SBI Cards के शेयर में आएगी 34% तक गिरावट! बर्नस्टीन ने घटाया टारगेट प्राइस

SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड के शेयरों में 21 अगस्त को गिरावट है। दिन में शेयर की कीमत बीएसई पर पिछले बंद भाव से 1.4 प्रतिशत तक टूटकर 637 रुपये के लो तक गई। दरअसल ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने शेयर के लिए प्राइस टारगेट 610 रुपये से घटाकर 430 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। हालांकि ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग को बरकरार रखा है। नया टारगेट शेयर के पिछले क्लोजिंग प्राइस से 33 प्रतिशत कम है।

बर्नस्टीन का कहना है कि रिवॉल्वर्स लेड क्रेडिट कार्ड मॉडल में बड़ा ढांचागत बदलाव हो रहा है, और इस दबाव के कम होने या पलटने के बहुत कम संकेत हैं। इस मॉडल से अर्थ है एक ऐसा कार्ड बिजनेस, जिसमें ग्राहक बिल का कुछ हिस्सा चुकाकर बाकी रकम को आगे बढ़ाते रहते हैं और कंपनी को उस बकाया रकम पर ब्याज से कमाई होती है। चूंकि SBI Cards पूरी तरह से क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी है, इसलिए उसे इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ा है।

बर्नस्टीन को अभी भी रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो में और गिरावट से नुकसान का जोखिम दिख रहा है। इसके कारण क्रेडिट कॉस्ट में सुधार के बावजूद नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और कमाई में बढ़ोतरी पर दबाव बना रह सकता है। ब्रोकरेज ने SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज के लिए अर्निंग्स-प्रति-शेयर (EPS) अनुमानों को घटा दिया है।

SBI Cards का रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो घटकर 2.8 प्रतिशत

SBI कार्ड्स के मामले में रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो जून 2026 तिमाही में घटकर 2.8 प्रतिशत रह गया। बर्नस्टीन का कहना है कि इस गिरावट के कारण प्रति यूनिट खर्च पर होने वाले मुनाफे में भारी कमी आई है। अहम बात यह है कि रिवॉल्वर्स में आई गिरावट की भरपाई EMI लोन में बढ़ोतरी से नहीं हो पाई है। हालांकि SBI कार्ड्स ने कम ऑपरेटिंग खर्चों के जरिए कमाई पर पड़ने वाले असर को कुछ हद तक कम किया है, लेकिन बर्नस्टीन का कहना है कि अब इसका असर फीस/नॉन-इंटरेस्ट इनकम-टू-स्पेंड्स रेश्यो पर पड़ने लगा है।

Welspun Corp Share Price: स्टील पाइप मेकर के शेयरों में खरीद की सुनामी, ₹17200 करोड़ के ऑर्डर से 17% उछला

शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत कमजोर

SBI Cards का मार्केट कैप 61400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 25 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 68.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,040.55 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 664.44 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 19,899.63 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,166.71 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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IT Shares Prices: आईटी शेयरों में निवेश किया है तो कोटक की यह रिपोर्ट पढ़ लीजिए, कई स्टॉक्स हुए डाउनग्रेड

आपने आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ा निवेश किया है तो आपको कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। ब्रोकरेज फर्म ने आईटी सर्विसेज कंपनियों पर अपने रुख में बदलाव किया है। उसने इंफोसिस और टीएसएस पर अपनी राय बदल दी है। उसने पहले दोनों शेयरों को खरीदने (buy) की सलाह दी थी। अब उसने इसे बदलकर ऐड (add) कर दिया है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने LTM पर भी अपनी राय बदलकर ‘Reduce’ से ‘Sell’ कर दी है। उसने आईटी शेयरों में हाल में आई 15-35 फीसदी की गिरावट के बाद ऐसा किया है। इससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने आईटी सेक्टर पर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। उसने TCS, Infosys और Tech Mahindra को डाउनग्रेड कर इनपर अपनी रेटिंग ‘होल्ड’ कर दी थी। विप्रो और एम्फैसिस पर अंडरपरफॉर्म की रेटिंग दी थी।

ब्रोकरेज फर्म ने Infosys को डाउनग्रेड कर ‘Add’ करने के साथ ही शेयर के लिए 1,200 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने TCS पर भी ऐड रेटिंग देते हुए 2,450 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। LTIMindtree पर ब्रोकरेज का फर्म का नजरिया और ज्यादा बेयरशि है। उसने इस शेयर पर अपनी रेटिंग ‘reduce’ से घटाकर ‘Sell’ कर दी है। उसने इस शेयर के लिए 4,150 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि तेजी के बाद यह शेयर काफी महंगा हो गया है।

21 अगस्त को आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी दिखी। 1 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.11 फीसदी नीचे था। इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा के शेयरों की कीमतें लाल निशान में थीं। एक समय तो निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.47 तक गिर गया था। बाद में इसमें रिकवरी दिखी।

इस साल Nifty IT Index करीब 19 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी 50 में 7.3 फीसदी गिरावट आई है। कोटक का मानना है कि आईटी कंपनियों पर प्राइसिंग का दबाव है। ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए डील फ्लो पर्याप्त नहीं है। ओपन-सोर्स और AI मॉडल्स के असर को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ओपन-वेट मॉडल्स से सर्विसेज की इंटेनसिटी बढ़ जाएगी और एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

इस साल दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी है। टीसीएस 29 फीसदी गिरा है। इंफोसिस में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। टेक महिंद्रा 0.9 फीसदी गिरा है। हालांकि, कुछ आईटी शेयरों का प्रदर्शन स्ट्रॉन्ग रहा है। कोफोर्ज का शेयर इस साल 13.5 फीसदी चढ़ा है। LTM करीब 2 फीसदी चढ़ा है।

Stock To Buy: ₹18,000 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर ने इन 4 शेयरों को लगाए पंख, 13% तक चढ़े, चेक करें लिस्ट

Stock To Buy: शुक्रवार, 21 अगस्त को वेल्सपन कॉर्प लिमिटेड (Welspun Corp Ltd.), रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (RailTel Corporation of India Ltd.), सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड  (Saatvik Green Energy Ltd) और डेटा पैटर्न्स लिमिटेड (Data Patterns Ltd). के शेयरों में 13% तक की बढ़त देखी गई। यह बढ़त उन्हें मिले ऑर्डर की वजह से मिली, जिनकी कुल कीमत ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा है।

Data Patterns

Data Patterns (India) Ltd. ने शुक्रवार को बताया कि उसे Bharat Electronics Ltd. (BEL) से रडार इलेक्ट्रॉनिक्स की सप्लाई के लिए ₹585.76 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

कंपनी ने आगे बताया कि 30 जुलाई को जब उसने एक्सचेंज को अपने ₹2,654 करोड़ के ऑर्डर बुक स्टेटस के बारे में जानकारी दी थी, तब से उसे ₹771.08 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इसमें शुक्रवार को बताया गया ऑर्डर भी शामिल है।

₹771.08 करोड़ के ऑर्डर में से, ₹745.93 करोड़ के ऑर्डर को 30 जुलाई, 2026 को की गई घोषणा में “बातचीत हो चुकी है और अभी मिलना बाकी है” (negotiated and yet to be received) की श्रेणी में रखा गया था। बाकी ₹25.15 करोड़ के ऑर्डर नए हैं।

Data Patterns के शेयर 6.4% बढ़कर ₹4,998.9 पर ट्रेड कर रहे हैं। शुक्रवार की इस बढ़त के साथ, यह स्टॉक इस साल अब तक 93% ऊपर है।

RailTel Corporation of India

कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसे Western Coalfields से MPLS VPN (मल्टीप्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) बनाने के लिए लगभग ₹165 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

यह ऑर्डर Western Coalfields के लिए 60 महीनों के लिए किराए के आधार पर MPLS VPN नेटवर्क बनाने का है। कंपनी ने कहा कि इसे 20 सितंबर, 2031 तक पूरा किया जाना है।

RailTel के शेयर शुक्रवार को 2.3% बढ़कर ₹287.1 पर ट्रेड कर रहे हैं। यह स्टॉक इस साल अब तक 23% नीचे है।

Saatvik Green Energy

Saatvik Green Energy की मुख्य सब्सिडियरी Saatvik Solar Industries को देश की एक जानी-मानी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर कंपनी से सोलर PV मॉड्यूल की सप्लाई के लिए ₹190 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसे कमर्शियल ऑर्डर माना गया है और इसे मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद शुक्रवार को सात्विक ग्रीन एनर्जी के शेयर 3.8% बढ़कर ₹415.4 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 10% की बढ़त हुई है।

वेल्सपन कॉर्प

वेल्सपन कॉर्प ने कहा कि उसे अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत लगभग $1.8 बिलियन या ₹17,200 करोड़ है। यह ऑर्डर अमेरिका में मौजूद उसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से पाइप सप्लाई करने के लिए है।

इस ऑर्डर के साथ, कंपनी का ग्लोबल ऑर्डर बुक रिकॉर्ड $4.4 बिलियन या लगभग ₹42,100 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कंपनी का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

शुक्रवार को स्टॉक में 13% की बढ़त हुई और यह ₹2,266 प्रति शेयर के अपने इंट्राडे और ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। पिछले महीने इसमें 38% और इस साल अब तक 181.35% की तेजी आई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Stock Picks : निफ्टी कंपनियों के साथ ग्रोथ की दिक्कत, दीपन मेहता से जाने अब कहां नजर आ रहे कमाई के मौके

Top Stock Picks :मार्केट में इस समय इंडेक्स में पैसा बनना बंद हो गया है। स्टॉक स्पेसिफिक अच्छे मौके बन रहे हैं। लेकिन इंडेक्स तकलीफ में हैं। ऐसे में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए एलिक्सिर इक्विटीज (Elixir Equities) के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि अगर आपको स्टॉक प्राइस में रिटर्न्स चाहिए तो तीन चीजें खोजनी चाहिए और वो तीनों की चीजें हैं सिर्फ ग्रोथ। अब निफ्टी स्टक्स में ग्रोथ नहीं है। आप सॉफ्टवेयर सर्विज देख लीजिए, बैंक्स देख लीजिए या फिर आप सीमेंट कंपनीज देख लीजिए, कहीं पर भी ग्रोथ नहीं है। जहां ग्रोथ नहीं हैं वहां पर पैसा नहीं आएगा। इस समय लोकल इन्वेस्टर्स और एफआईआई का जितना भी पैसा है वह सिर्फ स्मॉल और मिड कैप स्टॉक, आईपीओ और प्राइवेट इक्विटी में जा रहा है। प्रॉब्लम निफ्टी के साथ है और यह स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम है, निफ्टी में ग्रोथ नहीं है।

ऐसे में जब तक छोटी-छोटी कंपनियां बड़ी होकर निफ्टी में नहीं आएगी तब तक हमें बाजार में हिस्टोरिकल रिटर्न की तुलना में साइडवेज मूवमेंट या लो रिटर्न्स ही देखने को मिलेंगे। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अगर आपको अगले कई सालों तक अपना पोर्टफोलियो बनाना है तो आपको मिड और स्मॉल कैप की अच्छी कंपनियों पर ही फोकस करना होगा। वहीं पर आपको अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। निफ्टी की कंपनियां काफी बड़ी और मैच्योर हो चुकी हैं, अब इनमें बहुत बड़ी ग्रोथ की उम्मीद नहीं है। हमें अब ग्रोथ के लिए क्वालिटी छोटी-मझोली कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जहां ग्रोथ होगी वहीं पैसा बनेगा और इस समय डिफेंस, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, रेलवे स्टक्स, प्लेटफार्म कंपनियों, प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और एआई रिलेटेड कंपनियों में ग्रोथ नजर आ रही है। हमें इन पर फोकस करिए। इस समय बाजार में बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम्स हैं। एक ही इन्वेस्टमेंट थीम या एक इंडस्ट्री या एक ही ग्रुप में पैसा लगानें से बचें। आपके लिए बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम में इन्वेस्ट करना जरूरी है। इससे थोड़ी कॉम्प्लेक्सिटी तो आ जाती है लेकिन पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन भी हो जाता है।

न्यू एज कंपनियों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि इन पर बहुत गहराई से रिसर्च करने की जरूरत है। इनको ट्रैक करना चाहिए क्योंकि ग्रोथ यहीं पर आ रही है। इनमें से कुछ कंपनियां घाटे में हैं। लेकिन जब ये मुनाफे में आएंगी तो उसके अगले 2-3 साल में इनके मुनाफे में सॉलिड ग्रोथ देखने को मिलेगा,क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग लेवेज बहुत ही बढ़िया है। दीपन मेहता ने बताया कि पेटीएम और इटरनल में उनका निवेश है। इसके अलावा उनको इस सेगमेंट में फिजिक्स वाला,लेंस स्टार्ट और मीशो भी अच्छे लग रहे हैं। उनकी इन शेयरों को ट्रैक करने और इनमें बॉस्केट बना कर निवेश करने की सलाह है। उनका कहना है कि अगर इनमें दो-तीन मल्टीबैगर बन गए और बाकी 2-3 अगर अच्छा रिटर्न नहीं देते हैं तो भी बास्केट के रिटर्न काफी बढ़िया आ सकते हैं। इन कंपनियों में आपको कापी लॉन्ग टर्म नजरिए से निवेश करना चाहिए अगले कुछ दशक में इनमें से कुछ कंपनियां कमाल कर सकती हैं।

डिफेंस शेयरों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और भारत इलेक्टॉनिक्स तो उनकी कोर होल्डिंग में शामिल हैं, इसके अलावा ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडिया फोर्ज भी उनके पोर्टफोलियो में है। इस सेक्टर की एक और कंपनी पारस डिफेंस पर भी उनकी करीबी से नजर बनी हुई है। इस कंपनी की खास बात ये है कि जितने भी ड्रोन बनते हैं वहां पर इस कंपनी के कैमरे लगते हैं। इस समय यही तीन-चार कंपनियां अच्छी दिख रही हैं। लेकिन कुल मिला कर देखें तो इस समय डिफेंस स्पेस थोड़ महंगा दिख रहा है। हमें इस स्पेस में सही समय के लिए थोड़ा रुकना चाहिए।

शुगर शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सेक्टर बहुत साइक्लिकल है। लेकिन अब लग रहा है कि अगले दो तीन क्वार्टर इसके लिए बहुत ही बढ़िया रहेंगे क्योंकि क्लाइमेटिक फैक्टर्स के कारण ब्राजील में आउटपुट कम हो गया है और यहां पर भी ज्यादातर डिप्लॉयमेंट एथेनॉल की ओर जा रही। ऐसे में अगले कुछ क्वार्टर्स इन कंपनियों के लिए बहुत ही अच्छे रहेंगे और अच्छे रिटर्न मिल सकते है। इन कंपनियों में इस समय एक बहुत ही शानदार ट्रेडिंग ओपोरर्चुनिटी दिख रही है।

दीपन मेहता को फार्मा,हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक में भी निवेश के मौके नजर आ रहे है। उनका मानना है कि अपोलो हॉस्पिटल में एक बहुत ही बढ़िया स्प्लिट होने वाला है जिसकी वजह से वैल्यू अनलॉक हो सकती है। इसके नतीजे भी काफी अच्छे आए हैं। यह स्टॉक लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नजरिए से काफी बढ़िया दिख रहा है। कैंसर के इलाज के जानी जाने वाली हेल्थ केयर ग्लोबल भी अच्छी कंपनी है। इस पर नजर रहनी चाहिए। डॉक्टर अग्रवाल जिसका मर्जर हो रहा है, थोड़ा महंगा है अभी लेकिन इसके भी पोटेंशियल बहुत ही बढ़िया लगते हैं।

 

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

Market Insight : आज बाजार में कुछ बड़ा ट्रेंड नहीं दिख रहा। IT और बैंक निफ्टी दोनों अहम स्तरों पर हैं। बैंक निफ्टी 200 DMA के ऊपर टिक नहीं रहा है। IT में बड़े गैपअप हुए लेकिन क्लोजिंग दिन के निचले स्तरों के करीब रही है। कोफोर्ज और परसिस्टेंट जैसे मजबूत IT शेयरों में गिरावट नहीं आई। BSE Vs MCX अभी भी एक पावरफुल थीम बनी हुई है। इसके अलावा आज देखना होगा कि मेटल्स क्या करते हैं। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि कल जो तेजी के ट्रिगर्स थे,वही आज पलट गए हैं। आज टेस्ट होगा कि कल बॉटम बना या सिर्फ रिलीफ रैली थी। सोने और चांदी में बड़ी वाली रैली आती दिख रही है। गोल्ड फाइनेंस शेयरों में अभी भी अच्छा मोमेंटम है। OFS का डर ना होता तो हिंद जिंक टॉप ट्रेड होता। कच्चा तेल अभी भी हमारे लिए सिरदर्द बना हुआ है। आज शुक्रवार है,तो वीकेंड फैक्टर भी है। ऐसे में अपनी सभी इंडेक्स ट्रेड्स को आज निपटा कर ही जाएं।

शुगर: क्या मुनाफावसूली करें?

CNBC-आवाज़ पर लगातार शुगर पर पॉजिटिव नजरिया रहा है। पिछले 2 हफ्तों में शुगर शेयरों में जबरदस्त तेजी हुई। सरकार ने 10 लाख MT ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दी है। दिक्कत ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी तेज है और 10 लाख MT सिर्फ 12 दिनों की खपत के बराबर है। 65 रुपये वाली चीनी हो सकता है 62 रुपये तक आ जाए। लेकिन इसके बावजूद जुलाई-सितंबर रिकॉर्ड तिमाही होगी। शुगर में अभी भी गिरावट पर खरीदारी का मौका होगा और दिवाली के करीब मुनाफावसूली का मौका होगा।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,250-24,300 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,350-24,400 पर है। 24,300-24,350 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें SL 24,400 पर रखें। इसके लिए पहला सपोर्ट 24,150-24,200 पर और बड़ा सपोर्ट 24,000-24,050 पर है। अगर निफ्टी 24,150-24,200 को बचाए तो खरीदारी करें। SL 24,100 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी अभी भी 57,600 के ऊपर जाने को तैयार नहीं है। बड़े ब्रेकआउट के लिए 57,600 के ऊपर टिकना जरूरी है। 57,600 के ऊपर टिका तो 57,800-58,000 आ सकता है। लेकिन 57,600-57,650 पर रिजेक्शन मिले तो 57,700 के SL से शॉर्ट करें। सबसे अहम सपोर्ट जोन 57,000-57,200 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 57,200-57,400 है। SL 57,050 पर रखें।

 

Trading Ideas : आज का दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मारुति, हुंडई के बाद अब Tata Motors PV का ऐलान, 1 सितंबर से ₹25000 तक बढ़ाएगी कारों की कीमतें

मारुति सुजुकी इंडिया और हुंडई मोटर्स इंडिया के बाद अब टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) ने अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी 1 सितंबर से अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी ने इसकी वजह बढ़ती लागत और महंगाई के दबाव को बताया है। टाटा ग्रुप की कंपनी TMPV ने शुक्रवार को बयान में कहा कि बढ़ोतरी के तहत सभी सेगमेंट्स के इंटर्नल कंबंशन इंजन (ICE) व्हीकल्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) आएंगे। कीमतों में बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट्स के आधार पर अलग-अलग होगी।

टाटा मोटर्स पीवी के मुताबिक, ‘‘बढ़ती लागत और महंगाई के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए कीमतों में यह बदलाव किया जा रहा है।’’ बयान में कहा गया कि TMPV अब भी इस बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है लेकिन कीमतों में बदलाव के जरिए इसका कुछ बोझ ग्राहकों पर डाला जा रहा है। TMPV की गाड़ियों में छोटी कार टियागो से लेकर प्रीमियम SUV सफारी और हैरियर EV तक शामिल है। इन वाहनों की कीमत लगभग 4.7 लाख रुपये से लेकर 31 लाख रुपये के बीच है।

शेयर में गिरावट

कंपनी के शेयरों में 21 अगस्त को गिरावट है। शेयर BSE पर 318.95 रुपये के लो तक गया। 1.17 लाख करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 15 प्रतिशत, एक साल में 24 प्रतिशत और 2 साल में 52 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 42.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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मारुति और हुंडई ने कितना बढ़ाया प्राइस

मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में औसतन लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह 18 अगस्त 2026 से लागू हो गई है। अगस्त की प्राइस हाइक के तहत मारुति सुज़ुकी की कारें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से 2,500 से 30,000 रुपये तक महंगी हो रही हैं। इनपुट कॉस्ट में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण कंपनी ऐसा कर रही है। हुंडई मोटर इंडिया भी 1 सितंबर, 2026 से सभी कारों के दाम 1 प्रतिशत तक बढ़ाएगी। किस कार का दाम कितना बढ़ेगा, यह मॉडल और वेरिएंट पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sugar Stocks Crash: ड्यूटी-फ्री चीनी इंपोर्ट की इजाजत से शुगर कंपनियों के शेयर धड़ाम, बलरामपुर चीनी सबसे ज्यादा गिरा

Sugar Stocks Crash: चीनी बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को बड़ी गिरावट दिखी। इसकी वजह सरकार का एक फैसला है। सरकार ने 10 लाख टन रॉ शुगर आयात करने की इजाजत दे दी है। इस पर इंपोर्टर्स को कोई ड्यूटी नहीं चुकानी होगी। सरकार ने देश में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। बीते कुछ महीनों में चीनी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।

रॉ शुगर के इंपोर्ट से देश में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी

सरकार का मानना है कि रॉ शुगर के इंपोर्ट से देश में चीनी की सप्लाई बढ़ेगी। इससे त्योहारों के सीजन में चीनी की कीमतें कंट्रोल में रहेंगी। देश में अक्तूबर से त्योहारों का मौसम शुरू होता है। 20 अगस्त को सरकार ने चीनी की जमाखारी पर अंकुश लगाने के लिए डीलर्स के लिए नई स्टॉक लिमिट तय करने का आदेश दिया था।

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट 

21 अगस्त को सबसे ज्यादा गिरावट Balrampur Chini Mills के शेयरों में दिखी। 11 बजे यह शेयर 4.56 फीसदी गिरकर 732 रुपये पर चल रहा था। Shri Renuka Sugars 4.13 फीसदी की कमजोरी के साथ 25 रुपये पर चल रहा था। बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर 3.26 फीसदी की कमजोरी के साथ 22 रुपये पर च लरहा था। Bannari Amman Sugars का शेयर 4.46 फीसदी गिरकर 4,051 रुपये पर चल रहा था। चीनी बनाने वाली बाकी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला।

एक दशक में पहली बार रॉ शुगर इंपोर्ट को इजाजत

सरकार ने बीते एक दशक में पहली बार रॉ शुगर के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की इजाजत दी है। अनुमान है कि इसका असर देश में चीनी बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा। दरअसल, बीते दो महीनों में चीनी की कीमतों में 40 फीसदी उछाल आया है। इसकी वजह देश में चीनी का कम उत्पादन है। अगर देश में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के उपाय नहीं किए जाते हैं तो त्योहारों के दौरान कीमतें आसमान में पहुंच सकती हैं।

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लगातार दो सत्रों में शुगर स्टॉक्स में आई थी जोरदार तेजी

इससे पहले दो सत्रों में चीनी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह कम सप्लाई और चीनी की ऊंची कीमतें थीं। माना जा रहा था कि इससे चीनी कंपनियों के रेवेन्यू पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। 20 अगस्त को बलरामपुर चीना मिल्स का शेयर 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। द्वारिकेशन शुगर इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 14 फीसदी तेजी आई थी। बाकी चीनी कंपनियों के शेयर भी 7-10 फीसदी चढ़े थे। 21 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में चल रहे थे।

Trading Ideas : आज की दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में आज हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। मार्केट के टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अभी अपने 50 डे और 100 डे EMA के आस-पास घूम रहा है। हालांकि,दोनों एवरेज मोटे तौर पर स्थिर हैं,जो किसी खास दिशा में तेजी की कमी और कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी नियर टर्म में न्यूट्रल से साइडवेज रुझान का संकेत दे रहे हैं।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए 24290-24320 पर स्थित 20-डे EMA जोन एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24320 के स्तर के ऊपर बना रहता है तो एक तेज पुलबैक रैली शुरू हो सकती है,जिससे 24450 के स्तर तक ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ,24130-24100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर निफ्टी 24100 के नीचे टूटता है तो टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमजोर हो सकता है और मौजूदा करेक्शन वाला ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स 23950 के स्तर की ओर जा सकता है।

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स के को-फाउंडर पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल बाजार में अच्छी गैपअप ओपनिंग रही उसके बाद में एक डोजी फॉर्मेशन देखने को मिला। अगर मैं पिछले तीन दिन के पैटर्न देखें तो इसको हम एक आइलैंड रिवर्सल पैटर्न कह सकते हैं। हालांकि आज हमें वेट करना होगा। अगर आज निफ्टी क्लोजिंग तक 24,280 के ऊपर टिकता है तो यहां से एक नई तेजी बननी चालू हो जाएगी। इस स्थिति में हम 24,000 के स्टॉप लॉस के साथ लॉन्ग जा सकते है। वहीं, अगर आज मार्केट 24,300 के नीचे बंद होता है तो हमें एक दिन और वेट करना होगा। आज का दिन बाजार के लिए काफी अहम है। आज हमें निफ्टी पर नजर रखना होगा और 2 2:30 बजे के आसपास डिसीजन लेना होगा।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

पवन माहेश्वरी ने कहा कि उनकी आज के लिए पहली पसंद है सीजी पावर। इसके चार्ट पैटर्न काफी अच्छे दिख रहे हैं। इस स्टॉक में 850 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 930 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी दूसरी पसंद डिफेंस सेक्टर से है। डिफेंस काफी प्रॉमिसिंग थीम है। ऐसे में कोचीन शिपयार्ड में 1460 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1600 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Market View : जब तक क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी बाजार के रेंज-बाउंड रहने की उम्मीद, इन शेयरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ENS Enterprises का धमाल, 4% प्रीमियम पर शुरू हुआ ₹96 के भाव पर जारी शेयरों का सफर

ENS एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने 21 अगस्त को अपनी लिस्टिंग के दिन IPO निवेशकों को खुश/मायूस कर दिया। शेयर BSE SME पर 4.35 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 96.00 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 92 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 33.14 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 13.11 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 9.44 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 22.89 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 11.02 गुना सब्सक्राइब हुआ।

IPO में 36 लाख नए शेयर जारी हुए। ENS एंटरप्राइजेज लिमिटेड एक टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो एंड-टू-एंड डिजिटल कॉमर्स इनेबलमेंट और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन देती है। इसके 12 से ज्यादा देशों में क्लाइंट्स हैं। यह ई-कॉमर्स, डिजिटल इंजीनियरिंग और क्लाउड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करती है।

कंपनी की टेक्नोलॉजी सर्विसेज में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ONDC इंटीग्रेशन, सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट, क्लाउड और DevOps, डिजिटल मार्केटिंग, ब्लॉकचेन सॉल्यूशंस और टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग शामिल हैं। यह SaaS यानि कि सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस प्रोडक्ट भी बनाती है। ENS एंटरप्राइजेज 2022 से भारत सरकार के ONDC इनिशिएटिव के लिए टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम कर रही है।

कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 9.44 करोड़ रुपये जुटाए थे। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ENS एंटरप्राइजेज का रेवेन्यू 81 प्रतिशत बढ़कर 51.77 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 127 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 8.40 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 28.62 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 3.70 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी पर 3.97 करोड़ रुपये की उधारी थी।