Tata Elxsi Q1 Results: टाटा की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, पहली बार रेवेन्यू ₹1000 करोड़ के पार पहुंचा

Tata Elxsi Q1 Results: डिजाइन और टेक्नोलॉजी सर्विसेज देने वाली कंपनी Tata Elxsi ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। टाटा ग्रुप की इस कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹144.3 करोड़ था।

रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही में Tata Elxsi का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹1,021.1 करोड़ पहुंच गया। तिमाही आधार पर भी इसमें 2.8% की बढ़ोतरी हुई। यह पहली बार है जब Tata Elxsi का तिमाही ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।

वहीं, EBITDA 15.7% बढ़कर ₹216 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 21.2% दर्ज किया गया।

किन कारोबारों ने बढ़ाई रफ्तार?

Tata Elxsi की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्टेशन और मीडिया कारोबार का रहा।

ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.3% बढ़ा। वहीं, मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 22.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% घटकर ₹170.6 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹220 करोड़ था। इसी तरह, EBIT भी 12.5% घटकर ₹193.7 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन 22.27% से घटकर 18.97% पर आ गया।

AI और ऑटोमोबाइल कारोबार पर फोकस

Tata Elxsi के CEO और MD मनोज राघवन ने कहा कि तिमाही के दौरान बड़े ऑर्डर और मजबूत डील एग्जीक्यूशन की वजह से अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। ऑटोमोबाइल कारोबार में OEM ग्राहकों से मजबूत मांग बनी रही।

उन्होंने बताया कि कंपनी AI पर लगातार फोकस बढ़ा रही है। इसी तिमाही में उसने ViTEL नाम का Gen AI बेस्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह अलग-अलग मटेरियल का बेहतर एनालिसिस करने में मदद करेगा। इसके अलावा AnaTEL नाम का AI प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया है। इसे हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए तैयार किया गया है।

Tata Elxsi का शेयर मंगलवार को 2.97% की गिरावट के साथ ₹3,710 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 39.96% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Park Medi Share Price: इस साल अब तक 95% चढ़ा शेयर, लगा सकता है और 20% की छलांग, क्या आप करेंगे निवेश

Park Medi Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी पार्क मेडी वर्ल्ड (Park Medi World) का शेयर जनवरी 2026 से अब तक 95 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा टुका है। ऐसे में ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग (Choice Broking) ने इस स्टॉक पर अपनी Buy रेटिंग बनाए रखी है और शेयर के लिए 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है जो इसमें मौजूदा स्तर से 20 फीसदी की बढ़त की उम्मीद जताई है।

ब्रोकरेज ने अपने लेटेस्ट नोट में कहा, “हम FY28E पर कंपनी की वैल्यू 18x EV/EBITDA पर बनाए हुए हैं और इसलिए 350 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखते हैं।”ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी अपने मौजूदा क्लस्टर्स को मजबूत करते हुए पूरे नॉर्थ इंडिया में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

ब्रोकरेज ने गुरुग्राम में आने वाले 100-बेड वाले पार्क हॉस्पिटल प्लैटिनम फैसिलिटी के बारे में बताया, जिसे मौजूदा 225-बेड वाले पालम विहार हॉस्पिटल के पास लगभग ₹25 करोड़ के कैपिटल खर्च से बनाया जा रहा है।

नए हॉस्पिटल के नवंबर 2026 में चालू होने की उम्मीद है और इसका मकसद मौजूदा फैसिलिटी में कैपेसिटी की कमी को कम करना है, जो FY26 में लगभग 86% ऑक्यूपेंसी पर चल रही थी और लगभग ₹25 करोड़ का रेवेन्यू कमा रही थी, जो गुरुग्राम मार्केट में मज़बूत डिमांड का संकेत है।

ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि उत्तराखंड के रुद्रपुर में हाल ही में ₹1.77 बिलियन में खरीदा गया 330-बेड वाला मेडिसिटी हॉस्पिटल एक ज़रूरी ग्रोथ इंजन बनेगा। अगले महीने के आखिर तक ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें सभी 330 बेड पहले दिन से ही चालू हो जाएंगे। मैनेजमेंट पहले साल में ₹1 बिलियन रेवेन्यू, लगभग 20% EBITDA मार्जिन और लगभग 12% PAT मार्जिन का टारगेट कर रहा है, दूसरे साल ज़्यादा ऑक्यूपेंसी, हर बेड पर एवरेज रेवेन्यू (ARPOB) बढ़ने और बेहतर सुपर-स्पेशियलिटी मिक्स से इसमें और सुधार होगा।

कंपनी की ऑपरेटिंग ताकतों के बारे में बताते हुए, चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने कहा, “क्लस्टर-बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल एक मुख्य अंतर बना हुआ है, जिससे आस-पास के हॉस्पिटल डॉक्टर, खास इक्विपमेंट और ऑपरेशनल रिसोर्स शेयर कर सकते हैं, जिससे इस्तेमाल, भर्ती और कुल मिलाकर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार होता है। मार्च 2028 तक कुल कैपेसिटी लगभग 5,590 बेड तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसे एक्वायर किए गए हॉस्पिटल के चल रहे इंटीग्रेशन और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से सपोर्ट मिलेगा, जबकि मैनेजमेंट FY33 तक 10,000 बेड की उम्मीद कर रहा है।”

ब्रोकरेज ने बताया कि कंपनी की स्ट्रैटेजी बेड जोड़ने से कहीं आगे तक फैली हुई है। यह स्ट्रेटेजिक लोकेशन, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, विस्तार की संभावना और आकर्षक वैल्यूएशन पर संकटग्रस्त एसेट्स की उपलब्धता के आधार पर कम पहुंच वाले, तेज़ी से बढ़ने वाले हेल्थकेयर मार्केट में हॉस्पिटल खरीदने पर फोकस कर रहा है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

डूबे निवेशकों के ₹2 लाख करोड़, Sensex में 550 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर 23052 पर बंद

Sensex-Nifty closes red: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच बढ़ी तो कच्चा तेल उबल पड़ा और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के काफी करीब पहुंच गया। इसने एशियाई बाजारों में कोहराम मचा दिया। घरेलू मार्केट में भी इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24050 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में कुछ अधिक ही इसकी आंधी चली। निफ्टी मिडकैप 100 आज आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सरकारी बैंकों, रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर ने मार्केटपर काफी दबाव बनाया। इसमें रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स तो करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुए तो पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी से कमजोर हुआ और निफ्टी आईटी भी 1% टूट गया। फार्मा और मेटल सेक्टर की रौनक भी बाजार को संभाल नहीं पाई। निफ्टी फार्मा आज 1% से अधिक तो निफ्टी मेटल आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 614.92 प्वाइंट्स टूटकर 77,001.48 तक और निफ्टी 187.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,023.70 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹2.19 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 15 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,40,381.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,19,285.18 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज छह ग्रीन जोन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा में रही तो दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, इंडिगो और बजाज फिनसर्व में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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134 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4433 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1501 शेयर आज मजबूत हुए तो 2737 में गिरावट रही जबकि 195 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 134 शेयर एक साल के हाई और 64 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Netweb Share Price: विदेशी ब्रोकरेज BofA Securities ने पहली बार डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है। साथ ही ₹5,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 14% की संभावित तेजी दिखाता है।

AI से मिल सकता है बड़ा फायदा

BofA का मानना है कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसका फायदा Netweb Technologies को मिल सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी इस मौके का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Netweb की सबसे बड़ी ताकत NVIDIA के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी है। कंपनी की सुपरकंप्यूटिंग में अच्छी पकड़ है। सरकारी ग्राहकों के साथ भी उसके लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं। यही बातें उसे दूसरी कंपनियों से अलग बनाती हैं।

आगे भी तेज ग्रोथ की उम्मीद

Netweb ने पिछले कुछ सालों में सुपरकंप्यूटिंग बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। FY20 में उसका मार्केट शेयर सिर्फ 2% था। FY26 तक यह बढ़कर 9% हो गया।

BofA का कहना है कि जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, उसकी कमाई भी तेजी से बढ़ सकती है। ज्यादा बिक्री होने से लागत पर बेहतर नियंत्रण रहेगा। इससे कंपनी ऊंची महंगाई के दौर में भी अपनी मुनाफेदारी बनाए रख सकती है। ब्रोकरेज ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 40% CAGR की उम्मीद जताई है।

Netweb Technologies का शेयर मंगलवार को 0.11% की गिरावट के साथ 4,395.10 पर बंद हुआ। इस साल अब तक यह शेयर 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

Netweb का बिजनेस क्या है?

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), AI सर्वर, सुपरकंप्यूटर, डेटा सेंटर और डेटा स्टोरेज सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी सरकार, रक्षा क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, IIT-IISc जैसे शैक्षणिक संस्थानों और बड़ी कंपनियों को एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम उपलब्ध कराती है।

यह ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सर्वर, स्टोरेज, क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है। कंपनी का फोकस भारत में तेजी से बढ़ रहे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर बाजार का फायदा उठाने पर है।

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Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: Banking Stocks का दबाव, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, इन 5 बड़ी वजहों से Nifty लाल

Share Market Crash: कच्चा तेल की उबाल ने मार्केट को तोड़ दिया। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के करीब पहुंचा तो एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। घरेलू मार्केट में भी सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो निफ्टी 24050 पर आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:50 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 478.60 प्वाइंट्स यानी 0.62% की फिसलन के साथ 77,137.80 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 138.70 प्वाइंट्स यानी 0.57% की गिरावट के साथ 24,072.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

मार्केट पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए सैन्य हमले और ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान ने दबाव बनाया हुआ है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बीच कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा था, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त थी।

बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी

महंगे तेल ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार तेज होने की आशंका बढ़ाई तो अमेरिकी ट्रेडरी यील्ड उछल पड़ा। बेंचमार्क 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 बीपीएस बढ़कर 4.618% हो गई तो 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 बीपीएस बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के अमेरिकी ट्रेजरी पर यील्ड 6.5 बीपीएस बढ़कर 4.273% हो गई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना। फिलहाल यह 3.52% के उछाल के साथ 13.75 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव

मार्केट पर आज बैंकिंग शेयरों ने दबाव बनाया हुआ है और इसमें रियल्टी सेक्टर भी साथ दे रहा है। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक की। दूसरी तरफ मेटल और फार्मा के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है तो निफ्टी आईटी में हल्की ही सही, लेकिन शुरुआती कारोबार में बिकवाली के माहौल में भी यह ग्रीन था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex: आस्था स्पिनटेक्स को ₹76.78 करोड़ के ऑर्डर मिले, कॉटन यार्न की करेगी सप्लाई

Aastha Spintex Order Book: कॉटन यार्न बनाने वाली कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड को जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच डिलीवरी के लिए ₹76.78 करोड़ के कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। कंपनी का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक से आने वाले महीनों में प्रोडक्शन और कमाई को सहारा मिलेगा।

चार महीनों के लिए 55 कन्फर्म ऑर्डर

कंपनी को कुल 55 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत करीब 26.46 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। ऑर्डर बुक में जुलाई के लिए ₹24.45 करोड़, अगस्त के लिए ₹20.78 करोड़, सितंबर के लिए ₹22.83 करोड़ और अक्टूबर के लिए ₹8.72 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं।

पुराने ग्राहकों से लगातार मिल रहे ऑर्डर

कंपनी ने बताया कि मौजूदा ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2024-25 के ₹352 करोड़ के रेवेन्यू का 21% से ज्यादा है। 7 Seas Impex, Texpert India, Elkins Trade Links और Niva Export जैसे पुराने ग्राहक लगातार ऑर्डर दे रहे हैं। वहीं, Sharvay Agronics LLP नए ग्राहक के रूप में जुड़ा है, जिससे कंपनी का ग्राहक आधार और मजबूत हुआ है।

Falcon Texotube के अधिग्रहण से फायदा

आस्था स्पिनटेक्स ने हाल ही में Falcon Texotube का अधिग्रहण किया था। कंपनी का दावा है कि इसके बाद स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो गई है। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई है। इससे कंपनी अब बड़े और ज्यादा ऑर्डर पूरे करने की स्थिति में है।

वित्तीय प्रदर्शन भी रहा मजबूत

आस्था स्पिनटेक्स के मैनेजमेंट का कहना है कि ₹76.78 करोड़ की ऑर्डर बुक उसकी पोस्ट-एक्विजिशन ग्रोथ रणनीति की सफलता दिखाती है। वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। कंपनी का रेवेन्यू FY23 के ₹240 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹352 करोड़ हो गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ पहुंच गया। ऑपरेटिंग और EBITDA मार्जिन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।