Bonds में निवेश पर रिटर्न की गांरटी! ऐसे ऐड पर लगेगी रोक, SEBI ने लाया प्रस्ताव

बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स के लिए विज्ञापनों से जुड़े नियमों पर सख्ती का प्रस्ताव पेश किया है। सेबी का लक्ष्य ये है कि ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगे जो निवेशकों को बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। सेबी ने इससे जुड़ा कंसल्टेशन पेपर शुक्रवार को जारी किया। इसमें डिजिटल विज्ञापन, सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर के जरिए होने वाले प्रचार को ध्यान में रखते हुए नए ऐड कोड का प्रस्ताव दिया गया है। इन प्रस्ताव पर सेबी ने 11 सितंबर तक सभी स्टेकहोल्डर्स से कमेंट्स मंगाए हैं।

किस तरह के विज्ञापनों पर रोक लग सकती है?

सेबी ऐसे विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव कर रहा है जिनसे निवेशकों पर तुरंत फैसला लेने का दबाव बन रहा हो। ऐसे ऐड पर रोक लग सकती है, जिसमें अर्जेंसी, बिहैवियरियल प्रॉम्प्ट्स या FOMO (Fear of Missing Out) यानी छूट जाने का डर जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जाए। सेबी के प्रस्ताव के मुताबिक ऐसे मैसेजेज पर रोक लगाई जाएगी जिसमें उत्साहित होकर निवेशक बॉन्ड के रिस्क की पर्याप्त जांच किए बिना निवेश कर दें। सेबी के प्रस्ताव के मुताबिक हाई यील्ड, हाई रेटेड या हाई रिटर्न्स जैसे दावों पर बिना पर्याप्त जानकारी के रोक लगेगी

क्या देनी होगी जानकारी?

सेबी के प्रस्ताव के मुताबिक अगर किसी विज्ञापन में किसी खास बॉन्ड या सिक्योरिटी का प्रचार किया जा रहा है, तो प्लेटफॉर्म को कुछ खास जानकारी देनी होगी, जैसे कि इसे जारी कौन कर रहा (Issuer), इसकी अवधि कितनी है (Tenor), इसकी क्रेडिट रेटिंग, सिक्योरिटी का प्रकार, क्लीन प्राइस और डर्टी प्राइस, यील्ड टू मेच्योरिटी (YTM), क्रेडिट रिस्स-ओ-मीटर। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशक निवेश करने से पहले बॉन्ड से जुड़ी अहम जानकारी और रिस्क को समझ सकें।

फिक्स्ड रिटर्न को लेकर क्या है प्रस्ताव?

सेबी ने फिक्स्ड रिटर्न्स, प्रेडिक्टेबिल रिटर्न्स और पैसिव इनकम जैसे शब्दों के इस्तेमाल के लिए भी खास निर्देश दिए हैं ताकि ऐसा ना लगे कि निवेश पर खास रिटर्न की गारंटी है। अगर किसी विज्ञापन में ‘फिक्स्ड रिटर्न’ लिखा जा रहा है, तो उसमें प्रमुखता से यह डिस्क्लेमर देना होगा कि फिक्स्ड रिटर्न्स की गारंटी नहीं होती और डेट सिक्योरिटीज में मार्केट रिस्क, क्रेडिट रिस्क और डिफॉल्ट का रिस्क होता है यानी कि बॉन्ड्स से रिटर्न पूरी तरह सुरक्षित या गारंटीड है, ऐसा विज्ञापन के जरिए नहीं बताया जा सकेगा।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

abhijeet dipke at jantar mantar

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) बनाकर और फिर जंतर-मंतर पर आंदोलन कर के चर्चा में आए अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दीपके पर सरकारी स्कूल में बिना अनुमति के घुसने, सरकारी काम में बाधा डालने और धमकाने का आरोप लगा है। इसके बाद उन पर यह एफआईआर दर्ज हुई है। यह एफआईआर लातूर पुलिस ने दर्ज की है।

क्‍यों हुई एफआईआर : सरकारी स्‍कूल में बिना अनुमति के घुसने, काम में बाधा डालने और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में महाराष्ट्र के लातूर जिले की पुलिस ने कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके और अन्य लोगों के खिलाफ कथित यह एफआईआर दर्ज की गई है।

किसने दर्ज करवाई शिकायत : यह एफआईआर जिला परिषद उर्दू स्कूल की 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशादबानो खैरात अली की शिकायत पर औसा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।  दिपके CJP के चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले के स्कूलों का दौरा कर वहां की समस्याओं को सामने ला रहे हैं।

शिकायत के अनुसार, कथित घटना मुंबई से 500 किलोमीटर से अधिक दूर औसा के पास जावली स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल में हुई। आरोप है कि दिपके और उनके सहयोगी बिना अनुमति स्कूल में घुस गए, छात्रों के बीच बैठ गए और उनसे कई सवाल पूछे। इससे पढ़ाई और सरकारी काम में बाधा पहुंची।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CJP नेता ने इस दौरान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया. शिकायत के मुताबिक, दिपके ने यह दावा कर स्कूल को बदनाम किया कि उनके दौरे के दौरान दूसरे स्कूल के छात्रों को लाकर कक्षाओं में बैठाया गया था। उन पर शिक्षकों को निलंबित करवाने की धमकी देने का भी आरोप है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 329(3), 351(2) और 356(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

Rahul Gandhi: ‘आप किसी की नहीं, खुद की हैं’, महिलाओं की पहचान और आजादी पर बोले राहुल गांधी

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाएं भारत की सबसे बड़ी ताकत और संपत्ति हैं। उन्होंने तर्क दिया कि महिलाओं को केवल पुरुषों के साथ उनके रिश्तों के आधार पर परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए या उन्हें पारंपरिक पारिवारिक भूमिकाओं तक ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

गांधी ने कहा कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में “अधिक संवेदनशील, अधिक सौम्य, अधिक दयालु और अधिक दूरदर्शी” होती हैं और उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत आकांक्षाओं, अनुभवों और महत्वाकांक्षाओं को देश की एक बड़ी ताकत बताया।

गांधी ने कहा, “भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है? मैं इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट हूं। भारत की सबसे बड़ी ताकत देश की 70 करोड़ महिलाओं की अनूठी यात्राएं, अनूठी कल्पनाएं और अनूठे सपने हैं जिन्हें वे जी रही हैं।”

उन्होंने कहा कि महिलाओं को पुरुषों के साथ अपने रिश्तों से मिली पहचान से परे अपनी पहचान बनाने में सक्षम होना चाहिए, साथ ही उन्होंने यह भी माना कि बेटी, पत्नी या मां होना अपने आप में कोई समस्या नहीं है।

गांधी ने कहा, “जब भी मैं पुरुषों से बात करता हूं, तो पाता हूं कि महिलाओं को अक्सर सिर्फ तीन श्रेणियों में रखा जाता है: बेटी, पत्नी या मां।”

उन्होंने आगे कहा, “इनमें से किसी भी पहचान में कोई बुराई नहीं है। लेकिन ये आपकी एकमात्र पहचान नहीं हो सकतीं।”

रिश्तों से आगे महिलाओं की अपनी पहचान जरूरी: राहुल गांधी

गांधी ने कहा कि महिलाएं प्रोफेशनल, खिलाड़ी, लीडर, क्रिएटर और उद्यमी भी होती हैं, लेकिन अक्सर उनकी पहचान को पुरुषों के साथ उनके रिश्तों तक ही सीमित कर दिया जाता है।

उन्होंने आगे तर्क दिया कि परिवार से जुड़ी ये तीन आम पहचानें ही महिलाओं को किसी पुरुष के साथ उनके रिश्ते के जरिए परिभाषित करती हैं। यानी एक महिला को उसकी अपनी पहचान रखने वाले एक व्यक्ति के बजाय बेटी, पत्नी या मां के रूप में देखा जाता है।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर की राहुल गांधी की बातें

कांग्रेस ने भी ‘CONTROL’ (नियंत्रण) थीम के तहत X पर गांधी की ये बातें साझा कीं और महिलाओं से पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि समाज उन पर नियंत्रण करने की कोशिश करता है।

राहुल गांधी ने कहा, “किसी को नियंत्रित करने के चार तरीके होते हैं- 1. हिंसा, 2. अपमान, 3. समय और 4. कंट्रोल।”

उन्होंने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित करने की इस कोशिश को अक्सर उनकी सुरक्षा और भलाई की चिंता के नाम पर सही ठहराया जाता है।

राहुल गांधी ने कहा, “इस दबाव को चिंता का नाम दे दिया जाता है। कहा जाता है- ‘हमें आपकी बहुत चिंता है, इसलिए हमें आपको नियंत्रित करने की जरूरत है।’”

कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में महिलाओं की आवाजाही, फैसले लेने की आजादी, आर्थिक स्थिति और अवसरों तक पहुंच से जुड़े कुछ आंकड़े भी शेयर किए।

पोस्ट के मुताबिक, 60% महिलाएं अकेले घर से बाहर नहीं जा सकतीं, जबकि 45% महिलाएं शादी या घर की जिम्मेदारियों के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ देती हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया कि सिर्फ 8% महिलाओं के पास जमीन का मालिकाना हक है।

राहुल गांधी ने गिनाए महिलाओं के खिलाफ हिंसा के तीन रूप

गांधी ने हिंसा के उन तीन रूपों के बारे में भी बात की जो महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकते हैं – शारीरिक हिंसा, “मौके से जुड़ी हिंसा” (opportunity violence) और “आर्थिक हिंसा”।

शारीरिक हिंसा के तहत, कांग्रेस ने हर साल 4.5 लाख बेटियों के भ्रूण हत्या का शिकार होने, 80% महिलाओं के उत्पीड़न, 29% महिलाओं के खिलाफ शारीरिक हिंसा और 6% महिलाओं के साथ बलात्कार का जिक्र किया।

“मौके से जुड़ी हिंसा” के बारे में पोस्ट में कहा गया है कि सुरक्षा के नाम पर 50% महिलाओं को शिक्षा या नौकरी से वंचित कर दिया जाता है।

“आर्थिक हिंसा” के तहत, कांग्रेस ने महिलाओं के लिए सुरक्षित यात्रा के नाम पर हर साल 17,500 रुपये के अतिरिक्त खर्च का जिक्र किया।

राहुल गांधी ने मनुस्मृति का जिक्र किया

इसके बाद गांधी ने महिलाओं की आजादी पर अपनी बात रखते हुए मनुस्मृति का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मनुस्मृति में लिखा है कि महिला को कभी भी आजाद नहीं होना चाहिए।”

अपनी मूल बातों में, गांधी ने मनुस्मृति के एक अंश का भी हवाला दिया: “बचपन में, महिला अपने पिता के अधीन होती है। जवानी में, वह अपने पति के अधीन होती है। पति की मृत्यु के बाद, वह अपने बेटों के अधीन होती है। महिला को कभी भी आजाद नहीं होना चाहिए।”

गांधी ने कहा, “यह मनुस्मृति का सीधा उद्धरण है, और ये शब्द शर्मनाक हैं, क्योंकि ये शब्द कभी भी नहीं कहे जाने चाहिए थे।”

इसके विपरीत, उन्होंने अपनी सोच रखते हुए कहा कि महिलाओं को स्वतंत्र होना चाहिए, अपने हक के लिए आवाज उठानी चाहिए और अपनी क्षमता पर भरोसा रखना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा, “मेरा मानना है कि इस देश की सबसे बड़ी ताकत यही है कि हमारी महिलाएं स्वतंत्र हों, अपने लिए खड़ी हों और खुद पर भरोसा रखें।”

राहुल गांधी ने साफ किया कि महिलाओं की आजादी का मतलब यह नहीं है कि उनके परिवार से रिश्ते नहीं हो सकते। उनका कहना था कि ये रिश्ते किसी महिला की पहचान तय नहीं करने चाहिए और न ही इसका मतलब यह होना चाहिए कि वह किसी दूसरे व्यक्ति की संपत्ति है।

उन्होंने कहा, “आपके पिता, भाई, पति या बेटे के साथ रिश्ते हो सकते हैं, लेकिन आप उनकी नहीं हैं। आप खुद की हैं।”

राहुल गांधी ने कहा कि महिलाएं अपने पिता, भाई, पति और बेटों के साथ रिश्ते निभाते हुए भी अपनी अलग पहचान बनाए रख सकती हैं और अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले खुद ले सकती हैं।

महिलाओं को अपने फैसलों की आजादी

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने महिला सशक्तिकरण को सिर्फ राजनीतिक प्रतिनिधित्व या पारिवारिक पहचान तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने महिलाओं की आने-जाने की आजादी, शिक्षा, रोजगार, आर्थिक अधिकार, सुरक्षा और अपनी पसंद से फैसले लेने की स्वतंत्रता को भी उतना ही जरूरी बताया।

उनकी बातों में सामाजिक नियंत्रण और सुरक्षा की भाषा के बीच संबंध भी दिखाया गया। कांग्रेस की पोस्ट में कहा गया कि महिलाओं को हिंसा, अनादर, समय की पाबंदी और नियंत्रण के जरिए सीमित किया जाता है, जबकि ऐसी पाबंदियों को उनकी सुरक्षा की चिंता के तौर पर पेश किया जा सकता है।

गांधी ने महिलाओं को पुरुषों की तुलना में “अधिक संवेदनशील, अधिक सौम्य, अधिक दयालु और अधिक दूरदर्शी” बताया और साथ ही यह भी कहा कि महिलाएं भारत की ताकत के सबसे महत्वपूर्ण स्रोतों में से एक हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी 70 करोड़ महिलाओं की “अनोखी यात्राएं”, “अनोखी कल्पनाएं” और “अनोखे सपने” देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। साथ ही, उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे पारिवारिक रिश्तों या सामाजिक अपेक्षाओं को अपनी पहचान का एकमात्र आधार न बनने दें।

पुणे में राहुल गांधी के भाषण का मुख्य संदेश यह था कि महिलाएं बेटी, पत्नी और मां बने रहने के साथ-साथ प्रोफेशनल, खिलाड़ी, लीडर, क्रिएटर और उद्यमी भी हो सकती हैं – और राहुल गांधी के शब्दों में, आखिरकार “खुद की अपनी” हो सकती हैं।

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Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां देने जा रही हैं बोनस शेयर, डिविडेंड देने का भी प्लान

Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां बोनस शेयर और डिविडेंड देने जा रही हैं। इनमें मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। दोनों कंपनियों ने 21 अगस्त को इसका ऐलान किया। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। मोल्ड-टेक के शेयर कारोबार के अंत में शेयर 3.60 फीसदी चढ़कर बंद हुए। मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज के शेयर 1.21 फीसदी चढ़कर 191.35 रुपये पर बंद हुए।

FY26 के लिए होगा डिविडेंड का ऐलान 

Mold-Tek Packaging और Mold-Tech Technologies के बोर्ड की बैठक 26 अगस्त यानी बुधवार को होगी। इस मीटिंग में फाइनल डिविडेंड देने के बारे में भी फैसला होगा। यह डिविडेंड 31 मार्च, 2026 को खत्म फाइनेंशियल ईयर के लिए होगा। दोनों कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंजों को इस बारे में 21 अगस्त को बता दिया।

बोर्ड की बैठक में एजीएम की तारीख का फैसला

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का बोर्ड अगर बोनस इश्यू के प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग के बाद यह पहला बोनस इश्यू होगा। इससे पहले कंपनी ने फरवरी 2016 में अपने शेयरों को स्प्लिट किया था। दोनों कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंजों को अलग जानकारी में यह भी बताया है कि उनके बोर्ड की बैठक में एनुअल जनरल मीटिंग की तारीख और समय के बारे में भी फैसला होगा। इसके अलाव रिकॉर्ड डेट पर भी विचार होगा।

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का जून तिमाही में अच्छा प्रदर्शन

मोल्ड-टेक पैकेजिंग का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 24.9 फीसदी बढ़कर 300.45 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 19.1 फीसदी बढ़कर 56.43 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का टैक्स से पहले प्रॉफिट 13.9 फीसदी बढ़कर 34.17 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 30.01 करोड़ रुपये था।

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का प्रॉफिट बढ़कर 10 करोड़ हुआ

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंपनी की नेट सेल्स 45.52 फीसदी बढ़ी। नेट प्रॉफिट बढ़कर 10.03 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 0.59 करोड़ रुपये था। EBITDA 14.92 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2.34 करोड़ रुपये था।

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बीते छह महीने में दोनों शेयरों में अच्छी तेजी 

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज का शेयर बीते 6 महीनों में 44 फीसदी बढ़ा है। इस दौरान मोल्ड-टेक पैकेजिंग का शेयर 22 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 21 अगस्त को इन दोनों कंपनियों के शेयरों में तब अच्छी तेजी आई, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।

इस म्यूचुअल फंड ने ₹1 लाख के निवेश को ₹46 लाख बना दिया, जानिए इस स्कीम के बारे में

म्यूचुअल फंड में निवेश से जोरदार रिटर्न में फंड सेलेक्शन का बड़ा हाथ है। अगर निवेश के लिए सही फंड का चुनाव हो जाए तो फिर पैसे बढ़ना तय है। आईसीआईसीआई एएमसी के फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है। इस फंड का नाम आईसीआआईसीआई वैल्यू प्रूडेंशियल फंड है। इस फंड ने सिर्फ 1 लाख रुपये के निवेश को 22 साल में 46.6 लाख रुपये बना दिया है।

इस फंड ने एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को किया मालामाल

ICICI Prudential Asset Management Company ने अपने इस फंड के बारे में बताया है। ICICI Prudential Value Fund की शुरुआत 22 साल पहले हुई थी। इस फंड ने शुरुआत में पैसे लगाने वाले एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को मालामाल किया है। इसका कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 19.11 फीसदी है। इसने Nifty Total Return Index (TRI) के मुकाबले काफी ज्यादा रिटर्न दिया है। इस अवधि में निफ्टी 50 टीआरआई का सीएजीआर 14.63 फीसदी है।

वैल्यू इनवेस्टिंग की स्ट्रेटेजी का करता है इस्तेमाल 

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू फंड की शुरुआत 16 अगस्त, 2004 को हुई थी। इस फंड ने हाल ही में 22 साल पूरे किए हैं। यह फंड वैल्यू ओरिएंटेड इक्विटी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है। इस फंड का फोकस उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करने पर होता है, जिनमें उनके इंटिनसिक वैल्यू से कम पर ट्रेडिंग हो रही होती है। ऐसी कंपनी छोटी या बड़ी हो सकती है।

तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी अच्छा रिटर्न 

इस फंड का रिटर्न तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी बहुत अच्छा है। यह क्रमश: 13.44 फीसदी और 16.05 फीसदी है। अगर किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें हर महीने 10,000 रुपये का सिप शुरू किया होता तो उसका पैसा बढ़कर 2.37 करोड़ रुपये हो गया होता। यह 17.04 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न है। 31 जुलाई को इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 61,102.29 करोड़ रुपये था।

93 फीसदी पैसे का निवेश शेयरों में, फाइनेंशियल कंपनियों में ज्यादा निवेश 

इस फंड ने अपना 93.31 पैसा शेयरों में निवेश किया है। सबसे ज्यादा 38.10 फीसदी निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। इसके बाद 9.08 फीसदी का निवेश हेल्थकेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। उसके बाद 9 फीसदी का निवेश एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में है। इस फंड ने 2022 में अपने बेंचमार्क को निफ्टी 500 वैल्यू 50 टीआरआई से बदलकर निफ्टी 500 टीआरआई कर दिया था।

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निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लें

अगर आप इस फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले रिटर्न को देख भविष्य में उसके रिटर्न का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। निवेशक को रिस्क लेने की अपनी क्षमता, निवेश की अवधि और निवेश के लक्ष्य को ध्यान में रख निवेश का फैसला करना चाहिए।

दुबई में पानीपुरी का ऐसा क्रेज, राजस्थानी शख्स के पास रोज पहुंचते हैं 500 से 1000 ग्राहक

भारत से बड़ी संख्या में लोग बेहतर नौकरी, कमाई और भविष्य की तलाश में विदेश का रुख करते हैं। लेकिन कुछ लोगों की कहानी सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहती। वे नए देश में अपनी मेहनत और हुनर के दम पर ऐसा काम शुरू कर देते हैं, जिसमें उनकी जड़ों की झलक भी दिखाई देती है। दुबई में रहने वाले राजस्थान के एक शख्स की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उसने विदेश में अपना कारोबार शुरू किया, लेकिन इसके लिए किसी विदेशी खाने को नहीं चुना, बल्कि भारत की मशहूर स्ट्रीट फूड पानीपुरी को अपना जरिया बनाया।

जिस पानीपुरी को भारत में लोग सड़क किनारे ठेलों और दुकानों पर बड़े चाव से खाते हैं, वही अब दुबई में इस शख्स की पहचान बन गई है। खास बात यह है कि उसके यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। उसकी कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग उसकी मेहनत और परिवार के लिए किए जा रहे प्रयासों की तारीफ कर रहे हैं।

रोज 500 से 1000 लोग पहुंचते हैं

इस शख्स की कहानी का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर @emirateslovesindia ने शेयर किया है। वीडियो में उसने बताया कि वह पिछले करीब दो साल से दुबई में रह रहा है और वहां पानीपुरी का कारोबार कर रहा है। जब उससे ग्राहकों की संख्या के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि रोजाना करीब 500 से 600 ग्राहक आते हैं और कई बार यह आंकड़ा 1,000 तक पहुंच जाता है। हालांकि, वीडियो में कारोबार की सटीक जगह और उसकी कमाई का खुलासा नहीं किया गया।

एक नहीं, कई फ्लेवर की पानीपुरी

दुबई में ग्राहकों को सिर्फ आम पानीपुरी का स्वाद नहीं मिलता। शख्स ने बताया कि उनके यहां कई अलग-अलग फ्लेवर उपलब्ध हैं। इनमें जीरा, लहसुन, खट्टा-मीठा, हाजमोला, नींबू और सामान्य फ्लेवर शामिल हैं। यानी देसी पानीपुरी को दुबई में थोड़ा अलग अंदाज देकर लोगों के सामने पेश किया जा रहा है।

कमाई का आधा हिस्सा भेजता है घर

इस शख्स की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा उसकी कमाई को लेकर है। उसने बताया कि वह अपनी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा घर भेजता है, जबकि बाकी 50 फीसदी रकम दुबई में अपने खर्चों के लिए रखता है। उसकी यह बात सोशल मीडिया यूजर्स को खास तौर पर पसंद आई, क्योंकि विदेश में रहते हुए भी वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करना जारी रख रहा है।

दुबई की जिंदगी भी है पसंद

सिर्फ कारोबार ही नहीं, शख्स ने दुबई में अपनी जिंदगी के बारे में भी बात की। उसने बताया कि उसे वहां का खाना, रहन-सहन और घूमना काफी पसंद है। उसके मुताबिक, दुबई की अच्छी सड़कें और बेहतर सेवाएं भी उसे पसंद आती हैं। यानी राजस्थान से हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद उसने वहां अपनी मेहनत से कमाई का रास्ता बना लिया है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने शख्स की मेहनत और उसके कारोबार की तारीफ की। कई लोगों को यह बात खास लगी कि वह विदेश में रहकर भी भारतीय स्ट्रीट फूड को लोगों तक पहुंचा रहा है और अपनी कमाई का एक हिस्सा परिवार को भेजता है।

हरिद्वार कांवड़ मेले में भिखारी बनकर बैठा यूट्यूबर, 8 घंटे में कमाए 4,000 रुपये

Lumino Industries IPO: ₹700 करोड़ का एक और इश्यू, 27 अगस्त को ओपनिंग; ग्रे मार्केट में अभी से 56% चढ़ा शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹700 करोड़ का एक और IPO खुलने जा रहा है। कंपनी है- ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज। IPO की ओपनिंग 27 अगस्त को होगी। इसमें करीब ₹500 करोड़ के 6.10 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही लगभग ₹200 करोड़ के 2.44 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर देवेंद्र गोयल और जय गोयल शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। इश्यू में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹78-₹82 प्रति शेयर है। लॉट साइज 182 शेयर है। IPO 31 अगस्त को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 1 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 3 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। एंकर निवेशक 25 अगस्त को बोली लगा सकेंगे।

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। इसका फोकस पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और खास तरह के प्रोडक्ट बनाने और उनकी सप्लाई करने पर है। कंपनी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-टेंपरेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर भी बनाती है।

इसके मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में एल्युमीनियम कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर शामिल हैं। वहीं EPC बिजनेस में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशनए HTLS री-कंडक्टरिंग, EHV सबस्टेशन, सोलर पावर प्रोजेक्ट और वॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं। ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज अपने प्रोडक्ट भारत की बड़ी EPC कंपनियों को सप्लाई करती है और इंटरनेशनल ग्राहकों को भी सेवाएं देती है।

IPO में कितना हिस्सा ​किसके लिए रिजर्व

इस IPO के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल और मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। IPO में 10 करोड़ रुपये के शेयर कंपनी के कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं। बाकी बचे इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Lumino Industries कैसे इस्तेमाल करेगी IPO के पैसे

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इसके अलावा मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए उपकरणों और मशीनरी की खरीद, सिविल वर्क और इंटीरियर डेवलप करने के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल होगा। बाकी बचे पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे।

Symbiotec Pharmalab IPO: एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹526 करोड़, 24 अगस्त को खुलेगा ₹1757 करोड़ का इश्यू

कंपनी की वित्तीय सेहत

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 7 प्रतिशत बढ़कर ₹2,089.31 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,946.68 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹124.59 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹384.16 करोड़ की उधारी थी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर अभी से 56.10 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म में करीना कपूर- धनुष की बनेगी जोड़ी? डायरेक्टर पीएस मित्रन ने शेयर किया अपडेट

काफी समय से ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि करीना कपूर खान, संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म में काम कर सकती हैं। अब डायरेक्टर एस. मिथ्रान ने इस बारे में जानकारी दी है। पहले खबर आई थी कि धनुष और करीना एक हिंदी फिल्म के लिए बातचीत के एडवांस स्टेज पर हैं, जिसे संजय लीला भंसाली प्रोड्यूस करेंगे और पी.एस. मिथ्रान डायरेक्ट करेंगे।

क्या करीना और धनुष भंसाली की फिल्म में काम करेंगे?

एस. मित्रन, जो अभी अपनी नई फ़िल्म ‘सरदार 2’ के प्रमोशन में बिज़ी हैं, ने करीना और धनुष के साथ आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बात की। उन्होंने ‘सिनेमा विकटन’ को बताया, “बातचीत चल रही है, हम कन्फर्मेशन के लिए तारीखें देख रहे हैं। उम्मीद है कि इससे कुछ अच्छा नतीजा निकलेगा।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बड़े पैमाने पर बनने वाली एक पौराणिक जंगल एडवेंचर फिल्म होगी। ‘बॉलीवुड हंगामा’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ़िल्म अभी लिखने के स्टेज पर है और फ़ाइनल होने से पहले इसकी स्क्रिप्ट कई बार लिखी और बदली गई है। यह भी उम्मीद है कि फ़िल्म का प्री-प्रोडक्शन नवंबर 2026 में शुरू होगा और मुख्य शूटिंग जनवरी 2027 में होगी।

करीना और भंसाली के बीच अनबन

अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो फिल्म की कास्ट और क्रू के लिए कई नई चीजें होंगी। यह हिंदी सिनेमा में मित्रन के निर्देशन में बनने वाली पहली फिल्म होगी, साथ ही धनुष और करीना कपूर खान की पहली बार ऑन-स्क्रीन जोड़ी भी दिखेगी। यह 2000 के दशक की शुरुआत में हुई अनबन के बाद करीना और संजय लीला भंसाली का पहला साथ काम करना भी होगा।

2000 के दशक में, भंसाली ने ‘देवदास’ के लिए करीना से संपर्क किया था और उन्होंने इसके लिए स्क्रीन टेस्ट भी दिया था। हालांकि, बाद में उन्होंने पारो का किरदार निभाने के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन को चुना। 2002 में ‘फिल्मफेयर’ के साथ बातचीत में करीना ने कहा, “उन्होंने मेरे साथ जो किया, वह गलत था। उन्होंने ‘देवदास’ के लिए मेरा स्क्रीन टेस्ट लिया, मुझे साइनिंग अमाउंट दिया और फिर किसी और को ले लिया। यह गलत था। मुझे इसलिए भी बुरा लगा क्योंकि मैं अपने करियर की शुरुआत में थी।”

दूसरी ओर, भंसाली का कहना था कि उन्होंने नहीं, बल्कि करीना ने ही उस रोल के लिए उनसे संपर्क किया था। उन्होंने स्क्रीन टेस्ट तो लिया था, लेकिन इसका मतलब यह पक्का नहीं था कि उन्हें फिल्म में कास्ट किया ही जाएगा।

उन्होंने कहा, “तस्वीरें देखने के बाद मैंने करीना से कहा कि मुझे ऐश्वर्या राय ‘पारो’ के रोल के लिए शानदार और एकदम सही लगीं। उनमें वो शाही अंदाज़ था, जिसकी मुझे जरूरत थी। करीना ने उस समय तो कुछ नहीं कहा, लेकिन कुछ दिनों बाद मैंने देखा कि उन्होंने प्रेस में मेरे बारे में बुरा-भला कहा। उन्होंने मुझ पर आरोप लगाया कि साइनिंग अमाउंट और कॉन्ट्रैक्ट देने के बाद मैं पीछे हट गया। यकीन मानिए, यह सच नहीं है।”

करीना की अगली फिल्म

करीना अब ‘दायरा’ फ़िल्म में नज़र आएंगी। इस फ़िल्म को मेघना गुलज़ार डायरेक्ट कर रही हैं और इसमें पृथ्वीराज सुकुमारन भी उनके साथ हैं। यह फ़िल्म 18 सितंबर को रिलीज़ होने वाली है।

Bank Holidays: अगले हफ्ते 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, जरूरी काम सोमवार को जरूर निपटा लें

अगले हफ्ते अगर आपको बैंक का कोई काम है तो उसे सोमवार यानी 24 अगस्त को निपटा लेना ठीक रहेगा। 25 अगस्त से 30 अगस्त के बीच सरकारी और प्राइवेट बैंकों की शाखाएं अवकाश के कारण बंद रहेंगी। हालांकि, बैंकों के एटीएम खुले रहेंगे। नेट बैंकिंग सुविधाएं भी जारी रहेंगी। इससे ग्राहक जरूरी काम ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे।

हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी

बैंकों में हर रविवार को छुट्टी रहती है। इसके अलावा दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं। बैंकों को छुट्टी के मामले में आरबीआई के नियमों का पालन करना पड़ता है। ये नियम सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की शाखाओं पर एक समान तरह से लागू होते हैं।

आज चौथा शनिवार की वजह से बैंक की शाखाएं बंद हैं

आज चौथा शनिवार है, जिससे बैंकों की शाखाएं बंद हैं। कल यानी 23 अगस्त को रविवार है, जिससे बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। 24 अगस्त को बैंक खुलेंगे। सोमवार को आम तौर पर बैंक की शाखाओं में कामकाज का दबाव ज्यादा होता है। खासकर उस हफ्ते में ज्यादा दबाव देखने को मिलता है, जिस हफ्ते में बैंकों में शनिवार और रविवार की छुट्टी होती है।

25 अगस्त को कई राज्यों और इलाकों में बैंक बंद रहेंगे

अगले हफ्ते मंगलवार यानी 25 अगस्त को कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में मिलाद-उन-नबी, फर्स्ट ओणम और मिलाद-ए-शरीफ के मौके पर बैंकों में छुट्टी रहेगी। हालांकि, दूसरे जगहों पर बैंक की शाखाएं खुली रहेंगी। 26 अगस्त को ज्यादातर इलाकों में बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। इनमें बेंगलुरु, पटना, लखनऊ, नागपुर, मुंबई, दिल्ली, रांची, रायपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। उस दिन ईद-ए-मिलाद, बरावफात, मिलाद-उन-नबी के मौके पर छुट्टी रहेगी।

28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर कई राज्यों में छुट्टी

28 अगस्त को भी रक्षा बंधन और कुछ क्षेत्रीय त्योहारों के चलते कई इलाकों में बंद रहेंगे। इनमें अहमदाबाद, भोपाल, जयपुर, कानपुर, कोच्चि जैसे बड़े शहर शामिल हैं। रक्षा बंधन का त्योहार उत्तर भारत में मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार शुक्रवार यानी 28 अगस्त को मनाया जा रहा है।

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29 अगस्त को शनिवार के दिन भी बैंकों में कामकाज होगा

29 अगस्त को शनिवार है। लेकिन, बैंकों की शाखाएं उस दिन खुली रहेंगी। इसकी वजह यह है कि उस दिन इस महीने का पांचवां शनिवार होगा। बैंकों की शाखाएं सिर्फ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहती हैं। हालांकि, 30 अगस्त को रविवार की वजजह से बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। रविवार को हर राज्य में बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं। उस दिन कोई काम नहीं होता है।

संदीप रेड्डी वांगा की फिल्मों और नजरिए से दीपिका पादुकोण नहीं रखती हैं इत्तेफाक? फुल नरेशन के बिना नहीं करतीं कमिटमेंट

अप्रैल 2025 में दीपिका पादुकोण ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ का हिस्सा नहीं बनने का फैसला किया था। अगस्त 2026 आ गया है और किसी न किसी वजह से अब भी इस मामले की चर्चा हो रही है। पैन-इंडिया फिल्म से दीपिका के बाहर होने के बाद काफी विवाद हुआ था। फिल्ममेकर ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाए और इंडस्ट्री में कलाकारों के काम के घंटों को लेकर बहस छिड़ गई। इस हफ्ते एक बार फिर यह विवाद तब सामने आया, जब फिल्ममेकर के भाई प्रणय ने दावा किया कि दीपिका के फिल्म छोड़ने की एक वजह उनका प्रॉफिट शेयर मांगना था। अब  घटनाक्रम से जुड़े एक बेहद करीबी सूत्र से दीपिका के फिल्म नहीं करने की दूसरी कहानी पता चली है।

घटनाक्रम से जुड़े सूत्र ने बताया, “दीपिका पादुकोण अपनी जिंदगी में संदीप रेड्डी वांगा से सिर्फ एक बार मिली हैं। इतना ही नहीं फिल्ममेकर इस मुलाकात के लिए पूरे एक घंटे की देरी से पहुंचे थे! दीपिका ने बाकी की मुलाकात प्रोफेशनल तरीके से पूरी की। इस मुलाकात में फिल्म के बारे में सिर्फ एक लाइन बताई गई थी। उन्हें फिल्म की पूरी कहानी नहीं सुनाई गई थी। दीपिका पूरी कहानी का नरेशन मिले बिना कभी किसी प्रोजेक्ट के लिए कमिटमेंट नहीं करतीं। इसलिए ‘स्पिरिट’ शुरुआत से ही दीपिका के विचार में शामिल नहीं थी।”

सूत्र ने आगे कहा कि दीपिका की फिल्ममेकर के साथ काम करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। सूत्र ने कहा, “संदीप रेड्डी वांगा ऐसे फिल्ममेकर हैं, जिनके साथ दीपिका पादुकोण कभी काम नहीं करेंगी, क्योंकि उनका नजरिया महिलाओं के प्रति पुरुषवादी है। यह बात न सिर्फ उनके ऑफ-स्क्रीन व्यक्तित्व में, बल्कि उनकी फिल्मों में भी साफ तौर पर दिखाई देती है।”

दीपिका पादुकोण पिछले साल प्रभास स्टारर ‘स्पिरिट’ के लिए संदीप रेड्डी वांगा के साथ बातचीत में थीं। लेकिन अप्रैल में खबर सामने आई कि दीपिका ने प्रोजेक्ट छोड़ दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई मां बनने के बाद एक्ट्रेस ने रोजाना तय 8 घंटे के काम की मांग की थी, जिसे फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने स्वीकार नहीं किया। ‘कल्कि 2898 एडी’ के मेकर्स ने भी एक पोस्ट के जरिए सीक्वल से दीपिका के बाहर होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद प्रोफेशनलिज्म, काम के घंटों की सीमा और बड़े बजट की फिल्मों में कलाकारों की फीस को लेकर ऑनलाइन बहस छिड़ गई थी।

जब खबरें सामने आईं कि दीपिका की जगह तृप्ति डिमरी को फिल्म में लिया जाएगा, तब दावा किया गया कि दीपिका कुछ इंटीमेट सीन्स को लेकर सहज नहीं थीं और इसी वजह से उन्होंने फिल्म छोड़ी। इसी दौरान निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने ट्विटर पर दीपिका की ओर इशारा करते हुए एक नाराज पोस्ट शेयर किया। मई 2025 में उन्होंने लिखा, “जब मैं किसी एक्टर को कहानी सुनाता हूं, तो मैं उस पर 100% भरोसा करता हूं। हमारे बीच एक अनकहा NDA (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) होता है। लेकिन ऐसा करके आपने उस इंसान को ‘DISCLOSED’ कर दिया जो आप हैं…. एक यंग एक्टर को नीचा दिखाना और मेरी कहानी से उसे बाहर करना? क्या आपका फेमिनिज्म यही कहता है?”

इस हफ्ते एक बार फिर विवाद तब बढ़ गया, जब संदीप के भाई प्रणय ने दावा किया कि दीपिका के ‘स्पिरिट’ छोड़ने की एक वजह फिल्म में 10 फीसदी प्रॉफिट शेयर की उनकी मांग थी। एनटीवी तेलुगु से बात करते हुए प्रणय रेड्डी वांगा ने कहा, “वजह वही है जो पहले बताई जा चुकी है। एक थी रेम्यूनरेशन और दूसरी थी टाइमिंग। इसके अलावा कुछ और कारण भी हैं। इसके तुरंत बाद सब कुछ हद से आगे बढ़ गया। देखिए, वह कुछ भी मांग सकती हैं। अगर हम देने के लिए तैयार हैं, तो दे सकते हैं। लेकिन हमारे लिए भी इसका हिसाब काम करना चाहिए। हमें लगा कि यह हमारे लिए काम नहीं कर रहा है। इसलिए हमने दूसरे विकल्पों के बारे में सोचा। जैसे ही हमने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू किए, उन्होंने सब कुछ लीक करना शुरू कर दिया।”

दीपिका के बाद तृप्ति डिमरी को प्रभास के साथ फिल्म की फीमेल लीड के तौर पर कास्ट किया गया। दोनों का पहला लुक नए साल के दिन 2026 में रिलीज किया गया था। फिल्म में विवेक ओबेरॉय भी लीड रोल में नजर आएंगे और यह फिल्म 5 मार्च 2027 को रिलीज होने वाली है। वहीं, दीपिका पादुकोण के पास फिलहाल दो प्रोजेक्ट हैं। वह दिसंबर में रिलीज होने वाली ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ फिर नजर आएंगी। इसके बाद वह एटली की ‘राका’ में अल्लू अर्जुन के साथ दिखाई देंगी, जो अगले साल रिलीज होगी।