Trading Ideas: बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, अनुज सिंघल से जाने आज के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Ideas : बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी 50 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के करीब आ गया है। RIL,SBI, M&M और एक्सिस बैंक ने सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। बैंक निफ्टी में भी हल्की कमजोरी दिख रही है। मिडकैप में भी हल्की नरमी है। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिल रही है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब फीसदी फिसले हैं। साथ ही कैपिटल मार्केट,केमिकल्स और FMCG पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल और कैपिटल गुड्स में हल्की खरीदारी आई है।

जानिए आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई का रणनीति

CAS और एक्सपायरी

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि कल सेंसेक्स की एक्सपायरी में भी ऑप्शन भाव में बड़ी गड़बड़ दिखी। 3:15 से 3:30 के बीच ऑप्शन भाव में भारी उतार-चढ़ाव था। बाजार फिर रेंज में दिख रहा है। बाजार में 2 दिनों से एक जैसा पैटर्न है। सुबह बिकवाली और दोपहर में खरीदारी हो रही है। कल भी 24,450 के SL के साथ बिकवाली की रणनीति ने काम किया और फिर 24,250 के SL के साथ खरीदारी की रणनीति ने काम किया। आज देखते हैं क्या वही पैटर्न दोहराया जाएगा।

बाजार: आज कहां हो नजर?

अनुज सिंघल ने कहा कि आज शुक्रवार है, यानी एक्सपायरी का कोई डर नहीं है। आज अर्निंग्स सीजन का आखिरी दिन भी है। इसका मतलब अब स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी कम होंगे। FIIs की लगातार इंडेक्स शॉर्टिंग जारी,कल भी शॉर्ट जोड़े गए हैं। India VIX भी Complacency Zone में है, ये थोड़ा खल रहा है। डिफेंस सबसे मजबूत सेक्टर है,इसके नतीजे भी शानदार हैं। पिछले 2 दिनों में निफ्टी का पैटर्न एक जैसा रहा है। दोनों दिन पहले शॉर्ट ट्रेड फिर लॉन्ग ट्रेड चली। 24,450 के SL से शॉर्ट और 24,250 के SL से लॉन्ग ने काम किया। बस एक फर्क था,परसों IT गिरा और बैंक चले थे। कल IT चला और बैंक गिरे थे। आज फिर चिप शेयरों में रैली और कोस्पी ऊपर है। आज देखना होगा कि IT शेयर और बैंक कैसे करते हैं।

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निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल के मुताबिक निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट 24,250-24,300 पर है। इसमें खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,300-24,350 है। इसके लिए SL 24,250 पर रखें। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,400-24,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,500-24,550 पर है। 24,400-24,450 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। SL 24,500 पर रखें। दोनों तरफ मुनाफा जल्दी बुक करें। अगर रेंज टूटी तो रणनीति फिर से देखेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,400-57,600 पर और बड़ा सपोर्ट 57,100-57,300 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,000-58,200 पर है। बैंक निफ्टी में ट्रेड लेना इस समय काफी मुश्किल है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: बुल्स या बीयर्स, आज कौन होगा बाजार पर हावी, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के फ्लैट या मामूली गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत मिलने के बावजूद GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 15 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,444 पर ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स और निफ्टी 50 के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा, जिससे एशियाई बाजारों में तेजी आई और वॉल स्ट्रीट भी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सीजफायर बातचीत के रुकने और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने की अमेरिकी धमकियों के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार काफी हद तक फ्लैट बंद हुए, क्योंकि निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को अपने इंट्राडे निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली। सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ।

ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से एशियाई बाजारों में तेजी

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी महंगाई में नरमी के और सबूतों ने इस उम्मीद को मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जिससे इंडेक्स लगातार चौथे सप्ताह बढ़त की ओर अग्रसर है, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त की अवधि है।

पिछले महीने की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेड पर फिर से दांव लगाने से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई। दक्षिण कोरिया के टेक-हैवी कोस्पी में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान के टॉपिक्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी आई। रात भर की रैली के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स सुस्त रहे; S&P 500 फ्यूचर्स में बहुत कम बदलाव हुआ, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।

वॉल स्ट्रीट में तेजी, S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद

गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में तेजी आई क्योंकि प्रोड्यूसर-प्राइस इन्फ्लेशन (उत्पादक-मूल्य मुद्रास्फीति) के आंकड़े कम रहने से कीमतों के दबाव में कमी के सबूत मिले और इस उम्मीद को बल मिला कि फेडरल रिजर्व अगले महीने उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) नहीं बढ़ाएगा। प्रोड्यूसर-प्राइस डेटा बुधवार के अपेक्षाकृत कम कंज्यूमर इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मुद्रास्फीति) आंकड़ों के बाद आया, जिससे सितंबर में फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना मजबूत हुई। S&P 500 में 0.65% की बढ़त हुई और यह 7,798.99 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट में 0.81% और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.13% की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी में टेक्नोलॉजी शेयरों की अहम भूमिका रही, खासकर मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई।

क्रूड में तेजी

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) को अनिश्चित काल तक जारी रखने की धमकी दी, जिससे मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर $87.16 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत $81.29 पर लगभग स्थिर रही।

गुरुवार को ग्लोबल डिमांड आउटलुक कमजोर रहने के कारण दोनों बेंचमार्क में 2% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसके बाद यह मामूली बढ़त देखने को मिली। इस गिरावट के बावजूद, ब्रेंट और WTI दोनों ही साप्ताहिक आधार पर लगभग 4% की बढ़त की राह पर बने रहे।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी के निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज) में रहने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,500–57,400 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक इसका व्यापक स्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर रहेगा। 57,800–58,000 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। 58,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की ओर, 57,500 तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 57,200–57,000 का ज़ोन आता है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए 57,400 से ऊपर बने रहना महत्वपूर्ण होगा, जबकि 57,200 से नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और निकट-अवधि का टेक्निकल सेटअप कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, निकट-अवधि का आउटलुक सतर्क और एक दायरे में रहने वाला है, जिसमें 58,000 मुख्य अपसाइड ट्रिगर के रूप में और 57,400–57,200 महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: मजबूत एशियाई संकेतों के बावजूद Sensex लाल, 4 वजहों से आया Nifty आया 24300 के करीब

Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और लगातार दूसरे महीने आरबीआई के टारगेट रेंज से अधिक महंगाई की रफ्तार ने आज मार्केट पर तेज दबाव बनाया। वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच सेंसेक्स 250 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24300 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है। निफ्टी मिडकैप 100 पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 159.82 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 77,806.53 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 90.25 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 24,345.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 256.72 प्वाइंट्स टूटकर 77,709.63 और निफ्टी 119.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,316.30 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

महंगाई की तेज रफ्तार

जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव

मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है। सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर्स के बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा में भी आधे फीसदी की गिरावट है। निफ्टी ऑटो फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें बढ़त आधे फीसदी से कम ही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी

सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है।

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MRF Share Price : Q1 नतीजों के बाद शेयर में गिरावट जारी लेकिन ब्रोकरेज बुलिश, आगे शेयर लगा सकता है 26% की छलांग

MRF Share Price : जून तिमाही में खराब ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस के कारण MRF के शेयरों में बुधवार, 12 अगस्त को थोड़ी गिरावट देखी गई। जिससे पिछले सेशन की गिरावट का सिलसिला जारी रहा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म CLSA ने टायर बनाने वाली इस कंपनी पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है।

MRF का शेयर 0.26 फीसदी गिरकर 1,30,785 रुपये पर बंद हुआ। बता दें कि मंगलवार को कंपनी के Q1 FY27 के नतीजे घोषित करने के बाद शेयर में 2.04 फीसदी की गिरावट आई थी। 2026 में अब तक टायर बनाने वाली इस कंपनी के शेयर में 13.4 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 6.5 फीसदी की गिरावट देखी गई। MRF का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 55,450 करोड़ रुपये था।

CLSA ने स्टॉक पर क्या दिया तर्क

CLSA ने MRF पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है और प्रति शेयर 1,65,240 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जिसका मतलब है कि मंगलवार की क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 26 फीसदी की बढ़त हो सकती है। ब्रोकरेज ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान मार्जिन पर भारी दबाव का ज़िक्र किया और बताया कि MRF का EBITDA मार्जिन क्रमिक रूप से 453 बेसिस पॉइंट्स गिर गया और उनके अनुमान से कम रहा। यह कमज़ोरी ग्रॉस मार्जिन में 566 बेसिस पॉइंट्स की क्रमिक गिरावट के कारण आई, क्योंकि कच्चे माल की लागत में 16-18 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई थी।

Q1 में मुनाफ़े में कमी के बावजूद, CLSA को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में मार्जिन पर दबाव कम होगा। ब्रोकरेज के अनुसार, टायर इंडस्ट्री पहले ही कीमतों में लगभग 7-9 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है और Q2 FY27 के दौरान और बढ़ोतरी की योजना है।

CLSA को उम्मीद है कि MRF के मार्जिन में क्रमिक रूप से सुधार होगा क्योंकि कंपनी को कीमतों में बढ़ोतरी का पूरे तिमाही का फ़ायदा मिलेगा। कीमतों में और बढ़ोतरी और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) पर बढ़ी हुई लागत का बोझ डालने से भी मार्जिन में सुधार में मदद मिलनी चाहिए।

कैसे रहे तिमाही नतीजें

MRF ने जून तिमाही में कमाई में गिरावट दर्ज की, क्योंकि रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद ज़्यादा लागत का असर मुनाफ़े पर पड़ा। EBITDA सालाना आधार पर 7.46% घटकर ₹1,070.43 करोड़ से ₹990.63 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 13.95% से घटकर 11.77% रह गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.64% बढ़कर ₹8,415.50 करोड़ हो गया। कम मुनाफ़े का असर मंगलवार को स्टॉक पर दिखा, जब नतीजों के बाद MRF के शेयर 2% से ज़्यादा गिर गए।

TD Power Systems Share Price: गिरते बाजार में हीरो बना ये शेयर, 18% उछला, FY27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस में बढ़त से मिला सपोर्ट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कज्यूमर का शेयर क्रैश, क्या यह निवेशकों के लिए खरीदारी का बड़ा मौका है?

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर 12 अगस्त को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। इसकी वजह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सुधीर सीतापति का अचानक इस्तीफा है। एक समय शेयर 10 फीसदी गिरकर 922.5 रुपये पर आ गया था। लेकिन, बाद में थोड़ा संभला। 10:45 बजे यह 9.52 फीसदी गिरकर 928.10 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर अब तक 25 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 में 6.4 फीसदी गिरावट आई है।

जेफरीज और सिटी की शेयरों में निवेश की सलाह

सीतापति का इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। आसिफ मलबरी को उनकी जगह नियुक्त कर दिया गया है। अचानक कंपनी की लीडरशिप में आए इस बदलाव पर ब्रोकरेज फर्मों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी है। जेफरीज और सिटी ने शेयर को खरीदने (buy) की अपनी सलाह बनाए रखी है। एचएसबीसी ने शेयर पर अपनी रेटिंग घटाकर ‘होल्ड’ कर दी है। सीएलएसए ने शेयर पर ‘अंडरपर्फॉर्म’ की रेटिंग दी है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि नई लीडरशिप की वजह से कंपनी की स्ट्रेटेजी में बदलाव नहीं होगा।

जेफरीज ने दिया 1400 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने गोदरेज कंज्यूमर के शेयर के लिए 1,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 36 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि नए सीईओ को एग्जिक्यूशन को मजबूत बनाने के साथ ही फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना होगा। नए बिजनेस पर फोकस करने के साथ ही कंपनी को अपने पुराने इनसेक्टिसाइड्स और सोप बिजनेस पर ध्यान देना होगा।

सिटी ने भी दी शेयर में निवेश की सलाह

Citi ने भी शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, उसने कहा है कि लीडरशिप में बदलाव का असर स्टॉक पर शॉर्ट टर्म में पड़ सकता है। हालांकि, मलबरी की नियुक्ति से कंपनी की स्ट्रेटेजी की दिशा अपरिवर्तित रहेगी। कंपनी के FY27 के गाइडेंस और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन अपरिवर्तित रहेंगे।

एचएसबीसी ने रेटिंग घटाकर होल्ड किया

HSBC ने शेयर को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उसने शेयर पर रेटिंग घटाकर होल्ड कर दी है। शेयर के लिए 1,120 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि अचानक सीतापति के इस्तीफे से एग्जिक्यूशन को लेकर अनिश्चितता बनी है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक का वैल्यूएशन मल्टीपल भी घटाया है। टारगेट प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल को 45 गुना से घटाकर 40 गुना कर दिया है।

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सीएलएसए के मुताबिक शेयर 25% गिर सकता है

CLSA का रुख इस शेयर को लेकर और सावधानी भरा है। उसने शेयर पर ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 772 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से करीब 25 फीसदी गिर सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पर्सनल वॉश और होम इनसेक्टिसाइड्स में कंपनी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Share Market Crash: 370 प्वाइंट्स टूटा Sensex, सरकारी बैंकों की चमक नहीं थाम पाई गिरावट, 24400 के नीचे आया Nifty

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर मार्केट में कोहराम मच गया। सेंसेक्सन 370 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24350 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव दिख रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप लाल है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:30 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 314.12 प्वाइंट्स यानी 0.40% की गिरावट के साथ 77,840.13 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.75 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 24,374.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 370.21 प्वाइंट्स टूटकर 77,784.04 और निफ्टी 114.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,357.50 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थिति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता ने मार्केट पर दबाव बनाया है। एक तरफ ट्रंप दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है लेकिन ईरान का इससे इनकार है। इसके अलावा एक-दूसरे की मुआवजे की मांग ने दोनों देशों के बीच सुलह का रास्ता और मुश्किल कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के कमर्शियल जहाज पर हमले ने तनाव बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में चार क्रू सदस्यों की जान चली गई और इसे अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री जहाजों पर हूती हमले में पहली बड़ी जानलेवा घटना बताई जा रही है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर गहराने पर कच्चे तेल में और उबाल आया जिसकी आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $90 के करीब पहुंच चुका है।

आईटी-एफएमसीजी सेक्टर का दबाव

दिग्गज सरकारी बैंकों के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिख रहा और इसका निफ्टी इंडेक्ल 2% से अधिक ऊपर चढ़ा है। हालांकि मेटल को छोड़ इसे बाकी अहम सेक्टर्स से अच्छा सपोर्ट नहीं मिल पा रहा। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर अधिक दबाव डाल रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में करीब 1-1% की गिरावट है। निफ्टी मेटल में करीब 1% की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी आधे फीसदी से अधिक कमजोर है और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी लाल है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : गिफ्ट निफ्टी से भारतीय बाजारों के निगेटिव से सपाट खुलने को संकेत मिल रहे हैं। 7.10 बजे सुबह के आसपास गिफ्टी निफ्टी 17.50 अंक यानी 0.07 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 24,615.50 के आसपास दिख रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए । सेंसेक्स कल 43.27 अंक या 0.06% बढ़कर 78,542.44 पर और निफ्टी 13.15 अंक या 0.05% बढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी50 में टाइटन कंपनी 3%,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 2.4%, बजाज फाइनेंस 2.2%, श्रीराम फाइनेंस 2% और ग्रासिम 1.7% चढ़े थे। गिरने वाले शेयरों में SBI 2.39%,ITC 1.2%, एटरनल 1.5%, डॉ. रेड्डीज़ लैब्स 1.13% और TCS 1% नीचे बंद हुए थे।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी में 1.3%, कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 0.4% और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखने को मिली थी। जबकि निफ्टी PSU बैंक 1.6%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.4% गिरे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.6% की बढ़त हुई और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3% नीचे आया था।

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश में 1975 करोड़ की खरीदारी देखने को मिली है। हालांकि वायदा में बिकवाली नजर आई है। एशिया में हल्की बढ़त है। वहीं कल US बाजारों में भी हल्की गिरावट दिखी। उधर US बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% के पार निकल गया है।

निफ्टी 50 से विप्रो बाहर, BSE की एंट्री

30 सितंबर से NSE इंडेक्स में बड़ा बदलाव होगा। करीब 3 दशक बाद विप्रो का शेयर निफ्टी 50 से बाहर होगा और इसमें BSE की एंट्री होगी। NIFTY NEXT50 और Nifty 500 में भी बदलाव होगा। हिताची,पॉलीकैब,वेदांता एल्युमिनियम और वोडाफोन आइडिया NIFTY NEXT50 में शामिल होंगे।

गौतम अदाणी को US में बड़ी कानूनी राहत

आज अदाणी ग्रुप शेयर फोकस में होंगे। गौतम और सागर अदाणी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इन पर रिश्वत-धोखाधड़ी का केस खत्म हो गया है। गौतम अदाणी ने कहा है कि US कोर्ट के फैसले का स्वागत है। इसकी सच्चाई,निष्पक्षता और कानून पर हमारा अटूट भरोसा है।

VI को 3700 करोड़ रुपए का घाटा, BOSCH का प्रॉफिट 37% घटा

पहली तिमाही वोडाफोन को 3700 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। 1600 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय के बावजूद कंपनी को नुकसान हुआ है। हालांकि घाटे का आंकड़ा अनुमान से कम रहा है। वहीं रेवेन्यू में तीन फीसदी से ज्यादा की बढ़त रही है। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर भी 177 से बढ़कर 195 रुपए पर रही है। दूसरी ओर BOSCH INDIA का प्रॉफिट करीब 37% घटा है। लेकिन मार्जिन में सुधार दिखा है।

वायदा की 6 कंपनियों के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल सीमेंस,PI इंडस्ट्रीज,मणप्पुरम फाइनेंस और जायडस लाइफ समेत 6 कंपनियों के नतीजे आएंगे। सीमेंस और PI INDUSTRIES के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। वहीं, मणप्पुरम फाइनेंस की ब्याज से होने वाली कमाई 18 फीसदी बढ़ सकती है।

FII और DII फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

 

 

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निफ्टी 50 में बड़ा बदलाव! विप्रो 3 दशक बाद इंडेक्स से बाहर होगी, BSE को मिलेगी एंट्री

निफ्टी 50 में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। इस इंडेक्स में स्टॉक्स एक्सचेंज BSE को दिग्गज आईटी कंपनी Wipro की जगह शामिल किया जाएगा। यह बदलाव 30 सितंबर से लागू होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु की आईटी कंपनी Wipro का भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स से करीब तीन दशक पुराना सफर खत्म हो जाएगा।

Wipro असल में Nifty 50 की शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही है। हालांकि, अप्रैल से सितंबर 2013 के बीच कंपनी इस इंडेक्स से बाहर रही थी। उस समय Wipro के नॉन-आईटी कारोबार के डीमर्जर की वजह से यह बदलाव हुआ था। इसके बाद कंपनी लगातार Nifty 50 में बनी रही।

Wipro से पैसा निकलने का अनुमान

Nuvama के अनुमान के मुताबिक, Wipro के Nifty 50 से बाहर होने पर इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड करीब 246 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर सकते हैं। दूसरी ओर, BSE के इंडेक्स में शामिल होने से करीब 741 मिलियन डॉलर का निवेश आने का अनुमान है।

BSE के लिए यह बदलाव काफी अहम है। पिछले पांच साल में कंपनी के शेयर में 2,600% से ज्यादा की तेजी आई है। ट्रेडिंग वॉल्यूम, डेरिवेटिव्स कारोबार और बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से कंपनी को फायदा मिला है।

Nifty 500 में भी बदलाव

Nifty 50 में बदलाव के साथ NSE ने दूसरे प्रमुख इंडेक्स में भी बदलाव किए हैं। Nifty 500 से 3M India, Aditya Birla Fashion and Retail, Aditya Birla Lifestyle Brands, Bayer Cropscience, Blue Dart Express, Chalet Hotels, Go Digit General Insurance, Indegene, Jubilant Pharmova, Latent View Analytics, Sonata Software और Travel Food Services जैसी कंपनियां बाहर होंगी।

वहीं, Nifty 500 में Aether Industries, Avanti Feeds, Azad Engineering, Black Box, Brookfield India REIT, Embassy Office Parks REIT, Fractal Analytics, INOX India, Kirloskar Brothers, MTAR Technologies, Sansera Engineering, Sterlite Technologies और Vedanta Aluminium समेत कई कंपनियां शामिल होंगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।