Caliber Mining & Logistics Listing: कैलिबर माइनिंग की अच्छी शुरुआत, शेयर 19% तक बढ़त में लिस्ट

Caliber Mining & Logistics की शुक्रवार, 24 जुलाई को लिस्टिंग अच्छी रही। BSE पर शेयर करीब 19 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 504 रुपये पर और NSE पर करीब 18 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 500.25 रुपये पर लिस्ट हुआ। फाइनल IPO प्राइस 424 रुपये था। कंपनी का 450 करोड़ रुपये का IPO 154.66 गुना भरा था। इसमें 400 करोड़ रुपये के 94 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 50 करोड़ रुपये के 12 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) था।

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड सर्विस प्रोवाइडर है। यह कोयला निकालने और कोयले की लॉजिस्टिक्स में विशेषता रखती है। महाराष्ट्र में स्थित यह कंपनी माइनिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सेवाएं देती है, जिनमें कोयला निकालना, ओवरबर्डन हटाना, कोयले की लोडिंग और अनलोडिंग, सड़क से ट्रांसपोर्टेशन और रेल ट्रांसपोर्टेशन का तालमेल बिठाना शामिल है। यह माइनिंग इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करते हुए, कोयला माइनिंग और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस के लिए एंड-टू-एंड समाधान देती है।

कंपनी के प्रमोटर मोहित सतीशकुमार चड्ढा, मनीष कृष्णलाल चड्ढा, राहुल रोशनलाल चड्ढा, अनुज कृष्णलाल चड्ढा और प्रिया अनुज चड्ढा हैं। कंपनी के पब्लिक इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 253.88 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 281.99 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 43.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कैलिबर माइनिंग अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए, मशीनरी की खरीद के लिए, सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए और IPO पर आए खर्च की भरपाई के लिए करेगी। कैलिबर माइनिंग ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 135 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Caliber Mining की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 17 प्रतिशत बढ़कर 1,684.66 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इनकम 1,435.57 करोड़ रुपये थी। शुद्ध मुनाफा 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 157.90 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 131.55 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

3 राज्यों में रेड कलर वार्निंग के बीच आज फिर बारिश का तांडव! IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

Heavy Rain Alert Today 24 July: देश में मानसून पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और कई इलाकों में इसका विकराल रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 24 जुलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश भर के मौसम का हाल बताया है। मौसम विभाग ने आज देश के 3 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राजस्थान, कोंकण, ओडिशा से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तूफानी हवाओं का अलर्ट दिया गया है।

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आइए जानते हैं कि आज आपके राज्य और आसपास के अंचलों में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

3 क्षेत्रों में रेड अलर्ट, आज होगी अत्यधिक भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक आज तीन प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। आज राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर अति मूसलाधार से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। गुजरात के मैदानी व तटीय क्षेत्रों में जलभराव और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक आज देश के तीन महत्वपूर्ण हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में आज भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। राजस्थान के पश्चिमी जिलों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है-

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में भारी बारिश होगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत: बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल में कई जगह भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना है।

आंधी-तूफान, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ में गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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Magnus Steel Q1 Results: प्रॉफिट और रेवेन्यू में तगड़ा उछाल, अब स्टील और इंफ्रा सेक्टर के नए मौकों पर फोकस

Magnus Steel & Infra ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 273.7% बढ़कर 7.30 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.95 करोड़ रुपये था।

कंपनी का नेट प्रॉफिट 490.6% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 41 लाख रुपये था। टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) भी 2.41 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 41 लाख रुपये से करीब पांच गुना ज्यादा है।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 400.7% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 48 लाख रुपये था। वहीं अर्निंग्स पर शेयर (EPS) बढ़कर 7.13 रुपये हो गई, जो एक साल पहले 1.21 रुपये थी। कंपनी ने कहा कि बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और लागत पर नियंत्रण की वजह से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टाटा मोटर्स प्रोजेक्ट से मिला बड़ा मौका

कंपनी ने बताया कि उसे गुजरात और महाराष्ट्र में Tata Motors के प्रस्तावित ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरशुदा स्टील सप्लायर के रूप में शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टर RIECO Industries के जरिए कंपनी ने स्टील की सप्लाई भी शुरू कर दी है और कई खरीद ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी का दावा है कि इससे उसकी ऑर्डर बुक मजबूत होगी और आने वाले समय में ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Magnus Steel के चेयरमैन और डायरेक्टर कैरॉन नरेश बजाज ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की मजबूत रणनीति और ऑपरेशनल क्षमता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में नए अवसरों का फायदा उठाकर शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में बेहतर मूल्य सृजित करने पर फोकस कर रही है।

FY26 में भी रहा अच्छा प्रदर्शन

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 22.58 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 4.51 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी का EPS 13.33 रुपये प्रति शेयर रहा।

SRF Share Price : कमजोर गाइडेंस के बाद वायदा के टॉप लूजर में शामिल हुआ शेयर, जानिए अब क्या हो निवेश रणनीति

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कल मूसलाधार बारिश: IMD ने 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 16 राज्यों में भी हैवी बारिश संग आंधी-तूफान का अलर्ट

Weather Update 24 July: मानसून की चाल देश भर में लगातार उग्र बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जुलाई के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने देश के 3 प्रमुख राज्यों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर और तटीय इलाकों समेत 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और समुद्र में उठने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 24 जुलाई को आपके राज्य और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

3 राज्यों में रेड अलर्ट कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 24 जुलाई को तीन राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में आफत की बारिश होगी, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 24 जुलाई को देश के अन्य तीन प्रमुख क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। सौराष्ट्र और कच्छ यानी गुजरात के तटीय और पश्चिमी भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय और सीमावर्ती जिलों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • मध्य भारत: मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
  • पूर्वी भारत: बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम व मेघालय में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने कई राज्यों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं को लेकर सचेत किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने का खतरा है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई जगहों पर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

महाराष्ट्र के 423 शहरों के लिए ₹44800 करोड़ का प्लान, सड़क-पानी और ट्रैफिक की तस्वीर बदल जाएगी

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी 423 शहरी स्थानीय निकायों में बुनियादी ढांचे को बेहतर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड नाम से 44800 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। इस योजना की घोषणा करते हुए उप मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह कार्यक्रम शहरों को अधिक आधुनिक, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और भविष्य की शहरी चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर ढंग से सक्षम बनाएगा। यह फंड वर्ष 2025-26 से 2030-31 के बीच लागू किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर इसे अगले तीन सालों के लिए इसे बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है।

फंड का ढांचा: कैसे जुटाया जाएगा 44800 करोड़ रुपये का बजट?

इस पहल की एक प्रमुख विशेषता इसका ब्लेंडेड फाइनेंसिंग मॉडल है। इसके तहत परियोजनाओं को केंद्र सरकार की सहायता, बाजार उधारी और राज्य के सहयोग के संयोजन के माध्यम से फाइनेंस किया जाएगा। एलिबिल परियोजनाओं को केंद्र सरकार से 25 प्रतिशत तक की फंडिंग मिल सकती है। परियोजना लागत का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा म्यूनिसिपल बॉन्ड, बैंक लोन या पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए जुटाना होगा। बाकी 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार या संबंधित शहरी स्थानीय निकाय द्वारा दी जाएगी।

छोटे शहरों के लिए विशेष सुविधा

यह योजना महाराष्ट्र के सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए खुली है। छोटे शहरों को भी इस योजना का पूरा लाभ मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 1 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए लोन रीपेमेंट गारंटी मैकेनिज्म पेश किया है। इससे छोटी नगरपालिकाओं के लिए वित्तीय बाजारों से धन जुटाना और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को शुरू करना आसान हो जाएगा।

इन 3 मुख्य क्षेत्रों पर रहेगा फोकस और ये प्रोजेक्ट होंगे शामिल

यह फंड मुख्य रूप से तीन व्यापक क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। पहला जल आपूर्ति और स्वच्छता, दूसरा क्रिएटिव अर्बन डेवलपमेंट और तीसरा शहरों को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में मजबूत करना।

किन-किन परियोजनाओं को मिलेगा बजट?

योजना के तहत फंडिंग के लिए एलिजिबल प्रोडेक्ट्स यहां नीचे देखे जा सकते हैं:-

डिजिटल गवर्नेंस और प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड

ट्रैफिक की समस्या से मुक्ति और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी

पुराने शहरी इलाकों व बाजारों का पुनर्विकास

नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट, ट्रांजिट हब्स और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट

शहरी बाढ़ नियंत्रण और इंटिग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट

ग्रीनफील्ड और सेमी-ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट, सड़कें, फ्लाईओवर्स और रिवरफ्रंट डेवलपमेंट

लैंड बैंक तैयार करना और शहरी क्षेत्रों से डेयरी गतिविधियों को बाहर ले जाना

20 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए विशेष प्रोजेक्ट

जिन शहरों की जनसंख्या 20 लाख से अधिक है, वहां सरकार कई सुविधाओं को भी प्राथमिकता देगी। इसमें कन्वेंशन सेंटर्स और मनोरंजन सुविधाएं, मॉडर्न पब्लिक लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स इंफ्रा, वॉटर स्पोर्ट्स सुविधाएं, ध्यान केंद्र और वेलनेस पार्क जैसी चीजें शामिल हैं।

परियोजनाओं को सुचारू और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए सरकार ने किया है कि प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट्स और जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन होगा। हर शहर में समर्पित मिशन मैनेजमेंट सेल्स बनाए जाएंगे। जरूरत के मुताबिक परियोजनाओं को स्पेशल पर्पज व्हीकल्स के माध्यम से भी लागू किया जा सकता है।

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इसे सिर्फ एक फंडिंग स्कीम की बजाय कायाकल्प का रोडमैप बताते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह फंड नागरिक सुविधाओं में सुधार करेगा, शहरी सेवाओं को मजबूत करेगा, निवेश लेकर आएगा, रोजगार पैदा करेगा और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय में सरकार का उद्देश्य एक कॉम्पिटेटिव , टिकाऊ और फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट शहरों को तैयार करना है।

कल बारिश का तांडव: IMD ने 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 21 राज्यों में भी मूसलाधार बरसेंगे मेघ, आंधी-तूफान का भी अलर्ट

Weather Update 23 July: मानसून का प्रचंड रूप जारी है और देश के कई हिस्सों में बादल आफत बनकर बरस रहे हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जुलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 2 प्रमुख राज्यों (गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से बेहद खतरनाक बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा देश के 21 दूसरे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

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आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण और पूर्वानुमान के मुताबिक 23 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

इन 2 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 23 जुलाई को दो राज्यों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात क्षेत्र के मैदानी व उत्तरी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र के मध्य क्षेत्र और पर्वतीय/घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहेगा। इससे बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।

इन 4 क्षेत्रों/राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक देश के 4 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। पूर्वी राजस्थान में बादलों का तेज जमावड़ा रहेगा और कई जगह बहुत भारी बारिश होगी। मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज रहेंगी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। 23 जुलाई को तटीय गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत (नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) के चारों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

उत्तर भारत से दक्षिण तक 17 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने देश के 17 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है-

उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश होगी।

मध्य एवं पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भी भारी बारिश होगी।

दक्षिण एवं पूर्वोत्तर भारत: कर्नाटक, केरल और माहे, तेलंगाना, असम व मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कर्नाटक, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगानाल में आंधी-तूफान और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है।

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, पूरा गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ में आकाशीय बिजली कड़कने की कड़ी चेतावनी है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

A portrait of Keshav Gangadhar Tilak on the birth anniversary of Lokmanya Tilak, a pioneer of the freedom movement

Lokmanya Tilak Biography: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में जब भी राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और जनजागरण की बात होती है, तो लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उन्हें आधुनिक भारत के सबसे प्रभावशाली राष्ट्रवादियों में गिना जाता है। हर वर्ष 23 जुलाई को लोकमान्य तिलक की जयंती मनाई जाती है। वर्ष 2026 में उनकी 170वीं जयंती मनाई जाएगी।

 

जब भारतीय जनमानस औपनिवेशिक दासता की गहरी नींद में सोया हुआ था, तब एक ऐसी आवाज़ गूंजी जिसने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी- और वह थीं, 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।' यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत के पुनर्जागरण का शंखनाद था। यह दिन केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों, विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को समझने का भी अवसर है।

 

  • जीवन परिचय: एक शिक्षक से राष्ट्रनायक तक का सफर
  • इतिहास: गरम दल का नेतृत्व और होम रूल आंदोलन
  • सामाजिक एकीकरण का अनूठा प्रयोग
  • आज के संदर्भ में जयंती का महत्व
  • लोकमान्य तिलक से जुड़े अनसुने तथ्य

 

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती 2026 पर जानें उनका जीवन परिचय, इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, महत्व, प्रसिद्ध विचार और अनसुने तथ्य…

 

जीवन परिचय: एक शिक्षक से राष्ट्रनायक तक का सफर

जन्म: 23 जुलाई 1856 रत्नागिरी, महाराष्ट्र

मूल नाम: केशव गंगाधर तिलक  (लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक)

माता-पिता: पार्वतीबाई एवं गंगाधर रामचंद्र तिलक

योग्यता: गणित और संस्कृत के प्रकांड विद्वान, एलएलबी में स्नातक

उपाधि: 'लोकमान्य' जनता द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया नेता।

पेशा: शिक्षक, पत्रकार, समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी

निधन: 1 अगस्त 1920, मुंबई

 

तिलक जी का मानना था कि किसी भी देश की स्वतंत्रता की नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक वकील के रूप में नहीं, बल्कि एक शिक्षक के रूप में की। उन्होंने युवाओं में राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए पुणे में 'न्यू इंग्लिश स्कूल' और 'डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी/ फर्गुसन कॉलेज' की स्थापना की।

 

इतिहास: गरम दल का नेतृत्व और होम रूल आंदोलन

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शुरुआती दौर में जब अंग्रेज सरकार के समक्ष केवल प्रार्थना-पत्र देने की नीति अपनाई जा रही थी, तब तिलक जी ने इसका मुखर विरोध किया। लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल यानी त्रिदेव (लाल-बाल-पाल) के साथ मिलकर उन्होंने कांग्रेस में 'राष्ट्रवादी/गरम दल' का गठन किया। उनका मानना था कि आजादी भीख में नहीं, बल्कि संघर्ष से मिलती है।

 

समाचार पत्रों का माध्यम: बाल गंगाधर तिलक ने ऐसे समय में स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया, जब अंग्रेजी शासन के खिलाफ खुलकर आवाज उठाना आसान नहीं था। उन्होंने शिक्षा, पत्रकारिता और सामाजिक आंदोलनों को जनजागरण का माध्यम बनाया।

उन्होंने मराठी समाचार पत्र 'केसरी' और 'मराठा' अंग्रेजी समाचार पत्र के माध्यम से अंग्रेजों की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब किया। केसरी में लिखे उनके लेख ब्रिटिश सरकार के लिए किसी बम धमाके से कम नहीं होते थे। सन् 1916 में उन्होंने एनी बेसेंट के साथ मिलकर ऑल इंडिया होम रूल लीग यानी स्वशासन की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन चलाया, जिसने भारत के कोने-कोने में राष्ट्रवाद की ज्वाला जला दी। 

 

सामाजिक एकीकरण का अनूठा प्रयोग

लोकमान्य तिलक एक दूरदर्शी नेता थे। वे जानते थे कि जब तक भारत की विविधता को एक सूत्र में नहीं पिरोया जाएगा, तब तक अंग्रेजों से लड़ना असंभव है। इसके लिए उन्होंने धर्म और संस्कृति को जन-जागरण का माध्यम बनाया, जिसके तहत उन्होंने सन् 1893 में सार्वजनिक गणेशोत्सव प्रारंभ किया, अर्थात् जो पूजा घरों की चारदीवारी तक सीमित थी, उसे उन्होंने एक सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया ताकि लोग जाति-पात से ऊपर उठकर एक जगह एकत्र हों और देश की स्थिति पर चर्चा कर सकें।

उन्होंने 1895 में शिवाजी महोत्‍सव के रूप में छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य को याद दिलाकर भारत के युवाओं में स्वाभिमान और साहस का संचार किया।

 

आज के संदर्भ में जयंती का महत्व

आज 21वीं सदी के आत्मनिर्भर भारत में लोकमान्य तिलक के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी जयंती हमें सिखाती है कि स्वावलंबन ही वास्तविक स्वतंत्रता है। तिलक जी ने जो 'स्वदेशी' का पाठ 100 साल पहले पढ़ाया था, वही आज 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' का आधार है। उनकी निर्भीकता और मौलिक सोच तथा अन्याय के सामने न झुकने का उनका जज्बा आज के युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाशपुंज है।

 

लोकमान्य तिलक से जुड़े अनसुने तथ्य

 

1. 'लोकमान्य' की उपाधि जनता ने दी

उनके लोकप्रिय नेतृत्व और जनसमर्थन के कारण लोगों ने उन्हें 'लोकमान्य', अर्थात् 'जिसे जनता ने स्वीकार किया हो', की उपाधि दी।

 

2. पत्रकारिता को बनाया आंदोलन का हथियार

उन्होंने अपने समाचार पत्रों के माध्यम से ब्रिटिश शासन की नीतियों का निर्भीक विरोध किया।

 

3. गणेशोत्सव को बनाया सार्वजनिक उत्सव

तिलक ने घरेलू गणेश पूजा को सार्वजनिक आयोजन का रूप देकर लोगों को एकजुट किया और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया।

 

4. कई बार गए जेल

ब्रिटिश सरकार ने उनके राष्ट्रवादी लेखों और भाषणों के कारण उन्हें कई बार गिरफ्तार किया। उन्हें म्यांमार (तत्कालीन बर्मा) के मांडले कारागार में भी कैद रखा गया।

 

5. जेल में लिखी प्रसिद्ध पुस्तक

मांडले जेल में रहते हुए उन्होंने 'गीता रहस्य' नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की, जिसमें उन्होंने कर्मयोग का महत्व बताया।

 

6. स्वदेशी आंदोलन के समर्थक

उन्होंने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का जोरदार समर्थन किया।

 

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खराब मौसम की चेतावनी: अगले 7 दिनों में 22 राज्यों में भारी बारिश और 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट! इन 6 जगहों पर हालात बिगड़ने का खतरा

Weekly Weather Forecast: देश भर में सक्रिय मानसून अपना विकराल रूप दिखा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई को ताजा और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी करते हुए अगले 7 दिनों के लिए बड़े पैमाने पर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में अगले 3 से 4 दिनों तक एक्टिव मानसून की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने देश के 22 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, 17 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। देश के 6 खास इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की वजह से हालात बिगड़ने की आशंका भी खड़ी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि पिछले 24 घंटों में कहां-कहां मूसलाधार आफत बरसी और अगले 7 दिनों तक आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

इन 6 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते देश के 6 प्रमुख अंचलों और राज्यों में अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 22 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में भीषण बारिश का अलर्ट है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान, कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश की आशंका है। मध्य महाराष्ट्र में 22 और 23 जुलाई को लगातार दो दिनों तक अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। इसी तरह गुजरात क्षेत्र में 22 जुलाई से 24 जुलाई तक मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

बीते 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

22 जुलाई की सुबह तक पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण गुजरात क्षेत्र में 30 सेमी से भी अधिक की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक) हुई। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कोंकण व गोवा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई। इसी तरह झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) देखने को मिली है।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पंजाब-हरियाणा का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी राजस्थान: 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। 22 से 26 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: 22 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से आंधी और 22 से 26 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।

पंजाब: 22 जुलाई और 27-28 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 23 व 25 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 22 जुलाई को भारी बारिश होगी और 27 व 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 27 और 28 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी और 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश होगी। उत्तराखंड में 22 से 28 जुलाई तक लगातार भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ

दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम मध्य प्रदेश में 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी जबकि 23 जुलाई को बहुत भारी और 24-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 24-25 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूरे क्षेत्र में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी। छत्तीसगढ़ में 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश और 22 से 26 जुलाई तक आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 23 जुलाई को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 60 किमी/घंटा की हवाएं

झारखंड में 22 से 26 जुलाई के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

बिहार में 22 से 24 जुलाई और 27-28 जुलाई के दौरान भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 22 से 24 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल में और 26 से 28 जुलाई तक उप-हिमालयी बंगाल में भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान व निकोबार में 22 से 28 जुलाई तक तेज हवाएं चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नार्थ-ईस्ट में मूसलाधार आफत

असम और मेघालय में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 और 23 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी, जबकि 24 से 28 जुलाई के दौरान भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में तेज सतही हवाएं

हालांकि अगले 7 दिनों तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश अंदरूनी मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधि थोड़ी कम रहेगी, फिर भी तटीय इलाकों में असर दिखेगा। तटीय कर्नाटक में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। 23 जुलाई और 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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22 और 23 जुलाई को केरल एवं माहे में भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी जिसके बाद 24 से 28 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। 22 और 23 जुलाई को तेलंगाना, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होगी। 22 से 28 जुलाई के दौरान तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में 22 से 26 जुलाई के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की चेतावनी दी गई है।

Heavy Rain की चेतावनी: आज इन 3 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग! दिल्ली-यूपी से बिहार तक 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

India Heavy Rain Alert Today: देश भर में मानसून प्रचंड रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 22 जुलाई के लिए नया और विशेष वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 3 प्रमुख क्षेत्रों (गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की सख्त चेतावनी दी है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत देश के 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण और पूर्वानुमान के अनुसार आज आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है:-

इन 3 राज्यों/क्षेत्रों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने आज 22 जुलाई को नीचे दिए गए 3 क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात क्षेत्र के मैदानी और उत्तरी भागों में बेहद तेज और मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। तटीय गोवा और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। महाराष्ट्र के मध्यवर्ती इलाकों और घाट क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।

इन 8 राज्यों में बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉनिंग

देश के 8 राज्यों में आज मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज किए जाने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्य हिमाचल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पूरे पर्वतीय अंचल में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी के साथ पूरे मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश होगी। महाराष्ट्र के विदर्भ अंचल में मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी।

दिल्ली-यूपी और बिहार समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 11 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: यूपी और देवभूमि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तेज बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल: दोनों राज्यों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: राजस्थान के पश्चिमी अंचलों में भारी वर्षा की संभावना है।

मराठवाड़ा: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है।

तेलंगाना: दक्षिणी राज्य तेलंगाना में कई जगहों पर भारी बारिश होगी।

पूर्वांचल और पूर्वोत्तर राज्य: असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है।

40-50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी और थंडरस्टॉर्म अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

मौसम वैज्ञानिक विश्लेषण

IMD के मुताबिक देश भर में कई प्रमुख मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं:-

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून की ट्रफ लाइन जैसलमेर, अजमेर, गुना, सतना, डाल्टनगंज, दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

ईस्ट-वेस्ट शीयर जोन: 22°N अक्षांश के साथ समुद्र तल से 3।1 किमी से 7।6 किमी की ऊंचाई के बीच शीयर जोन बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस: उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे उत्तरी पंजाब के ऊपर 3।1 किमी की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिसकी ट्रफ रेखा 70°E देशांतर के साथ 30°N अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है।

उत्तर असम पर सिस्टम: उत्तरी असम और आसपास के क्षेत्र में 0।9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

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अल्फांसो आम की फसल को गर्मी ने दिया झटका, फिर भी रिकॉर्ड 34 देशों तक पहुंचा भारत का हापुस

Indian Alphonso Mango Crop: बेमौसम गर्मी और जलवायु परिवर्तन की मार के बावजूद भारतीय अल्फांसो आम (हापुस) ने ग्लोबल बाजार में अपनी मिठास का परचम लहराया है। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में भीषण गर्मी और प्रतिकूल मौसम की वजह से अल्फांसो आम की पैदावार को भारी नुकसान हुआ लेकिन इसके बावजूद भारत ने चालू वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 34 देशों तक हापुस आम का निर्यात करने में सफलता हासिल की है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 21 जुलाई को लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान ये जानकारी दी है।

कोंकण में बेमौसम गर्मी की मार और लॉजिस्टिक्स का संकट

राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, विशेष रूप से रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में अनियंत्रित और बेमौसम गर्मी और अनियमित जलवायु की वजह से अल्फांसो आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे न सिर्फ उत्पादन प्रभावित हुआ बल्कि एक्सपोर्ट क्वॉलिटी वाले फलों की उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। इसके अलावा निर्यातकों को कई अंतरराष्ट्रीय और लॉजिस्टिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। वेस्ट एशिया में जारी संकट की वजह से शिपमेंट में देरी हुई और बंदरगाहों पर भीड़ बढ़ गई। निर्यातकों को उच्च फ्रेट लागत, वॉर-रिस्क सरचार्ज और कंटेनरों की भारी किल्लत से जूझना पड़ा।

इसके बाद भी 24 से बढ़कर 34 देशों तक पहुंचा भारतीय हापुस

इन तमाम वैश्विक चुनौतियों, भाड़े में बढ़ोतरी और फसल के नुकसान के बावजूद भारत ने अल्फांसो आम के अंतरराष्ट्रीय बाजार का विस्तार जारी रखा है। वित्त वर्ष 2020-21 में जहां अल्फांसो आम सिर्फ 24 देशों में निर्यात होता था वहीं चालू वित्त वर्ष में यह दायरा बढ़कर 34 देशों तक पहुंच गया है। अमेरिका, बेल्जियम, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, आइसलैंड, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया और रूस सहित 15 से अधिक देशों में भारतीय आम को बढ़ावा देने के लिए प्रचार कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

जापान और नेपाल निर्यात पर सरकार का स्पष्टीकरण

निर्यात से जुड़े अन्य मुद्दों पर मंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया। नेपाल को आम के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं है। नेपाल में जरूरी नियमों का पालन करते हुए आयात की अनुमति दी गई है। ‘नेशनल प्लांट प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन’ (NPPO) भारतीय निर्यात सुविधाओं के 2026 प्री-सीजन निरीक्षण के दौरान जापानी अधिकारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए लगातार उनके संपर्क में है।

प्रभावित निर्यातकों के लिए सरकार का राहत पैकेज

लॉजिस्टिक्स में आए व्यवधानों और माल भाड़े के बोझ से प्रभावित निर्यातकों को सहयोग देने के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत सरकार ने RELIEF पहल शुरू की है। इसके जरिए भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम के माध्यम से बीमाकृत निर्यातकों और पात्र MSMEs को सहायता दी जा रही है। ऐसा इसलिए ताकि उनके अतिरिक्त फ्रेट और बीमा बोझ को कम किया जा सके। वाणिज्य विभाग, एपीडा (APEDA) के माध्यम से अपनी वित्तीय सहायता योजना के तहत आम निर्यातकों को सहायता दे रहा है। इसका उद्देश्य एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्ता अनुपालन और बाजार विकास को मजबूत करना है।

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