ते भारतीय रुपये ने क्रूड ऑयल और यील्ड के दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई,जिसे फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट इनफ्लो का सहारा मिला।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी रही। हालांकि,ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ा वसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेज़ी सीमित रही। निवेशकों की नज़र आज आने वाले अमेरिकी रोज़गार के आंकड़ों पर है,जबकि ब्याज दरों की आगे की चाल का अंदाज़ा लगाने के लिए अगले हफ़्ते आने वाले अमेरिकी CPI के आंकड़े अहम होंगे।

अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीदों से फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने में कुछ समय के लिए रोक लगने की संभावना मजबूत हो सकती है और इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को काबू में रखने में मदद मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर,पूरे बाजार में खास शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी देखी गई और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने इंट्राडे में अब तक के नए उच्चतम स्तर को छुआ। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, टिकाऊ आर्थिक विकास और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग से ब्रॉडर मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में 107 अंको की सीमित ट्रेडिंग रेंज देखी गई और यह 0.10% की बढ़त के साथ सपाट स्तर पर बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने अपर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा के बारे में पक्के संकेत न होने का इशारा है। पिछले पांच सेशन में निफ्टी लगभग 348 अंको की रेंज में ट्रेड कर रहा है। यह जब तक कि किसी भी तरफ कोई निर्णायक ब्रेकआउट न हो जाए तब तक लगातार कंसोलिडेशन होने के संकेत दे रहा है।

टेक्निकल नजरिए से निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे निकट अवधि का स्ट्रक्चर सतर्कता वाला बना हुआ है। डेली RSI 30–50 ज़ोन में बना हुआ है,जो स्पष्ट मोमेंटम की कमी को दिखाता है। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे नेगेटिव रुझान बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX ट्रेंड की तेजी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का संकेत है,जिससे पता चलता है कि उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है और दोनों तरफ के उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

आगे 23750–23700 का जोन जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है, निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह लेवल 23700 टूटता है तो 23600–23570 के लेवल तक और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,24050–24080 तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। लगातार 24080 के ऊपर बने रहने पर निफ्टी में 24200 के लेवल तक वापसी हो सकती है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी लगभग 24 सेशन से एक ही दायरे में बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ और डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई,जिसके दोनों तरफ विक्स (wicks) थीं। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। डेली RSI 50 के स्तर के आसपास न्यूट्रल बना रहा, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी को दिखाता है।

आगे 56900–56800 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। ऊपर की तरफ,57800–57900 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन से ऊपर ब्रेकआउट या 56800 से नीचे ब्रेकडाउन मौजूदा कंसोलिडेशन के दौर को खत्म कर सकता है और किसी खास दिशा में बड़ी चाल की शुरुआत हो सकती है।

 

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 4 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : गुरुवार, 3 सितंबर के ट्रेडिंग सेशन में बाजार की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। US फ़ेडरल रिज़र्व के साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बढ़ती कीमतों के दबाव से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इस आशंका के चलते बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 0.17% की गिरावट के साथ 23,873 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.55% गिरकर 76,152 पर बंद हुआ। ये दोनों इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट लेकर बंद हुए। हालांकि, हालांकि, ब्रॉडर मार्केट ने अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए अच्छी वापसी की। इसके चलते निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.40% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.27% की बढ़ोतरी देखने को मिली।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी, मीडिया, केमिकल और प्राइवेट बैंक के शेयरों में खरीदारी आई। वहीं, IT, FMCG, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि बाजार की रिकवरी की कोशिशें असफल हो गईं। ग्लोबल स्तर पर मिले अच्छे संकेतों और FII के नए निवेश के बावजूद, लंबे समय से चले आ रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी का असर भी देखने को मिल रहा है। बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने बाजारर को सपोर्ट दिया। स्मॉल-कैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी। यह घरेलू विकास की संभावनाओं में भरोसे को दिखाता है। कच्चे तेल की लगातार बनी ऊंची कीमतें घरेलू बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि भारत की मज़बूत ग्रोथ स्टोरी और हाल ही में सॉवरेन रेटिंग में सुधार जैसे पॉजिटिव फैक्टर बने हुए हैं। लेकिन बाजार की निकट भविष्य की दिशा मुख्य रूप से ग्लोबल मैक्रो और जियोपॉलिटिकल जोखिमों में होने वाली घट-बढ़ पर निर्भर करेगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहा और वीकली एक्सपायरी के दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के कारण निफ्टी गैप-अप के साथ खुला। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबारी सेशन आगे बढ़ा बिकवाली के दबाव के कारण इंडेक्स नीचे आ गया। नतीजतन अंत में निफ्टी 0.17% गिरकर दिन के निचले स्तर के पास 24,873.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 0.55% गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। रियल्टी, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि IT और FMCG शेयरों पर दबाव रहा। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इससे मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.37% की बढ़त हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.20% ऊपर बंद हुआ।

शुरुआत में मार्केट को ग्लोबल मार्केट में रिकवरी, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी, FII की खरीदारी और RBI के उम्मीद से ज़्यादा FCNR डिपॉजिट रोलओवर से सपोर्ट मिला, जिससे मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। हालांकि, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि ये फैक्टर ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता को प्रभावित करते रहते हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ़्टी को रिकवरी के दौरान रुकावट का सामना करना पड़ रहा है, जो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के कमजोर होने का संकेत है। इसके लिए 23,800 का जोन शॉर्ट-टर्म के लिए एक अहम सपोर्ट बना हुआ है और अगर यह लेवल टूटता है, तो 23,700–23,600 के जोन की ओर गिरावट आ सकती है। ऊपर की ओर, 24,000–24,150 का जोन रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमजोर मार्केट मोमेंटम को देखते हुए रिस्क मैनेजमेंट पर खास फोकस रखते हुए सतर्क और स्टॉक-स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह होगी।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर निर्भर करेगी। अगर हालात और बिगड़े तो बाजार में सावधानी बरती जा सकती है और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि इंस्टीट्यूशनल निवेश में स्थिरता और भारत की मज़बूत ग्रोथ की उम्मीद बाजार को सहारा दे सकती है। खास तौर पर ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की रणनीति अपनाने की जरूरत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी की शुरुआत गैप-अप के साथ हुई, लेकिन राइजिंग चैनल के निचले बैंड के पास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिससे पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। डेली टाइमफ्रेम पर ‘डार्क क्लाउड कवर’ कैंडलस्टिक पैटर्न बना है जो निकट भविष्य में कमजोरी बने रहने का संकेत देता है। निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 23,850 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स 23,700–23,730 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपरी स्तर पर, 24,000 पर रेजिस्टेंस है। मंदी के रुझान को खत्म करने के लिए निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा।

 

बाजार में इस समय निफ्टी का टेक्सचर काफी खराब, अभी इंडेक्स में कोई पोजिशन कैरी नहीं करें

 

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Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

Sugar Stocks : बलरामपुर चीनी 12% तक भागा, दूसरे शुगर शेयरों को भी लगे पंख, जानिए वजह

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Market Technicals: 24400 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलीडेशन, 58000 के ऊपर जाने पर ही बैंक निफ्टी में आएगी तेजी

Market Technicals : 28 अगस्त को निफ्टी में 0.4% की बढ़त के साथ तेजी लौटती दिखी। लेकिन लगातार दूसरे सेशन में भी यह क्लोजिंग बेसिस पर सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें मज़बूत मोमेंटम की कमी है और सतर्कता के साथ कंसोलिडेशन का दौर जारी है। इंडेक्स 23,606 से 24,774 तक की रैली के 50 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे बना रहा। जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स में मजबूती की कमी दिखी। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोर रुझान के साथ उतार-चढ़ाव वाला ट्रेड देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24350–24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA (24,350–24,400) के अहम रेजिस्टेंस के नीचे बना रहता है तब तक कंसोलिडेशन और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,000 पर है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो निफ्टी में 23,800 की तरफ गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर यह रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है तो इसमें 24,800 के लेवल की ओर तेजी आती नजर आ सकती है।

निफ्टी कल बढ़त के साथ खुला और दिन भर लगभग 100 अंकों के दायरे में घूमते रहने के बाद 85 अंक यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 24,176 पर बंद हुआ। निफ्टी पूरे हफ्ते ज्यादातर पिछले हफ्ते के दायरे में ही कारोबार करता रहा और अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ। इस हफ्ते इसमें 0.31 फीसदी की गिरावट आई।

डेली टाइमफ्रेम पर बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले दिन की रेंज के अंदर एक अच्छी बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी सी विक(wick)थी। वीकली टाइमफ्रेम पर इसने पिछले हफ्ते की रेंज के अंदर एक रेड कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ साफ शैडो(shadows)दिखाई दे रही थीं। यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का संकेत है।

डेली RSI के लेवल के आस-पास न्यूट्रल बना रहा। इससे पता चलता है कि किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। वहीं,निचले लेवल से बढ़ते ADX से संकेत मिला कि धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि,किसी निर्णायक ब्रेकआउट के न होने से यह संकेत मिलता रहा कि बाजार एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड)में ही रहेगा।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक गुरुवार को 24150 के लेवल पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के ऊंचे सपोर्ट से नीचे आने के बाद,निफ्टी में शुक्रवार को और ज्यादा कमजोरी नहीं आई। यह एक अच्छा संकेत है,क्योंकि अक्सर नीचे की ओर फाल्स ब्रेकआउट के बाद ऊपर की ओर तेज चाल देखने को मिलती है।

उनका मानना ​​है कि निफ्टी का मेन ट्रेंड 24,000 और 24,400 के दायरे में बना हुआ है और इसमें तेजी का रुख है। अगर निचली रेंज के पास से कोई मजबूत उछाल आता है,तो जल्द ही 24,300–24,400 के लेवल तक अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है। ट्रेंड बदलने के लिए 24,000 का लेवल एक अहम सपोर्ट है।

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24,300 और 24,500 स्ट्राइक,जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है,वे शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस का काम कर सकते हैं। वहीं,24,000 और 24,100 स्ट्राइक,जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,वे इंडेक्स के लिए सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

उधर फियर इंडेक्स के नाम से जाना जाने वाला इंडिया VIX लोअर लेवल पर बना रहा। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया और अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इन बातों से पता चलता है कि मार्केट में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट काफी कम हो गई थी।

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बैंक निफ्टी व्यू

बैंकिंग इंडेक्स की शुरुआत गिरावट के साथ हुई,लेकिन इसने रिकवरी की कोशिश की और इंट्राडे में 57,596 का हाई बनाया। हालांकि,यह बढ़त बरकरार नहीं रह सकी और अधिकांस ट्रेडिंग सेशन के दौरान इंडेक्स दबाव में रहा। शुक्रवार को यह इंडेक्स 14 अंक गिरकर 57,496 पर बंद हुआ और अपने 20-डे और 50-डे के EMA के दायरे में रहा,जबकि पूरे हफ्ते में इसमें 0.50 फीसदी की गिरावट आई।

डेली चार्ट पर इस इंडेक्स ने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ साफ तौर पर विक्स(wicks)दिख रहे थे। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स के बीच कोई फैसला नहीं हो पा रहा था और साफ दिशा वाला मोमेंटम नहीं था। वीकली टाइमफ़्रेम पर,इसने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक रेड कैंडल बनाई,जो उतार-चढ़ाव के बीच दबाव का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। इससे पता चलता है कि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मजबूत बना हुआ है।

डेली चार्ट पर इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो शॉर्ट टर्म में सावधानी और कंसोलिडेशन का संकेत है। डेली RSI भी न्यूट्रल जोन में रहा,जिससे साफ तौर पर मजबूत मोमेंटम की कमी पता चलती है।

एक्सपर्ट की राय

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार 57,000–56,900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह स्तर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

उनका मानना ​​है कि ऊपर की तरफ 57,900–58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58,000 के ऊपर के साफ ब्रेकआउट या 57,000 के नीचे ब्रेकडाउन से मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर खत्म हो सकता है और उस दिशा में एक बड़ी ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

 

 

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 31 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी दो दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। सेंसेक्स आज 331 अंक या 0.43 फीसदी बढ़कर 77,264.51 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 85 अंक या 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ। चौतरफा खरीदारी के दम पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी तेजी आई। BSE 150 मिडकैप 0.16% चढ़ा,जबकि 250 स्मॉलकैप में 0.33% की बढ़त हुई।

बाजार की इस तेजी की मुख्य वजह चुनिंदा IT और बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों में आई जोरदार खरीदारी रही। सेंसेक्स की बढ़त में इन्फोसिस और HDFC बैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा। हालांकि,ICICI बैंक ने इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।

TCS,इन्फोसिस,टेक महिंद्रा,HCL टेक और टाइटन सेंसेक्स की सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं। दूसरी ओर ICICI बैंक,अल्ट्राटेक सीमेंट,एशियन पेंट्स और ITC इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि IT शेयरों में जबरदस्त तेजी की वजह से आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इस सेक्टर को Nvidia की शानदार कमाई और बेहतर आउटलुक से सहारा मिला। इससे AI से जुड़े निवेश के जारी रहने को लेकर भरोसा बढ़ा और एंटरप्राइज़ AI डिप्लॉयमेंट और वर्कफ़्लो इंटीग्रेशन से जुड़ी कंपनियों को फायदा हुआ। हालांकि,निवेशकों की भागीदारी चुनिंदा शेयरों में रही क्योंकि बाजार जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेड चेयर की टिप्पणियों पर नजरें बनाए हुए हैं। इससे US में ब्याज दरों के आउटलुक और ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति के बारे में ज्यादा साफ जानकारी मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर, Q1FY27 के नतीजों का दौर काफी हद तक अच्छे नतीजों के साथ खत्म हो रहा है,इसलिए अब बाजार का फोकस धीरे-धीरे बदलती ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों के बीच अर्निंग ग्रोथ पर रहेगा।

हालांकि घरेलू लिक्विडिटी की अच्छी स्थिति बाजार को स्थिरता दे रही है,लेकिन वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी चिंता के विषय हैं,जिससे निवेशक ग्रोथ और कॉर्पोरेट मुनाफे से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर,अश्विनी शमी ने कहा कि अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड के 4.6%–4.7% के 1-साल के हाई के करीब रहने के बावजूद,हाल के हफ्तों में FII का निवेश थोड़ा पॉजिटिव रहा है। हालांकि US में रिस्क-फ्री रेट्स बढ़ने से आमतौर पर उभरते बाजारों में निवेश पर असर पड़ता है। लेकिन निवेश में यह बढ़ोतरी 2 साल से ज्यादा समय तक बाजार के कंसोलिडेशन के बाद भारतीय इक्विटी की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रुझान को दिखाती है। घरेलू रिटेल और DII का मजबूत निवेश बाजार में गिरावट को संभालने में मदद कर रहा है।

बेंचमार्क इंडेक्स एक दायरे में बने हुए हैं। लार्ज-कैप निफ्टी 100 (~20x P/E) की तुलना में स्मॉल और मिड-कैप इंडेक्स (~34x और 30x P/E) का वैल्यूएशन प्रीमियम काफी ज्यादा है,जो अच्छे बॉटम-अप मौके देता है। निकट भविष्य में बाजार का फोकस दूसरी छमाही (H2) की अर्निंग, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और RBI के लिक्विडिटी रुख पर रहने की उम्मीद है। अच्छे वैल्यूएशन के कारण BFSI और फाइनेंशियल सर्विसेज के चुनिंदा शेयरों निवेश के मौके हैं। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर,पावर और बिजनेस सर्विसेज में भी निवेश के मौके नजर आ रहे हैं, जिन्हें कैपेक्स (capex) में सुधार और ऑपरेटिंग लेवरेज से फायदा मिल रहा है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि लगातार दो सेशन में गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। IT शेयरों में खरीदारी और ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले लेकिन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ ट्रेड कर करते दिखे। हालांकि,कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,US बॉन्ड यील्ड और जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व के पॉलिसी आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है।

कल मंथली एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान दिखी भारी उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों को दिन के आखिर में होने वाली हलचल को लेकर और सतर्क कर दिया।

आगे चलकर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें और इंस्टीट्यूशनल फ्लो बाजार की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP,रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि आज शुक्रवार को बाजार में सुस्ती रही और मिले-जुले संकेतों के बीच मामूली बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ। सपाट शुरुआत के बाद,निफ्टी पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में घूमता रहा और आखिर में 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 0.43% ऊपर 77,264.51 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nvidia के शानदार तिमाही नतीजों और रेवेन्यू के अच्छे आउटलुक के बाद ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी के दम पर IT सेक्टर सबसे आगे रहा। फार्मा और मेटल सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि FMCG और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी सुस्ती रही, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है।

ग्लोबल बाजार से मिले-जुले संकेतों और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच निवेशकों का मूड सतर्क बना रहा। अब सबकी नजरें जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान पर टिकी हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी के लिए 24,100-24,000 के जोन के आसपास की खींचतान बनी हुई है। अगर यह लेवल टूटता है और गिरावट जारी रहती है तो इंडेक्स 23,800–23,650 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 24,200 का लेवल तत्काल रुकावट का काम कर सकता है और उसके बाद 24,300–24,400 का जोन अहम रेजिस्टेंस लेवल होगा।

मौजूदा अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच ट्रेडरों को सलाह है कि इंडेक्स को लेकर सतर्क रुख अपनाएं और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करें। निवेशकों को मज़बूत शेयरों और सेक्टर को प्राथमिकता देनी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

Defense export : डिफेंस सेक्टर को बड़ी राहत, आसान हुए डिफेंस ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस के नियम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार में आज बेहद छोटी सी रेंज में कारोबार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Trading Plan : बाजार में आज बेहद छोटी सी रेंज में कारोबार हो रहा है। निफ्टी आज के हाई से करीब 80 प्वाइंट नीचे है। सेंसेक्स ने भी करीब 300 प्वाइंट गंवाए हैं। मिडकैप-स्मॉलकैप पर भी प्रेशर है। बैंक निफ्टी भी नीचे कारोबार कर रहा है। लेकिन इसमें सपोर्ट से रिकवरी आई है। डॉलर इंडेक्स में तेजी से पूरा IT सेक्टर जोश में है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3.5 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। निफ्टी के सभी टॉप 5 गेनर्स में IT शेयर है। कोफोर्ज 5 फीसदी ऊपर है। TCS,LTM,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और HCL टेक भी 4 फीसदी तक उछले हैं।

लगातार 6 महीने वोडाआइडिया ने नए सबस्क्राइबर जोड़े हैं। कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि FY27 एग्जीक्यूशन का साल होगा। चुनौतियों के बावजूद वोडाफोन-आइडिया में सुधार की उम्मीद है। मैनेजमेंट बदलाव की खबर से TVS का शेयर 3% से ज्यादा गिरा है। के एन राधाकृष्णन की जगह पैमान कारगर CEO पद की कमान संभालेंगे।

बाजार: सुस्त दिन

बाजार में आज बेहद छोटी रेंज में कामकाज हो रहा है। बैंक निफ्टी नीचे है लेकिन सपोर्ट से रिकवरी आई है। निफ्टी IT ने आज सुबह से कमान संभाली है। निफ्टी के सभी टॉप 5 गेनर्स IT शेयर हैं। ICICI बैंक में गिरावट से बैंक निफ्टी फिसला है। Ather में शानदार तेजी है। CAS का आज शायद असर उतना ना देखने को मिले।

बाजार: अब क्या?

बाजार में अब इंडेक्स ट्रेडिंग काफी मुश्किल है। एक दिक्कत ये कि अब ऑप्शन राइटर्स की रेंज भी बड़ी हो जाएगी। ऐसे में एज पर ट्रेड करें। निफ्टी अभी भी ट्रेंडलाइन सपोर्ट पर है। निफ्टी पर ट्राइएंगल ब्रेकडाउन का भी रिस्क है। निफ्टी के लिए 23,950 का मेक ऑर ब्रेक लेवल है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का मेक ऑर ब्रेक लेवल है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,950-24,050 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

 

 

मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत, ऑटो और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी है दम

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Market Technicals : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जाने कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, निफ्टी-बैंक निफ्टी में किन लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : आज बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार की चाल सुस्त रही। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर और सेंसेक्स 0.22% की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ। सेक्टर नजरिए से देखें तो मेटल और रियल्टी सेक्टर में बढ़त रही,जबकि डिफेंस,बैंक,सीमेंट और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा बढ़त जेएसडब्ल्यूस्टील, हिंडाल्को और टाटास्टील में रही। वहीं,एसबीआईलाइफ,बजाज फाइनेंस और अदानीपोर्ट्स में गिरावट रही।

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से मेटल शेयरों में तेजा देखने को मिल रही है। सप्लाई में दिक्कत,घटते स्टॉक और मज़बूत मांग के कारण स्टील,कॉपर,एल्युमीनियम और जिंक की ग्लोबल कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी इस सेक्टर को सहारा मिला है। आज निफ्टी मेटल्स में 1.59% की तेजी आई।

आज हिंदुस्तान जिंक सुर्खियों में रहा क्योंकि सरकार अगले दो हफ्तो में इसमें ऑफर फ़ॉर सेल लाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने की सोच रही है,जो ऑफर के फ़ाइनल साइज़ और कीमत पर निर्भर करेगा। आज हिंदुस्तान जिंक 2.2% बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, पिछले 3 ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 7% की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में तेजी से मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम जैसी गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को भी फायदा हुआ है। इनके शेयरों में 5.72% और 2.21% से ज्यादा की तेजी आई है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को फायदा हो सकता है। इससे गिरवी रखी गई संपत्ति (कोलेटरल) की वैल्यू बढ़ती है,लेंडर की सिक्योरिटी मजबूत होती है और लोन ग्रोथ को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एंजेल वन के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च,ओशो कृष्ण का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में बढ़त के साथ शुरुआत हुई और बेंचमार्क इंडेक्स ने एक्सपायरी वाले हफ्ते की शुरुआत जोश के साथ की। हालांकि,बाद में फॉलोअप खरीदारी न होने से शुरुआती तेजी कमज़ोर पड़ गई और इंडेक्स नीचे आ गया,जिससे बुलिश गैप का दोबारा टेस्ट हुआ। इसके बाद, CAS सेशन के बाद निफ्टी ने नुकसान की कुछ भरपाई की और 24200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जिससे सेशन का अंत 0.14% की मामूली गिरावट के साथ हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पोजीशन अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 20-DEMA एक बड़ी रुकावट के तौर पर सामने आ रहा है और लगातार रिजेक्शन का कारण बन रहा है। हालांकि,हाल ही में मंदी के कमजोर पड़ने के संकेतों ने रिवर्सल की उम्मीद जगाई है, लेकिन तेजी या गिरावट की रफ्तार (मोमेंटम)अभी भी धीमी है। बाजार की नजर किसी ऐसे अहम संकेत पर है जिससे खरीदारी में तेजी आए। अगर गिरावट आती है तो 24150-24100 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24050-24000 का जोन एक मजबूत सपोर्ट जोन बना रहेगा।

ऊपर की तरफ,24300 के आसपास स्थित 20-DEMA का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस स्तर के ऊपर बढ़त कायम रहती है तो टेक्निकल सेटअप मजबूत होगा और आने वाले समय में 24500 के स्तर तक की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल,सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी। ट्रेडरों को सलाह है कि जब तक बाजार रुझान साफ न हो जाए,तब तक आक्रामक रुख न अपनाएं। अगस्त माह की एक्सपायरी के दौरान वोलैटुलिटी बढ़ने की भी आशंका है। इसलिए,ट्रेडरों के अनुशासित तरीके से रिस्क मैनेज करते हुए सीमित निवेश करना चाहिए और बाजार के अहम संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग टिक नहीं पाई क्योंकि इंडेक्स पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना और दिन चढ़ने के साथ यह नीचे गिरकर 0.14% की गिरावट के साथ 24219 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। चार्ट पर यह लोअर विक मुख्य रूप से इसलिए बना क्योंकि इंडेक्स ने दूसरे हाफ के आखिर में अपने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया था। इंडेक्स को अपने 20-डे EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे बंद हुआ। ADX इंडिकेटर पर DI-लगातार DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो बुल्स पर बेयर्स के लगातार बने दबदबे को दिखाता है।

मिडकैप इंडेक्स ने एक पतली बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी विक्स थीं। इससे पता चलता है कि इंट्राडे में कोई साफ दिशा नहीं थी। स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी,जो ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग को दिखाती है। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, स्मॉलकैप इंडेक्स मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में है,जैसा कि इसके संबंधित रेश्यो चार्ट में बढ़ती रेश्यो लाइन से पता चलता है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24070-24050 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23900 और फिर 23750 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24370 के जोन में है।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बैंक निफ्टी आउटलुक

 सुदीप शाह का कहना है कि  बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई,लेकिन बाद में,खासकर दूसरे हाफ के आखिर में इसमें कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स ने नुकसान की कुछ भरपाई की। आखिरकार,यह 0.41% गिरकर 57526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिख रही है। अगस्त की शुरुआत से ही बैंक निफ्टी 1246 अंकों की रेंज में ही घूम रहा है जो बाजार में अनिश्चितता और साइडवेज रहने के संकेत है। गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि बाजार में कोई मजबूत दिशा वाला ट्रेंड नहीं है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 जोन में है। अगर यह इस जोन के नीचे बना रहता है,तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56600 और फिर 56200 तक टूट सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 24 अगस्त को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के आसपास रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 171.72 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,369.11 पर और निफ्टी 32.95 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,219.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1970 शेयरों में बढ़त हुई, 2278 शेयरों में गिरावट आई और 199 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में हिंडाल्को,JSW स्टील,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,टाटा स्टील और HCL टेक्नोलॉजीज शामिल रहे।

IT,एनर्जी,मेटल और रियल्टी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक में 1% की गिरावट आई,जबकि प्राइवेट बैंक,मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.3-0.5% की गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.13% की बढ़त हुई,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.26% की गिरावट आई।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग दिखी। निफ्टी 33 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 171 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो मेटल इंडेक्स में 1.50 फीसदी से ज्यादा की तेजी रही,जबकि PSU बैंक और डिफेंस इंडेक्स में लगभग 1 फीसदी की गिरावट आई।

टेक्निकल तौर पर,पॉज़िटिव शुरुआत के बाद मार्केट को ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ रहा है। डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर रिवर्सल पैटर्न मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने के संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 24,250 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा। जब तक इंडेक्स इस लेवल के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कमजोरी का ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ,निफ्टी 24,000-23,950 तक गिर सकता है। दूसरी ओर 24,250 के ऊपर जाने पर मार्केट में रिकवरी आ सकती है और यह 24,350-24,400 तक जा सकता है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे का कहना है कि अच्छी शुरुआत के बाद इंडेक्स नीचे गिर गया क्योंकि ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन घटाते दिखे। इंट्राडे में निफ्टी 24,200 के सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया था,लेकिन क्लोजिंग के समय उसने इसे फिर से हासिल कर लिया।

मंगलवार को बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है क्योंकि ट्रेडर्स ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान की संभावित प्रतिक्रिया के आधार पर अपनी पोजीशन में बदलाव करेंगे। यह अहम घटना NSE की मंथली F&O एक्सपायरी के साथ ही होगी जो एक अहम इवेंट है। इसलिए,मंगलवार को बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।

निचले स्तर पर नफ्टी के लिए 24,200/24,000 पर सपोर्ट है। ऊपरी स्तर पर,24,350 एक अहम रेजिस्टेंस लेवल का काम कर सकता है,जिसके ऊपर जाने पर निफ्टी में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी आज डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडलस्टिक के साथ बंद हुआ है। यह ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली के दबाव को दिखाता है। इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन फेज में है,जो मार्केट में दुविधा और किसी साफ दिशा के बारे में पक्के भरोसे की कमी को दिखाता है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57,300 पर है (जो सोमवार के निचले स्तर के आसपास है),जबकि रेजिस्टेंस 58,000 के आसपास दिख रहा है,जो गिरती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है।

जब तक कोई साफ ब्रेकआउट या ‘ब्रेकडाउन नहीं होता,तब तक इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। इसलिए,57,300–58,000 की रेंज में सख्त स्टॉप-लॉस के साथ ही ट्रेड करने की सलाह होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas : आज की दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में आज हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। मार्केट के टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अभी अपने 50 डे और 100 डे EMA के आस-पास घूम रहा है। हालांकि,दोनों एवरेज मोटे तौर पर स्थिर हैं,जो किसी खास दिशा में तेजी की कमी और कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी नियर टर्म में न्यूट्रल से साइडवेज रुझान का संकेत दे रहे हैं।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए 24290-24320 पर स्थित 20-डे EMA जोन एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24320 के स्तर के ऊपर बना रहता है तो एक तेज पुलबैक रैली शुरू हो सकती है,जिससे 24450 के स्तर तक ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ,24130-24100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर निफ्टी 24100 के नीचे टूटता है तो टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमजोर हो सकता है और मौजूदा करेक्शन वाला ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स 23950 के स्तर की ओर जा सकता है।

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स के को-फाउंडर पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल बाजार में अच्छी गैपअप ओपनिंग रही उसके बाद में एक डोजी फॉर्मेशन देखने को मिला। अगर मैं पिछले तीन दिन के पैटर्न देखें तो इसको हम एक आइलैंड रिवर्सल पैटर्न कह सकते हैं। हालांकि आज हमें वेट करना होगा। अगर आज निफ्टी क्लोजिंग तक 24,280 के ऊपर टिकता है तो यहां से एक नई तेजी बननी चालू हो जाएगी। इस स्थिति में हम 24,000 के स्टॉप लॉस के साथ लॉन्ग जा सकते है। वहीं, अगर आज मार्केट 24,300 के नीचे बंद होता है तो हमें एक दिन और वेट करना होगा। आज का दिन बाजार के लिए काफी अहम है। आज हमें निफ्टी पर नजर रखना होगा और 2 2:30 बजे के आसपास डिसीजन लेना होगा।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

पवन माहेश्वरी ने कहा कि उनकी आज के लिए पहली पसंद है सीजी पावर। इसके चार्ट पैटर्न काफी अच्छे दिख रहे हैं। इस स्टॉक में 850 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 930 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी दूसरी पसंद डिफेंस सेक्टर से है। डिफेंस काफी प्रॉमिसिंग थीम है। ऐसे में कोचीन शिपयार्ड में 1460 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1600 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Technicals : शॉर्ट-टर्म में नेगेटिव रुझान के साथ कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : 17 अगस्त को निफ्टी पूरे सेशन के दौरान दबाव में रहा और कारोबारी सत्र के अंत में 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे नए हफ्ते की शुरुआत खराब रही। इंडेक्स पिछले हफ्ते के निचले स्तर 24266 से नीचे गिर गया,लेकिन सेशन के दूसरे हिस्से में सुबह के नुकसान की कुछ भरपाई होती दिखी और क्लोजिंग बेसिस पर निफ्टी 24266 के स्तर को बचाए रखने में कामयाब रहा। बाजार में धीरे-धीरे मंदी का रुझान मजबूत हो रहा है और इंडेक्स अब अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन,दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। इसलिए,शॉर्ट-टर्म में नेगेटिव रुख के साथ कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है।

बेयरिश मोमेंटम के मजबूत होने के संकेत

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 24200 का लेवल सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है तो 24050-24000 के जोन की तरफ और गिरावट आने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं,ऊपर की तरफ इसके लिए 24400-24500 का एरिया रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

निफ्टी कल 24,343 पर नीचे खुला और गिरकर 24,227 के इंट्राडे लो पर आ गया। हालांकि,दोपहर में इंडेक्स में कुछ रिकवरी दिखी और यह दिन के निचले स्तर से 60 अंक चढ़कर 24,288 पर बंद हुआ।

डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने के बावजूद कमजोरी का संकेत है। RSI गिरकर 49.26 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर हुआ। जबकि MACD ने बढ़ते रेड हिस्टोग्राम बार के साथ अपना बेयरिश क्रॉसओवर बनाए रखा,जो बेयरिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बेयरिश कैंडल बनाया है और लंबे समय बाद यह 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के नीचे बंद हुआ है,जो काफी हद तक एक नेगेटिव संकेत है। डे ट्रेडर्स के लिए 24400 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24500-24620 तक वापसी कर सकता है। दूसरी ओर 24220 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे जाने पर निफ्टी 24100-24050 के लेवल तक गिर सकता है

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि 24200-24150 के आसपास स्थित 50-डे EMA जोन इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। लगातार 24150 के नीचे बने रहने से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 24,000 के लेवल की ओर और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ 24380-24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। 24,400 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त बुलिश सेंटीमेंट को मजबूत करेगी और नियर टर्म में 24550 के लेवल की ओर बढ़ने का रास्ता साफ कर सकती है।

क्या कहते हैं ऑप्शन डेटा?

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24300 स्ट्राइक (जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है) आगे और गिरावट के लिए एक अहम लेवल हो सकता है। अगर इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो 24,200 और 24,000 स्ट्राइक (जहां इसके बाद सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट देखा गया है) इंडेक्स के लिए अगले सपोर्ट लेवल का काम कर सकते हैं। इसके विपरीत 24500 और 24400 के स्ट्राइक प्राइस (जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है) इंडेक्स के लिए तत्काल रेसिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकते हैं।

क्या कहती है इंडिया VIX की चाल?

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX लगातार चार सेशन तक गिरने के बाद 0.18% बढ़कर 11.325 पर पहुंच गया,लेकिन यह 12 के जोन और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इसका मतलब है कि उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता अभी भी काफी कम है।

बैंक निफ्टी व्यू

भारी उतार-चढ़ाव के बाद बैंकिंग इंडेक्स, निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7 अंक बढ़कर 57,498 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स इंट्राडे में पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे गया और 57,120 का इंट्राडे लो छुआ,लेकिन फिर रिकवर हुआ और 50-डे EMA (57,184)के साथ-साथ 56,024 से 58,250 तक की हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट (57,135) को भी बनाए रखा। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बने रहने के बावजूद बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन को बनाए रखने में कामयाब रहा।

मीडियम और लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चर पॉजिटिव

इसको देखते हुए लगता है कि इसका मीडियम और लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि शॉर्ट-टर्म में कुछ कंसोलिडेशन हो सकता है। डेली चार्ट पर,बैंकिंग इंडेक्स ने हाई वेव कैंडल बनाया है,जो मार्केट में दुविधा और किसी खास दिशा को लेकर पक्के भरोसे की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर बाजार के एक सीमित दायरे में रहने का संकेत दे रहे हैं। पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से डेली RSI एक सीमित दायरे में ही ऊपर-नीचे हो रहा है,जिससे पता चलता है कि बाजार में किसी खास दिशा की ओर कोई मजबूत झुकाव नहीं है।

बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल्स

SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि आगे 57,900-58,000 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम करेगा। वहीं,नीचे की तरफ 57,100-57,000 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इन लेवल से कोई भी साफ ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन बैंक निफ्टी की आगे की चाल तय कर सकती है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।