Share Market Crash: खास वजहों से IT-Pharma Sector में बिकवाली की आंधी, 500 प्वाइंट्स टूट गया Sensex

Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी फिसल गए। फार्मा सेक्टर में जेनेरिक्स दवाईयों पर अमेरिकी टैरिफ और एआई से जुड़े शेयरों में तेजी के चलते भारतीय आईटी स्टॉक्स पर दबाव में सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24000 के एकदम करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी तक की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:34 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 564.77 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 76,905.34 और निफ्टी (Nifty) 158.00 प्वाइंट्स यानी 0.65% की फिसलन के साथ 24,029.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 581.61 प्वाइंट्स टूटकर 76,888.50 और निफ्टी 168.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,019.40 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

US-Iran War

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 11वीं रात हवाई हमले किए। इन हमलों में मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसने मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर किया है।

आईटी-फार्मा सेक्टर में तेज बिकवाली

मार्केट पर आज सबसे अधिक दबाव फार्मा सेक्टर ने बनाया है। ट्रंप ने अपनी पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयों को भी शामिल किया तो इस सेक्टर की कंपनियों को झटका लगा और निफ्टी फार्मा 1% से अधिक फिसल गया। इसके अलावा एआई से जुड़े स्टॉक्स में तेजी के चलते भारतीय मार्केट में आईटी कंपनियों पर दबाव पड़ा और निफ्टी आईटी 1% से अधिक टूट गया। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में भी बिकवाली का तेज दबाव है और सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 3.25% की गिरावट के साथ 13.01 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

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Anant Raj Demerger: अनंत राज दो हिस्सों में बंटेगी, डेटा सेंटर कारोबार के लिए अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी

Anant Raj Demerger: रियल एस्टेट कंपनी Anant Raj Ltd ने अपने कारोबार में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने एक कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी है। इसके तहत डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से अलग किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ग्रुप की दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां होंगी।

हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले NCLT, SEBI, स्टॉक एक्सचेंज, शेयरधारकों और अन्य नियामकीय मंजूरियां मिलना जरूरी होगा।

किस कंपनी के पास कौन सा कारोबार रहेगा?

डिमर्जर के बाद Anant Raj Ltd रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार पर फोकस करेगी। कंपनी का ध्यान रेजिडेंशियल टाउनशिप, लग्जरी हाउसिंग, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस पर रहेगा।

वहीं, Ashok Cloud Private Limited डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का कारोबार संभालेगी। कंपनी AI वर्कलोड, को-लोकेशन सर्विस, सॉवरेन पब्लिक क्लाउड, डिजास्टर रिकवरी, क्लाउड माइग्रेशन और डेटा बैकअप जैसी सेवाएं देगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

कंपनी ने बताया कि डिमर्जर लागू होने के बाद योग्य शेयरधारकों को Anant Raj Ltd के हर एक ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयर के बदले Ashok Cloud Private Limited का ₹2 फेस वैल्यू वाला एक शेयर मिलेगा।

हालांकि, डिमर्जर के बाद भी Ashok Cloud, Anant Raj Ltd की सब्सिडियरी बनी रहेगी। कंपनी की मौजूदा हिस्सेदारी रद्द नहीं की जाएगी।

कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?

कंपनी का कहना है कि दोनों कारोबार अब अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों की पूंजी जरूरत, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रेटजी भी अलग है। ऐसे में अलग कंपनियां बनने से दोनों बिजनेस अपने-अपने क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे।

कंपनी का मानना है कि इससे डेटा सेंटर बिजनेस को अलग पहचान मिलेगी। उसकी वैल्यू बेहतर तरीके से सामने आएगी। साथ ही सेक्टर-फोकस्ड निवेशकों को आकर्षित करने, रणनीतिक साझेदारी करने और नए निवेश जुटाने में भी आसानी होगी।

Anant Raj के एमडी ने क्या कहा?

Anant Raj के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित सरीन ने कहा कि रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कारोबार अब दो अलग प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। दोनों की जरूरतें और ग्रोथ का रास्ता अलग है। ऐसे में डिमर्जर से दोनों कंपनियों को स्वतंत्र रणनीति बनाने और तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर और क्लाउड कारोबार को एक ही प्लेटफॉर्म के तहत लाने से कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा। इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और निवेशकों के लिए पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

यह घोषणा बाजार बंद होने के बाद हुई। Anant Raj का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.50% की गिरावट के साथ ₹609.60 पर बंद हुआ।

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल कंपनी का मुनाफा 13% बढ़ा, शेयरधारकों को मिला डिविडेंड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 22 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार 22 जुलाई को शेयर बाजार में 15 कंपनियों के शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जबकि कुछ ने कारोबार से जुड़े बड़े ऐलान किए हैं। वहीं, कई दिग्गज कंपनियां आज अपने Q1 नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन शेयरों में पूरे कारोबारी सत्र के दौरान अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma की सहयोगी कंपनी CuraTeQ को हैदराबाद स्थित बायोसिमिलर्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए ब्राजील की हेल्थ रेगुलेटर ANVISA से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी से कंपनी को ब्राजील के बाजार में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

JSW Infrastructure

पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी JSW Infrastructure का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 8.2% घटकर ₹357.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹1,444.8 करोड़ हो गया। EBITDA 15.9% बढ़कर ₹673.7 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 47.5% से घटकर 46.6% पर आ गया।

Aditya Birla Capital

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Aditya Birla Capital ने अपनी सहयोगी कंपनी Aditya Birla Health Insurance में राइट्स इश्यू के जरिए ₹123.89 करोड़ का निवेश किया है। कंपनी ने यह निवेश कारोबार बढ़ाने और पूंजी आधार मजबूत करने के लिए किया है।

Trident Ltd

टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ रहा। इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ और EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल की तरह 17% पर स्थिर रहा।

Bandhan Bank

प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 34.8% बढ़कर ₹501.6 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 6% बढ़ी। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.15% और नेट NPA 0.93% पर आ गया। तिमाही के दौरान बैंक ने ₹682.5 करोड़ का प्रावधान किया।

IndiaMART InterMESH

ऑनलाइन B2B ई-कॉमर्स कंपनी IndiaMART InterMESH ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.18% बढ़कर ₹172.20 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹153.50 करोड़ था। तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 243.03% उछला है।

TVS Holdings

ऑटो सेक्टर की कंपनी TVS Holdings का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 73.8% बढ़कर ₹1,173.5 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹17,076.1 करोड़ रहा। EBITDA 38.6% बढ़ा। वहीं, EBITDA मार्जिन बढ़कर 16.3% हो गया।

Welspun Specialty

मेटल सेक्टर की कंपनी Welspun Specialty जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी ने ₹5.16 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में ₹0.75 करोड़ का घाटा हुआ था। हालांकि, रेवेन्यू 3.8% घटकर ₹194 करोड़ रहा। EBITDA बढ़कर ₹10.54 करोड़ और मार्जिन 5.4% पर पहुंच गया।

Cyient DLM

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Cyient DLM का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹16.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹7.4 करोड़ था। रेवेन्यू 34.3% बढ़कर ₹373.8 करोड़ रहा। EBITDA 56.4% बढ़कर ₹39 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 10.5% पर पहुंच गया।

Indian Hotels

टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनी Indian Hotels का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹2,339 करोड़ रहा। EBITDA 16.8% बढ़कर ₹672 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 28.8% रहा।

MedPlus Health Services

फार्मेसी रिटेल चेन MedPlus Health Services का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21.8% घटकर ₹33 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹1,879.6 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,542.6 करोड़ था।

Aavas Financiers

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Aavas Financiers की जून तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 16.6% बढ़कर ₹324 करोड़ हो गई। शुद्ध मुनाफा 23% बढ़कर ₹171 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹139 करोड़ था।

Sagility India

हेल्थकेयर BPO कंपनी Sagility India का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46% बढ़कर ₹217 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27.6% बढ़कर ₹1,963 करोड़ रहा। EBITDA 26.6% बढ़कर ₹438 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 23% से घटकर 22.3% रह गया।

Mastek

आईटी सेक्टर की कंपनी Mastek का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 15% बढ़कर ₹106 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर ₹985.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹914.7 करोड़ था।

Sunteck Realty

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Sunteck Realty का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 26.4% बढ़कर ₹42.3 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 1.7% बढ़कर ₹191.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹181.3 करोड़ था।

Hatsun Agro

डेयरी कंपनी Hatsun Agro का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 1.1% घटकर ₹133.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹3,090 करोड़ हो गया। EBITDA 5.1% घटकर ₹350.5 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 11.3% पर आ गया।

22 जुलाई को आने वाले तिमाही नतीजे

बुधवार को जून तिमाही के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी। कई बड़ी कंपनियां अपने Q1 रिजल्ट जारी करेंगी। इनमें Adani Green Energy, Adani Power, Aye Finance, Dr. Reddy’s Laboratories, Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और CSB Bank जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनके नतीजों के बाद इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex: 23 जुलाई को बोर्ड मीटिंग होगी, 1:1 बोनस शेयर के साथ डिविडेंड देने के प्रस्ताव पर विचार करेगा बोर्ड

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता Aastha Spintex Ltd अपने कारोबार के अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। कंपनी का बोर्ड 23 जुलाई 2026 को होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर विचार करेगा। इनमें 1:1 बोनस शेयर, 100% तक फाइनल डिविडेंड और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स में विस्तार शामिल है।

बोनस शेयर और डिविडेंड पर फैसला

Aastha Spintex के बोर्ड के सामने 1:1 बोनस इश्यू का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके तहत हर एक इक्विटी शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेगा। इसके अलावा, ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹10 तक के फाइनल डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि, इन प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिलना जरूरी होगा।

टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने की तैयारी

Aastha Spintex के मुताबिक, वह अब सिर्फ कॉटन यार्न तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स के कारोबार में उतरने की योजना बना रही है। इस कदम से कंपनी टेक्सटाइल वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहती है। साथ ही मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी हो सकेगा।

मैनेजिंग डायरेक्टर क्या बोले?

Aastha Spintex के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि कंपनी लंबे समय से एक मजबूत और इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल बिजनेस बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, अब टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने का सही समय है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बोनस इश्यू और डिविडेंड शेयरधारकों के साथ कंपनी की बनाई गई वैल्यू साझा करने की प्रतिबद्धता को भी दिखाते हैं।

हाल में बढ़ी उत्पादन क्षमता

हाल ही में NSE और BSE के मेन बोर्ड पर लिस्टिंग के बाद कंपनी ने Falcon Yarns Pvt Ltd का अधिग्रहण पूरा किया है। कंपनी का दावा है कि अब उसकी सालाना स्पिनिंग क्षमता 7,700 मीट्रिक टन से बढ़कर 17,457 मीट्रिक टन हो गई। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई। कंपनी का मानना है कि वैल्यू-एडेड फैब्रिक सेगमेंट में विस्तार इस बढ़ी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करेगा।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा

पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023 में ₹240 करोड़ रहा रेवेन्यू बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में ₹352 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी ने 21.2% की CAGR दर्ज की। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 5.87% से बढ़कर 14.16% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 6.05% से बढ़कर 14.45% पहुंच गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल कंपनी का मुनाफा 13% बढ़ा, शेयरधारकों को मिला डिविडेंड

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा दोहरे अंक में बढ़ा है। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के स्तर पर ही स्थिर रहा।

मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बढ़े

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹140 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹1,706.8 करोड़ था।

इस दौरान EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹291.7 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 17% पर स्थिर रहा।

किस कारोबार का कैसा प्रदर्शन रहा?

जून तिमाही में यार्न बिजनेस कंपनी का सबसे बड़ा रेवेन्यू देने वाला कारोबार रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू ₹902 करोड़ से बढ़कर ₹954.2 करोड़ हो गया। पेपर और केमिकल्स कारोबार का रेवेन्यू ₹259.8 करोड़ से बढ़कर ₹297.4 करोड़ पहुंच गया, जो सबसे तेज ग्रोथ वाला सेगमेंट रहा।

वहीं, टॉवल बिजनेस का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह ₹638.9 करोड़ से मामूली घटकर ₹638.5 करोड़ रह गया। दूसरी ओर, बेडशीट कारोबार का रेवेन्यू ₹309.4 करोड़ से घटकर ₹302.8 करोड़ हो गया।

मुनाफे में किसका सबसे ज्यादा योगदान?

यार्न कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹70.1 करोड़ से बढ़कर ₹145.8 करोड़ हो गया। यानी इस सेगमेंट का मुनाफा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा। बेडशीट बिजनेस का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹44.8 करोड़ से बढ़कर ₹49.3 करोड़ रहा।

हालांकि, पेपर और केमिकल्स सेगमेंट का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹73.3 करोड़ से घटकर ₹52.4 करोड़ रह गया। वहीं, टॉवल कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹47.6 करोड़ से घटकर ₹33.7 करोड़ हो गया।

अंतरिम डिविडेंड और नई सब्सिडियरी

कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया।

इसके अलावा, बोर्ड ने ब्रांड की मौजूदगी मजबूत करने और सेल्स, मार्केटिंग, बिजनेस डेवलपमेंट एक्टिविटीज को बढ़ाने के लिए नई सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दी है। यह सब्सिडियरी विदेशी बाजारों में भी Trident के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग का काम करेगी।

Trident के शेयरों का हाल

Trident का शेयर 21 जुलाई को NSE पर 0.28% गिरकर ₹25.24 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 19.97% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.67 हजार करोड़ रुपये है।

Indian Hotels Q1 Results: टाटा ग्रुप की होटल कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Indian Hotels Q1 Results: टाटा ग्रुप की होटल कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Indian Hotels Q1 Results: टाटा ग्रुप की होटल कंपनी Indian Hotels Company (IHCL) ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला।

मुनाफा 21% बढ़ा

अप्रैल-जून तिमाही में इंडियन होटल्स का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹296 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹2,339 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,041 करोड़ था।

EBITDA और मार्जिन में सुधार

जून तिमाही में EBITDA 16.8% बढ़कर ₹672 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹576 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 28.2% से बढ़कर 28.8% हो गया।

होटल इंडस्ट्री के अहम पैमाने RevPAR (Revenue Per Available Room) में भी 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

क्या बोले CEO?

इंडियन होटल्स के एमडी और सीईओ पुनीत छतवाल ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2027 में भी डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखे हुए है। उनका कहना है कि होटल कारोबार में मांग मजबूत बनी हुई है।

शेयर का हाल

Indian Hotels Company का शेयर नतीजों से पहले मंगलवार को 0.98% बढ़कर ₹731.75 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर में करीब 1% की गिरावट रही है। वहीं, पिछले 6 महीने में इसने करीब 12% का रिटर्न दिया है।

क्या करती है कंपनी?

Indian Hotels Company (IHCL) टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी कंपनी है। यह Taj, Vivanta, SeleQtions, Ginger और ama Stays & Trails जैसे होटल और हॉस्पिटैलिटी ब्रांड चलाती है। भारत के साथ-साथ कई विदेशी बाजारों में भी कंपनी की मौजूदगी है।

Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी स्टेनलेस स्टील कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

SBI Funds Management Shares: SBI Mutual Fund चलाने वाली कंपनी SBI Funds Management की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत हुई। कंपनी का शेयर ₹574 के IPO प्राइस के मुकाबले 6.84% प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर NSE में लिस्ट हुआ। कारोबार के दौरान यह ₹624.95 तक पहुंचा। हालांकि दिन के अंत में शेयर ₹609.75 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 0.58% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.24 लाख करोड़ रहा।

Emkay ने दी ‘Buy’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹750 का टारगेट प्राइस रखा है। यह IPO प्राइस के मुकाबले करीब 31% और मौजूदा क्लोजिंग भाव के मुकाबले करीब 23% की संभावित तेजी दिखाता है।

Emkay के बुलिश रुख की वजह

Emkay का मानना है कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की लंबी अवधि की ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा SBI Funds Management को मिल सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, SBI का मजबूत ब्रांड और बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। फिलहाल SBI Mutual Fund के करीब 55 लाख ग्राहक हैं, जबकि SBI के 2.1 करोड़ सैलरी अकाउंट हैं। यानी अभी भी कंपनी के पास नए ग्राहकों को जोड़ने की बड़ी गुंजाइश है, खासकर B-30 शहरों और ग्रामीण इलाकों में।

अब किस फैक्टर पर फोकस रहेगा?

Emkay को उम्मीद है कि कंपनी धीरे-धीरे इक्विटी म्यूचुअल फंड, AIF और PMS जैसे ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। इससे कमाई बेहतर हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA CAGR करीब 17% रह सकता है।

क्या हैं जोखिम?

Emkay ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। SBI के नेटवर्क से नए ग्राहक कम जुड़ सकते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमों का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है। शेयर बाजार में लंबे समय तक सुस्ती रह सकती है। रेगुलेटरी नियमों में बदलाव भी कंपनी की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं।

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TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी को ₹1174 करोड़ का मुनाफा, रॉकेट बना स्टॉक

TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी TVS Motor ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने मुनाफे से लेकर रेवेन्यू और मार्जिन तक, लगभग हर मोर्चे पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। इसी का असर शेयर पर भी दिखा। मंगलवार को कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 5% तक चढ़ गया।

50% बढ़ा मुनाफा

जून तिमाही में TVS मोटर का शुद्ध मुनाफा 50.7% बढ़कर ₹1,174 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹779 करोड़ था। बाजार को करीब ₹1,022 करोड़ के मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन कंपनी ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया।

कंपनी की अन्य आय (Other Income) भी ₹34 करोड़ से बढ़कर ₹150 करोड़ हो गई। इससे मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली।

रेवेन्यू भी उम्मीद से ज्यादा

TVS Motor का रेवेन्यू 37.8% बढ़कर ₹13,896 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹10,081 करोड़ था। यह आंकड़ा भी बाजार के ₹13,618 करोड़ के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

TVS मोटर का EBITDA 41% बढ़कर ₹1,779 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹1,260 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 12.5% से बढ़कर 12.8% पहुंच गया। बाजार को उम्मीद थी कि मार्जिन घटेगा, लेकिन कंपनी ने उल्टा इसे बढ़ा दिया।

बिक्री और कीमत, दोनों बढ़ीं

जून तिमाही में कंपनी की गाड़ी बिक्री 28% बढ़ी। वहीं, प्रति गाड़ी मिलने वाली औसत कीमत (Realisations) में भी 6% की बढ़ोतरी हुई। इससे कंपनी की कमाई और मार्जिन दोनों को सहारा मिला।

शेयर में आई जोरदार तेजी

मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा दिखाया। मंगलवार को TVS Motor का शेयर करीब 5.56% बढ़कर ₹3,789 पर पहुंच गया। इसके साथ ही शेयर अपने ऑल टाइम हाई ₹3,970 के काफी करीब पहुंच गया है। पिछले 1 साल में शेयर 33.66% बढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 32% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: टाटा ग्रुप की एग्री-इनपुट कंपनी Rallis India ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन इस बार उम्मीद से बेहतर रहा। मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹95 करोड़ था।

रेवेन्यू और EBITDA दोनों बढ़े

जून तिमाही में Rallis India का रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹1,022 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह कम था। वहीं, EBITDA 23.3% बढ़कर ₹185 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.7% से बढ़कर 18.1% हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है। बेहतर प्राइसिंग, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार से मार्जिन मजबूत हुआ।

Crop Care बिजनेस ने दिखाई मजबूती

Rallis India के Crop Care कारोबार का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹697 करोड़ पहुंच गया। इस कारोबार में रिटेल यानी B2C बिजनेस 19% बढ़ा। हालांकि, B2B कारोबार में 19% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कुल कारोबार बढ़त में रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी ने फसल सुरक्षा से जुड़े Balwan, Prodim Ultra और Kengen नाम के तीन नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। कंपनी ने फील्ड प्रोग्राम्स पर भी जोर दिया। साथ ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार किया। इसका फायदा कारोबार पर साफ दिखाई दिया।

Seeds कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ

Rallis India का Seeds कारोबार भी मजबूत रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹325 करोड़ पहुंच गया। प्री-सीजन डिमांड और सही समय पर प्रोडक्ट प्लेसमेंट का फायदा कंपनी को मिला।

तिमाही के दौरान कंपनी ने कपास, धान और बाजरा कैटेगरी में 9 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इनमें उत्तर भारत के लिए दो नए कॉटन हाइब्रिड भी शामिल हैं। इसके अलावा Dhaanya ब्रांड के तहत हर्बीसाइड-टॉलरेंट डायरेक्ट-सीडेड राइस भी बाजार में उतारा गया।

कंपनी ने क्या कहा?

Rallis India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि कंपनी ने मजबूत रणनीति और बेहतर परिचालन की बदौलत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मुनाफे में सुधार के साथ-साथ नए प्रोडक्ट्स पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है।

उनके मुताबिक, कंपनी आगे भी भारतीय किसानों के लिए नए और बेहतर कृषि समाधान विकसित करने पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही सभी कारोबारों में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी।

नतीजों से पहले सोमवार को Rallis India का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ ₹240 पर बंद हुआ।

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Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी का मुनाफा 264% उछला, ₹1000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Q1 Results: बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी Sobha Ltd ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके साथ ही कंपनी ने ₹1,000 करोड़ तक का फंड जुटाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

264% बढ़ गया कंपनी का मुनाफा

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Sobha का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 264.3% बढ़कर ₹51 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹14 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी शानदार रहा। यह एक साल पहले के ₹851.9 करोड़ से बढ़कर ₹1,278.1 करोड़ पहुंच गया। यानी कंपनी के रेवेन्यू में करीब 50% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऑपरेटिंग कमाई में भी बड़ा सुधार

शोभा लिमिटेड का EBITDA भी काफी मजबूत रहा। यह पिछले साल के ₹23.7 करोड़ से बढ़कर ₹77.6 करोड़ हो गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 2.8% से बढ़कर 6.1% पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी पहले के मुकाबले बेहतर हुई है।

₹1,000 करोड़ जुटाएगी कंपनी

तिमाही नतीजों के साथ शोभा लिमिटेड ने एक और बड़ा फैसला लिया है। Sobha के बोर्ड ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹1,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दे दी है।

यह रकम एक बार में या फिर एक से ज्यादा चरणों (Tranches) में जुटाई जा सकती है।

कौन तय करेगा पूरी प्रक्रिया?

शोभा के बोर्ड ने इस फंड जुटाने की पूरी प्रक्रिया Investments and Borrowings Committee को सौंप दी है।

यही कमेटी तय करेगी कि NCD कब जारी होंगे, उनकी अवधि कितनी होगी, निवेशकों को कितना कूपन (ब्याज) मिलेगा, ब्याज का भुगतान कैसे होगा और लिस्टिंग समेत बाकी शर्तें क्या रहेंगी। कंपनी ने कहा है कि इन सभी बातों की जानकारी बाद में दी जाएगी।

शोभा के शेयरों के हाल

Sobha का शेयर ₹9.30 यानी 0.63% की गिरावट के साथ ₹1,455.35 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 7% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 14.24% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 15.62 हजार करोड़ रुपये है।

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