CJP के 3 नेता रिहा, 1 साल तक शांति बनाए रखने की शर्त, कोर्ट की शर्तें क्या हैं 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगा खुलासा

CJP के 3 नेता रिहा, 1 साल तक शांति बनाए रखने की शर्त, कोर्ट की शर्तें क्या हैं 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगा खुलासा

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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने इन नेताओं को 10 अक्टूबर को एहतियातन हिरासत में लिया था। CJP 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। 50-50 हजार के मुचलके पर रिहाई दी गई है। रिहाई के साथ उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त का पालन करना होगा।

 

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया। उनके मुताबिक, नेताओं को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर छोड़ा गया है। अधिवक्ता सौतिक बनर्जी ने भी तीनों नेताओं की रिहाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा कर दिया गया है और वे वहां से जा सकते हैं।

 

BNSS की धाराओं के तहत हुई थी गिरफ्तारी

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों नेताओं को 10 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। रविवार को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित उप-मंडल कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया।

 

पुलिस ने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, एक साल तक शांति और अच्छे आचरण को सुनिश्चित करने के लिए 50,000 रुपये का जमानती बांड जमा कराया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के बाद CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करना पड़ा। पार्टी ने अपने पोस्ट में कहा कि कॉकरोच कभी नहीं मरते।”

 

दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 7 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में

 

CJP नेताओं की हिरासत ऐसे समय हुई, जब जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने और जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे 7,000 से अधिक लोगों को शहर के अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया गया।

 

प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल बताए गए।

CJP और विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

SIR पर कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर बरसे CM धामी, बोले- अपने शासनकाल का इतिहास देखे कांग्रेस

SIR पर कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर बरसे CM धामी, बोले- अपने शासनकाल का इतिहास देखे कांग्रेस

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन के विरोध पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल का इतिहास देखना चाहिए, क्योंकि उस समय भी मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण होता था। तब आपत्ति नहीं जताने वाली कांग्रेस आज इसी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।

 

SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी बनाना

 

देहरादून में रविवार को एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और निष्पक्ष चुनाव कराना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है।

 

कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप

 

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने शासनकाल में होने वाली इसी प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं जताती थी, लेकिन अब SIR को लेकर सवाल उठा रही है। धामी ने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस SIR के मुद्दे पर भ्रम और अराजकता फैलाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहती है।

 

संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करना उचित नहीं 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना सही नहीं है। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने के बजाय चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

CJP protest LIVE: दिल्ली में आज भी सख्ती, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बहाल, दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को किया गया रिहा

CJP protest LIVE: दिल्ली में आज भी सख्ती, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बहाल, दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को किया गया रिहा

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में रविवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस ने जंतर-मंतर को सील रखा है और राजधानी की सीमाओं पर बैरिकेडिंग जारी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार सुबह 6 बजे से 30 स्थानों पर वाहनों को डायवर्ट करने की व्यवस्था की है। हालांकि, मेट्रो और रेल सेवाओं पर लगी पाबंदियां हटा दी गई हैं और सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं।

CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, पार्टी के नेताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। इन नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। शिंदे ने कहा कि सरकार को लगा था कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेने के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।

 

नेताओं की हिरासत के बावजूद CJP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। समूह की ओर से आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए नामित अजिंक्य शिंदे ने कहा कि प्रदर्शनकारी रविवार को फिर जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करेंगे।

 

CJP नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इससे पहले शनिवार को दिल्ली में करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का अनुमान है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका पर विशेष सुनवाई प्रस्तावित है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद करके अदालत के आदेश की अवहेलना की।

 

 

AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि रविवार को दिल्ली के किसी दूसरे हिस्से को भी जंतर-मंतर में बदल दिया जाएगा।

 

दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

 

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 40,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें 26,000 अतिरिक्त जवान शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2020 के बाद दिल्ली में यह सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती थी।

 

पुलिस रविवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर जुटने या नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश करेगी। अधिकारियों के अनुसार, हालात के मुताबिक प्रमुख सड़कों पर आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान स्थिति सामान्य होने तक तैनात रहेंगे। शनिवार के प्रदर्शन का निर्धारित स्थल जंतर-मंतर अब भी बंद रखा गया है। यहां तक कि पत्रकारों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई। प्रवेश और निकास के तीन स्थानों पर हिंदी और अंग्रेजी में लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जा रही है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत सभाओं, जुलूसों और सड़क जाम करने पर लगाई गई पाबंदियां अगले आदेश तक जारी रहेंगी।

 

दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग, 30 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन

 

हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस ने चिल्ला, गाजीपुर, अप्सरा और सिंघु बॉर्डर पर दो स्तर की बैरिकेडिंग की है। इन स्थानों पर स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रविवार को भी जारी रहेगी।

 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह 6 बजे से शनिवार की तरह 30 स्थानों पर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा जाएगा। यह व्यवस्था मौके की स्थिति को देखते हुए लागू रहेगी।

 

इसलिए दिल्ली में यात्रा करने वाले लोगों को सलाह है कि वे घर से निकलने से पहले अपने रास्ते की स्थिति जांच लें और अतिरिक्त समय लेकर चलें।

 

मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य, सभी स्टेशन के गेट खुले

 

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शनिवार रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार फिर से खोल दिए गए हैं।

 

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रेल सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियां केवल शनिवार तक लागू थीं। रविवार को मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले मेट्रो और रेलवे की आधिकारिक जानकारी जांचने की सलाह दी जाती है।

 

सोमवार को INDIA गठबंधन का प्रदर्शन

 

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला सोमवार को भी जारी रह सकता है। INDIA गठबंधन ने सोमवार को अलग प्रदर्शन का ऐलान किया है। विपक्ष के वरिष्ठ नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई की मांग करेंगे। इस बीच, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शनिवार को दक्षिण एवेन्यू में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर मौन प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्हें पुलिस वैन से द्वारका ले जाया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि राहुल गांधी ने उनसे सोमवार के मार्च के लिए दिल्ली में रुकने को कहा था। 

CJP Protest Updates: अभिजीत दीपके, रांका और दास गिरफ्तार! थोड़ी देर में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी! आज जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का ऐलान, ध्रुव राठी रिहा

CJP Protest Updates: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को गिरफ्तार किए जाने के बाद आज यानी रविवार (11 अक्तूबर) को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। न्यूज एजेंसी ANI ने पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह के हवाले से यह जानकारी दी है। वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर के नेतृत्व में वकीलों की एक टीम CJP नेताओं की ओर से पैरवी कर सकती है। इस बीच, CJP ने चुनावी वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के विरोध में आज जंतर-मंतर पर एक बार फिर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

हिरासत के बाद अरेस्ट हुए CJP नेता

एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। उन्हें आज रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।”

पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में उनका विमान उतरने के बाद उन्हें हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शनिवार को सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोक दिया था।

रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर बताया कि अभिजीत, आशुतोष और सौरव दास को सुबह दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें सुबह इस बारे में जानकारी दी। CJP की लीगल हेड होने के नाते वह अन्य वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचेंगी।

दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिए गए CJP नेता

CJP के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक विमान से हिरासत में लिया गया था। ये नेता जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में थी।

यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आयोजित किया जाना था। राजधानी में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए और प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

आज फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी CJP

CJP ने हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद अपने आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी ने आज जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी की मांग है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले ही दिल्ली में CJP के आह्वान पर प्रस्तावित जुटान को रोकने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

चार पूर्व मुख्यमंत्री भी हिरासत में लिए गए

दिल्ली में हिरासत में लिए गए लोगों में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। इनमें आम आदमी पार्टी (AAP) के अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संस्थापक ममता बनर्जी, वामपंथी नेता पिनराई विजयन और माणिक सरकार के नाम शामिल हैं। प्रदर्शन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। उसका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, CJP ने वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है।

ध्रुव राठी को छोड़ा गया, जंतर-मंतर पहुंचने पर फिर कार्रवाई की चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात रिहा कर दिया था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि वह जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। एक अधिकारी ने रविवार सुबह बताया, “हरियाणा के गुरुग्राम में हिरासत में लिए जाने के बाद यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात रिहा कर दिया गया।” राठी को आज तड़के 3 बजे रिहा किया गया।

दिल्ली में लगातार हो रही हिरासत की कार्रवाइयों और CJP के नए प्रदर्शन के ऐलान के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनी हुई है। अब सबकी निगाहें आज होने वाली मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हैं।

सीईसी के इस्तीफा देने तक पीछे नहीं हटेंगे

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तब तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। CJP ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित पाबंदियों को लेकर चेतावनी जारी की है। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉजपा के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।’” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की।

शिंदे ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजकों सौरव दास तथा आशुतोष रांका की हिरासत के बारे में भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने के 12 घंटे बाद भी तीनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

CJP के ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बड़ी कार्रवाई, 500 से ज्यादा लोग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अलग-अलग राज्यों से राजधानी आए 500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा के बीच की गई है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है, जिन पर मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) से जुड़े आरोप लगे हैं।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 35,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने यह कदम बिना अनुमति भीड़ जुटने से रोकने और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया है।

इस तैनाती में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की 120 से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं, जिनके जवानों को अहम चौराहों, ट्रांसपोर्ट हब और दूसरी संवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है।

इसके अलावा, निगरानी को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है, जिसमें जॉइंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर को सुपरविजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अलग-अलग यूनिट के हेड स्पेशल कमिश्नर भी सुरक्षा इंतजामों की देखरेख कर रहे हैं।

वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा से महिला पुलिसकर्मियों को भी दिल्ली बुलाया गया है। इसके अलावा, किसी भी तरह की गड़बड़ी से निपटने की तैयारी जांचने के लिए मॉक ड्रिल भी की गई है।

ANI के अनुसार, पुलिस टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी जगह पर बिना इजाजत प्रदर्शन करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लें।

प्रदर्शन के दौरान तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को हथियार साथ न रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस के जवान लाठी और डंडे लेकर तैनात रह सकते हैं। पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ बहस करने से भी बचने की सलाह दी गई है। इसकी एक वजह यह चिंता है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत या बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकते हैं।

सुरक्षा के लिए बॉडी कैमरे, ड्रोन और फेस रिकग्निशन सिस्टम तैनात

सुरक्षा इंतजामों में टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है। पुलिस हालात पर नजर रखने के लिए रिकॉर्डिंग डिवाइस का इस्तेमाल कर रही है और हवा व छतों से निगरानी कर रही है।

विरोध-प्रदर्शन की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी यूनिफॉर्म पर बॉडी कैमरे पहने हुए हैं। ये डिवाइस कम रोशनी में भी फुटेज रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिससे पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड रखने में मदद मिलती है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर बदसलूकी के आरोप लगते हैं, तो ये रिकॉर्डिंग सच का पता लगाने में मदद कर सकती हैं।

पुलिसकर्मी ने कहा, “ये बॉडी कैमरे हमारी और दूसरों की सुरक्षा के लिए हैं। बदसलूकी की स्थिति में दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए जाते हैं। इसलिए, ये बॉडी कैमरे साबित करेंगे कि हमने किसी के साथ कुछ किया या नहीं। यह सब कुछ रिकॉर्ड करेगा…”

ANI के अनुसार, सुरक्षा योजना में सेंट्रल दिल्ली में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, अतिरिक्त CCTV कैमरे, ड्रोन और छतों पर तैनात स्पॉटर्स भी शामिल हैं।

इसके अलावा, पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 200 से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर्स भी पुलिस की निगरानी में हैं। अधिकारी ऐसे पोस्ट और मैसेज की जांच कर रहे हैं, जिनके जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जुटाने की कोशिश की जा सकती है।

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Jantar Mantar Protest: दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, वृंदा करात समेत कई नेताओं को लिया हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, वृंदा करात समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने मुंबई से दिल्ली आए CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरते ही हिरासत में ले लिया था।

CEC ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा था कि वह अपने परिवार के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने पूरे देश के लोगों से अपील की थी कि वे अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें। शनिवार को AAP ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के आवास के आसपास कड़ा पहरा लगा दिया।

गोपाल राय भी हिरासत में

ताजा अपडेट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल को हिरासत में ले लिया गया है। AAP के नेता गोपाल राय को भी हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी समेत TMC के दूसरे MPs को भी हिरास​त में लिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, पार्टी की वरिष्ठ नेता वृंदा करात और कई अन्य नेताओं को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके की दादी का निधन, अभी हिरासत में हैं CJP फाउंडर

पंजाब में मनीष सिसोदिया डिटेन

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शनिवार को AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब में कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सिसोदिया चंडीगढ़ में CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान AAP नेता और कार्यकर्ता CEO के दफ्तर की ओर मार्च कर रहे थे, चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगा रहे थे और जवाबदेही की मांग कर रहे थे। जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की तो तनाव बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा। इसके बाद सिसोदिया, हरपाल सिंह चीमा और पंजाब के प्रमुख पार्टी नेताओं समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।

Delhi Protest: ‘गिरफ्तार होने ही आया हूं…’, अभिजीत दीपके हिरासत में; IGI एयरपोर्ट पर प्लेन में घुसी दिल्ली पुलिस

जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके की दादी का निधन, अभी हिरासत में हैं CJP फाउंडर

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस बीच खबर है कि CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके की दादी का उनके पैतृक गांव में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। दीपके इस विरोध-प्रदर्शन के लिए मुंबह से दिल्ली आए हैं।

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरते ही हिरासत में ले लिया। दीपके का पैतृक गांव महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में संतुक पिंपरी है। दीपके का परिवार छत्रपति संभाजीनगर में रहता है। लेकिन दादी पैतृक गांव में ही रह रही थीं और शनिवार सुबह वहीं उनका निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं।

दीपके के माता-पिता हिंगोली जाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन यह अभी साफ नहीं है कि दादी के निधन के बाद दिल्ली पुलिस दीपके को उनके पैतृक गांव जाने की इजाजत कब देगी। CJP ने एक बयान जारी कर अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। दावा किया कि है यह उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है।

CJP ने कहा है कि जब तक दीपके, दास और रांका हिरासत में रहेंगे, तब तक पार्टी के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। CEC ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं।

आकाशवाणी भवन के निकट पुलिस पर पथराव, दो पुलिसकर्मी घायल

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, CJP के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को लांघने के बाद आकाशवाणी भवन के निकट इम्तियाज अली मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। दोपहर में 25 से 30 प्रदर्शनकारियों ने इम्तियाज अली मार्ग पर लगे अवरोधकों को पार कर सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और कार्रवाई के दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे शुरू होना था, लेकिन पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को तय स्थल तक पहुंचने से रोक दिया। नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू है। कनॉट प्लेस सहित कई स्थानों से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कई अन्य को लौटा दिया गया। इससे पहले पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और जंतर-मंतर के पास किसी भी जमावड़े को रोकने के लिए प्रमुख चौराहों व संपर्क मार्गों पर पुलिसबल तैनात कर दिया।

Delhi Protest: IGI एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके के प्लेन में घुसी दिल्ली पुलिस, CJP ने लगाया हिरासत में लेने का आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उसके नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरने के बाद हिरासत में ले लिया। सोशल मीडिया पर प्लेन के वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में दिल्ली पुलिस कह रही है कि यह गिरफ्तारी नहीं है। CJP ने एक बयान जारी कर कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। दावा किया कि है यह उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है।

CJP के नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। पार्टी ने इस कार्रवाई को बेरोकटोक आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए तीनों नेताओं को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं। इसी मुद्दे को लेकर CJP ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

“…मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं”

अभिजीत दीपके की फ्लाइट कुछ ही मिनट पहले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उतरी है। वीडियो में अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस से कहते हुए दिख रहे हैं, “…मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं; कर लीजिए गिरफ्तार।” वहीं दिल्ली पुलिस के जवान कह रहे हैं कि “नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग करें।”

ध्रुव राठी को लिया हिरासत में

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी हिरासत में ले चुकी है। पुलिस ने राठी को शनिवार सुबह गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। सुबह करीब 7:48 बजे पुलिस सेक्टर 56 के सेंट्रल पार्क विहार में उनके घर पहुंची। शुक्रवार देर रात से ही उनके आवास के बाहर लगभग 50 पुलिसकर्मी तैनात हो गए थे। शनिवार सुबह सिविल ड्रेस और पुलिस की वर्दी में पहुंचे लगभग 50 पुलिसकर्मियों ने औपचारिक रूप से ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया।

Delhi Traffic Advisory Today: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, उन 31 पॉइंट्स की लिस्ट जहां ट्रैफिक डायवर्जन लागू

200 प्रदर्शनकारी हिरासत में

दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को रोकने के लिए चलाए जा रहे इस व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। नई दिल्ली के पूरे इलाके में पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस सूत्रों का कहना है कि एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

Delhi Protest: रात के अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग करने वाले बॉडी कैमरों से लैस हुए दिल्ली पुलिस के जवान, समझिए क्या है तैयारी

जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार 10 अक्टूबर को पूरी राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े और हाई-टेक इंतजाम किए गए हैं। इस बार प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात दिल्ली पुलिस के जवान आधुनिक नाइट-विजन बॉडी-वॉर्न कैमरों (BWCs) से लैस नजर आ रहे हैं। यह विशेष बॉडी कैमरे जवानों की यूनिफॉर्म पर लगाए गए हैं, जो दिन के उजाले के साथ-साथ रात के घने अंधेरे में भी हाई क्वॉलिटी की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं।

यह कैमरे हमारी और जनता दोनों की सुरक्षा के लिए हैं: जवान ने समझाई उपयोगिता

ANI की एक एक्स पोस्ट में दिल्ली में तैनात पुलिस जवान अपनी यूनिफॉर्म पर यह कैमरे पहने हुए दिखाई दिए। सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के जवान दीपक चौधरी ने इन कैमरों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में बताते हुए कहा कि यह बॉडी कैमरे जवानों के साथ-साथ आम जनता और प्रदर्शनकारियों दोनों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन या हाथापाई की स्थितियों में अक्सर दिल्ली पुलिस के ऊपर एकतरफा आरोप लगा दिए जाते हैं। ऐसे में यह बॉडी कैमरे निष्पक्ष सबूत के तौर पर काम करेंगे और यह साबित करेंगे कि पुलिस ने किसी के साथ कुछ गलत किया है या नहीं। यह कैमरे मौके पर होने वाली हर एक गतिविधि को लगातार रिकॉर्ड करेंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की थी अनिवार्य बॉडी कैमरे लगाने वाली याचिका

बॉडी कैमरों की यह तैनाती ऐसे समय में देखने को मिली है, जब कुछ ही दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरों का अनिवार्य और लगातार इस्तेमाल करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। 7 अक्टूबर को एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन सांबरे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका को केंद्र सरकार के समक्ष एक प्रतिवेदन के रूप में विचार करने को कहा था। अदालत ने न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की थी कि इस मामले में ऐसा कोई कानूनी पेंच नहीं है जहां कोर्ट को निर्देश जारी करने की जरूरत पड़े। अदालत ने कहा था कि जब भी विधायिका की कोई मंशा होती है, वे वैधानिक प्रावधानों में नियम तय कर देते हैं।

जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला देकर दायर की गई थी याचिका

यह याचिका एडवोकेट चाहत राघव द्वारा भारत सरकार, दिल्ली पुलिस आयुक्त, सीआरपीएफ के महानिदेशक और बीपीआरएंडडी के खिलाफ दायर की गई थी। इस याचिका में मांग की गई थी कि प्रदर्शनों और भीड़ नियंत्रण में तैनात अधिकारियों के लिए कैमरे पहनना और उन्हें चालू रखना अनिवार्य किया जाए। साथ ही रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने, डेटा सुरक्षा और सबूत के तौर पर उसके इस्तेमाल के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जाए।

याचिका में जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर CJP और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के प्रदर्शनों का जिक्र किया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि उस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के अधिकांश वीडियो आम जनता या राहगीरों के मोबाइल फोन से सामने आए थे, न कि किसी आधिकारिक पुलिस रिकॉर्डिंग सिस्टम से। याचिका में कहा गया था कि 21 जुलाई की घटनाओं में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों दोनों को चोटें आई थीं, जबकि 23 जुलाई की समीक्षा बैठक में आरएएफ के महानिरीक्षक (IG) ने कथित तौर पर माना था कि इस्तेमाल किए गए बल के कुछ तरीके तय मानकों के अनुरूप नहीं थे।

1,500 कैमरों के लिए टेंडर और कानूनी प्रावधानों की मांग

याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2020 की बॉडी-वॉर्न कैमरों से जुड़ी एडवाइजरी सिर्फ एक सिफारिश थी, जो अधिकारियों के लिए कैमरे चालू रखना अनिवार्य नहीं बनाती। याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस द्वारा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के जरिए लगभग ₹7.4 करोड़ की अनुमानित लागत से 1500 बॉडी कैमरों की खरीद के लिए निकाले गए टेंडर का भी जिक्र किया था, जिसमें प्रति कैमरा लागत करीब ₹49333 बैठती है।

याचिका में मांग की गई थी कि कैमरों की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाए जिसे कोई जवान बदल न सके, साथ ही भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63 के तहत प्रमाणीकरण और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों का पालन हो। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह कैमरे किसी भीड़ पर चेहरा पहचानने वाला जाल नहीं, बल्कि पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद का एक पारदर्शी रिकॉर्ड हैं जो बैरिकेड के दोनों तरफ मौजूद लोगों की सुरक्षा करते हैं।

छावनी में तब्दील हुई दिल्ली: 25,000 जवान, मेट्रो पाबंदी और इंटरनेट बंद

शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 120 से अधिक कंपनियां सुरक्षा में लगाई गई हैं। शनिवार सुबह 6:00 बजे से ही कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, जंतर-मंतर, पटेल चौक समेत 30 से ज्यादा पॉइंट्स पर सख्त ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। दिल्ली की सभी सीमाओं पर गाड़ियों की सघन चेकिंग की जा रही है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर

सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बैन लागू है, नमो भारत के दो स्टेशन बंद हैं और ट्रेन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में एहतियात के तौर पर 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। आपको बता दें कि यह पूरा विवाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है, जिसके विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन बुलाया गया है।

दिल्ली प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, मेट्रो चलने पर नहीं लगाई जाएगी पूरी रोक, कहा- सेवाएं बंद करने के बजाय रेगुलेट करें

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि 10 अक्टूबर को CJP के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो और राजधानी आने वाली ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक न लगे। क्योंकि सब कुछ पूरी तरह से ठप नहीं कर सकते।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस बागची और वी. मोहना की बेंच ने केंद्र से कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी कारण से सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने दिया जाए। बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि पूरी तरह रोक लगाने और सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने देने में फर्क है।

बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की बात पर ध्यान दिया कि वे अधिकारियों से रोक पर फिर से विचार करने और मेट्रो ट्रेनों व अन्य रेलवे सेवाओं को उचित रूप से नियंत्रित तरीके से चलने देने के लिए कहेंगे ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो और आनुपातिकता के सिद्धांत का ध्यान रखा जा सके।

उन्होंने कहा कि हम यह साफ करते हैं कि मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जाएगी।” बेंच ने आगे कहा, “हम निर्देश देते हैं कि मेट्रो ट्रेनों और अन्य रेलवे सेवाओं की उचित रूप से नियंत्रित तरीके से आवाजाही के बारे में अधिकारियों द्वारा लिए गए सोच-समझकर किए गए फैसले का उचित प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम जनता को होने वाली असुविधा कम से कम हो।”

बेंच ने ये भी कहा कि दिल्ली में ट्रैफिक की आवाजाही के संबंध में भी इसी तरह के विज्ञापन जारी किए जाने चाहिए। बेंच ने कहा कि सड़कों पर बैरिकेडिंग के मामले पर भी फिर से विचार किया जाना चाहिए और वैकल्पिक रास्तों का उचित प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

बता दें कि  दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होने वाला है। प्रदर्शन से पहले मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और कई ट्रेनों को रद्द करने का सरकार ने फैसला किया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका को दाखिल किया गया था। CPI(M) के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद एमए बेबी ने याचिका दाखिल कर कोर्ट से इस फैसले में दखल देने को कहा गया था। प्रदर्शन मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया (SIR) और चुनाव आयोग के खिलाफ किया जाने वाला है। इसके चलते दिल्ली पुलिस ने 8 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को पत्र लिखकर 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रखने का ऐलान किया था। यह बंद  9 अक्टूबर की रात 9 बजे से शुरू होकर हालात सामान्य होने तक जारी रखने के लिए कहा गया है।